Saturday, September 11, 2021

Diabetes Management: मानसून में डायबिटीज रोगी कैसे करें इन्फलुएंजा की रोकथाम? जानें

<p style="text-align: justify;"><strong>Diabetes Management:&nbsp;</strong>मानसून के दौरान भारत में सांस संबंधी बीमारियां और इन्फलुएंजा के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है. इस बीच, कोविड-19 के बदलते रूप ने डायबिटीज रोगियों को संक्रमित होने का खतरा बढ़ा दिया है. ऐसा इसलिए क्योंकि हाई ब्लड शुगर लेवल उनके इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकता है और आम लोगों के मुकाबले सांस की बीमारी होने की ज्यादा संभावना हो जाती है.</p> <p style="text-align: justify;">इन्फलुएंजा या फ्लू किसी को भी अपनी चपेट में ले सकता है. लेकिन कुछ खास ग्रुप को बीमारी का अधिक जोखिम होता है, जिसमें 6 महीने के शिशु से लेकर 5 वर्षीय बच्चा, प्रेगनेंट महिला, 65 साल के बुजुर्ग, हेल्थ केयर वर्कर्स, क्रोनिक रोग से पीड़ित जैसे डायबिटीज, अस्थमा, कैंसर के रोगी शामिल हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इन्फलुएंजा की रोकथाम के लिए डाइट-</strong> पहले से मौजूद स्वास्थ्य स्थितियों के साथ-साथ प्री डायबिटीज मरीजों को भी अपनी डाइट में एनर्जी ड्रिंक्स का इस्तेमाल करना चाहिए. उनको इलेक्ट्रोलाइट की कमी और एसिड विकार का ज्यादा जोखिम होता है. खुद डायबिटीज की बीमारी के कारण भी खतर बढ़ जाता है. मानसून में डायबिटीज रोगियों को खाने और पीने के बारे में सावधान रहना चाहिए. सिर्फ घर का बना खाना खाने को सुनिश्चित करना होगा. इस तरह, सफाई, क्वालिटी और खाने के पोषण मूल्य को सुनिश्चित किया जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इम्यूनिटी बढ़ानेवाला फूड्स खाए जाएं-</strong> कच्चा भोजन खाने से परहेज करें और खाने से पहले उसे भाप देना सुनिश्चित करें. सभी फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धो लें. बहुत ज्यादा तला हुआ या सड़क किनारे मिलनेवाले फूड्स से दूरी बनाएं क्योंकि ये टायफाइड, हैजा, हेपेटाइटिस जैसी बीमारियों को निमंत्रण दे सकते हैं और डायबिटीज रोगियों के लिए खतरनाक हो सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">साबुत अनाज जैसे गेहूं, ओटमिल, बेसन, ब्राउन राइस को अपनी डाइट में शामिल करें क्योंकि ये डायबिटीज और ब्लड प्रेशर से निपटने में प्रभावी हैं, खास कर बुजुर्गों के लिए. आप अजवाइन, पुदीना, अदरक, इलायची और सौंफ के साथ पानी को भी उबाल सकते हैं और दिन भर इस पानी को पी सकते हैं. इससे पाचन ठीक होता है और पेट के संक्रमण से लड़ने में मदद भी मिलती है.</p> <p style="text-align: justify;">हालांकि, इन्फलुएंजा के कई मामलों में सांस की बीमारी के उपाय अपनाने से फायदा मिलता है, लेकिन कोविड-19 में करीब 15 फीसद मामले गंभीर हो जाते हैं. इसलिए, कोविड-19 की वैक्सीन महत्वपूर्ण होने के साथ-साथ आपको इन्फलुएंजा की वैक्सीन भी लगवानी चाहिए. दूसरे सुरक्षात्मक उपायों जैसे सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क को भी अपनाया जा सकता है. उसी तरह, डायबिटीज रोगी डॉक्टर के संपर्क में रहकर, उचित डाइट और ब्लड शुगर लेवल पर नजर रखकर, हाइड्रेट रहकर&nbsp;और सबसे महत्वपूर्ण दवाइयों का पालन कर खुद की रक्षा कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Nutrition Importance: बच्चों को स्कूल में पढ़ाया जाना चाहिए पोषण का महत्व, जानें इसके फायदे" href="https://ift.tt/2VugWFE" target="">Nutrition Importance: बच्चों को स्कूल में पढ़ाया जाना चाहिए पोषण का महत्व, जानें इसके फायदे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="आपकी थाली में नहीं है न्यूट्रिशन की पर्याप्त मात्रा, विटामिन बी12 और डी3 की कमी टॉप पर - सर्वे" href="https://ift.tt/3yU59hy" target="">आपकी थाली में नहीं है न्यूट्रिशन की पर्याप्त मात्रा, विटामिन बी12 और डी3 की कमी टॉप पर - सर्वे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3z2fuIn

