Friday, April 30, 2021

हार्ट, पेट और सांस के मरीजों के लिए रामबाण है लहसुन, ये हैं अचूक फायदे

<p>Benefits of Garlic: कोरोना काल में लहसुन खाना शरीर के लिए काफी फायदेमंद है. संक्रमण से बचने के लिए आप अदरक के रस में लहसुन और शहद मिलाकर खा सकते हैं. लहसुन खाने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कई कई खतरनाक बीमारियों से बचाव होता है. लहसुन में एंटी आक्सीडेंट, एंटी फंगल, एंटी वायरल वाले औषधीय तत्व होते हैं. लहसुन खाने से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कई तरह के संक्रमण से बचाव करता है. आइये जानते हैं लहसुन आपको कौन-कौन सी बीमारियों से बचाता है.&nbsp;</p> <p>इन बीमारियों से बचाता है लहसुन</p> <p><strong>1- हार्ट की बीमारी-</strong> सुबह खाली पेट लहसुन खाने से कोलेस्ट्रॉल कम होता है और दिल स्वस्थ रहता है.&nbsp;</p> <p><strong>2- सांस का रोग-</strong> सांस के मरीज को रोज लहसुन की एक कली गर्म करके नमक के साथ खानी चाहिए. तीन कलियां दूध में पकाकर खाने से काफी होता है.</p> <p><strong>3- पेट के रोग-</strong> अगर आपको पेट में किसी तरह की परेशानी है तो आप लहसुन, सेंधा नमक, देशी घी, भुनी हींग और अदरक का रस खा सकते हैं. ये काफी लाभकारी होता है.</p> <p><strong>4- एसिडिटी और गैस-</strong> अगर आपको गैस और एसिडिटी की समस्या है तो खाने से पहले 1-2 लहसुन की कली, थोड़े घी में काली मिर्च और सेंधा नमक डालकर खा लें.&nbsp;</p> <p><strong>5- दांत का रोग-</strong> दांत में दर्द की शिकायत होने पर लहसुन पीसकर लगा लें. दर्द में थोड़ा आराम पड़ेगा.&nbsp;</p> <p><strong>6- ब्लड शुगर-</strong> रोजाना लहसुन खाने से मधुमेह के कारण होने वाले रोग भी दूर हो जाते हैं और ब्लड प्रेशर ठीक रहता है.&nbsp;</p> <p><strong>7- एलर्जी में राहत-</strong> लहसुन में एंटी इंफ्लामेटरी गुण होते हैं जिससे एलर्जी दूर हो जाती है. डेली लहसुन खाने से एलर्जी के निशान और चकतों दूर हो जाते हैं.</p> <p><strong>8- डायबिटीज में फायदा-</strong> लहसुन शरीर में शुगर के स्तर को नियंत्रित कर इन्सुलिन की मात्रा को बढ़ा देता है. डायबटीज के रोगियों को रोज खाने में लहसुन खाना चाहिए.&nbsp;</p> <p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3e5sq9b" target="_blank" rel="noopener">वजन घटाना है तो जरूर खाएं ये 5 फल, सेहत के लिए हैं फायदेमंद</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2R8Lnia

200 रुपये से कम वाले प्रीपेड रिचार्ज प्लान, जानिए Jio-Airtel में किसका प्लान है बेहतर?

<p style="text-align: justify;">अगर आप एक ऐसा रिचार्ज प्लान चाहते हैं जिसमें 200 रुपये में आपको कॉलिंग और डेटा दोनों मिल जाए तो Reliance Jio और Bharti Airtel आपको दो शानदार प्लान ऑफर कर रही हैं. दोनों ऑपरेटर्स ने अपने नए प्लान्स और ऑफर्स यूजर्स के लिए जारी किए हैं. हम आपको दोनों कंपनियों के 200 रुपये से कम वाले प्लान्स के बारे में बता रहे हैं जिसमें जियो के 149 रुपये और 199 रुपये के प्लान्स शामिल हैं. वहीं Airtel के भी ऐसे कई प्लान्स हैं जो 200 रुपये से कम में आते हैं. हम आपको एयरटेल और जियो के ऐसे शानदार रिचार्ज प्लान्स के बारे में बता रहे हैं आइये जानते हैं आपके लिए कौन सा प्लान बेहतर रहेगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Jio का 149 का प्लान-</strong> अगर आप जियो का प्लान खरीदना चाहते हैं तो आपको 200 रुपये से कम वाले प्लान में 149 रुपये का रिचार्ज मिल जाएगा. इस प्लान में अनलिमिटेड कॉलिंग, डेली 1GB डेटा और डेली 100 SMS मिलते हैं. जियो के इस प्लान की 24 दिन की वैलिडिटी है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Jio का 199 का प्लान-</strong> Jio का दूसरा प्लान 199 रुपये का है. जिसमें आपको रोज 1.5GB डेटा दिया जा रहा है. इस प्लान की वैलिडिटी 28 दिन की है. साथ ही इसमें अमलिमिटेड कॉलिंग और रोज 100 SMS मिलते हैं. आपको इन दोनों प्लान में Jio ऐप्स का सब्सक्रिप्शन भी मिलता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Airtel के 200 रुपये से कम वाले प्लान-</strong> अगर आप एयरटेल यूजर हैं तो कंपनी आपको कम कीमत पर काफी रेंज के प्रीपेड प्लान्स ऑफर कर रही है. एयरटेल का 19 रुपये, 129 रुपये, 149 रुपये, 179 रुपये और 199 रुपये का प्लान है. सबसे सस्ता प्लान 19 रुपये का है. जिसमें 200MB डेटा 2 दिन के लिए दिया जाता है. &nbsp;इसके अलावा 129 रुपये के प्लान में 1GB डेटा 24 दिन के लिए मिलेगा. इस प्लान में अनलिमिटेड कॉलिंग और 300 SMS भी मिलते हैं. 149 रुपये के प्लान में 28 दिन के लिए 2GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और 100 SMS मिलते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Airtel का 179 का प्लान-</strong> आपको अनलिमिटेड कॉलिंग और डेली 100 एसएमएस के साथ 179 रुपये वाला प्लान भी मिल जाएगा. इसमें प्लान में 179 रुपये में यूजर्स को 2 लाख रुपये का इंश्योरेंस Bharti Axa Life Insurance की ओर से मिलेगा. वहीं कंपनी के 199 रुपये वाले प्लान में रोज 1GB डेटा, अनलिमिटेड कॉलिंग और रोज 100 SMS मिलते हैं. प्लान की वैलिडिटी 24 दिन की है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3e46paI" target="_blank" rel="noopener">100 रुपये से कम कीमत में ये हैं Jio, Airtel और Vi के बेस्ट प्लान, मिल रहे ये ऑफर्स</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3nAc2Aq

अर्थराइटिस के मरीज खाने में शामिल करें ये 5 फल, जोड़ों के दर्द और सूजन रहेगी हमेशा दूर

<p style="text-align: justify;">अर्थराइटिस एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मरीज के जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है. इसके अलावा जोड़ों में सूजन की समस्या भी आम है. उम्र के साथ अर्थराइटिस की बीमारी और तकलीफ देने लगती है. लेकिन अगर खान पान का थोड़ा ध्यान रखा जाए तो इस बीमारी में होने वाली तकलीफ से काफी हद तक बचा जा सकता है. इसके लिए अर्थराइटिस के मरीजों को अपनी डाइट में इन 5 फलों को जरूर शामिल करना चाहिए. इन फलों के खाने से जोड़ों में दर्द और सूजन की समस्या से छुटकारा मिल सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या होता है अर्थराइटिस</strong><br />आमतौर पर अर्थराइटिस के 3 तरह के मरीज पाए जाते हैं जिनमें ऑस्टियो अर्थराइटिस, रयूमेटॉइड अर्थराइटिस और गठिया शामिल है. अर्थराइटिस होने के यूं तो कई कारण हो सकते हैं लेकिन ज्यादातर खून में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने से ये समस्या होने लगती है. यूरिक एसिड जोड़ों में जमा होने लगता है, जिससे अर्थराइटिस नाम की बीमारी हो जाती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इन फलों को डाइट में शामिल करें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>संतरा&nbsp;</strong><br />संतरा और सभी खट्टे फलों में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. विटामिन सी अर्थराइटिस के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद होता है. विटामिन सी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट जोड़ों की सूजन घटाने में मदद करता है. इसलिए अर्थराइटिस के मरीजों को संतरा, नींबू, मौसमी जैसे खट्टे फल खूब खाने चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अंगूर</strong><br />अंगूर एक ऐसा फल है जिसमें ढेर सारे एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं. अंगूर खाने से अर्थराइटिस के मरीजों का दर्द और सूजन कम हो जाती है. इसलिए अर्थराइटिस के मरीजों को अंगूर खाने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा अंगूर के छिलके में रेस्वेट्रॉल नाम का एक खास एंटीऑक्सीडेंट होता है, जो अर्थराइटिस के मरीजों को बहुत फायदा करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एवोकाडो</strong><br />विटामिन सी से भरपूर एवोकाडो अर्थराइटिस के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद फल माना जाता है. एवोकाडो में माइक्रोन्यूट्रिएंट पाए जाते हैं जो सूजन को कम करते हैं. एवोकाडो खाने से जोड़ों में होने वाले नुकसान से बच सकते हैं और शुरुआती स्टेज में अर्थराइटिस को ठीक भी किया जा सकता है. एवोकाडो को इसीलिए एक सुपरफ्रूट कहा जाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तरबूज&nbsp;</strong><br />गर्मियों में आने वाला फल तरबूज अर्थराइटिस के मरीजों के लिए फायदेमंद है तरबूज में लाइकोपीन की वजह से एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण होते हैं. इसके अलावा इसमें कैरोटेनॉइड बीट-क्रिप्टोजैन्थिन भी होता है जो अर्थराइटिस के मरीजों की सूजन और दूसरी तकलीफों को दूर करता है. तरबूज रयूमेटॉइड अर्थराइटिस के मरीजों के खासतौर से फायदेमंद है. तरबूज में पानी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है और कई बीमारियों में तरबूज खाने की सलाह दी जाती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चेरी</strong><br />चेरी खाना भी अर्थराइटिस के मरीजों के लिए फायदेमंद है. चेरी में एंथोसायनिन एंटीऑक्सीडेंट होता है, जिसमें एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण पाए जाते हैं. चेरी खाने से अर्थराइटिस के रोगियों की सूजन कम होती है और दर्द में भी आराम मिलता है. आप चेरी का जूस भी पी सकते हैं. ये धीरे-धीरे आपके रोग को ठीक करने में मदद करेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3t7APNq" target="_blank" rel="noopener">सेहत के लिए खजाने से कम नहीं फ्लैक्स सीड, अलसी के बीज से पाएं चमकती त्वचा और स्वस्थ शरीर</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3307hGT

कोरोना वायरस से बचना है तो जरूर करें ये 10 काम, घर तक नहीं पहुंचेगा वायरस

कोरोना वायरस तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है. लोगों की ज़रा सी लापरवाही से संक्रमण फैल रहा है. आपको कहीं से भी और किसी को भी संक्रमण हो सकता है. यहां तक कि आप घर में रहने पर खुद को सुरक्षित मान रहे हों तो भी गलत है. आप घर में रहने पर भी इस महामारी के शिकार हो सकते हैं. ऐसे में अगर कोई घर का सदस्य बाहर जाता है तो उसकी लापरवाही से भी आपका पूरा परिवार संक्रमित हो सकता है. CDC ने खुद को और अपने घर को कोरोना से दूर रखने के कुछ टिप्स बताए हैं आप भी उन्हें जरूर फॉलो करें घर से बाहर निकलते वक्त मास्क अच्छी तरह से पहनें. मास्क से आपकी नाक और मुंह पूरी तरह से ढंका होना चाहिए. आपके चेहरे पर मास्क सही से फिट होना चाहिए. ध्यान रखें कि मास्क में आपको सांस लेने में परेशानी नहीं होनी चाहिए. अगर आप कपड़े का मास्क इस्तेमाल कर रहे हैं तो उसे हर रोज अच्छी तरह से साबुन से धो लें
- 6 फीट की दूरी- इस वक्त भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. कोशिश करें लोगों से कम से कम 6 फीट की दूरी रहे. आप जितने लोगों के ज्यादा संपर्क में आएंगे संक्रमित होने का खतरा उतना बढ़ जाता है. बिना लक्षण के लोगों से भी आपको कोरोना हो सकता है. 
बाहर से आने पर हाथ अच्छी तरह साबुन और पानी से 20 सेकेंड तक धोएं. अगर पानी नहीं है तो आप 60% अल्कोहल वाले सैनिटाइजर से हाथों को समय-समय पर साफ करते रहें. बाहर जाने पर अपने मुंह, आंख और नाक को बिल्कुल न छुएं.
 आपने मास्क नहीं पहन रखा तो खांसते या छींकते वक्त टिश्यू से अपने मुंह और नाक को ढक लें. इसके अलावा अपनी कोहनी से मुंह को कवर कर लें. अगर मास्क पहनने में छींक या खांसी आती है तो मास्क तुरंत बदल लें और हाथों को अच्छी तरह से धोएं.
5- घर को ऐसे साफ करें अगर आप बाहर आते-जाते हैं तो घर और ऑफिस की सतहों जैसे मेज, दरवाजों के हैंडल, स्विच बोर्ड, &nbsp;काउंटरटॉप्स, फोन, कीबोर्ड, टॉयलेट, नल, डेस्क और सिंक को रोज जरूर साफ करें. आप इन्हें क्लीन करने के लिए डिसइंफेक्टेड प्रोडक्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं.
- घर आकर तुरंत नहाएं-
 अगर आप ऑफिस या किसी काम से बाहर जाते हैं तो घर आकर किसी भी चीज को ना छुए. सबसे पहले बिना किसी से मिले बाथरूम में जाकर नहाएं. अगर नहाना नहीं हो पा रहा तो अच्छे से हाथ-पैर और मुंह साफ करके कपड़े बदल लें.
- बच्चों और सीनियर सिटीजन से दूर रहें- कहीं भी बाहर से आने के बाद घर के बच्चों और बुजुर्गों से दूर रहें. ऐसे लोगों को COVID-19 होने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है. घर के किसी बीमार व्यक्ति से मिलते वक्त विशेष सावधानी बरतें.
8- शेयरिंग से बचें-
अगर आप ऑफिस या बाहर कहीं जाते हैं तो अपनी चीजें एक-दूसरे से शेयर करने से बचें. खासतौर से अपने ग्लास, कप, प्लेट, कपड़े और तौलिए जैसी चीजें बिल्कुल शेयर न करें.
- अगर आपका बाहर का एक्सपोज़र है तो आपको अपने स्वास्थ्य पर जरूर ध्यान देना चाहिए. बुखार, खांसी, सांस लेने में दिक्कत या फिर COVID-19 के कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत बाकी लोगों से खुद को अलग कर लें.
- बुखार और ऑक्सीजन चेक करेंंअगर आप COVID-19 से संक्रमित हो गए हैं तो आपको नियमित रुप से अपना टेंपरेचर चेक करना है. दिन में 3 बार अपना ऑक्सीजन लेवल जरूर चेक कर लें. सुबह शाम गरारे करें और दिन में कम से कम 3 बार भाप लें. डॉक्टर की सलाह पर जरूरी दवाएं खाएं.

