Thursday, June 3, 2021

वैक्सीन की कमी के बीच अच्छी खबर, अगले महीने देश आ सकती है फाइजर वैक्सीन

<p style="text-align: justify;">देश में फाइजर की अमेरिकी वैक्सीन अगले महीने आ सकती है. सरकार इस दिशा में नियामक कानूनी अड़चनों में ढील देने का फैसला कर लिया है. दरअसल, फाइजर ने क्षतिपूर्ति संबंधी नियामकों में छूट मांगी थी. सरकार में अब इस बात पर सहमति है कि उसे यह छूट दे दी जाए. इस तरह की छूट कंपनी अमेरिका सहित उन सभी देशों से मांगती है जहां वैक्सीन की सप्लाई होनी है. अगर फाइजर की वैक्सीन पर सरकारी मंजूरी मिल जाती है तो भारत में यह चौथी वैक्सीन होगी. इससे पहले कोवीशील्ड, कोवैक्सिन और रूस की स्पूतनिक वैक्सीन भारत के लोगों को दी जा रही है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><strong>सरकार और कंपनी में सहमति</strong><br />टीओआई में छपी खबर के मुताबिक क्षतिपूर्ति और खरीद प्रक्रिया को लेकर भारत सरकार और अमेरिकी कंपनी के बीच अंतिम समक्षौता होना बाकी है लेकिन दोनों तरफ से वैक्सीन की खरीद पर आम सहमति बन चुकी है. सूत्रों के मुताबिक सरकार क्षतिपूर्ति में पूरी तरह से छूट प्रदान कर सकती है. फाइजर को इस तरह के सीमित इस्तेमाल की छूट अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन, यूरोपियन मेडिसीन एजेंसी, मेडिसीन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट रेगुलेटरी एजेंसी यूके, फर्मास्युटिकल एंड मेडिकल डिवाइसेज एजेंसी जापान की ओर से मिल चुकी है. इसके साथ ही फाइजर की वैक्सीन को WHO की इमरजेंसी सूची में भी जगह मिल चुकी है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पांच करोड़ खुराक भेज सकती है कंपनी&nbsp;</strong><br />एक रिपोर्ट के मुताबिक फाइजर ने जुलाई से अक्तूबर के बीच पांच करोड़ खुराक भारत को देने की बात कही थी. गौरतलब है कि बीते दिनों अमेरिकी कंपनी फाइजर ने कहा था कि वह 2021 में ही पांच करोड़ टीके उपलब्ध कराने को तैयार है मगर वह क्षतिपूर्ति सहित कुछ नियामकीय शर्तों में बड़ी छूट चाहती है. &nbsp;इस अमेरिकी कंपनी ने पांच करोड़ टीके इसी साल उपलब्ध कराने का संकेत दिया है. इसमें एक करोड़ टीके जुलाई में, एक करोड़ अगस्त में और दो करोड सितंबर तथा एक करोड़ टीके अक्टूबर में उपलब्ध कराये जायेंगे. कंपनी ने कहा है कि वह केवल भारत सरकार से बात करेगी और टीकों का भुगतान भारत सरकार द्वारा फाइजर इंडिया को करना होगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कौन सी छूट मांग रही कंपनी&nbsp;</strong><br />दरअसल, फाइजर ने टीके के संभावित दुष्प्रभावों को लेकर संरक्षण की मांग की है जिस पर भारत सरकार में सहमति बन चुकी है. जल्द इस बारे में निर्णय लिया जाएगा. &nbsp;आमतौर पर किसी भी दवाई या वैक्सीन को लेकर अगर किसी तरह के दुष्रभाव सामने आते हैं तो कंपनी से हर्जाना वसूला जाता है. लेकिन वैक्सीन को जल्दी में तैयार किया गया है, इसलिए वैक्सीन निर्माताओं को इससे छूट की दरकार होती है. इस प्रकार की छूट &nbsp;फाइजर ने अमेरिका समेत उन सभी देशों में मांगी थी, जहां उसके टीके की आपूर्ति की है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">ये भी पढ़ें</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3pgx201 दक्षिण भारत में आज हो सकती है मानसून की दस्तक, जाने कब तक भीगेगी उत्तर भारत की धरती</a></p> lifestyle https://ift.tt/3cgLfom

