Tuesday, June 1, 2021

Cancer symptoms: पांव पर इस तरह के संकेत बढ़ते हुए स्किन ट्यूमर का बता सकते हैं पता, जानें

<p style="text-align: justify;">अमेरिकन एकेडमी ऑफ डरमेटोलोजी एसोसिएशन ने चेताया है कि स्किन का कैंसर अक्सर दिखाई देने से पहले फैलता है. मेलेनोमा के नाम से जाना जानेवाला ये आमतौर पर स्किन कैंसर का सबसे गंभीर प्रकार भी होता है. मेलेनोमा खतरनाक हो सकता है, लेकिन जल्दी पता लगने से स्किन कैंसर ज्यादातर इलाज योग्य है. पांव का घाव बीमारी के खतरे को बढ़ा सकता है. डॉक्टर पैरों के तलवे, पैर की अंगुली के नाखून, अंगूठे के बीच और पांव के किनारे पर देखने की सलाह देते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं तलाश क्या किया जाए?</p> <p style="text-align: justify;">मेलेनोमा का एक संकेत पैर की अंगुली के नाखुन के नीचे भूरी या काली खड़ी रेखा है.&nbsp;कैंसर का दूसरा संकेत पांव पर कहीं गुलाबी-लाल धब्बा या वृद्धि हो सकता है. पांव के किसी हिस्से पर एक बार होनेवाले घाव, नया धब्बा या विकास से सावधान रहें. विशेषज्ञों का कहना है कि कभी-कभी पांव पर मेलेनोमा से दर्द होता है, खून बहता है या खुजली होती है, लेकिन हमेशा नहीं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मेलेनोमा क्यों खतरनाक होता है?</strong></p> <p style="text-align: justify;">नेशनल हेल्थ सर्विस का कहना है कि मेलेनोमा शरीर के अन्य अंगों तक फैल सकता है. मेलेनोमा न सिर्फ पांव पर हो सकता है बल्कि स्किन पर कहीं भी नजर आ सकता है. पुरुषों में मेलेनोमा की सबसे आम जगह उनकी पीठ होती है, महिलाओं में ये पांव पर होता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मेलेनोमा का खतरा बढ जाता है अगर:</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>अगर आपमें बहुत ज्यादा तिल या झाइयां हों</li> <li>आपने त्वचा ऐसी बना ली है जो आसानी से जल जाती है</li> <li>आपके लाल या सुनहरे बाल हैं</li> <li>मेलेनोमा वाले पारिवारिक करीबी सदस्य से संबंध हो&nbsp;</li> </ul> <p style="text-align: justify;">नेशनल हेल्थ सर्विस ने सावधान किया है कि हाल के वर्षों में ब्रिटन में स्किन कैंसर बहुत ज्यादा आम हो गया है. कैंसर के अन्य प्रकार की तुलना में स्किन कैंसर का सबसे घातक प्रकार '​मेलेनोमा भी 50 की उम्र से नीचे के लोगों में आम तौर से पाया जाता है. वास्तव में युवाओं के बीच चार कैंसर के मामलों में से एक का ज्यादा पता चलता है. खतरनाक बीमारी ब्रिटेन में हर साल करीब 2,300 लोगों की जिंदगी छीन लेती है. लिहाजा, अगर आप कोई असामान्य निशान या तिल अपने शरीर पर देखते हैं, तो सबसे पहला काम डॉक्टर से मुलाकात है. अगर विशेषज्ञ को अतिरिक्त जांच की जरूरत लगे, तो आपको आगे के इलाज की सिफारिश की जा सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="आखिर क्यों उम्र में खुद से बड़ी महिलाओं की ओर आकर्षित होते हैं पुरुष, जानिए वो 9 कारण" href="https://www.abplive.com/entertainment/why-younger-men-like-older-women-as-their-partner-know-reasons-1921319">आखिर क्यों उम्र में खुद से बड़ी महिलाओं की ओर आकर्षित होते हैं पुरुष, जानिए वो 9 कारण</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Exercise Benefits: जब आपको डायबिटीज की बीमारी हो, तो जानिए व्यायाम के महत्व" href="https://ift.tt/3pbMvi6 Benefits: जब आपको डायबिटीज की बीमारी हो, तो जानिए व्यायाम के महत्व</a></strong></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3wNbkmZ

