Sunday, July 4, 2021
Pradosh Vrat: पहली बार चंद्र देव ने ससुर के श्राप से मुक्ति के लिए रखा था प्रदोष व्रत, पढ़ें प्राचीन कथा
<p style="text-align: justify;"><strong>Pradosh Vrat:</strong> हर माह दो बार पड़ने वाली त्रयोदशी को प्रदोष भी कहते हैं. इसके अलग-अलग दिनों के पुण्य फल की मान्यता है. कहते हैं कि इस व्रत की शुरुआत खुद चंद्रदेव ने अपनी रोग मुक्ति के लिए की थी. फल स्वरूप क्षीण हो रहीं उनकी शक्तियां उन्हें वापस मिली और शिव ने चंद्रमा को अपने मस्तक पर धारण कर लिया. </p> <p style="text-align: justify;">प्रदोष व्रत की शुरुआत चंद्र देव ने की थी. पौराणिक कथाओं के अनुसार कहा जाता है कि चंद्रदेव यानी चंद्रमा का विवाह प्रजापति दक्ष की 27 नक्षत्र कन्याओं के साथ हुआ था. इन्हीं 27 नक्षत्रों के योग से एक चंद्रमास पूरा होता है. चंद्रमा खुद बेहद रूपवान थे और उनकी सभी पत्नियों में रोहिणी अत्यंत खूबसूरत थीं. इसलिए चंद्रमा का रोहिणी से विशेष लगाव था. रोहिणी के प्रति चंद्रमा के प्रेम और उनके बर्ताव से उनकी बाकी 26 पत्नियां दुखी हो गईं. उन्होंने पिता दक्ष प्रजापति से उनकी शिकायत की. बेटियों के दुख से दुखी होकर दक्ष ने चंद्रमा को श्राप दे दिया. इसके चलते चंद्रमा क्षय रोग से ग्रसित हो गए. धीरे-धीरे श्राप के कारण चंद्रमा की कलाएं क्षीण होने लगीं. इससे पृथ्वी पर भी बुरा असर पड़ने लगा. जब चंद्रदेव अंतिम सांसों के करीब पहुंचे तभी नारद जी ने उन्हें महादेव की आराधना करने के लिए कहा. इस पर चंद्र देव में त्रयोदशी के दिन महादेव का व्रत रखकर प्रदोष काल में उनका पूजन किया. व्रत और पूजन से प्रसन्न होकर महादेव ने उन्हें मृत्युतुल्य कष्ट से मुक्त कर पुनर्जीवन प्रदान किया और अपने मस्तक पर चंद्रमा धारण कर लिया.</p> <p style="text-align: justify;">इस व्रत में प्रदोष काल में महादेव का पूजन किया जाता है, इसलिए इसे प्रदोष व्रत कहा जाता है. प्रदोष काल यानी सूर्यास्त्र और रात्रि के मध्य यानी गोधूलि बेला में शिव जी का पूजन किया जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें : </strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Hanuman Ji: मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ नकारात्मक ऊर्जा को करता है नष्ट" href="https://ift.tt/3hpUJiQ" target="">Hanuman Ji: मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ नकारात्मक ऊर्जा को करता है नष्ट</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="सफलता की कुंजी: गलत आदतों के कारण जीवन में देखना पड़ता है धन का संकट, इन आदतों से मिलती है लक्ष्मी जी की कृपा" href="https://ift.tt/3qW5iPn" target="">सफलता की कुंजी: गलत आदतों के कारण जीवन में देखना पड़ता है धन का संकट, इन आदतों से मिलती है लक्ष्मी जी की कृपा</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"> </p> lifestyle https://ift.tt/3wl7i4p
किचन में छिपा है प्राकृतिक तरीके से आपके बाल बढ़ाने का राज, इन फूड्स का करें इस्तेमाल
<p style="text-align: justify;">चमकदार, लंबे और खूबसूरत बाल हर किसी का सपना होते हैं. हमारे बाल काफी हद तक जेनेटिक्स पर निर्भर होते हैं, लेकिन उसकी उचित देखभाल से हम अपने सपने का बाल हासिल कर सकते हैं. इसके लिए बाजार में कई तरह के तेल, दवाइयां और प्रोडक्ट्स हैं. प्रोडक्ट्स बनानेवाली कंपनियों का दावा होता है कि उसके इस्तेमाल से बाल की गुणवत्ता बेहतर होती है और उसको बढ़ाने में भी मददगार साबित हो सकता है. लेकिन हमें नहीं पता उसमें मौजूद केमिकल्स का क्या साइड-इफेक्ट्स हो सकता है. जबकि आप आसानी से अपने उद्देश्य को प्राकृतिक नुस्खों से हासिल कर सकते हैं और उसका बहुत ज्यादा असर आपकी जेब पर भी नहीं पड़ेगा. अपने किचन में तलाश कीजिए, वहां आपको कई प्रकार के फूड्स मिल जाएंगे जो आपके बाल को स्वाभाविक तरीके से बढ़ने में मदद कर सकते हैं!