Tuesday, June 29, 2021

Skin Care Tips: दाने और मुंहासे हैं खूबसूरती के दुश्मन, किचन की इन सामग्रियों से करें सफाया

<p style="text-align: justify;">स्किन की समस्याओं में मुहांसे और दाने बहुत आम हैं और उसका सामना करीब हर उम्र के लोगों को करना पड़ता है. ये आम तौर से स्किन में सूजन या पेट में टॉक्सिसिटी के कारण होता है. आपकी डाइट आपकी अधिकतर स्किन समस्याओं को काबू करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. डेयरी के इस्तेमाल से बचा जाना चाहिए क्योंकि ये इंसुलिन रिस्पॉन्स उभारने का काम करता है. किचन के कुछ सामान दानों से छुटकारा दिलाने में आपकी मदद कर सकते हैं और जादुई तौर पर उसे हटाते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नींबू-</strong> नींबू को दानों के चमत्कारी इलाज के तौर पर बताया जाता रहा है. नींबू में साइट्रिक एसिड गुण रोगाणु रोधक के तौर पर काम करता है. नींबू का रस स्किन पर बैक्टीरिया की संख्या कम करने में मदद करता है. आगे चलकर ये आपको दानों से छुटकारा दिलाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शहद-</strong> कच्चा शहद का इस्तेमाल कर आप दानों से मुक्ति पा सकते हैं क्योंकि उसमें प्रभावी रोगाणु रोधी गुण होते हैं जो आगे बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद करता है. शहद में सूजन रोधी गुण पाए जाने की वजह से ये लालिमा और सूजन की रोकथाम में मदद करता है. लालिमा और सूजन मुंहासे और दानों के साथ आम हैं. शहद हाइड्रोजन पेरोक्साइड के कम लेवल को रिलीज करता है जो स्किन को डिसइंफेक्ट करने में मदद करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हल्दी-</strong> हल्दी का इस्तेमाल लंबे समय से दानों और मुंहासों के इलाज में किया जाता रहा है क्योंकि उसमें औषधीय और चिकित्सकीय गुण होता है. करक्यूमिन यौगिकों की मौजूदगी के कारण ये दानों से छुटकारा दिलाने में मदद करता है. उसमें रोगाणु रोधी, सूजन रोधी और बैक्टीरिया रोधी गुण होने के कारण बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद मिलती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एलोवेरा-</strong> एलोवेरा में बैक्टीरिया रोधी गुण पाए जाते हैं और ये प्रभावी तरीके से आपके चेहरे के निशान या दानों का इलाज कर सकता है. उसका ऐंटिफंगल गुण स्किन की सूजन का इलाज करने में मददगार है. एलोवेरा पौधे में मैग्नीशियम लैक्टेट के कारण दानों से पैदा होनेवाली खुजली को रोकने में मदद मिलती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Pregnancy Tips: प्रेगनेन्सी में बरतें विशेष सावधानी, इन खाद्य पदार्थों का न करें सेवन" href="https://ift.tt/3hfIGVs" target="">Pregnancy Tips: प्रेगनेन्सी में बरतें विशेष सावधानी, इन खाद्य पदार्थों का न करें सेवन</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बेली फैट घुलाने में ये आसान व्यायाम हैं बेहद प्रभावी, आज ही अपने वर्कआउट प्लान में करें शामिल" href="https://ift.tt/3jp5Qvm" target="">बेली फैट घुलाने में ये आसान व्यायाम हैं बेहद प्रभावी, आज ही अपने वर्कआउट प्लान में करें शामिल</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3h9CgXG

Diabetes Tips: डायबिटीज रोगी इन नियमों का करें पालन, स्वस्थ ब्लड शुगर लेवल होगा मेंटेन