वजन घटाना है तो जरूर खाएं ये 5 फल, सेहत के लिए हैं फायदेमंद

<p style="text-align: justify;">अक्सर लोग सोचते हैं कि अगर वजन कम करना है तो भूखे रहना पड़ेगा. लोगों में धारणा है कि कम खाने से वजन कम होता है. लेकिन आप गलत हैं कम खाने से वजन घटने के बजाए बढ़ने लगता है. इसलिए उतना ही खाएं जितना आप खाते हैं. वजन कम करने के लिए आपको डाइट में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है. इसके लिए आप अपने खाने में फलों की मात्रा बढ़ा सकते हैं. फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं. इनमें फायबर, विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट्स और काफी मात्रा में मिनरल्स पाए जाते हैं. इसलिए जब भी आपको भूख लगे आप एक फल खा सकते हैं. इससे आपकी भूख भी शांत हो जाएगी और वजन भी कम होने लगेगा. फलों का जूस पीने की बजाए आप इन्हें काटकर खाएं तो इसका फायदा सबसे ज्यादा होता है. आज हम आपको ऐसे 5 फलों के बारे में बता रहे हैं जो फायबर से भरपूर और लो-कैलोरी वाले हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1 सेब-</strong> वैसे तो फलों का राजा आम को कहा जाता है लेकिन सेब उससे कहीं ज्यादा फायदेमंद फल है. सेब में आपको सारे पोषक तत्व थोड़ी-थोड़ी मात्रा में मिल जाते हैं. कहा जाता है कि अगर आप रोज एक सेब खाते हैं तो आप बीमारियों से दूर रहते हैं. इसके अलावा सेब फाइबर से भरपूर होता है. वजन कम करने वाले लोगों को जब भी भूख लगे उन्हें सेब खाना चाहिए. सेब खाने के लंबे वक्त तक भूख नहीं लगती और हमारा पाचन भी ठीक रहता है. सेब में कैलोरी भी बहुत कम होती है जिससे वेट लॉस में मदद मिलती है. इसके अलावा ब्लड शुगर कम करने में, बॉडी को डिटॉक्स करने में और कोलेस्ट्रॉल घटाने में भी सेब बहुत हेल्प करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- पपीता-</strong> वजन कम करने के लिए पपीता एक बेहतरीन फल है. पपीता में अच्छी मात्रा में फायबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद है. पपीता की खास बात है कि ये हमारी पाचन क्रिया को ठीक रखने में मदद करता है. पपीता खाने से मेटाबॉलिज्म भी बढ़ता है इसलिए जब भी आपको भूख लगे आप एक बाउल पपीता खा लें इससे आपको तुरंत एनर्जी मिलेगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- अमरूद-</strong> इस मौसम में अमरूद भी आने लगते हैं. अमरूद गुणों से भरपूर फल है. एक अमरूद एक सेब के बराबर ही फायदा करता है. अमरूद में काफी अच्छी मात्रा में फाइबर होता है. जिसकी वजह से जल्दी पेट भर जाता है. इसके अलावा इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए भी अमरूद खाना चाहिए. इसमें विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. आप किसी भी समय भूख लगने पर एक अमरूद का सकते हैं. अमरूद वजन कम करने के लिए सबसे अच्छा फल है. इसके अलावा कैंसर, हाई ब्लड प्रेशर, अपच और डायबिटीज जैसी बीमारियों में भी फायदा करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- पाइन एप्पल-</strong> वजन कम करने के लिए पाइन एप्पल को भी अच्छा माना जाता है. फाइन एप्पल में काफी अच्छी मात्रा में फायबर होता है जो हमारी आंतों की सफाई का काम करता है. पेट साफ करने के लिए भी पाइन एप्पल खाने की सलाह दी जाती है. पाइन एप्पल में ब्रोमोलेन एंजाइम होता है जो पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है और इससे वजन भी कम होता है. रोज पाइन एप्पल खाने के बाद आप खुद अपने वजन में अंतर महसूस करेंगे. भूख लगने पर आप आसानी से पाइन एप्पल खा सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- स्ट्रॉबेरीज-</strong> वैसे तो सभी बेरीज बहुत फायदेमंद होती हैं बेरीज में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स गुण पाए जाते हैं. स्ट्रॉबेरी सीजन में आसानी से मिल जाती हैं भूख लगने पर आप स्ट्रॉबेरी खा सकते हैं. स्ट्रॉबेरी शरीर से टॉक्सिंस को आउट करती हैं. हार्ट के रोगियों को भी स्ट्रॉबेरी फायदा करती है. स्ट्रॉबेरी का स्वाद बच्चों को भी खूब पसंद आता है. आपको जब भी कुछ खाने का मन करे तो आप बेरीज खा सकते हैं इनसे आपकी भूख भी खत्म हो जाएगी और वजन भी नहीं बढ़ेगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3aQQJpi" target="_blank" rel="noopener">अगर हो जाए कोरोना तो कैसा हो डाइट प्लान, बीमारी से ठीक होने वालों के लिए भी कारगर</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3e5sq9b

सेहत के लिए खजाने से कम नहीं फ्लैक्स सीड, अलसी के बीज से पाएं चमकती त्वचा और स्वस्थ शरीर

<p style="text-align: justify;">आजकल अलसी के बीज (फ्लैक्स सीड्स) खाने का काफी चलन है. अलसी के बीज सेहत के लिए किसी खजाने से कम नहीं हैं. वजन घटाने, अच्छी त्वचा पाने, सूजन कम करने और पाचन ठीक करने के अलावा अलसी खाने के और भी कई फायदे हैं आइये जानते हैं कितने गुणकारी हैं अलसी के बीज और इन्हें कैसे खाएं. &nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सेहत के लिए वरदान है अलसी के बीज</strong><br />अलसी के बीज सेहत के लिए इतने फायदेमंद हैं कि आप सोच भी नहीं सकते. फ्लैक्स सीड्स वजन घटाने से लेकर स्किन, बाल और डाइजेशन की प्रोब्लम दूर करते हैं. ये बीज हार्ट से संबंधित बीमारियों में फायदा करते हैं. और कोलेस्ट्रोल को कम करते हैं. इन चमत्कारी बीजों को खाने से डायबिटीज और ब्लड प्रेशर भी कंट्रोल में रहता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>स्किन रहेगी चमकती &ndash;दमकती</strong><br />खाने का संबंध हमारे शरीर से होता है और आप जो भी खाते हैं वह सीधा हमारे चेहरे पर दिखाई देता है. हमारी डाइट स्किन संबंधी समस्याओं को बढ़ा सकती है और कम कर सकती है. अगर हमारी डाइट में सभी न्यूट्रिशन होंगे तो हमारा शरीर तो स्वस्थ रहेगा ही साथ ही हमारी स्किन भी चमकदार बनेगी. और अलसी के बीज यानी फ्लैक्स सीड्स ऐसा ही एक सुपर फूड है जो सिर्फ न्यूट्रिशन से भरा है इसलिए इसको खाने से शरीर को पूरे पोषक तत्व मिल जाते हैं और इसका चेहरे पर दिखता है. अलसी सीड्स खान से स्किन में निखार आ जाता है और त्वचा चमकती-दमकती रहती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>न्यूट्रिशन से भरपूर फ्लैक्स सीड्स</strong><br />दरअसल अब आप सोच रहे होंगे कि इन छोटे छोटे बीजों में ऐसा क्या खास हैं तो हम आपको बता दें कि अलसी के बीजों में आयरन, पोटेशियम, फास्फोरस, कैल्शियम, सोडियम, फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड जैसे न्यूट्रिशन भरपूर मात्रा में होते हैं और ये मिनरल्स पेट के अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने और पाचन तंत्र को सही रखने में मदद करते हैं. यह ओमेगा 3 अच्छे फैटी एसिड का बहुत अच्छा स्रोत है और इसमें फाइबर बहुत ज्यादा होता है. जिससे डाइजेशन सिस्टम अच्छा काम करता है. फ्लैक्स सीड्स बॉडी को वो सारे पोषक तत्व देते हैं जिससे हमारी पूरी बॉडी फिट रहती है. अलसी के बीज में पाए जाने वाले कुछ पोषक तत्व सूजन, पार्किंसंस रोग और अस्थमा को भी रोकने का काम करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">ये बात तो साफ है कि अलसी के बीज बहुत फायदेमंद हैं, लेकिन अब सवाल उठता है कि इनको खाया कैसे जाये...तो चलिए अब आपको बताते हैं कि अलसी के बीज को किस किस रूप में अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">1- अलसी के बीज को भून लें और एक एयर टाइट कंटेनर में रखें. सुबह उठकर एक चम्मच बीज चबा-चबाकर खायें</p> <p style="text-align: justify;">2-बीजों को सुखाकर पाउडर बना लें और फिर उसमें गुड़ मिलाएं और हर दिन ये मिक्चर खाने से चेहरे की चमक बढ़ती है.</p> <p style="text-align: justify;">3-अपने खाने के आटे में चाहें तो फ्लैक्स सीड्स का पाउडर मिक्स करें या साबुत बीज डालकर रोटी बनाएं. अनुपात के लिए आप पांच किलो आटे में 200 ग्राम तक फ्लैक्स सीड्स या उनका पाउडर मिक्स कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">4-फ्लैक्स सीड्स को आप नाश्ते के संग, सब्जियों में, या सलाद के साथ भी ले सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">5-टेस्ट के लिए फ्लैक्स सीड्स के लड्डू बनाकर खा सकते हैं और इसकी रेसिपी भी बहुत आसान है. एक कप गेहूं का आटा भून लें, उसमें दो कप भुने हुए अलसी के बीज का पाउडर मिलाएं और साथ ही गुड़ और अपनी पसंद के ड्राई फ्रूट मिलाएं और टेस्टी लड्डू बनाएं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3aIeYFV" target="_blank" rel="noopener">WhatsApp पर किसी की कॉल को कैसे रिकॉर्ड करें? जानिए आसान तरीका</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3t7APNq

Coronavirus: जैकलीन फर्नांडीज योग के प्राणायाम पर जोर क्यों देती हैं? बताई ये वजह

<p style="text-align: justify;">सांस लेने का व्यायाम करने की खातिर जैकलीन फर्नांडीज फैंस को प्रेरित करती हैं. सांस लेने का व्यायाम योग, ' कोविड-19 के इन चुनौतीपूर्ण समय' में प्राणायाम भी कहलाता है.&nbsp;कोविड-19 लॉकडाउन, कोरोना पॉजिटिव लोगों के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर आइसोलेशन या बुरी खबरों की भरमार ने भारतीयों को चिंतित अवस्था में धकेल दिया है. ऐसी सूरत में सांस लेने का व्यायाम और योग आसन से मेडिटेशन उपयोगी साबित है. उसी को बताने के लिए बॉलीवुड एक्टर जैकलीन फर्नांडीज प्राणायाम करते हुए या अपने घर सांस लेते हुए दिखाई देती हैं. उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के 'इन कठिन समय' के दौरान फैंस को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एक्टक जैकलीन फर्नांडीज ने शेयर की प्राणायाम की तस्वीर</strong></p> <p style="text-align: justify;">अपने सोशल मीडिया हैंडल पर जाते हुए जैकलीन अपने शाम की फिटनेस रूटीन की एक झलक दिखाती हैं.&nbsp;तस्वीर में अदाकारा गद्देदार सोफा कुर्सी पर ध्यान मुद्रा में पोज देते हुए और वीडियो कॉल से अपने फिजिकल ट्रेनर की हिदायतों पर अमल करते हुए दिखाई दे रही हैं.&nbsp;सूती कपड़े से तैयार सफेद पट्टे का ड्रेस पहने हुए जैकलीन अपनी आंखों को बंद, पैरों को मोड़े और हाथों को अपने घुटने पर रखे बैठी शांत दिखाई देती हैं. इस दौरान सांस को अंदर बाहर लाने का प्रयास करती हैं. &nbsp;उन्होंने कैप्शन में लिखा, "सांस लेना (प्राणायाम) अपने दिमागी और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है विशेषकर अब." उन्होंने आगे बताया, "इन कठिन समय में हर शख्स के लिए प्रार्थना करती हूं."</p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/331rsV5> <p style="text-align: justify;"><strong>कठिन समय में फैंस को भी ऐसा करने के लिए किया प्रेरित</strong></p> <p style="text-align: justify;">सांस काबू करने का प्राचीन अभ्यास प्राणायाम दिमाग और शरीर को जोड़ता है, शरीर को ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है जबकि अवशिष्ट पदार्थों को हटाता है और इसका मतलब हुआ कि शारीरिक फायदों के लिए उपचार उपलब्ध कराता है. प्राणायाम का तनाव से राहत देनेवाला प्रभाव किसी की नींद की गुणवत्ता को सुधारता है, स्मरण को बढ़ाता है और हाई ब्लड प्रेशर को कम करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/how-to-make-lungs-strong-in-corona-increase-capacity-with-these-5-exercises-1907409">कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="ज्यादा देर तक बैठे रहना स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक, कैंसर और दिल की बीमारी का बढ़ जाता है खतरा" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/continuous-sitting-job-may-be-injurious-to-health-it-may-gravitate-risk-of-heart-disease-and-cancer-1907358">ज्यादा देर तक बैठे रहना स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक, कैंसर और दिल की बीमारी का बढ़ जाता है खतरा</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/331m8Rt

अगर हो जाए कोरोना तो कैसा हो डाइट प्लान, बीमारी से ठीक होने वालों के लिए भी कारगर

