Wednesday, June 2, 2021

Health Tips- खाने के बाद टहलना क्यों है जरूरी, वजन और शुगर कम करने के अलावा भी हैं कई फायदे

खाना खाने के बाद बहुत सारे लोगों में लेटने की आदत होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी इस एक आदत से शरीर में कई तरह की बीमारियां पैदा हो सकती हैं. जैसे शरीर को फिट रखने के लिए खाना जरूरी है ठीक वैसे ही खाने का पूरे शरीर में पहुंचना भी जरुरी है. अगर आपको खाने को अच्छी तरह पचाना है तो भोजन के बाद थोड़ी देर टहलने की सलाह दी जाती है. ऐसा करने से पाचन तंत्र अच्छी तरह काम करता है. इसके साथ ही खाना खाने के बाद 15 से 20 मिनट टहलने के कई और फायदे भी हैं. अगर आप कोराना संक्रमण के डर से घर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं तो आप बालकनी या छत पर भी टहल सकते हैं. इस एक हेल्दी आदत से आपका वजन और शुगर दोनों कंट्रोल में रहेगा. जानते हैं खाने के बाद कितनी देर टहलना चाहिए और इसके फायदे.
भोजन के बाद टहलने के फायदे
1- खाना खाने के बाद टहलने से पाचन क्रिया तेज हो जाती है और भोजन जल्दी पच जाता है.
2- भोजन के बाद रोजाना 20 से 30 मिनट टहलने से वजन भी कम होता है. खुद को फिट रखने का ये सबसे आसान तरीका है.
3- खाना खाने के बाद टहलने से गैस, कब्ज और पेट से जुड़ी समस्याएं नहीं होती. मेटाबॉलिज्म भी मजबूत होता है.
4- खाना खाने के बाद टहलने से तनाव कम होता है जिससे रात को अच्छी नींद आती है.
5- खाना खाने के बाद रोज टहलने से मासपेशियां ठीक से काम करती हैं जिससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है.
6- खाना खाने के बाद टहलने से ब्लड शुगर कम होता है. टाइप 2 डायबिटीज के मरीजों को भोजन के बाद थोड़ी देर टहलने की सलाह दी जाती है
खाने के बाद कितनी देर टहलना जरूरी है?रोजाना आपको खाना खाने के बाद कम से कम 15-20 मिनट टहलना चाहिए. आपके पास अगर ज्यादा समय है तो इसे बढ़ा भी सकते हैं. लेकिन खाने के सिर्फ एक घंटे के अंदर ही आपको टहलना है.
खाने के बाद टहलते वक्त इन बातों का ख्याल रखें
1- खाने के बाद आपको सिर्फ चलना है और वो भी धीमी गति से.
2- खाने के बाद तेज वॉक करने से डाइजेशन सिस्टम बिगड़ सकता है.
3- खाने के बाद किसी तरह की हार्ड एक्सरसाइज भी नहीं करनी चाहिए.
4- वजन कम करना है तो वॉक के साथ आपको डाइट का भी ध्यान रखना होगा.
5- हफ्ते कम से कम पांच बार 30 मिनट तक जरूर टहलें. इससे आप हमेशा फिट रहेंगे.

Covid-19 Vaccine: कोविड वैक्सीन लगवाने के बाद ये काम बिल्कुल न करें, इन बातों का रखें ख्याल

