Friday, September 10, 2021

Sugar Patient Diet Chart: डायबिटीज रोगी इस तरह बनाएं प्लान, शुगर लेवल रहेगा काबू

<p style="text-align: justify;"><strong>Sugar Patient Diet Chart:</strong>&nbsp;डायबिटीज से पीड़ित होने पर हेल्दी ब्लड शुगर लेवल को बनाए रखना जरूरी है. अनियंत्रित ब्लड शुगर लेवल का संबंध कई दिक्कतों से जुड़ता है. इसलिए लाइफस्टाल में बदलाव समेत फूड पर विशेष ध्यान देना चाहिए जैसे कि 'बीमारी में क्या खाया जाए और क्या नहीं' और एक डाइट चार्ट का प्लान बनाना चाहिए. शुगर के मरीजों को डाइट चार्ट अपनाने की इसलिए सलाह दी जाती है ताकि शुगर लेवल काबू में रहे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>6-7 बजे सुबह-</strong> मेथी को रात के समय पानी भिगो दें, सुबह में इस पानी को पी जाएं, और बाकी बचे मेथी को खा जाएं. अगर ये उपलब्ध नहीं हो रहा है, तो एलोवेरा का जूस पीएं. रोजाना चाय पीने की आदत रखनेवालों को बिना शुगर के चाय पीने और एक नमकीन बिस्कुट खाने की सलाह दी जाती है&nbsp;<br />8-9 बजे के बीच ब्रेकफास्ट- ब्रेकफास्ट में आप ओटमिल, दूध, फल जैसे संतरा, अमरूद, नाशपाती, खीरा के साथ-साथ अंकुरित चना, अंडे को शामिल कर सकते हैं. अगर आप दूध नहीं पीना पसदं करते हैं, तो आप उसके बजाए छाछ या दही का इस्तेमाल कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1 बजे लंच का समय-</strong> लंच के लिए, गेंहू का ब्रेड, हरी सब्जियां, दाल, एक कप सलाद जैसे खीरा, प्याज, गाजर को रखें. रोटी को ज्यादा पौष्टिक करने के लिए चना, गेहूं में बाजरे का आटा मिलाकर बना सकते हैं. अगर आपके चावल खाने का मन है, तो सिर्फ ब्राउन राइस का इस्तेमाल करें और आलू खाने से परहेज करें. अगर शाम में भूख का एहसास हो रहा है, तो डायबिटीज से पीड़ित शख्स को एक या दो ब्रेड के टुकड़े चाय के साथ बिना शुगर के इस्तेमाल करना चाहिए. अगर शुगर की मात्रा कम है, तो थोड़ा शुगर चाय में मिलाया जा सकता है. 6 बजे शाम को पालक, मेथी या करेले का जूस पीएं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>8 और 830 बजे डिनर-</strong> डॉक्टरों का कहना है कि शुगर के मरीज को रात में सोने से पहले दो से तीन घंटे पहले फूड खाना ठीक है. इसलिए, समय पर खाना खाएं. रात में लंच की तरह खाने को याद रखना होगा. अगर संभव हो तो एक तो एक रोटी कम कर लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बिस्तर पर जाने से पहले-</strong> सोने से पहले चाय पीनेवालों की आदत पर चाय में शुगर का इस्तेमाल नहीं करें और सिर्फ डबल टोन्ड दूध का इस्तेमाल करें. आप उसके लिए ग्रीन टी का भी विकल्प अपना सकते हैं. उसके अलावा, बिस्तर पर जाने से पहले 30 मिनट टहलें क्योंकि कम इंसुलिन लेवल के कारण डायबिटीज में रोफूड का पचना आसान हो जाता है. रोजाना टहलना इंसुलिन के स्राव को बढ़ाने का काम करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="प्रेगनेंसी में व्यायाम करने से बच्चे के फेफड़े होते हैं मजबूत, अस्थमा का जोखिम भी हो सकता है दूर" href="https://ift.tt/3E4u3i7" target="">प्रेगनेंसी में व्यायाम करने से बच्चे के फेफड़े होते हैं मजबूत, अस्थमा का जोखिम भी हो सकता है दूर</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या पानी पीने से हार्ट फेल्योर को रोकने में मिल सकती है मदद? आपके लिए हैं ये सुझाव" href="https://ift.tt/3hjVStc" target="">क्या पानी पीने से हार्ट फेल्योर को रोकने में मिल सकती है मदद? आपके लिए हैं ये सुझाव</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2X4y85c

