Monday, August 30, 2021

Coronavirus: कई राज्यों में डेल्टा वेरिएन्ट से मिलता जुलता AY.12 स्ट्रेन मिला, अब ये कितनी बड़ी चिंता की है बात?

<p style="text-align: justify;">कोरोना के डेल्टा वेरिएन्ट ने दुनिया में कहर बरपाया है. मार्च 2020 में पहला मामला सामने आने के बाद इस वेरिएन्ट में कई बदलाव भी देखे गए हैं. कई राज्यों ने डेल्टा परिवार से ही जुड़ा AY.12 स्ट्रेन के नए मामलों को दर्ज किया है. विशेषज्ञों का दावा है कि ये नया AY.12 स्ट्रेन इजराइल में हालिया कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के पीछे हो सकता है. INSACOG के साप्ताहिक अपडेट के मुताबिक इजराइल में 60 फीसद आबादी का पूरी तरह टीकाकरण के बावजूद डेल्टा वेरिएन्ट के मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है.</p> <p style="text-align: justify;">INSACOG विभिन्न लैब्स का एक अखिल भारतीय नेटवर्क है जो कोविड-19 की जिनोम स्टडी पर निगाह रखता है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, डेल्टा वेरिएन्ट के परिवार को चार से बढ़ाकर वैज्ञानिकों ने 13 कर दिया है. उसके मुताबिक जिन मामलों के पीछे पहले डेल्टा वेरिेन्ट को माना जा रहा था, अब &nbsp;AY.12 स्ट्रेन &nbsp;के तौर पर दोबारा र्गीकृत किया जा रहा है. AY.12 स्ट्रेन क्या है? डेल्टा वेरिएन्ट और &nbsp;AY.12 स्ट्रेन के बीच अंतर क्या है? इजराइल में किस तरह के हालात हैं? क्या हमें भी चिंता करना चाहिए? ये सारे सवाल हमारे मन में उथल पुथल पैदा कर रहे&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डेल्टा वेरिएंट और AY.12</strong><br />इंडियन एक्स्प्रेस ने INSACOG के हवाले से खबर दी कि अभी ये स्पष्ट नहीं है कि क्या डेल्टा वेरिएन्ट या &nbsp;B.1.617.2 से AY.12 अलग है या नहीं है. हालांकि, देखा गया है कि डेल्टा वैरिएंट में मौजूद G142D स्पाइक प्रोटीन AY.12 स्ट्रेन में नहीं है. उसके अलावा, इस वेरिएन्ट के स्पाइक प्रोटीन में कोरोना वायरस परिवार से मिलता जुलता कोई म्यूटेशन नहीं मिला है.&nbsp;Outbreak.org. के मुताबिक, AY.12 स्ट्रेन का का पहला मामला भारत में 7 सितंबर, 2020 में सामने आ चुका है. वर्तमान में AY.12 स्ट्रेन का मामला इजराइल में छाया हुआ है. 51 फीसद सैंपल के परीक्षण में पाया गया है कि ये वेरिएन्ट आम है. पिछले हफ्ते सैंपल के आधार पर इस वेरिएन्ट की घटना में 20 फीसद की बढ़ोतरी देखी गई है. इजराइल की सरकार ने लोगों के जमावड़े पर पाबंदियां लगा दी हैं और अब कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन लगाने पर विचार कर रही है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या हमें चिंता करना चाहिए?</strong><br />AY.12 स्ट्रेन की तेज रफ्तार बढ़ोतरी किसी को भी चिंतित करने के लिए काफी है. सभी म्यूटेशन या वेरिएन्ट्स समान रूप से नुकसानदेह नहीं हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन वेरिएन्ट्स को दो श्रेणियों में वर्गीकृत करता है- वेरिएन्ट ऑफ इन्टेरेस्ट और वेरिएन्ट ऑफ कंसर्न. कोरोना के डेल्टा वेरिएन्ट को वेरिएन्ट ऑफ कंसर्न के तौर पर परिभाषित किया गया है. दुनिया के कई दूसरे देशों समेत भारत में डेल्टा प्रमुख वेरिएन्ट ऑफ कंसर्न है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Coronavirus: क्या एलर्जी वाले लोगों को टीका लगाया जा सकता है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ" href="https://ift.tt/3yqEpVF" target="">Coronavirus: क्या एलर्जी वाले लोगों को टीका लगाया जा सकता है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Monsoon Diseases: कोरोना काल में खुद को मौसमी बीमारियों से इस तरह बचाएं" href="https://ift.tt/38rynJX" target="">Monsoon Diseases: कोरोना काल में खुद को मौसमी बीमारियों से इस तरह बचाएं</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3jtbLPs

कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर का असर कैसा होगा? ICMR ने बताई ये बड़ी बात

<p style="text-align: justify;">कोरोना महामारी की तीसरी लहर भारत में कब आएगी, इसको लेकर वैज्ञानिक दूसरी लहर के बाद से आशंका जताने लगे थे. अब, ताजा अनुमान में कहा गया है कि तीसरी लहर सितंबर और अक्तूबर के बीच आ सकती है. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने अनुमान लगाया है कि ये दूसरी लहर के मुकाबले कम गंभीर हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ताजा अनुमान में तीसरी लहर सितंबर और अक्तूबर के बीच</strong></p> <p style="text-align: justify;">आईसीएमआर के एपिडेमोलॉजी एंड कम्यूनिकेबल डिजीज डिविजन के प्रमुख डॉक्टर समिरन पांडा ने कहा कि पूरे देश के लिए कोई नहीं भविष्यवाणी कर सकता कि तीसरी लहर कब आएगी. उनके मुताबिक, "ये तभी समझ में आएगा जब जिला या राज्य से प्राप्त खास डेटा को खास भविष्यवाणी के लिए इस्तेमाल किया जाए. तीसरी लहर उसी वक्त सिर उठा सकती है जब राज्य की सरकारें समय से पहले पाबंदियां हटा लें और एक नया फैलनेवाला प्रभावी वेरिएन्ट हो जो केस लोड में बेहताशा बढ़ोतरी का कारण बने, या आबादी के लेवल पर कोविड प्रोटोकॉल का स्पष्ट उल्लंघन हो." टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक ऐसा कहा गया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दूसरी लहर के मुकाबले इस बार कम गंभीर हो सकती है-ICMR</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने बताया कि दूसरी लहर में जिन जिलों में फैलाव कम था, इस बार संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखने को मिल सकती है जबकि उन जिलों में जहां संक्रमण की ऊंची दर देखी गई थी, इस बार ज्यादा मामले सामने आ सकते हैं. इससे पहले डॉक्टर पांडा एनडीटीवी से बात करते हुए कहा था कि कोरोना की तीसरी लहर के पीछे लोगों के बीच इम्यूनिटी में गिरावट समेत चार फैक्टर महत्वपूर्ण हो सकते हैं. उनका कहना था कि महामारी की पहली और दूसरी लहर में बीमारी के खिलाफ प्राप्त इम्यूनिटी कम होती है, तो ये तीसरी लहर की अगुवाई कर सकती है. उन्होंने कोरोना वायरस के एक वेरिएन्ट की भी आशंका जताते हुए बताया था कि ये इम्यूनिटी को चकमा दे सकता है और अगर नया वेरिएन्ट ऐसा नहीं कर पाता है, तो ये आबादी में तेजी से फैल सकता है. कोरोना की तीसरी लहर को राज्यों के जरिए लगाई कोविड पाबंदियों में समय से पहले ढिलाई ला सकती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="अब महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब को ED ने थमाया नोटिस, संजय राउत बोले- chronology समझिए!" href="https://ift.tt/3kxx7L2" target="">अब महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री अनिल परब को ED ने थमाया नोटिस, संजय राउत बोले- chronology समझिए!</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3mI2xRk

