Tuesday, July 6, 2021
Luaki Juice: अद्भुत फायदों के लिए पीना चाहिए खाली पेट लौकी का जूस, जानिए बनाने के तरीके
<p style="text-align: justify;"><strong>Luaki Juice Benefits:</strong> निश्चित रूप से हरी सब्जियां पोषक तत्वों और विटामिन्स का खजाना हैं. लेकिन उसके पोषक तत्वों का आखिरी फायदा निचोड़ने के लिए आपको जूस की शक्ल में उसे इस्तेमाल करना चाहिए. लौकी ऐसी ही एक हैरतअंगेज सब्जी है. उसका जूस अप्रत्याशित रूप से आपका स्वास्थ्य बदल सकता है और तीन महीने के समय में सुधार सकता है. लौकी जूस पीने के अनगिनत स्वास्थ्य फायदे हैं. उसका शरीर पर प्रभाव ठंडा होता है, ये आपके ब्लड प्रेशर को काबू में रखता है. ये भूरे बाल और झुर्रियों से छुटकारा दिलाने में मदद कर सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>लौकी का जूस घर पर कैसे बनाएं</strong><br />2 मध्यम आकार की लौकी लें, छिलका उतार लें, बीज निकाल लें और काट लें. एक चम्मच जीरा, 15-20 पुदीने की पत्तियां, 2-3 चम्मच नींबू का जूस, स्वाद के बराबर नमक तैयार रखें. ब्लेंडर में लौकी, अदरक, पुदीने की पत्तियां और जीरा को पीसें. आगे, एक प्याला पानी मिलाएं और 3-4 मिनट के लिए मिश्रण करें. अब, नींबू का रस और नमक को अच्छी तरह मिलाएं. जूस को छान कर रोजाना सुबह पीएं. सुबह में सबसे पहले उसे पीने से पूरे दिन के लिए आपको सेट कर सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>दिल की सेहत को बढ़ाता है-</strong> 90 दिनों तक खाली पेट लौकी जूस पीने से आपका कोलेस्ट्रोल लेवल कम हो सकता है. इस सब्जी में ज्यादा घुलनशील डाइटरी फाइबर होता है, जो आपके ब्लड प्रेशर को काबू में भी रखेगा. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>वजन कम करने में मददगार-</strong> लौकी जूस कैलोरी और फैट्स में कम होता है, जो उसे वजन कम करने के लिए प्रभावी ड्रिंक बनाता है. उसके अलावा, ये फाइबर में अधिक होता है जो देर तक आपको संतुष्ट रखता है, इस तरह भूख लगने से आपको रोकता है. उसमें जरूरी विटामिन्स और मिनरल्स जैसे विटामिन सी, विटामिन बी, विटामिन के, विटामिन ए, आयरन, पोटैशियम और मैग्नीज भी होते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>तनाव और डिप्रेशन को करे दूर-</strong> लौकी में चोलिन की अधिक मात्रा होती है- ये एक न्यूरोट्रांसमिटर है जो दिमाग के सेल्स को उचित काम में मदद करता है, इस तरह दिमागी बीमारी को रोकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>पेट की समस्या का करे इलाज-</strong> लौकी का जूस कब्ज की सहायता में मदद करता है और डायरिया का इलाज भी करता है. फाइबर तत्व और 98 फीसद पानी होने के कारण, ये आपके पाचन तंत्र को साफ करता है और मल त्याग को आसान बनाने में मदद करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="सोने की असरदार आदतें आपकी इम्यूनिटी को करती हैं मजबूत, जानिए कैसे" href="https://ift.tt/3dMTVUd" target="">सोने की असरदार आदतें आपकी इम्यूनिटी को करती हैं मजबूत, जानिए कैसे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: आयुर्वेद के इन फूड नियमों के साथ करें अपने आंत की सेहत में सुधार" href="https://ift.tt/3xm9k5J" target="">Health Tips: आयुर्वेद के इन फूड नियमों के साथ करें अपने आंत की सेहत में सुधार</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2V7f9Wt