World Bicycle Day 2021: जानिए क्यों और कब विश्व बाइसिकल दिवस मनाया जाता है, क्या हैं खास मैसेज

<p style="text-align: justify;">पर्यावरण के अनुकूल, सबसे सस्ता और हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहतर परिवहन का माध्यम साइकिल है. साइकिल इतिहास की हैरतअंगेज खोजों में से एक है. ये परिवहन के लिए टिकाऊ, स्वच्छ, भरोसमंद, किफायती, सुगम, सरल और इस्तेमाल में आसान है. उसके अलावा, टाइप 1 और टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित लोगों के लिए भी फिट और स्वस्थ रहने का एक बेहतर तरीका है. विशेषज्ञों के मुताबिक, साइकलिंग से सभी उम्र के लोगों को सेहत का शानदार फायदा पहुंचता है. कोरोना वायरस महामारी के बीच बताना जरूरी है कि साइकलिंग ने एक बार फिर परिवहन के बेहतर माध्यम में अपनी उपयोगिता साबित की है. साइकिल का नियमित इस्तेमाल करनेवाले यात्री भी सहमत हैं कि साइकिलिंग वक्त और ट्रैफिक जाम की झंझटों से बचाती है. दुनिया के ज्यादातर शहरों में साइकिल से सफर करनेवालों के लिए अलग लाइन है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विश्व बाइसिकल दिवस क्यों मनाा जाता है?</strong><br />साइकिल का उपयोग बढ़ाने का मतल ग्रीनहाउस गैस का कम उत्सर्जन- साइकिलिंग कार्बन डाइऑक्सीइड उत्सर्जन कमी में योगदान करती है क्योंकि उसमें स्वाभाविक जीरो उत्सर्जन मान होता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">साइकिलिंग स्वस्थ जीवन की ओर ले जाती है- साइकिलिंग से कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस, मांसपेशी की ताकत और लचीलापन में वृद्धि होती है. ये जोड़ की गतिशीलता को सुधारती है और तनाव के लेवल को कम करने में मदद करती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">साइकिलिंग से पैसे की बचत होती है- साइकिल परिवहन के लिए सबसे सस्ता जरिया है. कार, बाइक में तेल का इस्तेमाल होता है और तेल के लिए पैसा खर्च करना पड़ता है. वाहन के खराब होने पर अच्छी खासी रकम खर्च होती है, जबकि साइकिल से यात्रा करने में इसका जोखिम नहीं है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">2018 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 3 जून को विश्व बाइसिकिल दिवस के तौर पर घोषित किया. इस साल दुनिया में चौथा विश्व बाइसिकल दिवस मनाया जा रहा है, लेकिन कोविड-19 के सोशल डिस्टेंसिंग नियमों की वजह से लोग अपने-अपने देशों में साइकिलिंग कार्यक्रम आयोजित नहीं कर पाएंगे. लेकिन, आप इस खास दिन पर अपने परिजनों और दोस्तों को शुभकामना, संदेश भेजकर मना सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विश्व बाइसिकल दिवस पर खास मैसेज</strong><br />साइकिल किफायती परिवहन है और पर्यावरण को उससे खतरा नहीं है. उसके जरिए समाज जीत की स्थिति में होता है. हैप्पी विश्व बाइसिकल दिवस!</p> <p style="text-align: justify;">क्यों चलाएं कार जब आपके सफर के लिए हो साइकिल! हैप्पी विश्व बाइसिकल दिवस!</p> <p style="text-align: justify;">सुनसान सड़क पर काम से घर आते हुए साइकिल की सवारी के बारे में सोचो. साइकिल की सवारी रोमांटिक भी हो सकती है! हैप्पी विश्व बाइसिकल दिवस!</p> <p style="text-align: justify;">साइकिल के मुकाबले पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना आवागमन का कोई बेहतर साधन नहीं है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">दुनिया स्वस्थ जगह हो जाएगी अगर हम अपनी दैनिक रूटीन में साइकिल को अपनाएं.</p> <p style="text-align: justify;">जब हम अन्य माध्यम पर साइकिल को प्राथमिकता देते हैं, तो न सिर्फ हम फिट रहते हैं बल्कि स्वस्थ भी रहते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोविड-19 के बाद पहली बार 10 किलोमीटर की दौड़, मिलिंद सोमन के पोस्ट पर अंकिता ने दिया ये रिएक्शन" href="https://www.abplive.com/lifestyle/post-covid-19-first-10k-run-ankita-konwar-gave-this-comment-on-post-of-milind-soman-1922147">कोविड-19 के बाद पहली बार 10 किलोमीटर की दौड़, मिलिंद सोमन के पोस्ट पर अंकिता ने दिया ये रिएक्शन</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Fitness Secret: उम्र को मात दे रही हैं करिश्मा कपूर, इस तरह रखती हैं खुद को हमेशा फिट" href="https://ift.tt/34HBZWi Secret: उम्र को मात दे रही हैं करिश्मा कपूर, इस तरह रखती हैं खुद को हमेशा फिट</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vNMH9I