<p style="text-align: justify;">डायबिटीज में देखभाल और ब्लड शुगर लेवल के उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण बहुत जरूरी है. चाहे आपको हायपर ग्लाईसीमिया (ब्लड शुगर की अधिक मात्रा) हो या हाइपोग्लाइसीमिया (ब्लड शुगर की कम मात्रा), अपनी स्थिति से अवगत होने पर बेहतर इंतजाम, बीमारी को काबू और पेचीदगियों की रोकथाम का रास्ता मिल सकता है, विशेषकर कोरोना काल में. इसके लिए आपको छह नियम बताए जा रहे हैं. इन नियमों का पालन कर आप स्वस्थ रह सकते हैं और ब्लड शुगर लेवल को बेहतर तरीके से काबू भी कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>स्वस्थ भोजन खाएं-</strong> डायबिटीज में सबसे प्रमुख आपकी डाइट की भूमिका होती है. ब्लड शुगर लेवल को स्थिर करने का सबसे अच्छा तरीका अच्छी डाइट है. सुनिश्चित करें कि आपके अहम भोजन का अंतराल चार से पांच घंटे से ज्यादा न हो. हर दो या ढाई घंटे पर कुछ खाने की कोशिश करें. ये आपके ब्लड में ग्लूकोज लेवल को निर्धारित सीमा के भीतर बनाए रखेगा. रिफाइन अनाज के प्रोडट्स जैसे नूडल्स, सफेद चावल, व्हाइट ब्रेड ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाते हैं, इसलिए उनको अपनी डाइट में शामिल करने से बचें. उसके बजाए, कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले भोजन जैसे ओट्स, ब्राउन राइस, गेहूं को डाइट में शामिल करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नियमित व्यायाम करें-</strong> शारीरिक व्यायाम भी ब्लड शुगर लेवल को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है. इसलिए रोजाना व्यायाम कर थोड़ा कैलोरी बर्न करने की कोशिश करें. लेकिन व्यायाम से पहले और बाद में हमेशा ब्लड शुगर लेवल को चेक करें. इस दौरान अगर आप बहुत ज्यादा या बहुत कम लेवल पाते हैं, तो उस दिन अपने आप को व्यायाम से थोड़ा विराम दें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दवाइयों को न छोड़ें-</strong> अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो अपनी दवा के साथ नियमित रहना जरूरी है. अगर दवा छोड़ दिया, तो उसकी वजह से डायबिटीज संबंधित कई पेचीदगियां हो सकती हैं. काबू करने के लिए उपयुक्त शेड्यूल पर दवा को भी स्वस्थ खाने और व्यायाम के अलावा शामिल करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अतिरिक्त वजन कम करें-</strong> डायबिटीज होने के नाते मोटापा उचित देखभाल न करने की सूरत में पेचीदगियां पैदा कर सकता है. ये कोलेस्ट्रोल लेवल को बहुत ज्यादा बढ़ा सकता है जो दिल की बीमारी का कारण बन सकता है. इसलिए ये आपके ऊपर है कि कैसे आप अपने वजन की देखभाल करते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ब्लड शुगर लेवल को बराबर चेक करें-</strong> अगर आप डायबिटीज के रोगी हैं, तो ग्लूकोमीटर डिवाइस आपके पास होना चाहिए. &nbsp;HbA1c यानी हीमोग्लोबिन A1c लैब में होने वाला एक ब्लड टेस्ट होता है. उसे कम से कम तीन महीनों के अंतराल पर कराया जाना चाहिए. इसके जरिए ब्लड में शुगर लेवल की औसत मात्रा का पता चलता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Headache Relief: क्या सिर का दर्द आपको कमजोर कर रहा है? दूर करने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे" href="https://ift.tt/2SBsPbu" target="">Headache Relief: क्या सिर का दर्द आपको कमजोर कर रहा है? दूर करने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बेली फैट घुलाने में ये आसान व्यायाम हैं बेहद प्रभावी, आज ही अपने वर्कआउट प्लान में करें शामिल" href="https://ift.tt/3jp5Qvm" target="">बेली फैट घुलाने में ये आसान व्यायाम हैं बेहद प्रभावी, आज ही अपने वर्कआउट प्लान में करें शामिल</a></strong><br />&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3wdyItj