Modi Cabinet Expansion: किस राज्य से कौन-कौन हैं दौड़ में, आज नए नाम भी आए सामने
<p style="text-align: justify;"><strong>Modi Cabinet Expansion:</strong> प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 जुलाई को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर सकते हैं. इस बार मंत्रिमंडल में करीब 17 से 22 नए मंत्री शामिल हो सकते हैं. इस दौरान कई मंत्रियों से अतिरिक्त प्रभार भी लिए जा सकते हैं. वहीं कई मंत्रियों की छुट्टी भी हो सकती है. मंत्रिमंडल विस्तार में चुनावी राज्यों का खासा ख्याल रखा जा सकता है. इस बीच जिन नेताओं की मंत्रिमंडल में शामिल होने को चर्चा हो रही है, वह एक एक करके दिल्ली पहुंच रहे हैं. जानिए किस राज्य से कौन-कौन दौड़ में हैं. आज नए नाम भी सामने आए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कैबिनेट में कई पद खाली</strong></p> <div id="content-14" class="uk-card uk-card-default uk-card-body uk-padding-small livebloghtmlfinal" style="text-align: justify;"> <div> <div id="f1v74_tb" class="text-div news"> <div class="card_content"> <p>शिवसेना और अकाली दल के एनडीए से अलग होने और रामविलास पासवान और कई अन्य के निधन के बाद कई मंत्रियों के पद खाली हैं. अभी मोदी कैबिनेट में कुल 53 मंत्री ही हैं, जबकि संविधान के अनुसार मंत्रियों की संख्या अधिक से अधिक 79 हो सकती है.</p> </div> </div> </div> </div> <div id="content-1" class="uk-card uk-card-default uk-card-body uk-padding-small livebloghtmlfinal" style="text-align: justify;"> <div> <div id="f1v74_tb" class="text-div news"> <div class="card_content"> <p>JDU नेता उमेश कुशवाहा ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के नेताओं को भी केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी. हालांकि उनकी पार्टी के कितने मंत्री बनेंगे अभी इसका खुलासा नहीं किया गया है. इस बीच बीजेपी नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया को दिल्ली से फोन करके बुलाया गया है. सिंधिया शाम तक दिल्ली पहुंच सकते हैं. इससे पहले सिंधिया ने उज्जैन के महाकाल मंदिर में माथा टेका और आशीर्वाद लिया. उन्होंने कहा कि महाकाल के मंदिर से सिंधिया का पुराना नाता रहा है. </p> <p><strong class="uk-margin-bottom uk-display-block">वरुण गांधी को भी कैबिनेट में जगह</strong></p> <div class="card_content"> <p>अपने आक्रामक तेवरों के लिए जाने जाने जाने वाले वरुण गांधी को भी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है. वह उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से सांसद हैं. यूपी में अगले साल चुनाव होने हैं. ऐसे में यूपी के कोटे से वरुण को मोदी मंत्रिमंडल में शामिल क‍िया जा सकता है.</p> <div id="content-11" class="uk-card uk-card-default uk-card-body uk-padding-small livebloghtmlfinal"> <div> <div id="f1v74_tb" class="text-div news"> <div class="card_content"> <p>संभावित फेरबदल में कई मंत्रियों का बोझ कम किया जा सकता है. इन मंत्रियों में नरेंद्र सिंह तोमर, रविशंकर प्रसाद, डॉ. हर्षवर्धन, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल और प्रह्लाद जोशी से अतिरिक्त मंत्रालय का बोझ लिया जा सकता है.