Coronavirus: क्या एलर्जी वाले लोगों को टीका लगाया जा सकता है? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> क्या एलर्जी वाले लोगों को टीका लगाया जा सकता है? विशेषज्ञों का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है. अगर आपको गंभीर एलर्जी हो, तो भी आप अपनी दवा लेते रहें और अपना टीकाकरण करवाना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद पॉल ने कहा, "अगर किसी को एलर्जी की गंभीर समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह के बाद ही कोविड का टीका लगवाना चाहिए. हालांकि अगर ये केवल मामूली एलर्जी जैसे सामान्य सर्दी, त्वचा आदि का सवाल है, तो टीका लगवाने में संकोच नहीं करना चाहिए."</p> <p style="text-align: justify;">एम्स के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा, "एलर्जी की पहले से दवा लेने वालों को अपनी दवाओं का सेवन रोकना नहीं चाहिए. टीका लगवाने के पहले व बाद में नियमित रूप से दवा लेते रहना चाहिए. ये भी जानना महत्वपूर्ण है कि टीकाकरण के कारण उत्पन्न होने वाली एलर्जी के प्रबंघन के लिए सभी टीकाकरण स्थलों पर व्यवस्था की गई है."</p> <p style="text-align: justify;">[tw]https://twitter.com/COVIDNewsByMIB/status/1432191751691767812[/tw]</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या टीका लगवाने के बाद पर्याप्त एंटीबॉडी बन जाती है?</strong><br />इस सवाल के जवाब में डॉ गुलेरिया ने कहा है कि हमें टीकों की प्रभावशीलता का आंकलन केवल उससे उत्पन्न होने वाली एंटीबॉडी की मात्रा से नहीं करना चाहिए. टीके कई प्रकार की सुरक्षा प्रदान करते हैं. जैसे एंटीबॉडी, कोशिका-मध्यस्थ प्रतिरक्षा तथा स्मृति कोशिकाओं के माध्यम से (जो हमारे संक्रमित होने पर अधिक एंटीबॉडी उत्पन्न करते हैं). इसके अलावा, अब तक जो प्रभावोत्पादकता परिणाम सामने आए हैं वे परीक्षण अध्ययनों पर आधारित हैं, जहां प्रत्येक परीक्षण का अध्ययन डिजाइन कुछ अलग है.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने आगे कहा, 'अब तक उपलब्ध आंकड़े स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि सभी टीकों के प्रभाव चाहे कोवैक्सीन हो, कोविशील्ड हो या स्पूतनिक वी हो कमोबेश बराबर हैं. इसलिए हमें यह नहीं कहना चाहिए कि यह टीका या वह टीका, जो भी टीका आपके क्षेत्र में उपलब्ध है, कृपया आगे बढ़ें और अपना टीकाकरण कराएं ताकि आप और आपका परिवार सुरक्षित रहे.'</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong><br /><strong><a href="https://ift.tt/3sVnTvT Corona Updates: 24 घंटे में दुनिया में सबसे ज्यादा कोरोना मामले भारत में आए, 7766 एक्टिव केस बढ़े</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/woman-chants-hanuman-chalisa-during-brain-tumor-surgery-in-aiims-1944444">ब्रेन ट्यूमर सर्जरी के दौरान युवती करती रही हनुमान चालीसा का जाप, दिल्ली एम्स में हुआ सफल इलाज</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3yqEpVF

Monsoon Diseases: कोरोना काल में खुद को मौसमी बीमारियों से इस तरह बचाएं

