Monday, May 31, 2021

Health Tips: कोलेस्ट्रॉल कम करेंगे ये ड्राइफ्रूट्स और हर्ब्स, आज ही अपनी डाइट में शामिल करें

<p style="text-align: justify;">आजकल लोग अपने खान-पान को लेकर बहुत केयरलेस हैं. स्वाद के चक्कर में लोग ऐसा खाना खाते हैं जो उनकी सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होता है. लोग बिना सोचे समझे कुछ भी खा लेते हैं. अगर आपको भी ऐसी आदत है तो ये आपकी सेहत के लिए खतरनाक है. दरअसल आप जो भी खाते हैं आपके शरीर पर उसका सीधा असर पड़ता है. खाने से शरीर में दो तरह के कोलेस्ट्रॉल बनते हैं एक गुड कोलेस्ट्रॉल और दूसरा बैड कोलेस्ट्रॉल. जब शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती है तो हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट की समस्या होने लगती है. इसीलिए आपको खाने पीने का सबसे ज्यादा ख्याल रखने की जरूरत होती है. हालांकि आप अपने खाने पीने और दिनचर्या में कुछ बदलाव करके कई बीमारियों से बच सकते हैं. बढ़े हुए कॉलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए आप कुछ ड्राइफ्रूट्स और हर्ब्स को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डाइट में शामिल करें ये ड्राइफ्रूट्स&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>बादाम-</strong> फिट रहने के लिए रोज बादाम खाने की सलाह दी जाती है. बादाम में एमिनो एसिड होता है जिससे शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनाता है. रोज एक मुट्ठी बादाम खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल तेजी से कम होता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अखरोट-</strong> अखरोट भी फिट रहने के लिए बहुत अच्छा है. अखरोट खाने से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम हो जाती है. अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड और मोनोसैचुरेटेड फैट भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इसलिए रोज अखरोट खाने से आप कई बीमारियां नहीं होती.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पिस्ता-</strong> रोज थोड़े से पिस्ता खाने से गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और बैड कोलेस्ट्रॉल कम होता है. बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए भी पिस्ता खाना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अलसी के बीज-</strong> अलसी के बीज में काफी मात्रा में ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है. हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट के मरीजों को अलसी के बीज भी खाने चाहिए. अलसी के बीज खाना सेहत के लिए फायदेमंद है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>खाने में ये हर्ब्स शामिल करें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>लहसुन- &nbsp;</strong>कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए खाने में लहसुन जरूर खाना चाहिए. लहसुन में एलिसिन होता है जिससे ब्लड प्रेशर कम होता है. लहसुन खाने से बैड कोलेस्ट्रॉल भी कम हो जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अदरक-</strong> अदरक खून को पतला करती है. जिससे हार्ट अटैक की संभावना कम हो जाती है. अदरक खाने से कोलेस्ट्रॉल भी कम हो जाता है. इसलिए रोज खाने में अदरक का इस्तेमाल करना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तुलसी-</strong> तुलसी खाने से भी कोलेस्ट्रॉल कम होता है. आप तुलसी की पत्तियां या चाय और दूध में डालकर पी सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पुदीना और धनिया-</strong> खाने में पुदीना और धनिया भी बेड कोलेस्ट्रॉल को कम करता हैं. इससे शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ऑर्गेनो, सेज और रोजमैरी-</strong> ये सभी हर्ब्स बढ़े हुए बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं इसलिए रोज खाने में किसी न किसी रुप में इनका सेवन जरूर करना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3fCP3Cy" target="_blank" rel="noopener">दही और चीनी खाना सिर्फ शुभ ही नहीं, पेट के लिए भी है बहुत फायदेमंद, जानिए कैसे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3i9MZnc

Virat Kohli Diet Plan: 7 चीजों में छुपा है विराट कोहली का फिटनेस सीक्रेट, जानिए पूरा डाइट प्लान

<p style="text-align: justify;">क्रिकेट जगत में अगर किसी की फिटनेस का जिक्र होता है तो वो हैं भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली. विराट कोहली ने क्रिकेट में फिटनेस का एक अलग स्तर पर पहंचाया है. विराट की फिटनेस के लाखों लोग दिवाने हैं. इतना ही नहीं विराट कोहली के प्रभाव की वजह से ही अब टीम के दूसरे क्रिकेटर्स भी खेल के साथ-साथ अपनी फिटनेस को लेकर काफी अलर्ट रहते हैं.&nbsp;विराट कोहली के फैंस हमेशा उनके डाइट प्लान के बारे में जानना चाहते हैं. अब खुद विराट कोहली ने अपने फिटनेस सीक्रेट का खुलासा करते हुए अपना डाइट प्लान शेयर किया है.</p> <p style="text-align: justify;">दरअसल, विराट कोहली इंग्लैंड दौरे से पहले अपनी टीम के साथ मुंबई में क्वारंटीन हैं. इस दौरन उन्होंने इंस्टाग्राम पर फैंस के सवालों के जवाब दिए. विराट से उनके एक फैन ने मौका देखते ही उनसे डाइट प्लान पूछ लिया. विराट ने भी बिना देरी किए अपना सीक्रेट डाइट प्लान शेयर कर दिया. विराट ने उन 7 चीजों का जिक्र किया है, जो उन्हें इस उम्र में भी फिट और एक्टिव रखती हैं. विराट ने बताया कि उनकी डाइट में दो कप कॉफी, दाल, किनोवा, खूब सारा पालक, ढ़ेर सारी सब्जियां, अंडे और डोसा शामिल रहता है. इसके अलावा विराट कोहली बादाम, प्रोटिन बार और कभी-कभी चाइनीज खाना भी खा लेते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">आपको बता दें विराट कोहली को आपने अक्सर जिम में पसीना बहाते हुए देखा होगा. विराट अक्सर अपने इंस्टाग्राम पर सिक्स पैक एब्स की फोटो शेयर करते रहते हैं. कई बार अपनी पत्नी एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा के साथ भी विराट कोहली को जिम करते हुए देखा गया है. दोनों अपनी फिटनेस की फोटोज सोशल मीडिया पर शेयर करते रहते हैं.</p> lifestyle https://ift.tt/3i5WDXT

शारीरिक और मानसिक रुप से टूट गईं थी Malaika Arora, बयां किया कोरोना का दर्द

<p style="text-align: justify;">बॉलीवुड एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा अपनी फिटनेस को लेकर सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहती हैं. मलाइका अरोड़ा को अक्सर जिम और योगा के लिए जाते हुए स्पॉट किया जाता है. मलाइका की फिटनेस आज भी बॉलीवुड का नई एक्ट्रेस पर भारी पड़ती है. हालांकि मलाइका के जीवन में भी एक वक्त ऐसा आया जब वो हिम्मत हार चुकीं थी. दरअसल एक्ट्रेस मलाइका अरोड़ा ने अपने इंस्टाग्राम पर एक पिक्चर शेयर की है जिसमें उन्होंने अपने कोविड पीरियड का दर्द बयां किया है. पिछले साल मलाइका कोरोना पॉजिटिव हुईं थी. अब करीब 8 महीने बाद मलाइका ने बताया है कि कैसे उन्होंने कोरोना को मात दी और रिकवर हुईं.</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/2RQDNJW" />&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">मलाइका ने बताया कि कोरोना ने न सिर्फ उन्हें शारीरिक रूप से कमजोर किया बल्कि मानसिक रूप से भी तोड़ दिया था. मलाइका अरोड़ा ने इंस्टाग्राम पर कहा है कि कोरोना के बाद वो बहुत कमजोर और निराश महसूस करती थीं. यहां तक कि उनका वजन भी काफी बढ़ गया था.&nbsp;मलाइका की ये तस्वीर उनके कोरोना से रिकवर होने के बाद की है. जिसमें वो मलाइका ने शॉर्ट्स के साथ एक ब्लैक कलर की स्पोर्ट्स ब्रा पहनी है. हालांकि थोड़ा वजन ज्यादा लग रहा है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3fymUwy" /></p> <p style="text-align: justify;">मलाइका ने लिखा है, "तुम बहुत लकी हो, तुम्हारे लिए चीजे आसान होंगी, ऐसी चीजे हैं जो मैं अक्सर अपने लिए सुनती हूं....सच कहूं तो लाइफ में कई चीजों को लेकर मैं खुशनसीब हूं, लेकिन आपकी जो किस्मत होती है वो बहुत छोटा रोल प्ले करती है. आराम से..बॉय...ऐसा नहीं होता."&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/2SMsnGQ" /><br />मलाइका ने अपने पोस्ट में आगे लिखा, "मैं 5 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी और मेरे लिए यह बहुत मुश्किल समय था. जो इंसान ये बोलता है कोविड रिकवरी आसान होती है. मैं आपको बता दूं ये सिर्फ उन लोगों के लिए आसान होती है जिनकी इम्युनिटी अच्छी होती है और जो कोविड से जूझना जानते हैं. मैं इससे निकली हूं आसान शब्द नहीं है ये." &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3pi4O5j" /></p> <p style="text-align: justify;">मलाइका ने कहा, "मुझे कोरोना ने शारीरिक रूप से पूरी तरह से तोड़ दिया है. घर में 2 कदम चलना मेरे लिए बहुत मुश्किल होता था. मैं सिर्फ अपने बिस्तर से उतरती थी और घर की खिड़की पर जाकर खड़ी हो जाती थी. ये सब करना भी मेरे लिए बहुत मुश्किल था. मेरा वजन बढ़ गया था. मैं खुद को बहुत कमजोर महसूस कर रही थी. मुझमें स्टैमिना बिल्कुल नहीं बचा था. परिवार से दूर रहते हुए मेरे दिमाग में न जाने क्या-क्या चल रहा था."&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3fZo9DQ" /></p> <p style="text-align: justify;">मलाइका ने लिखा है कि &lsquo;आखिरकार 26 सितंबर को मेरी कोरोना निगेटिव आई. मैं खुद को खुशनसीब समझती हूं कि मैंने कोरोना को हराया, लेकिन इसके बाद मेरे अंदर बहुत कमजोरी थी. मैं काफी निराशाजनक हो गई थी. मेरा दिमाग और बॉडी मुझे सपोर्ट नहीं कर रहे थे. मुझे ये सोचकर डर लग रहा था कि मुझे दोबारा एनर्जी मिल पाएगी या नहीं. मुझे लगता था कि क्या मैं 24 घंटों में अपनी कोई एक एक्टिविटी पूरी कर पाउंगी."&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3fBy43x" /></p> <p style="text-align: justify;">मलाइका ने लिखा है, "जब मैंने पहली बार वर्क आउट किया तो बहुत तकलीफ हुई. मैं अच्छे से नहीं कर पा रही थी. लेकिन फिर मैंने दूसरे दिन खुद को समझाया कि मैं अपनी चीजें कर सकती हूं. फिर तीसरे दिन, चौथे दिन, पांचवे दिन और हर रोज करती रही." अब 32 हफ्ते हो चुके हैं और मैं नेगेटिव हूं. अब मैं वर्कआउट कर पा रही हूं. ठीक से सांस ले पा रही हूं. मानसिक और शारीरिक रूप से बेहतर और मजबूत महसूस कर रही हूं.</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3i0HNCa" /></p> <p style="text-align: justify;">चार लेटर के वर्ड उम्मीद (HOPE) ने मुझे पुश किया. मुझे उम्मीद थी कि सब कुछ ठीक होगा. मेरे अदर उम्मीद थी कि मै बेहतर होंगी. उन सभी लोग का शुक्रिया जो मुझे मैसेज करके मेरे हाल चाल पूछ रहे हैं. मुझे जिन्दादिल रहने के लिए कह रहे हैं.&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/34yJbEg

Health Tips: दही और चीनी खाना सिर्फ शुभ ही नहीं, पेट के लिए भी है बहुत फायदेमंद, जानिए कैसे

<p style="text-align: justify;">किसी भी शुभ काम के लिए घर से निकलने पर दही-चीनी खाकर जाना अच्छा माना जाता है. जब भी किसी परीक्षा या इंटरव्यू में जाना होता है तो मां दही चीनी से मुंह मीठा कराने के बाद ही जाने देती हैं. ऐसा चलन सालों से चल रहा है. लेकिन क्या आपको पता है कि घर से निकलते वक्त दही चीनी ही क्यों खिलाई जाती है. दरअसल दही-चीनी खाने के पीछे कई कारण हैं. सुबह खाली पेट दही खाना शरीर को कई फायदे मिलते हैं. दही को चीनी के साथ खाएं तो ये शरीर के लिए एक कैटेलिस्ट की तरह काम करता है. इससे शरीर और दिमाग को कई फायदे मिलते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सुपरफूड दही-चीनी</strong><br />दही को सुपरफूड माना गया है. दही खाने से हमारा पाचनतंत्र मजबूत होता है. रोज दही खाने से पेट की समस्याएं नहीं होती और शरीर को भरपूर पोषक तत्व मिलते हैं. कई लोगों को दूध पसंद नहीं होता वो दही को दूध के विकल्प के तौर पर खा सकते हैं. दही में कैल्शियम, विटामिन बी-12, विटामिन बी -2, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. वहीं अगर आप दही को चीनी के साथ खाते हैं तो इससे कई फायदे होते हैं. गर्मियों में दही चीनी खाने से पेट अच्छा रहता है. दही और चीनी खाने से शरीर को अच्छी मात्रा में ग्लूकोज मिलता है जिससे तुरंत एनर्जी मिलती है. दही चीनी से मुंह मीठा करवाना भी शुभ माना जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दही-चीनी खाने के फायदे</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- गुड बैक्टीरिया पाए जाते हैं-</strong> दही में गुड बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो पेट के लिए फायदेमंद होते हैं. इससे पाचनतंत्र मजबूत होता है. आंतों के लिए भी ये बैक्टीरिया फायदेमंद होते हैं. दही चीनी खाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है. दही के गुड बैक्टीरिया आंतों के कैंसर से भी बचाते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- पेट में ठंडक मिलती है-</strong> सुबह दही-चीनी खाने से पेट ठंडा रहता है. पेट की जलन और अम्लता भी इससे कम होती है. दही चीनी से पित्त दोष कम होता है और इससे आप पूरे दिन एनर्जेटिक रहते हैं. खाने के बाद दही-चीनी खाने से भी शरीर को फायदा मिलता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- UTI और टॉयलेट में जलन कम होती है-</strong> दही चीनी खाने से यूटीआई और सिस्टिटिस जैसी परेशानी कम होती है. दही खाने से टॉयलेट में जलन की समस्या भी कम हो जाती है. कम पानी पीने वाले लोगों को दही जरूर खानी चाहिए. दही में विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन सी, विटामिन पाइरिडोक्सिन, कैरोटिनॉइड, फोलेट, विटामिन बी-2, विटामिन बी -12 &nbsp;जैसे विटामिन पाए जाते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- ग्लूकोज मिलता है-</strong> सुबह दही चीनी खाने से शरीर को तुंरत ग्लूकोज मिलता है. दही-चीनी खाने से आप दिन भर एक्टिव रहते हैं. ग्लूकोज आपके दिमाग और शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है. इसलिए दही चीना खाकर घर से निकलने पर आप दिनभर एनर्जेटिक रहते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- पचाने में आसान-</strong> दही को पचाना भी आसान होता है. दही दूध से जल्दी पच जाता है. नाश्ते में दही या उससे बने प्रोडक्ट खाने में जल्दी पच जाते हैं दही आपके पेट को भी हल्का रखता है. जिनको पाचन की दिक्कत होती है उन्हें सुबह दही या छाछ पीना चाहिए. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3c3Zxsq" target="_blank" rel="noopener">शरीर में दिखने लगें ये लक्षण, तो हो सकती है विटामिन C की कमी</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3fCP3Cy