स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइंस:गर्भवती महिलाएं भी लगवा सकती हैं कोरोना वैक्सीन - bhaskarhindi.com


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Side Effects of Jamun: इन लोगों को नहीं खाना चाहिए भारतीय ब्लैकबेरी, जानिए क्यों

<p style="text-align: justify;">जामुन के नाम से मशहूर भारतीय ब्लैकबेरी को जावा प्लम भी कहा जाता है. ये फल गर्मी के मौसम में मिलना शुरू हो जाता है. फल में औषधीय गुण भरपूर होते हैं और कई बीमारियों से शरीर की रक्षा करता है. इम्यूनिटी मजबूत करने के साथ जामुन खाने से अनगिनत फायदे मिलते हैं. ये न सिर्फ शरीर में खून की कमी को पूरा करता है, बल्कि ब्लड शुगर काबू करने की भी सबसे अच्छी दवा है. गूदा के साथ साथ जामुन की गुठली कई बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा देती है. हालांकि, इसमें कोई शक नहीं कि ये फल सेहत के लिए लाभदायक है, मगर इसके बावजूद कभी-कभी हानिकारक भी साबित हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जामुन खाने के साइड-इफेक्ट्स&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>ब्लड शुगर असंतुलन-</strong> आयुर्वेद के मुताबिक, आम तौर से जामुन का सेवन हाई ब्लड प्रेशर मरीजों के लिए बेहद मुफीद है. ब्लड शुगर को आसानी से डाइट में गुठली का पाउडट या जामुन को शामिल कर काबू किया जा सकता है. लेकिन बहुत लोग उस पर नियंत्रण पाने के चक्कर में हद से ज्यादा खाने लगते हैं, उसके कारण लो ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कब्ज-</strong> जामुन विटामिन सी में भरपूर होता है. ऐसी स्थिति में अगर आप अत्यधिक मात्रा में खाते हैं, तो आपको कब्ज की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मुंहासे-</strong> अगर आप ज्यादा जामुन का सेवन करते हैं, तो ये आपकी स्किन के लिए समस्या पैदा कर सकता है. चेहरे पर मुंहासे फूट पड़ने का डर रहता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उल्टी की समस्या-</strong> कई लोगों को जामुन खाने के बाद उल्टी का सामना करना पड़ता है. अगर आपको इस तरह की शिकायत है, तो बेहतर है कि उसका सेवन न करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अधिक सेवन के नुकसान-</strong> उसके फायदों की जानकारी होने के बाद जामुन लोग अधिक मात्रा में खाने लगते हैं. लेकिन ऐसा करना आपके लिए खतरनाक हो सकता है. आयुर्वेद में बताया गया है कि किसी भी चीज का सेवन सिर्फ दवा की शक्ल यानी सीमित मात्रा किया जाना चाहिए. कभी-कभी अत्यधिक सेवन कई अन्य बीमारियों की वजह बन सकता है. <strong>&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Headache Relief: क्या सिर का दर्द आपको कमजोर कर रहा है? दूर करने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे" href="https://ift.tt/2SBsPbu" target="">Headache Relief: क्या सिर का दर्द आपको कमजोर कर रहा है? दूर करने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बेली फैट घुलाने में ये आसान व्यायाम हैं बेहद प्रभावी, आज ही अपने वर्कआउट प्लान में करें शामिल" href="https://ift.tt/3jp5Qvm" target="">बेली फैट घुलाने में ये आसान व्यायाम हैं बेहद प्रभावी, आज ही अपने वर्कआउट प्लान में करें शामिल</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vYutlb

Pregnancy Tips: प्रेगनेन्सी में बरतें विशेष सावधानी, इन खाद्य पदार्थों का न करें सेवन

