Saturday, May 29, 2021
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Health Tips: हाथ-पैर में झनझनाहट की क्या है वजह? जानिए इसके लक्षण और कैसे करें बचाव
<p style="text-align: justify;">कई बार लोगों को हाथ-पैरों में झनझनाहट (tingling in hand and feet) महसूस होती है. जिसकी वजह से पैर सो जाता है या कुछ समय तक करंट सा महसूस होता रहता है. हालांकि ये कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन मेडिकल में इसे पैरेस्थेसिया (Paresthesia) कहते हैं. इसका प्रभाव शरीर के कुछ अंग जैसे- पैर, उंगलियां, हाथ और तलवे में होता है. अब आपके मन में ये सवाल आ रहा होगा कि आखिर ऐसा क्यों होता है. कहीं इसके पीछे कोई बड़ा कारण तो नहीं है. आइये जानते हैं. <br /> <br /><strong>हाथ-पैरों में झनझनाहट की वजह (tingling in hand and feet causes)</strong></p> <p style="text-align: justify;">1 – कई बार शरीर को लंबे समय तक एक ही अवस्था में रखने से ऐसा हो सकता है.<br />2 - कमर या गर्दन की नस में कोई चोट लगने की वजह से <br />3- गठिया होने की वजह से भी हो सकती है समस्या <br />4- शरीर में पोटेशियम और कैल्शियम की कमी होने से <br />5- शरीर में किसी विटामिन की कमी होने की वजह से<br />6- कुछ दवाइयों की वजह से भी ऐसा होता है<br />7- शरीर में नसों पर ज्यादा प्रभाव पड़ने से भी हो सकता है<br />8 - किसी जानवर के काटने से भी होता है <br />9- धूम्रपान करने और ज्यादा शराब पीने से भी ऐसा होता है<br />10- कीमोथेरेपी के दौरान भी ऐसा हो सकता है<br />कभी कभी हाथ-पैरों में झनझनाहट की समस्या माइग्रेन, डायबिटीज, मिर्गी, थायराइड या स्ट्रोक की वजह से भी महसूस हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हाथ पैरों में झनझनाहट के लक्षण</strong></p> <p style="text-align: justify;">हाथ-पैरों में झनझनाहट के वक्त आपको चुभन सी महसूस होगी. शरीर का कोई हिस्सा सुन्न पड़ जाएगा. शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होगी. शरीर ठंडा पड़ सकता है. इसके साथ ही हाथ-पैरों में झनझनाहट होना इसका मुख्य लक्षण हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>हाथ पैरों में झनझनाहट का इलाज</strong></p> <p style="text-align: justify;">सबसे पहले आपको ये पता करना है कि आपको हाथ-पैरों में झनझनाहट किस वजह से हो रही है. अगर शरीर में किसी विटामिन की कमी से ऐसा हो रहा तो आपको डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट लेने चाहिए. अगर ये समस्या किसी संक्रमण की वजह से हो रही है तो आपको तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए. अगर आपको किसी दवा से ऐसा हो रहा है तो भी डॉक्टर को बताएं. अपना शुगर लेवल और ब्लड प्रेशर भी चेक करवा लें. इसके अलावा अपने पॉश्चर और दिनचर्या पर ध्यान दें. नियमित रुप से एक्सरसाइज और योग करें. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: </strong><a href="https://ift.tt/3wLTnVZ" target="_blank" rel="noopener"><strong>लाइफस्टाइल बदलने से डिमेंशिया और अल्जाइमर का खतरा हो जाएगा कम, बुढ़ापे में नहीं होगी परेशानी</strong></a></p> lifestyle https://ift.tt/3uy4zDV
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कोरोना काल में क्या आप भी कपड़े धोने और सुखाने में करते हैं ये गलतियां? हो सकता है Bacterial Infection
<p style="text-align: justify;"><strong>Coronavirus:</strong> आज के वक्त में एक बड़ी आबादी मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग्स में रहती है. जहां न ठीक से धूप आती है और ना ही शुद्ध हवा आती है. घरों में कपड़े सुखाने के लिए बालकनी होती हैं लेकिन कई बार उन बालकनी में ठीक से धूप भी नहीं आती. जिसकी वजह से लोगों को तरह-तरह के इंफेक्शन हो रहे हैं. क्या आपको पता है कपड़ों को ठीक से नहीं धोने और धूप में सही से नहीं सुखाने पर आपको कई तरह की बीमारी हो सकती हैं. इससे आपको फंगल इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है.