
डिजिटल डेस्क,दिल्ली। देश में कोरोना की दूसरी लहर शुरु हो चुकी है, जिसकी वजह से सबसे ज्यादा लोगों को ऑक्सीजन की कमी हो रही है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग हल्के लक्षणों वाले कई मरीजों को घर पर ही रहकर होम आइसोलेशन में ही रिकवर होने की सलाह दे रहा है। इन सब के बीच देशभर के डॉक्टर्स लगातार मरीजों के ऑक्सीजन लेवल पर ध्यान दे रहे है। ताकि ये पता चल सके कि मरीज की हालात कैसी है। ऐसे में ऑक्सीजन लेवल को मापने के लिए पल्स ऑक्सीमीटर का होना बेहद जरूरी है।
क्या होता हैं पल्स ऑक्सीमीटर
- पल्स ऑक्सीमीटर एक छोटी सी मशीन होती है, जिसे आप अपनी उंगली पर लगाकर इस बात का पता लगा सकते हैं कि, आपके शरीर का ऑक्सीजन लेवल कैसा है।
- इसी मशीन का इस्तेमाल देशभर के डॉक्टर्स कर रहे है।
- इस डिजिटल मशीन की मदद से खून में ऑक्सीजन का सैचुरेशन लेवल कितना है इसे मापा जा सकता है।
- ऑक्सीजन सैचुरेशन का मतलब हैं कि, लाल रक्त कोशिकाएं कितना ऑक्सीजन यहां से वहां ले जा रही हैं।
- बता दें कि, खून में ऑक्सीजन के प्रवाह से ही सभी अंग सही तरीके से काम करते हैं।
- सबसे खास बात कि, इस मशीन को जब आप अपनी उंगलियों में लगाएंगे तो आपको जरा सा भी दर्द नहीं होगा।
- कभी भी एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में 96 फीसदी ऑक्सीजन होना ही चाहिए। लेकिन अगर ऑक्सीजन लेवल 94 से नीचे जाता है तो यह खतरे की निशानी हो सकता है।
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