</p> <p><strong>इन चेहरों को मिल सकता है मौका</strong></p> <p><strong>उत्तर प्रदेश</strong></p> <ul> <li>तीन से चार मंत्री शामिल किए जाएंगे</li> <li>अपना दल से अनुप्रिया पटेल</li> </ul> <p><strong>बिहार</strong></p> <ul> <li>दो से तीन मंत्री शामिल होंगे</li> <li>बीजेपी- सुशील मोदी</li> <li>जेडीयू से RCP सिंह</li> <li>और एलजेपी से पशुपती पारस</li> </ul> <p><strong>मध्य प्रदेश</strong></p> <ul> <li>एक से दो मंत्री शामिल होंगे</li> <li>ज्योतिरादित्य सिंधिया</li> <li>राकेश सिंह</li> </ul> <p><strong>महाराष्ट्र</strong></p> <ul> <li>एक से दो मंत्री शामिल होंगे</li> <li>नारायण राणे</li> <li>हिना ग़ावित</li> <li>रणजीत नाइक निम्बलकर</li> </ul> <p><strong>राजस्थान</strong></p> <ul> <li>एक मंत्री शामिल हो सकता है</li> <li>जम्मू-कश्मीर - एक मंत्री बनाया जा सकता है</li> <li>लद्धाख- एक मंत्री शामिल हो सकता है</li> </ul> <p><strong>जम्मू-कश्मीर</strong></p> <ul> <li>एक मंत्री बनाया जा सकता है</li> </ul> <p><strong>लद्धाख</strong></p> <ul> <li>एक मंत्री शामिल हो सकता है</li> </ul> <p><strong>असम</strong></p> <ul> <li>एक से दो मंत्री शामिल</li> <li>सोनोवाल</li> </ul> <p><strong>पश्चिम बंगाल</strong></p> <ul> <li>शान्तनु ठाकुर</li> <li>निशीथ प्रामाणिक</li> </ul> <p><strong>ओडिशा</strong></p> <ul> <li>एक मंत्री</li> </ul> <p> </p> </div> </div> </div> </div> <div id="content-12" class="uk-card uk-card-default uk-card-body uk-padding-small livebloghtmlfinal"> <div class="uk-grid-small live-meta uk-grid"> </div> </div> </div> </div> </div> </div> </div> <h4 class="article-title " style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें-</strong></h4> <h4 class="article-title " style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/2TxwlEo Cabinet Expansion: जानिए कौन-कौन से नेता दिल्ली पहुंचे और कौन शाम तक पहुंच जाएंगे</a></h4> <h4 style="text-align: justify;"><a href="https://www.abplive.com/news/india/expansion-of-modi-cabinet-postponed-for-a-day-decision-due-to-continuing-talks-with-coalition-parties-1936495">एक दिन के लिए टला मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार, गठबंधन दलों से बातचीत जारी रहने के चलते फैसला</a></h4> lifestyle https://ift.tt/3ysJVYs
Health Tips: कच्चा पपीता इस्तेमाल करने के ये हैं कुछ बेहतरीन फायदे, जानिए
<p style="text-align: justify;">पका पपीता के कई स्वास्थ्य फायदे हैं, लेकिन उसकी कच्ची शक्ल में भी स्वास्थ्य के हैरतअंगेज लाभ हैं. विटामिन्स ए, सी, ई, बी, एंजाइम्स और फाइटोन्यूट्रीयंट्स से भरपूर कच्चा पपीता मैग्नीशियम, पोटैशियम का भी अच्छा स्रोत होता है. क्या आप जानना चाहता हैं कच्चा पपीता कैसे आपके स्वस्थ रहने में मदद कर सकता है?