Health Tips: शरीर में दिखने लगें ये लक्षण, तो हो सकती है विटामिन C की कमी

<p style="text-align: justify;">शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए विटामिन C खाना बहुत जरूरी है. स्वस्थ रहने के लिए महिलाओं को रोज 75 मिलीग्राम और पुरुषों को 90 मिलीग्राम विटामिन C लेना चाहिए. हमारा शरीर ना तो खुद विटामिन सी बना पाता है और ना ही स्टोर कर पाता है. ऐसे में आपको अपनी डाइट में हर दिन विटामिन C से भरपूर तत्व जरूर शामिल करने चाहिए. कुछ लोग अपने आहार में विटामिन सी का सेवन बिल्कुल नहीं करते हैं. ऐसे लोगों में विटामिल सी की कमी हो जाती है. इसके अलावा ज्यादा सिगरेट-शराब पीने वाले, किडनी की बीमारी वाले लोगों में विटामिन C की कमी हो जाती है. आप इन लक्षणों से पहचान सकते हैं कि कहीं आपके शरीर में विटामिन सी की कमी तो नहीं है.<br /><br /><strong>विटामिन C वाले फूड-</strong> आप विटामिन C की कमी पूरा करने के लिए डाइट में 1/2 कप कच्ची लाल शिमला मिर्च या 3/4 &nbsp;कप संतरे के जूस, 1/2 कप कुक ब्रोक्रोली ले सकते हैं. इसके अलावा संतरे, नींबू , पालक, कीवी, आंवला और ब्रोकली विटामिन सी के लिए अपने खाने में जरूर शामिल करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कमजोर इम्यूनिटी- &nbsp;</strong>इम्यूनिटी कमजोर होने पर भी आपके अंदर विटामिन C की कमी हो सकती है. आप बार-बार बीमार पड़ सकते हैं और रिकवर होने में भी लंबा वक्त लग सकता है. विटामिन सी दिल की बीमारियों और कुछ तरह के कैंसर की आशंकाओं को भी कम कर सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वजन बढ़ना-</strong> विटामिन C की कमी होने पर पेट पर जमा चर्बी बढ़ने लगती है. कई रिसर्च में भी ये बात सामने आई है कि विटामिन सी की कमी और चर्बी बढ़ने के बीच एक कनेक्शन पाया गया है. शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन C मिलने पर फैट एनर्जी में बदल जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>त्वचा रूखी और झुर्रियां-</strong> त्वचा के लिए भी विटामिन C बहुत जरूरी है. अगर आपकी त्वजा रूखी और बेजान हो रही है तो शरीर में विटामिन सी की कमी हो सकती है. इसकी कमी से झुर्रियां और मुहांसे भी हो सकते हैं. शरीर में विटामिन C भरपूर होने पर स्किन मुलायम और चमकदार बनती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>घाव धीरे भरना-</strong> विटामिन C की कमी होने पर किसी तरह की चोट का घाव भरने में काफी वक्त लगता है. दरअसल चोट लगने पर खून और ऊतकों से विटामिन C कम हो जाता है. बॉडी को कोलेजन बनाने के लिए इसकी जरूरत होती है. कोलेजन एक प्रोटीन है जो स्किन रिपेयर का काम करता है. ऐसे में घाव देरी से भरता है</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मसूड़ों और नाक से खून आना-</strong> कई लोगों के मसूडों और नाक से खून आने लगता है तो समझ जाएं कि शरीर में विटामिन C की कमी हो रही है. विटामिन C रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखता है, जिससे दांतों और मसूड़ों मजबूत होते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>थकान और चिड़चिड़ापन-</strong> अगर आपको हर वक्त थकान और चिड़चिड़ापन महसूस होता है तो ऐसा आपके शरीर में विटामिन C की कमी से भी हो सकता है. हालांकि थकान और चिड़चिड़ेपन की दूसरी वजह भी हो सकती हैं.<br /><br /><strong>आंख कमजोर होना- &nbsp;</strong>विटामिन सी की कमी का असर आंखों पर भी पड़ता है. अगर आपकी आंखे कमजोर हैं तो विटामिन C और अन्य एंटीऑक्सीडेंट की कमी से ये जल्द खराब हो सकती हैं. विटामिन C खाने से मोतियाबिंद का खतरा कम हो जाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>स्कर्वी रोग-</strong> विटामिन C की कमी से स्कर्वी रोग भी हो जाते है. जिससे कमजोरी, थकान, दांतों का ढीला होना, नाखून कमजोर होना, बाल झड़ना और जोड़ों में दर्द की समस्या हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: &nbsp;<a href="https://ift.tt/3wNeV4C" target="_blank" rel="noopener">गर्मी में ठंडक देगा सत्तू, डायबिटीज और मोटापा भी रहेगा दूर</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3c3Zxsq

Health Tips: गर्मी में ठंडक देगा सत्तू, डायबिटीज और मोटापा भी रहेगा दूर

<p style="text-align: justify;">तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप से अगर आपका हाल बेहाल है तो आप सत्तू ट्राई कर सकते हैं. बिहार और उत्तरप्रदेश के कई व्यंजनों में सत्तू का इस्तेमाल किया जाता है. सत्तू के परांठे, सत्तू की कचौड़ी और लिट्टी चोखा का नाम तो आपने सुना ही होगा. सत्तू से बने ये व्यंजन स्वाद और सेहत से भरपूर होते हैं. वहीं गर्मियों में सत्तू पानी में डालकर पीने से लू के थपेड़ों से भी बचा जा सकता है. सत्तू का इस्तेमाल कई रोगों को ठीक करने के लिए भी किया जाता है. सत्तू खाने से न सिर्फ डायबिटीज जैसे रोग ठीक होते हैं बल्कि मोटापे से भी निजात मिलती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">अब आपको बताते हैं कि सत्तू कैसे बनता है. मार्केट में आपको कई तरह के सत्तू मिल जाएंगे, लेकिन चने का सत्तू ज्यादा पसंद किया जाता है. सत्तू भुने हुए जौ और चने को पीस कर भी बनाया जाता है. सत्तू पाउडर जैसा होता है जिसे आप गर्मियों में पानी में घोलकर भी पी सकते हैं. सत्तू खाने से गैस्ट्रोइंट्रोटाइटिस नामक रोग भी कम हो जाता है. जौ और चने का सत्तू कफ, पित्त, थकावट, भूख, प्यास और आंखों से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में भी लाभ करता है. जानते हैं सत्तू के फायदे</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मोटापा कम करता है-</strong> सत्तू में कई तरह के पोषक तत्व होते हैं. शरीर को सम्पूर्ण आहार देने के लिए आप सत्तू का इस्तेमाल कर सकते हैं. सत्तू पीने से लम्बे समय तक भूख नहीं लगती है. जिससे वजन कम होता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सत्तू से मिलेगी एनर्जी-</strong> अगर आपको थकान लग रही है या तुरंत एनर्जी की जरूरत है तो आप चने का सत्तू पी सकते हैं. चने के सत्तू में मिनरल्स, आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस होता है जिससे शरीर को इंस्टेंट एनर्जी मिलती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ठंडक देता है और लू से बचाता है-</strong> सत्तू तासीर में ठंडा होता है इसलिए गर्मियों में पेट को ठंडा रखने के लिए आप सत्तू पी सकते हैं. सत्तू पीने से लू लगने का खतरा भी कम हो जाता है. इससे पेट संबंधी कई बीमारियां भी कम होती हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एनीमिया दूर करता है-</strong> अगर आपके शरीर में खून की कमी है तो आप सत्तू पी सकते हैं. एनीमिया से पीड़ित होने पर आप रोजाना पानी में सत्तू डालकर पी सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डायबिटीज कम करता है-</strong> सत्तू में बीटा-ग्लूकेन होता है जो बढ़ते ग्लूकोस को कम करता है और ब्लड में शुगर लेवल को नियंत्रित करता है. शुगर के मरीजों को रोजाना सत्तू का सेवन करना चाहिए. हालांकि आपको चीनी वाला सत्तू नहीं खाना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3uB3g7s" target="_blank" rel="noopener">कोरोना से रिकवरी के बाद भी हो सकता है ब्लैक फंगस का खतरा, इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3wNeV4C

Black Fungus: कोरोना से रिकवरी के बाद भी हो सकता है ब्लैक फंगस का खतरा, इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस के खतरे के बीच अब बढ़ते फंगस के मामलों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं. ब्लैक फंगस, व्हाइट फंगस और येलो फंगस होने का खतरा उन लोगों में ज्यादा है जो कोरोना के दौरान या किसी और बीमारी में लंबे समय तक ICU में रहे हो, जिन लोगों को ऑक्सीजन दी गई हो, जिन लोगों को कोरोना होने के बाद ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड दिए गए हों या जिन मरीजों का ब्लड शुगर बढ़ा हुआ हो. ऐसे लोगों को फंगस होने का खतरा ज्यादा है. कई लोगों को COVID-19 &nbsp;से रिकवर करने के बाद भी फंगल इंफेक्शन हो रहा है. ऐसे में कोरोना से ठीक होने के बाद भी फंगस की वजह से मरीजों को दोबारा अस्पताल में एडमिट होना पड़ रहा है. ऐसे में COVID-19 से ठीक हो रहे मरीजों को अपने शरीर में नज़र आने वाले कुछ लक्षणों को लेकर बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है. ये लक्षण ब्लैक फंगस के हो सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सिर दर्द होना-</strong> कोविड से रिकवरी के वक्त अगर सिर में लगातार दर्द है या किसी जगह पर दबाव महसूस हो रहा है, तो ये ब्लैक फंगस का लक्षण हो सकता है. ये फंगस नाक से दिमाग तक पहुंच सकता है.&nbsp;<br />&nbsp;<br /><strong>चेहरे पर एक ओर सूजन-</strong> एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें अलग-अलग लक्षण सामने आ रहे हैं. कई लोगों के चेहरे पर सूजन, दर्द और नीचे की ओर भारीपन महसूस हो रहा है. इसके अलावा त्वचा लाल हो सकती है. ये ब्लैक फंगस के शुरुआती लक्षण हैं.&nbsp;<br />&nbsp;<br /><strong>त्वचा का रंग बदलना जाना- &nbsp;</strong>ब्लैक फंगस के शुरुआती लक्षणों में कई लोगों की नाक के पास काली पपड़ी बन रही है, कई लोगों के चेहरे का रंग खराब हो रहा है, आंखों में भारीपन भी शरीर में ब्लैक फंगस फैलने के लक्षण हो सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नाक का ब्लॉक होना- &nbsp;</strong>फंगस आपके शरीर में सबसे पहले नाक के जरिए घुसता है. ऐसे में नाक बंद होना या सांस लेने में तकलीफ होना भी इसका लक्षण हो सकता है. कई गंभीर मामलों में ये लंग्स पर भी अटैक कर देता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दातों का कमजोर होना-</strong> कई लोगों को ब्लैक फंगस के लक्षण के रूप में सबसे पहले दातों में परेशानी हो सकती है. दातों के ढीले हो जाने, जबड़े से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है. इन मामलों में ऑपरेशन की जरूरत भी पड़ सकती है.<br />&nbsp;<br />आपको बता दें कोरोना वायरस शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है. ऐसे में कोविड से रिकवर हो रहे मरीजों को फंगल इंफेशन के खतरे से बचने के लिए मुंह की साफ-सफाई पर बहुत ध्यान देना चाहिए. कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद अपने टूथब्रश को बदल दें और साफ सफाई का ध्यान रखें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3yNJEjz" target="_blank" rel="noopener">कोरोना काल और गर्मी के मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी पिएं या नहीं, जानिए</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3uB3g7s

अजवाइन, सौंफ और जीरा से कहवा बनाने की जानिए रेसिपी, पीने से सेहत को मिलेगा हैरतअंगेज फायदा

<p style="text-align: justify;">प्राकृतिक और साधारण फूड ने हमेशा इंसानी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव डाला है. उनमें से कुछ ऐसे फूड्स भी हैं जिनका इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है. ये फूड्स विभिन्न प्रकार की बीमारियों के खिलाफ इलाज में इस्तेमाल हो रहे हैं. कुछ जड़ी-बूटियों के सेवन से हासिल होनेवाले फायदों पर विज्ञान और मेडिकल दोनों सहमत हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, इंसानी स्वास्थ्य का संबंध सीधे खानपान से होता है, क्या खाया जा रहा है और किस तरह खाया जा रहा है, ये बहुत महत्व रखता है. भोजन के इस्तेमाल के बाद भी सेहतमंद और सक्रिय जिदंगी जीना चाहते हैं, तो शरीर को डिटॉक्सीफाई करना बेहद जरूरी है. उसके लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है. जड़ी-बूटियों और मसालों की मदद से ब्लड से शरीर में मौजूद टॉक्सिन का सफाया होता है.</p> <p style="text-align: justify;">उससे शरीर के कार्य करने की क्षमता में भी सुधार आता है और बीमारियों जैसे मोटापा, हाई कोलेस्ट्रोल लेवल से भी छुटकारा मिलता है. मौसमी बीमारियों , मोटापा, पेट की समस्या, आंत की सफाई और चुस्त-दुरुस्त रहने में किचन की तीन सामग्रियां बेहद कारगर हैं. अजवाइन, जीरा और सौंफ से तैयार कहवा सुबह-शाम इस्तेमाल करने से फैट घुलाने समेत कई बीमारियों के खिलाफ शरीर को सुरक्षा मिलता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कहवा की रेसिपी और बनाने का तरीका</strong></p> <p style="text-align: justify;">एक चौथाई चम्मच अजवाइन, एक चम्मच सौंफ और एक चम्मच जीरा लें. एक बर्तन में पानी को अच्छी तरह उबाल लें और उबलने पर चूल्हा बंद कर दें. अब, तीनों सामग्री सौंफ, जीरा और अजवाइन कप में डालकर उबलता हुआ पानी शामिल करें और 12-15 मिनट के लिए ढंक दें. आपका कहवा तैयार हो गया, उसके बाद दिन में सुबह के वक्त और रात को सोने से पहले इस्तेमाल करें. ये कहवा एक महीने में 2-3 किलो वजन कम करने की क्षमता भी रखता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सौंफ, जीरा, अजवाइन से बना कहवा के फायदे</strong></p> <p style="text-align: justify;">सौंफ पेट और आंत से जुड़ी बीमारियों के लिए बेहतरीन दवा का काम करता है, सौंफ के इस्तेमाल से देर तक भूख नहीं लगती. जीरा और अजवाइन शरीर और पेट के आसपास जिद्दी फैट घुलाने के लिए शानदार है. अजवाइन के इस्तेमाल से कोलेस्ट्रोल लेवल संतुलित रहता है और भोजन के साथ शरीर में पहुंची अतिरिक्त चर्बी को निकालने का काम करता है. असर में गर्म होने के चलते अजवाइन का इस्तेमाल महिलाओं के लिए फायदेमंद बताया जाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="अगर आप अस्वस्थ्य महसूस कर रहे हैं तो क्या करना चाहिए, जानिए- यूनिसेफ के बताए उपाय" href="https://www.abplive.com/lifestyle/what-to-do-if-you-are-feeling-unwell-know-about-unicef-guidelines-1920903">अगर आप अस्वस्थ्य महसूस कर रहे हैं तो क्या करना चाहिए, जानिए- यूनिसेफ के बताए उपाय</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="हैले बेरी को 30 सालों तक कीटो डाइट पर क्यों रहना पड़ा? हॉलीवुड एक्ट्रेस ने खुद खोला राज" href="https://www.abplive.com/lifestyle/why-did-halle-berry-has-to-live-on-keto-diet-for-30-years-hollywood-actress-revealed-1920006">हैले बेरी को 30 सालों तक कीटो डाइट पर क्यों रहना पड़ा? हॉलीवुड एक्ट्रेस ने खुद खोला राज</a></strong></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3yTQ15c