World Suicide Prevention Day 2021: डिप्रेशन और खुदकुशी के विचारों से जूझ रहे किसी दोस्त की कैसे कर सकते हैं मदद? जानिए

<p style="text-align: justify;"><strong>World Suicide Prevention Day 2021:</strong> किसी शख्स के अंदर चल रहे उथल पुथल को समझना आसान नहीं है. उसके अंदर डिप्रेशन के लक्षणों की पहचान और भी चुनौतीपूर्ण है. मुस्कुराहट के पीछे हमेशा छिपे रहनेवाले दोस्त में अयोग्यता की तेज भावना हो सकती है. कई सारे उदास लोगों में बार-बार आनेवाले खुदकुशी के विचारों से संघर्ष की भी संभावना हो. अगर आपका दोस्त सामाजिक मिलन के लिए ना आने का बहाना ढूंढ रहा है, तो हो सकता है आप समस्या का पता लगाना चाहते हों.</p> <p style="text-align: justify;">एक उदास शख्स मौत, खुदकुशी या जान देने के तरीकों के बारे में बात कर सकता है. देखभाल और भूख की कमी के कारण उसका वजन कम हो सकता है या डिहाइड्रेटेड दिखाई दे सकता है. डिप्रेशन से पीड़ित अकेले शख्स को खुदकुशी से मरने की 20 गुना ज्यादा संभावना होती है. विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस हर साल 10 सितंबर को खुदकुशी और उसकी रोकथाम के बारे में जागरुकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. खुदकुशी की रोकथाम की जा सकती है अगर शुरुआती स्तर पर डिप्रेशन की पहचान कर ली जाए और असहाय शख्स को जरूरी इलाज मुहैया करा दिया जाए. डिप्रेशन मानसिक बीमारी की बहुत ही आम शक्ल है. ये सभी उम्र के लोगों में होती है और मनोवैज्ञानिक, पर्यावरणीय, सामाजिक और जेनेटिक फैक्टर उसका कारण है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डिप्रेशन के कारण और लक्षण को जानें</strong></p> <p style="text-align: justify;">डिप्रेशन में जेनेटिक्स की एक भूमिका होता है और ये पारिवारिक होने के लिए जाना जाता है. विटामिन बी12 और विटामिन डी की कमी का संबंध डिप्रेशन से जुड़ता है. डायबिटीज, हाइपोथायरायडिज्म, क्रोनिक बीमारियां जैसे पार्किंसन या एचआईवी डिप्रेशन पैदा करने के लिए जाना जाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उदास या उदास महसूस करना, चिड़चिड़ा होना, सामान्य कामकाज में दिलचस्पी की कमी, बिना कारण थकान महसूस करना, बहुत ज्यादा सोना (हाइपरसोमिया) या बहुत कम सोना (इनसोमनिया), भूख में बढ़ोतरी या कमी, वजन में बदलाव, यौन इच्छा की कमी, निराशा, असहाय और बेकार, खुदकुशी या खुद को नुकसान पहुंचाने के विचार डिप्रेशन के लक्षण हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="प्रेगनेंसी में व्यायाम करने से बच्चे के फेफड़े होते हैं मजबूत, अस्थमा का जोखिम भी हो सकता है दूर" href="https://ift.tt/3E4u3i7" target="">प्रेगनेंसी में व्यायाम करने से बच्चे के फेफड़े होते हैं मजबूत, अस्थमा का जोखिम भी हो सकता है दूर</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या पानी पीने से हार्ट फेल्योर को रोकने में मिल सकती है मदद? आपके लिए हैं ये सुझाव" href="https://ift.tt/3hjVStc" target="">क्या पानी पीने से हार्ट फेल्योर को रोकने में मिल सकती है मदद? आपके लिए हैं ये सुझाव</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>अवसादग्रस्त शख्स की कैसे करें मदद</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>बातचीत-</strong> अवसादग्रस्त लोगों से दूरी बनाना पसंद करते हैं, ऐसे में महत्वपूर्ण है कि बराबर उनके साथ बातचीत की जाए. उनसे सीधे उनके लक्षणों के बारे में बात करने के बजाए, संवेदनशील और गैर-निर्णयात्मक तरीके से बात महत्वपूर्ण है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अच्छे श्रोता बनें-</strong> अवसादग्रस्त शख्स के साथ अच्छा श्रोता बनना भी महत्वपूर्ण है. उनको धैयपूर्वक सुनना बहुत आश्वस्त हो सकता है. आम मान्यता के विपरीत खुदकुशी के बारे में बात जोखिम को नहीं बढ़ाती है और वास्तव में भावनात्मक स्थिति पर चर्चा करना फायदेमंद हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3Acb7M0