ये ओरल दवा कोविड-19 की गंभीरता को कर सकती है कम, सस्ती होने के साथ हैं और फायदे

<p style="text-align: justify;">किफायती, आसानी से उपलब्ध सूजन रोधी ओरल दवा कोविड-19 के मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत और कुछ में मौत के खतरे को कम कर सकती है. कोरोना वायरस की संक्रामक दूसरी लहर के बीच विशेषज्ञों ने रिसर्च के हवाले से बड़ा दावा किया है. कोरोना वायरस आम तौर से शरीर में नाक, मुंह, आंख के जरिए दाखिल होता है और लंग्स पर सीधे हमला करता है जिससे सांस लेने में गंभीर समस्या होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोविड-19 के खिलाफ ओरल दवा पर बड़ा दावा</strong></p> <p style="text-align: justify;">वर्तमान में कोल्चिसीन नामक दवा फेमिलियल मेडीट्रेनियन फीवर, गठिया और पेरिकार्डिटिस के इलाज में लिखी जाती है. वैज्ञानिक पत्रिका दि लांसेट रेस्पेरेट्री मेडिसीन में प्रकाशित नतीजों से खुलासा हुआ कि दवा को जटिलता के खतरे वाले लोगों में इलाज के तौर पर समझा जा सकता है. आपको बता दें कि फेमिलियल मेडीट्रेनियन फीवर एक आनुवंशिक बीमारी है, जिसमें बार बार बुखार आता है और साथ में पेट, जोड़ो में दर्द के अलावा सूजन भी होता है.&nbsp;मोंट्रियाल हार्ट इंस्टीट्यूट रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर जीन क्लाउड टार्डिफ ने कहा, "वर्तमान महामारी को देखते हुए टीकाकरण से सामूहिक इम्यूनिटी का इंतजार, कोविड-19 से संक्रमित होनेवाले मरीजों के बीच बीमारी की जटिलताओं को रोकने के लिए इलाज की जरूरत है." उन्होंने ये भी कहा, "हमारे रिसर्च में पता चला कि कोल्चिसीन का इस्तेमाल कोविड-19 से संक्रमित कुछ मरीजों की जटिलताओं के खतरे को कम करने के लिए किया जा सकता है." शोधकर्ताओं ने कनाडा, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, अमेरिका और कनाडा में मानव परीक्षण के लिए प्लेसेबो और ओरल दवा का इस्तेमाल किया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कर सकती है कम</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने परीक्षण शुरू करने के समय कोविड-19 से पीड़ित 40 पार उम्र वाले 4,488 मरीजों को शामिल किया. उनमें कम से कम कोविड-19 की जटिलता बढ़ानेवाला एक जोखिम कारक जैसे डायबिटीज, हाइपरटेशन, मोटापा की पहचान हुई. मरीजों को बेतरतीब तीन दिनों तक रोजाना और उसके बाद रोजाना एक बार 0.5 मिलीग्राम कोल्चिसीन का इस्तेमाल कराया गया और एक ग्रुप को 30 दिनों तक प्लेसेबो दिया गया. नतीजों से पता चला कि जिन लोगों में पीसीआर टेस्ट से कोविड-19 संक्रमण की पुष्टि हुई थी, दवा के इस्तेमाल से कोविड-19 के लिए अस्पताल में भर्ती होने या मौत दोनों का खतरा करीब 25 फीसद कम हो गया. बीमारी का कम से कम एक जोखिम कारक वाले 40 से ज्यादा की उम्र पर पुरुषों में सबसे स्पष्ट फायदा देखा गया, जिनको कोविड-19 से होनेवाली जटिलताओं का महिलाओं के मुकाबले ज्यादा खतरा है. कोल्चिसीन ग्रुप के 4.9 फीसद मरीजों में प्रतिकूल प्रभाव दर्ज किए गए जबकि प्लेसेबो ग्रुप में प्रतिकूल प्रभाव का सामना करनेवाले मरीजों की संख्या 6.3 फीसद रही. शोधकर्ताओं ने हालांकि ये भी कहा कि नतीजे अंतिम निष्कर्ष नहीं हैं और आगे रिसर्च करने की जरूरत है.</p> <p><strong>Disclaimer: </strong><strong>इस आर्टिकल में बताई विधि</strong><strong>, </strong><strong>तरीकों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="आखिर क्यों उम्र में खुद से बड़ी महिलाओं की ओर आकर्षित होते हैं पुरुष, जानिए वो 9 कारण" href="https://www.abplive.com/entertainment/why-younger-men-like-older-women-as-their-partner-know-reasons-1921319">आखिर क्यों उम्र में खुद से बड़ी महिलाओं की ओर आकर्षित होते हैं पुरुष, जानिए वो 9 कारण</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Exercise Benefits: जब आपको डायबिटीज की बीमारी हो, तो जानिए व्यायाम के महत्व" href="https://ift.tt/3pbMvi6 Benefits: जब आपको डायबिटीज की बीमारी हो, तो जानिए व्यायाम के महत्व</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2RfgCIU