Wednesday, June 2, 2021

Fitness Secret: उम्र को मात दे रही हैं करिश्मा कपूर, इस तरह रखती हैं खुद को हमेशा फिट

आजकल फिट रहना भला किसे पसंद नहीं होगा. लोग फिट रहने के लिए डाइटिंग और घंटो जिम में पसीना बहाते हैं. हालांकि बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर का फिटनेस फॉर्मूला थोड़ा अलग है. करिश्मा कपूर खुद को फिट रखने के लिए केवल दो चीजों पर भरोसा करती हैं. पहला पैदल चलना और दूसरा कम तीव्रता वाला वर्कआउट. हालांकि इसके साथ करिश्मा खुद को फिट रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल को भी फॉलो करती हैं. करिश्मा अपने इंस्टाग्राम पोस्ट पर अपने सिंपल और कारगर फिटनेस टिप्स शेयर करती रहती हैं.​नियमित रुप से वर्कआउट करें करिश्मा कपूर कहीं भी हों वो वर्कआउट करना नहीं भूलती हैं. करिश्मा का कहना है कि आप जहां भी हों, वर्कआउट जरूर करें. लगातार योग अभ्यास करने से आपके मेटाबॉलिज्म में सुधार आता है. इससे आप तनाव मुक्त रहते हैं और आपके शरीर में लचीलापन आता है. वॉक जरूर करें करिश्मा कपूर का मानना है कि फिटनेस के लिए जिम में पसीना बहाना ही जरूरी नहीं है. 
आप घर में सीढिय़ां चढ़ते उतरते हैं, ये  फिटनेस का अच्छा तरीका है. इसके अलावा वॉक करना बहुत जरूरी है. आपको बता दें सप्ताह में कम से कम पांच दिन टहलने से कोरोनरी आर्टरी डिसीज का खतरा कम होता है. एरियल योगा ट्राय करें फिटनेस के लिए आप एरियल योगा ट्राय कर सकते हैं. ये एक मॉडर्न योगा है जिसमें कार्डियो इंसेसिटिव किया जाता है. इसमें शरीर का हर हिस्सा स्ट्रेच और मूव होता है. इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं और जॉइंट्स को लुब्रिकेट करने में मदद मिलती है. 
​रिलेक्स रहना भी है जरूरी फिटनेस के लिए वर्कआउट जितना जरूरी है उतना ही खुद को रिलेक्स रखना भी जरूरी है. करिश्मा खुद को रिलेक्स करने के लिए मसाज लेना पसंद करती हैं. कभी वो फुट रिफ्लेक्सोलॉजी और कभी अरोमाथेरेपी से रिलेक्स करती हैं. इससे तनाव दूर रहता और बॉडी भी रिलेक्स रहती है. ​फ्रेश और शाइनी फील करती हैं करिश्मा अक्सर वर्कआउट के बाद की फोटो अपने फैंस के साथ शेयर करती रहती हैं. एक्सरसाइज के बाद चेहरे पर जो ग्लो आता है वो उसे काफी एन्जॉय करती हैं. एक्सरसाइज से हृदय गति बढ़ जाती है और ब्लड फ्लो भी तेजी होती है. जिससे त्वचा को भरपूर पोषक तत्व और ऑक्सीजन मिलता है. इससे स्किन ज्यादा फ्रेश और शाइनी लगती है. हेल्दी ब्रेकफास्ट और लंच करिश्म अपने ब्रेकफास्ट में नट्स, फल, बादाम का दूध, चिया सीड्स और कभी-कभी आमलेट और एग व्हाइट भी खाती हैं. करिश्मा नाश्ते में ब्लूबेरी, स्ट्रॉबेरी, क्रैनबेरी और रास्पबेरी भी शामिल करती हैं. दोपहर के खाने में वो दाल और रोटी खाना पसंद करती हैं. ​कार्बोहाइड्रेट से करती हैं परहेज करिश्मा कपूर अपने खाने में कार्बोहाइड्रेट काफी कम लेती हैं हां वो कभी घर पर बना पास्ता खाती हैं जिसमें ढेर सारी सब्जियां और प्रोटीन वाली चीजें, जैसे अंडे और चिकन जरूर शामिल करती हैं.