<p style="text-align: justify;">अगर आपने कोविड वैक्सीन लगवाई है या लगवाने की सोच रहे हैं तो आपको कुछ बातों का खास ख्याल रखने की जरूरत है. कई लोगों को वैक्सीन लगवाने के बाद हल्की बुखार या कोई दूसरी तरह की परेशानी हो सकती है. ऐसे में आपको घबराने की जरूरत नहीं है. हां वैक्सीन लगवाने के बाद आपको कुछ सावधानी जरूर बरतनी चाहिए. वैक्सीन लगवाने के बाद आपको भरपूर आराम करना चाहिए. आपको कुछ बातों का भी बहुत ख्याल रखने की जरूरत है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वैक्सीन की बाद तुरंत काम पर न जाएं-</strong> अगर आपने वैक्सीन लगवाई है तो आपको 1-2 दिन आराम करना चाहिए. तुरंत काम पर न जाएं. वैक्सीन के 24 घंटे बाद भी साइड इफेक्ट नजर आ सकते हैं. इसलिए वैक्सीन लगवाने के बाद कम से कम दो दिन तक अपने स्वास्थ्य पर नज़र रखें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ट्रैवल करने से बचें-</strong> कोरोना संक्रमण को देखते हुए आपको वैक्सीन लगवाने के बाद 2-3 दिन तक यात्रा नहीं करनी चाहिए. अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) की गाइडलाइन में वैक्सीन लेने के बाद ट्रैवल न करने की सलाह दी गई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भीड़ में जाने से बचें-</strong> वैक्सीन की पहली डोज ली है तो आपको भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए. वैक्सीन लगने के बाद भी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखें. शराब और सिगरेट नहीं पिएं- &nbsp;अगर आपने वैक्सीन लगवाई है तो आपको कम से कम 3 दिन तक शराब और सिगरेट नहीं पीनी चाहिए. बाहर का तला-भुना खाने से भी बचें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हाइड्रेटेड रहें-</strong> वैक्सीन लगवाने के बाद और पहले खुद को हाइड्रेटेड रखें. खाने में खूब सारे फल, सब्जियां और नट्स शामिल करें. गर्मियों में ढ़ेर सारा पानी पीएं.<br />&nbsp;<br /><strong>बिना मास्क लगाए घर से न निकलें-</strong> वैक्सीन लगवाने के बाद भी आपको सावधानी बरतनी है. वैक्सीन के कई दिनों बाद शरीर में एंटीबॉडी बनते हैं ऐसे में अगर आपने मास्क नहीं पहना तो आपको भी कोरोना हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वर्कआउट ना करें-</strong> अगर आप एक्सरसाइज करते हैं तो 2-3 दिन न करें. वैक्सीन के बाद कई लोगों को हाथ में दर्द रहता है ऐसे में वर्कआउट से दर्द और बढ़ सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डॉक्टर के संपर्क में रहें-</strong> अगर आपको किसी तरह की कोई एलर्जी है तो आपको वैक्सीन लेने से पहले और बाद में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. वैक्सीन लगवाने के बाद अगर किसी तरह की दिक्कत हो तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3caY9UO" target="_blank" rel="noopener">Happy Hypoxia: क्यों ये स्थिति कोविड-19 के मरीजों के लिए साइलेंट किलर है? जानिए वजह</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3uL8Ow5

अमेजन में नौकरी के लिए अब नहीं देना होगा गांजे का टेस्ट, गांजे को वैध करने का भी किया समर्थन  

<p style="text-align: justify;">अमेरिका की कई कंपनियों में नौकरी लगने से पहले लोगों से गांजा टेस्ट लिया जाता है. अगर कोई व्यक्ति गांजे का सेवन करता है तो उसकी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आ जाती है. ऐसे व्यक्तियों को अमेजन नौकरी पर नहीं रखता था लेकिन अब अमेजन ने घोषणा की है कि वह अपनी कंपनी में गांजा टेस्ट की प्रक्रिया को खत्म कर रही है. इसके अलावा दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन ने यह भी कहा है कि अमेरिका में गांजा को वैध करने संबंधी कानून का खुला समर्थन करता है. अमेजन के कंज्यूमर प्रमुख डावे क्लार्क ने अपने ब्लॉग में कहा है कि हमारी पब्लिक पॉलिसी टीम अमेरिका में The Marijuana Opportunity Reinvestment and Expungement Act of 2021 (MORE Act) के पूरी तरह समर्थन में है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गांजा के लिए स्क्रीनिंग नहीं होगी</strong><br />क्लार्क ने बताया उनकी कंपनी गांजा को पूरे अमेरिका में वैध करने के पक्ष में है. क्लार्क ने कहा कि अब से अमेजन अपनी कंपनी में नौकरी पर लगने वाले लोगों से पहले गांजा की स्क्रीनिंग नहीं करेगी. चाहे वह कोई भी पद हो, किसी पद के लिए गांजा का परीक्षण अब हमारी कंपनी में नहीं होगी. क्लार्क ने कहा कि इस संबंध में ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को सूचित कर दिया गया है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पूरे देश में लागू करने के लिए नया कानून</strong><br />अमेरिका के कई राज्यों में गांजा को राज्य सरकार ने कानूनी मान्यताओं दे दी है. इसमें कोई भी व्यक्ति गांजा को दवाई के रूप में ले सकता है. लेकिन संघीय कानून नहीं होने के कारण कई कंपनियों में नौकरी पाने में वहां के लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. जो लोग गांजा लेते हैं, उनकी टेस्ट की जाती है. अगर टेस्ट में वह फेल हो गए तो उसे नौकरी नहीं मिलती क्योंकि संघीय कानून के तहत गांजी एक क्लासिफाइड सब्सटांस है. इसी कारण पूरे देश में गांजा को वैध बनाने के लिए में The Marijuana Opportunity Reinvestment and Expungement Act of 2021 (MORE Act) लाया जा रहा. हालांकि कई लोग इस कानून का विरोध भी कर रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">ये भी पढ़ें</p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3fEPE6P Crisis in India: मई में1.5 करोड़ से ज्यादा भारतीय को गंवानी पड़ी नौकरी&nbsp;</a></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/2SMLil1

