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Friday, June 11, 2021

प्रोटीन की कमी कैसे आपके शरीर को प्रभावित करती है, इस्तेमाल के आदर्श नियम ये हैं-

स्वस्थ शरीर के लिए सबसे महत्वपूर्ण पोषक तत्वों में से एक प्रोटीन है. प्रोटीन की भूमिका को आम तौर से गलत समझा जाता है और मसल लाभ से जोड़ा जाता है. शरीर का ये निर्माण खंड हमारी डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा होना चाहिए. हम सभी को प्रोटीन की आवश्यकता अलग-अलग जीवनशैली और स्वास्थ्य फैक्टर के आधार पर अलग-अलग होती है. मिसाल के तौर पर, नियमित जिम जानेवाले सक्रिय शख्स को औसतन सुस्त शख्स के मुकाबले रोजाना प्रोटीन की ज्यादा आवश्यकता होगी. लेकिन, प्रोटीन की कमी के प्रमुख लक्षणों को आप खुद समझ सकते हैं.
अस्थिर मूड
- कम प्रोटीन का सेवन भी अस्थिर मूड, चिड़चिड़ापन और ब्रेन फॉग से जुड़ता है. जब आप शरीर को अपर्याप्त प्रोटीन उपलब्ध कराते हैं, तो उससे आपका ब्लड शुगर लेवल गिरने लगता है. इसलिए, प्रोटीन युक्त भोजन का खाना सुनिश्चित करें ताकि आपके ब्लड में शुगर लेवल स्थिर रहे.
हड्डी की ताकत
- क्या आप जानते हैं हमारी हड्डियों का 50 फीसद मामला प्रोटीन से जुड़ा होता है? विटामिन डी और कैल्शियम के साथ डाइटरी प्रोटीन हड्डी के स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए महत्वपूर्ण है. प्रोटीन ढलती उम्र के साथ बोन डेंसिटी को संरक्षित करने में बड़ी भूमिका अदा करता है.
स्किन, बाल और नाखुन की समस्या
-आपके नाखुन, बाल और स्किन मुख्य तौर पर प्रोटीन से बने होते हैं, और इसलिए स्वाभाविक है कि प्रोटीन में कमी का उन पर भी प्रभाव होगा. प्रोटीन की गंभीर कमी लाली, परतदार स्किन और पिगमेंटेशन भी पैदा कर सकती है. पिगमेंटेशन स्किन पर पड़ने वाले काले धब्बों और कहीं-कहीं से स्किन का रंग डार्क होने को कहते हैं. ये बालों के पतले होने, झड़ने, बालों के गिरना और नाजुक नाखुन का कारण भी हो सकता है.
प्रोटीन की कमी का दूसरा क्लासिक लक्षण एडेमा है. उसकी वजह से स्किन फूली हुई और सूजी हुई लगती है. आदर्श नियम शरीर के वजन का प्रति किलो 1-1.5 ग्राम प्रोटीन का इस्तेमाल करना है. मिसाल के तौर पर आपका वजन 60 किलो है, तो आपके लिए आदर्श प्रोटीन की मात्रा का लक्ष्य रोजाना 60-90 ग्राम है.
कमी को दूर करने के लिए प्राकृतिक स्रोतों जैसे मांस, अंडा, मछली, डेयरी, फलिया, सोया से प्रोटीन खाएं और अगर आप अपने लक्ष्य सेवन को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, तब प्रोटीन सप्लीमेंट्स जैसे व्हे प्रोटीन, वीगन प्रोटीन पाउडर पर रकम निवेश करें. व्हे प्रोटीन दूध से बना प्रोडक्ट है और उसमें उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन पाया जाता है.DGHS Guidelines: क्या पाँच साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क पहनना चाहिए, जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस" 

Thursday, May 20, 2021

Health Tips: कोरोना में खतरनाक साबित हो रही है डाइबिटीज, इस तरह कंट्रोल करें अपना ब्लड शुगर लेवल