</p> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रोटीन से भरपूर डाइट-</strong> जानकारों का कहना है कि हमारे बाल 95 फीसद केराटिन प्रोटीन और 18 एमिनो एसिड से बने होते हैं. इसलिए डाइट में प्रोटीन को शामिल करने से अपने बालों के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद मिल सकती है. अंडे, चिकन, पोल्ट्री, दूध, पनीर, नट्स और योगर्ट प्रोटीन के शानदार स्रोत हैं और इसलिए उसका भरपूर मात्रा में सेवन किया जाना चाहिए. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>जौ का पानी-</strong> जौ आयरन और कॉपर में भरपूर होता है और जो रेड ब्लड सेल्स उत्पादन को प्रोत्साहित कर सकता है और बाल के रोम को मजबूत बनाता है. आप बाल बढ़ाने के लिए छिली हुई जौ या मोती जौ का इस अद्भुत देसी नुस्खा से इलाज कर सकते हैं. जौ को गर्म पानी में उबाल लें, उसमें नमक डालें और लगभग आधा घंटा के लिए उबालें. चूल्हे से उतारकर नींबू का छिलका और शहद उसमें मिलाकर इस्तेमाल करें. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>एलोवेरा का जूस-</strong> एलोवेरा के जूस में प्रोटियोलिटिक एंजाइम्स की अच्छी मात्रा जानी जाती है, जो मृत स्किन सेल्स और बालों के रोम को ठीक कर सकते हैं, जिसके नतीजे तेजी से बाल की बढ़ोतरी होती है. एलोवेला का एक ग्लास जूस शुरू करने के लिए दिन में पीने की सलाह दी जाती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Coronavirus: महामारी के बाद की दुनिया में आयुर्वेद का क्या है महत्व? समझिए" href="https://ift.tt/3jIaVPd" target="">Coronavirus: महामारी के बाद की दुनिया में आयुर्वेद का क्या है महत्व? समझिए</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Diet Plans बनाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल, हेल्दी रहने के लिए मिलेंगे सभी जरूरी न्यूट्रिशन" href="https://ift.tt/2UmYcHc" target="">Diet Plans बनाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल, हेल्दी रहने के लिए मिलेंगे सभी जरूरी न्यूट्रिशन</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"> </p> lifestyle https://ift.tt/3yka0IR
आयुर्वेदिक टिप्स से भी कर सकते हैं कोविड-19 के बाद शुगर लेवल काबू, जानिए कैसे
<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस शरीर के इम्यून सिस्टम और कई अंगों के महत्वपूर्ण कामों पर भारी बोझ डालता है. संक्रमण के दौरान अधिक तनाव लिवर को ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित और काबू करने के लिए इंसुलिन के प्रति उत्तरदायी बनने से रोकता है. आयुर्वेदिक डाइटरी अभ्यास का पालन कोविड-19 के बाद शरीर में ब्लड शुगर की मात्रा को काबू और कम करने के लिए प्रभावी साबित हुआ है. आपको कुछ आयुर्वेदिक टिप्स बताए जा रहे हैं जो आपकी इस खराबी पर लगाम लगाने में मदद कर सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>हल्दी-</strong> रोजाना के भोजन या अपने दूध में चुटकी भर हल्दी को शामिल करें. ये डायबिटीज से लड़ने और इंसुलिन के काम को सुधारने में मदद करेगा. उसको अपने भोजन में शामिल करने से ये ट्राइग्लिसराइड्स और इंसुलिन की मात्रा को कम करता है जो फैटी एसिड से ट्रिगर होते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आंवला- </strong>आयुर्वेद के मुताबिक आंवला डायबिटीज रोधी माना जाता है. जब पैंक्रियाज सेल्स असामान्य हो जाता है, तो आंवला रोग निवारण में प्रभावी साबित होता है. आंवला में मौजूद क्रोमियम कार्बोहाइड्रेट मेटाबोलिज्म को इजाजत देता है कि शरीर को इंसुलिन रिस्पॉन्स के प्रति ज्यादा प्रभावी बनाए. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>पौष्टिक सूप-</strong> सूप विटामिन्स से पैक होते हैं और आवश्यक प्लांट केमिकल्स जैसे मोरिंगा या सहजन और लौकी का सूप इम्यूनिटी बनाने में मदद करते हैं और शरीर के काम को बेहतर बनाने जैसे शुगर का तोड़ना और इंसुलिन के स्राव की अनुमति देते हैं. प्रामाणिक प्लांट केमिकल्स महत्वपूर्ण रूप से दिमाग की तरफ सूजन को ठीक करके तनाव को ठीक करता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>व्यायाम और योग-</strong> योग और व्यायाम डायबिटीज या ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने का सबसे अच्छा माध्यम हैं. तनाव या चिंता बुरी तरह शरीर के स्वास्थ्य को प्रभावित करती है जिसे अपनी रूटीन में योग को लागू कर कम किया जा सकता है. हालांकि, खास योग के आसन या व्यायाम पैंक्रियाज सेल्स के इंसुलिन उत्पादन को सामान्य करते हुए फिर से जीवित करते हैं. खाने के बाद वज्रासन का अभ्यास मेटाबोलिक और पाचन क्रिया को बढ़ाने के उद्देश्य से करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बिना यूटरस वाली महिला ने स्वस्थ बच्ची को दिया जन्म, आखिर कैसे हुआ ये चमत्कार" href="https://ift.tt/3dIOJ3X" target="">बिना यूटरस वाली महिला ने स्वस्थ बच्ची को दिया जन्म, आखिर कैसे हुआ ये चमत्कार</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कुत्तों की तुलना में बिल्लियों को कोविड-19 संक्रमण का ज्यादा खतरा, रिसर्च से हुआ खुलासा" href="https://ift.tt/3hffAH5" target="">कुत्तों की तुलना में बिल्लियों को कोविड-19 संक्रमण का ज्यादा खतरा, रिसर्च से हुआ खुलासा</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"> </p> lifestyle https://ift.tt/3jIz9sO
Skin Care: डाइट में इन फूड्स को करें शामिल, स्किन को बनाएंगे मजबूत और खूबसूरत
<p style="text-align: justify;">स्किन के बेजान और पीला होने की वजह क्या है? इसका जवाब है पानी और नींद की कमी. इसलिए, महंगे प्रोडक्ट्स, फेस मास्क पर पैसे की बर्बादी क्यों जब आपके पास उसके लिए घर पर ही हल मौजूद हो? याद रखिए आपके खानपान का प्रभाव संपूर्ण सेहत के साथ-साथ आपकी स्किन पर भी पड़ता है. पौष्टिक और स्वस्थ फूड में बहुत ज्यादा मिनरल्स और विटामिन्स आपकी स्किन के लिए जरूरी होते हैं. ये खाद्य पदार्थ लंबे समय तक आपकी स्किन पर असर डालते हैं और उसे अंदर से चमकदार बनाते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">दोष रहित स्किन को आप सही और स्वस्थ भोजन खाकर हासिल कर सकते हैं. पर्याप्त पानी आपको हाइड्रेटेड बनाता है, ये स्वाभाविक रूप से आपकी स्किन को स्वस्थ चमक देगा. उसके अलावा, आप कुछ फूड्स को साल भर चमकती स्किन का आनंद लेने के लिए डाइट में शामिल कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बेरी-</strong> किसी भी प्रकार की बेरी, ब्लू, ब्लैक या स्ट्राबेरी आपकी स्किन के लिए अच्छी है. उसमें भरपूर एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं और झाइयों से आपको बचा सकते हैं. बेरी आपकी स्किन को मजबूत, चमकदार और जवान बनाते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>पपीता-</strong> पपीता चाहे कच्चा खाया जाए या उसे अपने चेहरे पर लगाया जाए, उसका नतीजा आपकी स्किन के लिए सबसे बेहतर होता है. पपीता में पपाइन मौजूद होता है जो स्किन के लिए कई फायदे रखता है. ये आपकी स्किन को पूरे दिन चमकदार बनाता है. ये काले धब्बों को भी साफ करेगा. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>टमाटर-</strong> अगर आप बेजान स्किन को फिर से जीवित या भूरा रंग हटाना चाहते हैं, तो टमाटर का इस्तेमाल करें. अपने चेहरे पर टमाटर लगाने से भी मदद मिलती है. ये आपकी स्किन को फिर से जीवित करने में बड़ा काम करता है, जिससे स्किन नरम और चमकदार होती है. ये मुंहासे और बड़े छिद्रों को भी हटाने में मददगार साबित होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>केला-</strong> जवान, ताजा और स्वस्थ स्किन के लिए केला सुपर फूड है. केला में विटामिन्स ए, बी और ई होने के कारण आपकी स्किन के लिए बहुत अच्छा स्रोत है और ये उम्र रोधी प्रक्रिया में मदद करता है, जो आपकी स्किन को मजबूत, जवान और अंदर से चमकदार बनाने का काम करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Diet Plans बनाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल, हेल्दी रहने के लिए मिलेंगे सभी जरूरी न्यूट्रिशन" href="https://ift.tt/2UmYcHc" target="">Diet Plans बनाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल, हेल्दी रहने के लिए मिलेंगे सभी जरूरी न्यूट्रिशन</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="नींद न आने की समस्या से हैं परेशान तो जानें एक्सरसाइज से कैसे मिलेगा आराम" href="https://ift.tt/3ylAqKt" target="">नींद न आने की समस्या से हैं परेशान तो जानें एक्सरसाइज से कैसे मिलेगा आराम</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3dHw8Fb
Coronavirus: महामारी के बाद की दुनिया में आयुर्वेद का क्या है महत्व? समझिए
<p style="text-align: justify;">पिछले कुछ वर्षों में महामारी ने लोगों, अर्थव्यवस्था और दवा के बीच तबाही मचा दी है. मेडिकल उद्योग पर दबाव पहले से ज्यादा बढ़ गया है. भारत में लोगों ने अपनी जड़ों की तरफ वापसी कर लिया है और शुद्ध जीवनशैली को अपना लिया है. उन्होंने अपने विकल्पों को एहतियाती हेल्थकेयर से प्राकृतिक उपचार की तरफ इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए शिफ्ट कर लिया है. आयुर्वेद ने महामारी के वर्षों में मजबूत जगह बना ली है और दवा की पसंदीदा शक्ल के तौर पर बढ़ोतरी जारी है. ज्यादा से ज्यादा लोग इसे स्वीकार कर रहे हैं और आयुर्वेद और उसके फायदों के बारे में जान रहे हैं. जानना चाहिए कैसे और क्यों आयुर्वेद एक अच्छा विकल्प है, विशेषकर बात जब महामारी के बाद की दुनिया में स्वस्थ रहने की हो. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>विश्वसनीय परंपरा-</strong> आयुर्वेद सदियों के अभ्यास द्वारा समर्थित और प्रकृति से प्रेरित और लिए गए अनूठे नियमन हैं. भारत प्रकृति के साथ अपने संबंध के लिए जाना जाता है. हमारे पास सांस की तकनीक जैसे प्राणायाम है. उसके कई स्वास्थ्य फायदे हैं. योग और मेडिटेशन दुनिया भर में अपनाया और अभ्यास किया गया है. उसकी वैश्विक अपील है और महामारी के खिलाफ लड़ाई में प्रभावी है. ये किसी शख्स को आधुनिक उपचार के लिए ग्रहणशील और अधिक लचीला बनाता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>इम्यूनिटी बढ़ाता है-</strong> आयुर्वेद इम्यूनिटी बढ़ानेवाले फायदे उपलब्ध कराता है. ये सभी प्रकार के स्वास्थ्य समस्याओं को फायदा पहुंचानेवाला जाना जाता है. सबसे बड़ा फायदा साइड-इफेक्ट रहित होना है जो हर आयु वर्ग के लोगों और चिह्नित स्वास्थ्य स्थितियों वालों के लिए पूरी तरह सुरक्षित बनाता है. मिसाल के तौर पर काढ़ा, कोरोना संक्रमण काल में जबरदस्त हिट साबित हुआ. उसने सुरक्षा लोगों को एहसास दिलाया, इम्यूनिटी बनाने में मदद की और बाहरी फैक्टर से लड़ने की शरीर को ताकत दी. आयुर्वेद का आसान नियमन प्रकृति से प्राप्त सामग्रियों के स्वाभाविक गुणों का सार रखता है. ये शुद्ध सामग्रियां नई तब्दीलियों को स्वीकार करने में शरीर की मदद करती हैं और एक तरह से ऐसी इम्यूनिटी बनाती हैं जिसे नष्ट करना मुश्किल है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>पानी