Shani Jayanti 2021: शनि जयंती कब? जानें शनिदेव की कृपा पाने के उपाय, पूजा विधि व महत्व

<p style="text-align: justify;"><strong>Shani Jayanti 2021 Upay Puja Vidhi: </strong>हिंदू पंचांग के अनुसार, शनि देव को न्याय का देवता कहा गया है. वे व्यक्ति को उनके कर्मों के अनुसार कर्मफल देने वाले देवता हैं. अच्छे कर्म करने वालों पर<strong> &nbsp;</strong>शनि देव की कृपा बनी रहती है और उनकी सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती है. जबकि बुरे कर्म करने वाले को शनिदेव कठोर दंड देते है. शनि देव की कुदृष्टि से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म में शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा विधि का वर्णन किया गया है. जब शनि जयंती परशनिदेव की विधि विधान से पूजा की जाती है तो शनिदेव की कृपा भक्त पर होती है. पंचांग के अनुसार शनि जयंती हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को मनाई जाती है अंगेजी कैलेंडर के अनुसार इस साल शनि जयंती 10 जून को मनाई जायेगी. मान्यता है इस दिन शनिदेव की विधि पूर्वक उपासना करने से उनके कुप्रभाव को कम किया जा सकता है.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/34v3nH1 Ekadashi 2021: सभी पापों से मुक्ति के लिए इस विधि से करें अपरा एकादशी का व्रत, जानें पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट</strong></a></div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>शनि</strong> <strong>जयंती</strong> <strong>पर</strong> <strong>बन</strong> <strong>रहें</strong> <strong>हैं</strong> <strong>दो</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>योग</strong></p> <p style="text-align: justify;">ज्योतिष शास्त्र की गणनाओं के मुताबिक़, साल 2021 में शनि जयंती के दिन शूल व धृति योग बन रहे हैं. ये योग बहुत शुभ मानें गए हैं. मान्यता है कि इस शुभ योग में शुभ व मांगलिक कार्य किए जाते हैं. शूल व धृति योग जैसे शुभ योग में किये जाने वाले कार्यों में सफलता मिलती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शनि</strong> <strong>जयंती</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong></p> <p style="text-align: justify;">ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि 09 जून को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से शुरू होगी, जोकि 10 जून को शाम 04 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शनिदेव</strong> <strong>को</strong> <strong>प्रसन्न</strong> <strong>करने</strong> <strong>के</strong> <strong>उपाय</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>शनि दोष से पीड़ित जातक को हर शनिवार के दिन शनिदेव के मंत्र &lsquo;ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्&zwj;चराय नम:&rsquo; का जाप करना चाहिए.</li> <li>शनिवार के दिन प्रातः काल स्नान आदि करके पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाना और शाम को दीपक जलाना शुभ माना जाता है.</li> <li>शनि दोष को शांति करने के लिए प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र या 'ॐ नमः शिवाय' का जाप और सुंदरकाण्ड का पाठ करना चाहिए. इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं.</li> <li>शनिदेव की कृपा पाने के लिए जातक को शनिवार के दिन व्रत रखना चाहिए.</li> <li>शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए.</li> </ul> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3uFDtLc Vrat 2021: कब है जून का पहला प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्त्व</strong></a></div> </div> lifestyle https://ift.tt/3yN0QG9