</p> <p style="text-align: justify;">कई लोग नहाने के बाद शरीर को सूखे कपड़े से नहीं पोछते, तो कई लोग हफ्तों तक गंदे कपड़े इकट्ठा करके रखते हैं. ऐसे में आपकी इन छोटी-छोटी आदतों से आपको फंगल इंफेक्शन, बैक्टीरियल इंफेक्शन और स्किन डर्मेटाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती हैं. आइये जानते हैं आपको कपड़े धोने और सुखाने में क्या सावधानी बरतनी चाहिए. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- कोरोना संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों को अलग से धोएं-</strong> कोरोना वायरस या किसी दूसरे संक्रमण वाले व्यक्ति के कपड़ों को हमेशा घर से बाकी स्वस्थ लोगों से अलग धोना चाहिए. इससे वायरस दूसरों के कपड़ों में नहीं फैलेगा. अगर घर में कोई कोरोना संक्रमित व्यक्ति है तो उसके कपड़ों डिसइंफेक्ट करके ही धोना चाहिए. क्योंकि कोविड मरीज का स्पूटम अगर कपड़ों पर है तो वो बाकी लोगों के कपड़ों पर भी जाएगा, इसलिए कोरोना या ब्लैक फंगस से संक्रमित व्याक्ति के कपड़ों को अलग से ही धोना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- कपड़ों को धोने के लिए इकट्ठा करना-</strong> अब घरों में वॉशिंग मशीन आने के बाद से लोग रोजाना कपड़े नहीं धोते. लोग कपड़े धोने के लिए कई दिन तक पहले कपड़े जमा करते हैं फिर एक दिन मशीन में डाकर वॉश करते हैं. इसका फायदा ये है कि इससे वायरस या फंगल इनफेक्शन तो खत्म हो जाएगा लेकिन डायरिया पैदा होने का खतरा बढ़ जाता है. इन कपड़ों में नमी की वजह जर्म्स लंबे समय तक बने रहते हैं. इसके अलाव कपड़ों में अंडरववियर्स भी शामिल होते हैं, जिनसे यीस्ट जैसे जेनिटल इंफेक्शन होने का खतरा हो जाता है. इसलिए सभी के कपड़े एक साथ लॉन्ड्री में डालकर धोने से किटाणुओं के फैलने का खतरा बढ़ता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- ज्यादा साबुन या डिटरजेंट का इस्तेमाल-</strong> कुछ लोग मशीन में ज्यादा सर्फ या डिटरजेंट डाल देते हैं जिससे शरीर पर एलर्जी, ड्राइनेस, जलन की शिकायत हो सकती है. इसके अलावा ज्यादा डिटरजेंट का इस्तेमाल करने से कपड़ों का रंग भी हल्का होने लगता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- घर में अंदर कपड़े न सुखाएं-</strong> कभी भी घर के अंदर कपड़े न सुखाएं. इससे कपडो़ं में नमी बनी रहती है. वहीं गीले कपड़ों की वजह से घर में भी नमी बनी रह सकती है. आपको इससे फंगल इनफेक्शन का खतरा भी हो सकता है. घर के अंदर कपड़े सुखाने से एनवायरमेंट में 30 फीसद मॉश्चर बढ़ जाता है जो फंगल आंखों पर असर डाल सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>कपड़ों को ठीक से धोना और सुखाना क्यों है जरूरी?</strong><br />1-कपड़ों को सही से न धोने और सुखाने से नमी और बैक्टीरिया रह जाते हैं जिससे कई गंभीर बीमारियां और त्वचा संबधी रोग हो सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;">2- कपड़ों को ठीक से नहीं सुखाने की वजह से आपकी त्वचा पर स्किन डर्मेटाइटिस नाम की एलर्जी हो सकती है. कपड़ों में नमी की वजह से ये एलर्जी होती है.</p> <p style="text-align: justify;">3- अगर आप कपड़ों को ठीक से नहीं सुखाते या नहाने के बाद शरीर को सूखे कपड़े से नहीं सुखाते हैं तो इससे कई तरह के फंगल इंफेक्शन होने का खतरा हो जाता है. </p> <p style="text-align: justify;">4- कई बार लोगों को फोडे फुंसी हो जाते हैं लोग सोचते हैं गर्मी की वजह से ऐसा हो रहा है लेकिन ऐसा आपके कपड़ों की नमी से भी हो सकता है. बैक्टीरियल इंफेक्शन कपड़ों को ठीक से नहीं सुखाने की वजह से भी हो सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>कपड़े धोने और सुखाने का सही तरीका</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>कपड़ों को धूप में सुखाएं-</strong> हमेशा कपड़ों को धूप में सुखाना चाहिए. कई बार कपड़ों में नमी के कारण अस्थमा और दूसरी रेस्पाइरेटी प्रॉबल्म्स होने लगती हैं. इससे हमारी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है. इसलिए कपडो़ं को धूप में जरूर