<p style="text-align: justify;">कोविड-19 से पीड़ित या रिकवर हो रहे मरीज को पौष्टिक डाइट खिलाना जल्दी ठीक हने के लिए जरूरी है. लेकिन किस तरह के फैड उन मरीजों को दिए जाने चाहिए, ये एक सबसे ज्यादा पूछा जानेवाला प्रश्न तीमारदारों की तरफ से होता है.&nbsp;जब हम महामारी की गिरफ्त में हैं, तब इस समय स्वस्थ डाइट खिलाना विशेष रूप से बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है.</p> <p style="text-align: justify;">पोषण खतरनाक कोविड-19 से ठीक होनेवालों और जूझनेवालों दोनों के लिए अहम भूमिका अदा करता है. ऐसा इसलिए क्योंकि वायरस शरीर को कमजोर बना देता है और जल्दी से रिकवरी के लिए आपको एक ऐसी डाइट खाने की जरूरत होती है जो आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर हो.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">हाल ही में, न्यूट्रिशनिस्ट नमामी अग्रवाल ने इंस्टाग्राम हैंडल पर दोनों प्रकार के लोगों के लिए डाइट का पूरा प्लान शेयर किया है. ब्रेकफास्ट से डिनर तक में आपको क्या खाना चाहिए, विशेषज्ञ ने सभी को बताने की कोशिश की है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोविड-19 डाइट प्लान</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>सुबह सबेरे-</strong> न्यूट्रिशनिस्ट ने साझा किया कि 6-7 भीगे हुए बादाम, 2-3 अखरोट और 5-6 किशमिश सुबह में सबसे पहले खाना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि उसके साथ धनिया, तुलसी और अदरक का मिश्रण इस्तेमाल करना चाहिए. आगे, उन्होंने लिखार किया कि कच्चा लहसुन खाया जाए. लहसुन को काटा जा सकता है और पानी के साथ गटक लिया जाए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ब्रेकफास्ट- </strong>ब्रेकफास्ट के लिए उन्होंने बताया कि बेसन, दाल में से कोई पुदीने की चटनी के साथ या सब्जी का पोहा या इडली सांभर, उपमा नारियल चटनी के साथ खाना चाहिए. उन्होंने एक ग्लास छाछ लेने की भी सलाह दी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लंच- </strong>विशेषज्ञ ने लंच के कई विकल्पों जैसे जीरा राइस, अजवाइन की रोटी, राजमा, गाजर मटर की सब्जी और दही या अंडा राइस, अजवाइन रोटी, मेथी आलू, पसंद की दाल, और दही या सब्जी की दलिया, दही और काबुली चना का कटोरा खाया जाए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शाम में-</strong><br />शाम में आप एक कप हर्बल टी को एक कटोरा राजमा, छोला, कॉर्न, शकरकंद या स्प्राउट चाट के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं. उन्होंने ये भी सलाह दी कि फल में कीवी, संतरा, केला, सेब, पपीता या अनानास खाया जा सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डिनर- </strong>विशेषज्ञ का कहना है कि डिनर के लिए आप मूंग दाल की खिचड़ी और सब्जी या चावल चिकन सब्जी का प्याला या पनीर की भुर्जी और मिली हुई सब्जी के साथ लहसुन की रोटी इस्तेमाल करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने सुझाया है कि आप अपनी डाइट प्लान में अपनी जरूरत के हिसाब से संशोधित भी कर सकते हैं. &nbsp;अगर आपको किसी तरह की मेडिकल परेशानी है और इन फूड्स से परहेज करने को कहा गया है, तब सुनिश्चित करें कि डाइट प्लानन पर अमल करने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना के हल्के लक्षणों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/malaria-drug-ayush-64-is-proving-useful-in-the-treatment-of-asymptomatic-mild-and-moderate-covid-19-infection-know-its-more-benefits-1907570">कोरोना के हल्के लक्षणों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या जिन युवाओं को एक बार कोरोना हो चुका है उन्हें दोबारा भी हो सकता है ? जानें क्या कहती है रिसर्च" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/does-past-covid-infection-fully-prevent-reinfection-in-young-people-study-1907276">क्या जिन युवाओं को एक बार कोरोना हो चुका है उन्हें दोबारा भी हो सकता है ? जानें क्या कहती है रिसर्च</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3aQQJpi

Zodiac Signs: बड़े दयालु होते है इस राशि वाले, करते हैं सबकी मदद, हर सुख-दुख में देते हैं सभी का साथ, जानें इन्हें

<p style="text-align: justify;"><strong>Zodiac Signs are Generous: </strong>हर मनुष्य के जीवन में सुख और दुख का मेल जोल रहता है. किसी भी समय कुछ लोग दुखी रहते है और कुछ लोग दुखी रहते हैं. दुखी लोगों को मदद की जरूरत होती है. उनकी मदद के लिए सभी लोग तैयार नहीं होते हैं. कौन &ndash;कौन से लोग किसी भी दूसरे की मदद के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं. ये लोग किस राशि के होते है? इनके बार में ज्योतिषाचार्य का कहना है कि अलग-अलग राशियों के लोगों का स्वभाव अलग &ndash;अलग होता है. कुछ राशि के लोग बहुत ही दयालु स्वभाव के होते हैं. कुछ राशि के लोग ऐसे होते हैं जो किसी भी क्षण दूसरे की मदद के लिए तत्पर रहते हैं. वे हर सुख और दुःख में सभी का साथ देते हैं. ज्योतिष के मुताबिक, नीचे दिए गए इन 5 राशियों के जातक बड़े ही दरियादिल होते हैं वे हर समय दूसरे के सुख-दुःख में सहायक होते हैं.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/2Pz9kyC Lakshmi Pujan: दुख, दरिद्रता से रहना चाहते हैं दूर तो इस दिन करें ये खास उपाय, बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा</strong></a></div> </div> <ol style="text-align: justify;"> <li><strong>कर्क</strong> <strong>राशि</strong><strong>: </strong>ज्योतिष के मुताबिक़ कर्क राशि के लोग बहुत ही दयालु होते हैं. इस राशि को लोगों को दूसरे की मदद करने में बड़ा अच्छा लगता है. वे दूसरों की मदद के लिए बढ़ चढ़ कर मदद करने में सकून महसूस करते हैं.</li> <li><strong>कन्या</strong> <strong>राशि</strong><strong>: </strong>ज्योतिष के अनुसार, कन्या राशि के लोग भी बहुत परमार्थी और परोपकारी स्वभाव के होते हैं. परोपकार करना ये अपना धर्म समझते हैं. इनके मन में हमेशा दूसरों के लिए दयाभाव रहता है. ये मित्रों, परिचितों, दीन&ndash;दुखियों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.</li> <li><strong>तुला</strong> <strong>राशि</strong><strong> :</strong> तुला राशि के लोग दूसरों की मदद के किसी से पीछे नहीं रहते हैं. वे हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे खड़े रहते हैं.</li> <li><strong>मिथुन</strong> <strong>राशि</strong><strong>: </strong>ये लोग भी स्&zwj;वभाव से बहुत अच्&zwj;छे और नेक इंसान माने जाते हैं. ये आपकी हर परेशानी का समाधान निकालने के लिए आपके सामने खड़े रहते हैं.</li> <li><strong>मीन</strong> <strong>राशि</strong><strong>: </strong>मीन राशि के जातकों को लगता है कि दूसरों की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है. इसलिए ये लोग हमेशा दूसकों के सुख-दुख में परछाई बनकर साथ खड़े दिखते हैं.</li> </ol> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/2SifMLx Month Importance: वैशाख माह शुरू, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए क्या करें और क्या नहीं, जानें यहां</strong></a></div> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3e4RGwh

कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच लोग मानसिक तनाव झेलने को मजबूर, टेली मनोरोग परामर्श में 20 फीसद की वृद्धि

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस की दूसरी लहर ज्यादा घातक साबित हो रही है. ये ज्यादा लोगों को संक्रमित कर रही है और ज्यादा जिंदगी को लील रही है. आर्थिक और शारीरिक समस्याओं की वजह बनने के अलावा, उसने लोगों को मानसिक तौर पर भी प्रभावित किया है. महामारी ने उनके दिमाग में खौफ पैदा कर दिया है. अपने वर्तमान और भविष्य के बारे में अनिश्चितता, घर पर रहने के सरकारी आदेश ने मिलकर मानसिक बीमारी को और बिगाड़ दिया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोरोना की दूसरी लहर ने बढ़ाई मानसिक सेहत की समस्या</strong></p> <p style="text-align: justify;">विशेषज्ञों के मुताबिक घर पर बंद होने का एहसास, अपने परिचितों से दूर, सामाजिक समर्थन से महरूम और नए वेरिएन्ट्स का डर मानसिक बीमारी को बढ़ा रहा है. फोर्टिस हेल्थकेयर से जुड़े डॉक्टर समीर पारेख कहते हैं, "मौजूदा हालात वर्तमान और भविष्य की अनिश्चितता, परिजनों के शारीरिक स्वास्थ्य, काम और उत्पादकता को प्रभावित कर रहे हैं." हालांकि वर्तमान परिस्थिति उनकी उम्र, लिंग या अन्य जनसांख्यिकीय के बावजूद हर किसी को प्रभावित कर रही है. उसके चलते किशोरों और वयस्क मानसिक सेहत की समस्याओं के लिए मदद तलाश करने पहुंच रहे हैं.&nbsp;लोगों की सबसे प्रमुख समस्या चिंता और डिप्रेशन है. बच्चे अपने भविष्य के मंसूबों को लेकर ज्यादा तनावग्रस्त हैं, जिसके नतीजे में अस्तित्व संबंधी संकट पैदा हो गया है. व्यस्क वित्तीय असुरक्षा और नौकरी की सुरक्षा के डर से दब गए हैं. इन खौफ को कोविड की चिंता या महामारी की चिंता से जोड़ा जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अप्रैल के शुरू से टेली मनोरोग परामर्श में 20 फीसद की वृद्धि</strong></p> <p style="text-align: justify;">मनिपाल हॉस्पीटल बेंगलुरू में डॉक्टर सतीश कुमार का कहना है कि अप्रैल की शुरुआत से टेली मनोरोग परामर्श में कम से कम 20 फीसद की वृद्धि हो गई है. लोगों को डर है कि उनकी जिंदगी खत्म होने जारी है, जिससे उनकी मौत की चिंता के मुद्दे बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा, "लोग स्प्रेडर होने और अपने परिजनों को नुकसान पहुंचाने की वजन बनने को लेकर भी चिंतित हैं. अब ये मेडिकल सहायता के लिए पहुंच रहे हैं क्योंकि उन्हें बहुत ज्यादा भावनात्मक मुद्दों का सामना है." कुमार के मुताबिक, स्थिति से निपटने का एकमात्र तरीका आशावादी दृष्टिकोण रखना और मंत्र को दोहराना है कि 'ये भी वक्त गुजर जाएगा.'&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना के हल्के लक्षणों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/malaria-drug-ayush-64-is-proving-useful-in-the-treatment-of-asymptomatic-mild-and-moderate-covid-19-infection-know-its-more-benefits-1907570">कोरोना के हल्के लक्षणों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोविड-19 से ठीक होने के बाद भी कमजोरी हो रही है? जानिए ऐसी हालत में क्या करें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/are-you-facing-weakness-even-after-recovering-from-coronavirus-here-is-what-you-should-do-1907509">कोविड-19 से ठीक होने के बाद भी कमजोरी हो रही है? जानिए ऐसी हालत में क्या करें</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vte5cs

Vaishakha Month Importance: वैशाख माह शुरू, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए क्या करें और क्या नहीं, जानें यहां

<p style="text-align: justify;"><strong>Vaishakha Month Do's and Don'ts: </strong>हिंदू कैलेंडर के मुताबिक़, वैशाख माह हिंदू वर्ष का दूसरा माह है. यह माह 28 अप्रैल से शुरू होकर 26 मई तक चलेगा. वैशाख मास श्रीहरि को बेहद प्रिय है. हिंदू धर्म शास्त्रों में वैशाख मास में सभी धार्मिक और मांगलिक कार्य किये जाते हैं. वैशाख मास का महत्त्व बतलाते हुए नारद जी ने कहा है कि सभी महीनों में कार्तिक, माघ और वैशाख माह को सर्वोच्च माह माना गया है. इस माह में गंगा स्नान और दान का बहुत ही महत्त्व है. धर्म ग्रंथों के मुताबिक, इस माह में कुछ कार्य करने से श्रीहरि बहुत ही प्रसन्न होते हैं और यह विशेष फलदायी होता है, वहीँ कुछ कार्य वर्जित माने गए हैं. तो आइए जानते हैं इन कार्यों के बारे में.</p> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/2Pz9kyC Lakshmi Pujan: दुख, दरिद्रता से रहना चाहते हैं दूर तो इस दिन करें ये खास उपाय, बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"><strong>वैशाख</strong> <strong>मास</strong> <strong>में</strong> <strong>जरूर</strong> <strong>करें</strong> <strong>ये</strong> <strong>काम</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>वैशाख माह जलदान के लिए सर्वोत्तम होता है. धर्म शास्त्रों में जलदान का महत्व विशेष माना गया है. लोग यदि इस माह में अपने पूर्वजों के नाम प्याऊं लगवाये, राहगीरों के साथ &ndash;साथ पशु-पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करें तो बहुत ही शुभ माना जाता है.</li> <li>इस माह में गरीब और जरूरत मंद व्यक्तियों को पंखा दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है.</li> <li>वैशाख माह में लोगों को चाहिए कि खरबूजा, मौसमी फल, नए कपड़े भी दान करें. ऐसा करने से अपार पुण्य फल की प्राप्ति होती है.</li> <li>वैशाख मास में हर दिन विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से जीवन में सुख-शांति, संपत्ति, भोग विलास की चीजें प्राप्त होती है.</li> <li>ऐसी मान्यता है कि इस माह में विष्णु जी के साथ-साथ मां लक्ष्मी की अराधना करने, उन्हें लाल गुलाब का फूल या कमल का पुष्प जरूर अर्पित करने से धन की प्राप्ति होती है.</li> <li>इस माह में पवित्र नदियों में स्नान के समापन के दौरान बुद्ध पूर्णिमा के दिन नदियों में दीपदान करना बेहद ही फलदायी माना गया है.</li> </ol> <p style="text-align: justify;"><strong>वैशाख</strong> <strong>माह</strong> <strong>में</strong> <strong>ये</strong> <strong>कतई</strong> <strong>न</strong> <strong>करें</strong><strong>.</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>स्कंद पुराण के अनुसार, इस माह में तेल मालिश नहीं करनी चाहिए.</li> <li>दिन में न सोएं.</li> <li>दो बार से ज्यादा भोजन न करें.</li> <li>सूर्यास्त के बाद भोजन न करें.</li> </ol> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3nBblHh Chaturthi: आज संकष्टी चतुर्थी पर बन रहा है ये दो शुभ योग, गणेश जी की कृपा पाने के लिए जरूर करें ये उपाय</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/2S4YnWr

कोरोना के हल्के लक्ष्णों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में संक्रमण के मामले अप्रत्याशित रूप से बढ़ रहे हैं. सरकार कोविड-19 के खिलाफ सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए टीकाकरण अभियान चला रही है. इस बीच, आयुष मंत्रालय ने वैज्ञानिकों के हवाले से आयुर्वेदिक दवा आयुष-64 पर बड़ा दावा किया है. उसका कहना है कि कोविड-19 के इलाज में मानक चिकित्सा के सहायक के तौर पर दवा फायदेमंद साबित हो रही है. 
      1980 में मलेरिया के इलाज के लिए दवा को विकसित किया गया था और अब कोविड-19 के इलाज में फिर शामिल की जा रही है.क्या मलेरिया की दवा से होगा कोरोना संक्रमण का इलाज?आयुष-64 कोरोना संक्रमण के एसिम्पटोमैटिक, हल्के और मध्यम लक्षण के इलाज में इस्तेमाल की जा सकती है. गुरुवार को आयुष मंत्रालय ने इसकी सिफारिश की. आयुष में नेशनल रिसर्च प्रोफेसर भूषण पटवर्धन ने ऑनलाइन प्रेस को संबोधित करते हुए कहा، "उसमें सूजन रोधी और एंटी वायरल गुण हैं जो कोविड-19 और फ्लू जैसी बीमारी से लड़ सकते हैं." सेंटर फोर रूमेटिक डिजीज, पुणे के डायरेक्टर अरविंद चोपड़ा ने बताया कि इस सिलसिले में दवा का परीक्षण तीन केंद्रों पर किया गया था आयुर्वेदिक दवा आयुष-64 कोविड-19 के इलाज में मुफीद किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ, दत्ता मेघा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, वर्धा और बीएमडी कोविड सेंटर, मुंबई में मानव परीक्षण के लिए हर जगह 70 प्रतिभागियों को शामिल किया गया. 