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वजन कम करने में मदद करता है-</strong> पका पपीता के मुकाबले कच्चा पपीता में बहुत ज्यादा सक्रिय एंजाइम्स होते हैं. उसके दो सबसे मजबूत एंजाइम्स पपाइन और काइमोपैपेन हैं. ये दोनों एंजाइम्स भोजन से फैट, प्रोटीन्स और कार्बोहाइड्रेट्स को तोड़ने में मदद करते हैं. वास्तव में पेप्सीन की तुलना में पपाइन एंजाइम फैट्स को तोड़ने में ज्यादा प्रभावी पाया गया है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>डायबिटीज को सुधारने में मददगार-</strong> अगर आप डायबिटीज रोगी हैं, तो कच्चा पपीता आपके खाने के लिए बहुत उपयुक्त फल है. ये कच्चा फल डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. एक रिसर्च में पाया गया है कि कच्चे पपीता का जूस ब्लड ग्लूकोज लेवल को कम करने में मदद करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पाचन को सुधारता है-</strong> काइमोपैपेन, पपाइन के साथ अन्य एंजाइम्स और फाइटोन्यूट्रीयंट्स पाचन सुधारने में मदद करते हैं. ये मजबूत मिक्सचर शरीर से टॉक्सिन्स को छुटकारा दिलाने में मदद करने के लिए बहुत अच्छा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कब्ज को ठीक करने में मददगार-</strong> फाइबर में अधिक होने के कारण कच्चा पपीता कब्ज को दुरुस्त करने के लिए बहुत अच्छा है. कच्चा पपीता में मौजूद एंजाइम्स विशेषकर लाटेकस आपके पेट को साफ करने में मदद करता है. फाइबर तत्व पानी को भी अवशोषित करता है और मल को नरम करने में मदद करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>घाव को जल्दी ठीक करता है- </strong>कच्चा पपीता घाव भरने की प्रक्रिया को तेज करता है- प्रोटीज एंजाइम में अधिक होने के कारण ये फल घाव को तेजी से भरने में मदद करता है. उसके अलावा, कच्चा पपीता में महत्वपूर्ण पोषक तत्व जैसे मैग्नीशियम, पोटैशियम, विटामिन्स ए, सी, ई और बी भी होते हैं जो खास स्किन की स्थिति से छुटकारा दिलाने में मदद करता है और सूजन को शांत करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="सोने की असरदार आदतें आपकी इम्यूनिटी को करती हैं मजबूत, जानिए कैसे" href="https://ift.tt/3dMTVUd" target="">सोने की असरदार आदतें आपकी इम्यूनिटी को करती हैं मजबूत, जानिए कैसे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: आयुर्वेद के इन फूड नियमों के साथ करें अपने आंत की सेहत में सुधार" href="https://ift.tt/3xm9k5J" target="">Health Tips: आयुर्वेद के इन फूड नियमों के साथ करें अपने आंत की सेहत में सुधार</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3jLYOAR
सोने की असरदार आदतें आपकी इम्यूनिटी को करती हैं मजबूत, जानिए कैसे
<p style="text-align: justify;">नींद का संबंध आपके स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ है. अगर आपकी नींद सुकून की होगी, तो इससे आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा. नींद आपको सेहत की कई समस्याओं से छुटकारा दिलाती है. दूसरे दिन आपको तरोताजा और फ्रेश रखती है. हमारी इम्यूनिटी समेत शरीर के महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को समर्थन देने में मदद करती है. हमारा इम्यून सिस्टम संक्रमणों और रोगजनकों से शरीर की रक्षा करता है. ये न सिर्फ डाइट या आपकी लाइफस्टाइल पर निर्भर होता है बल्कि नींद का शेड्यूल भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है. अगर आप चाहते हैं अपना इम्यून सिस्टम मजबूत बनाना और सभी रोगजनकों से लड़ना, तो रोजाना 7-8 घंटे निरंतर जरूर सोएं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नींद हमारे इम्यून सिस्टम पर कैसे प्रभाव डालती है?