Saturday, July 3, 2021

घर से कई तरह के कीड़े-मकोड़ों को बिना कीटनाशक इस्तेमाल किए भगाएं दूर, ये तेल करेंगे मदद

कई बार बारिश के दिनों में कीड़े-मकोड़े घर की समस्या बन जाते हैं. ये समस्या उन घरों के लिए और भी बड़ी हो जाती है, जहां छोटे बच्चे होते हैं. घर की सफाई के बावजूद उनसे छुटकारा पाना घरवालों के लिए काफी दुश्वार हो जाता है. लेकिन कुछ लोग हो सकते हैं कि इन जहरीले कीड़े-मकोड़ों को हटाने के लिए घर में रेपेलेंट बच्चों और उनके स्वास्थ्य को देखते हुए नहीं लाना चाहते होंगे. अगर आप भी कीड़े-मकोड़ों को दूर भगाने के लिए जहरीले कीटनाशकों का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं, तब आप खास प्रकार के तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं. 
पुदीने का तेल-
कीटनाशक के तौर पर आप पुदीने के तेल को भी इस्तेमाल में ला सकते हैं. ये तेल चींटियों, मकड़ियों और उड़ने वाले कीड़ों को दूर करने में आपकी मदद करेगा. इसके लिए आप पानी में पुदीने का तेल मिलाकर घर में छिड़काव करें. आप इस तेल को कपास की गेंद में डालकर दरवाजों और खिड़कियों के पास रख दें.
नीम का तेल- आप कीड़े-मकोड़ों से छुटकारा के लिए नीम का तेल इस्तेमाल कर सकते हैं. उसमें एंटी फंगल और बैक्टीरिया रोधी तत्व होते हैं जो घर से कीड़े-मकोड़ों को दूर करने में मदद करेंगे. इसके लिए, आधा बाल्टी पानी में सात से आठ चम्मच नीम का तेल मिक्स करें और इससे फर्श पर पोछा करें. लेकिन अगर आप उसका इस्तेमाल दिन में कई बार करना चाहते हैं, तो इसके लिए आपको एक स्प्रे बोतल को दो ग्लास पानी में सात-18 चम्मच नीम का तेल मिलाकर भरना होगा. फिर इसका समय-समय पर घर पर छिड़काव करते रहें.
चाय के पेड़ का तेल-. मकड़ी, मक्खियां और तिलचट्टों समेत कीड़े-मकोड़ों को भगाने के लिए चाय के पेड़ का तेल इस्तेमाल करें. इस तेल में बैक्टीरिया रोधी और सूजन रोधी गुण पाए जाते हैं, जिसके कारण कीट-पतंग भागेंगे. उसके लिए, दो ग्लास पानी में दो चम्मच चाय के पेड़ का तेल मिक्स करें. फिर उसे स्प्रे बोतल में भरकर घर में छिड़काव करें. अगर आप चाहते हैं, तो उसका छिड़काव किचन के काउंटर और कपड़ों पर भी कर सकते हैं.&

Clothes Care In Monsoon: क्या बारिश में आपके कपड़ों से बदबू आती है? इन उपायों से मिनटों में करें दूर

