अस्थिर मूड
- कम प्रोटीन का सेवन भी अस्थिर मूड, चिड़चिड़ापन और ब्रेन फॉग से जुड़ता है. जब आप शरीर को अपर्याप्त प्रोटीन उपलब्ध कराते हैं, तो उससे आपका ब्लड शुगर लेवल गिरने लगता है. इसलिए, प्रोटीन युक्त भोजन का खाना सुनिश्चित करें ताकि आपके ब्लड में शुगर लेवल स्थिर रहे.
हड्डी की ताकत
- क्या आप जानते हैं हमारी हड्डियों का 50 फीसद मामला प्रोटीन से जुड़ा होता है? विटामिन डी और कैल्शियम के साथ डाइटरी प्रोटीन हड्डी के स्वास्थ्य और लंबी उम्र के लिए महत्वपूर्ण है. प्रोटीन ढलती उम्र के साथ बोन डेंसिटी को संरक्षित करने में बड़ी भूमिका अदा करता है.
स्किन, बाल और नाखुन की समस्या
-आपके नाखुन, बाल और स्किन मुख्य तौर पर प्रोटीन से बने होते हैं, और इसलिए स्वाभाविक है कि प्रोटीन में कमी का उन पर भी प्रभाव होगा. प्रोटीन की गंभीर कमी लाली, परतदार स्किन और पिगमेंटेशन भी पैदा कर सकती है. पिगमेंटेशन स्किन पर पड़ने वाले काले धब्बों और कहीं-कहीं से स्किन का रंग डार्क होने को कहते हैं. ये बालों के पतले होने, झड़ने, बालों के गिरना और नाजुक नाखुन का कारण भी हो सकता है.
प्रोटीन की कमी का दूसरा क्लासिक लक्षण एडेमा है. उसकी वजह से स्किन फूली हुई और सूजी हुई लगती है. आदर्श नियम शरीर के वजन का प्रति किलो 1-1.5 ग्राम प्रोटीन का इस्तेमाल करना है. मिसाल के तौर पर आपका वजन 60 किलो है, तो आपके लिए आदर्श प्रोटीन की मात्रा का लक्ष्य रोजाना 60-90 ग्राम है.
कमी को दूर करने के लिए प्राकृतिक स्रोतों जैसे मांस, अंडा, मछली, डेयरी, फलिया, सोया से प्रोटीन खाएं और अगर आप अपने लक्ष्य सेवन को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, तब प्रोटीन सप्लीमेंट्स जैसे व्हे प्रोटीन, वीगन प्रोटीन पाउडर पर रकम निवेश करें. व्हे प्रोटीन दूध से बना प्रोडक्ट है और उसमें उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन पाया जाता है.DGHS Guidelines: क्या पाँच साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क पहनना चाहिए, जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइंस"