Health Tips: दिन की शुरुआत करें इस healthy green juice के साथ और पूरे दिन रहें energy से भरपूर

<p style="text-align: justify;"><strong>Start your day with this green juice and see the difference:</strong> अक्सर लोगों में यह आदत देखी जाती है के वि सुबह उठते ही या तो कुछ खाना-पीना पसंद नहीं करते या चाय पीते हैं. जो लोग चाय नहीं पसंद करते तो कॉफी या ग्रीन टी जैसे पेय पदार्थ लेते हैं. इन ड्रिंक्स का हमारे शरीर पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है. जरूरी है कि रात भर के फास्ट के बाद हम जो पहली चीज खाएं वह हेल्दी और नेचुरल हो. इसी क्रम में आज हम आपके लिए लाए हैं एक हेल्दी ग्रीन जूस, जिसे बनाना भी बहुत आसान है और जिसके बहुत से फायदे भी हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कैसे बनाते हैं ये जूस &ndash;</strong></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;इस जूस को बनाने की अधिकतर सामग्री हमारे किचन में रहती ही है. एक ग्लास जूस निकालने के लिए उसी अनुपात में थोड़ी सी लॉकी, खीरा, हरी धनिया की पत्ती, पुदीने की पत्ती, नींबू का रस निकालकर रख लें. इन सभी को एक जूसर में डालकर ब्लेंड कर लें और छ्न्नी या पतले कपड़े से इसका जूस छान लें.</p> <p style="text-align: justify;">अगर आपके पास जूसर है तो सीधा जूसर से ही जूस निकाल लीजिए. याद रखें नींबू को नहीं पीसना है, जूस निकालने के बाद उसमें ऊपर से नींबू का रस, आधा छोटी चम्मच भुने जीरे का पाउडर, चुटकी भर नमक डालें और मिलाकर पी जाएं.</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/2VyAzMV" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या-क्या फायदे हैं &ndash;</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस ग्रीन जूस से दिन की शुरुआत करने से आपको बहुत से हेल्थ बेनिफिट्स मिलते हैं. इससे आपके शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और खून साफ होता है. यह लीवर को भी क्लीन करता है जिसमें उसकी फंक्शनिंग बढ़ती है. नेचुरल और विटामिन रिच होने के कारण इससे आपकी इम्यूनिटी भी बढ़ती है.</p> <p style="text-align: justify;">जब ये आपके लीवर को साफ करता है तो उसका बाइल और फैट भी कम करता है. इससे दिल की सेहत भी अच्छी रहती है. यही नहीं ये जूस आपके बाइल को ताकत देता है जिससे खाया जाने वाला फैट आसानी से ब्रेक होकर डाइजेस्ट होता है. बस एक बात का ध्यान रखें कि इस जूस को लेने के बाद कम से कम एक घंटे और अधिकतम दो घंटे तक कुछ न खाएं.</p> <p><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p><a title="Health and Fitness Tips: Liver को रखना चाहते हैं स्वस्थ? तो इन चीजों को करें डाइट में शामिल&nbsp;" href="https://ift.tt/3E5DG03 " target="_blank" rel="noopener">Health and Fitness Tips: Liver को रखना चाहते हैं स्वस्थ? तो इन चीजों को करें डाइट में शामिल&nbsp;</a></p> <p><a title="Kitchen Hacks: बनाना है हेल्दी ब्रेकफास्ट? तो झटपट बनाएं पनीर चीला, जानें रेसिपी&nbsp;" href="https://ift.tt/2X0xPbs " target="_blank" rel="noopener">Kitchen Hacks: बनाना है हेल्दी ब्रेकफास्ट? तो झटपट बनाएं पनीर चीला, जानें रेसिपी&nbsp;</a></p> lifestyle https://ift.tt/3z7wtsB