Nutrela Spirulina Natural से मिलेगा भरपूर प्रोटीन और 18 से ज्यादा विटामिन, फायदे जानकर रह जाएंगे हैरान

<p style="text-align: justify;">Nutrela Spirulina Natural: स्पिरुलिना (Spirulina) के फायदे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. ये एक तरह का नीला-हरा शैवाल (algae) होता है जो पानी में पाया जाता है. स्पिरुलिना को प्रोटीन (Protein), विटामिन (Vitamins), मिनरल (Minerals) और एमिनो एसिड (Amino Acid) का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. पोषक तत्वों से भरपूर स्पिरुलिना को सुपरफूड (Superfood) की श्रेणी में रखा जाता है. इसमें 60 प्रतिशत से ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है और करीब 18 से ज्यादा विटामिन पाए जाते है.</p> <p style="text-align: justify;">शाकाहारी और वीगन लोगों के लिए ये प्रोटीन और विटामिन का अच्छा सोर्स है. स्वस्थ रहने के लिए आपको डाइट में स्पिरुलिना जरूर शामिल करना चाहिए. इसके सेवन से शरीर को सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं. स्पिरुलिना के लिए आप Nutrela Spirulina Natural का सेवन कर सकते हैं. ये बहुत फायदेमंद और नेचुरल सप्लीमेंट है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यहां से खरीदें: <a title="NUTRELA SPIRULINA NATURAL 32 GM" href="https://ift.tt/3BZSdIO" target="">NUTRELA SPIRULINA NATURAL 32 GM</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- भरपूर एंटीऑक्सीडेंट (Antioxidants)-</strong> कई रिसर्च में पता चला है कि स्पिरुलिना एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर है. इसके सेवन से सूजन की समस्या को दूर करने में मदद मिलती है. Nutrela Spirulina Natural शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/3z0LXPl" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- इम्यूनिटी को मजबूत बनाए (Immunity Boost)-</strong> शरीर को फिट रखने में स्पिरुलिना महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसमें पाए जाने वाले प्रोटीन में 22 में से 18 अमीनो एसिड होते हैं, स्वास्थ्य के लिए ये एमिनो एसिड बहुत जरूरी हैं. इसमें 18 विटामिन पाए जाते हैं. Nutrela Spirulina Natural के सेवन से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/3B6ty4P" /><br /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- पेट को रखे फिट (Good For Stomach)-</strong> स्पिरुलिना के सेवन से पेट और पाचन तंत्र अच्छा रहता है. इससे भोजन को पचाने में आसानी रहती है. प्रोटीन और विटामिन की रोजाना की जरूरतों को पूरा करने के लिए Nutrela Spirulina Natural अच्छा सोर्स है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- आंत को रखे स्वस्थ (Gut Health)-</strong> आंतों को स्वस्थ रखने के लिए स्पिरुलिना का डाइट्री सप्लीमेंट (Dietary supplements) के रूप में प्रयोग किया जाता है. इसे पचाना काफी आसान होता है. आंतो को स्वस्थ और बेहतर तरीके से काम करने में Nutrela Spirulina Natural मदद करता है. आंत में स्वस्थ बैक्टीरिया को बनाए रखने में भी स्पिरुलिना मदद करता है. फाइबर से भरपूर स्पिरुलिना से पेट और पाचन मजबूत होता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/3kOU6kI" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- थकान दूर करे (Reduces Fatigue)-</strong> शरीर में प्रोटीन की कमी से थकान महसूस होती है. ऐसे में Nutrela Spirulina Natural के सेवन शरीर को भरपूर प्रोटीन मिलता है. जिससे मसल्स मजबूत बनती हैं और थकान भी दूर हो जाती है. इसके अलावा Nutrela Spirulina Natural में सभी जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं जिससे शरीर मजबूत बनता है और कमजोरी दूर हो जाती है. स्पिरुलिना के सेवन से शरीर में आयरन की कमी को भी पूरा किया जा सकता है.&nbsp;<br />&nbsp;<br /><strong>6- स्टेमिना बढ़ाए (Improves Stamina)-</strong> आपके स्टेमिना को बढ़ाने में Nutrela Spirulina Natural मदद करता है. जिम या बॉडी बिल्डिंग करने वालों के लिए ये बहुत फायदेमंद है. स्पिरुलिना से मसल्स मजबूत बनाती हैं और रिजेनरेट होती है. इम्यूनिटी बढ़ाने और हड्डियां को मजबूत बनानेन में भी स्पिरुलिना मदद करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/3DWGX1P" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>7- कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रखे (Cholesterol Management)-</strong> कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए स्पिरुलिना का इस्तेमाल किया जाता है. Nutrela Spirulina Natural से LDL यानि खराब कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होने लगता है और HDL यानि अच्छा कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ता है. स्पिरुलिना ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मदद करता है. हाई ब्लड प्रेशर की समस्या वाले लोगों को स्पिरुलिना बहुत फायदेमंद है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Nutrela Natural Vitamin C + Zinc से बढ़ाएं बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, जानिए क्या हैं फायदे" href="https://ift.tt/3la8DHJ" target="_blank" rel="noopener">Nutrela Natural Vitamin C + Zinc से बढ़ाएं बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, जानिए क्या हैं फायदे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2XbL1uv