Covid-19: कोरोना काल और गर्मी के मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी पिएं या नहीं, जानिए

<p style="text-align: justify;">देश में एक तरफ कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप और दूसरी तरफ चिलचिलाती गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है. कोरोना के कहर से बचने के लिए डॉक्टर्स इम्यूनिटी मजबूत करने की सलाह दे रहे हैं. लेकिन इस गर्मी के मौसम में इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजों ने शरीर में गर्मी बढ़ा दी है, जिसकी वजह से कई लोगों को पेट और कई तरह की परेशानियां भी हो रही हैं. डॉक्टर इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए गर्म या गुनगुना पानी पीने (Hot and Warm Water) की सलाह दे रहे हैं. लेकिन जैसे जैसे तापमान बढ़ रहा है लोगों के लिए गर्म पानी पीना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में बहुत सारें लोगों ने अब फ्रिज का ठंडा पानी पीना शुरु कर दिया है. हालांकि कई लोगों के मन में ये सवाल भी है कि क्या कोरोना के इस दौर में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से संक्रमण हो सकता है. आइये जानते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या ठंडा पानी पीने से कोरोना हो सकता है?</strong><br />ऐसा बिल्कुल नहीं है कि फ्रिज का ठंडा पानी पीने से कोरोना होता है.&nbsp; कोरोना सिर्फ संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से या फिर किसी संक्रमित चीज को छूने से ही होता है. हां लेकिन एक बात है कि गर्म पानी पीने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत होती है. गर्म पानी पीने से गले और नाक से जुड़े कई तरह के इंफेक्शन नहीं होते हैं. यही वजह है कि डॉक्टर गर्म या गुनगुना पानी पीने की सलाह देते हैं. वहीं अगर आप फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं तो इससे कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को परेशानी हो सकती है. इससे आपके गले में खराश, खांसी या किसी तरह का संक्रमण हो सकता है. यही वजह है कि आज के नाजुक हालात को देखते हुए डॉक्टर्स गर्म पानी पीने की सलाह दे रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोरोना संक्रमित व्यक्ति ठंडा पानी न पिएं&nbsp;</strong><br />कोरोना संक्रमित व्यक्ति की इम्यूनिटी पहले से ही काफी कमजोर होती है. कोरोना की वजह से खांसी-जुकाम और बुखार रहता है. ऐसे भले ही आपको मन ठंडा पानी पीने के लिए करे लेकिन आपको इससे परहेज रखना है. अगर आप ठंडा पानी पीएंगे तो कोरोना के लक्षणों में लंबे समय तक कमी नहीं आएगी और रिकवरी में वक्त लगेगा. इसलिए संक्रमित व्यक्ति को खाने-पीने की गर्म चीजें और पानी गुनगुना ही पीना चाहिए. गर्म पानी से गले का इनफेक्शन दूर होगा और आप जल्दी स्वस्थ हो जाएंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गर्मी में रूम टेंप्रेचर का पानी पिए&nbsp;</strong><br />गर्मी बहुत ज्याद है ऐसे में आप गर्म या गुनगुना पानी पीने के बजाय रूम टेंप्रेचर का पानी पी सकते हैं. इससे आपकी प्यास भी बुझ जाएगी और आपको कोई नुकसान भी नहीं होगा. आपको फ्रिज का ठंडा पानी नहीं पानी चाहिए. ठंडा पानी पीने से आपको कई तरह की परेशानी हो सकती हैं. इसलिए कोरोना काल में ही नहीं हमेशा फ्रिज का ठंडा पानी पीने से परहेज करें. आप चाहें तो गर्मी में मटके का पानी पी सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ठंडा पानी पीने से नुकसान&nbsp;</strong><br />- गले में खराश<br />- गले में संक्रमण<br />- खांसी-बुखार<br />- सिर दर्द<br />- कब्ज की समस्या<br />- इम्यूनिटी कमजोर होना</p> <p style="text-align: justify;"><br />अगर आप तेज गर्मी में बाहर से आए हैं तो ठंडा पानी बिल्कुल न पिएं. इससे आपको गले में खराश, जुकाम और बुखार भी हो सकता है. खासकर कोरोना से संक्रमित मरीज को फ्रिज का ठंडा पानी बिल्कुल ही नहीं पानी चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3fYPRAM" target="_blank" rel="noopener">प्राकृतिक रोशनी आपके शरीर के लिए क्यों है बेहद जरूरी? जानिए इसके हैरतअंगेज फायदे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3yNJEjz

हैले बेरी को 30 सालों तक कीटो डाइट पर क्यों रहना पड़ा? हॉलीवुड एक्ट्रेस ने खुद खोला राज

<p style="text-align: justify;">हैले बेरी को 30 वर्षों तक कीटो डाइट पर रहना पड़ा है और उनका कहना है कि इससे उनके डायबिटीज प्रबंधन में मदद मिली. 54 वर्षीय बेरी को 22 साल की उम्र में डायबिटीज का पता चला था, जिसके चलते उन्होंने अपनी स्वास्थ्य यात्रा शुरू की. जीवन बदलने वाले क्षण के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "ये ऐसा पल था जिसे मैं कभी नहीं भूला पाऊंगी. मुझे अपने जीवन जीने के तरीके को फिर से घुमाना पड़ा और तब से मेरे साथ है. क्योंकि मैं एक डायबिटीक थी, पोषण मेरी जिंदगी का बड़ा हिस्सा रहा है और करीब पिछले 30 वर्षों से मैं कीटोजेनिक जीवनशैली का पालन कर रही हूं."&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कीटो डाइट ने हैले बेरी को डायबिटीज में पहुंचाया लाभ</strong></p> <p style="text-align: justify;">बेरी ने बताया कि कीटो डाइट उन्हें अंदरुनी ताकत देती है और उनकी लालसा को कम करती है. उनका मानना है कि उसने उम्र में अच्छी मदद की. 2018 में एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पोस्ट में विस्तार से अपनी सेहत और फूड सेवन के बारे में बात की थी. उसमें उन्होंने जिक्र किया था कि कैसे कीटो डाइट 'उनकी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार रही' और बच्चे को जन्म देने के बाद वजन कम करने में उनकी मदद की.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एक्ट्रेस ने बताया लंबे समय तक करना पड़ा था पालन</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने लिखा था, "कीटो जीवनशैली के बहुत ज्यादा फायदे जैसे वजन में कमी, भूख पर काबू, ज्यादा ऊर्जा और बेहतर दिमागी प्रदर्शन हैं. अगर आप मेरी तरह हैं, और संभावित तरीके से टाइप 2 डायबिटीज को पीछे की ओर घुमा सकें, तो बेहतर शारीरिक सहनशीलता, बेहतर स्किन और कम मुहांसे का भी अनुभव कर सकेंगे अगर ऐसा मामला हुआ. और यहां तक कि ये माइग्रेन काबू करने में भी मदद करती है!"&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/3c8pNlE> <p style="text-align: justify;">लंबे समय तक कीटो का पालन करने से बेरी ने बताया था कि उनको मिठाई खाने की लालसा नहीं रही. उनकी डायबिटीज की पहचान उनके स्वास्थ्य और वेलनेस प्लेटफॉर्म Re-Spin की प्रेरणा बनी. 2019 में एक्ट्रेस के निजी ट्रेनर ने उनकी दैनिक डाइट और पसंदीदा डिश को शेयर किया था, जिसमें बुलेटप्रूफ कॉफी (मक्खन या नारियल तेल के साथ कॉफी), साग के साथ चिकन या स्टेक, और एवोकाडो आइसक्रीम शामिल थे.</p> <p style="text-align: justify;">कीटो डाइट के फायदों पर हालांकि विशेषज्ञों की तरफ से बहस की जाती रही है. 2020 में एक्ट्रेस मिष्टी मुखर्जी की मौत के बाद विशेष तौर पर उसने संदेह पैदा किया. उनकी मौत के पीछे कीटो डाइट की वजह से किडनी फेल्योर होना बताया गया. वर्षों तक भ्रम रहा है कि क्या बेरी का डायबिटीज रोग टाइप 1 है या टाइप 2. लेकिन उनकी कुछ टिप्पणियों की मेडिकल पेशेवरों की तरफ से भारी आलोचना की गई. उनका ये कहना कि टाइप 1 डायबिटीज को डाइट में बदलाव लाकर कैसे उन्होंने 'पीछे मोड़ लिया', आलोलकों को पसंद नहीं आया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="खानपान की खराब आदतें आपकी सोच से भी ज्यादा करती हैं स्वास्थ्य को प्रभावित, जानिए कैसे" href="https://www.abplive.com/lifestyle/bad-eating-habits-affect-your-health-more-than-you-think-know-how-1919776">खानपान की खराब आदतें आपकी सोच से भी ज्यादा करती हैं स्वास्थ्य को प्रभावित, जानिए कैसे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="हेल्दी स्किन के लिए बेहद जरूरी है पोषण, इन फूड्स से त्वचा को दें नई रंगत" href="https://www.abplive.com/lifestyle/nutrition-on-skin-aging-plays-a-vital-role-here-are-some-nutritious-summer-foods-to-include-in-your-diet-1919693">हेल्दी स्किन के लिए बेहद जरूरी है पोषण, इन फूड्स से त्वचा को दें नई रंगत</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2SFTZ0C

प्राकृतिक रोशनी आपके शरीर के लिए क्यों है बेहद जरूरी? जानिए इसके हैरतअंगेज फायदे

<p style="text-align: justify;">अगर आप आउटडोर के बजाए इंडोर रहने को प्राथमिकता देते हैं, तो मालूम होना चाहिए इंसानों का विकास ज्यादातर सूरज की रोशनी में होता है. कई लोगों के लिए इंडोर रहना जीवनशैली का हिस्सा बन गया है क्योंकि प्रकृति के साथ जुड़ने के लिए उनके पास समय नहीं है. लेकिन, वास्तव में व्यस्त शेड्यूल से कुछ वक्त निकालना और सूरज की रोशनी में कुछ समय आउटडोर बिताना जरूरी है क्योंकि उसके फायदे बेहद हैं. अगर आपको फिर भी यकीन नहीं है, तो प्राकृतिक रोशनी में होने के चंद फायदों को जानें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विटामिन डी का स्रोत-</strong> विटामिन डी धूप का विटामिन के तौर पर जाना जाता है क्योंकि सूरज के संपर्क में आने पर आपकी स्किन को फायदा पहुंचता है. इसलिए, सूरज हमारे लिए विटामिन डी का बुनियादी स्रोत है. ये शरीर में 200 जीन्स को काम को नियंत्रित करता है. उसके अलावा, विटामिन डी हड्डियों, आंत, इम्यून, हृदय प्रणाली, पैन्क्रियाज, मसल्स, ब्रेन को प्रभावित करता है. इस तरह, सूरज की रोशनी से विटामिन डी का दैनिक डोज हासिल करना कई बीमारियों को रोक सकात है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आंखों के लिए ठीक-</strong> जिस तरह ये कहा जाता है कि आपको सूरज की तरफ सीधे नहीं देखना चाहिए, उसी तरह ये भी सच है कि सूरज की रोशनी आपकी आंखों के लिए ठीक है. आज कल हम सब की आदत मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल करने की हो गई है जिसमें फ्लोरोसेंट रोशनी होती है और आपकी आंखों को नुकसान की वजह बन सकती है. दूसरी तरफ, प्राकृतिक रोशनी आंखों के लिए फायदेमंद साबित हुई है और निकट दृष्टि के खतरे को कम करती है क्योंकि ये डोपामाइन पैदा करती है जो हमारी आंखों को स्वस्थ रहने में मदद करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ध्यान केंद्रित करने में मदद-</strong> प्राकृतिक रोशनी फोकस और एकाग्रता के स्तर को बढ़ाने के लिए जानी जाती है. अगर आपको बंद केबिन में बैठे हुए अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल आ रही है, तो आपको अपनी खिड़कियों को खोलने की जरूरत है और अपने कमरे में थोड़ा सूरज की रोशनी आने दें. ये आपके फोकस को बढ़ाने और सतर्क रहने में मदद कर सकता है. अगर आपकी केबिन या घर में प्राकृतिक रोशनी आने की प्रयाप्त जगह नहीं है, तो आपको बैठने की जगह बदलने की जरूरत होगी क्योंकि ये बड़े फोकस लेवल के साथ बेहतर काम करने में आपकी मदद कर सकता है और उसका नतीजे अधिक उत्पादकता की सूरत में सामने आ सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तनाव कम करने में मदद-</strong> अगर आप हाल ही में किसी दबाव के कारण तनावग्रस्त या चिंतित महसूस कर रहे हैं, तो आपको रोजाना सूरज में कम से कम 30 मिनट टहलना शुरू कर देना चाहिए. ये आपको शांत करने में मदद कर सकता है और तर्कसंगत फैसले के नतीजे में आप अपनी स्थिति को बेहतर सोच सकते हैं. रोशनी दिमाग के विभिन्न हिस्सों के बीच संचार को सुधारती है जो तनाव और चिंता जैसी भावनाओं को संभालता है. हालांकि, बेहतर है कि आप सुबह में थोड़ा सैर करें क्योंकि तुलनात्मक रूप से अधिक फायदेमंद है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="मसाले, शुगर, ऑयल और नमक क्यों हैं शरीर के लिए महत्वपूर्ण? जानिए फायदे और नुकसान" href="https://www.abplive.com/lifestyle/why-are-salt-oil-sugar-and-spices-important-know-benefits-and-side-effects-1920926">मसाले, शुगर, ऑयल और नमक क्यों हैं शरीर के लिए महत्वपूर्ण? जानिए फायदे और नुकसान</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="मां की जैम रेसिपी से 79 वर्षीय ब्रिटिश महिला ने कैसे बनाई 2 करोड़ की कंपनी, जानें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/79-year-old-british-indian-woman-established-a-jam-company-of-2-crore-with-using-recipe-of-mother-know-1920874">मां की जैम रेसिपी से 79 वर्षीय ब्रिटिश महिला ने कैसे बनाई 2 करोड़ की कंपनी, जानें</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3fYPRAM