Beauty Tips: विद्या बालन के जैसा खिला-खिला चेहरा पाएं, ऐसे करें अपनी त्वचा को डिटॉक्स

<p style="text-align: justify;">एक्ट्रेस विद्या बालन अपनी खिली-खिली त्वचा और बेदाग चेहरा की वजह से लाखों लोगों के दिलों पर राज करती हैं. विद्या बालन अपनी एक्टिंग के साथ बिंदास स्टाइल और खूबसूरत मुस्कुराहट की वजह से भी चर्चाओं में रहती हैं. विद्या बालन अपने चेहरे पर ज्यादातर नेचुरल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करती हैं. डेली रुटीन में वो अपनी स्किन का खास ख्याल रखती हैं. यह वजह है कि वो हमेशा अपनी फ्रेश स्किन को फ्लॉंट करती दिखती हैं. अगर आप भी विद्या बालन के जैसा खूबसूरत और बेदाग चेहरा पाना चाहती हैं तो आप आपको अपनी त्वचा को नियमित रुप से डिटॉक्स &nbsp;करना जरूरी है. आइये जानते हैं कैसे करें स्किन के डिटॉक्स&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे करें त्वचा को डीटॉक्स&nbsp;</strong><br />अगर आप दिन में किसी तरह के मेकअप का इस्तेमाल करते हैं तो आपको इस बात का बहुत ख्याल रखना है कि रात में मेकअप लगाकर कभी नहीं सोना चाहिए. सोने से पहले हमेशा अपने चेहरे से मेकअप हटा दें. अगर आप ऐसा नहीं करेंगे तो इससे आपकी त्वचा पर बुरा असर पड़ सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सोने से पहले करें फेस की क्लीनिंग</strong><br />रोज रात को सोने से पहले मेकअप हटाकर अपने चेहरे पर हाइड्रेटिंग सीरम से अच्छी तरह मालिश करें. इस रुटीन को अपनाने के बाद जब सुबह उठेंगी तो आपकी त्वचा एकदम मुलायम हो जाएगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सुबह ऐसे रखें त्वचा का ख्याल</strong><br />सुबह जगने के बाद सबसे पहले अपने चेहरे को सादा पानी से धोना चाहिए. आप चाहें तो अपनी स्किन के हिसाब से कोई फेशवॉश भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके बाद गुनगुने पानी से भाप लें. ऐसा करने से आपके चेहरे पर जमी सारी गंदगी निकल जाएगी. भाप लेने के बाद चेहरे को तौलिए से पोछ लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फेस मास्क है जरूरी</strong><br />अब चेहरे की डीप क्लीनिंग के बाद कोई अच्छा सा फेस मास्क लगा लें. कई तरह के फेस मास्क आपको मार्केट में मिल जाएंगे. आप चाहें तो घर पर भी फेस मास्क बना सकती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>घर पर बनाएं फेस मास्क</strong><br />अगर आपकी स्किन ड्राई है तो आप दही और शहद का इस्तेमाल कर सकती हैं. ऑइली स्किन के लिए आप क्ले-बेस्ड मास्क का उपयोग करें. इस फेस मास्क को चेहरे पर लगा लगाकर रखें. जब मास्क सूख जाए तो हटा लें. अब रात में अपने चेहरे पर कोई सीरम या फेशियल ऑयल लगा सकते हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">अगर आपको हेल्दी स्किन चाहिए तो आपको अपनी डायट पर भी ध्यान देना जरूरी है. अच्छी त्वचा पाने के लिए खूब सारा पानी पिएं. अल्कोहल और कैफ़ीन का सेवन कम करें. खाने में टमाटर जरूर खाएं. इस तरह आपका चेहरा बिना मेकअप के भी हमेशा खिला-खिला नजर आएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3cduY3z" target="_blank" rel="noopener">एक्ट्रेस भाग्यश्री ने बताई अर्थराइटिस के मरीजों को 4 एक्सरसाइज, 52 की उम्र में भी खुद को रखती हैं एकदम फिट</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3uPPgXC

