Tuesday, September 7, 2021
काम का दबाव पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में बढ़ा रहा हार्ट अटैक, स्ट्रोक का खतरा- रिसर्च
<p style="text-align: justify;">हार्ट अटैक और स्ट्रोक के लिए गैर परंपरागत जोखिम फैक्टर समझे गए काम का दबाव, नींद की समस्या और थकान पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में ज्यादा तेजी से बढ़ रहे हैं. यूरोपियन स्ट्रोक ऑर्गेनाइजेशन कांफ्रेंस में पेश किए गए रिसर्च से इसका खुलासा हुआ है. हालांकि, डायबिटीज, कोलेस्ट्रोल लेवल में बढ़ोतरी, स्मोकिंग, मोटापा और सुस्त लाइफस्टाइल को कार्डियोवैस्कुलर रोग के लिए बदलने योग्य जोखिम फैक्टर माना गया. हाल ही में देखा गया है कि गैर परंपरागत जोखिम फैक्टर जैसे काम का दबाव और नींद की समस्याएं स्पष्ट रूप से कार्डियोवैस्कुलर जोखिम में इजाफा कर सकती हैं.</p> <div class="clear"><strong>काम के दबाव की वजह से महिलाओं को स्ट्रोक का ज्यादा खतरा</strong></div> <p style="text-align: justify;">परंपरागत तौर पर पुरुषों को हार्ट अटैक से महिलाओं के मुकाबले ज्यादा प्रभावित होना समझा गया है. लेकिन रिसर्च से पता चला कि पुरुषों को स्मोकिंग करने और मोटा होने की महिलाओं के मुकाबले ज्यादा संभावना थी. यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ज्यूरिख में न्यूरोलॉजिस्ट डॉक्टर मार्टिन हंसेल कहते हैं कि महिलाओं ने हार्ट अटैक और स्ट्रोक के गैर परंपरागत जोखिम फैक्टर जैसे काम का दबाव, नींद की खराबी और थकान में बड़ी बढ़ोतरी को रिपोर्ट किया. उन्होंने बताया, "ये वृद्धि फुल टाइम काम करनेवाली महिलाओं की संख्या से मेल खाती है. घरेलू जिम्मेदारी या दूसरा सामाजिक-सांस्कृतिक पहलू एक फैक्टर हो सकता है." शोधकर्ताओं ने 2007, 2012 और 2017 के स्विस हेल्थ सर्वेक्षण में शामिल किए गए 22,000 पुरुष और महिलाओं के डेटा की तुलना की और कार्डियोवैस्कुलर रोग के लिए गैर परंपरागत जोखिम फैक्टर रिपोर्ट करनेवाली महिलाओं की संख्या में 'चिंताजनक' बढ़ोतरी पाया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>काम का दबाव, नींद की समस्या हैं गैर परंपरागत जोखिम फैक्टर</strong></p> <p style="text-align: justify;">ट्रेंड फुल टाइम काम करनेवाली महिलाओं की संख्या में बढ़ोतरी से मेल खाया यानी 2017 में 38 फीसद और 2017 में 44 फीसद रहा. कुल मिलाकर, पुरुष और महिलाओं में काम के दबाव को रिपोर्ट करनेवाली संख्या 2012 में 59 फीसद से बढ़कर 2017 में 66 फीसद रही, और थकान रिपोर्ट करनेवाली संख्या 23 फीसद से बढ़कर 29 फीसद (महिलाओं में 33 फीसद और पुरुषों में 26 फीसद) हो गई. उसी समय में नींद की खराबी को रिपोर्ट करनेवालों की तादाद 24 फीसद से 29 फीसद बढ़ी. हालांकि, रिसर्च में ये भी पाया गया कि कार्डियोवैस्कुलर रोग होने के परंपरागत जोखिम फैक्टर उसी समय में स्थिर रहे. हाइपरटेंशन से जूझने वालों की संख्या 27 फीसद, ज्यादा कोलेस्ट्रोल लेवल से पीड़ितों की संख्या 18 फीसद और डायबिटीज पीड़ितों की संख्या 5 फीसद थी. मोटापा 11 फीसद बढ़ा और स्मोकिंग करीब 10.5 से 9.5 सिगरेट प्रति दिन घटा, लेकिन ये दोनों पुरुषों में ज्यादा मौजूद पाए गए. </p> <h4>यह भी पढ़ें-</h4> <h4 class="article-title "><a href="https://ift.tt/2Yzq11a News: तालिबान की नई चाल, चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर में शामिल होने की जताई इच्छा</a></h4> <h4 class="article-title "><a href="https://ift.tt/3DSNg6E Crisis: ईरान ने तालिबान को दिया झटका, राष्ट्रपति रईसी ने चुनाव से अफगानिस्तान में नई सरकार के गठन को बताया अच्छे रिश्तों के लिए ज़रूरी</a></h4> lifestyle https://ift.tt/38KQaMb