Bada Mangal 2021 Puja: बड़ा मंगलवार आज, इस पूजन विधि से करें हनुमान जी को प्रसन्न, सभी मनोकामनाएं होंगी पूरी

<p style="text-align: justify;"><strong>Bada Mangal 2021 Puja: </strong>हिंदी पंचांग के अनुसार, आज यानी 1 जून को ज्येष्ठ महीने का प्रथम मंगलवार है. हिंदू धर्म में ज्येष्ठ माह के हर मंगलवार को बड़ा मंगल कहते हैं. बड़े मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा करने से भक्त की मनोकामना पूरी होती है. हिंदू धर्म में हनुमान जी की पूजा का बड़ा महत्त्व &nbsp;है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी ऐसे देव है जो अभी भी वृथ्वी पर जीवित हैं. वे अपने आराध्य भगवान श्रीराम की आज्ञा का पालन करते हुए आज भी पृथ्वी पर ही जीवित रहते हुए अपने भक्तों का कल्याण करते हैं. धार्मिक मान्यता है कि हनुमान जी की पूजा से भक्तों के सभी दुख दूर हो जाते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म शास्त्रों में कहा गया है कि हनुमानजी की उपासना सबसे जल्दी फल देने वाली पूजा है. हनुमान जी अपने भक्तों पर बहुत जल्द ही खुश हो जाते हैं. भक्त यदि मंगलवार के दिन हनुमान जी को प्रसन्न करने के&nbsp; लिए कुछ खास उपाय करें तो वे हनुमान जी की कृपा बहुत जल्दी प्राप्त कर सकते हैं और उनकी कृपा से वे अपनी किस्मत बदल सकते हैं. ये खास उपाय आपकी हर मनोकामना को पूरी कर, सभी कष्टों को दूर भी कर सकते हैं.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3pjJZGF Tips: हवन करने से दूर होते हैं सभी वास्तु और ग्रह दोष, जानें इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व</strong></a></div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>बड़े</strong> <strong>मंगल</strong> <strong>को</strong> <strong>इस</strong> <strong>मंत्र</strong> <strong>का</strong> <strong>जाप</strong> <strong>करें</strong></p> <p style="text-align: justify;">बड़े मंगलवार के दिन सुबह स्नानादि करके हनुमानजी को चोला चढ़ाना चाहिए. चोला चढ़ाते समय हनुमान जी के समय चमेली के तेल का दीपक जलाएं और गुलाब की माला अर्पित करें. हनुमान जी की मूर्ति के दोनों कंधों पर थोड़ा-थोड़ा केवड़े का इत्र लगाएं. इसके बाद पान के पत्ते पर थोडा गुड़ और चना रखकर भीग लगाएं. उसके नीचे लिखे मंत्र का तुलसी के माले से जप करें. कम से कम 5 माला करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मंत्र</strong></p> <p style="text-align: justify;">राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे।</p> <p style="text-align: justify;">सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बड़</strong> <strong>के</strong> <strong>पेड़</strong> <strong>के</strong> <strong>पत्ते</strong> <strong>का</strong> <strong>प्रयोग</strong><strong> &nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">बड़े मंगलवार के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर बड़ के पेड़ का एक पत्ता तोड़कर लायें. उसे पानी में धुलकर हनुमान जी के सामने रखें. अब उस पर केसर से श्रीराम लिखें और अपने पर्स में रख लें. इससे कभी धन की कमी नहीं होगी. पत्ता सूखने पर उसे गंगा में प्रवाहित कर दें. <strong>&nbsp;</strong></p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3uFDtLc Vrat 2021: कब है जून का पहला प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्त्व</strong></a></div> </div> lifestyle https://ift.tt/2R8vOav