खाना खाने के बाद मीठा खाना भला किसे पसंद नहीं होता. कई लोग थोड़ा कम मीठा खाते हैं तो वहीं कुछ लोग मीठा खाने के बहुत शौकीन होते है. लेकिन मोटे और डायबिटीज के मरीजों के लिए मीठा बहुत नुकसानदायक होता है. ऐसे लोग चीनी से परहेज करते हैं या कोई ऐसा विकल्प तलाशते हैं जिससे मुंह भी मीठा हो जाए और कोई दिकक्त भी न हो. मार्केट में आजकल ब्राउन शुगर, शहद, गुड़ और उससे बनी चीजें काफी चलन में है. डायबिटीज के मरीज शुगर फ्री का इस्तेमाल करते हैं. हालांकि कुछ लोगों को चीनी की काफी क्रेविंग होती है. ऐसे में आपके लिए कोकोनट शुगर बेहतर ऑप्शन है. इसे नारियल के पेड़ से बनाया जाता है. जानते हैं इसके फायदे और बनाने का तरीका.कोकोनट शुगर कैसे बनती है-
 कोकोनट शुगर नारियल के पेड़ पर आने वाले फूलों के रस से बनती है. पहले इस रस को पेड़ से इकठ्ठा करते हैं फिर उबाल कर सारी नमी खत्म करके उसका सूखा पाउडर बनाया जाता है. अब इसे नैचुरली प्रोसेस करके चीनी के दाने जैसा बनाते हैं. अनप्रोसेस्ड होने की वजह से इसकी न्यूट्रिशियस वैल्यू काफी ज्यादा होती है. ये आपको मार्केट में कोकोनट पाम शुगर के नाम से मिल जाएगी. इसका रंग हल्का ब्राउन होता है जो गुड़ की शक्कर जैसी दिखती है. साउथ इंडिया में नारियल काफी मात्रा में होता है वहां के लोग इसका काफी इस्तेमाल करते हैं. 
साउथ इंडिया में कई तरह की मिठाइयों;में भी कोकोनट शुगर का उपयोग किया जाता है. अब इसे आप कहीं से भी खरीद सकते हैं. शुगर के मरीजों के लिए ये अच्छा ऑप्शन है.कोकोनट शुगर के फायदे-इस शुगर का सबसे बड़ा फायदा ये है कि ये नेचुरल तरीके से बनी होती है. इसमें प्रिजर्वेटिव की मात्रा काफी कम होती है. सादा चीनी के मुकाबले कोकोनट पाम शुगर में बहुत कम कैलोरी होती हैं इसमें विटामिन्स- मिनरल्स भी होते हैं. पाम शुगर में विटामिन बी-1, बी-12 और फॉलिक एसिड भी पाया जाता है. जिससे शरीर को कई फायदे मिलते हैं. कोकोनट शुगर में ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी सफेद चीनी और शहद से काफी कम पाया जाता है. ये डायबिटीज के मरीजों के लिए काफी अच्छी रहती है. इसमें ग्लाइसेमिकल इंडेक्स सिर्फ 35 होता है वहीं चीनी में ये 60 से भी ज्यादा होता है. कोकोनट पाम शुगर में प्रोबायोटिक और फाइबर भी होता है जिससे डाइजेशन अच्छा रहता है. आप चाय, दूध और मिठाइयों में इसका इस्तेमाल कर सकते हैं.

Wednesday, May 19, 2021

भूलकर भी न करें नाश्ते में इन 5 चीजों का सेवन, हो जाएंगे बीमार !


डिजिटल डेस्क, दिल्ली। आपके डाइट में सबसे ज्यादा जरुरी हैं आपका नाश्ता। नाश्तें का हेल्दी होने के साथ-साथ सही होना बेहद जरुरी है। कई बार हम सुबह-सुबह कुछ ब्रेकफास्ट के तौर पर ऐसी चीजों का सेवन कर लेते हैं, जो हमारी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। अगर आप भी ऐसी कोई गलती कर रहे हैं, तो सतर्क हो जाइए, क्योंकि हो सकता हैं कि, आप धीरे-धीरे बीमार पड़ जाए। हम आपको बताएंगे ऐसी 5 चीजों के बारें में, जिनका आपको भूलकर भी सुबह सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही हम आपको कुछ ऐसी चीजों के बारें में भी बताएंगे, जिन्हें आप अपने ब्रेकफास्ट में ऐड कर सकते है और वो आपके लिए फायदेमंद साबित होंगे।

फलों के रस का सेवन

  • बहुत से ऐसे लोग होते हैं,जो ब्रेकफास्ट में जूस यानि कि फलों का रस पीते है।
  • लेकिन क्या आपको पता हैं, ऐसा करना सही नहीं है।
  • जी हां, पेट खाली होने के साथ, फलों में फ्रुक्टोज के रूप में चीनी आपके हार्ट पर एक अधिभार का कारण बन सकती है।

अधिक मीठी चीजें

  • ब्रेकफास्ट या फिर खाली पेट कभी भी ज्यादा मीठी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • क्योंकि प्रोसेस्ड शुगर और भी खराब होती है।
  • नाश्ते में मिठाइयों या अधिक मीठी स्मूदी का सेवन सही नहीं है।
  • शुगर फूड्स आपके लिए हानिकारक हो सकते है।

मसाले

  • ब्रेकफास्ट या खाली पेट ज्यादा मसालें के सेवन से बचे।
  • आपको मसाले और मिर्च खाने से जितना हो सके बचना चाहिए।
  • क्योंकि इससे पेट में जलन, गैस और ऐंठन हो सकती है।