Iron Rich Natural Food: आयरन से भरपूर 10 प्राकृतिक खाद्य पदार्थ, खून की कमी होने पर इन चीजों का सेवन करें
<p style="text-align: justify;">Iron For Health: शरीर में आयरन (Iron for Health) की कमी होने पर हेल्थ पर बुरा असर पड़ता है. स्वस्थ रहने के लिए आपको सभी जरूरी विटामिन (Vitamins) और मिनरल्स (Mineral) को अपने आहार में शामिल करना जरूरी है. आयरन भी शरीर के लिए एक बहुत जरूरी मिनरल है. आयरन की कमी से शरीर में खून की कमी होने लगती है और हीमोग्लोबिन भी कम होने लगता है, जिसकी वजह से इम्यूनिटी पर भी असर पड़ता है. दरअसल शरीर में आयरन की कमी होने पर लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells) यानी आरबीसी (RBC) कम जाती हैं. आयरन में हीमोग्लोबिन (Hemoglobin) होता है जिससे रेड ब्लड सेल्स बनती हैं. ऐसी स्थिति से बचने के लिए आपको आहार में आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ जरूर शामिल करने चाहिए. कई प्राकृतिक चीजों (Natural Source of Iron) में आयरन अच्छी मात्रा में पाया जाता है. आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आप इन 10 चीजों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें. </p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/3mjdloM" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>आयरन से भरपूर खाद्य पदार्थ (Natural Food Source of Iron)</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1 अनार-</strong> अगर आपके शरीर में आयरन की कमी है तो इसके लिए आपको डाइट में अनार जरूर शामिल करना चाहिए. अनार खाने से शरीर को ताकत मिलती है और खूब बनता है. अनार का जूस पीने से एनीमिया जैसी बीमारियां दूर हो जाती हैं.<br /> <br /><strong>2 चुकंदर-</strong> चुकंदर खाने से खून की कमी दूर हो जाती है. इससे हीमोग्लोबिन बढ़ता है. आयरन की कमी होने पर आपको चुकंदर जरूर खाना चाहिए. ये आयरन का सबसे अच्छा स्रोत है.</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/2X1uhG4" /> <br /><strong>3 पालक-</strong> हीमोग्लोबिन कम होने पर भोजन में पालक भी जरूर शामिल करें. पालक आयरन से भरपूर होता है. इसमें कैल्शियम, सोडियम, प्रोटीन, खनिज लवण और क्लोरीन, फास्फोरस जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>4 तुलसी-</strong> शरीर में आयरन की कमी को दूर करने के लिए तुलसी की पत्तियों का भी इस्तेमाल किया जाता है. इससे खून की कमी को दूर किया जा सकता है. रोजाना तुलसी की पत्तियां खाने से शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ने लगता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5 अंडा-</strong> अंडा पोषक तत्वों से भरपूर होता है इसमें लगभग सभी विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं. अंडे में विटामिन डी और आयरन भी काफी होता है. अंडे में प्रोटीन और कैल्शियम भी भरपूर पाया जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3zRdyDO" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>6 दालें और अनाज-</strong> आयरन की कमी को पूरा करने के लिए आप साबुत अनाज और दालें अपनी डाइट में जरूर शामिल करें. रोजना दाल खाने से आयरन की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है. अनाज और दालें खाने से हीमोग्लोबिन भी बढ़ने लगता है.