Migraine: क्या है माइग्रेन के लक्षण, जानें कैसे करें इसका उपचार

<p style="text-align: justify;">माइग्रेन सिरदर्द का एक प्रकार होता है. इसमें व्यक्ति को हल्का या तेज सिरदर्द होता है. इसमें लोगों को सिर में झनझनाहट भी महसूस होती है. खासतौर पर इसमें सिर के आधे हिस्से में दर्द होती है. माइग्रेन के शिकार होने पर उल्टी, मतली, आवाज और प्रकाश से संवेदनशीलता होने लगती है. इससे पीड़ित व्यक्ति को चार घंटे से लेकर कई दिनों तक तेज दर्ज सिर में हो सकता है. माइग्रेन को आमतौर पर आनुवांशिक ही माना जाता है. इस बीमारी के सही कारण क्या है इसका पता अभी तक नहीं लग पाया है. आपको बता दें की दुनिया की लगभग 15 फीसदी व्यस्क आबादी इस बीमारी से पीड़ित है. आज हम आपको इस बीमारी के लक्षण औऱ इसके उपचार के बारें में बताएंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है माइग्रेन के लक्षण</strong></p> <p style="text-align: justify;">माइग्रेन में व्यक्ति को सिर में दर्द होता है. पर यह पता करना की सिर दर्द मामूली है या ये माइग्रेन के कारण हुई है इसके लिए इसका पता ऑरा से लगाया जाता है. ऑरा देखने संबंधी परेशानी हैं, जिसमें व्यक्ति को कुछ-कुछ अंतराल पर चमकीली रौशनी, आंखों के नीचे धब्बे, टेढ़ी मेढ़ी रेखाएं दिखाई देती है इसके अलावा स्किन में चुभन और कमजोरी महसूस होना इसके लक्षण है. इनसब के अलावा चिड़चिड़ापन सिर के आधे भाग में तेज दर्द और गुस्सा भी इसका प्रमुख लक्षण है.</p> <p style="text-align: justify;">यह एख न्यरोलॉजिकल दिक्कत है, जिसमें हर कुछ देर में तेज चुभन वाला दर्द होता है. इस बीमारी में उल्टी, मतली, गैस जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>माइग्रेन के उपचार</strong></p> <p style="text-align: justify;">माइग्रेन के उपचार के लिए अपने डाइट में बदलाव करना बहुत जरूरी है. इसके अलावा आप अगर एसी में है तो तुरंत धूप में न निकले. तेज गर्मी से आकर कभी भी ठंडा पानी न पिये. धूप के लिए सनग्लासेस और छाते का इस्तेमाल करें. ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. चाय, कॉफी जैसी चीजों से भी परहेज करें.</p> <p style="text-align: justify;">इसके अलावा अपने ब्लड प्रेशर को मेंटन रखें. हर रोज टहलने जाए, हरी घास पर नंगे पाव चले, सूर्य नमस्कार करें और साध ही योग करें. अगर इनसब से भी अगर आपको कोई ज्यादा सुधार न हो तो अपने डॉक्टर की सलाह ले. <strong>&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p class="article-title " style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3BZiO92 Namaskar: सूर्य नमस्कार के पहले करें यह पांच चीजें, होंगे गजब के फायदे</a></strong></p> <p class="article-title " style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3E4Lq2t Foot Ulcer: क्या है डायबिटिक फुट अल्सर, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3nozqTK

Diabetic Foot Ulcer: क्या है डायबिटिक फुट अल्सर, जानें इसके कारण, लक्षण और इलाज

