Friday, September 3, 2021
Vitamin B Complex: दिमाग को स्वस्थ और मजबूत बनाने के लिए जरूरी है विटामिन बी कॉम्प्लेक्स, जानिए विटामिन बी के प्रकार और प्राकृतिक स्रोत
<p style="text-align: justify;">Vitamin B Complex Food Source: आपके दैनिक कार्यों को सुचारु रुप से करने के लिए शरीर को विटामिन और मिनरल्स की जरूरत होती है. विटामिन, मिनरल्स, प्रोटीन, कार्ब्स और गुड फैट्स आपके शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं. शरीर को एनर्जी देने के लिए ये सभी पोषक तत्व जरूरी हैं. अगर शरीर में किसी भी एक पोषक तत्व की कमी हो जाए तो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं होने लगती हैं.</p> <p style="text-align: justify;">शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी विटामिन्स में विटामिन बी कॉम्प्लेक्स भी शामिल है. विटामिन बी 8 तरह के होते हैं. जिसमें विटामिनVitamin B1, Vitamin B2, Vitamin B3, Vitamin B5,Vitamin B6, Vitamin B7, Vitamin B9 और Vitamin B12 शामिल हैं. ये सभी विटामिन आपके शरीर के अलग-अलग हिस्सों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं. जानते हैं विटामिन बी शरीर के लिए क्यों हो जरूरी और इसके प्राकृतिक स्रोत क्या हैं?</p> <p style="text-align: justify;"><img src="https://ift.tt/3xS5wZv" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- विटामिन B1 (थायमिन)-</strong> स्वस्थ रहने के लिए आपके शरीर को रोज 1 मिलीग्राम विटामिन बी1 की जरूरत होती है. विटामिन B1 शरीर में शुगर को कंट्रोल रखने और फैटी एसिड बनाने के लिए जरूरी है. दिमाग को हेल्दी रखने और न्यूरोटांसमीटर को ठीक बनाए रखने के लिए भी विटामिन बी1 जरूरी है. विटामिन बी1 के लिए आप खाने में दालें, साबुत अनाज, नट्स और बीज शामिल कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- विटामिन B2 (रिबोफ्लेविन)-</strong> एनर्जी बढ़ाने और शरीर में जरूरी एंजाइम बनाने में विटामिन B2 मदद करता है. विटामिन B2 आंखों को स्वस्थ रखने, तंत्रिका संबंधी बीमारियों को दूर करने में मदद करता है. इसके अलावा दिल से जुड़ी बीमारियों को दूर करने में भी विटामिन बी2 मददगार है. शरीर में विटामिन बी2 की कमी को पूरा करने के लिए आप डेयरी प्रोडक्ट्स, दूध, दही, पनीर और अंडा, पत्तेदार हरी सब्जियों शामिल कर सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- विटामिन B3 (नायसिन)-</strong> पावरफुल एंटी एजिंग एजेंट के तौर पर काम करता है विटामिन बी3. ये शरीर में प्रोटीन, फैट और कार्ब्स को सही तरह से ग्रहण करने में मदद करता है. विटामिन बी3 से पाचन तंत्र और नर्वस सिस्टम भी हेल्दी रहता है. आप इसके लिए आहार में गेहूं, मशरूम, मटर, अंडे, मछली, सूरजमुखी के बीज, एवोकाडो जैसी चीजें शामिल कर सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3jr4Fex" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- विटामिन B5 (पैन्टोथेनिक एसिड)-</strong> विटामिन बी5 एक वॉटर सॉल्यूबल विटामिन है. जो एंजाइम्स, प्रोटीन, कार्ब्स और फैट्स को मेटाबॉलाइज़ करने में मदद करता है. इससे आपका शरीर स्ट्रॉंग बनता है. विटामिन बी5 के लिए आप डाइट में मशरूम, अंडा, शकरकंद, दालें, नट्स, मूंगफली, एवोकैडो और रेड मीट शामिल करें. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- विटामिन B6 (पाइरिडॉक्सिन)-</strong> स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन बी6 बहुत जरूरी है. इससे आपकी ब्लड हेल्थ में सुधार होता है. विटामिन बी6 से लाल रक्त कोशिकाओं में सुधार और हीमोग्लोबिन के निर्माण में मदद मिलती है. इससे इम्यूनिटी बढ़ाने और दिमाग को एक्टिव रखने में भी मदद मिलती है. विटामिन बी6 के लिए आप खाने में छोले,आलू, फिश अनाज, सोयाबीन खा सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>6- विटामिन B7 (बायोटिन)-</strong> बायोटिन को विटामिन बी7 या बी8 भी कहते हैं. वजन घटाने में और फैट को ब्रेक करने में विटामिन बी7 मदद करता है. इसके सेवन से मेटाबॉलिज्म स्ट्रॉंग बनता है. आप विटामिन बी7 के लिए मशरूम, अंडे की जर्दी, सैल्मन फिश, नट्स, पालक, केला, सेब, बीन्स, ब्रोकली और दूध जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थ खा सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>7- विटामिन B9 (फोलेट)-</strong> विटामिन बी9 जिसे फोलेट या फोलिक एसिड कहते हैं. प्रगनेंसी में शिशु के विकास और हेल्थ के लिए फोलिक एसिड