Saturday, May 22, 2021

Mohini Ekadashi: 22 या 23 मई, कब है मोहिनी एकादशी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, व्रतकथा और पारण का समय

<p><strong>Mohini Ekadashi 2021 Shubh Muhurt: </strong>हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के एकादशी तिथि को मोहिनी एकादशी व्रत रखा जाता है. परन्तु इस बार पंचांग भेद के कारण व्रत के दिन को लेकर बड़ा असमंजस है. &nbsp;पंचांग के अनुसार इस बार एकादशी तिथि दो दिन है. मोहिनी एकादशी की तिथि 22 मई को शुरू होकर 23 मई 2021 को खत्म हो रही है. ऐसे में एकादशी का व्रत किस दिन रखा जाये, इसे लेकर लोगों में अनिर्णय की स्थिति बन गई है.</p> <p><strong>इस</strong> <strong>दिन</strong> <strong>रखें</strong> <strong>मोहिनी</strong> <strong>एकादशी</strong> <strong>का</strong> <strong>व्रत</strong><strong>: </strong>पचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का प्रारंभ 22 मई को सुबह 9.30 बजे से है. जो कि अगले दिन यानी 23 मई को सुबह 6.40 बजे तक रहेगी. पंडितों के अनुसार उदयव्यापनी तिथि से ही व्रत रखना उत्तम होता है. ऐसी दशा में एकादशी की तिथि सूर्योदय के समय 23 मई को रहेगी न कि 22 मई को. इस लिए मोहिनी एकादशी का व्रत 23 मई को रखा जाएगा.</p> <div class="news_content"><a href="https://ift.tt/3fbaJFS मई को कन्या राशि में चंद्रमा, मंगल मिथुन राशि में रहेंगे मौजूद, जानें अन्य ग्रहों की स्थिति और राहु काल</strong></a>&nbsp;</div> <p><strong>मोहिनी</strong> <strong>एकादशी</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong></p> <ul> <li><strong>एकादशी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>प्रारम्भ</strong><strong>: </strong>22 मई 2021 को 09 : 15 एएम बजे से.</li> <li><strong>एकादशी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>समाप्त</strong><strong>: </strong>23 मई 2021 को 06 : 42 एएम बजे तक</li> <li><strong>पारण</strong> <strong>का</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong><strong> : </strong>24 मई सुबह 05: 26 बजे से सुबह 08:10 बजे तक</li> </ul> <p><strong>पूजा</strong> <strong>विधि</strong><strong>: </strong>एकादशी व्रत के दिन सुबह उठें. स्नानादि करके व्रत का संकल्प लें. उसके बाद पूजा स्थल पर बैठकर भगवान विष्णु की मूर्ति पूजा चौकी पर स्थापित करे. घी का दीपक जलाएं. अब भगवान विष्णु की आरती करें और भोग लगाएं. अब मोहिनी एकादशी व्रत की कथा पढ़ें या सुनें. विष्णु भगवान के भोग में तुलसी को जरूर शामिल करें. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बिना तुलसी के विष्णु भगवान भोग स्वीकार नहीं करते हैं. उसके बाद पूरा दिन फलाहारी व्रत रखें. अगले दिन पारण के लिए शुभ मुहूर्त में तुलसी दल खाकर व्रत का पारण करें. तत्पश्चात ब्राह्मण को भोजन कराकर खुद भी भोजन करें.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3v9TQAI Grahan 2021: 26 मई को लग रहा है साल का पहला चंद्र ग्रहण, जानें भारत में कब और कहां दिखाई देगा</strong></a></div> </div> lifestyle https://ift.tt/3oHH766

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