<p style="text-align: justify;">डायबिटिक फुट अल्सर एक आसान बीमारी लगती है. पर यह एक बहुत गंभीर समस्या है. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं और आपके पैरों में किसी तरह का कोई घाव या जख्म हो गया यो छाला पड़ गया है तो आप इसे हल्के में बिल्कुल भी न ले. इसे नजरअंदाज करने के जगह पर आप तुरंत डॉक्टर के पास जाएं और इसका उपचार शुरू करवा ले. क्योंकि आपके पैर का यह घाव,छाला या जख्म डायबिटिक फुट अल्सर भी हो सकता है. अगर आप इसका समय रहते इलाज नहीं करवाते हैं तो यह आपके पैर को पूरे तरह से खराब कर सकता&nbsp; है.</p> <p style="text-align: justify;">यह एक बहुत घातक समस्या है जिसपर लक्षण दिखते ही तुरंत इलाज कराने की जरूरत होती है. आज हम आपको इस घातक बीमारी के कारण, लक्षण और इसके इलाज के बारे में बताएंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डायबिटिक फुट अल्सर के कारण</strong></p> <p style="text-align: justify;">डायबिटिक फुट अल्सर का सबसे बड़ा कारण है शुगर, शर्करा या डायबिटीज का बढ़ना है. जब शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ने लगती है तो शरीर के हिस्सों में छोटे-मोटे घांव या फुंसी इत्यादि होने लगते हैं. इस समय पैर में भी इस तरह के छोटे घांव होने लगते हैं. जो बहुत गंभीर बन जाते हैं. अगर डायबिटिक फुट अल्सर से आपको बचना है तो आप अपना शुगर लेवल हमेशा कंट्रोल में रखें. इसके लिए आप अपने डाइटिंग पर भी खास ध्यान दें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डायबिटिक फुट अल्सर के लक्षण</strong></p> <p style="text-align: justify;">डायबिटिक फुट अल्सर के लक्षणों में आपके पैरों के स्किन का रंग का बदलना, पैरों में सूनापन और सनसनाहट होना, पैरों में संवेदनशीलता का कम होना, घाव होना, घाव से रिम आना, चलने में पैर दर्द देना आदि शामिल है. अगर आप डायबिटिज के मरीज हैं और आप में इनसब में से किसी भी तरह के लक्षण है तो इसे हल्के में न ले और तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर इसका इलाज करा ले.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डायबिटिक फुट अल्सर का इलाज</strong></p> <p style="text-align: justify;">डायबिटिक फुट अल्सर का सबसे अच्छा इलाज है अपने शुगर को कंट्रोल रखना. ऐसा करने से आपको इस फुट अल्सर के घाव के इंफेक्शन से दूर रहेंगे और अगर आप इस गंभीर समस्या के शिकार हो गए हैं तो आप जल्द ठीक हो जाएंगे. अपने शुगर को कंट्रोल रखने के लिए आप अपने डाइट पर ध्यान दे और शुगर कम करने के लिए उचित डाइट ही ले. इसके अलावा इस बीमारी के लक्षण मिलते हीं आप एक बार डॉक्टर की सलाह जरूर ले.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p class="article-title " style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/delhi-may-broke-the-11-year-rainfall-record-on-this-saturday-1966404">दिल्ली में टूट सकता है बारिश का 11 साल का रिकॉर्ड, अबतक हो चुकी है 1000 मिमी से ज्यादा बारिश</a></strong></p> <p class="article-title " style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3BZiO92 Namaskar: सूर्य नमस्कार के पहले करें यह पांच चीजें, होंगे गजब के फायदे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2VvQVpo

Nutrela Diabetic Care से ब्लड शुगर रहेगा कंट्रोल, वजन घटाने में भी मिलेगी मदद