Spirulina Health Benefits: स्पिरुलिना के 10 गज़ब के फायदे, कोलेस्ट्रॉल और वजन घटाने में मिलेगी मदद

<p style="text-align: justify;">Health Benefits Of Spirulina: स्पिरुलिना झील, झरना और खारे पानी में पाया जाने वाला एक पौधा जैसा वनस्पति होता है, जिसे शैवाल कहते हैं. आयुर्वेद में कई दवाओं में इसका इस्तेमाल किया जाता है. स्पिरुलिना प्रोटीन और विटामिन का बहुत अच्छा स्रोत है. इसमें 60 फीसदी से ज्यादा प्रोटीन, अमिनो एसिड, 18 तरह के विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">स्पिरुलिन के सेवन से स्वास्थ्य को कई फायदे मिलते हैं. इसमें विटामिन ए, आयरन, कैल्शियम, फाइटो न्यूट्रीएंट्स, कैरोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स भी पाए जाते हैं. इतने सारे पोषक तत्व पाए जाने की वजह से इसे सुपरफूड कहा जाता है. कई आयुर्वेदिक दवाओं में भी इसका उपयोग किया जाता है. स्पिरुलिना के सेवन से शरीर को अनेक फायदे मिलते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>स्पिरुलिना के फायदे (Benefits of Spirulina)</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- डायबिटीज कंट्रोल (Diabetes Control)-</strong> स्पिरुलिना के सेवन से ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद मिलती है. स्पिरुलिना को 1 मधुमेह रोगियों के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है. इससे सूजन की समस्या कम हो जाती है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है. स्पिरुलिना आपकी ओवर ऑल हेल्थ के लिए बहुत अच्छा है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/2UK96Yc" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- वजन कम करे (Spirulina for Weight Loss)-</strong> स्पिरुलिना आपका वजन घटाने में भी मदद करता है. इसमें बीटा कैरोटीन, फैटी एसिड, क्लोरोफिल और दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं जिससे बढ़ा हुआ वजन कम करने में आसानी होती है. व्रत-उपवास में इसे खाने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती है. अगर आप खाली पेट इसका सेवन करते हैं तो इससे शरीर को शुद्ध करने में मदद मिलती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/2XIoIwh" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- त्वचा की देखभाल (Spirulina for Skin Care)-</strong> स्पिरुलिना त्वचा को स्वस्थ रखने में भी मदद करता है. इसमें विटामिन ए, विटामिन बी-12, आयरन, विटामिन ई, कैल्शियम और फास्फोरस भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिससे त्वचा चमकदार बनती है. स्पिरुलिना से स्किन टोन रहती है और आप ज्यादा युवा दिखते हैं. स्पिरुलिना से आंखों के नीचे आए डार्क सर्कल्स और ड्राई आईज की समस्या भी कम हो जाती है. त्वचा को फ्री रेडिकल्स को दूर करने में मदद करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/3BVvPjW" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- कैंसर की रोकथाम (Spirulina Cures Cancer)-</strong> स्पिरुलिना के सेवन से शरीर को कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे से दूर रखने में मदद मिलती है. पोषक तत्वों से भरपूर स्पिरुलिना एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट एजेंट की तरह काम करता है, जिससे शरीर से हानिकारक मुक्त कण नष्ट हो जाते हैं. शरीर में बनने वाले ये हानिकारक फ्री रेडिकल्स कैंसर को जन्म देते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/3A2Riqx" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- लिवर को बनाए हेल्दी (Spirulina for Liver)-</strong> स्पिरुलिना में 5 फाइबर और प्रोटीन अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जिससे लिवर स्वस्थ और मजबूत बनता है. स्पिरुलिना में ऐसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो लिवर को हेल्दी रखते हैं. स्पिरुलिना