सुखाएं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>कपड़े धोने के बाद हाथ धोएं-</strong> अगर आप हाथ से कपड़े धोते हैं तो कपड़े धोने के बाद हाथों को अच्छी तरह से नॉर्मल पानी से धो लें. अब इसके बाद मॉश्चराइजर लगा लें. ऐसा करने से आपको हाथों में को ई परेशानी नहीं होगी</p> <p style="text-align: justify;"><strong>संक्रमित व्यक्ति के कपड़े अलग धोएं-</strong> अगर घर में कोई कोरोना या दूसरे वायरस से संक्रमित है तो उसके कपड़े अलग से धोएं. संक्रमित व्यक्ति के कपड़ों को पहले डिसइंफेक्ट कर लें उसके बाद दस्ताने पहनकर धोएं. धोने के बाद कपड़ों को कम से कम 45 मिनट तक तेज धूप में सुखाना चाहिए. जिसे बैक्टीरिया और वायरस मर सकें </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3oYDyIE" target="_blank" rel="noopener">दूध में घी डालकर पीने के अचूक फायदे, नींद और पेट की समस्या हो जाएंगी गायब</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3uyew4c
Health Tips- लाइफस्टाइल बदलने से डिमेंशिया और अल्जाइमर का खतरा हो जाएगा कम, बुढ़ापे में नहीं होगी परेशानी
<p style="text-align: justify;">उम्र के साथ साथ लोगों में भूलने की बीमारी भी बढ़ने लग जाती है. घर में बुजुर्गों को आपने कई चीजों को भूलते हुए देखा होगा, कई बातों को भी वो भूल जाते हैं. किसी भी तरह के कोई निर्णय लेने में भी असमर्थ हो जाते हैं. दरअसल, इसकी वजह होती है डिमेंशिया और अल्जाइमर. ये दिमाग की गंभीर बीमारी है, जो अक्सर लोगों को बुढ़ापे में होती है. डिमेंशिया में मेमोरी कम हो जाती है और व्यक्ति के व्यवहार में कई बदलाव दिखने लगते हैं. इस बीमारी से पीड़ित कुछ लोग अपने रोजमर्रा के काम भी ठीक से नहीं कर पाते हैं. </p> <p style="text-align: justify;">WHO के मुताबिक, दुनिया में 5 करोड़ से ज्यादा लोग इस बीमारी से पीड़ित हैं? हर साल 1 करोड़ लोग इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं. डमेंशिया की वजह से अल्जाइमर बीमारी होती है. ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आप इस बीमारी के शिकार न बनें तो आपको कुछ बातों का बहुत ध्यान रखना चाहिए. इसके लिए आपको अपनी खराब लाइफस्टाइल में बदलाव करने होंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डिमेंशिया बीमारी की वजह</strong><br />डिमेंशिया होने के कई कारण हैं जैसे- कम मिलना-जुलना और इंटोरवर्ट नेचर का होना, कभी सिर में गहरी चोट लगना, कम पढ़ा लिखा होना, धूम्रपान या ब्लड प्रेशर की समस्या होना, कम सुनना, डिप्रेशन, मोटापा और डायबिटीज, लंबे समय तक प्रदूषण वाली जगह पर रहना और ज्यादा ड्रिंक करना भी इसकी वजह है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डिमेंशिया से बचाव</strong><br />1- डेली कुछ पढ़ने-लिखने की आदत बनाए. इससे आपका व्यस्त रहेंगे. <br />2- शराब पीने की आदत को तुरंत छोड़ दें. आपको बाद में इसके नुकसान नज़र आने लगेंगे. <br />3- स्मोकिंग बिल्कुल न करें. सिगरेट का धुंआ भी आपको नुकसान पहुंचाता है.<br />4- बुढ़ापे में डिमेंशिया होने से बचने के लिए ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखें. <br />5- अभी से अपनी फिटनेस पर ध्यान दें. इससे आप डिमेंशिया जैसी बीमारी से भी बचे रहेंगे.<br />6- अच्छा और हेल्दी खाना खाएं ताकि ब्लड शुगर कंट्रोल में रहे.<br />7- लोगों से मिलना-जुलना रखें और थोड़े सोशल बनें. अपने मन की बात शेयर करें. <br />8- सुनने की परेशानी होने पर जल्दी ही इलाज करवा लें और सुनने की मशीन लगवा लें. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3fu8iyj" target="_blank" rel="noopener">क्या दूध पीने से दिल की बीमारी का खतरा होता है कम, रिसर्च में हुआ ये खुलासा</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3wLTnVZ
Vat Savitri Vrat Date Time: कब है वट सावित्री व्रत? जानें डेट, पूजा मुहूर्त, विधि और सामग्री की पूरी लिस्ट