साफ करता है-</strong> आयुर्वेद शुद्धता के सिद्धांत पर आधारित है, ये साफ गैर दूषित पानी के महत्व को पहचानता है. ये दूषित और जहरीले पानी के खतरों को बताता है. उबला पानी उसके नुकसानदेह बैक्टीरिया को मार देता है और बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है. ये महामारी के प्रभावों को काबू करने में भी मदद करता है. धूप के संपर्क में आने से पानी फायदेमंद भी जाना जाता है. आयुर्वेद का भविष्य अब तक उज्जवल नजर आ रहा है, दावों की पड़ताल में बहुत सारे वैज्ञानिक रिसर्च किए जा रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="नींद न आने की समस्या से हैं परेशान तो जानें एक्सरसाइज से कैसे मिलेगा आराम" href="https://ift.tt/3ylAqKt" target="">नींद न आने की समस्या से हैं परेशान तो जानें एक्सरसाइज से कैसे मिलेगा आराम</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Diet Plans बनाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल, हेल्दी रहने के लिए मिलेंगे सभी जरूरी न्यूट्रिशन" href="https://ift.tt/2UmYcHc" target="">Diet Plans बनाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल, हेल्दी रहने के लिए मिलेंगे सभी जरूरी न्यूट्रिशन</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3jIaVPd
नींद न आने की समस्या से हैं परेशान तो जानें एक्सरसाइज से कैसे मिलेगा आराम
नींद की खराबी और शारीरिक निष्क्रियता दिल की बीमारी, स्ट्रोक और कैंसर से मौत का ज्यादा खतरा बढ़ाते हैं. ये खुलासा ब्रिटिशन जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसीन में प्रकाशित एक रिसर्च से हुआ है. रिसर्च के नतीजों को देखकर शोधकर्ता संभावित तालमेल का सुझाव देने के लिए मजबूर हो गए. शारीरिक निष्क्रियता और खराब नींद दोनों एक दूसरे से मौत और या दिल की बीमारी और कैंसर के जोखिम से जुड़े हुए हैं. लेकिन ये स्पष्ट नहीं है कि दोनों का एक साथ सेहत पर साझा प्रभाव पड़ सकता है. इसको समझने के लिए शोधकर्ताओं ने यूके बायोबैंक रिसर्च के औसत 55 वर्षीय 380,055 लोगों का डेटा इकट्ठा किया.
खराब नींद संबंधित स्वास्थ्य मुद्दों से बचने में व्यायाम मददगार शारीरिक गतिवधि लेवल को प्रति सप्ताह ऊंचा (1200), मध्यम (600-1199) और निम्न (1-559) में बांटा गया. नींद की गुणवत्ता को भी कई स्तरों में रखा गया. उसके बाद एक दर्जन शारीरिक गतिविधि को स्लीप पैटर्न से प्राप्त सूचना के आधार पर निकाला गया. प्रतिभागियों के स्वास्थ्य की औसत 11 वर्ष यानी मई 2020 तक या मौत तक निगरानी की गई. उसका मकसद किसी अन्य वजह के साथ-साथ दिल की सभी प्रकार की बीमारी, सभी प्रकार के कैंसर और लंग कैंसर से मौत के जोखिम का मूल्यांकन करना था. निगरानी काल में 15,503 लोगों की मौत हो गई- 4095 दिल की किसी एक बीमारी से पीड़ित थे और 9064 को सभी प्रकार का कैंसर था. उनमें से 1932 लोग कोरोनरी दिल का रोग, 359 लोग हेमरेज, 450 ब्लड क्लॉट और 1595 लोगों की लंग कैंसर से मौत हो गई. 223,445 प्रतिभागी उच्च शारीरिक गतिविधि समूह, 57,771 लोग मध्यम शारीरिक गतिविधि समूह और 39,298 लोग निम्न शारीरिक गतिविधि समूह में शामिल थे. रिसर्च के दौरान पाया गया कि आधे से ज्यादा प्रतिभागियों का स्लीप पैटर्न स्वस्थ था.उनमें से 3 फीसद की पहचान खराब सोनेवालों में की गई. जो लोग जवान, महिला, दुबले, आर्थिक रूप से संपन्न थे, उन्होंने फल और सब्जियों का ज्यादा इस्तेमाल किया और बैठे-बैठे अपना दिन कम बिताया, उनको मानसिक स्वास्थ्य की समस्था नहीं थी, कभी नहीं स्मोक किया था, पालियों में काम नहीं किया, नहीं के बराबर अल्कोहल का सेवन किया.शोधकर्ताओं ने बताया कि स्लीप स्कोर जितना कम हुआ, उनको किसी कारण, चाहे सभी प्रकार दिल की बीमारी और स्ट्रोक से मौत का खतरा बढ़ गया. दूसरी तरफ, शारीरिक गतिविधि के कम लेवल ने खराब नींद और स्ट्रोक को छोड़कर स्वास्थ्य के सभी नतीजों के बीच