Weight loss: क्या आपकी हाई प्रोटीन डाइट वजन कम करने के बजाए बढ़ा रही है, जानिए

<p style="text-align: justify;">प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है और इसलिए उसका इस्तेमाल नियमित होना चाहिए. प्रोटीन का उचित सेवन मसल मास बनाने, देर तक भरा रखने, इन्यून सिस्टम का समर्थन करने और स्वस्थ काम को बरकार रखने में मदद करता है. लेकिन, अक्सर ये भी माना जाता है कि अधिक प्रोटीन वाली डाइट का पालन जल्दी वजन कम करने के मिशन में जरूरी है. फलिया, सीड्स, पोल्ट्री, टोफू समेत प्रोटीन से भरपूर फूड्स के सेवन की प्राथमिकता भी वजन कम करने के मंसूबे में मददगार हो सकती है. लेकिन, उसका इस्तेमाल संतुलित मात्रा में किया जाना जरूरी है. मिसाल के तौर पर, अधिक प्रोटीन वाली डाइट पर निर्भर होना आपको वजन कम करने के लक्ष्य हासिल करने से रोक सकता है, और उसके बजाए आप अपना वजन बढ़ा रहे होते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मांसाहारी प्रोटीन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल</strong></p> <p style="text-align: justify;">एक दिन बहुत ज्यादा या बहुत कम प्रोटीन की मात्रा समस्याओं की वजह बन सकती है और वजन घटाने को बनाए रखने में मदद नहीं कर सकती. हालांकि, पोल्ट्री और मांस प्रोटीन के शानदार स्रोत होते हैं, लेकिन ये भी याद रखा जाना चाहिए कि उसमें कैलोरी अन्य प्रोटीन के स्रोत की तुलना में स्पष्ट तौर ज्यादा पाई जाती है. इस तरह, धीरे-धीरे गैर वेजिटेरियन प्रोटीन के स्रोत पर निर्भरता आपके वजन कम करने रुकावट डाल सकती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का इस्तेमाल</strong></p> <p style="text-align: justify;">हर शख्स को उसके वजन, जीवनशैली और जरूरत के आधार पर आदर्श प्रोटीन की जरूरत होती है. इसलिए, अगर आप जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो लंबे समय में आपका वजन अधिक हो सकता है. उसके अलावा, मिजाज में बदलाव, कब्ज समेत स्वास्थ्य समस्याओं के लिए खतरा भी है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">कार्बोहाइड्रेट्स को नजरअंदाज चालाकी का काम नहीं है. ये भी याद रखें कि बहुत कम कार्बोहाइड्रेट्स का इस्तेमाल शुगर की लालसा, ज्यादा खाने के झुकाव की वजह बन सकता है. ध्यान नहीं देने पर ये आपका वजन बढ़ा सकता है. लिहाजा, अपने शरीर की जरूरत पर नजर रखें और थोड़ा कार्बोहाइड्रेट्स को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कार्बोहाइड्रेट्स की तरह फाइबर पर भी फोकस</strong></p> <p style="text-align: justify;">कार्बोहाइड्रेट्स की तरह अपने भोजन में बहुत कम फाइबर का इस्तेमाल भी समस्याएं खड़ी कर सकता है. फाइबर पाचन को नियंत्रित करता है और आंत के अच्छे स्वास्थ्य का समर्थन करता है. ये शरीर से दूषित पदार्थों को निकालने और वजन में कमी को तेज करने की बुनियाद है. इस तरह, फाइबर के सेवन पर भी फोकस करें और अपने भोजन में प्रत्येक खाद्य समूह का थोड़ा सा हिस्सा शामिल करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="मसाले, शुगर, ऑयल और नमक क्यों हैं शरीर के लिए महत्वपूर्ण? जानिए फायदे और नुकसान" href="https://www.abplive.com/lifestyle/why-are-salt-oil-sugar-and-spices-important-know-benefits-and-side-effects-1920926">मसाले, शुगर, ऑयल और नमक क्यों हैं शरीर के लिए महत्वपूर्ण? जानिए फायदे और नुकसान</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="मां की जैम रेसिपी से 79 वर्षीय ब्रिटिश महिला ने कैसे बनाई 2 करोड़ की कंपनी, जानें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/79-year-old-british-indian-woman-established-a-jam-company-of-2-crore-with-using-recipe-of-mother-know-1920874">मां की जैम रेसिपी से 79 वर्षीय ब्रिटिश महिला ने कैसे बनाई 2 करोड़ की कंपनी, जानें</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3fVHohN

Vastu Tips: हवन करने से दूर होते हैं सभी वास्तु और ग्रह दोष, जानें इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व

<p style="text-align: justify;"><strong>Vastu and Grah Dosh: </strong>हिंदू धर्म में मान्यता है कि बिना हवन के कोई शुभ कार्य या पूजा पाठ संपन्न नहीं होते हैं. इससे वातावरण की शुद्धि भी होती है. कई अध्ययनों में कहा गया है कि हवन करने से वातावरण में घुले प्रदूषणों से भी मुक्ति मिलती है. इससे घर परिवार में सकारात्मक ऊर्जा आती है. धार्मिक मान्यता है कि बुरी घटना टालने या मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए हवन किया जाता है. इस तरह से हवन का न धार्मिक महत्त्व है बल्कि इसका वैज्ञानिक महत्त्व भी बताया गया है. आइये जानें हवन के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्त्व के बारे में,</p> <div class="news_content"><a href="https://ift.tt/3uFDtLc Vrat 2021: कब है जून का पहला प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्त्व</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"><strong>हवन</strong> <strong>का</strong> <strong>वैज्ञानिक</strong> <strong>महत्त्व</strong></p> <p style="text-align: justify;">हवन सामग्री में आम की लकड़ी, बेल, नीम, कलींगज, पीपल की छाल, पलाश का पौधा, देवदार की जड़, बेर, कपूर, शकर जौ, चावल, चंदन की लकड़ी रहता है. इस सामग्री के द्वारा हवन करने से जो धुआं निकलता है उससे वातावरण शुद्ध होता है. हवन की जाने वाली सभी हवन सामग्री सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है. वैज्ञानिकों के अनुसार, हवन में गोबर के बने उपलों का उपयोग किया जाता है. इनसे करीब 94 प्रतिशत जीवाणु नष्ट होते हैं. माना जाता है कि हवन करने से कई प्रकार की हानिकारक बीमारियों से मुक्ति मिलती है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>धार्मिक महत्त्व</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म में हवन का विशेष महत्त्व है. इसके महत्त्व का अनुमान इसी लगाया जाता है कि हवन के बिना कोई कार्य पूरा ही नहीं होता. धार्मिक मान्यता है कि यदि व्यक्ति किस ग्रह दोष से पीड़ित है तो उसे हवन करना चाहिए. इससे ग्रहों की दशा शांति होती है. हवन खत्म होने के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए तथा वस्त्र और मुद्रा का भी दान देना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;">वास्तु दोष दूर करने के लिए भी हवन किए जानें का प्रावधान है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का उत्पन्न होती है. भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन से लेकर गृह प्रवेश तक के कार्यक्रमों में हवन की जाती है. ताकि घर आंतरिक और बाहरी वातावरण शुद्ध और पवित्र बना रहे.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/34v3nH1 Ekadashi 2021: सभी पापों से मुक्ति के लिए इस विधि से करें अपरा एकादशी का व्रत, जानें पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/3uDIVhH

Vastu Tips: यदि रखें इन बातों का ध्यान तो जूते भी बदल सकते हैं आपकी किस्मत, जानें कैसे

<p style="text-align: justify;"><strong>Vastu Tips: </strong>जूते न केवल व्यक्ति की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि वे व्यक्ति की किस्मत बदलने वाले भी होते हैं, बशर्ते उनके साथ कुछ सावधानियों को ध्यान में रखने की जरूरत होती है. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, व्यक्ति की कुंडली में आठवां भाव पैरों से जुड़ा होता है और जूतों का संबंध पैरों से होता है. अर्थात ये जूते व्यक्ति की कुंडली के 8वें भाव को प्रभावित करते हैं. इस लिए यह ज़रूरी है कि वे इन सावधानियों या उपायों को ध्यान में अवश्य रखें. आइये जानें इन उपायों को.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/34v3nH1 Ekadashi 2021: सभी पापों से मुक्ति के लिए इस विधि से करें अपरा एकादशी का व्रत, जानें पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट</strong></a></div> </div> <ul style="text-align: justify;"> <li>यदि कोई व्यक्ति फटे-पुराने जूते पहनकर नौकरी की तलाश में या इंटरव्यू देने जाए तो उसे सफलता नहीं मिलेगी.</li> <li>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को भेंट स्वरूप या दान में जूते न तो देने चाहिए और नहीं लेने चाहिए. इन जूतों को पहनने से शनि देव दिक्कत उत्पन्न कर सकते हैं. इससे आपको कार्यक्षेत्र में सफलता पाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पडेगा.</li> <li>व्यक्ति को कभी भी चोरी के जूते नहीं पहने चाहिए. इससे धन और स्वास्थ्य दोनों की हानि होती है.</li> <li>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शरीर का निचला हिस्सा शनि का होता है. इस लिए जिन लोगों की कुंडली में शनि और राहु प्रभावी होते हैं. ऐसे व्यक्ति को जूतों का व्यापार करना बेहद लाभप्रद होगा. जो उनकी किस्मत बदल देगा. इनको काला, नीला और भूरा रंग का जूता पहनना शुभ होगा.</li> <li>पीले रंग का जूता पहनना बहुत ही अशुभ होता है. क्योंकि पीलारंग बृहस्पति देव का होता है. पीले रंग के जूते पहनने से घर में दरिद्रता आती है.</li> <li>वास्तु के अनुसार, जूते और चप्पलों को दक्षिण, दक्षिण- पश्चिम, उत्तर-पश्चिम, पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना गया है. इस लिए जूते के रैक को इन्हीं दिशाओं में रखना चाहिए.</li> </ul> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3uFDtLc Vrat 2021: कब है जून का पहला प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्त्व</strong></a></div> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3pctUCn

Covid-19 India: देश में कम होने लगा दूसरी लहर का असर, 24 घंटे में सामने आए डेढ़ लाख मरीज, 3 हजार की मौत - bhaskarhindi.com


Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर का बड़ा असर पूरी दुनिया में देखने को मिला है। हालांकि अच्छी खबर यह कि कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण की दूसरी लहर का असर अब कुछ कम होते नजर आने लगा है। भारत में बीते दिनों जहां प्रतिदिन नए मामलों की संख्या चार लाख के आंकड़े को पार कर गयी थी, वह अब घटकर डेढ़ लाख के करीब आ पहुंची है। बात करें बीते 24 घंटों की तो यहां कोविड-19 के 1,52,734 नए मामले सामने आए हैं। जिसके बाद कुल मामलों की संख्या 12 करोड़ 80 लाख 47 हजार 534 हो गई है।

हालांकि, देखा जाए तो नए मामलों की संख्या बीते 50 दिनों में सबसे कम है, जो यह दर्शाता है कि देश में नए मामलों में कमी आई है। वहीं मौतों के आंकड़ों पर गौर करें तो यह अब भी 3 हजार प्रतिदिन के करीब बना हुआ है। 24 घंटे में देश में 3,128 लोगों ने अपनी जिंदगी खो दी है। इसी के साथ देश में कोरोना के कारण मरने वाले लोगों की संख्या 3 लाख 29 हजार 100 हो गई है। 

महाराष्ट्र में अब 15 जून तक लॉकडाउन, ज़रूरी सामान की दुकान खोलने का वक्त बढ़ाया गया

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के दौरान कोरोनावायरस के 1 लाख 52 हजार 734 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 3 हजार 128 लोगों की मौत हुई है। हालांकि अच्छी बात यह कि इसी समय में 2 लाख 8 हजार 022 लोग इस बीमारी से ठीक हुए हैं। इसी के साथ देश में बीमारी से उबर चुके लोगों की कुल संख्या 2 करोड़ 56 लाख 92 हजार 342 हो गई है। हालांकि अभी 20 लाख 26 हजार 092 सक्रिय मामले हैं। 

क्या कहते हैं आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के एक्टिव मरीजों की संख्या कुल मामलों का 7.22 प्रतिशत है। वहीं मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर भी बढ़कर 91.60 प्रतिशत हो गई है। जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.17 प्रतिशत है।

रोजाना आने वाले नए मामलों की दर अब 9.07 प्रतिशत है, जो लगातार सात दिनों से 10 प्रतिशत से कम बनी है। वहीं, संक्रमण की साप्ताहिक दर भी कम होकर 9.04 प्रतिशत हो गई है।  



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Covid-19 India: 1,52,734 patients exposed in 24 hours, 3,128 death
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Pradosh Vrat 2021: कब है जून का पहला प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्त्व

<p style="text-align: justify;"><strong>Pradosh Vrat June 2021: </strong>हिंदू धर्म के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शंकर जी की पूजा करना बेहद शुभ और कल्याणकारी माना गया है. प्रदोष काल हर माह की त्रयोदशी को होता है. साल 2021 के जून माह का पहला प्रदोष व्रत 7&nbsp; जून दिन सोमवार को होगा. प्रदोष का व्रत रखकर प्रदोष काल में शिव चालीसा, ​शिव पुराण तथा शिव मंत्रों का जाप करना उत्तम माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से उपासक के बिगड़े काम बन जाते हैं. भगवान शंकर जी के आशीर्वाद से व्यक्ति के सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं. घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है. इस बार प्रदोष व्रत के दिन सोमवार पड़ रहा है इस लिए इसे सोम प्रदोष व्रत कहते है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जून</strong> <strong>का</strong> <strong>पहला</strong> <strong>प्रदोष</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>कब</strong> <strong>है</strong><strong>? </strong><strong>तिथि</strong> <strong>एवं</strong> <strong>समय</strong></p> <p style="text-align: justify;">जून का पहला प्रदोष व्रत 7 जून 2021 दिन सोमवार को रखा जाएगा. ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 7 जून को सुबह 08 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर 08 जून 2021 दिन मंगलवार को सुबह 11 बजकर 24 मिनट तक रहेगी.</p> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/34v3nH1 Ekadashi 2021: सभी पापों से मुक्ति के लिए इस विधि से करें अपरा एकादशी का व्रत, जानें पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रदोष</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>का</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong></p> <p style="text-align: justify;">पंचांग के अनुसार, प्रदोष काल सूर्यास्त के 45 मिनट पहले और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक होता है. सनातन धर्म शास्त्रों के अनुसार प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा करने से सभी प्रकार दुःख मिट जाते हैं. इस काल में शिव जी की पूजा कारना शुभ फलदायक होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पूजा</strong> <strong>विधि</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रदोष व्रत के दिन सुबह प्रातःकाल उठकर नित्यकर्म स्नानादि करके पूजा स्थल पर बैठकर भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करें. बिना कुछ भी ग्रहण किये हुए भगवान शिव और माता पार्वती को चंदन, पुष्प, अक्षत, धूप, दक्षिणा और नैवेद्य अर्पित करें. महिलाएं मां पार्वती को लाल चुनरी और सुहाग का सामान चढ़ाएं. व्रत का संकल्प ले. अब आरती करें. इसी तरह की पूजा शाम को प्रदोष काल में करें.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/2SBQHvb Jayanti 2021: शनि जयंती के दिन लगेगा सूर्य ग्रहण, इस राशि पर पड़ेगा बेहद बुरा प्रभाव, जानें</strong></a></div> </div> lifestyle https://ift.tt/2TuFT2t