जरूरी है. इसके अलावा बालों के झड़ने और कैंसर जैसी समस्याओं को दूर करने में भी फोलिक एसिड मदद करता है. इसके प्राकृतिक स्रोत के तौर पर खाने में अंडे, पालक, केला, पत्तेदार साग, बीन्स, ब्रोकली, अनाज, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, मटर और सिट्रिक फलों को शामिल कर सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3jONLFi" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>8- विटामिन B12 (कोबालामिन)-</strong> शरीर को स्वस्थ रखने, सर्कुलेटरी सिस्टम और नर्वस सिस्टम को फिट रखने के लिए विटामिन बी12 बहुत जरूरी है. विटामिन बी 12 से कोशिकाओं को एक्टिव बनाने में भी मदद मिलती है. विटामिन बी12 के प्राकृतिक स्रोत पनीर, दूध, मीट, दही, काजू, तिल, ब्रोकली, सी फूड और फिश हैं. </p> <p><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p><strong>ये भी पढ़ें: <a title="निरोगी शरीर पाने के लिए जरूरी विटामिन, मिनरल और एमिनो एसिड, जानिए इनके प्राकृतिक स्रोत" href="https://ift.tt/3BvZsIr" target="">निरोगी शरीर पाने के लिए जरूरी विटामिन, मिनरल और एमिनो एसिड, जानिए इनके प्राकृतिक स्रोत</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2Yf0D0m
भारत में हार्ट अटैक से पिछले कुछ वर्षों में मौत के बढ़े मामले, जानिए क्या है सबसे बड़ा जोखिम फैक्टर
<p style="text-align: justify;">इंद्र कुमार, अमित मिस्त्री, राज कौशल के बाद अब सेलिब्रिटीज की लिस्ट में हार्ट अटैक से मरनेवालों में सिद्धार्थ शुक्ला का नाम जुड़ गया है. किसी ने सोचा भी नहीं था कि फिट और हेल्दी 40 वर्षीय शुक्ला साइलेंट किलर का शिकार हो जाएंगे. शुक्ला अपने कैरियर की बुलंदी पर थे, जिसकी हर किसी को चाहत होती है, लेकिन अचानक से उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया. हालांकि, ये सभी युवा मौतें एक महत्वपूर्ण सवाल उठाती हैं कि क्यों और कैसे?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हार्ट अटैक के कारण मौत के मामलों में बढ़ोतरी</strong></p> <p style="text-align: justify;">ऐसे समय जब लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा जागरुक हैं, हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं. सटीक तौर पर कहा जाए तो हम चाहे बाहर से कितने फिट क्यों न दिखाई देते हों, अंदर से भी हमें रहने की जरूरत है. भारत में हार्ट अटैक के कारण मौत की संख्या पर एक नजर डालने से चौंकानेवाला खुलासा होता है. 2016 से लेकर 2019 तक भारत में हार्ट अटैक की वजह से मौत का आंकड़ा बढ़ा है. 2016 में 21,914 लोगों ने हार्ट अटैक के कारण जान गंवाई. 2017 में मरनेवालों की संख्या 23,249 रही, 2018 में 25,764 और 2019 में 28,005 लोगों की हार्ट अटैक से मौत हुई. </p> <p style="text-align: justify;">शारदा अस्पताल नोएडा में कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर सुभेदुं मोहंती बताते हैं, "हकीकत है कि महामारी के दौरान हम अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरुक हो गए हैं, लेकिन ये भी वास्तविकता है कि लोग उसके लिए बहुत ज्यादा नहीं कर रहे हैं. उसके अलावा, हार्ट अटैक से जुड़ी कुछ गलतफहमियां भी हैं. कुछ लोगों का मानना है कि सिर्फ हाई कोलेस्ट्रोल या ब्लड प्रेशर के मरीज ही हार्ट अटैक से पीड़ित हो सकते हैं. लिहाजा, उनका ज्यादा फोकस इस पर रहता है और अपना ब्लड टेस्ट हर छह महीनों पर कराते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हार्ट अटैक से जुड़ी कुछ गलतफहमी भी जिम्मेदार</strong></p> <p style="text-align: justify;">ये सभी एजेंसियों की तरफ से प्रचारित किए जा रहे अवैज्ञानिक तरीके हैं. विज्ञान के मुताबिक, 30 साल की उम्र में आपको रूटीन चेकअप के लिए जाने की जरूरत नहीं." लोगों को समझना होगा कि प्रमुख जोखिम फैक्टर क्या हैं. आज ये स्मोकिंग और तनाव हैं. उन्होंने विस्तार से समझाया "कोई भी तनाव का आंकलन नहीं करता है और उसके बारे में बहुत कम प्रयास करता है. दूसरी महत्वपूर्ण बात स्मोकिंग आम हो गई है. ये सबसे खतरनाक जोखिम फैक्टर है." उनका ये भी कहना है कि व्यायाम की कमी, खराब खानपान और अपर्याप्त नींद की भी भूमिका होती है. रात की अच्छी नींद का कोई विकल्प नहीं हो सकता. अगर पिछली रात आप ठीक तरीके से नींद नहीं ले सके, तो अगले दिन तनाव का लेवल बढ़ जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;">स्मोकिंग से जु़ड़ी एक आम गलतफहमी को इस तरह समझा जा सकता है कि लोग छोड़ने के बजाए गिनती को कम करते हैं, हालांकि ये मददगार नहीं है. मोहंती कहते हैं "अगर आपको अपने हार्ट से प्यार है, तो स्मोकिंग छोड़ना महत्वपूर्ण हो जाता है. सिगरेट में कमी पर बहुत सारे लोग खुद की तुलना दूसरों से करते हैं. ये गलत है." उसके अलावा, आज हमारा फोकस पूरी तरह मसल बनाने पर हो गया है. हम स्मार्ट दिखाई देना चाहते हैं, लेकिन हमारी अंदरुनी सेहत उसकी वजह से प्रभावित होती है. मोहंती के मुताबिक, सच ये है कि ये सिर्फ मसल बनाने के बारे में नहीं है बल्कि आपको अंदर से हेल्दी रहना है और तनाव ऐसा कभी नहीं होने दे सकता. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोविड-19 का दूसरा छिपा हुआ जोखिम उजागर, किडनी की समस्याएं रहती हैं बरकरार" href="https://ift.tt/2WR8a4I" target="">कोविड-19 का दूसरा छिपा हुआ जोखिम उजागर, किडनी की समस्याएं रहती हैं बरकरार</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Sidharth Shukla Death: युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले, एक्टर की मौत ने उठाया सवाल" href="https://ift.tt/3DHb2Cq" target="">Sidharth Shukla Death: युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले, एक्टर की मौत ने उठाया सवाल</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"> </p> <p style="text-align: justify;"> </p> <p style="text-align: justify;"> </p> lifestyle https://ift.tt/3jH8JqZ
Nutrela Daily Energy से शरीर को मिलेगा विटामिन बी कॉम्पेल्स, मस्तिष्क और शरीर रहेगा स्वस्थ, जानिए फायदे
<p style="text-align: justify;">Nutrela Daily Energy: आजकल लोग अपने खान-पान के प्रति बहुत लापरवाह हो गए हैं. भागदौड़ भरी जिंदगी में सुकून से खाना बनाने और खाने का भी समय नहीं रहा. भूख लगने पर कुछ भी खाकर पेट भर लेते हैं. इस तरह की लाइफस्टाइल का हमारी सेहत (Health) पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है. शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने लगती है, जिसकी वजह से थकान (Weakness) चिड़चिड़ापन, नींद नहीं आना (Sleep Problem), रोगप्रतिरोधक (Immunity) क्षमता का कमजोर होना, दिमाग (Mental Health) से संबंधी कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं.</p> <p style="text-align: justify;">आपकी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए विटामिन बी कॉम्प्लेक्स (Vitamin B Complex) बहुत जरूरी है. विटामिन बी (Vitamin B) से आपका दिमाग, तंत्रिका तंत्र, एनर्जी और इम्यूनिटी मजबूत बनती है. कुल 8 प्रकार (Types Of Vitamin B) के विटामिन बी होते हैं. ये सभी शरीर के लिए जरूरी हैं, लेकिन इन्हें आसानी से अपने भोजन में शामिल कर पाना काफी मुश्लिक होता है. कोई न कोई विटामिन आपके आहार में छूट ही जाता है.</p> <p style="text-align: justify;">ऐसे में Nutrela Daily Energy से आप सभी जरूरी पोषक तत्व को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं. Nutrela Daily Energy में विटामिन बी के 8 प्रकार आपको मिल जाएंगे, जिससे विटामिन बी की डेली नीड्स को आप आसानी से पूरा कर सकते हैं. खास बात ये है कि ये पूरी तरह से नेचुरल और हर्बल एक्सट्रेक्ट से बना सप्लीमेंट है. Nutrela Daily Energy से शरीर को ये फायदे मिलते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>यहां से खरीदें: <a title="NUTRELA DAILY ENERGY CAPSULE 23 GM" href="https://ift.tt/3Dr75BD" target="">NUTRELA DAILY ENERGY CAPSULE 23 GM</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/2Yp6n80" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- एनर्जी बढ़ाए-</strong> जो लोग दिनभर थकान, कमजोरी या लो एनर्जी महसूस करते हैं उनके लिए Nutrela Daily Energy सबसे अच्छा सप्लीमेंट है. Nutrela Daily Energy के सेवन से आप दिन भर एनर्जेटिक महसूस करें. अपने रोजमर्रा के सभी कामों को बिना थकान और चिड़चिड़ाहट के कर सकते हैं. इसमें विटामिन बी6 काफी मात्रा में है जो शरीर में तुरंत एनर्जी पहुंचाने का काम करता है. इससे आप लंबे समय तक फिट और एक्टिव रह सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- स्वस्थ आंतों के लिए जरूरी-</strong> Nutrela Daily Energy से आंतो को स्वस्थ रखने के लिए भरपूर विटामिन बी मिल जाता है. आंत भोजन को पचाने, मल त्यागने और स्वस्थ रहने में अहम भूमिका निभाती हैं. आंत को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन बी बहुत जरुरी है. इससे शरीर में नई रेड सेल्स का निर्माण होता है. खाने से ऊर्जा को पूरे शरीर में पहुंचाने में भी मदद मिलती है. विटामिन बी आंत और पाचन दोनों की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. </p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3gYwYiN" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- थकान दूर करे-</strong> Nutrela Daily Energy से आपकी दिनभर की थकान दूर हो जाती है. अगर आप पूरे दिन थकान महसूस करते हैं तो ये आपके लिए अच्छा सप्लीमेंट है. शरीर में विटामिन B12 की कमी होने पर ब्लड सेल्स नहीं बन पाते हैं, जिससे हर समय थकान महसूस होती है. विटामिन बी12 की कमी को पूरा करने के लिए आप न्यूट्रिला डेली एनर्जी खा सकते हैं. आप इससे पूरे दिन एक्टिव रहेंगे. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- तंत्रिका को मजबूत बनाए-</strong> Nutrela Daily Energy के सेवन से तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाने में मदद मिलती है. इससे नर्व्स सिस्टम ठीक से काम करता है. शरीर के सही संचालन के लिए तंत्रिका तंत्र का मजबूत होना जरूरी है. इससे बॉडी में न्यूरोट्रांसमीर्टस अच्छी तरह से काम करते हैं. नर्व्स सिस्टम को हेल्दी बनाने के लिए आप न्यूट्रिला डेली एनर्जी खा सकते हैं. इससे शरीर में विटामिन बी12 और दूसरे पोषक तत्वों की कमी को पूरा किया जा सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- दिमाग को रखे एक्टिव-</strong> मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन बी बहुत जरूरी है. Nutrela Daily Energy से आप याद्दाश्त को मजबूत बना सकते हैं. इससे तनाव कम करने में भी मदद मिलती है. दिमाग को सिकुड़ने से बचाने के लिए विटामिन बी12, विटामिन बी6 और फोलिस एसिड जरूरी है. Nutrela Daily Energy से शरीर को ये सभी जरूरी विटामिन आसानी से मिल जाते हैं. <strong><img src="https://ift.tt/3mUZDJj" /><br /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>6- रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनाए-</strong> Nutrela Daily Energy से आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है. इसके सेवन से आप शरीर को कई तरह की बीमारियों के खतरे से भी बचा सकते हैं. इसमें विटामिन बी भरपूर मात्रा में पाया जाता है जिससे हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत बनती है. न्यूट्रिला डेली एनर्जी पूरी तरह से नेचुरल सोर्स से निर्मित है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="Nutrela Daily Active से पूरे करें विटामिन, मिनरल और एमिनो एसिड की कमी, शरीर को मिलेंगे कई फायदे" href="https://ift.tt/2WN7Hkz" target="">Nutrela Daily Active से पूरे करें विटामिन, मिनरल और एमिनो एसिड की कमी, शरीर को मिलेंगे कई फायदे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3jLZ56F
कोविड-19 का दूसरा छिपा हुआ जोखिम उजागर, किडनी की समस्याएं रहती हैं बरकरार
<figure class="media sm:w-1/5 w-full media--left media--uneven media--stretch"> <div class="media__item " style="text-align: justify;">कोविड-19 पीड़ितों को बीमारी से ठीक होने के बाद कई हफ्तों या महीनों तक विभिन्न लक्षणों का सामना होता है. बीमारी के कई हफ्तों या महीनों बाद भी लक्षणों का अनुभव करनेवाले लोगों के लिए लॉंग कोविड की परिभाषा गढ़ी गई है. इसको ज्यादा से ज्यादा जानने के लिए विशेषज्ञ रिसर्च करने में जुटे हैं और अब खुलासा हुआ है कि लॉंग कोविड के मरीजों में किडनी के काम स्पष्ट तौर पर प्रभावित होते हैं.</div> </figure> <p style="text-align: justify;">कोविड-19 न सिर्फ लंग्स को प्रभावित करती है बल्कि किडनी पर भी असर डालती है. डॉक्टरों ने पाया है कि कोविड-19 से बुरी तरह प्रभावित मरीजों ने अक्सर किडनी की समस्या की शिकायत की है. अब एक बड़े पैमाने पर रिसर्च से पता चलता है कि किडनी की समस्याएं मरीजों के शुरुआती संक्रमण से ठीक होने के बाद छह महीनों तक रह सकती हैं और कुछ मरीजों में तो किडनी के काम की आजीवन कमी हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोविड को मात देने के बाद किडनी रोग का खतरा</strong></p> <p style="text-align: justify;">बुधवार को Journal of the American Society of Nephrology में प्रकाशित रिसर्च में पाया गया कि शुरू में कोविड के बीमार मरीजों को लंबे समय तक किडनी क्षति होने की अधिक संभावना थी. लेकिन, शुरुआती संक्रमण की कम गंभीरता वाले लोग भी संवेदनशील हो सकते हैं. रिसर्च में शामिल नहीं रहे किडनी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एफ पेरी विल्सन कहते हैं, "मेरे लिए विशेष रूप से चौंकानेवाला था कि ये बरकरार रहे."