Diet Plans बनाते वक्त इन बातों का रखें ख्याल, हेल्दी रहने के लिए मिलेंगे सभी जरूरी न्यूट्रिशन
<p style="text-align: justify;">तेजी से वजन कम करने के चक्कर में कई लोग अतार्किक तरीसे से विचित्र डाइट प्लान को अपना लेते हैं. इस डाइट को मुख्य रूप से जल्दी नतीजे देने के लिए प्रचारित किया जाता है और न सिर्फ शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी पैदा कर सकता है बल्कि मुख्य हार्मोन्स के स्राव को भी रोक सकता है. उसके अलावा, इन डाइट प्लान्स के नतीजे कम समय के लिए भी होते हैं और चंद दिनों बाद ज्यादातर लोगों को वजन बढ़ जाता है. इसलिए वजन में कमी के लक्ष्य को पहले से तय करना जरूरी है, आपको मूल्यांकन करना चाहिए और अपनी लाइफस्टाइल पर विचार करना चाहिए और आहार विशेषज्ञ से मिलना चाहिए. आपके लिए डाइट प्लान्स के कुछ उपाय बताए जा रहे हैं जिसको आपको कभी भी आंख बंद कर अनुसरण नहीं करना चाहिए. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>5 बाइट डाइट-</strong> ब्रेकफास्ट दिन भर का प्रमुख भोजन है. ये शरीर में आपके ग्लूकोज को फौरन बढ़ा देता है और आपकी ऊर्जा और अच्छी स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करता है. इसके विपरीत 5 बाइट डाइट आपको अपना ब्रेकफास्ट खाने से रोकता है और सिर्फ और लंच और डिनर खाने की अनुमति देता है. इस तरह की डाइट आपके शरीर और मांसपेशियों को कमजोर बना सकती है, जबकि ऊर्जा की कमी से आप दिन भर थका हुआ महसूस करेंगे. असंतोष और अत्यधिक भूख<br />से जलन हो सकती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>जीरो शुगर डाइट- </strong>अपनी डाइट चार्ट से हम रिफाइन शुगर की मौजूदगी को हटा सकते हैं क्योंकि ये सेहत को बुरी तरह प्रभावित करता है. लेकिन शुगर-मुक्त डाइट की सूरत में, ये फल के शुगर खाने की भी इजाजत नहीं देता. हालांकि, अगर आप अपनी सब्जी या फल के सेवन में इस विचित्र डाइट प्लान की वजह से कटौती करते हैं, तो आप आसानी से अपने इम्यून सिस्टम को कमजोर कर सकते हैं, जो आपको क्रोनिक बीमारियों के लिए ज्यादा संवेदनशील बना देगा. आपको याद रखना चाहिए कि फल और सब्जी मिनरल्स, विटामिन्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर का खजाना हैं, जो आपके अंगों को क्रियाशील रखते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>सेब का सिरका- </strong>सिरका अम्लीय है और सेब के सिरके के अधिक सेवन से पाचन संबंधी समस्याएं जैसे मतली, पेट दर्द या यहां तक कि सीने में जलन भी हो सकता है. सेब का सिरका आपकी सेहत के लिए उसी वक्त मुफीद हो सकता है जब उसका इस्तेमाल व्यवस्थित और संतुलित तरीके से करें. अपने भोजन जैसे सलाद, सॉस के साथ सेब के सिरके को शामिल करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Weight Loss Tips: चर्बी घटाने और बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है करी पत्ता का जूस, घर में आसानी से बनाएं" href="https://ift.tt/3ylRRus" target="">Weight Loss Tips: चर्बी घटाने और बॉडी को डिटॉक्स करने में मदद करता है करी पत्ता का जूस, घर में आसानी से बनाएं</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="'जन्नत' गर्ल Sonal Chauhan याद हैं? 13 साल में बिल्कुल नहीं बदला लुक, जानें कैसे रखती हैं खुद को फिट" href="https://ift.tt/3jEMaDH" target="">'जन्नत' गर्ल Sonal Chauhan याद हैं? 13 साल में बिल्कुल नहीं बदला लुक, जानें कैसे रखती हैं खुद को फिट</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2UmYcHc
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