<p style="text-align: justify;"><strong>Monsoon Diseases:</strong>&nbsp;कोरोना की दूसरी लहर भारत के अधिकतर हिस्सों में कम हो गई है. इस दौरान ऑक्सीजन आपूर्ति की कमी और संक्रमण के मामलों में बेतहाशा वृद्धि समेत देश कई चुनौतियों से गुजरा है. यहां तक कि जब हम इसके साथ आते हैं, तो मानसून का मौसम ज्यादातर हिस्सों में जारी है जो अपने साथ बीमारियों की झड़ी- बैक्टीरियल, वायरल और फंगल लेकर आता है. ऐसे में उनके खिलाफ सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ कोविड-19 के लिए भी अतिरिक्त सावधानी बरतना चाहिए. मौसमी संक्रमण के लक्षण कोवड-19 की नकल कर सकते हैं, इसलिए सावधान रहने की जरूरत है. कोविड-19 छींक या खांसी की बूंद और हवा से फैलती है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मच्छरों से सुरक्षा-</strong> वाटर कूलर, टैंक और बालकोनी में पानी के जमाव को चेक करने की जरूरत है. उससे ज्यादा, महत्वपूर्ण है कि पूरे बाजू के कपड़े और पतलून खास कर शाम में बाहर निकलते वक्त पहना जाए. मच्छर भगाने वाले केमिकल और मच्छरदानी भी जरूरी है. उसके अलावा, जहां तक संभव हो सके घर से कीड़े और मच्छरों को दूर करने के लिए धुआं करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>व्यक्तिगत सफाई-</strong> बाहर से लौटने के बाद बीमारियों से सुरक्षा के लिए नहाएं. इससे स्किन पर इकट्ठा कीटाणु को हटाने में मदद मिल सकती है. बीमारी की रोकथाम और व्यक्तिगत सफाई के लिए हमारे हाथ बुनियादी क्षेत्र हैं. साबुन और पानी से खासकर खाने से पहले या वाशरूम के बाद अच्छी तरह से उसको धोना महत्वपूर्ण है. चेहरा को ढंके बिना छींकना या खांसना दूसरी नुकसानदेह आदत है जिससे पूरी तरह परहेज किया जाना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सोशल डिस्टेंसिंग-</strong> लॉकडाउन हटने के बाद सार्वजनिक परिवहन का हमने काम के लिए इस्तेमाल करना और जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए बाजार जाना शुरू कर दिया है. ऐसे में कई उपाय जैसे लोगों के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना अनिवार्य है. हो सकता है कि उनमें बीमारी के लक्षण हों. घर से बाहर निकलते वक्त फेस मास्क जरूरी है. कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से परहेज करना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फूड और पानी की सफाई-</strong> आपको घर पर पर्याप्त फूड और पानी की सफाई सुनिश्चित करने की जरूरत है. सड़क किनारे के फूड को खाने से बचें और कोशिश करें ताजा, घर का बना भोजन खाएं. खुद का बोतल लेज जाने की सिफारिश की जाती है और उबला या प्यूरीफाई किए पानी को तरजीह दें. बरसात के मौसम में हेल्दी रहने के लिए इम्यूनिटी बढ़ानेवाले और मौसमी फूड्स का खाना एक अच्छा तरीका है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>श्वसन तंत्र की सुरक्षा-</strong> हवा से फैलनेवाले संक्रमण श्वसन तंत्र को संक्रमित कर सकते हैं और खास देसी उपाय फायदेमंद हो सकते हैं. जहां तक संभव हो सके आपको गर्म पानी पीना चाहिए. योग करने की आदत को भी सुनिश्चित करें और खास ब्रेथिंग एक्सरसाइज जैसे प्राणायाम को शामिल करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Skin Superfood: ग्लोइंग स्किन के लिए 10 सुपरफूड, बनाएं आपकी त्वचा को सुंदर और जवां" href="https://ift.tt/2Wz4ip0" target="">Skin Superfood: ग्लोइंग स्किन के लिए 10 सुपरफूड, बनाएं आपकी त्वचा को सुंदर और जवां</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Diabetes: जड़ी-बूटियां और मसाले आपका ब्लड शुगर लेवल काबू करने में कर सकते हैं मदद, जानें" href="https://ift.tt/3ta6qjv" target="">Diabetes: जड़ी-बूटियां और मसाले आपका ब्लड शुगर लेवल काबू करने में कर सकते हैं मदद, जानें</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/38rynJX

Ayurvedic Herbs For Skin: आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों से पाएं दमकती-जवां त्‍वचा, इन चीजों का करें इस्तेमाल