स्केटर गर्ल फातिमा सना शेख इस वीडियो में दे रहीं फिटनेस का अच्छा संकेत, आप भी देखिए

<p style="text-align: justify;">कोरोना महामारी के समय दुनिया भर के लोग दिलचस्प गतिविधियों में व्यस्त हैं, एक्ट्रेस फातिमा सना ने भी फिट और व्यस्त रहने का एक रास्ता पा लिया है. एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. उसमें सना को लड़खड़ाते और गिरते हुए देखा जा सकता है, हालांकि इस दौरान स्केटिंग सीखने और बाधाओं के आसपास अपना रास्ता बनाने की कोशिश करती हुई दिखाई देती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फातिमा सना शेख ने अपनाई नई गतिविधि</strong></p> <p style="text-align: justify;">कैप्शन में एक्ट्रेस ने लिखा, "यूट्यूब की मदद से कुछ ट्रिक्स सीखने की कोशिश करते हुए. मैं गिरती हूं, मैं गिरती, उलझती रहती हूं, लेकिन कम से कम एक सही ट्रिक को हासिल करने की खुशी नहीं मापी जा सकती."&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/3g5UrNo> <p style="text-align: justify;"><strong>फिट और व्यस्त रहने का है सेहतमंद रास्ता</strong></p> <p style="text-align: justify;">एक गतिविधि के तौर पर स्केटिंग के कई फायदे हैं. ये आपके शरीर को जगाने में मदद करता है. स्केटिंग शायद बहुत पहले भूली हुई मसल्स की खोज में मदद करता है, जिसको आपने लॉकडाउन के कारण पिछले कुछ महीनों से घर पर रहते हुए भूल गए हैं. किसी अन्य फिटनेस की तरह, स्केटिंग फैट जलाने के लिए अच्छा है. आपको रोजाना कम से कम एक घंटा समर्पित करने और उस पर अटल रहने की जरूरत होगी, ताकि पेट समेत आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों से फैट जल सके. स्केटिंग सहनशीलता का खेल है, इसलिए ये आपके हृदय और रक्त वाहिकाओं ब्लड संबंधी स्वास्थ्य के लिए भी ठीक है.</p> <p style="text-align: justify;">ये रक्त प्रवाह को सुधार सकता है, शरीर को संतुलन बनाने और दिमाग के साथ खेलने को सीखाने के लिए शानदार है. ये आपको नियंत्रण और लचीलापन की भावना दे सकता है. उसके अलावा, आपकी सजगता को भी सुधारता है. सबसे अहम, ये आपके दिमाग की सेहत के लिए अच्छा है. कोई नई गतिविधि को सीखना दिमाग के लिए अच्छा बढ़ावा है. इसलिए, अगर आपके घर के आसपास इस गतिविधि को सुरक्षित तरीके से अपनाने की जगह है, तो ऐसा करें, लेकिन सही गियर भी पहनें, विशेषकर अपनी जोड़ों की सुरक्षा के लिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: क्या आपको आलस और थकान रहती है? हो सकती है विटामिन-D की कमी" href="https://ift.tt/3pbiiQ5 Tips: क्या आपको आलस और थकान रहती है? हो सकती है विटामिन-D की कमी</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Diet Plan: क्या दिन में सिर्फ एक बार खाना सही है? जानिए आपकी सेहत पर कैसा होगा असर" href="https://ift.tt/3wRyMzy Plan: क्या दिन में सिर्फ एक बार खाना सही है? जानिए आपकी सेहत पर कैसा होगा असर</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3gihQf1