<p style="text-align: justify;">Nutela Diabetic Care For Health: मधुमेह यानि (Diabetes) एक ऐसी बीमारी है जो शरीर के सभी अंगो को प्रभावित करती है. डायबिटीज होने पर शरीर में कई तरह की बीमारियां पनपने लगती हैं. डायबिटीज के मरीज को हार्ट, ब्लड प्रेशर और किडनी संबंधी बीमारी होने का खतरा रहता है. इन बीमारियों से बचने के लिए आपको ब्लड शुगर को कंट्रोल रखना बहुत जरूरी है. डायबिटीज को कंट्रोल करने में हेल्दी लाइफस्टाइल बहुत मदद करती है. हालांकि स्वस्थ जीवनशैली के साथ-साथ आपको डाइट में ऐसी चीजें भी शामिल करनी चाहिए, जिससे ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिल सके. पतंजलि Nutrela Diabetic Care एक ऐसा सप्लीमेंट है जो आपके ब्लड शुगर को आसानी से कंट्रोल करने में मदद करता है. इसके सेवन से मोटापा भी कंट्रोल रहता है. Nutrela Diabetic Care पूरी तरह से प्राकृतिक सप्लीमेंट है जिससे आपके शरीर को कई फायदे मिलते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यहां से खरीदें: <a title="NUTRELA DIABETIC CARE 400 GM" href="https://ift.tt/3gMDY1T" target="_blank" rel="noopener">NUTRELA DIABETIC CARE 400 GM</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- ब्लड शुगर को कंट्रोल करे (Helps Manage Blood Sugar)-</strong> Nutrela Diabetic Care आपके बढ़े हुए ब्लड शुगर को कंट्रोल करने का काम करता है. जिसका असर शरीर के दूसरे अंगों पर नहीं पड़ता है. ये पूरी तरह शाकाहारी तत्वों से तैयार किया गया है. Nutrela Diabetic Care शुगर फ्री प्रोडक्ट है इसके लगातार सेवन से डायबिटीज को आसानी से कंट्रोल किया जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/3B4nIRG" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- मोटापा कम करे (Support Weight Management)-</strong> अनहेल्दी लाइफस्टाइल और मोटापा शरीर में ब्लड शगुर बढ़ने की एक बड़ी वजह है. Nutrela Diabetic Care न सिर्फ ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है बल्कि इससे वजन कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है. Nutrela Diabetic Care में भरपूर फाइबर और विटामिन्स शामिल किए गए हैं जिससे आपका मेटाबॉलिज्म मजबूत होता है और शरीर पर फैट जमा नहीं होता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/390qZFM" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- ग्लाइसेमिक इंडेक्स है बहुत कम (Low GI)-</strong> Nutrela Diabetic Care को आप आसानी से अपनी लाइफस्टाइल में शामिल कर सकते हैं. इसमें पॉवरफुल हर्बल मिक्स को शामिल किया गया है, जो लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स के साथ मधुमेह के रोगियों के लिए 100% आरडीए को पूरा करने में मदद करता है. शुगर के मरीज को अपने आहार में लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स में शामिल फूड ही शामिल करने की सलाह दी जाती है. इससे आपको डायबिटीज कंट्रोल करने में आसानी होगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/3hpOFaW" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- फाइबर से भरपूर (High Fibre)-</strong> Nutrela Diabetic Care से शरीर को भरपूर फाइबर मिलता है. इसमें सभी जरूरी विटामिन, मिनरल्स और फाइबर को शामिल किया गया है. Nutrela Diabetic Care में विटामिन बी1, बिटामिन बी2, बी3, बी5, बी7, विटामिन बी12, जिंक, कैल्शियम और आयरन भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसमें डाइटरी फाइबर काफी मात्रा में है जो शरीर के लिए फायदेमंद हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/3msZj4m" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- ईएसपीईए गाइडलाइन्स पर आधारित (ESPEN Guidelines)-</strong> यूरोपियन सोसाइटी फॉर क्लिनिकल न्यूट्रिशन एंड मेटाबॉलिज्म (ESPEN) के आधार पर Nutrela Diabetic Care को कई वैज्ञानिक रिसर्च के बाद तैयार किया गया है. इससे ब्लड शुगर और वजन