<p style="text-align: justify;">Ayurvedic Herbs For Skin: आजकल लोग स्वस्थ, दमकती और जवां त्वचा पाने के लिए क्या क्या प्रयास नहीं कर रहे हैं. मार्केट में आपको न जाने कितने सौंदर्य प्रसाधन मिल जाएंगे. इन प्रोडक्ट्स के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ती है और इनमें उपयोग किए गए रसायनों से त्वचा को भारी नुकसान भी होता है. ऐसे में त्वचा में कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं. इन सभी परेशानियों से बचने के लिए आप आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का सहारा ले सकते हैं. खासबात ये है कि हमारी संस्कति में लंबे समय से सौंदर्य के लिए आयुर्वेदिक उपचार का प्रयोग किया जाता रहा है. ये प्राकृतिक उत्पाद पूरी तरह से कैमिकल फ्री और सुपर इफैक्टिव होते हैं. हम आपको त्वचा को सुंदर और चमकदार बनाने के लिए उपयोग में लायी जाने वाली जड़ी-बूटियों के बारे में बता रहे हैं. जानते हैं इनके फायदे&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3jY3tOy" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- तुलसी-</strong> तुलसी में बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं. त्वचा के लिए तुलसी किसी वरदान से कम नहीं है. आपकी बढ़ती उम्र को कम करने, झुर्रियों और फाइन लाइन को कम करने में तुलसी का कोई दूसरा मुकाबला नहीं है. यह न केवल त्वचा को पोषण देती है बल्कि त्वचा की बनावट को भी बेहतर बनाती है. तुलसी के इस्तेमाल से त्वचा को समूथ फिनिश मिलती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- जिनसेंग-</strong> आपको कोरिया और जापान के कई स्किन केयर प्रोडक्ट में जिनसेंग मिलेगा. इसमें भरपूर एंटी-एजिंग गुण पाए जाते हैं. इसमें फाइटोकेमिकल्स हैं, जो बढ़ती उम्र को रोकने में मदद करता है. जिनसेंग आपकी त्वचा को यूवी रेज से बचाने में भी मदद करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/38qlK1Q" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- अश्वगंधा-</strong> अश्वगंधा एक एंटीऑक्सिडेंट के रुप में जाना जाता है, जिससे त्वचा को किसी भी मुक्त कण से बचाने में मदद मिलती है. रोजाना अश्वगंधा के सेवन से त्वचा जवां और दमकती रहती है. अश्वगंध तनाव दूर करने के लिए भी उपयोग में लाया जाता है. इससे त्वचा को भी आश्चर्यजनक लाभ मिलते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- हल्दी-</strong> हल्दी के फायदे तो सभी को पता हैं. हल्दी प्रकृति का उपहार है जो आपके शरीर को स्वस्थ और सुंदर बनाने में मदद करती है. अच्छे स्वास्थ्य और स्वस्थ त्वचा के लिए आप हल्दी का इस्तेमाल कर सकते हैं. हल्दी में करक्यूमिन में एंटी एजिंग गुण होते हैं, जिससे त्वचा जवां बनती है.</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/38lZR3F" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- केसर-</strong> त्वचा के लिए केसर भी बहुत फायदेमंद है. केसर को चेहरे पर लगाने से दाग-धब्बों और मुंहासों के छुटकारा मिलता है. केसर से रंग गोरा और साफ होता है. इसके अलावा दूध और केसर चेहरे पर लगाने से निखार आ जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>6- चंदन-</strong> चंदन में एंटीवायरल और एंटीसेप्टिक गुण होते हैं. इससे त्वचा पर कील-मुंहासों और फुंसियों की समस्या दूर हो जाती है. चंदन का त्वचा पर ब्लीचिंग प्रभाव भी पड़ता है. चंदन के पाउडर से फेस पैक बनाकर लगा सकते हैं. इससे त्वचा को ठंडक मिलती है और रंगत में भी निखार आता है.