Vaccination: जानिए, प्राइवेट अस्पतालों से वैक्सीन लेने पर सरकार कितने रुपए टैक्स से कमा रही है

<p style="text-align: justify;">देश में कोरोना कहर पर काबू पाने के लिए वैक्सीनेशन अभियान पर जोर देने की कवायद चल रही है लेकिन वैक्सीन की कमी से इस अभियान पर असर पड़ रहा है. वैक्सीन की प्रक्रिया को तेज करने के लिए निजी अस्पतालों को भी वैक्सीन देने की छूट दे दी गई है लेकिन वैक्सीन की कीमत इतनी ऊंची है कि ज्यादातर आम लोग निजी अस्पतालों में वैक्सीन लगवाने से कतरा रहे हैं. शुरुआत में केंद्र सरकार 150 रुपये प्रति डोज के हिसाब से दोनों देशी कंपनियों की वैक्सीन कोवीशील्ड और कोवैक्सिन को खरीद रही थी और इसे सरकारी और निजी अस्पतालों को भी दे रही थी. इसके बाद निजी अस्पतालों को 100 रुपये वैक्सीनेशन चार्ज (Vaccination Charge) वसूलने की अनुमति दी गई थी. उस समय निजी अस्पताल इस बात पर सहमत थे कि 100 रुपये में वैक्सीन लगाने की लागत कवर हो जाएगी। लेकिन अब ये अस्पताल प्रति डोज 900 से 1400 रुपये वैक्सीन के लिए वसूल रहे हैं. इसकी प्रमुख वजह क्या है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इस तरह बढ़े वैक्सीन के दाम</strong><br />30 अप्रैल तक निजी अस्पतालों में कोवीशील्ड औऱ कोवैक्सिन की एक खुराक की कीमत 250 रुपये तय की गई थी. इसमें 150 रुपये में केंद्र सरकार वैक्सीन निजी अस्पतालों को देती थी और उसे 100 रुपये सेवा शुल्क वसूलने की अनुमति दी गई थी. इसके बाद निजी अस्पताल सीधे वैक्सीन निर्माताओं से वैक्सीन खरीदने लगे. एक मई को अस्पताल को कोवीशील्ड की एक खुराक 600 रुपये में मिली. इसपर 5 प्रतिशत जीएसटी और सेवा शुल्क लगाकर 800 से 900 रुपये तक की लागत आई और इतने में वे लोगों को वैक्सीन लगा रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोवैक्सन की कीमत 1400 तक</strong><br />दूसरी ओर कोवैक्सिन की कीमत अस्पताल 1200 रुपये तक लोगों से वसूल रहे हैं. अस्पतालों का कहना है कि कोवैक्सिन उसे कंपनी से 1200 रुपये में मिल रही है. जीएसटी और सेवा शुल्क मिलाकर लोगों से इसे 1400 में बेचा जा रहा है. यानी एक व्यक्ति को वैक्सीन की दोनों खुराक लेने में कम से कम 2000 रुपये खर्च करने होंगे. अगर परिवार में पांच व्यक्ति हैं तो उसे 10 हजार रुपये वैक्सीन लगवाने में लगेंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अस्पतालों का दावा, वैक्सीन की लागत ही 900 रुपये &nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">एक अस्पताल ने टीओआई से कहा कि जीएसटी और ट्रांसपोर्टेशन तथा स्टोरेज कॉस्ट के साथ कोविशील्ड की कीमत 660 से 670 रुपये बैठती है. इनमें से 5-6 फीसदी वैक्सीन टूट-फूट के कारण बर्बाद हो जाती है. इस तरह प्रति डोज वैक्सीन की कीमत 710 से 715 रुपये बैठती है. वैक्सीन लगाने के चार्ज में हैंड सैनिटाइजर, स्टाफ के लिए पीपीई किट, बायोमेडिकल वेस्ट डिस्पोजल आदि की लागत भी शामिल है जो 170 से 180 रुपये बैठती है. इस तरह वैक्सीन की प्रति डोज लागत 900 रुपये बैठती है. मैक्स अस्पताल में कोविशील्ड वैक्सीन की कीमत प्रति डोज 900 रुपये है जबकि अपोलो अस्पताल इसके लिए 850 रुपये वसूल रहा है. इसी तरह मनिपाल में कोवैक्सिन का एक डोज लगाने की कीमत 1,350 रुपये है जबकि फोर्टिस अस्पताल इसके लिए 1,250 रुपये ले रहा है. बेंगलूरु के BGS Gleneanges Hospital और कोलकाता के Woodlands Hospital में कोवैक्सिन का एक डोज 1,500 रुपये में मिल रहा है.</p> lifestyle https://ift.tt/3uKjBGR