Happy Global Parents Day 2021: जानिए, तारीख, इतिहास, महत्व और दिलचस्प कथन

<p style="text-align: justify;">ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स हर साल जून की 1 तारीख को मनाया जाता है. इस दिन का एलान संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 2012 में किया था. वैश्विक दिवस के पीछे का उद्देश्य दुनिया भर के माता-पिता को सम्मान देना रखा गया. ये दिन बच्चों और माता-पिता के लिए अनोखा बंधन मनाने का शानदार अवसर देता है. &nbsp; &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पहली बार कब मनाया गया ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स?</strong></p> <p style="text-align: justify;">80 के दशक से संयुक्त राष्ट्र संघ ने 'परिवार से जुड़े मुद्दों पर फोकस करना' शुरू किया. 17 जून, 2012 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पास कर 1 जून को वैश्विक दिवस घोषित करने का फैसला किया. प्रस्ताव में कहा गया, "महासभा सिविल सोसायटी, विशेषकर बच्चों और युवाओं के साथ पूरी साझेदारी में ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स मनाने का सदस्य देशों को निमंत्रण देती है."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोविड-19 के बीच ग्लोबल डे ऑफ पेरेंट्स का महत्व</strong></p> <p style="text-align: justify;">खास दिन माता-पिता को अपने बच्चों के लिए महत्वपूर्ण के रूप में पहचानता है. ग्लोबल पेरेंट्स डे से परिवार के साथ बच्चों के पोषण और संरक्षण में माता-पिता की एक प्राथमिक जिम्मेदारी की अहमियत का अंदाजा होता है. माता-पिता बच्चों के लिए किसी भगवान से कम नहीं होते. खास दिन उनके बलिदान, त्याग और तपस्या की सराहना करने का एक विशेष मौका है. कोविड-19 महामारी के बीच उन्होंने मनोवैज्ञानिक और आर्थिक चुनौतियों का सामना करते हुए जिस तरह अपने बच्चों की देखभाल की, आनेवाला वक्त उनको हमेशा याद रखेगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अपने माता-पिता के प्रति प्यार जताने के रोचक क्वोट्स</strong></p> <p style="text-align: justify;">बच्चे के लिए मां के जैसा कोई दोस्ती, कोई प्यार नहीं है. हेनरी वार्ड बीचर</p> <p style="text-align: justify;">प्यार वो जंजीर है जिससे एक बच्चा अपने माता-पिता से बंधता है. अब्राहम लिंकन</p> <p style="text-align: justify;">हम कभी नहीं एक मां के प्यार को समझ पाएंगे जब तक कि हम खुद माता-पिता न बन जाएं. हेनरी वार्ड बीचर</p> <p style="text-align: justify;">माता-पिता बच्चों के लिए अंतिम रोल मॉडल्स हैं. हर शब्द, हरकत और काम का प्रभाव होता है. कोई अन्य शख्स या बाहरी ताकत का मां से ज्यादा बच्चे पर असर नहीं होता. बॉब किशन</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Virat Kohli Diet Plan: 7 चीजों में छुपा है विराट कोहली का फिटनेस सीक्रेट, जानिए पूरा डाइट प्लान" href="https://ift.tt/34x2ca5 Kohli Diet Plan: 7 चीजों में छुपा है विराट कोहली का फिटनेस सीक्रेट, जानिए पूरा डाइट प्लान</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="शारीरिक और मानसिक रुप से टूट गईं थी Malaika Arora, बयां किया कोरोना का दर्द" href="https://www.abplive.com/lifestyle/malaika-arora-shared-her-covid-experience-how-broke-her-physical-and-mental-strength-1921143">शारीरिक और मानसिक रुप से टूट गईं थी Malaika Arora, बयां किया कोरोना का दर्द</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vAu8pg

आखिर क्यों उम्र में खुद से बड़ी महिलाओं की ओर आकर्षित होते हैं पुरुष, जानिए वो 9 कारण