</p> <p style="text-align: justify;">शरीर में किडनी का महत्वपूर्ण काम है, ये ब्लड से तरल और टॉक्सिन्स को बाहर कर हेल्दी ब्लड प्रेशर बनाने और इलेक्ट्रोलाइट्स को संतुलित रखने में मदद करता है. जब किडनी सही या प्रभावी तरीके से काम नहीं करता है, तो तरल जम जाता है, जिससे सूजन, हाई ब्लड प्रेशर, कमजोर हड्डियां और अन्य समस्याएं होती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>किडनी रोग लॉंग कोविड का एक महत्वपूर्ण पहलू</strong></p> <p style="text-align: justify;">दिल, लंग्स, सेंट्रल नर्वस सिस्टम और इम्यून सिस्टम बिगड़ सकता है. किडनी की बीमारी के अंतिम चरण में डायलिसिस या अंग प्रत्यारोपण जरूरी हो सकता है. ये स्थिति खतरनाक हो सकती है. रिसर्च में 1 मार्च, 2020 और 15 मार्च, 2021 के बीच कोरोना पॉजिटिव 89,216 लोगों के डेटा को शामिल किया गया. शोधकर्ताओं का कहना है कि संक्रमण के 1 से छह महीनों के अंदर कोविड से ठीक होनेवालों को करीब 35 फीसद अधिक किडनी क्षति की संभावना थी या सेहतमंद लोगों के मुकाबले स्पष्ट रूप से किडनी के काम में कमी आई. वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ स्कूल में मेडिसीन के असिस्टेंट प्रोफेसर और किडनी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर जियाद अल अलाई ने कहा, "कोविड-19 के शुरुआती 30 दिनों बाद ठीक होनेवाले लोगों को किडनी की बीमारी होने का जोखिम है." शोधकर्ताओं का कहना है कि कोविड से सुरक्षित लोगों के मुकाबले मामूली गंभीरता का सामना करनेवाले लोगों में किडनी रोग का जोखिम 15 फीसद जबकि किडनी चोट का जोखिम 30 फीसद ज्यादा बढ़ जाता है. किडनी रोग लॉंग कोविड का एक महत्वपूर्ण पहलू है और लॉंग कोविड-19 से पीड़ित लोगों की देखभाल करते वक्त ध्यान में रखा जाना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong> <a title="Sidharth Shukla Death: युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले, एक्टर की मौत ने उठाया सवाल" href="https://ift.tt/3DHb2Cq" target="">Sidharth Shukla Death: युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले, एक्टर की मौत ने उठाया सवाल</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Care Tips: हल्दी वाला दूध पहुंचा सकता है नुकसान, इन लोगों को नहीं करना चाहिए इसका सेवन" href="https://ift.tt/3BBGcct" target="">Health Care Tips: हल्दी वाला दूध पहुंचा सकता है नुकसान, इन लोगों को नहीं करना चाहिए इसका सेवन</a></strong></p> <div class="impact-unit-wrapper"> <div class="pgs-dpg-card" data-pgs-partner-id="sciencedaily" data-loaded="true" data-widget-index="0"> <div class="pre-content" style="text-align: justify;"> </div> </div> </div> lifestyle https://ift.tt/2WR8a4I
Vitamin B9 Folic Acid: फोलिक एसिड शरीर के लिए इतना जरूरी क्यों हैं? जानिए इसके प्राकृतिक स्रोत क्या हैं?
<p style="text-align: justify;">Vitamin B9 Folic Acid For Health: शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन बी9 यानि फोलिस एसिड बहुत जरूरी है. अगर शरीर में फोलिक एसिड की कमी हो जाए तो इसके शरीर कमजोर हो जाता है. आप जल्दी बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं. फोलिक एसिड शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है. फोलिक एसिड को विटामिन-बी के नाम से भी जानते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">बालों को सुंदर बनाने और गर्भावस्था में शिशु के सही विकास के लिए फोलिक एसिड जरूरी है. इसके अलावा पुरुषों में फर्टिलिटी बढ़ाने, कैंसर जैसी गंभीर समस्या को दूर रखने और स्ट्रेस को कम करने में भी फोलिक एसिड मदद करता है. जानते हैं विटामिन बी9 की कमी होने पर शरीर में क्या लक्षण नज़र आते हैं और कैसे खाने-पीने से इसकी कमी को पूरा किया जा सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/2WO95D0" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>विटामिन बी9 (फोलिक एसिड) के फायदे (Benefits Of Folic Acid)</strong><br /><br /><strong>1- बालों को झड़ने से बचाता है-</strong> फोलिक एसिड बालों को झड़ने से बचाने में मदद करता है. जिन लोगों को डाइट से सही मात्रा में फोलिक एसिड नहीं मिल पाता है इन्हें बालों के झड़ने की समस्या का सामना करना पड़ता है. बालों को झड़ने से बचाने के लिए फोलिक एसिड डाइट में जरूर शामिल करें. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- गर्भावस्था के लिए जरूरी-</strong> गर्भावस्था में महिलाओं को सबसे पहले फोलिक एसिड ही दिया जाता है. फोलिक एसिड से गर्भ में पल रहे बच्चे के विकास और मस्तिष्क को विकसित करने में मदद मिलती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- पुरुषों में इनफर्टिलिटी बढ़ाता है-</strong> इनफर्टिलिटी पुरुषों में होने वाली आम समस्या है. ऐसे में फोलिक एसिड को पुरुषों की इनफर्टिलिटी क्षमता में सुधार के लिए अहम माना जाता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- तनाव कम करता है-</strong> आजकल लोगों की लाइफ में बहुत स्ट्रेस है. तनाव से बचे रहने के लिए भी आपको फोलिक एसिड का सेवन करना चाहिए. इससे आपके स्ट्रेस को कम करने में काफी मददगार मिलेगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- कैंसर से बचाए-</strong> विटामिन बी9 आपको कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने में भी मदद करता है. कई रिसर्च में ये पाया गया है कि फोलिक एसिड के सेवन से कैंसर सेल्स विकसित नहीं हो पाती हैं. इससे आप कैंसर के खतरे से बचे रहते हैं. <img src="https://ift.tt/3zKFpW0" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>फोलिक एसिड से भरपूर खाद्य पदार्थ (Natural Source Of Folic Acid)</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- अंडा-</strong> अंडा पोषक तत्वों से भरपूर है. अंडा खाने से शरीर में फोलेट की कमी को भी पूरा किया जा सकता है. इसके अलावा प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, जिंक का अच्छा स्रोत है.<br /><strong>2- एवोकाडो-</strong> एवोकाडो से भी शरीर में काफी हद तक फोलेट की कमी को पूरा किया जा सकता है. एवोकाडो में फोलिक एसिड और विटामिन-बी 6 भी होता है. <br /><strong>3- बादाम-</strong> बादाम को सुपरफूड कहा जाता है. रोज बादाम खाने से स्वास्थ्य को बहुत फायदे मिलते हैं. बादाम में फोलेट के साथ आयरन, कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, जिंक और सोडियम होता है. <br /><strong>4- शतावरी-</strong> शतावरी एक जड़ी-बूटी होती है इसमें फोलिक एसिड का स्तर काफी होता है. शतावरी में विटामिन-ए, विटामिन बी 1, विटामिन बी 2, विटामिन-सी, विटामिन-ई, मैग्नीशियम, पोटेशियम, कैल्शियम, आयरन भी होता है. <br /><strong>5- ब्रोकोली-</strong> फोलिक एसिड की कमी को पूरा करने के लिए आप डाइट में ब्रोकोली जरूर शामिल करें. ब्रोकली में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, कैल्शियम, पोटेशियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस जैसे तत्व पाए जाते हैं. <br /><strong>6- मटर-</strong> सर्दियों में मटर खूब आते हैं आप मटर से शरीर में फोलेट की कमी को पूरा कर सकते हैं. मटर में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स होते हैं. <br /><strong>7- राजमा-</strong> फोलिक एसिड के लिए आप खाने में राजमा खाएं. राजमा खाने में स्वादिष्ट और सेहतमंद होता है. राजमा में फोलेट समेत प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर मौजूद होता है.<br /><strong>8- केला-</strong> फोलेट से भरपूर खाद्य पदार्थों में केला भी शामिल है. केला से कब्ज दूर करने, दांत और हड्डियों को स्वस्थ बनाने में मदद मिलती है. <br /><strong>9- टमाटर-</strong> खाने में ज्यादातर सब्जियों में टमाटर का इस्तेमाल किया जाता है. टमाटर में काफी मात्रा में फोलेट होता है. टमाटर में एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटी कैंसर गुण भी होते हैं. <br /><strong>10- सोयाबीन-</strong> फोलिक एसिड के स्रोत के रूप में आप सोयाबीन भी खा सकते हैं. फोलेट के अलावा सोयाबीन में प्रोटीन, कैल्शियम , विटामिन्स और मिनरल्स मौजूद होते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><br /><img src="https://ift.tt/3kOU6kI" /></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>फोलिक एसिड की कमी के लक्षण ( Folic Acid Deficiency) </strong><br />⦁ शारीरिक विकास में कमी हो सकती है<br />⦁ बाल सफेद या ग्रे हो सकते हैं<br />⦁ मुंह में छाले की समस्या<br />⦁ पेप्टिक अल्सर की समस्या हो सकती है<br />⦁ लूज मोशन यानि दस्त हो सकते हैं.