मसाले, शुगर, ऑयल और नमक क्यों हैं शरीर के लिए महत्वपूर्ण? जानिए फायदे और नुकसान

<p style="text-align: justify;">नमक, तेल, शुगर और मसाले हमारे दैनिक डाइट में महत्वपूर्ण जगह रखते हैं. हालांकि, इन सामग्रियों का अत्यधिक सेवन वास्तव में सेहत के लिए खराब है, लेकिन हमारे शरीर को उनकी कम मात्रा में कई वजहों से जरूरत होती है. आपको जानना चाहिए कैसे इन सामग्रियों का सेवन संतुलित मात्रा में आपकी मदद कर सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नमक के फायदे और नुकसान</strong></p> <p style="text-align: justify;">लंबे समय से नमक हमारी किचन का हिस्सा रहा है और डिश के स्वाद में प्रयोग किया जाता है. लेकिन, नमक का अत्यधिक सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है क्योंकि ये सीधे शरीर में ऊर्जा लेवल को प्रभावित करता है. नमक भोजन के पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर तरीके से बढ़ाता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है और दिमाग के अलावा नर्वस सिस्टम के लिए भी जरूरी है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">बहुत ज्यादा नमक के इस्तेमाल से प्रभावों की एक श्रृंखला हो सकती है. कम समय के लिए ये ब्लोटिंग, गंभीर प्यास और अस्थायी ब्लड प्रेशर में वृद्धि की वजह बन सकता है. लंबे समय में, उससे हाइपोनेट्रेमिया भी हो सकता है और इलाज के बिना छोड़ दिया जाए, तो ये घातक हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शुगर के फायदे और वैकल्पिक स्रोत</strong></p> <p style="text-align: justify;">आयुर्वेद में मीठे स्वाद को पोषण करनेवाला, दिमाग को स्फूर्ति देनेवाला, भूख और प्यास मिटानेवाला, टिश्यू बढ़ानेवाला है और इम्यून सिस्टम में सुधार करनेवाला बताया गया है. सबसे महत्वपूर्ण है उचित मात्रा में इस्तेमाल से उसका संबंध खुशी के सकारात्मक भावनाओं, संतोष, शांति, उत्साह, संतुष्टि के साथ जुड़ता है. व्हाइट शुगर या रिफाइन शुगर छोड़ने के लिए ब्राउन शुगर, गुड़ और प्राकृतिक फलों का इस्तेमाल किया जाता है और ये ज्यादा स्वस्थ विकल्प होते हैं. शुगर का प्राकृतिक स्रोत आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करने में मदद करता है. ये आपके मेटाबोलिज्म को स्थिर रखने में भी मदद करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फैट, मसालों के अधिक सेवन से नुकसान</strong></p> <p style="text-align: justify;">फैट की अधिक मात्रा का सेवन आपकी धमनियों में कोलेस्ट्रॉल निर्माण का कारण बन सकता है, दूसरी तरफ बहुत ज्यादा मसालों के सेवन से तेज गैस्ट्राइटिस और पेट में अल्सर भी होने का खतरा रहता है. लेकिन अगर इन मसालों को संतुलित मात्रा में खाया जाए, तो ये दिल की बीमारियों, सूजन से लड़ने में मदद कर सकता है और शरीर को विशेष तौर पर सर्दी के मौसम में गर्म रख सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: बीमारियों से रहना चाहते हैं दूर तो खाली पेट न करें इन 5 मसालों का सेवन" href="https://ift.tt/2RYw8sL Tips: बीमारियों से रहना चाहते हैं दूर तो खाली पेट न करें इन 5 मसालों का सेवन</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद" href="https://www.abplive.com/lifestyle/know-few-signs-of-deteriorating-health-in-aging-parents-it-will-become-easy-to-look-after-them-1920829">बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2SM1LWQ

मां की जैम रेसिपी से 79 वर्षीय ब्रिटिश महिला ने कैसे बनाई 2 करोड़ की कंपनी, जानें

<p style="text-align: justify;">79 वर्षीय ब्रिटिश भारतीय महिला ने अपने जुनून और कड़ी मेहनत से कामयाबी की कहानी लिखी है. उनकी भूरिया जैम फैक्ट्री सालाना 2 करोड़ रुपए की आमदनी कर रही है. लीनेट अलफ्रे ने सैंकड़ों महिलाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है. उन्होंने हिमाचल प्रदेश के सुदर गांव भूरिया के नाम पर अपनी फैक्ट्री की स्थापना की.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>79 वर्षीय ब्रिटिश महिला के बुलंद हौसले को सलाम</strong></p> <p style="text-align: justify;">कश्मीरी शख्स से शादी करने के बाद उन्हें भारत के कई जगहों पर रहना पड़ा. बिहार के जंगलों से लेकर दिल्ली, मुंबई और हिमाचल प्रदेश में उन्होंने प्रवास किया. 1992 में उनका पड़ाव हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में ठहरा. किसी परिजन के कॉटेज ने उन्हें बहुत आकर्षित किया. इसका नतीजा ये निकला कि उन्होंने एक एकड़ बगीचे वाला घर खरीद लिया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">आडू, खुबानी, बेर, सेब और कीवी के पेड़ों से घिरे माहौल में उन्होंने खुद को रोमांचित महसूस किया. लेकिन बंदरों के खतरे और तेज हवाओं के कारण प्राकृतिक प्रोडक्ट्स की बर्बादी उन्हें चिंता में डालने लगी. उस वक्त उन्होंने अपनी मां की परंपरागत रेसिपी के इस्तेमाल से सेब का जैम बनाने का फैसला किया. स्थानीय स्तर पर उनके जैम लोकप्रिय हो गए और 1999 में उन्होंने पहली बार भूरिया में जैम फैक्ट्री की शुरुआत की. अब, उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती जैम और मौसमी फलों के इस्तेमाल की अवधि बढ़ाने की थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मां की जैम रेसिपी का इस्तेमाल कर बनाई कंपनी</strong></p> <p style="text-align: justify;">मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जहां तक संरक्षकों का मामला है, तो भूरिया जैम में सिर्फ नींबू का रस, सेब का जूस और शुगर का इस्तेमाल होता है और 50 फीसद बिना किसी संरक्षक के उसमें साबुत फल होते हैं. वर्तमान में, महिला प्रधान कंपनी 75 टन फलों से 48 प्रकार के प्रोडक्ट्स बनाती है, रोजाना 850 बोतल बनाती है और सालाना करीब 2 करोड़ की कमाई करती है.</p> <p style="text-align: justify;">जैम के अलावा, कंपनी ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश में उगाए गए फलों को खराब होने से बचाने के लिए एक पहल शुरू की. उसके लिए, नक्शे पर सुदूर गांव को परिचित कराया. सैलानी आसानी से फैक्ट्री की एक झलक पाने के अलावा ताजा बने स्वादिष्ट जाम को ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं. जैम की विभिन्न श्रेणियों में ब्लैकबेरी का जैम, स्ट्राबेरी जैम, टमाटर की चटनी की शामिल हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: बीमारियों से रहना चाहते हैं दूर तो खाली पेट न करें इन 5 मसालों का सेवन" href="https://ift.tt/2RYw8sL Tips: बीमारियों से रहना चाहते हैं दूर तो खाली पेट न करें इन 5 मसालों का सेवन</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद" href="https://www.abplive.com/lifestyle/know-few-signs-of-deteriorating-health-in-aging-parents-it-will-become-easy-to-look-after-them-1920829">बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2SIM16E

अगर आप अस्वस्थ्य महसूस कर रहे हैं तो क्या करना चाहिए, जानिए- यूनिसेफ की गाइडलाइन

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस से फैली महामारी ने सभी लोगों को चिंता में डाल दिया है. अगर आप भी अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं, तो घबराएं नहीं. याद रखें कोविड-19 से ज्यादातर लोग घर पर ठीक हो जाते हैं और उनको अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती. आपको कुछ फायदेमंद टिप्स बताए जा रहे हैं जो कोविड-19 से आपको या आपके किसी परिजन के ठीक होने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, आइसोलेशन की सलाह सिर्फ डॉक्टर के मूल्यांकन के बाद ही दी जाती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पहला उपाय</strong><br /><strong>आइसोलेट करें-</strong> अस्वस्थ होने के कई लक्षण जैसे गले में खराश, खांसी, हल्का बुखार या दस्त हो सकते हैं. अगर आपको भी उनमें से कोई लक्षण महसूस हो, तो घर के बाकी अन्य सदस्यों से आप खुद को फौरन अलग-थलग कर लें. कोरोना की जांच कराने या उसकी रिपोर्ट मिलने का इंतजार न करें. ये सरल सावधानी जिंदगी बचा सकती है और कोविड-19 संक्रमण के फैलाव को कम करने में मदद कर सकती है. आम तौर से कोविड-19 के मरीज को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होती.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दूसरा उपाय</strong><br /><strong>डॉक्टर की सलाह लें-</strong> फोन से किसी डॉक्टर तक संपर्क करने की कोशिश करें. डॉक्टर आपकी स्थिति का मूल्यांकन कर आगे के उपाय सुझा सकता है. हो सकता है उसकी तरफ से आपको घर पर रहते हुए लक्षणों को नियंत्रित करने, या अस्पताल जाने की सलाह की सलाह मिले.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तीसरा उपाय</strong><br /><strong>ऑक्सीजन लेवल को जांचे-</strong> पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से अपने ऑक्सीजन सेचुरेशन पर नियमित निगाह रखना जरूरी है. डिवाइस में अपनी उंगली रखें, बटन दबाकर अपने ऑक्सीजन लेवल को देखने का इंतजार करें. प्लस रेट स्क्रीन पर दिखाई देगी. हर छह घंटे पर ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें. अगर ऑक्सीमीटर पर ऑक्सीजन का लेवल 94 फीसद से कम है, तो समझिए तुरंत आपको आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3yQm2Ld" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>चौथा उपाय</strong><br /><strong>शरीर का तापमान मॉनिटर करें-</strong> हर छह घंटे पर थर्मामीटर का इस्तेमाल करते हुए अपने शरीर के तापमान को जांचें. अगर बुखार 101 डिग्री फॉरेनहाइट (38 डिग्री सेल्सियस) से ज्यादा लगातार तीन दिनों तक बना रहता है, तो आपको तत्काल चिकित्सीय इलाज की जरूरत होगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सबसे महत्वपूर्ण बात&nbsp;</strong><br />सांस लेने में तकलीफ, होंठ या चेहरे का पीला दिखाई देना, भ्रम की स्थिति का अनुभव, छाती में लगातार दर्द या दबाव का एहसास, बोलने में परेशानी, खड़े होने में दिक्कत या बहुत ज्यादा नींद जैसे लक्षणों की सूरत में आपके लिए इमरजेंसी की स्थिति का संकेत हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="पेटा इंडिया ने अमूल को डेयरी मुक्त मिल्क बनाने का दिया सुझाव, जानिए सबसे अच्छे विकल्प" href="https://www.abplive.com/lifestyle/peta-india-advises-amul-to-switch-to-producing-dairy-free-milk-here-are-best-alternatives-1920845">पेटा इंडिया ने अमूल को डेयरी मुक्त मिल्क बनाने का दिया सुझाव, जानिए सबसे अच्छे विकल्प</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद" href="https://www.abplive.com/lifestyle/know-few-signs-of-deteriorating-health-in-aging-parents-it-will-become-easy-to-look-after-them-1920829">बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3fYctkF

पेटा इंडिया ने अमूल को डेयरी मुक्त मिल्क बनाने का दिया सुझाव, जानिए सबसे अच्छे विकल्प