<br /> <br /><strong>7 नट्स और ड्राई फ्रूट्स-</strong> आयरन की कमी होने पर आप खाने में थोड़े मेवा जरूर शामिल करें. सेहत के लिए ड्राई फ्रूट्स बहुत अच्छे होते हैं. खजूर, अखरोट, बादाम और किशमिश जैसे मेवा खाने से आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है. वहीं सुबह खाली पेट भीगी हुई किशमिश और उसका पानी पीने से आयरन की कमी दूर हो जाती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>8 सब्जी और फल-</strong> शरीर में आयरन की कमी को दूर करने के लिए आप डाइट में हरी सब्जियां जरूर शामिल करें. नियमित रुप से हरी सब्जियां खाने से हीमोग्लोबिन बढ़ने लगता है. इसके अलावा आप खाने में लाल रंग के फलों को भी जरूर शामिल करें. इससे शरीर में खून बनने में मदद मिलती है. </p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/3zTclM9" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>9 अमरूद-</strong> अमरूद में अच्छी मात्रा में विटामिन सी और आयरन पाया जाता है. ये काफी सस्ता और फायदेमंद फल है. सीजन पर खूब पके हुए अमरूद खाएं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>10 रेड मीट-</strong> रेड मीट खाने से आयरन की कमी को दूर किया जा सकता है. इसमें भरपूर मात्रा में प्रोटीन और कैल्शियम भी पाया जाता है. जिससे हड्डियों को मजबूती मिलती है. रेड मीट में विटामिन-ए और डी, जिंक, पोटैशियम और आयरन काफी होता है.</p> <p><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p><strong>ये भी पढ़ें: <a title=" Vitamin D से भरपूर प्राकृतिक खाद्य पदार्थ, इन लक्षणों से पहचानें शरीर में हो रही है विटामिन D की कमी" href="https://ift.tt/2VjicLP" target=""> Vitamin D से भरपूर प्राकृतिक खाद्य पदार्थ, इन लक्षणों से पहचानें शरीर में हो रही है विटामिन D की कमी</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3DWjJbW
Kitchen Hacks: तांबे के बर्तनों को नए जैसा चमकाने के लिए इन आसान हैक्स को अपनाएं
<p style="text-align: justify;"><strong>Cleaning Hacks of Copperware:</strong> हम सब के घर में आमतौर पर स्टील के बर्तनों का इस्तेमाल होता है. लेकिन, पूजा के लिए हम तांबे के बर्तन का इस्तेमाल करते हैं. पहले जमाने में तांबे बर्तनों का इस्तेमाल डेली यूज के लिए किया जाता था. गांव में आज में भी इन बर्तनों का इस्तेमाल होता है. यह तो आपको पता ही होगा की तांबे में रखे पानी को सुबह खाली पेट पीने से कई तरह का स्वास्थ्य लाभ मिलता है. लेकिन, तांबे के बर्तनों की सफाई करना आसान काम नहीं है. कुछ ही दिनों में बर्तन काले पड़ने लगते है. लेकिन, हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने वाले हैं जिसे अपनाकर आप तांबे के बर्तनों को साफ करके लंबे समय तक नया रख सकते हैं. तो चलिए जानते हैं तांबे के बर्तनों को साफ करने के आसान तरीकों के बारे में-</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इमली का करें इस्तेमाल</strong><br />तांबे के बर्तनों को साफ करने के लिए इमली का इस्तेमाल करना चाहिए. पकी हुई इमली से तांबे का पानी बहुत जल्दी साफ हो जाता है. बर्तन साफ करने के लिए सबसे पहले इमली को आंधे घंटे एक कप पानी में भिगोकर रख दें. इसके पानी इसे मसल कर सारा पानी निकाल लें. इस पानी को बर्तन के चारों तरफ लगाएं और 5 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद स्क्रब से बर्तन ठीक से साफ करें. कुछ ही देर में यह बिलकुल नए बर्तन जैसा चमकने लगेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सफेद विनेगर का करें इस्तेमाल</strong><br />आप गंदे बर्तन को साफ करने के लिए सफेद विनेगर का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले सफेद विनेगर लें और बर्तन पर डालकर इसे 3 से 4 घंटे के लिए छोड़ दें. इसके बाद साबुन से धोएं. कुछ ही देर में बर्तन साफ और चमकदार बन जाएगा. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>नमक और सिरके का घोल</strong><br />तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल करने के लिए आप नमक और सिरके के घोल का इस्तेमाल कर सकते हैं. यह बर्तन बिलकुल नए बर्तनों की तरह चमकने लगेगा. इसके लिए सिरका और नमक एक बराबर लें और इस घोल को बर्तन पर डालकर 15 मिनट के लिए छोड़ दें. इसके बाद इसे रगड़े. कुछ ही देर में बर्तन चमकने लगेगा. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>नमक और नींबू का घोल</strong><br />तांबे के बर्तन को साफ करने के लिए आप नमक और नींबू के पानी का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आप नींबू काट लें और उसे नमक के पानी डालें और 10 मिनट के लिए छोड़ दें. बाद में इस पानी से बर्तन साफ करें. कुछ ही देर में आपके बर्तन बिलकुल नए जैसे चमकने लगेंगे. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3DSegTw Care Tips: अगर रात में सोते समय बार-बार टूटती है नींद, तो अपनाएं ये उपाय</strong></a></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3E3uHg6 Care Tips: बालों को बनाना है मजबूत? तो इस तरह बालों में लगाएं तेल</strong></a></p> lifestyle https://ift.tt/3yU0UT8
Dry Cough Home Remedies: सूखी खांसी को दूर भगाने के लिए इन पांच घरेलू नुस्खों को अपनाएं, जल्द मिलेगा आराम
<p style="text-align: justify;"><strong>Home Remedies of Dry Cough:</strong> बरसात के मौसम में कभी गर्मी और कभी सर्दी के कारण कई बार हमें खांसी हो जाती है. लेकिन, बता दें कि यह कोरोना के लक्षणों में से एक है. इस कारण हमें अभी अपनी ज्यादा केयर की जरूरत होती है. कई बार हमें सामान्य कारणों की वजह से खांसी हो जाती है जो बहुत कुछ करने पर भी ठीक नहीं होता है. आपको भी बदलते मौसम के कारण खांसी हो गई है तो इसमें परेशान होने वाली कोई बात नहीं है. आज हम आपको कुछ ऐसे घरेलू इलाज बताने वाले हैं जिसे अपनाकर आपकी खांसी बिलकुल ठीक हो जाएंगी. जो चलिए जानते हैं उन उपायों के बारे में-</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नमक पानी के गरारे करना बहुत होता है फायदेमंद</strong><br />कई बार हमें सूखी खांसी के साथ-साथ गले में खराश की समस्या भी हो जाती है. इसके लिए बहुत प्रभावी इलाज है नमक के पानी के गरारे. यह गले में होने वाली सूजन को दूर कर खांसी में आराम दिलाता है. गरारे करने के लिए एक कप गर्म पानी लें और उसमें एक छोटा चम्मच नमक मिलाएं जब तक कि वह अच्छे से घुल ना जाएं. इसके बाद इसे गुनगुना होने तक छोड़ दें और बाद में इसे गरारे करें. कुछ ही देर में आपके गले को आराम मिलेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अदरक का करें इस्तेमाल</strong><br />यह तो हम सभी जानते हैं कि अदरक बहुत ही गर्म तासीर का होता है. यह खांसी को दूर भगाने में बहुत फायदेमंद साबित होता है. इसमें कई एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. यह गले की सूजन को कम कर उसे आराम दिलाने में मदद करता है. इसके साथ ही स्वास नली में जमा सह बलगम निकालकर गले को आराम दिलाता है. आप चाहें तो अदरक की चाय पी सकते हैं. अदरक की चाय बनाने के लिए एक कप पानी लें और उसमें अदरक के टुकड़े डाल दें. बाद में इसे उबाल दें और बाद में छान कर इस चाय को पीएं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हल्दी है बहुत फायदेमंद</strong><br />हम सभी को पता है कि हल्दी सेहत के लिए कितनी फायदेमंद है. इसमें एंटीसेप्टिक, एंटीवायरस और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते है. यह आपको शरीर में कई तरह के संक्रमण से बचाता है. यह खांसी से भी छुटकारा पाने में मदद करता है. आप चाहे तो हल्दी की चाय या दूध में हल्दी मिलाकर पीएं. इससे आपको बहुत आराम मिलेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शहद है फायदेमंद</strong><br />शहद खांसी को दूर करने में बहुत कारगर माना गया है. यह पुराने घरेलू उपचारों में से एक है. यह गले की खराश को दूर कर गले को आराम दिलाता है. इसमें में भी कई एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल गुण पाए जाते हैं. यह गले में मामूली वायरल संक्रमण को दूर कर गले के आराम दिलाता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>पुदीने के पत्ते का करें इस्तेमाल</strong><br />पुदीने के पत्ते सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. इसमें मौजूद मेन्थॉल गले की नसों को आराम दिलाने में मदद करता है. इसके साथ ही यह सूखी खांसी की समस्या को बार-बार होने से रोकता है. आप चाहें तो रोज अपनी चास में दो चार पुदीने के पत्ते डालकर चाय पिएं. यह गले को कुछ ही मिनटों में आराम दिलाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3nd5xWb and Fitness Tips: चाय के साथ भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, हो सकता है नुकसान</strong></a></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/2WYxAxn Care Tips: बालों को बनाना है मजबूत? तो इस तरह बालों में लगाएं तेल</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3yTZgRs
हल्दी के असली नकली होने का कैसे लगाएंगे पता, FSSAI ने बताया आसान तरीका
<p style="text-align: justify;"><strong>How To Test Adulteration In Turmeric:</strong> हल्दी प्राचीन जमाने से आम इस्तेमाल के साथ उपचार के तौर पर भी मशहूर है. ये भारतीय किचन में प्रमुखता से पाया जाता है. उसके बिना फूड की तैयारी अधूरी समझी जाती है. उसमें सूजन रोधी और कैंसरकारी रोधी गुण होते हैं. हालांकि, हल्दी की शुद्धता को पहचानना इन दिनों चुनौती बन गया है. उसें अतिरिक्त रंग, बनावट या बनावटी स्वाद मिलाया जाता है. कोई भी मिलावटी फूड सेहत के लिए नुकसानेदह समझा जाता है और बीमारियों को पैदा कर सकता है. ऐसे में लोगों की सेहत के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टेंडर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया ने पता लगाने का आसान टेस्ट साझा किया है कि क्या हल्दी को कृत्रिम रंग के साथ मिलाया गया है या नहीं. ट्विटर पर शेयर किए गए वीडियो में दिखाया गया है कि कैसे मिलावटी और असली हल्दी के बीच अंतर का फैसला करें. </p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="en">Detecting Artificial Colour Adulteration in Turmeric<a href="https://twitter.com/hashtag/DetectingFoodAdulterants_3?src=hash&ref_src=twsrc%5Etfw">#DetectingFoodAdulterants_3</a><a href="https://twitter.com/MIB_India?ref_src=twsrc%5Etfw">@MIB_India</a><a href="https://twitter.com/PIB_India?ref_src=twsrc%5Etfw">@PIB_India</a> <a href="https://twitter.com/mygovindia?ref_src=twsrc%5Etfw">@mygovindia</a> <a href="https://twitter.com/MoHFW_INDIA?ref_src=twsrc%5Etfw">@MoHFW_INDIA</a> <a href="https://t.co/eTJL1wJ9yT">pic.twitter.com/eTJL1wJ9yT</a></p> — FSSAI (@fssaiindia) <a href="https://twitter.com/fssaiindia/status/1433024424018526217?ref_src=twsrc%5Etfw">September 1, 2021</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"> </p> <ul> <li style="text-align: justify;">दो ग्लास पानी लें और उसमें थोड़ी मात्रा में हल्दी को मिलाएं. </li> <li style="text-align: justify;">आप देखेंगे कि हल्दी का असली सैंपल नीचे बैठने के साथ हल्का पीला हो जाएगा.