</p> <p style="text-align: justify;"><br /><br /><img src="https://ift.tt/2Ya6lRh" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>7- नीम-</strong> आयुर्वेद में नीम बहुत महत्पूर्ण है नीम का इस्तेमाल स्किन प्रॉब्लम्स को दूर करने के लिए भी किया जाता है. नीम में एंटी सेप्टिक, एंटी फंगल और एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जिससे त्वचा को साफ रखने में मदद मिलती है. ग्लोइंग स्किन पाने और कील मुंहासे दूर करने के लिए भी नीम का इस्तेमाल किया जाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>8- एलोवेरा-</strong> आयुर्वेद में एलोवेरा को त्वचा के लिए वरदान माना गया है. त्वचा की कई तरह की समस्याओं को दूर करने के लिए एलोवेरा का इस्तेमाल किया जाता है. सनबर्न और एजिंग के लक्षणों को दूर करने के लिए भी एलोवेरा का उपयोग किया जाता है. रोजाना ऐलोवेरा लगाने से चेहरे पर नमी और त्वचा ग्लोइंग हो जाती है. स्किन को फ्लॉलेस बनाने के लिए आप एलोवेरा का इस्तेमाल कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><br /><img src="https://ift.tt/3jpMmpJ" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>9- गिलोय-</strong> प्रतिरक्षा बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर गिलोय त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद है. इसमें एंटी इंफ्लामेटरी गुण भरपूर होते हैं. जिससे त्वचा के ऊतकों को पुनर्जीवित करने और सूजन कम करने में मदद मिलती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>10- मुलेठी-</strong> मुलेठी को त्वचा को साफ करने के लिए उपयोग में लाया जाता है. सूरज की हानिकारक किरणों से बचाने में भी मुलेठी मदद करती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="कोलेजन प्रोटीन शरीर के लिए क्यों है जरूरी? त्वचा को हमेशा जवां रखने के अलावा ये हैं फायदे" href="https://ift.tt/38mW0Di" target="">कोलेजन प्रोटीन शरीर के लिए क्यों है जरूरी? त्वचा को हमेशा जवां रखने के अलावा ये हैं फायदे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2V1r5JQ

Skin Superfood: ग्लोइंग स्किन के लिए 10 सुपरफूड, बनाएं आपकी त्वचा को सुंदर और जवां

<p>Superfood For Healthy Skin: खूबसूरत और जवां दिखने की चाहत भला किसे नहीं होती. खासतौर से महिलाएं अपनी ब्यूटी को लेकर काफी परेशान रहती हैं. हर किसी की चाहत होती है कि उसकी त्वचा बेदाग, बिना कील मुंहासे वाली रहे. हालांकि इसके लिए आपको त्वचा की देखभाल करना जरूरी है. आपको अपनी त्वचा को हेल्दी और लंबे समय तक जवान बनाए रखने के लिए कुछ सुपरफूड अपनी डाइट में जरूर शामिल करने चाहिए. इससे आपकी स्किन नेचुरली ग्लोइंग और सुंदर बनी रहेगी. आपके खान-पान और लाइफस्टाइल का सबसे ज्यादा और जल्दी असर आपकी त्वचा पर ही पड़ता है. जानते है त्वचा को चमकदार बनाने वाले 10 सुपरफूड कौन से हैं.&nbsp;<br /><img src="https://ift.tt/38nR3dv" /></p> <p><strong>1- टमाटर-</strong> हेल्दी और खूबसूरत त्वचा पाने के लिए टमाटर बहुतअच्छा विकल्प है. आप खाने में रोज एक टमाटर खाएं इससे शरीर को विटामिन ए, विटामिन सी और पोटैशियम अच्छी मात्रा में मिलेगा. ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में टमाटर ज़रूर शामिल करें.