मुंबई में तेज होगा टीकाकरण, जानिए किस कंपनी की वैक्सीन खरीदेगी बृहन्‍मुंबई महानगर पालिका

मुंबई:
बईहानगर पालिका (BMC) लिए निजी कंपनियों से एक करोड़ वैक्सीन खरीदने के लिए ग्लोबल टैंडर निकाला था ताकि मुंबई में वैक्सीन अभियान को तेज किया जाए. हालांकि इसमें किसी कंपनी की रुचि नहीं दिखाने के बाद टैंडर को expression of interest (EOI) में बदल दिया गया था और इसकी आखिरी मियाद को भी कई बार बढ़ाया गया. अब 1 जून को इसकी मियाद खत्म होने के बाद नौ कंपनियों ने बीएमसी टैंडर पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. आखिरी दिन दो कंपनियों BMC के EOI में रुचि दिखाई. ये सभी प्रतिक्रिया वैक्सीन निर्माता कंपनियों के सहायक (डिस्ट्रब्यूटर) की ओर से आई है. अंतिम दिन जिन कंपनियों की प्रतिक्रिया आई वे Johnson &amp; Johnson और Sputnik V वैक्सीन देने के लिए राजी हैं.
कंपनियों की छानबीन की जा रही
BMC के अधिकारी का कहना है कि बोली लगाने वाली कंपनियों के दस्तावेज की जांच की जा रही है. अगले कुछ दिनों में अगर इन कंपनियों का वैक्सीन निर्माता कंपनियों से लिंक सत्य पाए गए तो इनमें से कुछ को वैक्सीन की सप्लाई के लिए अधिकार दे दिए जाएंगे. जिन नौ कंपनियों ने वैक्सीन सप्लाई की बात कही है, उनमें से आठ ने Sputnik V और Sputnik V Light वैक्सीन देने की बात भी कही है. BMC के अधिकारी ने बताया कि एक भारतीय फर्म ने सभी कंपनियों की वैक्सीन देने की बात कही है. इनमें एक डोज वाली Johnson &amp; Johnson वैक्सीन की भी बात 
दो कंपनियों ने स्पूतनिक V और जॉनसन एंड जॉनसन की वैक्सीन देने का वादा किया
इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक बीएमसी के एडिशनल मुनिसपल कमिश्नर पी वेलरासु ने बताया मंगलवार को हमें दो भारतीय फर्मों से जवाब मिले. इनमें से एक ने Johnson &amp; Johnson की वैक्सीन सप्लाई करने का दावा किया है जबकि दूसरी कंपनी ने Sputnik V देने का वादा किया है. हालांकि इन दोनों फर्मों का प्रस्ताव अधूरा है क्योंकि दोनों ने वैक्सीन निर्माता कंपनी से अपने लिंक संबंधी अधिकृत दस्तावेज नहीं दिए हैं. न ही वैक्सीन निर्माता से अपने संबंधों के बारे में विस्तार से बताया है.
कई बार बढ़ी टेंडर की तारीख 
 टेंडर में फाइजर, एस्ट्राजेनेका और स्;पूतनिक वैक्सीन की सप्लाई के लिए बोली प्राप्त हुई हैं. हालांकि कुछ दिन पहले फाइजर के एक प्रवक्ता ने कहा था कि ना तो फाइजर और ना ही उसकी कोई सहयोगी कंपनी भारत समेत अन्य देशों में किसी को भी फाइजर-बायोएनटेक कोरोना वैक्सीन के आयात, बाजारीकरण या वितरण के लिए अधिकृत करती है. उनका कहना है कि कंपनी लगातार भारत सरकार के साथ बातचीत कर रही है ताकि उसकी वैक्सीन को राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध कराया जा सके. ऐसे में बीएमसी ने अपने ग्लोबल टेंडर की तय समय को आगे बढ़ा दिया था ताकि बोलीकर्ता अपनी बोली के संबंध में दस्तावेज भेज सकें

