Tuesday, June 1, 2021

Shani Jayanti 2021: शनि जयंती कब? जानें शनिदेव की कृपा पाने के उपाय, पूजा विधि व महत्व

<p style="text-align: justify;"><strong>Shani Jayanti 2021 Upay Puja Vidhi: </strong>हिंदू पंचांग के अनुसार, शनि देव को न्याय का देवता कहा गया है. वे व्यक्ति को उनके कर्मों के अनुसार कर्मफल देने वाले देवता हैं. अच्छे कर्म करने वालों पर<strong> &nbsp;</strong>शनि देव की कृपा बनी रहती है और उनकी सभी प्रकार की मनोकामनाएं पूरी होती है. जबकि बुरे कर्म करने वाले को शनिदेव कठोर दंड देते है. शनि देव की कुदृष्टि से व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म में शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए पूजा विधि का वर्णन किया गया है. जब शनि जयंती परशनिदेव की विधि विधान से पूजा की जाती है तो शनिदेव की कृपा भक्त पर होती है. पंचांग के अनुसार शनि जयंती हर साल ज्येष्ठ मास की अमावस्या को मनाई जाती है अंगेजी कैलेंडर के अनुसार इस साल शनि जयंती 10 जून को मनाई जायेगी. मान्यता है इस दिन शनिदेव की विधि पूर्वक उपासना करने से उनके कुप्रभाव को कम किया जा सकता है.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/34v3nH1 Ekadashi 2021: सभी पापों से मुक्ति के लिए इस विधि से करें अपरा एकादशी का व्रत, जानें पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट</strong></a></div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>शनि</strong> <strong>जयंती</strong> <strong>पर</strong> <strong>बन</strong> <strong>रहें</strong> <strong>हैं</strong> <strong>दो</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>योग</strong></p> <p style="text-align: justify;">ज्योतिष शास्त्र की गणनाओं के मुताबिक़, साल 2021 में शनि जयंती के दिन शूल व धृति योग बन रहे हैं. ये योग बहुत शुभ मानें गए हैं. मान्यता है कि इस शुभ योग में शुभ व मांगलिक कार्य किए जाते हैं. शूल व धृति योग जैसे शुभ योग में किये जाने वाले कार्यों में सफलता मिलती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शनि</strong> <strong>जयंती</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong></p> <p style="text-align: justify;">ज्येष्ठ मास की अमावस्या तिथि 09 जून को दोपहर 1 बजकर 57 मिनट से शुरू होगी, जोकि 10 जून को शाम 04 बजकर 22 मिनट पर समाप्त होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शनिदेव</strong> <strong>को</strong> <strong>प्रसन्न</strong> <strong>करने</strong> <strong>के</strong> <strong>उपाय</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>शनि दोष से पीड़ित जातक को हर शनिवार के दिन शनिदेव के मंत्र &lsquo;ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्&zwj;चराय नम:&rsquo; का जाप करना चाहिए.</li> <li>शनिवार के दिन प्रातः काल स्नान आदि करके पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाना और शाम को दीपक जलाना शुभ माना जाता है.</li> <li>शनि दोष को शांति करने के लिए प्रतिदिन महामृत्युंजय मंत्र या 'ॐ नमः शिवाय' का जाप और सुंदरकाण्ड का पाठ करना चाहिए. इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं.</li> <li>शनिदेव की कृपा पाने के लिए जातक को शनिवार के दिन व्रत रखना चाहिए.</li> <li>शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए.</li> </ul> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3uFDtLc Vrat 2021: कब है जून का पहला प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्त्व</strong></a></div> </div> lifestyle https://ift.tt/3yN0QG9

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