को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. न्यूट्रिला डायबिटिक केयर 100% शाकाहारी और बायोफर्मेंटेड विटामिन के साथ तैयार किया गया है ये पूरी तरह से ग्लूटेन फ्री, जीएमओ फ्री, ट्रांस फैट फ्री, प्रिजर्वेटिव फ्री है. इसे पचाना भी काफी आसान है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Nutrela Spirulina Natural से मिलेगा भरपूर प्रोटीन और 18 से ज्यादा विटामिन, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान" href="https://ift.tt/2XbL1uv" target="_blank" rel="noopener">Nutrela Spirulina Natural से मिलेगा भरपूर प्रोटीन और 18 से ज्यादा विटामिन, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3lh8zGi

Surya Namaskar: सूर्य नमस्कार के पहले करें यह पांच चीजें, होंगे गजब के फायदे

<p style="text-align: justify;">सूर्य नमस्कार हमारे पीठ और मांसपेशियों को मजबूती देता है. पर सूर्य नमस्कार हमारे पीठ के लिए ही नहीं बल्कि पूरे शरीर के लिए काफी फायदेमंद है. यह हमारे शरीर के लिए एक फुल बॉडी वर्कआउट है. सूर्य नमस्कार हर व्यक्ति कर सकता है. अगर सूर्य नमस्कार को सही तरीके और नियमित तौर पर किया जाए तो इसके कई फायदे हैं. सूर्य नमस्कार पूरे दिन में किसी भी वक्त किया जा सकता है, पर इसके लिए सबसे लाभकारी और उपयुक्त समय सूर्योदय को माना गया है. सूर्योदय के वक्त लोग फ्रेश फिल करते हैं. अगर आप भी सूर्य नमस्कार करते हैं या करना चाहते हैं तो आज हम आपको बताएंगे कि सूर्य नमस्कार के पहले यह पांच चीजें जरूर करें इससे आपको काफी फायदे होंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वॉकिंग</strong></p> <p style="text-align: justify;">सूर्य नमस्कार से पहले चलना एक बहुत आसान और लाभकारी एक्सरसाइज माना गया&nbsp; है. इसके लिए आप सूर्य नमस्कार के पहले सामन्य की तुलना में थोड़ा तेज चलें जिससे आपका शरीर वॉर्म अप हो जाए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सीढ़ियां चढ़ना</strong></p> <p style="text-align: justify;">सूर्य नमस्कार के पहले सीढ़ियां चढ़ना काफी फायदेमंद माना जाता है. आप सूर्य नमस्कार के पहले आप चार-पांच बार सीढ़ियां चढ़ उतर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आसान स्ट्रेचिंग</strong></p> <p style="text-align: justify;">अगर आप सूर्य नमस्कार के पहले नॉर्मल स्ट्रेचिंग कर सकते हैं. इसमे आप अपने हाथों और पैरों को स्ट्रेच करेंगे. इससे आपको सूर्य नमस्कार करते वक्त फायदा होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जॉगिंग</strong></p> <p style="text-align: justify;">सूर्य नमस्कार के पहले जॉगिंग शरीर को वार्मअप करने के बेस्ट एक्सरसाइज माना जाता है. जॉगिंग से शरीर के मेटाबॉलिज्म भी बेहतर होता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फुल बॉडी रोटेशन</strong></p> <p style="text-align: justify;">सूर्य नमस्कार के पहले फुल बॉडी रोटेशन करें. इससे शरीर वार्मअप हो जाएगा और आपको सूर्य नमस्कार करने में आसानी होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p class="article-title _heading_top_ipl" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3tyTaFh हैं टीम इंडिया के लिए परफेक्ट च्वाइस, गौतम गंभीर ने बयां की वजह</a></strong></p> <p class="article-title " style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3nkKUaz Alert: बिना इजाजत निकल सकता है आपके PF का पैसा, EPFO ने जारी किया अलर्ट, जानें पूरा मामला</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3hnkxgF