<p style="text-align: justify;">प्रेगनेन्सी में स्वाद प्रेमियों को खानपान पर लगाम लगाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है. आम दिनों के मुकाबले प्रेगनेन्सी का समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. सही डाइट का इस्तेमाल जितना आपकी सेहत के लिए जरूरी है उतना ही अजन्मे बच्चे के लिए भी. महिलाएं अक्सर प्रेगनेन्सी के दौरान क्या खाएं और क्या नहीं खाएं की दुविधा में फंसी रहती हैं. प्रेगनेन्सी में बात जब खानपान की हो, तो उन्हें अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है. मां के भोजन का सीधा प्रभाव बच्चे के स्वास्थ्य पर पड़ता है. विशेषज्ञों का कहना है कि पैकेज और मिलावटी खाद्य पदार्थ के इस्तेमाल से प्रेगनेन्सी में परहेज करना चाहिए. आयरन से भरपूर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल सेहत के लिए अच्छा है. मौसमी और गहरे रंग के फल जैसे जामुन मां और बच्चे दोनों के लिए स्वस्थ साबित होते हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रेगनेन्सी में इन खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>मछली और समुद्री फूड-</strong> बड़ी मछली जिसमें पारा का उच्च लेवल होता है, उसका इस्तेमाल नवजात या छोटे बच्चे के लिए नुकसानदेह होता है. उसका इस्तेमाल नर्वस सिस्टम और दिमाग को नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए, टूना शार्क, स्वोर्डफ़िश, वॉली, मार्लिन जैसी मछलियों के इस्तेमाल से परहेज करें. उसके अलावा, अधपकी मछली को भी न खाएं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पपीता-</strong> प्रेगनेन्सी में पपीता खाना रिस्की और खतरनाक हो सकता है. कच्चा या अधपका पपीता में लाटेकस नामक एंजाइम होता है, जो यूटराइन कॉन्ट्रैक्शन्स को बढ़ावा देता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>चाइनीज फूड-</strong> नूडल्स और चाइनीज फूड से तो प्रेगनेन्सी में बिल्कुल बचा जाना चाहिए. चाइनीज भोजन में अजीनोमोटो का इस्तेमाल होता है. अजीनोमोटो एक तरह का कैमिकल है. अजीनोमोटो को मोनोसोडियम ग्लूटामेट भी कहते हैं. उसके इस्तेमाल से भ्रूण का दिमागी विकास प्रभावित हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मेथी के बीज-</strong> भारतीय घरों में मेथी का इस्तेमाल सब्जी की तैयारी में अक्सर होता है. बीज प्रेगनेन्ट महिलाओं के लिए नुकसानदेह माने जाते हैं क्योंकि उससे मिसकैरेज होने का खतरा रहता है. मेथी में ऐसे गुण होते हैं जो जो मजबूत कॉन्ट्रैक्शन्स को उत्तेजित कर सकता है. कुछ दवाइयां मेथी के प्रति रिएक्टिव जानी जाती हैं. इसलिए, उसके इस्तेमाल से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कैफीन युक्त ड्रिंक्स-</strong> कैफीन सेवन के उच्च लेवल का संबंध मिसकैरेज से जुड़ा हुआ है. रिसर्च से पता चला है कि रोजाना 200 मिलीग्राम कैफीन का इस्तेमाल प्रेगनेन्सी में सुरक्षित लेवल है. उससे अधिक, विशेषकर पहली तिमाही के दौरान जोखिम भरा हो सकता है. उसके अलावा, कैफीन युक्त ड्रिंक्स जैसे कॉफी ड्यूरेटिक हैं जो शरीर से तरल पदार्थों को बाहर निकालने के जिम्मेदार होते हैं, जो आपको डिहाइड्रेटेड छोड़ देता है. पानी की कमी के साथ, कुछ महत्वपूर्ण पोषक तत्व जैसे कैल्शियम भी शरीर से निकल सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बेली फैट घुलाने में ये आसान व्यायाम हैं बेहद प्रभावी, आज ही अपने वर्कआउट प्लान में करें शामिल" href="https://ift.tt/3jp5Qvm" target="">बेली फैट घुलाने में ये आसान व्यायाम हैं बेहद प्रभावी, आज ही अपने वर्कआउट प्लान में करें शामिल</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या कोविड वैक्सीन प्रेगनेन्ट महिलाओं के लिए सुरक्षित है? स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन्स" href="https://ift.tt/3w85E65" target="">क्या कोविड वैक्सीन प्रेगनेन्ट महिलाओं के लिए सुरक्षित है? स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन्स</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3hfIGVs