<br />⦁ जीभ में सूजन आ जाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>Disclaimer:</strong> इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों व दावों की एबीपी न्यूज़ पुष्टि नहीं करता है. इनको केवल सुझाव के रूप में लें. इस तरह के किसी भी उपचार/दवा/डाइट पर अमल करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a title="विटामिन में क्यों हैं जरूरी A,B,C,D, कैल्शियम और इन हर्बल एक्ट्रैक्ट से बनाएं शरीर को मजबूत" href="https://ift.tt/3kMlGiz" target="">विटामिन में क्यों हैं जरूरी A,B,C,D, कैल्शियम और इन हर्बल एक्ट्रैक्ट से बनाएं शरीर को मजबूत</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2VfJfYq
Sidharth Shukla Death: युवाओं में हार्ट अटैक क्यों हो रहा है कॉमन? क्या है इसके पीछे वजह और कैसे रखें अपने दिल का ध्यान
<p style="text-align: justify;"><strong>Why heart attack is becoming common in young people these days: </strong>एक समय था जब दिल का दौरा या दिल से जुड़ी बीमारियों को उम्र के साथ जोड़कर देखा जाता था. सामान्यतः हार्ट अटैक या हार्ट से जुड़ी अन्य बीमारियां एक उम्र के बाद ही आती थी. लेकिन अब समय बदल गया है, अब दिल की समस्याएं कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही हैं. कल हुई एक्टर सिद्धार्थ शुक्ला की मौत के पीछे कारण भी हार्ट अटैक ही बताया जा रहा है. कहां क्या कमी है जो युवाओं को यह समस्या हो रही है. जानते हैं विस्तार से.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है कारण –</strong></p> <p style="text-align: justify;">विशेषज्ञों की मानें तो यंग लोगों में हार्ट अटैक का मुख्य कारण उनकी लाइफस्टाइल है. इसमें भी स्मोकिंग, एल्कोहल और स्ट्रेस का मेजर रोल है. अपनी जीवनशैली के प्रति लापरवाह नजरिया कई बार युवाओं को महंगा पड़ जाता है. कम उम्र में दिल की बीमारियों के प्रति अधिकतर नई जेनरेशन सजग नहीं होती. कई बार छोटे-मोटे लक्षण दिखते भी हैं तो उन कारणों की तह तक जाने के बजाय युवा उसे इग्नोर कर देते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">हार्ट अटैक की अगली बड़ी वजह फिजिकल एक्टिविटी या मूवमेंट का न होना है. कई बार लोगों का जॉब ऐसा होता है कि वे लंबे समय तक एक जगह पर बैठे रहते हैं तो कई बार काम या दूसरी वजहों से उन्हें एक्सरसाइज का समय नहीं मिलता. इसे बदलना होगा. कुछ भी खा लेने के आदत से भी बचना होगा, जिसमें मुख्य तौर पर बाहर का खाना शामिल होता है. इससे कोलेस्ट्रोल बढ़ता है जो दिल की सेहत खराब करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या है उपाय –</strong></p> <p style="text-align: justify;">अगर आपको हाई बीपी, डायबिटीज या हाय कोलेसस्ट्रोल डायग्नोस होता है तो इसे गंभीरता से लें. रेग्यूलर चेकअप्स कराएं और दवाइयां लें. स्मोकिंग कतई न करें और एल्कोहल इनटेक को सीमा के अंदर रखें. प्रॉसेस्ड फूड या डिब्बाबंद खाना जहां तक हो सके न खाएं. इसके साथ ही किसी भी रूप में एक्सरसाइज को अपनी डेली रूटीन का हिस्सा बना लें. कार्डियो एक्सरसाइजेस दिल की सेहत के लिए बहुत अच्छी होती हैं.</p> <p style="text-align: justify;">हरी सब्जियां और फल प्रचुर मात्रा में लें और मेंटल स्ट्रेस को जितना हो सके कम करें. कोल्डड्रिंक और शुगर नियंत्रित मात्रा में लें. अपने परिवार और दोस्तों के साथ समय गुजारें. जितना आप खुश रहेंगे उतना ही आपका दिल भी मुस्कुराएगा.</p> <p><a title="Kartik Aryan के फिटनेस ट्रेनर Samir Jaura से जानें कौन सी Exercises बनाएंगी आपको फिट" href="https://ift.tt/3jB6KEp" target="_blank" rel="noopener">Kartik Aryan के फिटनेस ट्रेनर Samir Jaura से जानें कौन सी Exercises बनाएंगी आपको फिट</a></p> <p><a title="नॉनवेज छोड़कर अब पूरी तरह vegetarian बन चुके हैं ये सितारे, इस लिस्ट में बिग बी सहित कई बड़े सितारों का नाम है शामिल" href="https://ift.tt/38xBiAC " target="_blank" rel="noopener">नॉनवेज छोड़कर अब पूरी तरह vegetarian बन चुके हैं ये सितारे, इस लिस्ट में बिग बी सहित कई बड़े सितारों का नाम है शामिल</a></p> lifestyle https://ift.tt/3BClV6x
Sidharth Shukla Death: युवाओं में क्यों बढ़ रहे हैं हार्ट अटैक के मामले, एक्टर की मौत ने उठाया सवाल