         अरविंद चोपड़ा ने बताया कि जिन मरीजों को आयुष-64 दवा का इस्तेमाल कराया गया, उनकी जांच रिपोर्ट साढ़े छह दिन में निगेटिव आ गई जबकि जिन लोगों को दवा नहीं खिलाया गया, उनके रिकवर होने में 8.3 दिन का समय लगा. हालांकि, इलाज के दौरान जिन मरीजों को रोजाना दो बार टैबलेट दिए जाते थे, उनको सलाह दी गई थी कि RT-PRC रिपोर्ट के निगेटिव आने के बाद दो से तीन सप्ताह तक टैबलेट लेना जारी रखें.

         चोपड़ा के मुताबिक, रिसर्च में पाया गया कि आयुष 64 के असर से चिंता, तनाव, थकान में कमी हुई और भूख को बढ़ावा मिला. दवा का स्पष्ट लाभकारी प्रभाव आम स्वास्थ्य, खुशी और नींद पर भी देखा गया. दवा के परीक्षण ने पर्याप्त सबूत उपलब्ध कराए कि आयुष 64 को प्रभावी और सुरक्षित तरीके से मानक इलाज के सहायक के तौर पर कोविड-19 के हल्के से लेकर मध्यम लक्षणों में दी जा सकती है. अधिकारी ने हालांकि ये भी कहा कि आयुष-64 दवा के मरीजों को अभी भी मॉनिटरिंग करने की जरूरत होगी


बांग्लादेश ने चीनी कोविड-19 वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की दी मंजूरी, जताया ये शक
"करीब एक चौथाई ब्रिटिश हेल्थ केयर वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन पर है संदेह, रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा"करीब एक चौथाई ब्रिटिश हेल्थ केयर वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन पर है संदेह, रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा 

Shukravar Lakshmi Pujan: दुख, दरिद्रता से रहना चाहते हैं दूर तो इस दिन करें ये खास उपाय, बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है. इस दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने पर उनकी विशेष कृपा होती है. मां लक्ष्मी को धन, सुख और समृद्धि की देवी माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो भक्त हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी का व्रत रखकर विधि विधान से पूजा करता है. माता लक्ष्मी उस पर अति प्रसन्न होती है. तथा उनकी कृपा से भक्त दुःख और दरिद्रता से मुक्ति पाता है. मां की कृपा से उसके घर परिवार में धन-वैभव का भंडार भर जाता है.ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि कुछ काम ऐसे होते हैं, जिनको करने से माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं. उनकी नाराजगी से जातक पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है. आइये जानें कि मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शुक्रवार के दिन कौन सा काम करना चाहिए और कौनसा काम नहीं करना चाहिए.: इस दिन लगेगा वर्ष 2021 का पहला चंद्र ग्रहण, वृश्चिक राशि पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर, जानें 
इन कामों को करने से होती है मां लक्ष्मी की कृपा ऐसी मान्यता है कि घर की उत्तर दिशा में माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर का वास होता है. इस दिशा में कभी भी कूड़ा-करकट, भंगार, रद्दी सामान आदि को नहीं रखना चाहिए. ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और घर परिवार में कंगाली आती है.माना जाता है कि घर की रसोई में लक्ष्मी जी वासा होता है इस लिए शुक्रवार के दिन रसोई को एकदम साफ़-सुथरा और सुगन्धित रखना चाहिए. ऐसा करने से लक्ष्मी जी खुश होती हैं.
रसोई में कभी जूठे वर्तन नहीं रखना चाहिए. जूठे बर्तन होने से जातक को लक्ष्मी की नाराजगी झेलनी पड़ेगी.
कहा जाता है कि शुक्रवार के दिन किसी को भी उधार में चीनी नहीं देना चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चीनी का संबंध शुक्र ग्रह से होता है. शुक्र ग्रह को भौतिक सुख और समृद्धि का स्वामी माना जाता है. शुक्रवार के दिन चीनी उधार देने से शुक्र पक्ष कमजोर पड़ता है और घर में दरिद्रता आती है.
शुक्रवार के दिन मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. जिस घर में इन जैसे चीजों का सेवन किया जाता है. उस घर से मां लक्ष्मी रूठ कर चली जाती है. जिसके चलते 
;घर दरिद्रता का वास होना शुरू हो जाता है.Chaturthi: कल है विकट संकष्टी चतुर्थी, संतान प्राप्ति के लिए इस दिन करें गणेश जी की पूजा, जानें डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Sankashti Chaturthi: आज संकष्टी चतुर्थी पर बन रहा है ये दो शुभ योग, गणेश जी की कृपा पाने के लिए जरूर करें ये उपाय

<p style="text-align: justify;"><strong>Vaishakh Sankashti Chaturthi 2021: </strong>आज 30 अप्रैल 2021 को वैशाख मास की संकष्टी चतुर्थी है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर मास में दो चतुर्थी तिथि होती है. एक शुक्ल पक्ष की, जिसे विनायक चतुर्थी कहते हैं और दूसरी कृष्ण पक्ष की, जिसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं. सभी हिंदी महीनों में वैशाख मास की संकष्टी चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी कहते हैं. <strong>&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक, चतुर्थी तिथि भगवान गणेश जी को समर्पित है. संकष्टी चतुर्थी को संकट हरने वाली चतुर्थी भी कहते हैं. इस दिन भगवान गणेश की पूजा- अर्चना करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3e1TndE Chaturthi: कल है विकट संकष्टी चतुर्थी, संतान प्राप्ति के लिए इस दिन करें गणेश जी की पूजा, जानें डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left">&nbsp;</div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong> <strong>पर</strong> <strong>बन</strong> <strong>रहा</strong> <strong>है</strong> <strong>ये</strong> <strong>दो</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>संयोग</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदू पंचांग के मुताबिक़, इस बार संकष्टी चतुर्थी पर शिव योग और परिघ योग बन रहा है. ये दोनों योग भुत ही शुभ माने जाते हैं. इस योग में भगवान गणेश की पूजा करने से पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है. पहले परिघ योग आएगा और उसके बाद शिव योग होगा. आज 30 अप्रैल को सुबह 08 बजकर 03 मिनट तक परिघ योग रहेगा. इसके बाद से शिव योग का आरंभ होगा. मान्यता है कि यदि कोई शत्रु से संबंधित मामला हो तो गणेश पूजन परिध योग में से विजय प्राप्त होती है. शिव योग बहुत ही शुभ फलदायक माना जाता है. इस योग में किसी भी मंत्र से भगवान का स्मरण किया जाये तो तो कई गुना लाभ मिलता है. शास्त्रों में इस आशय की पुष्टि की गई है कि शिव योग में भगवान गणेश जी की आराधना की जाये तो भक्त की मनोकामना पूरी होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong> <strong>2021 </strong><strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong><strong> (</strong><strong>Vikata Sankashti Chaturthi 2021 Shubh Muhurat)</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong><strong> -</strong>30 अप्रैल 2021, शुक्रवार को</li> <li><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong> <strong>के</strong> <strong>दिन</strong> <strong>चन्द्रोदय</strong> <strong>का</strong> <strong>समय</strong> &ndash; 10:48 रात</li> <li><strong>चतुर्थी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>के</strong> <strong>दौरान</strong> <strong>कोई</strong> <strong>चन्द्रोदय</strong> <strong>नहीं</strong> <strong>है</strong><strong>.</strong></li> <li><strong>चतुर्थी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>प्रारम्भ</strong> <strong>&ndash; </strong>29 अप्रैल 2021 को रात 10:09 बजे</li> <li><strong>चतुर्थी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>समाप्त</strong> <strong>&ndash; </strong>30 अप्रैल 2021 को शाम 07:09 बजे</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>गणेश</strong> <strong>भगवान</strong> <strong>को</strong> <strong>प्रसन्न</strong> <strong>करने</strong> <strong>के</strong> <strong>लिए</strong> <strong>ये</strong> <strong>काम</strong> <strong>जरूर</strong> <strong>करें</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>गणेश भगवान को प्रसन्न करने के लिए विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन उन्हें दूर्वा घास जरूर अर्पित करें.</li> <li>भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए मोदक या लड्डुओं का भोग लगाएं.</li> <li>गणपति महाराज को सिंदूर भी लगाएं. गणपित को सिंदूर लगाने के बाद अपने माथे पर भी सिंदूर लगा लें. गणपति को सिंदूर लगाने से सभी तरह के दुख- दर्द दूर हो जाते हैं.</li> <li>ऊॅं श्री सिद्धिविनायकाय नम: मंत्र का जप करें. उसके बाद उनकी आरती करें.</li> </ul> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3telknf Purnima 2021: कब है वैशाख पूर्णिमा? व्रत करने से दूर होगी दरिद्रता और दुख, जानें पूजा विधि और व्रत का महत्त्व</a></strong></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/3gNuEvt

रिसर्च में दावा, पायरिया से पीड़ित कोरोना मरीजों में गंभीर रूप से बीमार होने और मौत का खतरा ज्यादा

<p style="text-align: justify;">मैकगिल यूनिवर्सिटी कनाडा के शोधकर्ताओं ने पायरिया, मसूढ़े के रोग की आम शक्ल, और कोविड-19 के गंभीर नतीजों के बीच मजबूत संबंध का पता लगाया है. रिसर्च में पाया गया कि पायरिया से पीड़ित लोगों को कोविड-19 से मौत का खतरा अन्य के मुकाबले 8.8 गुना ज्यादा होता है. उसके साथ, ऐसे लोगों को कोविड-19 से अस्पताल में दाखिले की जरूरत 3.5 गुना और वेंटिलेटर की की जरूरत 4.5 गुना ज्यादा होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पायरिया और कोविड-19 के बीच क्या मजबूत संबंध है?</strong></p> <p style="text-align: justify;">दांतों और मसूढ़ों के बीच बैक्टीरिया के संचय के कारण गंभीर सूजन की क्लीनिकल परिभाषा पायरिया है. इलाज के बिना ये दर्दनाक फोड़े, दांतों के नुकसान की वजह बन सकता है. लोग पायरिया को ब्रश कर और दांतों का नियमित चेकअप समेत मुंह की अच्छी सफाई से पायरिया को रोक पाने में सक्षम हो सकते हैं. शोधकर्ताओं का कहना है, "पायरिया को मुंह समेत कई बीमारियों का जोखिम कारक समझा जाता रहा है." वैज्ञानिकों ने सांस की बीमारी, डायबिटीज, दिल की बीमारी और स्थिति के बीच संबंध का भी पता लगाया है. इसके अलावा मसूढ़े की बीमारी और प्रेगनेन्सी की पेचीदगी जैसे प्री-एक्लेमप्सिया के बीच के ज्यादा खतरे का भी संबंध है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीड़ितों को कोविड-19 से मौत का खतरा 8.8 गुना ज्यादा&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिसर्च के मुताबिक, पायरिया मसूढ़े की सूजन का कारण बनता है, और इलाज नहीं कराया जाए, तो सूजन शरीर में फैल सकता है. शोधकर्ताओं ने बताया कि पायरिया कनाडा में दांत की सबसे आम बीमारी है. उससे 10 में से 7 लोग अपनी जिंदगी में कभी न कभी प्रभावित होते हैं और ये एक अदृश्य महामारी है. उन्होंने बीमारी के प्रति जागरुकता और पेरियोडोंटल डिजीज को ज्यादा बहाल रखने, विशेषकर इस वैश्विक महामारी के दौरान बढ़ाने की जरूरत बताई है. शोधकर्ताओं ने कतर के हम्माद मेडिकल कॉर्पोरेशन के 568 मरीजो का दांतों और सेहत के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का विश्लेषण किया. उन्होंने विभिन्न पहलुओं जैसे जनसांख्यिकीय, मेडिकल या व्यवहार फैक्टर पर विचार करने के बाद पाया कि पायरिया से पीड़ित लोगों के खून में सूजन का लेवल स्पष्ट रूप से ज्यादा था.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने बताया कि कोविड-19 के गंभीर मामलों के साथ मरीजों में सूजन की प्रतिक्रिया पेचीदगी और यहां तक मौत की वजह बन सकती है. वरिष्ठ लेखक डॉक्टर फलेह तमीमी ने बताया, "हमें पहले ही शक था कि पायरिया से पीड़ित लोगों में कोविड-19 की गंभीरता ज्यादा होती होगी क्योंकि उनके शरीर में सूजन का लेवल पहले ही ज्यादा होता है." हालांकि, शोधकर्ताओं ने चेताया कि उनके रिसर्च की अपनी सीमाएं हैं. अंत में, रिसर्च अनौपचारिक संबंध पायरिया और कोविड-19 के गंभीर नतीजों के बीच स्थापित नहीं करता है. इसके अलावा लोगों का डेटा ज्यादा नहीं होने के कारण आगे रिसर्च की और जरूरत है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या रेमडेसिविर के साथ हेपेटाइटिस सी की दवाओं का मेल कोविड-19 के खिलाफ कारगर है? जानें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/is-hepatitis-c-drugs-combined-with-remdesivir-effective-against-covid-19-know-1907200">क्या रेमडेसिविर के साथ हेपेटाइटिस सी की दवाओं का मेल कोविड-19 के खिलाफ कारगर है? जानें</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या आप कोरोना पॉजिटिव की देखभाल घर पर कर रहे हैं ? जानिए होम आईसोलेशन से जुड़े खास टिप्स" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/are-you-taking-care-of-corona-positive-at-home-care-tips-for-you-and-others-1907186">क्या आप कोरोना पॉजिटिव की देखभाल घर पर कर रहे हैं ? जानिए होम आईसोलेशन से जुड़े खास टिप्स</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3e6Nufz

क्या जिन युवाओं को एक बार कोरोना हो चुका है उन्हें दोबारा भी हो सकता है ? जानें क्या कहती है रिसर्च