Headache Relief: क्या सिर का दर्द आपको कमजोर कर रहा है? दूर करने के लिए अपनाएं ये आसान घरेलू नुस्खे

<p style="text-align: justify;">सिर का दर्द कम करने के लिए सबसे पहले दर्द निवारक दवाई का ध्यान आता है. लेकिन क्या आप जानते हैं तेज सिर दर्द से छुटकारा पाने में प्राकृतिक तरीके भी कारगर हो सकते हैं? घरेलू इलाज दर्द की गंभीरता या उसकी अवधि को कम करने में मददगार हो सकते हैं. अगर आप सिर दर्द या माइग्रेन से परेशान हैं, तो आपके लिए कुछ टिप्स बताए जा रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अदरक-</strong> सिर दर्द में अमृत के तौर पर माना जानेवाला अदरक तत्काल राहत का देसी इलाज है. ये सिर की रक्त वाहिकाओं के सूजन को कम करने में मदद करता है, इस तरह दर्द हल्का होता है. पाचन को बढ़ावा देने के चलते ये मतली को शांत करने में भी मदद करता है जो माइग्रेन के दौरान होता है. इस जादुई सामग्री को सिर दर्द में घरेलू इलाज के तौर पर के लिए अदरक का रस और नींबू का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पी जाएं. आप इस ड्रिंक का इस्तेमाल दिन में एक या दो बार भी कर सकते हैं. अपनी पेशानी पर आप अदरक पाउडर के पेस्ट को भी कुछ मिनट तक फौरन राहत के लिए लगा सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पुदीने का तेल-</strong> पुदीना बंद रक्त वाहिकाओं को खोलने में मदद करता है जो सिर दर्द की वजह बनता है. उसमें मेंथॉल पाया जाता है जो शरीर में रक्त प्रवाह को नियंत्रित करने में मदद करता है. सिर दर्द से छुटकारा के लिए आप तीन कतरा पुदीने के तेल को एक चम्मच बादाम के तेल में मिलाएं, या थोड़ा पानी शामिल करें और उसके साथ अपनी गरदन के पीछे मसाज करें. वैकल्पिक रूप से, आप कुचली हुई पुदीने की पत्तियों को अपनी पेशानी पर लगा सकते हैं. एक चम्मच सूखे पुदीने को एक प्याला उबलते पानी में शामिल कर हर्बल चाय तैयार करें. 10 मिनट तक ढंक कर छोड़ दें और छोड़ा शहद मिलाकर पीएं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दालचीनी-</strong> दालचीनी एक जादुई मसाला है जिसे सिर दर्द के प्रभावी इलाज में से एक के रूप में जाना जाता है. उसका इस्तेमाल करने के लिए दालचीनी को पाउडर की शक्ल में पीस लें, मोटा पेस्ट बनाने के लिए थोड़ा पानी शामिल करें. अब उसे अपनी पेशानी या कनपटी पर लगाएं और 30 मिनट के लिए लेट जाएं. फिर उसके बाद गुनगुने पानी से उसे धो लें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या कोविड वैक्सीन प्रेगनेन्ट महिलाओं के लिए सुरक्षित है? स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन्स" href="https://ift.tt/3w85E65" target="">क्या कोविड वैक्सीन प्रेगनेन्ट महिलाओं के लिए सुरक्षित है? स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की गाइडलाइन्स</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Weight Loss Tips: हरी सब्जी और हरे फलों से होगा वजन कम, डाइट में शामिल करें ये लो कैलौरी फूड" href="https://ift.tt/3jmZ7ly" target="">Weight Loss Tips: हरी सब्जी और हरे फलों से होगा वजन कम, डाइट में शामिल करें ये लो कैलौरी फूड</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2SBsPbu