लिवर की बीमारियों जैसे पिहेपेटाइटिस रोगों में हुई क्षति और सिरोसिस के खतरे से भी बचाता है. इसके अलावा बेड कोलेस्ट्रॉल को घटना ओर शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ाने में स्पिरुलिना मदद करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/3B0c4qU" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>6- हार्ट हेल्थ के लिए लाभकारी ( Spirulina for Healthy Heart)-</strong> स्पिरुलिना से बेड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम होता है जिससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और हार्ट को हल्दी रखने में मदद मिलती है. लगातार स्पिरुलिना के सेवन से शरीर में स्वस्थ पोषक तत्व पहुंचते हैं जो आपकी हार्ट हेल्थ के लिए अच्छे होते हैं. इससे शरीर और हार्ट में ब्लड फ्लो अच्छा रहता है और दिल की बीमारियों को कम करने में मदद मिलती है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><img src="https://ift.tt/3njxCeH" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>7- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए (Boosts Immune System)-</strong> शरीर को स्वस्थ रखने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए भरपूर पोषक तत्वों की जरूरत होती है. ऐसे में बहुत सारे लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है कि स्पिरुलिना के सेवन से आपकी प्रतिरक्षा-शक्ति बढ़ाने में मदद मिलती है. इसके सेवन से इम्यूनिटी मजबूत होती है और कोशिकाओं के उत्पादन की क्षमता बढ़ती है. प्रोटीन से भरपूर स्पिरुलिना शरीर को किसी भी संक्रमण से लड़ने में मदद करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/2YlHLgo" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>8- डिप्रेशन कम करता है (Spirulina For Depression)-</strong> डिप्रेशन को दूर करने और मस्तिष्क को पोषण देने के लिए फोलिक एसिड और विटामिन बी 12 की बहुत जरूर होती है. स्पिरुलिना में ये दोनों विटामिन पाए जाते हैं. इसके सेवन से दिमाग को ऊर्जा मिलती है और ब्लड सेल्स के उत्पादन में मदद मिलती है. लगातार स्पिरुलिना के इस्तेमाल से डिप्रेशन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है. आयुरर्वेद में अवसाद के इलाज में इसका उपयोग किया जाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/38Xe5s6" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>9- आंखों को मिलता है फायदा (Spirulina for Eyes)-</strong> स्पिरुलिना में विटामिन ए अच्छी मात्रा में होता है, जिससे आंखों में होने वाली बीमारियां जैसे जेराट्रिक मोतियाबिंद, रेटिनाइटिस, नेफ्रैटिक रेटिनल क्षति के इलाज में मदद मिलती है. स्पिरुलिना के सेवन से आंखों की रौशनी बढ़ाने और आई मसल्स को मजबूत बनाने में भी मदद मिलती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/3hj5h4g" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>10- प्रेगनेंसी में फायदेमंद (Spirulina in Pregnancy)-</strong> स्पिरुलिना का सेवन गर्भावस्था में भी किया जा सकता है. इसमें आयरन और फाइबर बहुत ज्यादा होता है. गर्भावस्था में शरीर में आयरन की कमी होने लगती है, जिससे ब्लड सेल्स कम होने लगती हैं और शरीर में खून की कमी होने से एनीमिया की समस्या हो जाती है. अगर आप स्पिरुलिना का सेवन करते हैं तो एनीमिया के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है. स्पिरुलिना से गर्भावस्था में होने वाली कब्ज की समस्या में भी आराम मिलता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="ज़िंक से भरपूर प्राकृतिक खाद्य पदार्थ, ज़िंक की कमी होने पर नज़र आते हैं ये लक्षण" href="https://ift.tt/3nc1A49" target="_blank" rel="noopener">ज़िंक से भरपूर प्राकृतिक खाद्य पदार्थ, ज़िंक की कमी होने पर नज़र आते हैं ये लक्षण</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3BWutFr