</strong><br />सोने से सूजन रोधी प्रोटीन्स यानी साइटोकिन्स के उत्पादन में काफी मदद मिलती है और टी-सेल्स एंटीजन्स से संघर्ष कर और लक्ष्य बनाकर हमारे शरीर की रक्षा करते हैं. नींद का अच्छी तरह पूरा होना भी आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करने और बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है, और आपको बिस्तर में चैन की गारंटी देता है. कुछ उपायों के जरिए अच्छी नींद और इम्यूनिटी को प्रभावी तरीके से बढ़ाने पर विचार करना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>परिवेश-</strong> आपके परिवेश का सुकून की निरंतर नींद उपलब्ध कराने में बड़ा महत्व है. आपको हमेशा सुनिश्चित करना चाहिए कि कमरे में आपका परिवेश सुखदायक और ठंडा हो. अगर आप उसे रोशन पाते हैं, तो आपको स्लीप मास्क पहनने की कोशिश करना चाहिए. अगर आप अपने कमरे को अंधेरा, ठंडा और शांत बनाएंगे, तो ये खुद-ब-खुद देर तक नींद को प्रेरित करेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नहाना-</strong> नहाना आपके शरीर के तापमान को कम कर सकता है जबकि आपके मसल्स और जोड़ों को ऑक्सीजन युक्त ब्लड फ्लो में सुधार करने के लिए आसान करता है. नहाने के बाद आपका शरीर पूरी तरह से आराम की स्थिति में बदल जाता है और इस तर नींद का चक्र शुरू करता है. डॉक्टर सोते समय समस्याओं का सामना करनेवालों को बिस्तर पर जाने से पहले नहाने की सिफारिश जरूरी करते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>नीली रोशनी से बचें-</strong> ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे टीवी, मोबाइल या लैपटॉप से नीली रोशनी उत्सर्जित होती है जो नींद को प्रेरित करनेवाले मेलाटोनिन हार्मोन के स्राव को रोकता है. बेहतर है आप नाइट लैम्प या एलईडी को भी चेक करें क्योंकि उसके भी समान नतीजे हो सकते हैं. अपनी डिवाइस को नाइट मोड में बदलें. इससे नीली रोशनी का उत्सर्जन कम होगा. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>व्यायाम-</strong> बहुत ज्यादा शारीरिक काम स्वाभाविक रूप से आपको अंत में थका देता है. बेहतर और देर तक सोने के लिए व्यायाम को शामिल करने की कोशिश करनी चाहिए. व्यायाम न सिर्फ आपको शारीरिक रूप से फिट रखता है बल्कि हार्मोनल प्रवाह की मात्रा को भी नियंत्रित करता है जो गहरी नींद के लिए महत्वपूर्ण है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>मेडिटेशन-</strong> दिन के तनाव से छुटकारा पाने के लिए, मेडिटेशन का प्रयास करें. अगर आप पूरी तरह तनाव मुक्त होंगे, तो आप गहरी नींद को हासिल कर सकते हैं. मेडिटेशन नर्वस सिस्टम को नियंत्रित करता है जो आपको गहरी नींद मोड में जाने की अनुमति देता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Kids Bad Habits: बच्चों की खराब आदतों में से एक है नाखून चबाना, इस तरह करें रोकथाम" href="https://ift.tt/36e9u34" target="">Kids Bad Habits: बच्चों की खराब आदतों में से एक है नाखून चबाना, इस तरह करें रोकथाम</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="एक्ट्रेस जूही परमार को मखाने क्यों पसंद हैं? स्किन से लेकर संपूर्ण स्वास्थ्य को ऐसे पहुंचाता हैं फायदा" href="https://ift.tt/2TvHZ2z" target="">एक्ट्रेस जूही परमार को मखाने क्यों पसंद हैं? स्किन से लेकर संपूर्ण स्वास्थ्य को ऐसे पहुंचाता हैं फायदा</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3dMTVUd