बेली फैट घुलाने में ये आसान व्यायाम हैं बेहद प्रभावी, आज ही अपने वर्कआउट प्लान में करें शामिल

<p style="text-align: justify;">कमर के आसपास इकट्ठा होनेवाली चर्बी को बेली फैट कहा जाता है. बेली फैट के ज्यादा होने का आपकी सेहत पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. उसकी वजह से गंभीर बीमारियां जैसे हाई ब्लड शुगर, हाई कोलेस्ट्रोल, हाई ब्लड प्रेशर और दिल का रोग होने का खतरा रहता है. इसलिए, जरूरी है कि बेली फैट को घुलाया जाए. बेली फैट को कम करने के लिए कैलोरी की मात्रा को सीमित करने की जरूरत है. इसके लिए आपको निरंतर कैलोरी सेवन पर निगरानी रखना होगा और अधिक कैलोरी को बर्न करने के लिए व्यायाम बराबर जरूरी होगा. उसके अलावा, संतुलित डाइट तेजी से बेली फैट को घुलाने में प्रभावी हो सकता है. आप साधारण मगर प्रभावी व्यायाम से बेली फैट को घुला सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वॉकिंग-</strong> एक बहुत आसानन कार्डिओ व्यायाम आपकी बेली फैट कम करने और फिट रहने में मदद करता है. संतुलित डाइट के साथ वॉकिंग का जादुई असर हो सकता है अगर आप ज्यादा वजन को कम करने की कोशिश कर रहे हैं. ताजा हवा में मात्र 30 मिनट की तेज चाल भी पेट के आसपास इकट्ठा फैट को कम करने में मदद कर सकती है. उसके अलावा, उसका सकारात्मक प्रभाव आपके मेटाबोलिज्म और दिल की धड़कन पर होता है. फैट बर्निंग के लिए दौड़ना भी मुफीद है. इस तरह के व्यायाम करने के लिए आपको किसी उपकरण की जरूरत नहीं होगी. ये शरीर के अन्य हिस्सों से फैट को घुलाने में भी मदद करेगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>साइकिलिंग-</strong> बेली फैट को बर्न करने का प्रभावी तरीका साइकिलिंग करना है. साइकिलिंग करने से आपका दिल ज्यादा तेजी से धड़कने लगता है और उसके अलावा कैलोरी की मात्रा को बर्न करने की क्षमता होती है. जांघ और कमर का वजन कम करने में साइकिलिंग आपकी मदद करती है. इसलिए आसपास जगह में अपनी साइकिल के साथ चलना शुरू करें. नियमित रहें और ये व्यायाम वास्तव में बेली फैट को कम करने में प्रभावी हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Weight Loss Tips: रोज 15 मिनट रस्सी कूदने से तेजी से घटेगा वजन, 200-250 कैलोरी बर्न होंगी" href="https://ift.tt/3A7uC91" target="">Weight Loss Tips: रोज 15 मिनट रस्सी कूदने से तेजी से घटेगा वजन, 200-250 कैलोरी बर्न होंगी</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Hair Care: अगर बारिश में बालों के झड़ने से हैं परेशान, तो लगाएं दही से बना हेयर मास्क" href="https://ift.tt/35YDeRC" target="">Hair Care: अगर बारिश में बालों के झड़ने से हैं परेशान, तो लगाएं दही से बना हेयर मास्क</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3jp5Qvm