<p style="text-align: justify;">दुनिया भर में लोग अपनी सेहत, पशु कल्याण और पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए वीगन डाइट की तरफ रुख कर रहे हैं. उसकी वजह से वीगन फूड और वीगन पेय की मांग में इजाफा हो रहा है. दूध के विकल्पों की बढ़ती जरूरत को समझते हुए भारत में पशु अधिकारों के लिए काम करनेवाली संस्था ने दूग्ध सहकारी संघ को पत्र लिखा है.</p> <p style="text-align: justify;">पेटा इंडिया ने अमूल को सुझाव दिया है कि ग्राहकों की नई आबादी को देखते हुए वीगन दूध पैदा करने पर रुख करना चाहिए. अमूल के प्रबंध निदेशक आरएस सोढी को लिखी चिट्ठी में पेटा ने कहा कि दुग्ध सहकारी समिति को फल-फूल रहे वीगन फूड और दूध बाजार से फायदा उठाना चाहिए. पेटा इंडिया के मुताबिक, "हम पौधे से प्राप्त प्रोडक्ट्स की मांग पर ध्यान देने के बजाए अमूल को फलते-फूलते वीगन फूड और दूध बाजार से लाभ उठाने को प्रोत्साहित करना चाहेंगे. कई और कंपनियां भी बाजार में बदलाव के हिसाब से काम कर रही हैं और अमूल को भी ऐसा ही करना चाहिए.''</p> <p style="text-align: justify;">पेटा का मानना है कि दुनिया भर में अग्रणी डेयरी कंपनियां जैसे नेस्ले अब गैर डेयरी विकल्पों में निवेश कर रही हैं. पेटा इंडिया वीगन के कोऑर्डिनेटर डॉक्टर किरण आहूजा ने एक रिपोर्ट के हवाले से अनुमान लगाया कि दुनिया भर में डेयरी का वैकल्पिक बाजार 2028 तक 52.58 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. अपनी चिट्ठी में पेटा ने ये भी लिखा है कि बार्कले ने भविष्यवाणी की है कि वीगन फूड और ड्रिंक का बाजार दशक के आखिर में एक हजार फीसद तक बढ़ सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शाकाहारियों के लिए पौधे से प्राप्त दूध&nbsp;</strong><br />पेड़-पौधों के विभिन्न भागों से बनाए गए दूध की मांग में इजाफे का कारण शाकाहार की तरफ लोगों की बढ़ती आबादी है. अब, पीने और खाना पकाने के लिए वीगन दूध के स्वस्थ विकल्पों की श्रेणी उपलब्ध है. लेकिन, उनमें से कुछ में शुगर मिला हो सकता है, इसलिए दूध के सबसे अच्छे विकल्पों को चुनें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सोया मिल्क-</strong> सोया मिल्क में गाय के दूध जितना प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है. लेकिन उसमें कैौलोरी, फैट्स और कार्बोहाइड्रेट्स कम होता है. अगर आप अपने प्रोटीन का सेवन बढ़ाना चाहते हैं, या अगर आपको अपनी दैनिक प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने में मुश्किल हो रही है, तो सोया मिल्क की तरफ रुख किया जा सकता है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>काजू मिल्क-</strong> पौधे से प्राप्त होनेवाला दूध खाना बनाने और पकाने के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि उसमें ज्यादातर अनसैचुरेटेड फैट होता है, ये हाई कोलेस्ट्रोल लेवल वाले लोगों के लिए अच्छा विकल्प है. लेकिन प्रोटीन की ज्यादा जरूरत वाले लोगों के लिए काजू का दूध सबसे अच्छा विकल्प अपने कम प्रोटीन के कारण नहीं हो सकता.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बादाम का दूध-</strong> बादाम का दूध तुलनात्मक रूप से कैलोरी में कम होता है. वास्तव में, ये सबसे कम कैलोरी वाले दूध के विकल्पों में से एक है. इस तरह, बादाम का दूध कैलोरी सेवन कम करनेवालों के लिए बढ़िया विकल्प भले हो, लेकिन सबसे अच्छा है कि घर पर तैयार दूध का विकल्प अपनाया जाए, जिसको बनाने में काफी बादाम का इस्तेमाल किया जाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नारियल का दूध-</strong> अगर आप वीगन हैं और अपना कार्बोहाइड्रेट सेवन कम करने की सोच रहे हैं, तो नारियल का दूध आपके लिए ठीक है. नारियल के दूध में गैर डेयरी मिल्क का सबसे कम कार्बोहाइड्रेट तत्व होता है, लेकिन इसमें महत्वपूर्ण रूप से कम प्रोटीन भी शामिल है. और उसके अलावा, ये प्रोटीन की ज्यादा जरूरत वालों के लिए सबसे अच्छा विकल्प भी नहीं हो सकता.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है एलोवेरा का सेवन, जानें कैसे" href="https://ift.tt/3wBSUpc Tips: सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है एलोवेरा का सेवन, जानें कैसे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: क्या आपको है गैस की समस्या, ये घरेलू नुस्खे आपको दिलाएंगे राहत" href="https://ift.tt/3vDh8iO Tips: क्या आपको है गैस की समस्या, ये घरेलू नुस्खे आपको दिलाएंगे राहत</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3iaPaXT

बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद

<p style="text-align: justify;">बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल करना बेहद मुश्किल और चुनौतीपूर्ण हो सकता है. खास उम्र पर पहुंचने के बाद माता-पिता बच्चों की तरह व्यवहार करना शुरू कर देते हैं. लेकिन आप उन पर बच्चों की तरह पाबंदियां भी नहीं लगा सकते क्योंकि उन्हें लगेगा कि उनकी आजादी छीनी जा रही है. हालांकि, जिंदगी के इस पड़ाव पर सचेत रहने की जरूरत है. अगर आपको पता नहीं चल रहा है कि कब उनकी मदद करनी है, तो उनकी नई आदतों और बदले व्यवहार को देखें. बुजुर्गों में खराब होते स्वास्थ्य के कुछ संकेत आपकी जानकारी के लिए बताए जा रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>व्यक्तित्व में बदलाव-</strong> आपके बुजुर्ग परिजनों में हर गुजरते दिन के साथ कुछ बदलाव हो सकते हैं लेकिन उनकी निशानदेही करना मुश्किल होगा. लिहाजा, आपको उनके व्यवहार में आए छोटे बदलावों को देखने होंगे. उनकी पसंद में दिलचस्पी का कम होना, मूड के पल-पल में तब्दीली जैसे संकेत हो सकते हैं. ये बदलाव छोटे हो सकते हैं लेकिन तत्काल ध्यान न देने से बड़े हो सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भूख की कमी-</strong> बुजुर्गों की आहिस्ता-आहिस्ता खुराक कम होने लगती है. खाने में एक चपाती खाने लगते हैं या भोजन छोड़ सकते हैं क्योंकि उन्हें भूख नहीं लगती. अगर ये संकेत दिखाई दें, तो समझिए ये बड़ी समस्या है और फौरन हल करने की जरूरत है. उससे कई परेशानियां भी हो सकती हैं और लंबे समय में बहुत नुकसानदेह हो सकती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भूलना-</strong> खराब होती सेहत का अन्य संकेत आसानी से याद न रख पाना होता है. चाभी खोना, बिल की अदायगी और दवाइयों के भूलने से आप खुद भी समझ सकते हैं. छोटी-छोटी ये घटनाएं बड़ी समस्या हो सकती हैं और सहज जिंदगी को बाधित कर सकती हैं. आपको इन संकेतों को देखने और उनकी दैनिक गतिविधियों जैसे बिल की अदायगी और दवाइयां लेने को जांचने की जरूरत होगी. ये उनके लिए और उसी तरह आपके लिए मददगार होगा. उसके अलावा, आपको तत्काल डॉक्टर की सलाह लेना मुनासिब रहेगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अस्पष्टीकृत घाव या खरोंच-</strong> उनके शरीर पर अस्पष्टीकृत घाव या खरोंच से भी आप उनकी खराब होती सेहत का अंदाजा लगा सकते हैं. यह गिरने का परिणाम या कोई दूसरी वजह से भी हो सकता है. उन्हें याद न रख पाने की वजह से हो सकता है बताने में उन्हें मुश्किल हो कि आखिर खरोंच की वजह क्या है. उसके अलावा, ये भी हो सकता है कि बुजुर्ग माता-पिता आप पर बोझ न बनना चाहते हों. लेकिन, जख्मों पर नजर रखने की आपकी जिम्मेदारी है क्योंकि इससे उनको कुछ गंभीर संक्रमण हो सकता है. उसके अलावा, ये आपका कर्तब्य है कि आप उन्हें महसूस कराएं कि आप उनके लिए बोझ नहीं हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उचित फैसला लेने में अक्षम-</strong> सटीक फैसला लेने में अक्षम होना भी उनकी बिगड़ती सेहत का नतीजा है. मिसाल के तौर पर ठंड लगने के बावजूद एसी बंद करने का फैसला न लें पाएं या चूल्हा जलाने या बुझाने पर सटीक फैसला न कर सकें. इस तरह का व्यवहार संकेत होता है कि दिमाग के काम के साथ कुछ गड़बड़ी है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Coronavirus Recovery: कोविड-19 से उबरने के बाद लंबे समय तक बने रह सकते हैं ये 6 लक्षण" href="https://ift.tt/3c5gZN7 Recovery: कोविड-19 से उबरने के बाद लंबे समय तक बने रह सकते हैं ये 6 लक्षण</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना काल में मजबूत इम्यूनिटी के लिए इन चीजों का सेवन कर दें शुरू, ब्लैक फंगस से भी होगा बचाव" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/eating-these-things-to-protect-from-corona-virus-and-black-fungus-1920708">कोरोना काल में मजबूत इम्यूनिटी के लिए इन चीजों का सेवन कर दें शुरू, ब्लैक फंगस से भी होगा बचाव</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3fCiEvK

Sunday, May 30, 2021

Health Tips: बीमारियों से रहना चाहते हैं दूर तो खाली पेट न करें इन 5 मसालों का सेवन

<p style="text-align: justify;">मसाले कई औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं लेकिन इनके सेवन से भी कुछ नुकसान हो सकते हैं. वजन घटाने के लिए लोग अक्सर कुछ मसालों का सेवन सुबह खाली पेट करते हैं. ऐसा करने से शुरुआत में कुछ फायदा हो सकता है लेकिन लगातार इनका सेवन आपके पेट के हाजमे को पूरी तरह बिगाड़ देगा.</p> <p style="text-align: justify;">यह सही है कि मसाले आपका अतिरिक्त वजन कम करने में मदद करते हों, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि आप इनका सेवन ज्यादा मात्रा में करें. आज हम आपको ऐसे 5 मसालों के बारे में आपको बता रहे हैं जिन्हें खाली पेट खाना खतरनाक है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दालचीनी</strong><br />दालचीनी न सिर्फ स्वाद से बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होती है. लेकिन इसका भी ज्यादा सेवन आपका नुकसान पहुंचा सकता है. दालचीनी का बहुत अधिक सेवन लीवर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, मुंह में छाले, सफेद धब्बे और मुंह के अंदरूनी हिस्से में खुजली महसूस हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>काली मिर्च</strong><br />कई अध्ययनों में पाया गया है कि काली मिर्च का खाली पेट ज्यादा सेवन करने से कुछ दवाओं का प्रभाव कम हो जाता है. खाली पेट इसका ज्यादा सेवन आंत के बायोम को बदल देता है, जिस वजह से कुछ दवाएं उस तरह प्रभावित नहीं करती हैं, जैसी करनी चाहिए. काली मिर्च कुछ दवाओं के साथ रिएक्ट कर सकती है. ऐसे में एलर्जी होने की संभावना बढ़ जाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लाल शिमला मिर्च</strong><br />लाल शिमला मिर्च के पाउडर को पैपरिका कहते हैं. सूखी लाल शिमला मिर्च से इसे बनाया जाता है. इसका खाली पेट उपयोग नहीं करना चाहिए. इससे पेट में फ्लू, पेट में जलन की समस्या हो सकती है. सलाद में डालने से भी इसे बचे. अच्छे स्वाद के लिए इसमें लाल शिमला मिर्च के बजाय नींबू निचोड़ लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मेथी</strong><br />जिन लोगों को सांस संबंधी समस्या है उनको मेंथी खाने से बचना चाहिए. खासतौर से खाली पेट इसे खाया तो इसके अधिक सेवन से अस्थमा हो सकता है. इसके अलावा आप पेट के निचले हिस्से में दर्द भी महसूस कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अजवाइन</strong><br />पेट की बिमारियों के लिए अजवाइन रामबाण इलाज है. यह वजन घटाने में भी मददगार है. चूंकि यह एक गर्म मसाला है, इसलिए इसके अधिक सेवन से बचने की जरूरत है. खासतौर से गर्मी के मौसम में खाली पेट लेने से आप हार्ट बर्न के शिकार हो सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/eating-these-things-to-protect-from-corona-virus-and-black-fungus-1920708"><strong>कोरोना काल में मजबूत इम्यूनिटी के लिए इन चीजों का सेवन कर दें शुरू, ब्लैक फंगस से भी होगा बचाव</strong></a></p> lifestyle https://ift.tt/3vzLBhy

Health Tips: क्या आपको है गैस की समस्या, ये घरेलू नुस्खे आपको दिलाएंगे राहत

<p style="text-align: justify;">पेट में गैस बनना आम बात है. लेकिन कई बार यह समस्या इतनी बढ़ जाती है कि सीने में भी दर्द होने लगता है. गैस सिर में चढ़ जाती है और उल्टियां तक आने लगती हैं. एसीडिटी की समस्या को घरेलू उपायों के जरिए खत्म किया जा सकता है. आज हम आपको कुछ ऐसे ही तरीके बताने जा रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हींग</strong><br />गैस, एसिडिटी की समस्या को काबू करने में हींग का सेवन बहुत कारगर है. एक गिलास गर्म पानी में हींग मिलाकर पीने से एसिडिटी की समस्या से राहत पाई जा सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दालचीनी</strong><br />दालचीनी भी आपकी गैस की समस्या खत्म कर सकती है. दालचीनी को पानी में उबालकर और उस पानी को पीने से गैस की समस्या में राहत मिलती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>काली मिर्च</strong><br />काली मिर्च भी गैस की समस्या को खत्म कर सकती है. काली मिर्च की चाय गैस के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लहसुन</strong><br />लहसुन भी आपको गैस की समस्या से छुटकारा दिला सकता है. एसीडिटी के लिए आप कच्चे लहसुन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जीरा</strong><br />पैट गैस की समस्या है तो जीरा आपके लिए बहुत काम का है. जीरे को आप सलाद, सूप, दही, और काला नमक के साथ मिलाकर शिकंजी बना सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3c4Goqx Recovery: कोविड-19 से उबरने के बाद लंबे समय तक बने रह सकते हैं ये 6 लक्षण</strong></a></p> lifestyle https://ift.tt/3wI6KWV

Health Tips: सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है एलोवेरा का सेवन, जानें कैसे

<p>एलोवेरा को कई फायदों के लिए जाना जाता है. यह उचित पाचन में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्याओं से दूर रखता है. यह त्वचा और बालों से संबंधित समस्याओं के लिए उपयुक्त है. त्वचा पर किसी तरह के दाग-धब्बे हों उन्हें एलोवेरा से दूर किया जा सकता है. पिंपल हटाने और ग्लोइंग स्किन पाने के लिए भी एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है. अगर आप इसमें नींबू और शहद को मिलाते हैं तो यह और भी कारगर वेट लॉस ड्रिंक बन जाती है.&nbsp;</p> <p>एलोवेरा के गुणों के बारे में सभी जानते हैं. इसका प्रयोग भी बहुत लोग करते हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसका ज्यादा सेवन किया जाए. एलोवेरा का सीमित मात्रा में इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है. लेकिन जरुरत से ज्यादा इसका इस्तेमाल खतरनाक हो सकता है. हम आपको बता रहे हैं कि कैसे एलोवेरा का अधिक इस्तेमाल आपको नुकसान पहुंचा सकता है.</p> <ul> <li>यदि आप एलोवेरा &nbsp;का अत्याधिक सेवन करते हैं तो आपको पेट संबंधित परेशानियां हो सकती हैं. इसका इस्तेमाल सीमित मात्रा में करना चाहिए.</li> <li>एलोवेरा &nbsp;को स्किन के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है. लेकिन स्किन पर भी एलोवेरा &nbsp;के ज्यादा इस्तेमाल से त्वचा संबधित परेशानी हो सकती है. एलोवेरा &nbsp;को चेहरे पर ज्यादा लगाने के कारण चेहरे पर रूखापन और बारीक दाने हो सकते हैं.</li> <li>डायबिटीज के मरीजों के लिए एलोवेरा &nbsp;का जूस सही नहीं है. बिना डॉक्टर की सलाह के वह इसका सेवन न करें.</li> <li>एलोवेरा &nbsp;के ज्यादा इस्तेमाल से लिवर से जुड़ी समस्याओं का सामना आपको करना पड़ सकता है. बेहतर यह है कि डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही आप एलोवेरा &nbsp;का सेवन शुरू करें.</li> </ul> <p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p><a href="https://ift.tt/3p5krwP Tips: हेल्दी स्किन के लिए खान-पान का रखें विशेष ध्यान, इन 5 चीजों से बना लें दूरी</strong></a></p> lifestyle https://ift.tt/3c6r7Fv