</li> <li style="text-align: justify;">दूसरी तरफ, मिलावटी हल्दी के साथ मिश्रण का रंग मजबूत गहरा पीला हो जाएगा.</li> </ul> <p style="text-align: justify;">मेडिकल न्यूज की रिपोर्ट से पता चलता है कि बांग्लादेश में पैदा की गई हल्दी में बेहद जहरीले भारी धातु होते हैं जो सामान्य लेवल से बहुत ज्यादा होते हैं. हल्दी उत्पादन करनेवाले नौ जिलों में सात जिले मिलावटी हल्दी उगाते हैं. ये हल्का पीला होता है और क्रोमेट नामी यौगिक भी पाया जाता है. रिसर्च को 7 सितंबर, 2019 में Environmental Research पत्रिका में प्रकाशित किया गया था, उसके मुताबिक, ये बेहद जहरीला है, नस की सेल को प्रभावित करता है. हाल ही में, एफएसएसएआई ने ताजा, हरी सब्जियों को जांचने का तरीका शेयर किया था और बताया था कि बाजार से लाई गई सब्जियों में मिलावट किया गया है या नहीं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health and Fitness Tips: चाय के साथ भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, हो सकता है नुकसान" href="https://ift.tt/2Ym1jB9" target="">Health and Fitness Tips: चाय के साथ भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, हो सकता है नुकसान</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Kitchen Hacks: असली-नकली लाल मिर्च पाउडर की इन ट्रिक्स से करें पहचान, जानें" href="https://ift.tt/3DS9p4V" target="">Kitchen Hacks: असली-नकली लाल मिर्च पाउडर की इन ट्रिक्स से करें पहचान, जानें</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3h5BOuE
Seeds For Health: सुपरफूड की श्रेणी में आने वाले कद्दू के बीज को ऐसे करें अपनी डाइट में शामिल और बनाएं सेहत
Include pumpkin seeds in your diet and get benefits: कद्दू के बीज (pumpkin seeds) के इतने सारे फायदे हैं और ये इतने सेहतमंद होते हैं कि इन्हें सुपरफूड्स की श्रेणी में रखा जाता है. देखने में छोटे से ये बीज अपने अंदर पोषक तत्वों का भंडार छिपाए होते हैं. बाकी बीजों की तुलना में इनका सेवन आपकी हेल्थ के लिए कई प्रकार से फायदेमंद हो सकता है. जानते हैं कि कद्दू के बीद आप किन-किन रूपों में अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. सलाद की ड्रेसिंग के रूप में आप चाहे सब्जियों का सलाद खा रहे हों या फलों का, उस पर कद्दू के बीज छिड़ककर खाने से आपको इनका फायदा भी मिलेगा और सलाद का स्वाद भी बढ़ जाएगा.स्मूदी में आप फलों और दूध या नारियल के दूध में भी कद्दू के बीज या इसका पाउडर प्रयोग कर सकते हैं. ताजा मौसमी फल साथ में दूध कुछ सूखे मेवे (dry fruits), खजूर (मिठास के लिए) डालकर मिक्सर में चला लें और इसमें ऊपर से क्रंच के ले भी बीज डाल सकते हैं या फिर पाउडर स्मूदी में डाल सकते हैं. सूप और ब्रेड किसी भी प्रकार के सूप में कद्दू के बीज की ड्रेसिंग की जा सकती है साथ ही ब्रेड में बटर या पीनट बटर के बीच में एक लेयर सीड्स की डालकर खाने का स्वाद और स्वास्थ्य दोनों बढ़ाए जा सकते हैं. हरी सब्जियों के सैंडविच में भी कद्दू के बीज की लेयर स्वाद बढ़ाती है.हल्का रोस्ट करके भी खा सकते हैं ऐसे तो आप कद्दू के बीज किसी भी भोजन में ऊपर से ड्रेसिंग के रूप में या उसका पाउडर कुकीज आदि में मिलाकर इसका लाभ उठा सकते हैं लेकिन ये कोई भी तरीका आपको समझ नहीं आता तो इन्हें हल्की आंच पर भून लें और काला नमक या स्वादुनासर हल्के मसाले छिड़ककर खा सकते हैं.