Coronavirus: इन वजहों से होती है कोविड मरीजों को सीने में दर्द, आप भी जानिए

<p style="text-align: justify;">भारत में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामले लगातार कम हो रहे हैं. लेकिन कोरोना की दूसरी लहर ने अब तक हज़ारों लोगों की जिंदगी खत्म कर दी है. दूसरे लहर में कोरोना के बदलते म्यूटेंट (Mutants) की वजह से इसके लक्षण भी पिछली बार से काफी अलग हैं. बुखार, खांसी, गले में खरास, कमजोरी और शरीर में दर्द, ये कोविड के आम लक्षण हैं. लेकिन इस बार लोगों को सीने में दर्द (Chest Pain), सांस में तकलीफ, डायरिया और उल्टी की समस्या भी हो रही है. इस बार लोगों को सांस की तकलीफ सबसे ज्यादा रही जिसकी वजह फेफड़ों में होने वाला संक्रमण (Lungs Infection) है. फेफड़ों में इंफेक्शन की वजह से सीने में दर्द की समस्या भी हो रही है. ऐसे में कुछ लोग सीने में दर्द की समस्या होने पर इसे हार्ट अटैक या हार्ट से जुड़ी परेशानी के तौर पर देख रहे हैं, लेकिन कोरोना के मरीजों को सीने में दर्द होने के पीछे कई दूसरी वजह भी हैं. जानते हैं&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- फेफड़ों में संक्रमण-</strong> कोरोना वायरस फेफड़ों को सबसे ज्यादा संक्रमित करता है. ऐसे में संक्रमित व्यक्ति के फेफड़ों में होने वाले संक्रमण की वजह से भी चेस्ट पेन हो सकता है. इस संक्रमण से कुछ लोगों के फेफड़ों में सूजन आ जाती है जिससे सीने में दर्द महसूस हो सकता है. ऐसे मामले में तुरंत डॉक्टर की सलाह लें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- सूखी खांसी-</strong> कोरोना के प्रमुख लक्षणों में से एक है सूखी खांसी होना. मरीजों को लगातार खांसी होने से सीने की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं, जिससे सीने में दर्द भी हो सकता है. अगर आपको सूखी खांसी है और लंबे समय तक ठीक नहीं हो रही है तो इससे सांस में तकलीफ और सीने में दर्द भी हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- कोविड निमोनिया-</strong> कोरोना मरीजों को सीने में दर्द होने की वजह कोविड निमोनिया भी हो सकती है. संक्रमण के गंभीर होने पर कोविड निमोनिया का खतरा रहता है. दूसरी लहर में कोविड निमोनिया के ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं. निमोनिया में फेफड़ों में मौजूद वायु थैली में सूजन आ जाती है, जिससे सीने में दर्द होता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- पल्मोनरी एम्बोलिज्म-</strong> पल्मोनरी एम्बोलिज्म होने पर भी आपको चेस्ट पेन हो सकता है. यह एक हार्ट प्रोबलम है जिसमें फेफड़ों तक खून को ले जानी वाली ब्लड वैसेल्स में क्लॉटिंग हो जाती है. जिससे फेफड़ों में सही से खून नहीं पहुंचता और सीने या छाती में दर्द महसूस हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">अगर आप कोरोना से संक्रमित हैं और आपको सीने में किसी भी तरह का दर्द महसूस हो रहा है तो आप इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें. चेस्ट पेन में आपको सांस लेने में भी तकलीफ हो सकती है. इसलिए तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें और उन्हें अपनी पूरी स्थिति बताएं. कोरोना संक्रमित हार्ट के मरीजों में ये समस्या ज्यादा देखने को मिल रही है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3uL8Ow5" target="_blank" rel="noopener">Covid-19 Vaccine: कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद ये काम बिल्कुल न करें, इन बातों का रखें ख्याल</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/34EIoBx