<p style="text-align: justify;">अगर आप ये सोच रहे हैं कि एक बार संक्रमित होने के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आप फिर नहीं आ सकते हैं, तो ये आपका भ्रम है. रिसर्च से साबित हुआ है कि पूर्व का कोविड-19 संक्रमण दूसरी बार संक्रमण से युवाओं को पूरी तरह सुरक्षा नहीं देता है, और टीकाकरण की अभी भी जरूरत इम्यून रिस्पॉन्स बढ़ाने और बीमारी के ट्रांसमिशन को कम करने के लिए होगी. ये खुलासा लांसेट रिस्पेरेटरी मेडिसीन पत्रिका में प्रकाशित अवलोकनात्मक रिसर्च की रिपोर्ट में हुआ है. रिसर्च को अमेरिकी नौसैनिक टुकड़ी के 3 हजार से ज्यादा स्वस्थ सदस्यों पर किया गया था और उनमें से अधिकतर की उम्र 18-20 साल के बीच थी. आइकैन स्कूल ऑफ मेडिसीन, अमेरिका के शोधकर्ताओं ने जोर दिया कि जहां कहीं भी संभव हो युवाओं को वैक्सीन लगवाना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एक बार का संक्रमण क्या आपको कोरोना के खिलाफ दे सकता सुरक्षा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने माना कि पहले का संक्रमण और वर्तमान की एंटी बॉडीज, टीकाकरण अभी भी इम्यून रिस्पॉन्स बढ़ाने, दूसरी बार संक्रमण को रोकने और बीमारी के ट्रांसमिशन को कम करने के लिए जरूरी है. रिसर्च टीम में शामिल एक शोधकर्ता प्रोफेसर स्टुअर्ट सीलफोन ने कहा, "जैसा कि टीकाकरण अभियान अत्यधिक फायदा हासिल करने के लिए जारी है, मगर जरूरी है याद रखना कि कोविड-19 के पहले संक्रमण के बावजूद युवाओं को वायरस फिर चपेट में ले सकता है और उसे दूसरों तक अभी भी फैला सकते हैं." उन्होंने इम्यूनिटी के हवाले से बताया कि पूर्व का संक्रमण गारंटी नहीं देता है और टीकाकरण से मिलनेवाली अतिरिक्त सुरक्षा की अभी भी उन लोगों को जरूरत होगी जिनको कोविड-19 की बीमारी रह चुकी थी.&nbsp;हालांक, रिसर्च को फिट, युआ और नौसैनिक टुकड़े के ज्यादातर पुरुष जवानों पर किया गया था, इसलिए शोधकर्ताओं का मानना है कि उनके रिसर्च में पाया गया दूसरे संक्रमण का खतरा सिर्फ युवाओं पर लागू होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इम्यूनिटी के हवाले से शोधकर्ताओं ने बताया पूर्व का संक्रमण गारंटी नहीं</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिसर्च में शामिल प्रतिभागियों के ज्यादातर नए मामले एसिम्पटोमैटिक थे, या हल्का लक्षण था और किसी को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी. नौसेना मेडिकल रिसर्च सेंटर, अमेरिका के डान वेर ने कहा, "हमारा रिसर्च बताता है कि कुछ कमजोर एंटीबॉडीज के निम्न लेवल वाले लोग दूसरी बार संक्रमण थे, इससे संकेत मिलता है कि संभव है पूर्व में संक्रमित रह चुके और ठीक हो चुके लोगों को बाद में कोरोना वायरस की चपेट में दूसरी बार आने का खतरा है. दोबारा ये संक्रमण एसिम्पटोमैटिक हो सकते हैं, जैसा कि हमारे अधिकतर प्रतिभागियों के मामले में देखा गया." शोधकर्ताओं का मानना है कि उनके रिसर्च की कुछ सीमाएं है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><a title="क्या आप कोरोना पॉजिटिव की देखभाल घर पर कर रहे हैं ? जानिए होम आईसोलेशन से जुड़े खास टिप्स" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/are-you-taking-care-of-corona-positive-at-home-care-tips-for-you-and-others-1907186">क्या आप कोरोना पॉजिटिव की देखभाल घर पर कर रहे हैं ? जानिए होम आईसोलेशन से जुड़े खास टिप्स</a></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या रेमडेसिविर के साथ हेपेटाइटिस सी की दवाओं का मेल कोविड-19 के खिलाफ कारगर है? जानें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/is-hepatitis-c-drugs-combined-with-remdesivir-effective-against-covid-19-know-1907200">क्या रेमडेसिविर के साथ हेपेटाइटिस सी की दवाओं का मेल कोविड-19 के खिलाफ कारगर है? जानें</a></strong></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/2RbL5Hg

Covid-19 Isolation में तनाव कम करने के लिए अभिनेत्री भाग्य श्री ने शेयर किए टिप्स, देखें वीडियो

<p style="text-align: justify;">कोविड-19 संक्रमण के रोजाना मामलों ने दूसरी लहर को गंभीर बना दिया है. मरीजों की बढ़ती तादाद से अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमडेसिविर और वेंटिलेटर कम पड़ गए हैं. अभाव में हुई मौत से चिंतित होना स्वाभाविक है. ऐसे में अभिनेत्री भाग्य श्री ने संपूर्ण स्वास्थ्य टिप का अनजाने में भेद खोला है. दावा है कि 'ये आपके दिमाग को अधिक चिंतित महसूस करने से दूर कर देगा.'&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">अपने सोशल मीडिया हैंडल पर उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जैसा कि हर मंगलवार को उनका नियमित अभ्यास है. वीडियो में एक्ट्रेस दिमागी या शारीरिक सेहत में मदददगार कुछ मुफीद उपाय का खुलासा करते हुए दिखाई दे रही हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने बयान किया, "कोविड-19 के दौरान और ठीक होने के बाद अत्यंत थकावट, &rlm;शरीर में दर्द वास्तव में आइसोलेशन के दौरान दिमागी तौर पर आपका मजबूत रहना बहुत मुश्किल बना सकता है."</p> <p style="text-align: justify;">अपने फैंस को उसे हराने का हल सुझाते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया, "करीब 10-15 बूंदे नीलगीरी तेल को नारियल तेल में मिक्स करें और उसका इस्तेमाल अपने हाथ और पैर का मसाज करने के लिए सुबह और रात को सोने से पहले करें."<br />&nbsp;<br />इस टिप के स्वास्थ्य फायदों का खुलासा करते हुए भाग्य श्री ने विस्तार से बताया, "नीलगीरी तेल का इस्तेमाल तनाव कम करने के लिए अरोमाथेरेपी में किया जाता है. ये आपके लंग्स की श्वास नलिकाओं को भी साफ करता है, इस तरह उसे संभव बनाता है कि ज्यादा आसान सांस ली जाए. उसका अर्क आपकी नाक और गले को राहत भी देता है."</p> <p style="text-align: justify;">एक्टर ने जोर देते हुए खत्म किया, "ये कुछ ऐसा है जिसको मैं नियमित तौर पर करती हूं. बदन दर्द को कम करने में सक्षम होना संभव बनाता है कि आप अपने दिमाग को अधिक चिंतित महसूस करने से दूर करें. इसलिए इस आसान टिप को आजमाएं."</p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/3u7HMPR> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बार-बार गर्म पानी पीने से भी हो सकती है दिक्कत, ये हैं 5 बड़े नुकसान" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/drinking-hot-water-can-also-harmful-for-your-health-5-major-side-effect-of-hot-water-1907378">बार-बार गर्म पानी पीने से भी हो सकती है दिक्कत, ये हैं 5 बड़े नुकसान</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/how-to-make-lungs-strong-in-corona-increase-capacity-with-these-5-exercises-1907409">कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी</a></strong></p> <p style="text-align: justify;">नीलगीरी का तेल घावों को कीटाणु रहित भी बनाता है, ब्लड शुगर कम करता है, मुंह के छाले को शांत करता है और सांस को ताजगी देता है. औषधी के तर पर आम बीमारियों और स्थितियों के लिए इस्तेमाल किए जाने के अलावा, उसकी पतली शक्ल का इस्तेमाल अर्थराइटिस और स्किन के अल्सर का इलाज करने में भी किया जा सकता है.&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3e4vm5N

कोविड-19 से ठीक होने के बाद भी कमजोरी हो रही है? जानिए ऐसी हालत में क्या करें

<p style="text-align: justify;">भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के रोजाना मामले 3 लाख से ज्यादा दर्ज हो रहे हैं, जिसने स्थिति को पेचीदा और गंभीर बना दिया है. मामलों में अचानक आई बढ़ोतरी ने अस्पताल में बिस्तर, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां और अन्य मेडिकल सुविधाओं की कमी पैदा कर दी. हालांकि, एक्टिव मामलों और मौत से बाहर हुए बहुत सारे लोग इस खतरनाक वायरस से ठीक हो रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">जब से कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने भारत में दस्तक दी है, नए स्ट्रेन, उसके लक्षण, खुद को कोविड-19 से कैसे रखें सुरक्षित जैसी टिप्स के साथ लोगों को जागरुक किया जा रहा है. लेकिन, इस खतरनाक वायरस के नतीजों पर लोगों को सावधान नहीं किया जा रहा है. जी हां, आपने ठीक सुना और पढ़ा है. जो लोग कोरोना वायरस को मात दे रहे हैं, उन्हें कुछ मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है, और ठीक होने के लिए जरूरी है कि सही और स्वस्थ खाना खाया जाए. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">रिकवरी के बाद मरीजों को कमजोरी का अनुभव हो रहा है, जो लक्षणों से अलग है, जैसे अगर किसी को कोविड-19 का हल्का लक्षण है, तब उसे ठीक होने में करीब 2 सप्ताह लग रहा है. अगर मरीज को कोविड-19 का मध्यम और गंभीर संक्रमण है, तब उसे करीब चार सप्ताह लग रहे हैं. इसलिए जो लोग कोविड-19 से ठीक हो रहे हैं, उनको जानना चाहिए कि आप क्या कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सब्जी खाएं-</strong> सुनिश्चित करें कि आपकी डाइट में विभिन्न तरह की मौसमी सब्जी शामिल हो क्योंकि मौसमी मौसमी सब्जी में विटामिन्स और मिनरल्स ज्यादा होता है जो आपकी ऊर्जा को बढ़ाते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फल खाएं-</strong> अपने ब्रेकफास्ट में अलग-अलग ताजा फलों जैसे सेब, अनार, पपीता को शामिल करें. अगर आपको फल खाना पसंद नहीं है, तब फल का ताजा जूस पीएं. इससे आपको अपनी कमजोरी पर काबू पाने में मदद मिलेगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पानी पीएं-</strong> खूब पानी पीएं क्योंकि ठीक होते समय हाइड्रेटेड रहना जरूरी है. आप नारियल पानी, जूस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गर्म दूध पीएं-</strong> बिस्तर पर जाने से पहले दूध में चुटकी भर हल्दी मिलाकर गर्म दूध के साथ पीना सुनिश्चित करें. ये हल्दी दूध आपकी हड्डियों को मजबूत करेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एंटी ऑक्सीडेंट और प्रोटीन से भरपूर फूड खाएं-</strong> अंडा, डेयरी प्रोडक्ट्स, मछली, बेरी जैसे फल खाने से ठीक होने की प्रक्रिया तेज होने में मदद मिलती है. इसके अलावा, विटामिन सी, मल्टीविटामिन्स और जिंक टैबलेट भी इस्तेमाल करें क्योंकि इससे आपके शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद मिलेगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/how-to-make-lungs-strong-in-corona-increase-capacity-with-these-5-exercises-1907409">कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बार-बार गर्म पानी पीने से भी हो सकती है दिक्कत, ये हैं 5 बड़े नुकसान" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/drinking-hot-water-can-also-harmful-for-your-health-5-major-side-effect-of-hot-water-1907378">बार-बार गर्म पानी पीने से भी हो सकती है दिक्कत, ये हैं 5 बड़े नुकसान</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vwKTBq

Thursday, April 29, 2021

कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस से लड़ने के लिए आजकल लोग अपने फेफड़ों को मजबूत बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. स्वस्थ रहने के लिए फेफड़ों से जुड़े व्यायाम करते रहने की जरूरत है. फेफड़े हमारे शरीर को शुद्ध ऑक्सीजन देने का काम करते हैं और शरीर की प्रत्येक गतिविधि ऑक्सीजन पर निर्भर है. फेफड़े हमारी बॉडी के हर हिस्से में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करते हैं. ऐसे में अगर आप फेफड़ों से जुड़े व्यायाम करते हैं तो इससे आपको सांस लेने में फफडों में ऑक्सीजन के बेहतर तरीके से जाता है. लंग एक्सरसाइज आपके फेफड़ों को वायुप्रवाह और ऑक्सीजन लेवल को मैनेज करने में अहम रोल प्ले करती हैं. आज हम आपको फेफड़ों के स्वास्थ्य के लिए 5 एक्सरसाइज बता रहे हैं जिन्हें आप कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फेफड़ों के लिए एक्सरसाइज (Exercise To Increase Lung Capacity)</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- हंसना और गाना-</strong> तेज-तेज हंसना और गाना ऐसी एक्सरसाइज है जिससे न केवल आपके फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है, बल्कि बासी हवा फेफड़ों से बाहर निकलती है. इस तरह आपके शरीर में ज्यादा से ज्यादा फ्रेश एयर जाती है. गाना गाने से डायाफ्राम की मांसपेशियां काम करती है, जिससे फेफड़ों की कैपिसिटी बढ़ती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- वाटर-बेस्ड एक्सरसाइज-</strong> फफड़ों के लिए वाटर वर्कआउट भी अच्छा होता है. इसके लिए आपके शरीर को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. पानी प्रतिरोध के स्रोत के रूप में काम करता है. इससे फेफड़े मजबूत होते हैं. आप पानी में स्ट्रेचिंग और वेट लिफ्टिंग जैसी एक्सरसाइज भी कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- कार्डियो एक्सरसाइज-</strong> लंग्स के लिए कार्डियो एक्सरसाइज सबसे अच्छी होती है. इससे फेफड़ों की कैपेसिटी कई गुना बढ़ जाती है. आपको रोज कम से कम 30 मिनट की कसरत जरूर करनी चाहिए. जब आप तेज वर्कआउट करते हैं तो इससे फफड़ों को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और उनकी क्षमता काफी बढ़ जाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- वर्कआउट इन हाई एलीवेशन-</strong> हाई एल्टीट्यूड पर ऑक्सीजन कम हो जाता है. ऐसे में अगर आप एलीट्यूड में वर्कआउट करते हैं तो आपके फेफड़ों की क्षमता काफी बढ़ जाती है. ऐसी स्थिति में आपको धीरे-धीरे व्यायाम शुरू करना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- पुशिंग आउट और एब्डॉमिनल ब्रीदिंग-</strong> लंग्स के लिए पुश अपिंग एक सुपर पावर ब्रीदिंग एक्सरसाइज है जिससे फेफड़ों को ऑक्सीजन को अवशोषित करने क्षमता मिलती है. इसके अलावा एब्डॉमिनल ब्रीदिंग एक बहुत सिंपल एक्सरसाइज है जिसमें आपको पेट के बल एक हाथ से पीठ के बल लेटना होता है और दूसरे हाथ को सीने पर रखना होता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3gKKW8w" target="_blank" rel="noopener">बार-बार गर्म पानी पीने से भी हो सकती है दिक्कत, ये हैं 5 बड़े नुकसान</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2QHbcpF