Health Tips: आयुर्वेद के इन फूड नियमों के साथ करें अपने आंत की सेहत में सुधार
<p style="text-align: justify;">विशेषज्ञों के मुताबिक, बात जब पाचन की हो तो आयुर्वेद खाने के लिए बड़ा मार्गदर्शन देता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर दिक्षा भावसार का कहना है कि उसकी गाइडलाइन्स आपकी जीवनशैली को सुधारने में मदद कर सकती हैं. लिहाजा, आपको जानना चाहिए आयुर्वेदिक गाइडलाइन्स क्यों स्वीकार करना चाहिए और आपको कैसे फायदा पहुंचा सकता है?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आंत की सेहत सुधारने के लिए आयुर्वेद के फूड नियम</strong></p> <p style="text-align: justify;">1. उसी वक्त आप खाएं जब आपको भूख लगी हो. कहने का मतलब ये हुआ कि आपका पूर्व का भोजन पूरी तरह पच चुका हो. कभी-कभी हमें लग सकता है कि हम भूखे हैं, लेकिन बस इतना ही हो सकता है हम डिहाइड्रेटेड होते हैं. अपने शरीर के अनुरूप रहें और फिर से खोजें वास्तव में भूखा होना कैसा लगता है. </p> <p style="text-align: justify;">2. शांत और आरामदायक जगह पर खाएं. जब खाने की बारी आए तो बैठ जाएं और जितना संभव हो उतना कम व्याकुलता के साथ खाएं यानी टीवी नहीं, किताब नहीं, फोन नहीं, लैपटॉप नहीं. </p> <p style="text-align: justify;">3. सही मात्रा खाएं- हम सभी अलग हैं, हमारी जरूरतें अलग और अलग पेट के आकार और मेटाबोलिक रफ्तार हैं. इसलिए, अपने शरीर की सुनें और केवल तभी खाएं जब आप संतुष्ट महसूस करें. </p> <p style="text-align: justify;">4. गर्म भोजन खाएं. आदर्श रूप में ताजा पका भोजन लेकिन जहां तक हो सके आप फ्रिज से सीधे बाहर आने वाली किसी भी चीज से बचें, आप अपनी पाचन शक्ति को बनाए रखेंगे. ये आपके पाचन एंजाइमों को प्रभावी तरीके से काम करने की अनुमति देता है. </p> <p style="text-align: justify;">5. जब आप खाएं तो हाजिर रहें. अपनी सभी पांच इंद्रियों का प्रयोग करें. अपने भोजन की खुशबू की सराहना करने के लिए समय लें, अपने प्लेट, अपने खाने की बनावट को देखें.</p> <p style="text-align: justify;">6. तेज न खाएं. अपने भोजन को सिर्फ निगलो मत, चबाने में थोड़ा समय लगाओ. चबाना पाचन का एक महत्वपूर्ण कदम है. </p> <p style="text-align: justify;">7. नियमित समय पर खाएं. प्रकृति चक्र औऱ नियमितता को पसंद करती है, इसलिए आपको पालन करना चाहिए!</p> <p style="text-align: justify;">8. असंगत फूड सामग्री को एक साथ न खाएं. इससे पेट खराब हो सकता है. कुछ असंगत फूड्स फल और दूध, मछली और दूध हैं. </p> <p style="text-align: justify;">9. गुणवत्तापूर्ण भोजन खाएं. सुनिश्चित करें कि आपका भोजन रसदार हो या थोड़ा ऑयली हो क्योंकि इससे पाचन में आसानी होगी और पोषक तत्वों के अवशोषण में सुधार होगा. बहुत ज्यादा शुष्क भोजन से परहेज करें.</p> lifestyle https://ift.tt/3xm9k5J
Egg Freezing Process: कब और कैसे महिलाएं फ्रीज करवा सकती हैं अपने एग्स, जानिए पूरी प्रक्रिया