घबराएं नहीं! कोविड वैक्सीन के बाद हो सकता है हल्का बुखार, सिर और मांसपेशियों में दर्द

<p style="text-align: justify;">पूरे देश में 18 साल तक के लोगों को कोविड-19 का वैक्सीन लगाया जा रहा है. हर रोज लाखों लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है. वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों में ज्यादातर एक जैसे लक्षण ही सामने आ रहे हैं. वैक्सीन के बाद हल्का बुखार, वैक्सीन लगवाने वाले हाथ में दर्द, मांसपेशियों और सिर में हल्का दर्द रहता है. हालांकि कुछ लोगों को इसके अलावा भी कई प्रकार के रिएक्शन हो रहे हैं. जिसमें कई लोगों को वैक्सीन के बाद हल्के और कई लोगों पर गंभीर प्रभाव हो रहे हैं. ऐसे में आपको ये जानना जरूरी है कि वैक्सीन लगने के बाद बॉडी किस तरह प्रतिक्रिया देती है. साथ ही वैक्सीन के बाद दिखने वाले कौन से लक्षण सामान्य हैं और कौन से गंभीर की श्रेणी में आते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वैक्सीन के बाद सामन्य लक्षण</strong><br />एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोरोना वैक्सीन के रिएक्शन को दो हिस्सों में बांटा गया है. जिसमें कुछ लोगों को वैक्सीन के बाद हल्के और कुछ को गंभीर लक्षण नजर आ रहे हैं. अगर आपको वैक्सीन लगने के बाद वैक्सीन वाली जगह पर दर्द, सूजन या उस जगह का लाल पड़ने जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. ये आम वैक्सीन के बाद नज़र आने वाले हल्के लक्षणों में है. कुछ लोगों को बुखार, सिरदर्द, भूख न लगना और मांसपेशियों में दर्द होने की शिकायत भी हो रही है, लेकिन ये भी हल्के लक्षणों में ही आते हैं. इससे आपके स्वास्थ्य पर कोई असर नहीं होगा और आप 2-3 दिन में ठीक हो जाते हैं. आपको घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वैक्सीन के बाद गंभीर लक्षण</strong><br />एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैक्सीन के बाद कुछ लोगों के शरीर में गंभीर प्रतिक्रिया भी हो सकती है. कई लोगों को वैक्सीन लगते ही उसका एलर्जिक रिएक्शन होता है. जिसमें शरीर वैक्सीन को सपोर्ट नहीं करता. ऐसे में ये काफी गंभीर मामला हो सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैक्सीन के बाद ज्यादा उम्र के लोगों में एलर्जी की संभावना ज्यादा होती है, इसलिए वैक्सीन लगने के बाद आपको करीब आधे घंटे तक सेंटर पर ही रुकने के लिए कहा जा रहा है. ताकि वैक्सीन के बाद कोई एलर्जी हो या तबियत बिगड़े, तो तुरंत इलाज के लिए भेजा जा सके. कुछ लोग वैक्सीन के बाद निगरानी कक्ष में नहीं रुकते हैं. आपको ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे काम करता है वैक्सीन</strong><br />वैक्सीन को इंजेक्शन के जरिए सीधे शरीर के अंदर डाला जाता है. जिसके बाद वैक्सीन शरीर में मौजूद टी कोशिकाओं को सक्रिय करता है. वैक्सीन शरीर के प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत करती है और स्पाइक प्रोटीन को पहचानने के बाद उसके खिलाफ तेजी से काम करती है. वैक्सीन शरीर में मौजूद बी कोशिका एंटीबॉडीज बनाकर बाहरी पैथोजन को रोकती है. इससे वायरस कमजोर पड़ता हैं और वो शरीर के प्रतिरोधक तंत्र को नुकसान नहीं पहुंचाता.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3fGkrjt" target="_blank" rel="noopener">खाने के बाद टहलना क्यों है जरूरी, वजन और शुगर कम करने के अलावा भी हैं कई फायदे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3z6PGMy