<p style="text-align: justify;">बी टाउन में प्रियंका चोपड़ा-निक जोनास, मलाइका अरोड़ा-अर्जुन कपूर से लेकर गौहर खान-जैद दरबार तक ऐसी कई जोड़ियां हैं जिन्होंने साबित कर दिया है पति अगर अपनी पत्नी से उम्र में कई साल छोटे भी तो भी कपल परफेक्ट साबित हो सकता है. जहां कई सेलेब्स ने समाज के इस टैबू को तोड़ दिया है तो वहीं अब ग्लैमरस से परे नॉर्मल लाइफ में भी लोग इस ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">इसके साथ ही आपको बता दें कि ऐसे तमाम कारण होते हैं जिसके कारण पुरूष का खुद से उम्र में कई साल बड़ी महिलओं की ओर आकर्षित होने लगता हैं. आज हम आपको कुछ इन्ही कारणों के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके कारण पुरुषों का आकर्षण खुद से बड़ी महिलाओं की तरफ होने लगता है.<strong> यहां जानिए इनके बारे में:&nbsp;</strong></p> <ul> <li style="text-align: justify;">अधिक उम्र की महिलाएं ज्यादा मैच्योर और अनुभवी होती हैं, ऐसे में वो अच्छी बातें कर पाती हैं साथ ही चीजों को आसानी से समझती हैं और परेशानियों को सुलझा देती हैं जो पुरूषों का काफी पसंद आता है.&nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">अधिक उम्र की महिलाएं हमेशा ही गॉसिप नहीं करती. क्योंकि वो अनुभवी होती हैं ऐसे में वो लोगों को अच्छे से डील करना जानती हैं. बेवहज की गॉसिप से ये महिलाएं अपने पार्टनर को फ्रस्टेट नहीं करतीं.&nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">ये महिलाएं काफी आत्मविश्वासी होती हैं और वो अपने आत्म-सम्मान को बढ़ाती हैं. साथ ही खुद को सही साबित करने के लिए ये महिलाएं आसानी से किसी भी तर्क में शामिल नहीं होते हैं. वे जानती हैं कि कठिन समय से कैसे निपटना है.</li> <li style="text-align: justify;">इन सबके साथ ही सेक्सुअल मैच्योरिटी भी एक बड़ा कारण है. खुद से बड़ी महिलाओं के साथ रिलेशन में रहने वालों पुरूषों का मानना है कि उनसे बड़ी महिलओं में&nbsp;<br />सेक्सुअल मैच्योरिटी उनसे ज्यादा होती है.&nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">उनका मैच्योरिटी लेवल उन्हें किसी रिश्ते में न उलझने में मदद करता है. वे अपने साथी को अकेले समय देने और उसका सम्मान करने में विश्वास करते हैं.</li> <li style="text-align: justify;">अधिक उम्र की महिलाएं इमोशनल रूप से परिपक्व होती हैं. रिश्ते में एक कमजोर पल के दौरान, वे अनावश्यक नाटक नहीं बनाती हैं जो अक्सर पुरुषों को नापसंद होता है. वे अपनी भावनाओं को परिपक्वता से संभाल सकती हैं.</li> <li style="text-align: justify;">बड़ी उम्र की महिलाओं को डेट करना हर दिन सीखने और नए अनुभव करने जैसा है. पुरूण अपने साथी के साथ हर पल नए अनुभव कर सकते हैं.</li> <li style="text-align: justify;">बड़ी उम्र की महिलाएं आर्थिक मामलों में भी काफी परिपक्व होती हैं. वे अपने पार्टनर के बोझ को कम करने के लिए पैसे से जुड़ी जिम्मेदारियां अपने कंधों पर ले लेती हैं. यह महिलाओं की एक और खास बात है जो पुरुषों को सबसे ज्यादा पसंद आती है.</li> <li style="text-align: justify;">जब दोनों पार्टनर काफी परिपक्व हो जाते हैं, तो रिश्ते में एक-दूसरे के लिए आपसी समझ और सम्मान हर दिन बढ़ता जाता है.</li> </ul> lifestyle https://ift.tt/3vFew3W