&nbsp;</p> <p><strong>2- हरी सब्जियां-</strong> आपके स्वास्थ्य के लिए हरी सब्जियां बहुत फायदे मंद हैं. आप खाने में पालक जरूर शामिल करें. पालक थकान दूर करने, नींद की कमी पूरा करने, एनीमिया और डार्क सर्कल की समस्या को दूर करने में मदद करता है. पालक से शरीर को भरपूर आयरन, विटामिन के और सी मिलता है.&nbsp;<img src="https://ift.tt/3DrrYg7" /></p> <p><strong>3- नट्स और सीड्स-</strong> स्वस्थ त्वचा पाने के लिए आप खाने में नट्स और सीड्स जरूर शामिल करें. आपको डाइट में बादाम, काजू, किशमिश, अखरोट शामिल करने चाहिए. इसके अलावा फ्लैक्स सीड्स, कद्दू के बीज, चिया सीड्स को भी अपने आहार का हिस्सा बनाना चाहिए. इनसे विटामिन ई मिलता है, जो त्वचा की नमी को बरकरार रखता है. स्किन सॉफ्ट और हाइड्रेट रखने में मदद करता है.&nbsp;</p> <p><strong>4- साबूत अनाज-</strong> आपको अपनी डाइट में त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए ब्राउन राइस और ओट्स भी शामिल करना चाहिए. इससे बालों का टूटना और झड़ना कम करने में मदद मिलती है. त्वचा को भी फायदा मिलता है.&nbsp;</p> <p><br /><img src="https://ift.tt/3Bn6Y8f" /></p> <p><strong>5- लहसुन-</strong> लहसुन स्किन को क्लीन और पिंपल फ्री बनाने में मदद करता है. लहसुन नैचुरल एंटीबायोटिक के तौर पर काम करता है जिससे ब्लड प्यूरिफाई करने में मदद मिलती है. लहसुन से इम्यून सिस्टम भी मज़बूत बनाता है. लहसुन स्किन के टिशू को रिपेयर करने में भी मदद करता है.</p> <p><strong>6- दही और ओटमील-</strong> आपको डाइट में विटामिन बी से भरपूर दही और ओट्स जैसी चीजें भी अपनी डाइट में शामिल करनी चाहिए. त्वचा में नमी बरकरार रखने के लिए विटामिन बी बहुत जरूरी है. इसके लिए आप दही जरूर खाएं.</p> <p><strong>7- ऑयली फिश-</strong> फिश को ओमेशा3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत माना जाता है. इसके अलावा अखरोट और फ्लैक्स सीड्स में भी ओमेगा3 फैटी एसिड पाया जाता है. ओमेगा-3 फैटी एसिड त्वचा को कोमल और झुर्रियों से दूर रखने में मदद करता है. इससे त्वचा हाइड्रेट रहती है.&nbsp;</p> <p><strong>8- अंडा-</strong> अंडे को स्वास्थ्य के लिए सुपरफूड माना जाता है. अंडे में विटामिन बी7 की होता है जो आपकी त्वचा और नाख़ून टूटने की समस्या से निजात दिलाता है. अंडा से शरीर को आयरन, प्रोटीन और ज़िंक अच्छी मात्रा में मिलता है.&nbsp;</p> <p><br /><img src="https://ift.tt/3zasxbo" /></p> <p><strong>9- खट्टे फल और बेरीज़-</strong> त्वचा को हेल्दी रखने के लिए आपको डाइट में खट्टे फल और बेरीज़ जरूर शामिल करनी चाहिए. खट्टे फलों से शरीर को विटामिन सी मिलता है और बैरीज शरीर में कोलेजन की मात्रा बढ़ाने में मदद करते हैं. कोलेजन त्वचा को मुलायम और जवान बनाए रखने में मदद करता है. बेरीज़ में मौजूद एंटीऑक्सीटेंड बढ़ती उम्र को भी कम करते हैं.</p> <p><strong>10- नारंगी सब्जियां-</strong> त्वचा और आंखों के लिए नारंगी सब्जियां बहुत फायदेमंद होती हैं. आप डाइट में लाल-पीली शिमला मिर्च, गाजर और चुकंदर जरूर शामिल करें. इनमें विटामिन ए की अधिकता होती है, जो झुर्रियों की रोकथाम के लिए ज़रूरी है.</p> <p><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p><strong><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/collagen-rich-natural-food-source-fruits-vegetable-and-egg-diet-to-increase-collagen-protein-1960333">ये भी पढ़ें: शरीर में कोलेजन प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए डाइट में शामिल करें ये सुपरफूड</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2Wz4ip0