<p style="text-align: justify;">मॉनसून में कपड़े की देखभाल करना किसी चुनौती से कम नहीं. हालांकि, बरसात की फुहारें हर किसी को लुभाती हैं, लेकिन ये मौसम कुछ समस्याओं के कारण मूड खराब कर देता है. उसमें से एक कपड़ों से बदबू का आना है. इस मौसम का माहौल अत्यधिक नम होने के कारण कपड़ों से जल्दी बदबू आने लगती है. कभी-कभी बदबू से इस्तेमाल के कपड़ों का पहनना मुश्किल हो जाता है. समस्या के पीछे का कारण बैक्टीरिया का विकास है. ऐसी स्थिति में, बदबूदार कपड़े पहनने से स्किन की बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है. अगर आप भी बारिश की इस समस्या से मुश्किल में हैं, तो कुछ टिप्स का पालन कर आप कपड़ों की दुर्गंध को हटा सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मॉनसून सीजन में कपड़ों की देखभाल के आसान उपाय</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>रोजना सफाई की जरूरत-</strong> पसीने से तर कपड़ों को कभी स्टोर न करें. उनकी रोजाना सफाई बहुत महत्वपूर्ण है. अगर आप ऐसे कपड़े जमा करते हैं या उनको सफाई के बिना अलमारी में रखते हैं, तो इसके चलते आपके दूसरे कपड़ों से भी दुर्गंभ आने लगेगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सिरका और बेकिंग सोडा का इस्तेमाल-</strong> बरसाते के दिनों में अगर धोने के बाद कपड़ों से बदबू आती है, तब आपको बेकिंग सोडा या बदबू हटाने के लिए इस्तेमाल करें. स्पष्ट अंतर देखने के लिए कपड़ों से आ रही दुर्गंध को खत्म करने के लिए डिटर्जेंट के साथ बेकिंग सोडा या सिरका को अपनाएं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हवा में कपड़ों को सुखाएं-</strong> जब कभी आप कपड़ों को धोएं, तो सुखाने के लिए ऐसी जगह तलाश करें जहां पर्याप्त हवा हो. आप फैन की हवा में भी बरसात के दौरान कपड़ों को सुखा सकते हैं. ऐसा करने से आपके कपड़ों से बदबू नहीं आएगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नींबू रस का इस्तेमाल-</strong> इस मौसम में अत्यधिक नमी के कारण भीगे कपड़े दुर्गंध देने लगते हैं. ऐसी स्थिति में, अगर आप कपड़ों की धुलाई करते वक्त नींबू के रस का इस्तेमाल करते हैं, तो कपड़ों से बदबू नहीं आएगी और ये ताजा रहेंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="वजन कम करने के लिए रस्सी कूद या दौड़ने में से कौनसा विकल्प है ज्यादा बेहतर? जानिए" href="https://ift.tt/3jB0g9a" target="">वजन कम करने के लिए रस्सी कूद या दौड़ने में से कौनसा विकल्प है ज्यादा बेहतर? जानिए</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="पपीते की पत्ती का जूस इन वजहों से करें इस्तेमाल, जानिए हैरतअंगेज फायदे और बनाने के तरीके" href="https://ift.tt/3ygizEE" target="">पपीते की पत्ती का जूस इन वजहों से करें इस्तेमाल, जानिए हैरतअंगेज फायदे और बनाने के तरीके</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3ymYXP5