How To Control Diabetes: डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय, तुरंत मिलेगा फायदा

<p style="text-align: justify;">Home Remedies To Control Diabetes: मधुमेह एक ऐसी बीमारी है जिसे सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है. अभी तक इसे जड़ से खत्म करने का कोई इलाज नहीं है. ऐसे में एक बार डायबिटीज होने पर आपको पूरी जिंदगी सतर्क रहने की जरूरत होती है. डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आपको अपने खाने-पीने और लाइफस्टाइल का बहुत ध्यान रखने की जरूरत होती है. आपको ज्यादा लंबे समय तक भूखे नहीं रहना होता. खाने में बिना स्टार्ज वाले फूड शामिल करने होते हैं. इसके अलावा मीठा बिल्कुल भी नहीं खाना होता है. अगर आपने जरा सी लापरवाही बरती तो शुगर लेवल बढ़ सकता है. डायबिटीज के मरीज को अपना वजन कंट्रोल करने की भी बहुत जरूरत होती है. हालांकि कई लोगों का शुगर लेवल इन बातों का ध्यान रखने के बाद भी कम नहीं होता है, ऐसे में डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आप आयुर्वेदिक दवाओं और घरेलू नुस्खों को भी अपना सकते हैं. जानते हैं मधुमेह को कंट्रोल करने वाले घरेलू उपाय क्या हैं?</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/3EhRLYC" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>डायबिटीज़ के लक्षण (Symptoms Of Diabetes)</strong></p> <p style="text-align: justify;">सबसे पहले आप ये जान लें कि डायबिटीज के लक्षण क्या होते हैं. टाइप-1 डायबिटीज होने पर लक्षण बहुत तेजी से दिखते हैं, वहीं टाइप-2 डायबिटीज में शुरुआत में काफी कम लक्षण नजर आते हैं. ये हैं टाइप-1 और टाइप-2 डायबिटीज के शुरुआती लक्षण हैं.</p> <p style="text-align: justify;">⦁ चिड़चिड़ापन<br />⦁ आंखों में धुंधलापन<br />⦁ घाव का देरी से भरना<br />⦁ स्किन इंफेक्शन<br />⦁ बहुत प्यास लगना<br />⦁ बार-बार टॉयलेट आना<br />⦁ बहुत भूख लगना<br />⦁ वजन बढ़ना या कम होना<br />⦁ थकान<br />⦁ ओरल इंफेक्शन्स<br />⦁ वजाइनल इंफेक्शन्स</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/3msZj4m" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>डायबिटीज के आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय (Ayurvedic And Home Remedies for Diabetes)</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- जामुन के बीज-</strong> डायबिटीज के आयुर्वेदिक इलाज में जामुन के बीजों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए जामुन की गुठलियों को सुखाकर पीस लें. इसका चूर्ण बना लें. अब इसे सुबह खाली पेट गुनगुने पानी के साथ लें. इससे डायबिटीज कंट्रोल करने में मदद मिलेगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- अंजीर के पत्ते-</strong> अंजीर के पत्तों को खाली पेट चबाने या पानी में उबाल कर पीने से मधुमेह कंट्रोल रहता है. अंजीर के पत्तों में मधुमेह विरोधी गुण होते हैं, जिससे ब्लड शुगर का लेवल कम करने में मदद मिलती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/3hmuNFP" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- मेथी-</strong> मधुमेह के रोगियों के लिए मेथी बहुत फायदेमंद मानी जाती है. मेथी के बीज खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है. इसके लिए आपको एक चम्मच मेथी के बीज को रात भर एक गिलास पानी में भिगोकर रखना है. सुबह खाली पेट बीज समेत पानी को पी लें. आपको इसके आधे घंटे तक कोई दूसरी चीज नहीं खानी