Home Remedies: पीले दांतों को चमकदार बनाना है, तो इस्तेमाल करें सरसों का तेल

<p style="text-align: justify;">किसी भी चेहरे की खूबसूरती में चार-चांद लगा देते हैं सफेद और सुंदर दांत. अगर दांतों का रंग पीला हैं तो ये देखने में भद्दे लगते हैं. दातों के कमजोर होने से या दांतों में किसी भी तरह की परेशानी होने से हमारे खाने और बोलने की प्रक्रिया पर भी इसका असर पड़ता है. इसलिए दांतों का मजबूत होना बहुत जरूरी है. कई लोगों को अपने पीले दांतों की वजह से शर्मिंदगी भी झेलनी पड़ती है. दांतों की साफ-सफाई के लिए डॉक्टर्स सुबह और रात में ब्रश करने की सलाह देते हैं. इससे आपके दांत मजबूत और चमकदार बने रहते हैं. दांतों का पीलापन दूर करने के लिए आप चाहें तो सरसों के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. सरसों के तेल में आप घर में पाई जाने वाली कई चीजों को मिलाकर लगा सकते हैं. इससे आपके दांत मजबूत और सफेद हो जाएंगे. जानते हैं कैसे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- सरसों का तेल और सेंधा नमक-</strong> अगर आप दांतो पर सरसों का तेल और सेंधा नमक मिलाकर लगाते हैं तो इससे दांतों का पीलापन और पायरिया की समस्या खत्म हो जाती है. सेंधा नमक में एंटीबैक्टीरियल गुण और आयरन, आयोडीन, फास्फोरस, पोटेशियम, क्रोमियम, लिथियम, सोडियम, क्लोराइड जैसे तत्व होते हैं. इसका इस्तेमाल आप माउथ फ्रेशनर के रुप में भी कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- सरसों का तेल और राख-</strong> आज भी गांव-देहात में लोग सरसों का तेल और राख से दांत साफ करते हैं. इससे दातों का पीलापन खत्म हो जाता है और दाग-धब्बों भी दूर हो जाते हैं. आप राख लें और उसमें सरसों के तेल की कुछ बूंदें डालकर मंजन की तरह इसका इस्तेमाल करें. इससे दांतों का पीलापन जल्दी दूर होता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- सरसों का तेल और हल्दी-</strong> हल्दी में सूजनरोधी गुण होते हैं जिससे सूजन और कई कीटाणु, बैड बैक्टीरिया भी खत्म हो जाते हैं. अगर आप हल्दी पाउडर और सरसों का तेल मिलाकर दांतों पर लगाते हैं तो ये एक प्राकृतिक टूथपेस्ट की तरह काम करता है. इससे दांतों की मसाज करने पर पीलापन दूर हो जाता है और मसूड़े भी मजबूद बनते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4 - सरसों का तेल और गुनगुना पानी-</strong> आप सिर्फ सरसों के शुद्ध तेल में कुछ बूंदें पानी की मिलाकर इसे भी दांतों पर लगा सकते हैं. इससे दांतों की कई तरह की समस्या दूर हो जाती है. सरसों के तेल में 2-3 बूंद गरम पानी मिला लें. अब इसे दांतों और मसूड़ों पर लगाएं. इसके 2 से 3 मिनट बाद गुनगुने पानी से कुल्ला कर लें. इससे मसूड़ों की सूजन, दांत का दर्द, पीलापन और कमजोरी दूर हो जाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- सरसों का तेल और बेकिंग सोडा-</strong> सरसों के तेल में बेकिंग सोडा मिलाकर दातों पर लगाने से दाग धब्बे दूर हो जाते हैं. बेकिंग सोडा को सोडियम कार्बोनेट के रूप में भी देखा जाता है, जो दांतों के लिए काफी उपयोगी है. बेकिंग सोडा और सरसों के तेल से कुल्ला करने पर ओरल हेल्थ में सुधार आता है और दांत सफेद हो जाते हैं. हालांकि इसका ज्यादा समय तक इस्तेमाल करने से दांत खराब भी हो सकते हैं. इसलिए हफ्ते में 1-2 बार ही इसका इस्तेमाल करना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: &nbsp;</strong><a href="https://ift.tt/3p7NU9k" target="_blank" rel="noopener"><strong>क्या दिन में सिर्फ एक बार खाना सही है? जानिए आपकी सेहत पर कैसा होगा असर</strong></a></p> lifestyle https://ift.tt/3uIF0Am