Alert! सोने के समय की इन खतरनाक आदतों को फौरन क्यों रोकना है जरूरी? जानिए

<p style="text-align: justify;">दिन भर की भागदौड़, अत्यधिक तनाव और लगातार स्क्रीन के संपर्क में रहने के कारण हमारी आंखों में जलन महसूस होती है और सिर दर्द होता है. ऐसी स्थिति में हमारा पसंदीदा समय सोने का समय होता है. आखिर बिस्तर पर जाना और सो जाना कितना राहत देनेवाला होता है, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. लेकिन, कुछ लोगों के लिए बिस्तर पर फौरन जाते ही नींद एक सपना बन जाती है. क्या आप भी उन लोगों में शामिल हैं जो थक तो बहुत जाते हैं, लेकिन बिस्तर पर जाने के बाद नींद मुश्किल हो जाती है?</p> <p style="text-align: justify;">आप असहज रूप से अपने बिस्तर पर करवटें बदल रहे हैं और नींद के लिए प्रार्थना कर रहे हैं? नींद की तलाश में खुद को रात काटनेवाला घोषित करने या नींद की समस्या के लिए डॉक्टर के पास जाने से पहले, अपनी दिनचर्या को टटोलिए. बिस्तर पर जाने से पहले कई ऐसे काम हम करते हैं जो हमारी नींद के लिए बेहद नुकसानदेह होती हैं. अगर आप भी ऐसा कर रहे हैं, तो इन खतरनाक आदतों को फौरन छोड़ दें. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शाम में धूम्रपान-</strong> दिन में लंबे काम के बाद अगर आप थक गए हैं और आपको बिस्तर पर जाने के लिए एक कश की जरूरत हो सकती है. लेकिन, ये मामूली कश रातों की नींद हराम करने का मुख्य कारण हो सकता है. तंबाकू में सक्रिय एक घटक निकोटीन का आप सेवन कर रहे हैं. निकीटोन एक उत्तेजक है और इस तरह इस प्रकार अधिक बार अनिद्रा का कारण नहीं बन सकता. न सिर्फ नींद ही नहीं, बल्कि धूम्रपान नींद की अन्य समस्या जैसे स्लीप एपनिया भी पैदा कर सकता है. अगर आपको सोने में दुश्वारी आ रही है और आप एक स्मोकर हैं, तो जान लीजिए नींद और धूम्रपान दोनों एक साथ नहीं चल सकते.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फोन का इस्तेमाल-</strong> सोने से पहले फोन नहीं इस्तेमाल करने की सलाह आपने निश्चित रूप से सुनी होगी. लेकिन, सही जानकारी के अभाव में आप बिस्तर पर अभी भी फोन का इस्तेमाल कर रहे होंगे. आपको जानना चाहिए फोन या डिजिटल डिवाइस से किरणों का उत्सर्जन होता जिसका इस्तेमाल सोने से पहले नहीं करना चाहिए. बिस्तर पर लेटे हुए फोन को चेक करना आपके दिमाग को सक्रिय रखता है और उसे आराम करने से रोकता है. दूसरी और सबसे महत्वपूर्ण बात, फोन से निकलनेवाली किरणें मेलाटोनिन लेवल को दबा देती हैं. ये हार्मोन आपकी स्लीप साइकिल में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसलिए, अगर मेलाटोनिन लेवल की कमी होगी, तो निश्चित रूप से नींद लेने में आप सक्षम नहीं हो पाएंगे.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शाम के वक्त कैफीन-</strong> आप घर से काम कर रहे होंगे और आपको विशेष रूप से शाम को मौसम के अनुकूल नहीं रहने और काम के बहुत ज्यादा दबाव से निपटने के लिए कैफीन की जरूरत हो सकती है. एक कप कैफीन की शक्ति आपको सक्रिय रखती है. लेकिन, कैफीन का इस्तेमाल न सिर्फ काम के घंटों में आपको सक्रिय रखता है बल्कि सोने की कोशिश के दौरान भी असर दिखाता है! कैफीन हमारे दिमाग को सतर्क और जागरुक रखता है, जो हमारी स्लीप साइकिल में बाधा का कारण बनती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>देर रात वर्कआउट-</strong> वर्कआउट निश्चित रूप से आपके शारीरिक और मानसिक सेहत के लिए अच्छा है. वास्तव में, जिस दिन आप व्यायाम करते हैं, आपके एक बच्चे की तरह सोने की संभावना ज्यादा होती है. लेकिन, दिन के आखिरी पहर, 7 बजे के बाद सख्त वर्कआउट का आपके स्लीप पैटर्न पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. ये आपके स्थिर दिल की धड़कन को बाधित करेगा जबकि आपको लगेगा कि देर रात तक वर्कआउट करने से आप थक गए हैं और नींद आपसे चंद कदम दूर है. ये आपके दिल की धड़कन को बढ़ा देगा और आपका शरीर ज्यादा सक्रिय हो जाएगा. हालांकि, टहलना या घूमना हानिकारक नहीं है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="पपीते की पत्ती का जूस इन वजहों से करें इस्तेमाल, जानिए हैरतअंगेज फायदे और बनाने के तरीके" href="https://ift.tt/3yhUYDB" target="">पपीते की पत्ती का जूस इन वजहों से करें इस्तेमाल, जानिए हैरतअंगेज फायदे और बनाने के तरीके</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Food Allergy: ये आम खाद्य पदार्थ भी बना सकते हैं आपको एलर्जी का शिकार, जानिए लक्षण" href="https://ift.tt/3ApPN6f" target="">Food Allergy: ये आम खाद्य पदार्थ भी बना सकते हैं आपको एलर्जी का शिकार, जानिए लक्षण</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3Amx9fD