बार-बार गर्म पानी पीने से भी हो सकती है दिक्कत, ये हैं 5 बड़े नुकसान

<p style="text-align: justify;">आजकल कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोग दिनभर गर्म पानी पी रहे हैं. माना जाता है कि गले को साफ रखने के लिए गर्म पानी काफी कारगर है. लेकिन गर्मियों में गर्म पानी से प्यास बुझाना मुश्किल होता है. लेकिन क्या आपको पता है ज्यादा गर्म पानी पीने से आपकी सेहत को नुकसान भी हो सकता है. हम आपको बता रहे हैं कि कैसे गर्म पानी आपकी सेहत पर असर डाल सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1-नींद की समस्या-</strong> अगर आप रात में सोते वक्त गर्म पानी पीते हैं तो आपको नींद की समस्या हो सकती है. रात में गर्म पानी पीने से आपको टोयलेट की समस्या हो सकती है आपको बार-बार पेशाब की समस्या हो सकती है. इससे रक्त वाहिनी कोशिकाओं पर दबाव बढ़ता है इसलिए रात को सोते वक्त गर्म पानी न पीएं.&nbsp;<br />&nbsp;<br /><strong>2-अंदरूनी अंगों में छाले हो सकते हैं-</strong> अगर आप ज्यादा गर्म पानी पीते हैं तो शरीर के अंदरूनी अंगों को इससे नुकसान हो सकता है. लगातार लंबे समय तक गर्म पानी पीने से पेट में जलन की समस्या भी हो सकती है. हमारे शरीर के अंदर टिशूज होते हैं जो बेहद संवेदनशील होते हैं. इसलिए गर्म पानी पीने से शरीर के अंदरूनी अंगों में छाले भी हो सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3-किडनी पर असर-</strong> किडनी में खास कैपिलरी सिस्टम होता है, जो शरीर से अतिरिक्त पानी और टॉक्सिन्स को बाहर निकलने में मदद करता है. लेकिन कई रिसर्च में पाया गया है कि गर्म पानी किडनियों पर ज्यादा असर डालता है. जिससे किडनी के नॉर्मल फंक्शन पर असर पड़ता है.&nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4-नसों में सूजन आ सकती है-</strong> कई लोग बिना प्यास के भी गर्म पानी पीते रहते हैं. ऐसा लंबे समय तक करने से दिमाग की नसों में सूजन आ सकती है. बार-बार गर्म पानी पीने से सिर दर्द की समस्या भी हो सकती है. इसलिए बार-बार गर्म पानी पीने से बचें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5-ब्लड की मात्रा पर प्रभाव पड़ता है-</strong> ज्यादा गर्म पानी पीने से ब्लड की मात्रा पर असर पड़ता है. ज्यादा गर्म पानी से आपके रक्त की कुल मात्रा बढ़ जाती है. रक्त का संचलन एक बंद प्रणाली है और अगर इस पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ता है, तो हाई ब्लड प्रेशर और कई दूसरी कार्डियो की परेशानी हो सकती है.&nbsp;<br />&nbsp;<br /><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3ntWU7O" target="_blank" rel="noopener">बीते 10 दिनों में नारियल पानी के दाम में हुआ दो गुना इज़ाफा, जानें क्या हैं इसके फायदे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3gKKW8w

ज्यादा देर तक बैठे रहना स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक, कैंसर और दिल की बीमारी का बढ़ जाता है खतरा

<p>आजकल कोरोना महामारी की वजह से भारत ही नहीं पूरी दुनिया में लोग घरों में कैद हैं. ज्यादातर लोग अपने घरों से काम कर रहे हैं. लेकिन घरों में ऑफिस का काम करने के लिए सही जगह नहीं मिल पाती. कई बार तो हम घंटों गलत तरीके से बैठकर काम करते रहते हैं. लैपटॉप पर काम करने की वजह से कभी सोफे पर तो कभी बेड पर बैठकर काम करने से कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं. लंबे वक्त तक एक ही स्थिति में बैठे रहना आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है.&nbsp;</p> <p><strong>लंबे समय तक बैठे रहने के खतरे</strong><br />ज्&zwj;यादा देर तक बैठे रहने से गर्दन और पीठ में दर्द आम बात है. लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि आपकी ये आदत आपको कैंसर जैसे खतरे में भी डाल सकती है. इसके अलावा दिल की बीमारी की खतरा भी ऐसे लोगों में बढ़ जाता है.&nbsp;</p> <p><strong>क्या कहता है रिसर्च ?</strong><br />मेडिकल जर्नल 'जेएएमए ऑन्कोलॉजी' ने एक सर्वे किया जिससे चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. शोध के मुताबिक लंबे समय तक बैठे रहने से आप कैंसर का शिकार हो सकते हैं, इसके अलावा बैठे रहने से दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. दरअसल 4 सालों तक करीब 8,000 लोगों पर ये रिसर्च किया गया. लोगों की लाइफ स्टाइल का आंकलन किया. जिसमें लंबे समय तक बैठे रहने वाले और फिजिकली इनएक्टिव लोगों में कैंसर से मरने का खतरा 82 प्रतिशत ज्यादा पाया गया. जबकि लंबे समय तक बैठे रहने वाले लोगों की तुलना में एक्टिव रहने वाले, एक्सरसाइज करने वाले लोगों में ये जोखिम कम पाया गया. रिसर्च कहती है कि जिन लोगों की दिनचर्या में तेज चलना, एक घंटे से ज्यादा साइकिलिंग करने जैसी एक्टिविटीज शामिल थीं उनमें कैसर का खतरा 31 प्रतिशत कम पाया गया. रिसर्च में कहा गया है कि उठो, चलो और खुद को स्&zwj;वस्&zwj;थ रखो.&nbsp;</p> <p>क्या आप मानते हैं कि वर्क फ्रोम होम से ज्यादा आप ऑफिस में एक्टिव होते थे. लॉकडाउन से पहले आप ज्यादा सक्रिय हुआ करते थे. ज्यादातर लोग कहेंगे हां, इसमें घूमना, टहलना, एक्सरसाइज करना, लोगों से मिलना जुलना, ट्रेवल करना जैसी एक्टिविटीज शामिल थीं. लेकिन अब घर से काम करने पर बाहर आना जाना बंद सा हो गया है. महानगरों में घरों में इतनी जगह नहीं होती कि आप ठीक से टहल सकें. इसलिए फिजिकल एक्टिविटीज काफी कम हो गई हैं. लेकिन स्वास्थ्य को ठीक रखना है तो आपको रोजाना चलना होगा या फिर थोड़ी एक्सरसाइज जरूर करनी होगी. क्योंकि आपका आलस और कैंसर की बीच संबंध है. जिसे आपको दूर करना है.&nbsp;</p> <p><strong>ज्यादा देर बैठने से बढ़ता है कैंसर का खतरा&nbsp;</strong></p> <p>किसी एक जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने से कई समस्याएं होती हैं अब तक वजन बढ़ने, गर्दन में दर्द और पीठ में दर्द की समस्याएं आपने सुनी होंगी लेकिन अब इससे कैंसर का खतरा भी बढ़ रहा है. इस रिसर्च में भी स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि कैंसर जैसी बीमारी का जोखिम कम करने के लिए जीवन शैली में स्वस्थ बदलाव लाने की जरूरत है.&nbsp;</p> <p><strong>वॉक और एक्सरसाइज से कम होगा कैंसर का खतरा&nbsp;</strong></p> <p>अगर आप फिजिकली एक्टिव हैं डेली वर्कआउट करते हैं तो आप कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बच सकते हैं. आप हाइ लेवल वर्कआउट के लिए 30 मिनट या ब्रिस्क वॉकिंग, रनिंग और साइकलिंग के लिए 1 घंटे का समय निकालते हैं, तो आप खुद को कैंसर होने से बचा सकते हैं. इसके अलावा आप डेली हेल्दी खाना खाएं.&nbsp;</p> <p><strong>वर्क फ्रोम होम में कैसे रखें खुद को एक्टिव</strong></p> <p>1- जब भी आपको लगे कि आप 1 घंटे से बैठे हैं तो उठ कर थोड़ी स्ट्रैचिंग करें.<br />2- पानी पीने के लिए किचिन में जाएं और हर घंटे उठें.&nbsp;<br />3- फोन पर जब भी फोन पर बात करें चलते चलते रहें.<br />4- अपने ज्यादातर काम खुद करने की कोशिश करें.<br />5- खाना काम करने वाली जगह से अलग जाकर खाएं.&nbsp;</p> <p>घर से काम करते वक्त आप इन बातों को अमल में जरूर लाएं. तभी आप कैंसर और दिल की बीमारियों के जोखिम को कम कर सकते हैं. आपको स्वस्थ रहने के लिए अपनी जीवन शैली में ये बदलाव लाने की जरूरत है. &nbsp;</p> <p><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3aMS4NT" target="_blank" rel="noopener">दिल को लेकर ना बरतें लापरवाही, जानिए इसकी अच्छी सेहत के कुछ कारगर टिप्स</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2PEv2S4

कोरोना काल में ग्रीन टी से बढ़ेगी इम्यूनिटी, सेहत के लिए हैं फायदेमंद


डिजिटल डेस्क,दिल्ली। ज्यादातर लोग ग्रीन टी का सेवन वजन कम करने के लिए करते है लेकिन क्या आपको पता हैं कि, इसके नियमित सेवन से आपका इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। जी हां, लो कैलोरी वाली ग्रीन टी एक सुपरड्रिंक है और अगर आप ग्रीन टी में कुछ नेचुरल चीजों को ऐड कर दें तो इसके फायदे और भी ज्यादा बढ़ जाते हैं।

क्या हैं ग्रीन टी के फायदे

  • रिसर्च के मुताबिक, ग्रीन टी में एंटीऑक्सिडेंट के साथ ही कैटेचिन नाम का पॉलिफेनॉल भी पाया जाता है।
  • इन दोनों चीजों की वजह से हमारा इम्यून सिस्टम यानी बीमारियों से लड़ने की क्षमता मजबूत होती है।
  • इसके अलावा ग्रीन टी में एंटी-माइक्रोबियल भी होता हैं जो बैक्टीरिया और वायरस को बढ़ने से रोकती हैं, जिसका मतलब साफ हैं कि, अगर आप भी रोजाना 1 कप ग्रीन टी पीना शुरू कर दें तो आपकी सेहत को बहुत से फायदें हो सकते है।
  • ग्रीन टी में श्याम ओैर राम तुलसी की 15 पत्तियां, अदरक, नींबू, शहद, बारीक मेथी दाने, गिलोय की डंडियां, अश्वगंधा, पत्थर चट्टा की पत्तियां या इनका चूर्ण, नीम की ताजी पत्तियां, अर्जुन छाल का पाउडर, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च, कच्ची हल्दी या पिसी हल्दी, सुलेमानी नमक और पुदीने की ताजी पत्तियां इन सब को एक रात पहले ही पानी में भिगोकर रख दें और सुबह सभी चीजों को मिक्सी में पीस लें।
  • जिसके बाद 1 गिलास पानी में इस पूरे मिक्सचर को 15 मिनट तक उबालें फिर छानकर इसमें नमक या शहद डालकर पी लें।
  • आपको फायदा जल्द समझ आ जाएगा।


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नेबुलाइजर से करें घर पर ऑक्सीजन लेवल कंट्रोल ! 


डिजिटल डेस्क,दिल्ली। देशभर में कोरोना की दूसरी लहर चल रही है, जिसमें मरीजों को सांस लेने में काफी दिक्कतें आ रही है और अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म हो चुके है। ऐसे में सोशल मीडिया में एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हैं कि, नेबुलाइजर की मदद से आप घर बैठे आक्सीजन लेवल कंट्रोल कर सकते है लेकिन ये दावा कितना सही हैं और कितना गलत इस बारे में ऑल इंडिया रेडियो न्यूज ने अपने ऑफिशियल ट्विवटर हैंडल पर दिल्ली के आरएमएल अस्पताल के डॉ ए के वार्ष्णेय से बातचीत की और पूरी जानकारी शेयर की है। 

क्या कहना हैं डॉ ए के वार्ष्णेय का

  • सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का दावा हैं कि, अगर कोरोना मरीज और उनके परिजनों को ऑक्सीजन उपबल्ध न हो तो वो नेबुलाइजर मशीन का इस्तेमाल कर सकते है।
  • लेकिन आरएमएल अस्पताल के डॉ वार्ष्णेय इस दावे को भी झूठा बताते है।
  • डॉ वार्ष्णेय कहते हैं कि, नेबुलाइजर को लेकर किए गए दावे पूरी तरह से गलत है।
  • नेबुलाइजर एक स्पेशल मशीन है जो दवा को सीधे फेफड़ों तक भेजने का काम करती है।
  • लेकिन वो दवा भी ऐसी होती हैं, जिसे हम खा नहीं सकते है। उन दवाओं को नेबुलाइजर की मदद से दिया जाता है।
  • नेबुलाइजर की मदद से दवा फेफड़ों तक जल्दी पहुंचती है।लेकिन आपके शरीर में ऑक्सीजन लेवल से नेबुलाइजर का कोई संबंध नहीं है।
  • ऑक्सीजन लेवल को कैसे करें कंट्रोल?
  • डॉ वार्ष्णेय कहते हैं कि,अगर मरीज को सांस लेने में बहुत ज्यादा दिक्कत हैं तो उसे तुरंत अस्पताल ले जाए।
  • लेकिन अगर ऑक्सीजन की सुविधा उपबल्ध न हो तो घर में सबसे पहले प्रोन ब्रीदिंग करें। 
  • इसमें पेट के बल लेट जाएं और एक तकिया सिर के नीचे, एक तकिया छाती के नीचे और एक तकिया घुटने के नीचे लगा लें।
  • अगर आपने लगातार 30 मिनट तक इसी पोजिशन में लेटकर स्लो और डीप ब्रीदिंग किया तो, ऑक्सीजन सैचुरेशन सामान्य हो सकता है। 


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Lunar Eclipse 2021: इस दिन लगेगा वर्ष 2021 का पहला चंद्र ग्रहण, वृश्चिक राशि पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर, जानें Date & Timing

<p style="text-align: justify;"><strong>Chandra Grahan 2021: </strong>वर्ष 2021 का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई को लगेगा. इस दिन वैशाख मास की पूर्णिमा की तिथि भी है. &nbsp;भारत के समयानुसार यह चंद्र ग्रहण दिन में लगेगा. इस लिए यह भारत में नहीं दिखाई देगा. चंद्रग्रहण एक खगोलीय घटना है. विज्ञान के अनुसार, पृथ्वी जब सूर्य और चंद्रमा के बीच में आ जाती है, और यह तीनों एक सीधी लाइन में होते हैं. तो आकाश में बनने वाली इस स्थिति को चंद्र ग्रहण कहते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">हिंदू पंचांग और ज्योतिष गणना के अनुसार, यह चंद्र ग्रहण 26 मई 2021 को दिन में लगेगा. इस दिन वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि रहेगी. इसके अलावा इसी तिथि को भगवान बुद्ध का जन्म भी हुआ था. तथा इसी तिथि को उन्हें बोधिसत्व की प्राप्ति हुई थी. इसके अलावा इसी दिन वुद्ध को महापरिनिर्वाण की भी प्राप्ति हुई. इस लिए लिए यह चंद्रग्रहण और भी खास बन जाता है.</p> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3e1TndE Chaturthi: कल है विकट संकष्टी चतुर्थी, संतान प्राप्ति के लिए इस दिन करें गणेश जी की पूजा, जानें डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"><strong>चंद्रग्रहण</strong><strong> 2021 </strong><strong>की</strong> <strong>तारीख</strong> <strong>और</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>समय</strong></p> <p style="text-align: justify;">वर्ष 2021 का पहला चंद्र ग्रहण 26 मई को भारतीय समयानुसार दिन 2 बजकर 17 मिनट पर लगेगा. और यह ग्रहण शाम को 7 बजकर 19 मिनट तक रहेगा. ज्योतिषाचार्य के मुताबिक़ यह चंद्र ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण होगा. ज्योतिष के नियम के मुताबिक़, उपछाया चंद्रग्रहण में सूतक काल नहीं होता है. सूतक काल की स्थिति पूर्ण चंद्र ग्रहण में बनती है. सूतक काल ग्रहण शुरू होने के समय से 9 घंटे पहले शुरू होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वृश्चिक</strong> <strong>राशि</strong> <strong>पर</strong> <strong>पड़ेगा</strong> <strong>सबसे</strong> <strong>ज्यादा</strong> <strong>असर</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल का पहला चंद्र ग्रहण वृश्चिक राशि में लगेगा. इस वजह से इस ग्रहण का सबसे अधिक प्रभाव इसी राशि के लोगों पर पडेगा. इस लिए वृश्चिक राशि के लोगों को इस ग्रहण के दौरान विशेष सावधानी और सतर्कता बरतनी होगी.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3eDSjfo Purnima 2021: कब है वैशाख पूर्णिमा? व्रत करने से दूर होगी दरिद्रता और दुख, जानें पूजा विधि और व्रत का महत्त्व</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/2RcSNRl