है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- जैतून का तेल-</strong> जैतून के तेल का उपयोग करने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहता है. इससे ट्राइग्लिसराइड्स का लेवल को कम करने में मदद मिलती है. जैतून के तेल से ब्लड शुगर भी कंट्रोल रहता है. लंबे समय तक जैतून के तेल का उपयोग करने से हार्ट संबंधी बीमारियों का खतरा भी कम रहता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/3k2ChQ1" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- लहसुन-</strong> लहसुन को आयुर्वेद में काफी इस्तेमाल किया जाता है. सभी के घरों में खाने में लहसुन का इस्तेमाल किया जाता है. लहसुन के सेवन से कोलेस्ट्रॉल कम करने और मधुमेह को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. इसके लिए रातभर लहसुन की 2-3 कलियों को पानी में भिगो दें. सुबह खाली पेट इन्हें चबाकर खा लें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>6- दालचीनी-</strong> खड़े मसालों में दालचीनी सभी के घर में इस्तेमाल होती है. दालचीनी से डायबिटीज को कंट्रोल करने में भी मदद मिलती है. इसमें मधुमेह विरोधी गुण पाए जाते हैं. दालचीने के उपयोग से ब्लड शुगर लेवल कम करने में मदद मिलती है. इसके लिए आप रोज आधा चम्मच दालचीनी पाउडर का सेवन करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>7- अंगूर के बीज- </strong>डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए अंगूर के बीजों का भी इस्तेमाल किया जाता है. इनमें ब्लड शुगर कंट्रोल करने वाले गुण पाए जाते हैं. अंगूर के बीज को पीस कर चूर्ण बनाकर इस्तेमाल कर सकते हैं. अंगूर के बीज में विटामिन ई, फ्लेवोनोइड्स, लिनोलिक एसिड जैसे तत्व पाए जाते हैं. जो डायबिटीज के इलाज में प्रभावी होते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/3zecvgW" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>8- एलोवेरा-</strong> पिछले काफी समय से आयुर्वेद में एलोवेरा का इस्तेमाल किया जा रहा है. मधुमेह को कंट्रोल करने के लिए भी एलोवेरा के जूस का सेवन करना फायदेमंद माना जाता है. एलोवेरा जूस पीने से रक्त शर्करा को नियंत्रित करने में मदद मिलती है. एलोवेरा में हाइड्रोफिलिक फाइबर, ग्लूकोमानन और फाइटोस्टेरॉल जैसे तत्व होते हैं जिससे ब्लड शुगर कम रहता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>9- आंवला- </strong>आंवला डायबिटीज में भी फायदेमंद है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी से पाया जाता है. आंवला में हाइपोग्लाइसेमिक गुण होते हैं. आंवला खाने के 30 मिनट में ब्लड शुगर लेवल कम किया जा सकता है. आप आंवला पाउडर का इस्तेमाल कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/2Ya6lRh" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>10- नीम-</strong> नीम के पत्ते चबाने और रस पीने से डायबिटीज को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. नीम में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं. इसके अलावी नीम में एंटी-डायबिटिक गुण भी पाए जाते हैं. ये सभी तत्व मधुमेह भी कंट्रोल करने में मदद करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="स्पिरुलिना के 10 गज़ब के फायदे, कोलेस्ट्रॉल और वजन घटाने में मिलेगी मदद" href="https://ift.tt/3BWutFr" target="">स्पिरुलिना के 10 गज़ब के फायदे, कोलेस्ट्रॉल और वजन घटाने में मिलेगी मदद</a></strong></p> lifestyle 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