क्या है Cytomegalovirus और कोविड-19 के मरीजों को कैसे कर रहा प्रभावित? जानें

<p style="text-align: justify;"><strong>Cytomegalovirus:</strong> कोरोना वायरस से उबरने के बाद भी मरीजों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है. पोस्ट कोविड-19 मरीजों में पहले ब्लैक, व्हाइट और ग्रीन फंगस के बाद अब एक नई आफत साइटोमेगालो वायरस के संक्रमण का भी पता चला है. गौरतलब है कि कोरोना वायरस न सिर्फ हल्के से गंभीर संक्रमणों के लिए जाना जाता है, बल्कि कोविड-19 के बाद प्रभाव को छोड़ने में भी सक्षम है. रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में कोविड-19 के मरीजों में साइटोमेगालो वायरस के पांच मामलों का खुलासा हुआ है. अस्पताल ने लिखित बयान में कहा, "भारत से कोविड-19 के इम्यूनोकोम्पेटेंट रोगियों में साइटोमेगालो वायरस (सीएमवी) के कारण होने वाली रेक्टल ब्लीडिंग के पांच मामले दर्ज किए गए हैं."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>साइटोमेगालो वायरस एक नई समस्या</strong><br />साइटोमेगालो वायरस एक नए किस्म का वायरस है. ये उन लोगों को प्रभावित करता है जिनका कमजोर इम्यून सिस्टम होता है. सीएमवी एक डबल स्ट्रेंडेट डीएनए वायरस है. नया वायरस खतरनाक कोरोना वायरस और कोविड-19 से शरीर की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल की गई दवाओं (स्टेरॉयड) के बाद शरीर में दाखिल होता है. कोरोना वायरस के इलाज के लिए स्टेरॉयड का इस्तेमाल मरीजों की इम्यूनिटी को दबा देता है और मानव शरीर को असामान्य संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील बना देता है. नया वायरस ब्लड, यूरीन, स्लाइवा और संक्रमित शख्स से फैलता है. डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना वायरस का इलाज करा चुके ये मरीज पेट में दर्द और मल में खून बहने की शिकायत के बाद अस्पताल आए थे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोविड-19 के मरीजों पर प्रभाव</strong><br />सर गंगा राम अस्पताल के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पैन्क्रियाटिकोबिलरी साइंसेज के चेयरमैन प्रोफेसर अनिल अरोड़ा ने बताया, "अप्रैल-मई में महामारी की दूसरी लहर के दौरान हमने साइटोमेगालो वायरस संक्रमण के कोविड-19 वाले इम्यूनोकोम्पेटेंट पांच रोगियों को देखा है. 30-70 वर्ष उम्र के इन मरीजों को पेट में दर्द और मल में खून की शिकायत थी. उनमें साइटोमेगालो वायरस संक्रमण के लक्षण कोविड-19 का इलाज कराने के 20-30 दिनों बाद देखा गया." अस्पताल ने बताया कि सभी संक्रमित मरीजों में से एक की मौत कोविड-19 के गंभीर संक्रमण और 'भारी ब्लीडिंग' के कारण हो गई.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>साइटोमेगालो वायरस के लक्षण</strong><br />साइटोमेगालो वायरस एक सामान्य वायरस है, जो आमतौर पर शरीर में निष्क्रिय पड़ा रहता है. ये मुख्य रूप से कमजोर इम्यूनिटी वालों को प्रभावित करता है, इसलिए उसकी तरफ किसी का ध्यान नहीं जा पाता. लेकिन कुछ संकेत और लक्षण से समझा जा सकता है कि आपको वायरस ने अपनी चपेट में ले लिया है. विशेषज्ञों के मुताबिक, गले का सूजन, मांसपेशी का दर्द, थकान, बुखार, ग्रंथियों का सूजन सबसे आम लक्षण हो सकते हैं. अधिक गंभीर लक्षणों में डायरिया, पेट दर्द, बुखार, रेक्टल ब्लीडिंग और वजन का कम होना भी शामिल है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Compliment Your Mirror Day: आज मनाया जा रहा कॉम्प्लिमेंट योर मिरर डे, जानिए क्या है इसका महत्व" href="https://ift.tt/2UXAYYp" target="">Compliment Your Mirror Day: आज मनाया जा रहा कॉम्प्लिमेंट योर मिरर डे, जानिए क्या है इसका महत्व</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Food Allergy: ये आम खाद्य पदार्थ भी बना सकते हैं आपको एलर्जी का शिकार, जानिए लक्षण" href="https://ift.tt/3ApPN6f" target="">Food Allergy: ये आम खाद्य पदार्थ भी बना सकते हैं आपको एलर्जी का शिकार, जानिए लक्षण</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3ygizEE

वजन कम करने के लिए रस्सी कूद या दौड़ने में से कौनसा विकल्प है ज्यादा बेहतर? जानिए