Diabetes: जड़ी-बूटियां और मसाले आपका ब्लड शुगर लेवल काबू करने में कर सकते हैं मदद, जानें

<p style="text-align: justify;"><strong>Diabetes:</strong> डायबिटीज से पीड़ित होने पर हेल्दी ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखना जरूरी है. अनियंत्रित ब्लड शुगर लेवल का संबंध कई दिक्कतों से जुड़ता है. हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल टाइप-2 डायबिटीज में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. डायबिटीज मरीजों को अपनी डाइट में जड़ी बूटी और मसाले शामिल करना चाहिए. किचन में कई प्रकार के मसालों और जड़ी बूटियां काफी होते हैं. ये कई औषधीण गुण और फायदे रखते हैं. कुछ मसाले ब्लड शुगर लेवल नियंत्रण में मदद कर सकते हैं. अगर आप डायबिटीज रोगी हैं, तो विशेषज्ञ की तरफ से बताए गए मसालों और जड़ी बूटियों को न छोड़ें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तुलसी-</strong> तुलसी इम्यूनिटी को सुधारता है और शरीर को मजबूती देता है. न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि ये ब्लड शुहर लेवल को भी कम करने में मददगार हो सकता है. तुलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ऑक्सिडेटिव तनाव को कम कर सकता है. तुलसी दिमागी सेहत को सुधारने के लिए भी जाना जाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दालचीनी-</strong> दालचीनी में वायरल रोधी, बैक्टीरिया रोधी और फंगल रोधी गुण पाए जाते हैं. उसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होने के साथ-साथ सूजन रोधी प्रभाव होता है. रिसर्च के मुताबिक दालचीनी टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है. अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फूड का सेवन करें और अपनी रूटीन में नियमित शारीरिक गतिविधि को शामिल करें ताकि हेल्दी ब्लड शुगर लेवल बहाल रह सके.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हल्दी-</strong> न्यूट्रिशनिस्ट नमामी अग्रवाल के मुताबिक, हल्दी में करक्यूमिन मजबूत एंटीऑक्सीडेंट है और डायबिटीज की दिक्कतों का इलाज करने में मदद करता है. हल्दी से शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं. ये सूजन रोधी गुणों से भी भरपूर होता है. आप हल्दी को अपनी डाइट में विभिन्न प्रकार से शामिल कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मेथी-</strong> कार्बोहाइड्रेट्स का अवशोषण और अपच को धीमा कर मेथी ब्लड शुगर लेवल को सुधारता है. न्यूट्रिशनिस्ट का कहना है कि मेथी आपके दिल के लिए भी अच्छा है क्योंकि ये कोलेस्ट्रोल लेवल को काबू करने में मदद कर सकता है और सूजन को घटाता है.&nbsp;</p> <p><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Care Tips: शरीर (Body) में खून की कमी दूर करने के लिए इन चीजों का करें सेवन" href="https://ift.tt/3ztbFNq" target="">Health Care Tips: शरीर (Body) में खून की कमी दूर करने के लिए इन चीजों का करें सेवन</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Kitchen Hacks: अगर पराठे बनाने के कुछ समय बाद ही हो जाते हैं कड़क? तो अपनाएं ये टिप्स" href="https://ift.tt/3zvY5J5" target="">Kitchen Hacks: अगर पराठे बनाने के कुछ समय बाद ही हो जाते हैं कड़क? तो अपनाएं ये टिप्स</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3ta6qjv