<p style="text-align: justify;"><strong>Egg Freezing Process:</strong> ये महिलाओं में प्रजनन क्षमता को संरक्षित करने के लिए इस्तेमाल की जानेवाली सुरक्षित प्रक्रिया है. जो महिलाएं वर्तमान में अपनी प्रेगनेन्सी को देर से अपनाना चाहती हैं, लेकिन भविष्य में गर्भ धारण करने की क्षमता या जैविक बच्चे की प्राप्ति के लिए सुनिश्चित होना चाहती हैं, उनके लिए ये तरीका वरदान है. एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया में पुरुष पार्टनर की जरूरत नहीं होती.</p> <p style="text-align: justify;">अपने एग को फ्रीज करने का सर्वोत्तम समय आपके 20 या 30 दशक का हिस्सा है. एग फ्रीजिंग की सिफारिश 38 साल से ऊपर के लिए नहीं की जाती है. विशेषज्ञों का कहना है कि 35 साल के बाद एग की गुणवत्ता और मात्रा में कमी आने लगती है. कैंसर और उसके इलाज एग की सप्लाई में अप्रत्याशित तरीके से कमी करते हुए खास हार्मोन्स के उत्पादन को रोक सकते हैं, या प्रजनन अंगों जैसे ओवरी, यूटरस या फैलोपियन ट्यूब को नुकसान पहुंचा सकते हैं. एग फ्रीजिंग प्रक्रिया भविष्य में संतान का सुख प्राप्त करने के दरवाजे भले खोलती है, लेकिन उसके कुछ साइड इफेक्ट्स और जटिलताएं भी हैं. उन साइड-इफेट्स और पेचीदगियों में महंगा होने के साथ ब्लोटिंग, मतली, संक्रमण, हल्का पेट दर्द, उल्टी, डायरिया और ब्लीडिंग शामिल है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया महंगी है</strong></p> <p style="text-align: justify;">डॉक्टर एग फ्रीजिंग प्रक्रिया के बारे में महिला को विस्तार से सभी जानकारी देने में मदद करता है, उसमे एग फ्रिजिंग के फायदे और खतरे शामिल हैं. उसके अलावा, ये मूल्यांकन भी होता है कि क्या प्रक्रिया महिला के लिए ठीक है या नहीं. एग फ्रीजिंग प्रक्रिया किसी महिला को अपने एग को संरक्षित कर बाद में इस्तेमाल की की इजाजत देती है. कैंसर की पहचान होने पर कीमोथेरेपी, रेडिएशन या सर्जरी की जरूरत होती है, जो महिला के प्रजनन को प्रभावित कर सकता है. लिहाजा, कैंसर के इलाज से पहले एग फ्रीजिंग की कई गई प्रक्रिया भविष्य में महिलाओं को जैविक बच्चे पैदा करने में मदद करती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>एग फ्रीजिंग की प्रक्रिया से पहले </strong></p> <p style="text-align: justify;">सबसे पहला अच्छा फर्टिलिटी क्लीनिक की तलाश करें और अनुभवी डॉक्टर से सलाह लें. प्रक्रिया से पहले डॉक्टर कई तरह के टेस्ट करता है. एग की मात्रा और गुणवत्ता की जांच के लिए पीरियड्स के तीसरे दिन ओवेरेयिन रिजर्व टेस्टिंग होता है. कुछ संक्रामक रोग का पता लगाने के लिए एचआईवी और हेपेटाइटिस बी और सी की भी जांच की जा सकती है. उसके बाद गोनेडोट्रॉफीन हॉर्मोन का डोज देकर ओवरी को ज्यादा एग बनाने के लिए उत्तेजित किया जाता है. पीरिडयड्स के दूसरे से लेकर 10-12 दिनों तक रोजाना हार्मोन्स के इंजेक्शन लगाए जाते हैं. 10-14 दिनों बाद एग पूरी तरह परिपक्व हो जाते हैं. उसके बाद परिपक्वता के आधार पर एग को लिक्विड नाइट्रोजन में रख दिया जाता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="एक्ट्रेस जूही परमार को मखाने क्यों पसंद हैं? स्किन से लेकर संपूर्ण स्वास्थ्य को ऐसे पहुंचाता हैं फायदा" href="https://ift.tt/2TvHZ2z" target="">एक्ट्रेस जूही परमार को मखाने क्यों पसंद हैं? स्किन से लेकर संपूर्ण स्वास्थ्य को ऐसे पहुंचाता हैं फायदा</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Kids Bad Habits: बच्चों की खराब आदतों में से एक है नाखून चबाना, इस तरह करें रोकथाम" href="https://ift.tt/36e9u34" target="">Kids Bad Habits: बच्चों की खराब आदतों में से एक है नाखून चबाना, इस तरह करें रोकथाम</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3dICX9C