Exercise Benefits: जब आपको डायबिटीज की बीमारी हो, तो जानिए व्यायाम के महत्व

<p style="text-align: justify;">व्यायाम डायबिटीज रोगियों और बीमारी का खतरा वाले लोगों को वजन प्रबंधित करने, ब्लड शुगर लेवल और दिल की बीमारी सुधारने में फायदा पहुंचाता है. डायबिटीज से पीड़ित एक शख्स के लिए व्यायाम उतना ही महत्वपूर्ण है जितना डाइट और दवा. वास्तव में, उनके लिए अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की तरफ से शारीरिक गतिविधि की कम से कम 30 मिनट सलाह है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डायबिटीज रोगियों के लिए व्यायाम बेहद जरूरी</strong></p> <p style="text-align: justify;">व्यायाम वजन को काबू करने, ब्लड प्रेशर, नुकसानदेह लो डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रोल और ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने, सेहतमंद हाई डेंसिटी लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रोल बढ़ाने, मसल्स और हड्डियों को मजबूत करने, चिंता कम करने और आम स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करता है. डायबिटीज रोगियों के लिए उसका फायदा और बढ़ जाता है: व्यायाम ब्लड में ग्लूकोज लेवल को कम करता है और इंसुलिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता को बढ़ाता है. इंसुलिन संवेदनशीलता एक तरह का मापक है, जो ये बताता है कि आप इंसुलिन प्रभावों के प्रति कितने संवेदनशील हैं, यानी ब्लड ग्लूकोज लेवल बढ़ने पर इंसुलिन कितनी जल्दी उसे कम या सामान्य बना सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">कई रिसर्च व्यायाम से अन्य फायदों पर जोर देते हैं. उन नतीजों की कुछ प्रमुख बातों को जानना फायदेमंद रहेगा.&nbsp;डायबिटीज वाले ऐसे लोग जो सप्ताह में कम से कम दो घंटा चहलकदमी करते हैं, उनको दिल की बीमारी से मरने का खतरा सुस्त जीवनशैली के मुकाबले कम हो जाता है, और जो लोग सप्ताह में तीन से चार घंटे व्यायाम करते हैं, उनको बीमारी का खतरा और ज्यादा कम हो जाता है.&nbsp;डायबिटीज वाली महिलाएं सप्ताह में कम से कम चार घंटे चहलकदमी समेत मध्यम स्तर का व्यायाम कर 40 फीसद दिल की बीमारी का खतरा कम कर सकती हैं. स्मोकिंग और दिल की बीमारी के जोखिम कारकों को ठीक करने के बाद ये फायदे बरकरार रहते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सबसे अच्छा समय खाने के एक से तीन घंटे बाद</strong></p> <p style="text-align: justify;">आम तौर पर, व्यायाम करने का सबसे अच्छा समय खाने के एक से तीन घंटे बाद है, जब आपका ब्लड शुगर लेवल अधिक होने की संभावना होती है. अगर आप इंसुलिन का इस्तेमाल करते हैं, तो जरूरी है कि व्यायाम करने से पहले अपने ब्लड शुगर लेवल की जांच कर लें. अगर ब्लड शुगर लेवल व्यायाम से पहले 100 mg/dL है, तो फल का एक टुकड़ा या छोटा स्नैक उसे बढ़ाएगा और हाइपोग्लाइसीमिया से बचने में मदद करेगा. 30 मिनट के बाद फिर जांच करने से पता चलेगा कि आपका ब्लड शुगर लेवल स्थिर है या नहीं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Aspergillosis: लक्षण, कारण और किसे है खतरा, जानिए नए फंगल संक्रमण के बारे में सब कुछ" href="https://ift.tt/3p8zK7Q लक्षण, कारण और किसे है खतरा, जानिए नए फंगल संक्रमण के बारे में सब कुछ</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="शारीरिक और मानसिक रुप से टूट गईं थी Malaika Arora, बयां किया कोरोना का दर्द" href="https://www.abplive.com/lifestyle/malaika-arora-shared-her-covid-experience-how-broke-her-physical-and-mental-strength-1921143">शारीरिक और मानसिक रुप से टूट गईं थी Malaika Arora, बयां किया कोरोना का दर्द</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2RYIZeG