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Health Tips: हेल्दी स्किन के लिए खान-पान का रखें विशेष ध्यान, इन 5 चीजों से बना लें दूरी

<p style="text-align: justify;">खान-पान की आदतों को ठीक रख कर हम बीमारियों को खुद से दूर कर सकते हैं. स्वास्थ्य की बाकी समस्याओं की तरह ही त्वचा सबंधी समस्याओं के लिए भी खान-पान की गलत आदतें जिम्मेदार होती हैं. आज हम आपको 5 ऐसी चीजों के बारे में बता रहे हैं जिनका सेवन त्वचा के लिए नुकसानदायक हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डीप फ्राइड चीजें&nbsp;</strong><br />डीप फ्राइड चीजों (जैसे भठूरा, पूरी, कचोड़ी आदि) का सेवन हमारी त्वचा पर असर डालता है. ये त्वचा को तैलीय करती हैं. जिसकी वजह से मुहांसे और झुर्रियों जैसी समस्या पैदा होती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ट्रांसफैट का सेवन<br /></strong>ट्रांसफैट वाले प्रोसेस्ड फूड को खाने से बचना चाहिए जैसे कि जैसे क्रीम बिस्किट, कुकीज, केक, पफ्स आदि. इन्हें बनाते वक्त अक्सर वनस्पति घी व कृत्रिम मक्खन का इस्तेमाल किया जाता है. इनमें ट्रांसफैट तो होता ही है साथ ही ये स्ट्रोक और हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ाते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कॉर्बोहाइड्रेट<br /></strong>कॉर्बोहाइड्रेट का जरुरत से ज्यादा सेवन त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है. रिफाइंड व्हाइट शुगर, चावल, मैदा और पास्ता जैसी चीजों में ऐसे कार्ब्स होते हैं जो त्वचा को सीधे प्रभावित करते हैं. इनसे त्वचा की चमक कम होती है और मुंहासे बढ़ते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डेयरी प्रोडक्ट<br /></strong>अगर डेयरी प्रोडक्ट पूरी तरह से शुद्ध हैं तो उनका सेवन त्वचा के लिए अच्छा होता है. डेयरी प्रोडक्ट को खरीदने से पहले उनकी शुद्धता की जांच कर लें क्योंकि कई बार पशुओं को हॉर्मोन्स के इंजेक्शन लगाकर उनका दूध निकाला जाता है. जिसका असर उनसे बनने वाले उत्पादों पर भी पड़ता है. इनका सेवन शरीर में हॉर्मोनल इम्बैलेंस ला सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रेड मीट और अल्कोहल<br /></strong>स्वस्थ त्वचा के लिए रेड मीट और अल्कोहल का सेवन ठीक नहीं. सैचुरेटैड फैट की मात्रा जिनमें बहुत ज्यादा होती है ऐसी चीजें न केवल दिल के लिए घातक है बल्कि त्वचा को भी नुकसान पहुंचाती हैं. जैसे रेड मीट और अल्कोहल.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/eating-these-things-to-protect-from-corona-virus-and-black-fungus-1920708"><strong>कोरोना काल में मजबूत इम्यूनिटी के लिए इन चीजों का सेवन कर दें शुरू, ब्लैक फंगस से भी होगा बचाव</strong></a></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3yRjs7C

Coronavirus Recovery: कोविड-19 से उबरने के बाद लंबे समय तक बने रह सकते हैं ये 6 लक्षण

<p style="text-align: justify;">COVID-19 &nbsp;के लक्षण सामान्य सर्दी और फ्लू के जैसे दिखाई दे सकते हैं, लेकिन वायरस का हमारी सेहत पर गंभीर असर पड़ता है. भले ही घातक कोरोना वायरस ऊपरी श्वसन प्रणाली (upper respiratory system) में संक्रमण का कारण बनता है. इसके लक्षण काफी विविध हैं और शरीर के कई अन्य हिस्सों में देखे जा सकते हैं, जैसे बुखार और मतली से लेकर गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इश्यू (gastrointestinal issues) और गंध की कमी तक. इस संक्रामक वायरस से निपटना किसी भी तरह से आसान नहीं है. अगर आप गंभीर संक्रमण के शिकार हैं तो आपको कुछ लक्षणों से काफी लंबे समय तक जूझना पड़ सकता है. COVID-19 से उबरने की राह कठिन हो सकती है और कई बार आपको संशय होगा कि क्या आप सही रास्ते पर हैं. हम यहां कुछ ऐसे लक्षण बता रहे हैं हैं जिनका आप अनुभव कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कमजोरी और थकावट</strong> <br />आपके शरीर को एंटीबॉडी बनाने और घातक वायरस से लड़ने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. यह आपके इम्यून सिस्टम को काफी कमजोर कर देता है. संक्रमण के बाद आपका शरीर स्वाभाविक रूप से कमजोर और थका हुआ होता है. इसलिए अपनी ताकत और इम्यूनिटी को फिर से मजबूत करने पर &nbsp;ध्यान दें. हेल्दी फूड खाएं और भरपूर आराम करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सांस लेने में परेशानी</strong> <br />कोरोना वायरस हमारी नाक से प्रवेश करता है और हमारे श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है. यह फेफड़ों के नाजुक ऊतकों को तेजी से नुकसान पहुंचाना शुरू कर देता है, जिससे उनके सामान्य काम में गड़बड़ी होती है जो कि गैसों का आदान-प्रदान है. इससे आपके फेफड़ों को अधिक मेहनत करनी पड़ती है, जिससे सांस फूलने लगती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नींद न आना </strong><br />कोविड-19 आपके नींद के चक्र को भी बाधित कर सकता है, जिससे आप पूरी रात अपने बिस्तर पर लेट जाते हैं और रात भर करवटें बदलते रहते हैं. यह मूल रूप से घातक संक्रमण के कारण होने वाले तनाव और चिंता के कारण हो सकता है. इसलिए स्वस्थ नींद की आदतों का अभ्यास करें या नींद की गोलियों के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सूंघने की क्षमता में कमी आना<br /></strong>सूंघने और स्वाद का पता लगाने की क्षमता में कमी आना, कोरोनावायरस का शुरुआती लक्षण है. हालांकि गंध और स्वाद पता लगाने की क्षमता 14 दिनों के बाद वापस आ जाती है, कभी-कभी इसमें अधिक समय लग सकता है. सूंघने की क्षमता को बेहतर बनाने के लिए एक दिन में अलग-अलग चीजों को सूंघने की सलाह दी जाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>खांसी<br /></strong>चूंकि कोरोनावायरस श्वसन प्रणाली को नुकसान पहुंचाता है इसलिए इससे सूखी खांसी भी हो सकती है, जो संक्रमण के बाद भी लंबे समय तक बनी रह सकती है. इससे बचाव के लिए आप भाप लें और डॉक्टर से परामर्श कर कुछ दवाइयां भी लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चक्कर आना</strong> <br />कमजोरी के कारण आपको चक्कर भी आ सकते हैं. COVID-19 के कुछ मामलों में ब्रेन फॉग और भ्रम की स्थिति ठीक होने के बाद लंबे समय तक बनी रहती है. धैर्य रखें और तनाव कम लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/news/india/so-far-more-than-21-crore-doses-of-corona-vaccine-have-been-given-in-the-country-ann-1920656"><strong>देश में अब तक 21 करोड़ से अधिक दी गई कोरोना वैक्सीन की डोज, स्वास्थ्य मंत्रालयल ने दी जानकारी</strong></a></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3vCbeOW

कोरोना काल में मजबूत इम्यूनिटी के लिए इन चीजों का सेवन कर दें शुरू, ब्लैक फंगस से भी होगा बचाव

<p style="text-align: justify;">कोरोना संक्रमण के बाद अब फंगल संक्रमण (ब्लैक फंगस) का खतरा लोगों पर मंडरा रहा है. ब्लैक फंगस और व्हाइट फंगस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. लेकिन हमारी मजबूत इम्यूनिटी इन दोनों खतरों से हमारी रक्षा कर सकती है. इसके लिए जरूरी है कि हम उन चीजों का सेवन कर जो हमारी इम्यूनिटी को बेहतर बनाए. हमारे शरीर को इम्यूनिटी देने में विटामिन सी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. इसलिए हमें उन फूड्स का सेवन करना चाहिए, जिनमें विटामिन सी ज्यादा होता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>संतरा</strong><br />एक मध्यम आकार के संतरे (100 ग्राम) में विटामिन सी की मात्रा 53.2 मिलीग्राम के करीब होती है. साइट्रिक युक्त फलों में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो कि हमारी इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अनानास<br /></strong>रोजाना अनानास का सेवन करने से वायरल और बैक्टीरियल दोनों संक्रमणों का खतरा कम हो सकता है क्योंकि इसमें विटामिन सी और मैंगनीज प्रचुर मात्रा में होते हैं. अनानास में कैलोरी कम होती है. इसे डाइट्री फाइबर और ब्रोमलेन भी होते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शिमला मिर्च<br /></strong>शिमला मिर्च भी विटामिन सी का अच्छा स्रोत है. इसमें बीटा कैरोटीन भी प्रचुर मात्रा में होता है. शिमला मिर्च खनिज और विटामिन भी होते हैं जो कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते हैं. यह प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर करने वाले ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को भी कम करती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आंवला</strong><br />आंवले में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है. विटामिन सी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करता है जो कि तंत्रिका तंत्र, प्रतिरक्षा प्रणाली और त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. आंवले का सेवन मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने, हड्डियों के बनने, प्रजनन और प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को बढ़ावा देने में भी मददगार है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नींबू<br /></strong>नींबू विटामिन सी और एंटीऑक्सिडेंट का अच्छा स्रोत है. इनके अलावा भी इनमें बहुत से और पोषक तत्व होते हैं जैसे- &nbsp;थियामिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी-6, पैंटोथेनिक एसिड, कॉपर और मैंगनीज. नींबू में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट शरीर से फ्री रेडिकल्स को हटाने में सहायक हैं जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर संक्रमण का कारण बन सकती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer: इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/news/india/can-people-who-have-got-covid-vaccine-still-spread-infection-know-what-research-says-1920673"><strong>क्या वैक्सीन लगवा चुके लोग भी फैला सकते हैं कोरोना, जानें रिसर्च में क्या आया सामने</strong></a></p> lifestyle https://ift.tt/3yNx6c6

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Shani Jayanti 2021: शनि जयंती के दिन लगेगा सूर्य ग्रहण, इस राशि पर पड़ेगा बेहद बुरा प्रभाव, जानें

<p style="text-align: justify;"><strong>Surya Grahan 2021 Sutak Kal date: </strong>पंचांग के अनुसार, 10 जून 2021 को सूर्य ग्रहण लगेगा. यह साल 2021 का पहला सूर्य ग्रहण होगा. हालांकि यह इस साल का दूसरा ग्रहण होगा. साल का पहला ग्रहण, चंद्र ग्रहण था जो कि 26 मई को लगा था. पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि को शनि जयंती मनाई जायेगी. यह तिथि भी 10 जून को पड़ रही है. अर्थात शनि जयंती के दिन ही इस साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है. इसका वृषभ राशि पर अशुभ प्रभाव पड़ेगा. आइये जानें.</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3fptzsC Jayanti 2021: कब है शनि जयंती? इस पूजा विधि से शनिदेव होंगे प्रसन्न, जानें डेट, शुभ मुहूर्त और महत्त्व</strong></a></p> <p style="text-align: justify;"><strong>वृषभ</strong> <strong>राशि</strong> <strong>पर</strong> <strong>पड़ेगा</strong> <strong>अशुभ</strong> <strong>असर</strong></p> <p style="text-align: justify;">चूंकि शनि जयंती पर सूर्यग्रहण भी लग रहा है. हिंदू धर्म के अनुसार, शनि, सूर्य देव के पुत्र हैं. &nbsp;ज्योतिष शास्त्र में पिता सूर्य और पुत्र शनि आपस में शत्रु माने जाते हैं. सूर्य ग्रहण मृगशिरा नक्षत्र में लगेगा. ज्योतिष के अनुसार, शनि देव की जन्म तिथि ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर सूर्य ग्रहण का लगाना अशुभ फल देने वाला माना जाता है. सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव वृषभ राशि पर देखने को मिलेगा.</p> <p style="text-align: justify;">चूंकि इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि पर संचार करेगा. ऐसे में वृषभ राशि के जातकों की सेहत ख़राब हो सकती है. इस लिए इन्हें अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा. अधिक धन हानि का योग है. इस लिए इस राशि के जातकों को पैसों के मामलों में अत्यंत सावधानी बरतनी होगी.</p> <p style="text-align: justify;">चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में न के बराबर दिखेगा. इस लिए इस ग्रहण का असर भारत के लोगों पर तो नहीं पड़ेगा, लेकिन इससे प्राकृतिक आपदाएं और दुर्घटनाएं होने की आशंका है.</p> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3hZMtIt Sign: घर में शुभ कार्य से पहले क्यों बनाते हैं स्वास्तिक का निशान, यहां पढ़ें इसके पीछे का इतिहास और महत्व</strong></a></div> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3p3MGM3

Swastik Sign: घर में शुभ कार्य से पहले क्यों बनाते हैं स्वास्तिक का निशान, यहां पढ़ें इसके पीछे का इतिहास और महत्व