Kids Bad Habits: बच्चों की खराब आदतों में से एक है नाखून चबाना, इस तरह करें रोकथाम
<p style="text-align: justify;"><strong>Kids Bad Habits:</strong> मासूम अक्सर खराब आदतें या व्यवहार कच्ची उम्र में विकसित कर लेते हैं, कुछ आदतें समय के साथ खत्म हो जाती हैं और अन्य रह जाती हैं. नाखून चबाना, नाक में उंगली डालना, अंगूठा चूसना और बाल में उंगली फेरना बच्चों की सबसे आम खराब आदतें होती हैं. उनकी ये आदतें माता-पिता को परेशान करती हैं. ये खराब आदतें बच्चे इसलिए करते हैं क्योंकि उससे उनको खुशी मिलती है. </p> <p style="text-align: justify;">खराब आदत व्यवहार का दोहराया पैटर्न है जो सामाजिक तौर पर उपयुक्त नहीं हो सकता. और आम तौर से, ज्यादातर समय मासूमों को पता ही नहीं होता. खराब आदतें बच्चे के लिए चिंताजनक नहीं हो सकती लेकिन ये परेशान कर सकता है या यहां तक कि माता-पिता के लिए चिंता का कारण बनता है. लेकिन याद रखिए चिल्लाना, सजा देना बुरी आदत की ओर ध्यान दिलाना आम तौर पर व्यवहार रोकने में कारगर नहीं होती हैं, उसके बजाए ये बढ़ा भी सकता है. इसलिए, सबसे अच्छा तरीका अपने बच्चे की बुरी आदतों से छुटकारा पाने में मदद करने के लिए समस्या का सकारात्मक तरीके से समाधान करना और उनकी रोकथाम में धैर्य रखना है. जानिए बच्चों की आम खराब आदतों में से एक नाखून चबाना और उसको रोकने के टिप्स. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>नाखून चबाना-</strong> ये बचपन की सबसे आम आदतों में से एक है और अनुमान लगाया जाता है कि 7-10 वर्ष के बीच 28-33 फीसद बच्चे अपने नाखून काटते हैं. नाखून काटने के कई कारण जैसे तनाव, परिवार के अन्य सदस्यों की नकल करना, वंशानुगत, अंगूठा चूसने की आदत से स्थानांतरण हो सकता है. लंबे समय तक नाखून चबाने से जीवाणु संक्रमण, नाखूनों के नुकसान और दांतों की समस्याओं का कारण बन सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>उसको रोकने की टिप्स-</strong> अगर आपका बच्चा नाखून तनाव के कारण चबा रहा है, तो समस्या का समाधान करने की कोशिश करें. अगर ये तनाव की वजह से नहीं है, तो आप नेल पॉलिश लगा सकते हैं या पेपर क्राफ्ट में उसको शामिल कर सकेत हैं जहां उसका हाथ लगातार काम करेगा. अगर आपका बच्चा बड़ा है, तो उनको स्पष्ट करें कि नाखून क्यों नहीं चबाना चाहिए और उससे होनेवाली पेचीदगियों के बारे में बताएं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="एक्ट्रेस जूही परमार को मखाने क्यों पसंद हैं? स्किन से लेकर संपूर्ण स्वास्थ्य को ऐसे पहुंचाता हैं फायदा" href="https://ift.tt/2TvHZ2z" target="">एक्ट्रेस जूही परमार को मखाने क्यों पसंद हैं? स्किन से लेकर संपूर्ण स्वास्थ्य को ऐसे पहुंचाता हैं फायदा</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Kitchen Hacks: फ्रिज में हरी सब्जियां स्टोर करने का बेस्ट तरीका, 15 दिन तक हरी और फ्रेश रहेंगी सब्जियां" href="https://ift.tt/3hiuBHT" target="">Kitchen Hacks: फ्रिज में हरी सब्जियां स्टोर करने का बेस्ट तरीका, 15 दिन तक हरी और फ्रेश रहेंगी सब्जियां</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/36e9u34
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