Ramadan 2021: पवित्र महीने के दौरान इन आदतों से जरूर करें परहेज, सेहत के लिए हैं नुकसानदेह

<p style="text-align: justify;">रमजान का महीना बहुत तेजी से गुजर जाता है और इस दौरान हम खुद को महीने के मुताबिक ढाल नहीं पाते. हमें रूटीन तो बेहतर बनाने का समय नहीं मिलता. इसलिए रमजान से पहले मंसूबा बंदी करना जरूरी है. चंद नुकसानदेह आदतों से छुटकारा हासिल करना निहायत जरूरी है. हालांकि, अभी रमजान का आधा महीना गुजर चुका है. बावजूद इसके खराब आदतों को छोड़ कर कुछ बदलाव लाए जा सकते हैं. रमजान के महीने में सबसे ज्यादा नींद का समय खराब होता है. उसका असर हमारी दैनिक रूटीन पर पड़ता है. अक्सर लोग रमजान में हर समय नींद्रा अवस्था में नजर आते हैं जबकि वक्त रहते समस्या का हल निकाला जा सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रात भर जागना, सेहती या इफ्तार के बाद तत्काल सोना</strong><br />विशेषज्ञ किसी भी भोजन खाने के फौरन बाद सोने को मना करते हैं. ये इंसानी सेहत के लिए नुकसानदेह आदत कही जाती है. रमजान में ये आदत इसलिए ज्यादा नुकसानदेह साबित होती है क्योंकि हमारे शरीर को खाना बहुत देर बाद मिलता है, जिसे पचाने और अवशोषित होने में समय लगता है. इस आदत से कब्ज, गैस, थकान, बोझिलपन बढ़ जाता है. हो सकता है वजन में इजाफा और दिल की बीमारी का भी सामना करना पड़े.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कैफीन युक्त चाय का इस्तेमाल बढ़ा देना</strong><br />कुछ लोग खुद को तरोताजा रखने या सेहरी तक जागने के लिए कॉफी या चाय की मदद लेते हैं. रमजान के दौरान कैफीन का ज्यादा इस्तेमाल नुकसानदेह साबित हो सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादा कॉफी या चाय पीने से शरीर में संचित पानी का स्राव होता है और इंसान बहुत जल्द डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सक्रिय न रहना</strong><br />रमजान के दौरान खुद को सक्रिय नहीं रखना या चहलकदमी न करना एक नुकसानेदह आदत है. रमजान के महीने में व्यायाम के दोगुने फायदे हासिल होते हैं, जबकि सबसे बढ़ कर इंसान खुद को सक्रिय और चुस्त महसूस करता है और भोजन भी आसानी से पचता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सेहरी के बिना रोजा रखना</strong><br />सेहरी के वक्त सुबह-सबेरे उठना सभी लोगों के लिए आसान नहीं होता. मगर सेहरी खाए बिना रोजा रखना अच्छी आदत नहीं. सेहरी के वक्त उठना और सेहरी कर रोजा रखना एक सेहतमंद आदत है. सेहरी खाने से इंसानी शरीर की साइकिल संतुलित और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="ऑस्ट्रेलिया के मशहूर शेफ ने छोले भटूरा खाते हुए शेयर की तस्वीर, भारत के संकट पर कही ये बात" href="https://www.abplive.com/lifestyle/food/australian-masterchef-shares-picture-of-eating-chole-bhature-expressed-concern-over-crisis-1907096">ऑस्ट्रेलिया के मशहूर शेफ ने छोले भटूरा खाते हुए शेयर की तस्वीर, भारत के संकट पर कही ये बात</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना वायरस: बीते 10 दिनों में नारियल पानी के दाम में हुआ दो गुना इज़ाफा, जानें क्या हैं इसके फायदे" href="https://www.abplive.com/news/india/coronavirus-coconut-water-prices-have-doubled-in-last-10-days-know-what-are-its-benefits-ann-1907038">कोरोना वायरस: बीते 10 दिनों में नारियल पानी के दाम में हुआ दो गुना इज़ाफा, जानें क्या हैं इसके फायदे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3ey6baI

क्या रेमडेसिविर के साथ हेपेटाइटिस सी की दवाओं का मेल कोविड-19 के खिलाफ कारगर है? जानें

<p style="text-align: justify;">भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच एंटी वायरल दवा रेमडेसिविर बहुत ज्यादा मांग में है. कोविड-19 में बढ़ोतरी और दवा की कमी के मद्देनजर स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रेमडेसिविर जीवन-रक्षक दवा नहीं है और उसका कोविड-19 मरीजों पर 'गैर जरूरी या अतार्किक' इस्तेमाल अनैतिक है. उसने चेताया कि दवा की सलाह सिर्फ उन कोविड-19 मरीजों को दी जाती है जो सिर्फ मध्यम से गंभीर बीमार हैं और ऑक्सीजन सपोर्ट हासिल कर रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;">रिसर्च में खुलासा हुआ है कि दवा कोरोना वायरस मरीजों में मृत्यु दर को कम नहीं करती है. लेकिन वर्तमान में कोविड-19 की दवा की अनुपलब्धता के कारण डॉक्टर उसे भारत में तेजी से लिख रहे हैं. एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया भी कह चुके हैं कि दवा 'रामबाण' नहीं है और मृत्यु दर कम नहीं करती. लेकिन उन्होंने बताया कि उसका इस्तेमाल किया जा सकता है क्योंकि हमारे पास एक बहुत अच्छी एंटी वायरल दवा नहीं है. उन्होंने चेताया भी है कि रेमडिसिविर की सीमित भूमिका है और उसे सावधानी से इस्तेमाल किया जाना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हेपेटाइटिस सी की दवा के साथ रेमडेसिविर का असर बढ़ता है&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">अब, एक नए रिसर्च में अमेरिकी शोधकर्ताओं ने पाया कि हेपेटाइटिस वायरस की चार दवा के साथ रेमडिसिविर के मेल ने कोविड-19 के खिलाफ मजबूत असर दिखाया. मूल रूप से रेमडेसिविर एक दशक पहले हेपेटाइटिस सी और सर्दी जुकाम जैसे वायरस यानी रेस्पिरेटरी सिंसिशीयल वायरस की बीमारी का इलाज करने के लिए विकसित की गई थी. उसे इबोला के मरीजों के लिए भी प्रभावी और सुरक्षित पाया गया था. शुरुआत में उसे कोवड-19 के लिए अच्छी थेरेपी के तौर पर देखा गया लेकिन रिसर्च में उसके इस्तेमाल का स्पष्ट फायदा नहीं पाया गया. फिर भी, रेमडेसिविर कोविड-19 के मरीजों का इलाज करने के लिए इस्तेमाल की जाती है, यहां तक कि अमेरिका में भी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हेपेटाइटिस सी की चारों दवा मुंह के जरिए खाई जानेवाली हैं</strong></p> <p style="text-align: justify;">अमेरिकी शोधकर्ताओं ने हेपेटाइटिस सी की चार दवा के साथ रेमडेसिविर को मिलाने पर असर 10 गुना बढ़ानेवाला पाया, ये चारों ओरल दवा हैं जबकि रेमडिसिविर नस के जरिए इंजेक्ट की जाती है. शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि मेल के साथ रेमडेसिविर का इस्तेमाल कोविड-19 के इलाज में उन कोविड-19 मरीजों के लिए परिवर्तनकारी हो सकती है जिनका टीकाकरण नहीं किया गया है और उसी तरह डोज इस्तेमाल कर चुके लोगों के लिए जिनकी इम्यूनिटी वायरस के वेरिएन्ट्स उजागर होने के कारण कम हो गई है. दवाओं का परीक्षण बंदरों पर किया गया था. लेकिन चूंकि ये हेपेटाइटिस सी की दवा को पहले ही इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिल चुकी है और उसके संभावित साइड-इफेक्ट्स मालूम हैं, इसलिए शोधकर्ताओं का कहना है कि संयोजन चिकित्सा का परीक्षण एक नई दवा के मुकाबले इंसानों पर ज्यादा तेजी से किया जा सकता है. उनकी रिसर्च के नतीजे सेल रिपोर्ट्स में प्रकाशित हुए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="वैक्सीन लगवा चुके 65 और उससे ज्यादा उम्र वालों को अस्पताल में भर्ती होने खतरा कम" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/vaccinated-adults-65-and-older-94-less-likely-to-be-hospitalized-with-covid-19-says-cdc-1907149">वैक्सीन लगवा चुके 65 और उससे ज्यादा उम्र वालों को अस्पताल में भर्ती होने खतरा कम</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Heart Health: दिल को लेकर ना बरतें लापरवाही, जानिए इसकी अच्छी सेहत के कुछ कारगर टिप्स" href="https://ift.tt/3t6iGj8 Health: दिल को लेकर ना बरतें लापरवाही, जानिए इसकी अच्छी सेहत के कुछ कारगर टिप्स</a></strong><br />-</p> lifestyle https://ift.tt/2PwBvOH

क्या आप कोरोना पॉजिटिव की देखभाल घर पर कर रहे हैं ? जानिए होम आईसोलेशन से जुड़े खास टिप्स

<p style="text-align: justify;">ज्यादातर लोग जो कोविड-19 से बीमार पड़ते हैं, उन्हें सिर्फ हल्के लक्षण का अनुभव होगा और घर पर ठीक हो सकते हैं. लक्षण कुछ दिनों तक रह सकते हैं, और लोग जो वायरस से पीड़ित हैं, करीब एक सप्ताह में बेहतर महसूस कर सकते हैं. इलाज का उद्देश्य लक्षणों से राहत होता है और आराम, तरल पदार्थों का सेवन और दर्द निवारक शामिल है. &nbsp;हालांकि, मौजूदा मेडिकल स्थिति वाले किसी भी उम्र के बुजुर्गों को चाहिए कि जैसे ही लक्षण शुरू हो, अपने डॉक्टर से मिलें. ये फैक्टर कोविड-19 से गंभीर रूप से बीमार पड़ने के खतरे को ज्यादा बढ़ा सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><br /><strong>कोविड-19 मरीज की देखभाल करते हुए खुद की सुरक्षा</strong></p> <p style="text-align: justify;">विश्व स्वास्थ्य संगठन और अमेरिकी संस्था सीडीसी ने की सिफारिश है कि कोविड-19 पॉजिटिव परिजन की देखभाल करते हुए खुद को कैसे सुरक्षित रखें. अपने हाथों को साफ रखें और अपने चेहरे को दूर रखें- कम से कम 20 सेंकड तक पानी और साबुन से अपने हाथों को बार-बार धोएं, खासकर बीमार शख्स के संपर्क में आने के बाद या एक ही रूम में होने पर. साबुन और पानी उपलब्ध नहीं होने की सूरत में हैंड सेनेटाइजर का इस्तेमाल करें जिसमें कम से कम 60 फीसद अल्कोहल की मात्रा हो. अपनी नाक, आंख और मुंह को छूने से परहेज करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फेस मास्क पहनें-</strong> अगर आपको एक ही रूम में बीमार शख्स के साथ रहने की जरूरत पड़े और वो फेस मास्क पहनने में सक्षम नहीं है, तो फेस मास्क पहनें. कम से कम छह फीट यानी दो मीटर की दूरी पर बीमार शख्स से रहें. मास्क के गंदा या गीला होने पर उसे साफ और सूखे मास्क से बदल दें. इस्तेमाल किए हुए मास्क को फेंक दें और अपने हाथों को धोएं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अपने घर की निरंतर सफाई करें-</strong> रोजाना घर की सफाई में काम आने स्प्रे या वाइप्स का सतह साफ करने के लिए इस्तेमाल करें. टैबलेट, दरवाजे का हैंडल, काउंडर को अक्सर बार-बार छूआ जाता है. बीमार शख्स के अलग रूम और बाथरूम की सफाई से बचें. बिस्तर और खाने-पीने के बर्तनों को सिर्फ बीमार शख्स के इस्तेमाल के लिए किनारे कर दें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कपड़े धोने के साथ सावधान रहें-</strong> धुलाई के गंदे कपड़ों को हिलाए नहीं. सामान्य साबुन का इस्तेमाल बीमार शख्स के कपड़े धोने के लिए करें. बीमार शख्स के कपड़ों की तह लगाते वक्त डिस्पोजेबल ग्लोव्स पहनें और सामग्रियों को अपने शरीर से दूर रखें. ग्लोव्स हटाने के बाद अपने हाथों को धोएं. गंदे मास्क और ग्लोव्स को बीमार शख्स के कमरे में रखे डस्टबीन में डाल दें. &nbsp;<br /><strong>खाने-पीने के बर्तनों के साथ सावधानी-</strong> कोरोना पॉजिटिव शख्स के बर्तन, कप, डिश को संभालते वक्त ग्लोव्स पहनें. सामान को साबुन और गर्म पानी से धोएं. इस्तेमाल किए हुए सामानों की देखभाल करते या ग्लोव्स उतारने के बाद हाथों को साफ करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Heart Health: दिल को लेकर ना बरतें लापरवाही, जानिए इसकी अच्छी सेहत के कुछ कारगर टिप्स" href="https://ift.tt/3t6iGj8 Health: दिल को लेकर ना बरतें लापरवाही, जानिए इसकी अच्छी सेहत के कुछ कारगर टिप्स</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="ऑस्ट्रेलिया के मशहूर शेफ ने छोले भटूरा खाते हुए शेयर की तस्वीर, भारत के संकट पर कही ये बात" href="https://www.abplive.com/lifestyle/food/australian-masterchef-shares-picture-of-eating-chole-bhature-expressed-concern-over-crisis-1907096">ऑस्ट्रेलिया के मशहूर शेफ ने छोले भटूरा खाते हुए शेयर की तस्वीर, भारत के संकट पर कही ये बात</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3aN5GIZ

Sankashti Chaturthi: कल है विकट संकष्टी चतुर्थी, संतान प्राप्ति के लिए इस दिन करें गणेश जी की पूजा, जानें डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