Health and Fitness: Exercise चुनते वक्त दें ध्यान, रूटीन में शामिल करें अलग-अलग व्यायाम, केवल वॉक से नहीं चलेगा काम

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Ganesh Chaturthi Special Dishes: गणेश चतुर्थी के मौके पर Diabetic होने का टेंशन छोड़ उठाएं इन Sugar Free मिठाइयों का आनंद

<p style="text-align: justify;">त्यौहारों का सीजन हो और मीठा न बनें तो त्यौहार फीका सा लगता है. हालांकि ऐसे में डायबिटिक पेशेंट्स के लिए त्यौहार मनाना मुसीबत खड़ी करने के बराबर होता है. इसलिए ऐसे ही लोगों के लिए हम लाएं हैं कुछ शुगर फ्री रेसिरीज जिनसे त्यौहार भी मनेगा और सेहत भी खराब नहीं होगी. सबसे पहले बात करते हैं मोदक की क्योंकि गणपति बप्पा के प्रिय भोजन के बिना गणेश चतुर्थी का त्यौहार पूरा नहीं होता.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ऐसे बनाएं शुगर फ्री मोदक &ndash;</strong></p> <p style="text-align: justify;">गणेश जी की प्रिय मिठाई मोदक बनाने के लिए आप शक्कर या गुण की जगह खजूर, किश्मिश और बारीक कटे छुआरे डाल सकते हैं. इनमें अपनी खुद की मिठास होती है. यही नहीं मैदे या चावल के आटे की जगह आप मोदक बनाने के लिए रवा इस्तेमाल कर सकते हैं. सूजी का आटा लगाकर उसमें मोदक की फिलिंग भरें. फिलिंग में घिसा नारियल खबरूजे के बीज, मेवा वगैरह के साथ मीठा ऊपर बताए तरीके से भरें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फिरनी &ndash; </strong></p> <p style="text-align: justify;">पिसे हुए चावल की खीर बनाने के लिए चावल को कुछ घंटे भिगोकर बारीक पीस लें और फिर दूध में उबालें. अगर दूध का और हेल्दी ऑप्शन चाहते हैं तो बादाम या नारियल के दूध को प्रयोग में ला सकते हैं. चावल पकने के बाद इसमें सारी मेवा डाल दें और मीठे के लिए बीज निकालकर आठ-दस खजूर पानी में भिगो दें. इसे मिक्सी में पीसकर भी खीर में डाल सकती हैं या बारीक टुकड़े करके खीर में मेवा के साथ मिला सकती हैं.</p> <p style="text-align: justify;">यकीन मानिए इसे खाने पर कोई बता भी नहीं सकता कि इसमें शक्कर या गुड़ नहीं मिला है. खजूर की मात्रा खीर की मात्रा के अनुपात में रखें. जैसे एक कटोरी खीर के लिए तीन से चार खजूर काफी होंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ओट्स हलवा &ndash;</strong></p> <p style="text-align: justify;">ओट्स का हलवा या खीर कुछ भी बना सकते हैं. खीर के लिए बाकी स्टेप्स वही करने हैं केवल दूध में डालने से पहले ओट्स को हल्के से घी में रोस्ट कर लें. दूध जितना गाढ़ा करना है पहले ही कर लें क्योंकि ओट्स डालने के बाद उसे बहुत देर