<p style="text-align: justify;"><strong>Swastik Sign: </strong>हिंदू धर्म में स्वास्तिक निशान का खास महत्त्व होता है. यह हर शुभ कार्य करने के पहले घरों में स्वास्तिक का निशान बनाया जाता है. यह परंपरा काफी दिनों से चली आ रही है. स्वास्तिक निशान की परंपरा का प्रचलन जैन धर्म और बौद्ध धर्म में भी है. स्वास्तिक शब्द में सु का अर्थ शुभ होता है और अस्ति का मतलब होना है. हिंदू धर्म के रीति रिवाजों में किसी भी शुभ काम को करने के पहले भगवान गणेश और स्वास्तिक का निशान बनाया जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>स्वास्तिक</strong> <strong>में</strong> <strong>बनी</strong> <strong>चार</strong> <strong>रेखाएं</strong></p> <p style="text-align: justify;">स्वास्तिक में बनी चारों रेखाओं के बारे में लोगों के अलग &ndash;अलग मत हैं. कुछ लोगों का मानना है कि स्वास्तिक की ये चारों रेखाएं चारों दिशाओं &ndash;पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण की ओर संकेत करता है. वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ये चारों रेखाएं, चारों वेदों की प्रतीक हैं. तो वहीं कुछ लोगों का कहना है कि ये चार रेखाएं भगवान ब्रह्मा के चार सिरों की दर्शाती हैं.</p> <p style="text-align: justify;">स्वास्तिक हमेशा लाल रंग का ही बनाया जाता है क्योंकि हिंदू धर्म में लाल रंग खास महत्त्व है. हिंदू धर्म में पूजा पाठ के समय या किसी भी शुभ कार्य करने के समय लाल रंग का उपयोग किया जाता है.&nbsp;&nbsp;</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3uxZKdX Ekadashi 2021: ज्येष्ठ मास में अपरा एकादशी कब है? जानें शुभ मुहूर्त और पंचांग</strong></a></div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>वास्तु</strong> <strong>दोष</strong> <strong>दूर</strong> <strong>करने</strong> <strong>के</strong> <strong>लिए</strong><strong>: </strong>मान्यता है कि घर के मुख्य द्वारा पर स्वास्तिक निशान बनाने से घर की सभी प्रकार की परेशानियां दूर हो जाती है. घर में सुख- समृद्धि बनी रहती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>व्यापर</strong> <strong>में</strong> <strong>लाभ</strong><strong>:</strong> यदि व्यापार में हानि हो रही है तो ईशान कोण में लगातार 7 गुरुवार तक सूखी हल्दी से स्वास्तिक का निशान बनाएं. कारोबार में लाभ होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सफलता</strong> <strong>के</strong> <strong>लिए</strong><strong>: </strong>यदि आप किसी कार्य में सफलता चाहते हैं तो घर के उत्तरी दिशा में सूखी हल्दी से स्वास्तिक का निशान बनाएं.</p> <div class="news_content"><a href="https://ift.tt/3c3mZX0 Mandir: एक ऐसा मंदिर जहां देवी मां को फल-फूल नहीं बल्कि चढ़ाए जाते हैं पत्थर, जानें कथा</strong></a></div> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3c5J333

Vastu Tips: घर से रुपये-पैसे की कमी को करना है दूर तो शीशे का ऐसे करें इस्तेमाल

<p style="text-align: justify;"><strong>Vastu Shastra Tips: </strong>कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो कड़ी मेहनत के बावजूद किसी न किसी कारण वश पैसे की तंगी से गुजरते हैं. लोग रुपयों-पैसों के लिए काफी परेशान होते हैं और वे यह नहीं समझ पाते हैं कि क्या कारण है कि घर से आर्थिक तंगी दूर नहीं होती. कभी-कभी ऐसा कुछ वास्तु दोष के कारण भी होता है. ऐसी दशा में ऐसे लोगों को चाहिए कि वे इस वास्तु टिप्स को अपनाएं. वास्तु शास्त्र के अनुसार इस टिप्स को अपनाने से वास्तु दोष दूर होते हैं और व्यक्ति के घर में रुपयों पैसों की कमी नहीं होती.</p> <p style="text-align: justify;">वास्तु शास्त्र में शीशे का प्रयोग बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. इन उपायों को करने से धन की समस्याएं दूर हो जाती है. आइए जानें.</p> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3c3mZX0 Mandir: एक ऐसा मंदिर जहां देवी मां को फल-फूल नहीं बल्कि चढ़ाए जाते हैं पत्थर, जानें कथा</strong></a></div> <ul style="text-align: justify;"> <li>यदि आप के घर में रुपये &ndash;पैसे की कमी है अर्थात आर्थिक समस्या से जूझ रहे हैं तो वास्तु शास्त्र के अनुसार डाइनिंग टेबल के सामने शीशे को इस तरह से लागएं कि पूरा डाइनिंग टेबल दिखाई पड़े. मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सभी प्रकार की आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती है.</li> <li>लोगों को कर्ज से छुटकारा पाना है तो वे घर में शीशे को उत्तर या पूर्व दिशा में लगाये. वास्तु शास्त्र के अनुसार इन दिशाओं में शीशा लगाने से धन की परेशानी दूर होती है. घर-परिवार में धन का लाभ होता है.</li> <li>धन की कमी को दूर करने के लिए शयन कक्ष के सामने शीशा लगाना चाहिए. मान्यता है कि ऐसा करने से घर की आर्थिक समस्या दूर हो जाती है.</li> <li>वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार के ठीक सामने शीशा कभी भी नहीं लगाना चाहिए.</li> <li>घर में एक- दूसरे दीवार के सामने दर्पण नहीं लगाना चाहिए.</li> <li>कभी भी पलंग के सामने और उसके पीछे शीशा नहीं लगाना चाहिए.</li> </ul> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/34sW1Ur Savitri Vrat Date Time: कब है वट सावित्री व्रत? जानें डेट, पूजा मुहूर्त, विधि और सामग्री की पूरी लिस्ट</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/3c4elr4

Saturday, May 29, 2021

Health Tips: ज्यादा नारियल पानी पीने से भी हो सकता है नुकसान, जानिए कब और कितना पीना चाहिए

आजकल नारियल पानी (Conocut Water) पीने का बहुत चलन है. डॉक्टर्स भी बीमार होने पर नारियल पानी पीने की सलाह देते हैं. नारियल पानी पीने में भी काफी स्वाद होता है. पोषण तत्वों से भरपूर नारियल पानी की खास बात ये है कि इसमें किसी भी तरह की मिलावट नहीं होती. नारियल पानी में कैलोरी और फैट बहुत कम होता है, जबकि विटामिंस और मिनरल्स से भरपूर ये पेय शरीर को एकदम फिट रखता है. नारियल पानी में इलेक्ट्रोलाइट होता है जिससे पानी की कमी पूरी हो जाती है. ये तो हैं नारियल पानी के फायदे लेकिन क्या आपको इसके सेवन से शरीर को होने वाले नुकसान के बारे में पता है. नहीं तो हम आपको आज नारियल पानी से होने वाले नुकसान के बारे में बता रहे हैं. साथ ही इसे कब पीना चाहिए.
नारियल पानी के नुकसान 
- नारियल पानी से शरीर में पानी की अधिकता हो जाती है ऐसे में पेट की समस्या वाले लोगों को लूज़-मोशन हो सकते हैं. इसलिए सीमित मात्रा में ही नारियल पानी पीना चाहिए.
2- जिन लोगों में ठंड की प्रवृति होती है उन्हें ज्यादा नारियल पानी नहीं पीना चाहिए. नारियल पानी की तासीर ठंडी होती है इससे आपको परेशानी हो सकती है
3- नारियल पानी में रक्तचाप कम करने वाले गुण होते हैं. ऐसे में हाई ब्लड प्रेशर के लिए दवा खाने वाले लोगों को डॉक्टर की राय के बाद ही नारियल पानी पीना चाहिए.
5- जिन लोगों को किडनी की समस्या होती है उन्हें अपनी डाइट में नारियल पानी शामिल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
6- जिन लोगों को पेट में सूजन की समस्या है उन्हें नारियल पानी नहीं पीना चाहिए.
7- अगर आपने किसी तरह की सर्जरी करवाई है तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही नारियल पानी पिएं. सर्जरी के तुरंत बाद नारियल पानी पीने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में मुश्किल आ सकती है.
8- कई लोग एक्सरसाइज के बाद नारियल पानी पीते हैं. लेकिन नारियल पानी में सोडियम की मात्रा कम होती है ऐसे में इससे प्यास बुझ जाती है लेकिन नारियल पानी पीने की बजाय आपको सादा पानी पीना चाहिए. सादा पानी में सोडियम ज्यादा होता है
नारियल पानी पीने का सही समय 
आप सुबह या शाम कभी भी वक्त नारियल पानी पी सकते हैं. हालांकि अगर आप सही समय पर इसका सेवन करेंगे तो फायदे ज्यादा मिलेंगे. अगर सुबह खाली पेट आप नारियल पानी पीते हैं तो इससे सुस्ती दूर हो जाती है शरीर को भरपूर ऊर्जा भी मिलती है. इसके अलाव आप खाना खाने से पहले या बाद में भी नारियल पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आपको कई फायदे मिलेंगे. खाने से पहले नारियल पानी पीने से भूख कम लगती है इससे आप ज्यादा खाने से बचते हैं और वजन कम होता है. अगर खाने के बाद नारियल पानी पीते हैं तो इससे खाना पचाने में मदद मिलती है.

चंदन ही नहीं चंदन के तेल के भी हैं कई फायदे, मन और दिमाग को रखता है ठंडा

<p style="text-align: justify;">चंदन बहुत ही शीतल होता है. त्वचा के लिए बनने वाले केई प्रोडक्ट्स में चंदन का इस्तेमाल किया जाता है. चंदन पाउडर को चेहरे पर लगाने के बहुत फायदे हैं. लेकिन क्या आपको चंदन के तेल के फायदों के बारे में पता है. चंदन का तेल कई समस्याओं को दूर भगाता है. चंदन के तेल में पाए जाने वाले पोषक तत्वों से न केवल त्वचा बल्कि शरीर की कई समस्याएं भी दूर हो जाती हैं. चंदन का इस्तेमाल धार्मिक कामों में भी किया जाता है. चंदन दिमाग और मन को ठंडक देता है. आज हम आपको चंदन के तेल के फायदों के बारे में बता रहे हैं. आइये जानते हैं इसे कैसे इस्तेमाल करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चंदन के तेल का उपयोग-</strong> चंदन के तेल को आप कई तरह से प्रयोग कर सकते हैं. आप इसे सब्जी में डालकर कर खा सकते हैं. चंदन का तेल को सूंघने से सांस की कई समस्याएं कम हो जाती हैं. चंदन और नारियल दोनों तेल को मिलाकर भी उपयोग में ला सकते हैं. आप चंदन का तेल पानी में डालकर नहा भी सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चंदन के तेल के फायदे</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1 - तनाव को दूर करता है-</strong> अगर आप तनाव या डिप्रेशन की समस्या से परेशान हैं तो आपको चंदन के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए. चंदन के तेल के अंदर &alpha;-Santalol रायायनिक कम्पाउंड होता है चंदन के तेल की कुछ बूंदें सूंघने से तनाव की समस्या कम हो सकती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2 - ब्लड प्रेशर कंट्रोल करता है-</strong> अगर आप हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं तो आपको चंदन के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए. चंदन के तेल की खुशबू से हार्मोंस एक्टिव होते हैं और ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है. ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होने से हार्ट रेट भी ठीक रहता है. इसलिए ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने के लिए चंदन का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- सूजन कम होती है-</strong> चंदन के तेल से शरीर में सूजन की समस्या कम होती है. इस तेल में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं जिससे सूजन &nbsp;कम करने में मदद मिलती है. इसके अलावा चंदन का तेल त्वचा की लालिमा को भी कम करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4 - नींद की समस्या दूर करता है-</strong> अगर आपको नींद नहीं आने की समस्या है तो आपको चंदन के तेल से मसाज करवानी चाहिए. इससे अनिद्रा की समस्या दूर हो जाती है. चंदन का तेल केंद्रीय तंत्रिका तंत्र में पैदा होने वाले तनाव को कम करता है. कमजोर याददाश्त को भी ठीक करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5 - त्वचा के लिए फायदेमंद है-</strong> चंदन त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद है इसका तेल भी कई फायदे करता है. चंदन के तेल में Sesquiterpene Alcohols होता है जिसे चेहरे पर लगाने से चेहरा चमकने लगता है. &nbsp;चंदन के तेल से मसाज करने पर कोशिकाओं को ऑक्सीजन मिलता है और मुहांसों की समस्या भी दूर होती है. चेहरे पर दाग धब्बों को भी चंदन दूर करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/2R248Ee" target="_blank" rel="noopener">कोरोना में ज्यादा हल्दी खाने से भी हो सकता है नुकसान, पेट में गर्मी और पथरी तक हो सकती है</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vAbzRZ

Health Tips: शरीर में दिखने वाले इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी, इन बीमारियों का है इशारा

<p style="text-align: justify;">आजकल बदलती लाइफस्टाइल की वजह से लोगों को तरह-तरह की परेशानी हो रही है. ऐसे में आपको अपने स्वास्थ्य पर नज़र रखनी चाहिए. अगर आपको शरीर में कुछ बदलाव नज़र आएं तो उन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ये किसी गंभीर बीमारी की वजह हो सकती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर शरीर में किसी तरह की बीमारी हो रही है तो इसके लक्षण सबसे पहले हमारे शरीर पर दिखते हैं. आपको उन लक्षणों पर गौर करना चाहिए. अगर आपको इनमें से कोई लक्षण नज़र आएं तो इन्हें हल्के में न लें. आपके शरीर में दिखने वाले ये लक्षण किसी गंभीर बीमारी की वजह भी हो सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- शरीर में सूजन-</strong> कई लोगों को सुबह उठकर हाथ-पैरों और चेहरे पर सूजन सी नज़र आती है. फेस फ्लपी सा लगता है. इसे आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए. चेहरे पर सूजन का मतलब है कि किडनी में कोई दिक्कत है. अगर शरीर में सूजन आती है तो इससे खून की कमी हो जाती है. कई बार प्रोटीन की वजह से पैरों में सूजन आ जाती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- पेट फूलना-</strong> अगर आपको फूलने की परेशानी रहती है तो ये भी एक गंभीर बीमारी की ओर इशारा करती है. कई बार लोग सोच लेते हैं कि गैस बनने की वजह से ऐसा हो रहा है लेकिन ऐसा हमेशा जरूरी नहीं है. लिवर में दिक्कत होने की वजह से भी पेट फूलने की समस्या बार-बार होती है&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- मुंह सूखना-</strong> कई लोगों का मुंह और आंखें बहुत सूखते हैं लोगों को लगता है कि गर्मी की वजह से ऐसा हो रहा है. लेकिन ऐसा नहीं है कई बार जॉगरन्स सिंड्रोम (Sjogren&rsquo;s syndrome) की वजह से भी ऐसा होता है. इस सिंड्रोम में मुंह सूखना, आंखें ड्राई होने की समस्या हो जाती है. ये एक इम्युन डिसऑर्डर है. इस मामले में आपको डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- सीने में दर्द-</strong> कई लोगों को छाती में दर्द होता है तो वो उसे गैस की समस्या मान लेते हैं. लेकिन डॉक्टर्स की मानें तो ऐसा दर्द हार्ट अटैक में भी होता है. हालांकि हार्ट अटैक के दर्द में बहुत बेचैनी रहती है. ऐसे में आपको गैस और हार्ट अटैक के दर्द में अतंर समझना जरूरी है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- चलने पर सांस फूलना-</strong> कुछ लोगों को जरा की सीढ़ी चढ़ने या चलने में सांस फूलने लगती है. इसकी कई वजह हो सकती है. खून की कमी होने से भी सांस फूलने लगती है. कई बार ऑक्सीजन की कमी की वजह से भी सांस फूलने लगती है. कई बार ये chronic obstructive pulmonary disease &nbsp;का भी संकेत हो सकता है. ऐसे में आपको तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3uy4zDV" target="_blank" rel="noopener">हाथ-पैर में झनझनाहट की क्या है वजह? जानिए इसके लक्षण और कैसे करें बचाव</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3yI5DbT