<p style="text-align: justify;"><strong>Sankashti Chaturthi 2021: </strong>वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी/ विकट संकष्टी चतुर्थी कहते है. इस साल यह 30 अप्रैल 2021, दिन शुक्रवार को पड़ रही है. इस दिन गणपति की विधि-विधान से पूजा की जाती है. इस चतुर्थी को संकट हरने वाली चतुर्थी भी कहते हैं. ऐसी धार्मिक मान्यता है कि इस दिन गणेश भगवान की विधि विधान से पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong> <strong>2021 </strong><strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong><strong> (</strong><strong>Vikata Sankashti Chaturthi 2021 Shubh Muhurat)</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong><strong> -</strong>30 अप्रैल 2021, शुक्रवार को</li> <li><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong> <strong>के</strong> <strong>दिन</strong> <strong>चन्द्रोदय</strong> <strong>का</strong> <strong>समय</strong> &ndash; 10:48 रात</li> <li><strong>चतुर्थी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>के</strong> <strong>दौरान</strong> <strong>कोई</strong> <strong>चन्द्रोदय</strong> <strong>नहीं</strong> <strong>है</strong><strong>.</strong></li> <li><strong>चतुर्थी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>प्रारम्भ</strong> <strong>&ndash; </strong>29 अप्रैल 2021 को रात 10:09 बजे</li> <li><strong>चतुर्थी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>समाप्त</strong> <strong>&ndash; </strong>30 अप्रैल 2021 को शाम 07:09 बजे</li> </ul> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3ntwEdQ Puja 2021: बुधवार के दिन शुभ मुहूर्त में ऐसे करें श्री गणेश की पूजा, जानें पूजा विधि एवं लाभ</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left">&nbsp;</div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong> <strong>की</strong> <strong>पूजा</strong> <strong>विधि</strong></p> <p style="text-align: justify;">संकष्टी चतुर्थी के दिन भक्त को सुबह उठकर नित्यकर्म, स्नानादि करके पूजा स्थल पर बैठ जाना चाहिए. पूजा की चौकी पर भगवान गनेश की प्रतिमा स्थापित कर उन्हें दूर्वा अर्पित करें. उसके बाद दीपक आदि जलाकर पुष्प, अक्षत आदि अर्पित करें. अब व्रत का संकल्प लें. गणेश जी को भोग लगाएं. गणेश जी को मोदक प्रिय होते हैं, आप इस दिन भगवान गणेश को मोदक का भोग भी लगा सकते हैं. ॐ गणेशाय नमः या ॐ गं गणपते नमः का 108 बार जाप करें. इस व्रत में शाम को चंद्र दर्शन जरूर किया जाता है अगले दिन गणेश भगवान का पूजा पाठ करके व्रत का पारण करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>का</strong> <strong>महत्व</strong><strong>: </strong></p> <p style="text-align: justify;">धार्मिक मान्यता के अनुसार, ऐसा कहा जाता है कि संकष्टी चतुर्थी के दिन भगवान गणेश जी की पूजा- अर्चना करने से व्यक्ति की सभी प्रकार की बाधाएं दूर हो जाती हैं. शास्त्रों में भगवान गणपति को विघ्नहर्ता की संज्ञा दी गई है. ये अपने भक्तों की सभी आपदाओं का संहार करते हैं. अपने भक्तों के जीवन में जो भी विघ्न &ndash;बाधा आते हैं उन्हें वे हर लेते हैं एवं उनकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं. इस दिन भगवान गणेश की आराधना करने से गणेश जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और इस दिन भगवान गणेश की आराधना करने से निसंतान दंपतियों को पुत्र की प्राप्ति होती है. चन्द्र दर्शन भी चतुर्थी के दिन बहुत शुभ माना जाता है. सूर्योदय से प्रारम्भ होने वाला यह व्रत चंद्र दर्शन के बाद संपन्न होता है.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3u25m0F 2021: 28 अप्रैल से वैशाख महीने की शुरुआत, इन कार्यों को करने से प्रसन्न होंगे ब्रह्मा, विष्णु और महेश</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/3aPoJSV

वैक्सीन लगवा चुके 65 और उससे ज्यादा उम्र वालों को अस्पताल में भर्ती होने खतरा कम

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ टीकाकरण में शामिल फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्ना की वैक्सीन बुजुर्गों के बीच अस्पताल में भर्ती होने की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी हैं. बुधवार को जारी रिसर्च के मुताबिक, इस ग्रुप को गंभीर बीमारी और मौत का सबसे ज्यादा खतरा होता है. सेंटर फोर डिजीज एंड कंट्रोल ने कहा कि नतीजे पहली बार वास्तविक सबूत को आश्वस्त कर रहे हैं कि अमेरिका में दोनों वैक्सीन कोविड-19 के गंभीर लक्षण को रोक पाने में सफल रहीं जैसा उन्होंने मानव परीक्षण के दौरान असर दिखाया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>65 साल या ज्यादा उम्र वालों को अस्पताल में भर्ती होने की कम जरूरत</strong></p> <p style="text-align: justify;">सीडीसी के मुताबिक, रिसर्च के दौरान 65 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों को कोविड-19 वैक्सीन के दोनों डोज लगाए गए, उनको कोविड-19 के कारण एक ही आयु ग्रुप के अन्य लोगों की तुलना में कम अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ी. जिन लोगों का आंशिक रूप से टीकाकरण किया गया, उनको डोज नहीं लगवाने वालों के मुकाबले बीमारी से 64 फीसद कम अस्पताल में भर्ती होने की संभावना थी.</p> <p style="text-align: justify;">गंभीर बीमारी का खतरा उम्र के साथ बढ़ता है, क्योंकि बुजुर्गों को सबसे ज्यादा जोखिम होता है. सीडीसी ने टीकाकरण के लिए उनको प्राथमिकता दी थी. डेटा से पता चलता है कि अमेरिका में 65 साल और उससे ज्यादा उम्र के 68 फीसद यानी 37 मिलियन से ज्यादा लोगों ने डोज के दोनों खुराक लगवा लिए हैं.&nbsp;नए रिसर्च से खुलासा हुआ कि अस्पताल में भर्ती होने का खतरा स्पष्ट तौर पर फाइजर-बायोएनटेक या मॉडर्ना की वैक्सीन का दूसरा डोज लेने के बाद कम हो गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सीडीसी ने बताया कोविड-19 से अस्पताल में भर्ती होने का खतरा</strong></p> <p style="text-align: justify;">नतीजे सीडीसी की मोर्बिडिटी एंड मोर्टेलिटी वीकली रिपोर्ट में प्रकाशित हए हैं. सीडीसी डायरेक्टर रशेल वालसिंकी ने बयान में कहा, "ये खोज हौसला बढ़ानेवाली है दो तिहाई आबादी के लिए स्वागत योग्य खबर है कि 65 साल और ऊपर के लोगों ने पहले ही पूरा डोज इस्तेमाल कर लिया है."</p> <p style="text-align: justify;">ये रिसर्च खुद को इजराइल में किए गए रिसर्च से अलग करता है जिसमें समान नतीजे उजागर हुए थे, लेकिन सिर्फ फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन के असर को देखा गया.&nbsp;भारत बंद दरवाजों के पीछे भी लोगों से मास्क पहनने की अपील कर रहा है, इस बीच सीडीसी ने 27 अप्रैल को नया गाइडलान्स जारी किया था, ये कहते हुए कि जिन लोगों का पूरी तरह देश में टीकाकरण हो चुका है, वो बाहरी और अंदरुनी सरगर्मियों के दौरान मास्क पहनना रोक सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Heart Health: दिल को लेकर ना बरतें लापरवाही, जानिए इसकी अच्छी सेहत के कुछ कारगर टिप्स" href="https://ift.tt/3t6iGj8 Health: दिल को लेकर ना बरतें लापरवाही, जानिए इसकी अच्छी सेहत के कुछ कारगर टिप्स</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना पॉजिटिव महिला ने स्वस्थ जुड़वां बच्चों को दिया जन्म, जानिए ऐसे ब्रेस्टफीडिंग के वक्त क्या एहतियात रखें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/corona-positive-pregnant-woman-delivers-healthy-twins-know-breastfeeding-precautions-1907131">कोरोना पॉजिटिव महिला ने स्वस्थ जुड़वां बच्चों को दिया जन्म, जानिए ऐसे ब्रेस्टफीडिंग के वक्त क्या एहतियात रखें</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3ntQC8j

Vaishakh Purnima 2021: कब है वैशाख पूर्णिमा? व्रत करने से दूर होगी दरिद्रता और दुख, जानें पूजा विधि और व्रत का महत्त्व

<p style="text-align: justify;"><strong>Vaishakh Purnima 2021 Importance </strong><strong>Buddha Purnima: </strong>हिंदू धर्म में वैसे तो हर मास की पूर्णिमा का महत्त्व होता है. परन्तु वैशाख मास की पूर्णिमा का महत्त्व कुछ और अधिक ही है. इस बार इस पूर्णिमा पर इस साल का पहला चंद्र ग्रहण लग रहा है. इससे इसका अपना अलग ही महत्त्व है. पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान किये जाने का प्रावधान है.</p> <p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म के अनुसार, वैशाख मास धार्मिक दृष्टि से हर महीनों में उत्तम मास माना गया है. इस मास की पूर्णिमा तिथि को गंगा स्नान, दान, पुण्य और व्रत करने से विशेष लाभ प्राप्त होता है. चूंकि इस बार कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार फिर से तेजी से हो रहा है. इस लिए भक्तों को घर पर ही गंगा जल मिलाकर स्नान करना चाहिए. इस पूर्णिमा को सिद्ध विनायक पूर्णिमा और सत्य विनायाक पूर्णिमा कहते है. वैशाख पूर्णिमा की तिथि के दिन ही महात्मा बुद्ध का जन्म हुआ था. इस लिए इसे बुद्ध पूर्णिमा भी कहते है. इसी तिथि को महात्मा बुद्ध को बोधिसत्व की प्राप्ति भी हुई थी. इसी तिथि को उनका महानिर्वाण भी हुआ था.&nbsp;</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/religion/food-oil-do-not-eat-veg-oil-in-month-of-vaishakh-it-is-harmfull-to-health-1906907"><strong>वैशाख महीने में न करें वनस्पति तेलों का सेवन, बेल से होगा सेहत को फायदा</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left">&nbsp;</div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>वैशाख</strong> <strong>पूर्णिमा</strong> <strong>की</strong> <strong>डेट</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदू पंचांग के अनुसार, &nbsp;इस साल 26 मई 2021 को वैशाख पूर्णिमा है. इसी दिन इस साल {2021} का पहला चंद्र ग्रहण भी लगने जा रहा है. यह ग्रहण संपूर्ण भारत में नहीं दिखाई देगा. जिसके चलते इसका प्रभाव भी संपूर्ण भारत में नहीं पड़ेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वैशाख पूर्णिमा का महत्व</strong></p> <p style="text-align: justify;">ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण ने वैशाख पूर्णिमा का महत्त्व अपने परम-मित्र सुदामा को उस समय बताया था. जब वे द्वारिका पहुंचे थे. श्री कृष्ण जी के बताने के अनुसार, सुदामाजी ने व्रत किया. इससे उनकी दरिद्रता और दुःख दूर हो गए थे. इससे वैशाख पूर्णिमा का महत्त्व और बढ़ जाता है. &nbsp;&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">वैशाख पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना का विधान है. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति हो जाती है. इस दिन व्रत करने से सुख- समृद्धि में वृद्धि होती है. वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध जयंती के रूप में भी मनाया जाता है.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3u2iIKf Month: आज से शुरू है वैशाख माह, जानें महर्षि नारद ने क्या बताया इस माह का महत्व</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/3sZL3Q8

Heart Health: दिल को लेकर ना बरतें लापरवाही, जानिए इसकी अच्छी सेहत के कुछ कारगर टिप्स

दिल की देखभाल करना महत्वपूर्ण है क्योंकि ये शरीर में सबसे अहम अंगों में से एक है. ये दिल ही है जो हमें अन्य अंगों तक रक्त प्रवाह कर जीवित रखता है. दिल की बीमारियों की घटना प्रमुख रूप से पिछले कुछ वर्षों में बढ़ गई है. उसके पीछे डायबिटीज, हाइपरटेंशन, अस्वस्थ डाइट, मोटापा, सुस्त जीवनशैली और अल्कोहल, तंबाकू का सेवन जोखिम के तौर पर उभरे हैं. इसलिए जरूरी है कि तत्काल सक्रिय हुआ जाए अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएं, जिससे दिल की बीमारियों के बोझ को कम किया जा सके.
आपको जरूर स्वस्थ दिल वाली जीवनशैली बिताना चाहिए क्योंकि स्वस्थ दिल के फायदे का आपके संपूर्ण स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव भी पड़ सकता है. मजबूत दिल के होने से कई पुरानी स्थितियों से जुड़ी पेचीदगियों के खिलाफ सुरक्षा मिल सकती है. हालांकि, उम्र दिल के रोग का एक बुनियादी जोखिम कारक रहा है, हर साल ज्यादा से ज्यादा युवाओं में बदलती जीवनशैली के कारण दिल की बीमारी के मामले उजागर हो रहे हैं. इसलिए, महत्वपूर्ण है कि जिंदगी की शुरुआत से बाद के चरण में विपत्तियों को रोकने के लिए दिल की देखभाल शुरू की जाए.  फूड के स्वस्थ विकल्प बनाना 
 रोजाना के भोजन में साबुत अनाज का कम से कम एक प्रकार जैसे बाजरा और अनाज की सिफारिश की जाती है.ओमेगा-3  चिया बीज और अलसी ओमेगा-3 के सबसे अच्छे स्रोत ह रोजाना की डाइट में हरी सब्जियों को ज्यादा शामिल करें क्योंकि ये विटामिन्स और मिनरल्स, विशेषकर दिल के अनुकूल विटामिन K के स्रोत हैं. खाना बनाने के लिए जैतून और सरसों तेल का इस्तेमाल करें क्योंकि उनमें स्वस्थ फैट्स होते हैं, जो दिल के लिए अच्छा है. भर पानी पीने के अलावा, खुद को अन्य स्वस्थ ड्रिंक्स जैसे नारियल पानी, नींबू पानी, स्मूदी और कम नमक और शुगर की मात्रा का इस्तेमाल करते हुए घर पर तैयार ड्रिंक्स से खुद को हाइ़ड्रेटेड रखें धममियों में पट्टिका के खतरे को कम कर सकता है जो रक्त प्रवाह को कम करता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, सिफारिश की जाती है कि कम से कम हर सप्ताह 150-300 मिनट शारीरिक गतिविधि को अंजाम दें. का प्रबंधन हार्ट अटैक और स्ट्रोक के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है. तनाव का संबंध अक्सर हाई ब्लड प्रेशर से जुड़ता है और शरीर को तनाव के ऊंचे स्तर तक उजागर करता है. सांस लेने का व्यायाम और मेडिटेशन तनाव के प्रबंधन में मदद कर सकता है. ब्लड प्रेशर को काबू करना हाई ब्लड प्रेशर एक आम बीमारी है और दिल की बीमारियों का एक प्रमुख कारण जैसे हार्ट अटैक, हार्ट फेल्योर है. आपको ब्लड प्रेशर पर निरंतर निगरानी रखनी होगी और हाइपरटेंशन कम करने में मददगार डाइट को खाना चाहिए"
कोरोना वायरस: बीते 10 दिनों में नारियल पानी के दाम में हुआ दो गुना इज़ाफा, जानें क्या हैं इसके फायदे
"ऑस्ट्रेलिया के मशहूर शेफ ने छोले भटूरा खाते हुए शेयर की तस्वीर, भारत के संकट पर कही ये बात