गैस पर नहीं रख सकते. ओट्स, खजूर, छुआरा, इलायची पाउडर और बाकी मेवा डालने के बाद थोड़ी देर गैस पर रखें और उतार लें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3jX2AXG" /></p> <p style="text-align: justify;">इसी तरह हलवे के लिए ओट्स को धीमी आंच पर देर तक रोस्ट करें और अंत में भीगे हुए खजूर और मेवे डालकर गैस से हटा लें. दोनों ही रेसिपीज के लिए ओट्स को पहले मिक्सी में चलाकरर पाउडर बना लें. हलवे के लिए आप आधा भाग सूजी और आधा भाग ओट्स भी ले सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मेवे के लड्डू &ndash;</strong></p> <p style="text-align: justify;">मेवे के लड्डू एक और विकल्प हैं. इसके लिए अपने मनपसंद मेवे लें और बारीक काट लें. इसमें कद्दू के बीज, पोस्ता दाना वगैरह भी मिला सकती हैं. खजूर को पानी में भिगोकर उसे अच्छे से मैश कर लें. इस पानी को छानकर गैस पर रखकर चासनी जैसी बना लें. यह शक्कर की चासनी जैसी नहीं होगी पर आपके लड्डू बंध जाएंगे. इस मिक्सचर को मेवे, बीज और पोस्ता दाना के साथ मिलाकर बर्फी भी जमा सकते हैं. दिक्कत हो तो आप सूखे मेवे हल्के से रोस्ट करके मिक्सी में उनका दरदरा पाउडर भी बनाकर इस्तेमाल कर सकती हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3hfzsZV" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें:</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a title="Health and Fitness Tips: Liver को रखना चाहते हैं स्वस्थ? तो इन चीजों को करें डाइट में शामिल" href="https://ift.tt/3E5DG03 " target="_blank" rel="noopener">Health and Fitness Tips: Liver को रखना चाहते हैं स्वस्थ? तो इन चीजों को करें डाइट में शामिल</a></p> <p style="text-align: justify;"><a title="Kitchen Hacks: बनाना है हेल्दी ब्रेकफास्ट? तो झटपट बनाएं पनीर चीला, जानें रेसिपी&nbsp;" href="https://ift.tt/2X0xPbs " target="_blank" rel="noopener">Kitchen Hacks: बनाना है हेल्दी ब्रेकफास्ट? तो झटपट बनाएं पनीर चीला, जानें रेसिपी&nbsp;</a></p> lifestyle https://ift.tt/3tw0j9m

Baba Ramdev से जानिए- कितनी तरह के होते हैं प्राणायाम और उन्हें करने का सही तरीका? | योग यात्रा

<p>दिनभर में थोड़ा सा समय निकाल कर अगर योग किया जाएगा तो बहुत ही बीमारियों को अपने से दूर रखा जा सकता है. योग को मानव जीवन का एक अहम हिस्सा माना गया है, जिसकी मदद से कई सारी बीमारियों को आसानी से काबू किया जा सकता है. आज बाबा रामदेव बता रहे हैं - कितनी तरह के होते हैं प्राणायाम और उन्हें करने का सही तरीका?</p> lifestyle https://ift.tt/3laZM8T