<p style="text-align: justify;"><strong>Sidharth Shukla Death:</strong> लंबे समय से माना जाता रहा है कि हार्ट अटैक सिर्फ वरिष्ठ लोगों को आ सकता है. उम्र को करीब हमेशा दिल से जुड़ी बीमारियों का सबसे बड़ा जोखिम फैक्टर समझा गया. लेकिन, ऐसा लगता है कि ये अब सच नहीं रहा क्योंकि पिछले कुछ वर्षों से युवाओं में कार्डिअक अरेस्ट में बढ़ोतरी देखी गई है. इसका ताजा उदाहरण है 40 वर्षीय बिग बॉस 13 के विजेता सिद्धार्थ शुक्ला की अचानक मौत.</p> <p style="text-align: justify;">बालिका वधु, झलक दिखला जा जैसे लोकप्रिय शो और हाल ही में बिग बॉस से शुक्ला ने कामयाब और सफल एक्टर का खिताब पाया था. हाल के दिनों में कई ऐसे मशहूर लोग रहे हैं जिनकी मौत हार्ट अटैक से हुई. 49 वर्षीय फिल्ममेकर और मंदिरा बेदी के पति राज कौशल और 47 वर्षीय एक्टर अमित मिस्त्री हार्ट अटैक से मरनेवालों में शामिल हैं.</p> <p style="text-align: justify;">दिल से जुड़ी मौतों की संख्या में बढ़ोतरी ने दुनिया भर में चिंता की लहर पैदा कर दी है. आंकड़े इसकी गवाही देते हैं. 2018 में किए गए रिसर्च से पता चलता है कि 35 से 54 वर्ष के मरीजों में हार्ट अटैक की दर 27 फीसद से बढ़कर 32 फीसद हो गई है. मौत के बढ़ते आंकड़े क्या हमारे लिए परेशानी का कारण हैं, क्योंकि उम्र अब कोई रुकावट नहीं रही? क्या कोई उपाय है जिसको शुरुआती उम्र में हम दिल से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के लिए कर सकते हैं?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हमारी लाइफस्टाइल तो कहीं जिम्मेदार नहीं?</strong><br />हमारी प्राथमिकताएं पहले की प्राथमिकताओं से बिल्कुल अलग हो गई हैं. हम पैकेट वाला खाना खाते हैं, पार्टी ऐसी करते हैं जैसे कल नहीं होनेवाला, और प्राकृतिक नियमों के विरुद्ध जाकर हम नींद लेते हैं. कोरोना महामारी ने हमारे मामले को और बदतर कर दिया है. इसका मतलब हुआ कि हम हर समय बहुत अधिक तनाव का अनुभव करते हैं. गतिशीलता की कमी हो गई है, और पहले से कहीं ज्यादा हम सुस्त हो गए हैं! दुर्भाग्य से ये हमारी जिंदगी में अंधेरा और उदासी को आमंत्रित करने का उपयुक्त तरीका है. उसके नतीजे में हमारी सेहत को कीमत चुकानी पड़ती है.</p> <p style="text-align: justify;">गुरुग्राम में कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर शिक्षा परिजत ने कहा, "युवाओं के बीच हार्ट अटैक में बढ़ोतरी के अन्य कारणों में से एक टाइप 2 डायबिटीज की बढ़ती घटना है. मोटापा, सुस्त लाइफस्टाइल और खानपान की अनुचित आदतों का बहुत बड़ा योगदान है. 20 साल पहले, हार्ट अटैक ज्यादातर बुजुर्गों को आते थे. आज उम्र की सीमा नहीं रही." ज्यादा चिंताजनक बात ये है कि ये आदतें आज बच्चों की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं, जिसका मतलब है कि शुरुआती उम्र में ही चक्र को तोड़े जाने की जरूरत है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हार्ट अटैक के जोखिम को कैसे आप जानेंगे?</strong><br />डॉक्टर परिजत के मुताबिक, "निश्चित रूप से, हार्ट अटैक विभिन्न आयु ग्रुप के लोगों में हो सकता है. लेकिन अगर, ये आपके जीन में है, तो उसकी संभावना स्वाभाविक रूप से बढ़ जाती है. ऐसी परिस्थितियों में, प्राथमिक रोकथाम आवश्यक हो जाता है. परिवार के सबसे करीबी 65 वर्षीय रिश्तेदार में हार्ट अटैक या स्ट्रोक की हिस्ट्री होने पर आपको दोहरा सावधान रहना चाहिए." भले ही आप पर इसका जोखिम कारक लागू नहीं होता है, मगर 20-39 साल की उम्र होने पर दिल की सेहत का आकलन हर चार से छह साल पर कराने को सुनिश्चित करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इलाज से बेहतर रोकथाम है </strong><br />कार्डियो-वैस्कुलर रोग के जोखिम को कम करने के लिए प्राथमिक रोकथाम बुनियाद है. मोटापा, खराब डाइट, व्यायाम की कमी, टाइप 2 डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रोल पर नियंत्रण रखने के लिए ये जरूरी है. स्मोकिंग और अत्यधिक अल्कोहल के इस्तेमाल जैसी आदतों को छोड़ना भी सुनिश्चित करें. उम्र के शुरुआत में ही अच्छी आदतों को जिंदगी का हिस्सा बनाएं. बच्चों को सेहतमंद जिंदगी गुजारने के तरीके भी सिखाए जाएं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health and Fitness Tips: क्या आप भी चाहते हैं वजन कम करना? तो इन बातों पर दें ध्यान" href="https://ift.tt/2WOkP98" target="">Health and Fitness Tips: क्या आप भी चाहते हैं वजन कम करना? तो इन बातों पर दें ध्यान</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3DHb2Cq
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