Tuesday, May 25, 2021

Black Fungus: फंगल संक्रमण की रोकथाम कैसे करें? आपके लिए हैं ये कुछ आसान ओरल टिप्स

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस ने कई नई बीमारियों को जन्म दिया है. कोविड-19 से उबरने के बाद तेजी से फैलनेवाले संक्रमण में से एक ब्लैक फंगस है. म्यूकोर्मिकोसिस के नाम से मशहूर ब्लैक फंगस फफूंदीय रोग है जो आम तौर से लंबे समय स्टेरॉयड का इस्तेमाल करनेवालों या अस्पताल में लंबे समय तक इलाजरत मरीजों, ऑक्सीजन सपोर्ट या वेंटिलेटर पर रहनेवालों, अस्पताल में खराब स्वच्छता या डायबिटीज जैसी अन्य बीमारी के इलाज के लिए दवा लेनेवाले लोगों में देखा जा रहा है. समय रहते इलाज नहीं करने से ब्लैक फंगस का संक्रमण घातक हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">कोविड-19 के इलाज से शरीर कमजोर और इम्यूनिटी कम हो सकती है. उससे डायबिटीज और गैर डायबिटीज मरीजों में ब्लड शुगर लेवल भी खराब हो सकता है, जो फफूंद के कई गुना बढ़ने की प्रमुख वजह बताया जा रहा है. लेकिन दांत की स्वच्छता के कुछ आसान नियमों का पालन कर आप ब्लैक फंगस समेत वायरल और फंगल संक्रमण की चपेट में आने की संभावना को कम कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ब्लैक फंगस संक्रमण होने की वजह?</strong><br />स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि कर दी है कि संक्रमण कोविड-19 से ठीक हो चुके या उबर रहे लोगों के बीच पहचान में आ रहा है. आईसीयू में ऑक्सीजन थेरेपी का इस्तेमाल करनेवालों लोगों को नमी के संपर्क में आने की वजह से ज्यादा खतरा है. इसलिए, सलाह दी जाती है कि ऑक्सीजन थेरेपी के लिए स्टेरील वाटर का इस्तेमाल किया जाए. कमजोर इम्यूनिटी, ,स्टेरॉयड का अत्यधिक इस्तेमाल, वोरिकोनाजोल थेरेपी और अनियंत्रित डायबिटीज भी ब्लैक फंगस संक्रमण के खतरे में लोगों को डालता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ब्लैक फंगस के खतरे कैसे कम करें?</strong><br /><strong>मौखिक स्वच्छता को बनाए रखना-</strong> कोविड-19 से उबरने के बाद स्टेरॉयड और अन्य दवा का सेवन मुंह में फफूंद या बैक्टीरिया के बढ़ने और साइनस, लंग्स और यहां तक कि दिमाग में समस्या बनने की वजह को सक्षण बनाता है. एक दिन में दो या तीन बार अपने मुंह का ब्रश करना और अच्छी तरह से मुंह की सफाई निहायत मदद कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मुंह का गरारा-</strong> कोविड-19 से रिकवरी के बाद मरीजों को मुंह की अच्छी साफ-सफाई बीमारी के प्रभाव से खुद को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है. मरीजों को सलाह दी जाती है कि कोरोना की जांच में निगेटिव आने के बाद अपना टूथब्रश बदल दें और अपने मुंह का गरारा नियमित करते रहें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>टंग क्लीनर और टूथब्रश को डिसइंफेक्ट करें-</strong> कोविड-19 से ठीक हो चुके मरीज को अपना ब्रश उसी फोल्डर में नहीं रखना चाहिए जिसमें अन्य लोग रखते हैं. उनको सुझाव दिया जाता है कि एंटीसेप्टिक माउथवॉश का इस्तेमाल कर टंग क्लीनर और ब्रश को नियमित साफ करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="ब्लैक फंगस हो या व्हाइट फंगस, शुगर लेवल को काबू करना क्यों जरूरी है? जानिए" href="https://www.abplive.com/lifestyle/be-it-black-fungus-or-white-fungus-why-sugar-level-control-is-the-key-know-1918198">ब्लैक फंगस हो या व्हाइट फंगस, शुगर लेवल को काबू करना क्यों जरूरी है? जानिए</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या वायु प्रदूषण से गर्भवती महिलाओं के बच्चों में होता है अस्थमा का खतरा? रिसर्च में चौंकानेवाला खुलासा" href="https://www.abplive.com/lifestyle/does-pregnant-women-exposed-to-high-levels-of-air-pollution-cause-to-have-children-with-asthma-study-reveals-1918191">क्या वायु प्रदूषण से गर्भवती महिलाओं के बच्चों में होता है अस्थमा का खतरा? रिसर्च में चौंकानेवाला खुलासा</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/34ebEij

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