Thursday, May 20, 2021
Mohini Ekadashi: भगवान विष्णु ने क्यों लिया मोहिनी अवतार? जानें मोहिनी एकादशी व्रत की डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि
<p style="text-align: justify;"><strong>Mohini Ekadashi 2021 Date & Shubh Muhurt: </strong>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर मास में दो एकादशी तिथि होती है. वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोहिनी एकादशी कहते है. इस बार मोहिनी एकादशी का व्रत 23 मई को रखा जाएगा. मोहिनी एकादशी को भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि मोहिनी एकादशी व्रत रखने से सभी दुखों का निवारण होता है और व्यक्ति सभी बंधन और मोह से छुटकारा पाता है. आइये जानें इसे मोहिनी एकादशी क्यों कहते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इस</strong> <strong>लिए</strong> <strong>भगवान</strong> <strong>विष्णु</strong> <strong>ने</strong> <strong>धारण</strong> <strong>किया</strong> <strong>मोहिनी</strong> <strong>का</strong> <strong>रूप</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक़, समुद्र मंथन के बाद निकले अमृत कलश को लेकर देवताओं और राक्षसों में विवाद हो गया. विवाद को देखते हुए देवताओं ने भगवान विष्णु से सहायता मांगी. तब भगवान विष्णु ने राक्षसों का ध्यान अमृत कलश से भटकाने के लिए मोहिनी का रूप धारण कर लिया. भगवान विष्णु के मोहिनी रूप को देखकर राक्षस उधर आकर्षित हुए. तब जाकर देवता अमृत का पान कर सके. इस घटना के दिन वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि थी. तभी से इस एकादशी को मोहिनी एकादशी कहते हैं. तभी से इस दिन भगवान विष्णु के मोहिनी स्वरूप की पूजा की जाती हैं.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3u3Pn1l Ji : 21 मई शुक्रवार को है नवमी की तिथि, लक्ष्मी जी की पूजा का बन रहा है विशेष संयोग, जानें शुभ मुहूर्त</strong></a></div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>मोहिनी</strong> <strong>एकादशी</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li><strong>एकादशी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>प्रारम्भ</strong><strong>: </strong>22 मई 2021 को 09 : 15 एएम बजे से.</li> <li><strong>एकादशी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>समाप्त</strong><strong>: </strong>23 मई 2021 को 06 : 42 एएम बजे तक</li> <li><strong>पारण</strong> <strong>का</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong><strong> : </strong>24 मई सुबह 05: 26 बजे से सुबह 08:10 बजे तक</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>पूजा</strong> <strong>विधि</strong></p> <p style="text-align: justify;">मोहिनी एकादशी के दिन भक्त को सुबह उठकर स्नानादि करके व्रत का संकल्प लेना चाहिए. उसके बाद पूजा स्थल पर बैठकर भगवान विष्णु की मूर्ति रखकर पूजा करना चाहिए. पूजा में तुलसी दल, फूल, फल और पंचामृत भगवान को अर्पित करें. उसके बाद विष्णु की आरती करें. स्वयं फलाहार व्रत रखें. अगले दिन व्रत का पारण करें तथा जरुरत मंद लोगों को भोजन कराकर स्वयं भोजन करें. </p> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3bCYm3a Vishnu Puja: आज गुरुवार, भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए ऐसे करें पूजा, पूरी होगी मनोकामना</strong></a></div> lifestyle https://ift.tt/3bEPNop
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