निपाह वायरस का खतरा: AIIMS के विशेषज्ञ ने कहा- बिना धोए गिरे हुए फल खाना खतरनाक
<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> केरल के कोझिकोड में रविवार को एक 12 साल के लड़के की निपाह वायरस संक्रमण से मौत हो गई, इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है और लोगों से सावधानियां बरतने को कहा जा रहा है. इस बीच देश के सबसे बड़े अस्पताल ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (AIIMS) के विशेषज्ञ ने लोगों को सलाह दी है कि वह बिना धोए गिरे हुए फल खाना खतरनाक हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फ्रूट बैट अपनी लार फल पर ही छोड़ देते हैं-</strong> <strong>AIIMS </strong><strong>के विशेषज्ञ</strong></p> <p style="text-align: justify;">एम्स में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ आशुतोष बिस्वास ने कहा है कि निपाह वायरस जानवरों से मनुष्यों में आने के बाद और संक्रामक होता है. निपाह फायरस फ्रूट बैट से सबसे ज्यादा फैलता है. फ्रूट बैट अपनी लार फल पर ही छोड़ देते हैं. फिर ये फल खाने वाले जानवर या इंसान निपाह वायरस से संक्रमित हो जाते हैं. हमारे पास इस बीमारी का विशेष इलाज नहीं है. इसलिए, हमें यह समझना होगा कि यह एक बहुत ही गंभीर बीमारी है.</p> <p style="text-align: justify;">डॉ आशुतोष बिस्वास ने आगे कहा, "अतीत में हमने भारत में देखा है कि फ्रूट बैट निपाह को हमारे घरेलू जानवरों जैसे सूअर, बकरी, बिल्ली, घोड़े और अन्य में भी प्रसारित कर सकते हैं. इसलिए इस वायरस का जानवरों से मनुष्यों में जाना बहुत खतरनाक है. इसे हम स्पिलओवर कहते हैं.’’</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गिरे हुए फलों को धोए बिना खाना बहुत खतरनाक-</strong> <strong>AIIMS </strong><strong>के विशेषज्ञ</strong></p> <p style="text-align: justify;">डॉ आशुतोष बिस्वास ने कहा, ‘’एक बार जब यह वायरस मानव परिसंचरण में आ जाता है, तो यह मानव-से-मानव में संचारित होना शुरू हो जाता है और संचरण इतना तेज़ होता है कि यह फैल जाता है. इसलिए इसकी पहचान करना बहुत जरूरी है.’’ उन्होंने कहा, ‘’गिरे हुए फलों को धोए बिना खाना बहुत खतरनाक है. अगर हम फल धोकर नहीं खाते तो इससे वायरस का जानवरों से इंसानों में पहुंचना शुरू हो जाता है.’’</p> <p style="text-align: justify;"><strong>केरल में क्या हुआ</strong><strong>?</strong></p> <p style="text-align: justify;">राज्य के कोझिकोड में 12 साल के बच्चे की निपाह वायरस से मौत हो गई. वायरल को फैलने से रोकने के लिए राज्य के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से बच्चे के घर के तीन किलोमीटर के दायरे को निरूद्ध क्षेत्र घोषित किया गया है. वहीं, इससे लगे इलाके भी कड़ी निगरानी में हैं. चार जिलों-कोझिकोड, पड़ोस के कन्नूर, मलप्पुरम और वायनाड जिलों में स्वास्थ्य विभाग को हाई अलर्ट पर रखा गया है.</p> <h4 style="text-align: justify;">यह भी पढ़ें-</h4> <h4 class="article-title "><a href="https://ift.tt/3h3KTnF Virus: केरल के कोझिकोड जिले में 11 लोगों में दिखे निपाह वायरस के लक्षण, केंद्र ने की ये सिफारिश</a></h4> <h4 class="article-title "><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/nipah-virus-terror-in-kerala-know-how-you-can-keep-yourself-safe-1963893">केरल में Nipah Virus की दहशत के बीच कैसे आप खुद को रख सकते हैं सुरक्षित? जानिए</a></h4> lifestyle https://ift.tt/3DLrGke
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