खट्टे फलों का सेवन

  • खट्टे फलों को सेवन कभी भी ब्रेकफास्ट या खाली पेट भूलकर भी नहीं खाना चाहिए।
  • खाली पेट खट्टे फलों का सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।

सलाद का सेवन

  • कुछ लोग अपनी डाइट के पक्के होते हैं और सोचते हैं कि, दिन की शुरुआत हेल्दी सलाद के साथ की जाएं।
  • लेकिन क्या आपको पता हैं कि, कभी भी खाली पेट सलाद का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • कच्ची सब्जियां और सलाद खाली पेट तो बिल्कुल न खाएं।
  • बता दें कि, इनमें बहुत फाइबर होता हैं, जिसकी वजह से खाली पेट पर अधिक भार डाल सकते हैं।
  • इससे आपको पेट फूलना और पेट दर्द जैसी समस्या हो सकती है।

क्या खाना चाहिए

  • गुड़- गुड़ को काफी अच्छा माना जाता है। आयुर्वेद के अनुसार, बासी मुंह गुड़ खाना चाहिए।
  • अगर गुड़ के साथ गुनगुना पानी भी हो तो, इससे शरीर को काफी उर्जा मिलती है और खून साफ होता है।
  • किशमिश- सुबह खाली पेट भीगी हुए किशमिश खाएं फायदेमंद साबित होगी।
  • किशमिश में मौजूद पोषक तत्‍व, स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।
  • भीगे बादाम- – भीगे बादाम खाएं। इसमें प्रोटीन, ओमेगा 3 फैटी एसिड, विटामिन ई, कैल्शियम आदि पोषक तत्व आते है।
  • बादाम जब भी खाएं इसके छिलके उतारकर खाएं।
  • पोहा- नाश्तें में आप पोहा खा सकते है। 
  • ये सेहत के लिए अच्छा माना जाता है।
  • इटली- इटली भी आपके ब्रेकफास्ट आइटम में फिट बैठती है।
  • ये आपके हेल्दी डाइट में शामिल हो सकती है।
     



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Sunday, May 2, 2021

क्या आपके शरीर में विटामिन C की कमी है? इम्यूनिटी बनाने के लिए रोजाना खाएं ये फूड्स

देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच जरूरी हो गया है कि हम अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं. टीकाकरण के अलावा हर शख्स को चाहिए कि संक्रमण रोकने के लिए अपना इम्यूनिटी बढ़ाने पर फोकस करे. इम्यूनिटी मजबूत करने की प्रक्रिया में विटामिन सी अहम है. शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए लोग कई तरीके अपनाते हैं, लेकिन आपको निश्चित रूप से अपनी डाइट में विटामिन सी में समृद्ध इन फूड को शामिल करना चाहिए. ये आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करेंगे और कई बीमारियों को भी रोकेेंगे 
संतरा बहुत सारे पोषक तत्व जैसे विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और चोलिन में समृद्ध होता है. गर्मी में ये शरीर को पानी के आवश्यक जल पोषण में भी मदद भी करता है, जो शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाता है. इसके अलावा, संतरे का सेवन धूप के कारण होनेवाली बीमारियों को रोकता है.
 जैसे ही गर्मी का मौसम शुरू होता है, आम बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाता है. फलों का राजा बहुत ज्यादा पोषक तत्वों जैसे विटामिन सी, विटामिन ए, आयरन, कॉपर, पोटैशियम से भरपूर होता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ कई अन्य बीमारियों को रोकता है. इसलिए, इसका इस्तेमाल रोजाना किया जाना चाहिए.
 अंगूर में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी समेत पोटैशियम और कैल्शियम की भारी मात्रा होती है. उसके अलावा, उसमें फ्लावोनोइड नामक;शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है जो शरीर के लिए अत्यंत फायदेमंद समझा जाता  थायमिन, नियासिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी-6, विटामन ई और फोलेट के अलावा नींबू में विटामिन सी की भरपूर मात्रा भी होती है जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और कई संक्रामक बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा देता है. आप उसका इस्तेमाल सलाद या पानी में मिलाकर कर सकते हैं
टमाटर- 
विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा, लाइकोपीन, विटामिन्स, पोटैशियम टमाटर में पाए जाते हैं. खाली पेट रोजाना एक टमाटर खाना प्रभावी होता है. उसका इस्तेमाल सलाद के तौर भी किया जा सकता है.कोरोना होने पर जल्द रिकवरी के लिए डाइट में शामिल करें ये फूड" 

कोरोना होने पर जल्द रिकवरी के लिए डाइट में शामिल करें ये फूड