Happy Hypoxia: क्यों ये स्थिति कोविड-19 के मरीजों के लिए साइलेंट किलर है? जानिए वजह

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस महामारी की घातक दूसरी लहर अपने साथ कई बीमारियां लेकर आई है जो लोगों के बीच गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर रही हैं, यहां तक कि कुछ मामलों में जानलेवा भी साबित हो रही हैं. लेकिन ये काफी नहीं है, डॉक्टरों ने देखा है कि कई युवा मरीज अस्पताल में हैप्पी हाइपोक्सिया की स्थिति के साथ भर्ती हो रहे हैं जो कोविड-19 मरीजों में साइलेंट किलर है.</p> <p style="text-align: justify;">इस स्थिति में, मरीजों का ऑक्सीजन लेवल बहुत कम हो जाता है लेकिन उन्हें उसका कोई लक्षण दिखाई नहीं देता. इसलिए, मृत्यु का जोखिम इस तरह के मामलों में ज्यादा है क्योंकि मरीज के ब्लड में ऑक्सीजन लेवल बिना किसी लक्षण के कम कर देता है और इसलिए, उनका इलाज भी नहीं किया जा सकता. हैप्पी हाइपोक्सिया के बारे में इन दिनों आपके लिए जानकारी का होना जरूरी हो गया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है हैप्पी हाइपोक्सिया?</strong><br />मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक, हैप्पी हाइपोक्सिया एक ऐसी स्थिति है जहां मरीजों का ऑक्सीजन उनके ब्लड में बहुत कम हो जाता है लेकिन कोई लक्षण नहीं दिखाई देता. उन लोगों को हैप्पी हाइपोक्सिया के संदर्भ में लिया जाता जो अंग फेल्योर का भी बिना किसी विशेष लक्षण के अनुभव कर सकते हैं. ये मरीज सामान्य तौर पर काम जैसे बैठना, बातचीत करना, इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर सकते हैं. ये अधिकतर नौजवानों में देखा जा रहा है और सांस उखड़ना का कोई लक्षण उन्हें जाहिर नहीं होता जब तक कि उनके लिए बहुत देर न हो जाए. &nbsp;हैप्पी हाइपोक्सिया की स्थिति में लोगों का ऑक्सीजन सेचुरेशन लेवल 40 फीसद तक पहुंच जाता है या उससे भी कम हो जाता है जिसे आम तौर से 95 फीसद के करीब रहना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कैसे पहचानें हैप्पी हाइपोक्सिया?</strong><br />1. डॉक्टरों के मुताबिक, कोविड-19 मरीजों का ब्लड ऑक्सीजन लेवल पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से निरंतर मापा जाना चाहिए, भले ही उन्हें कोई लक्षण जाहिर नहीं हो रहा हो.</p> <p style="text-align: justify;">2. हैप्पी हाइपोक्सिया के मरीजों में होठों का रंग बदलने लगता है, &nbsp; हल्का नीला होने लगता है, भारी पसीने के साथ बिना जोरदार गतिविधि के स्किन भी लाल या बैंगनी होने लगती है. इसलिए, जब आप इन लक्षणों को देखें, तो फौरन अपने डॉक्टर को कॉल करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हैप्पी हाइपोक्सिया कैसे होता है?</strong><br />कोरोना वायरस बुनियादी तौर पर लंग्स और रक्त वाहिकाओं को प्रभावित करता है. वायरस रक्त वाहिकाओं में सूजन पैदा कर लंग्स के परिचालन क्षमता को नुकसान पहुंचाता है. सामान्य मामलों में, हाइपोक्सिया मरीजों के बीच मजबूत लक्षण जैसे सिर दर्द, कम सांस, सांस फूलना जाहिर करता हैं. लेकिन हैप्पी हाइपोक्सिया लोगों को सामान्य कार्य बिना किसी लक्षण के बहुत बाद तक करने देता है. लिहाजा, अगर आपका ब्लड सेचुरेशन 94 फीसद से नीचे है, तो जहां तक संभव हो सके तत्काल मेडिकल सहायता प्राप्त करें.</p> lifestyle https://ift.tt/3caY9UO