<p style="text-align: justify;"><strong>Vat Savitri Vrat 2021 Date Time: </strong>हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद ख़ास स्थान रखता है. हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, वट सावित्री व्रत सुहागिन महिलायें अपने पति की लंबी आयु के लिए रखती हैं. इसके अलावा सुहागिन महिलाएं यह व्रत अखंड सौभाग्य एवं संतान प्राप्ति के लिए रखती है. वट सावित्री व्रत, हर साल ज्येष्ठ माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को रखा जाता है. मान्यता है कि इस व्रत को रखने से सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है. इस व्रत में महिलाएं वट वृक्ष की पूजा करती है और वृक्ष के चारों परिक्रमा करती हैं. आइए जानते हैं वट सावित्रि व्रत तिथि, महत्व, पूजा- विधि और सामग्री की पूरी लिस्ट.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कब</strong> <strong>रखा</strong> <strong>जाएगा</strong> <strong>वट</strong> <strong>सावित्रि</strong> <strong>व्रत</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस साल वट सावित्री व्रत 10 जून 2021 को रखा जाएगा. इस दिन ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पड़ रही है.</p> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3wKyfz5 Puja: इन चीजों के दान से शनिदेव होते हैं खुश, शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मिलती है मुक्ति</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"><strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li><strong>वट</strong> <strong>सावित्री</strong> <strong>व्रत</strong><strong>,</strong> <strong>अमावस्या</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>प्रारंभ</strong><strong> :</strong> 9 जून 2021 को दोपहर 01:57 बजे से</li> <li><strong>वट</strong> <strong>सावित्री</strong> <strong>व्रत</strong><strong> ,</strong> <strong>अमावस्या</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>समाप्त</strong><strong> :</strong> 10 जून 2021 को शाम 04:20 बजे</li> <li><strong>वट</strong> <strong>सावित्री</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>का</strong> <strong>पारण</strong><strong> :</strong> 11 जून 2021 को</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>वट</strong> <strong>सावित्रि</strong> <strong>पूजा</strong> <strong>सामग्री</strong> <strong>की</strong> <strong>लिस्ट</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>सावित्री-सत्यवान की मूर्तियां</li> <li>बांस की टोकरी</li> <li>बांस का पंखा</li> <li>लाल कलावा</li> <li>धूप</li> <li>दीप</li> <li>घी</li> <li>फल</li> <li>फूल</li> <li>रोली</li> <li>सुहाग का सामान</li> <li>पूडियां</li> <li>बरगद का फल</li> <li>जल से भरा कलश</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>वट</strong> <strong>सावित्री</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>की</strong> <strong>पूजा</strong> <strong>विधि</strong></p> <p style="text-align: justify;">वट सावित्री व्रत के पावन दिन पर सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त होने के बाद घर में पूजा स्थल पर दीप प्रज्वलित करें और व्रत का संकल्प लें. इसके बाद टोकरी में समस्त पूजन सामग्री के साथ सावित्री और सत्यवान की मूर्ति लेकर, वट वृक्ष की पूजाके लिए जाएं. वहां वृक्ष के नीचे सावित्री और सत्यवान की मूर्ति को स्थापित कर मूर्ति और वृक्ष पर जल अर्पित करें. इसके बाद सभी पूजन सामग्री चढ़ाएं. अब लाल कलावा को वृक्ष में सात बार परिक्रमा करते हुए बांधे. उके बाद व्रत कथा सुनें. आरती करके हाथ जोड़कर प्रणाम करें.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/2RTd2o0 Chaturthi: आज है संकष्टी चतुर्थी, गणेश जी को खुश करने के लिए करें ये स्तुति और आरती, दूर होंगी विघ्न-बाधाएं</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;"> </div> </div> lifestyle https://ift.tt/2RXBqEV
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