<p style="text-align: justify;">वर्कआउट आपकी जिंदगी को कई तरीके से प्रभावित करते हैं. कई बार आप सुस्त महसूस करते हैं और आपका कुछ काम करने का मन नहीं करता. यहां तक कि दिन भर आपका मूड भी उखड़ा-उखड़ा रहता है. पूरे दिन आपके शरीर में चुस्ती-फुर्ती नहीं आती जो वर्कआउट करने के बाद आती है. दौड़ना और रस्सी कूदना दो सबसे किफायती व्यायाम हैं जो आपको अच्छा कार्डियो सेशन देते हैं और बहुत ज्यादा कैलोरी बर्न करने में मदद करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">कोई भी व्यायाम करने की वजह से हार्ट बीट नॉर्मल से डेढ़ गुना तक पहुंचना कार्डियो वर्कआउट की श्रेणी में आता है. इसको आप इस तरह से भी समझ सकते हैं कि व्यायाम आपके दिल की धड़कन को औसत से ज्यादा बढ़ा देता है. एक सामान्य इंसान के दिल की धड़कन एक मिनट में करीब 60-80 बार तक होती है, लेकिन कार्डियो वर्कआउट करने पर आंकड़ा 1 मिनट में 100-130 पार चला जाता है. कार्डियो वर्कआउट आपके लंग्स की क्षमता को बढ़ाता है और पसीना बहाता है. दौड़ना और रस्सी कूदना पूरे शरीर के लोकप्रिय वर्कआउट्स हैं जिसके जरिए लोग अपना वजन कम करने और फिटनेस लेवल बढ़ाने की कोशिश करते हैं. निश्चित रूप से दोनों वर्कआउट के बीच बहुत समानताएं हैं, लेकिन कई तरीकों से दोनों एक-दूसरे से अलग हैं. ऐसे में आपको जानना चाहिए वजन कम करने के लिए दोनों में से कौन ज्यादा बेहतर विकल्प है?<br />&nbsp;<br /><strong>मांशपेशियों पर फोकस होता है- </strong>दौड़ने और रस्सी कूदने से आपके शरीर के निचले हिस्से पर दबाव पड़ता है और उसका कुछ प्रभाव जोड़ों पर भी होता है. उनका फोकस आपकी मुख्य मांसपेशियों पर होता है और स्थितरता प्रदान करने में मदद करते हैं. उसके अलावा, दौड़ में आगे बढ़ने के लिए आपके कंधे, कूल्हे और पांव की हरकत बाइसेप्स का निरंतर लचीलापन शामिल होता है. रस्सी दौड़ में आपके कूल्हे की मांसपेशियां शामिल होती हैं जो आपके पेल्विस को स्थिर रखने में मदद करती हैं. उसमें बाजू, ट्राइसेप्स, बाइसेप्स और कलाई का फ्लेक्सर ग्रिप भी शामिल होता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कैलोरी बर्न करते हैं-</strong> दौड़ने और रस्सी कूद दोनों को वजन कम करने की कोशिश के वर्कआउट रूटीन में शामिल किया जा सकता है. सही संख्या वर्कआउट की अवधि और तीव्रता पर निर्भर करती है. दोनों के बीच कैलोरी बर्न की तुलना करें, तो 68 किलो का एक शख्स 10 मिनट वाले मध्यम तीव्रता के रस्सी कूद से 140 कैलोरी बर्न कर सकता है. जबकि मध्यम तीव्रता पर दौड़नेवाले शख्स का 10 मिनट में 125 कैलोरी बर्न होता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दौड़ और रस्सी कूद के फायदे- </strong>दोनों एरोबिक व्यायाम यानी दिल की धड़कन और सहनशीलता को बढ़ानेवाले होते हैं. रस्सी कूद और दौड़ आपके शरीर के फैट को बर्न करने, कार्डिओवैस्कुलर शक्ति को बढ़ाने और लंग क्षमता को सुधारने में मदद करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दोनों में से किसे चुनना फायदेमंद-</strong> दोनों गतिविधियों में आपके निचले शरीर की मांसपेशियां के शामिल होने के कारण जोड़ के दर्द, टखनों की समस्या से पीड़ितों को फायदा नहीं पहुंच सकता है. उसके बजाए, आप टहलने या कम तीव्रता पर दौड़ने की कोशिश कर सकते हैं. रस्सी कूद को छोड़ने की सूरत में, अपने घुटनों पर दबाव कम करने के लिए एक रुख का प्रयास करें. लेकिन बात जब दोनों के बीच चुनाव की हो, तब आप दोनों को आजमा सकते हैं. लेकिन, अगर आपके पास सीमित है, तब रस्सी कूद दौड़ने के मुकाबले ज्यादा बेहतर विकल्प है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3jHYvHc Allergy: ये आम खाद्य पदार्थ भी बना सकते हैं आपको एलर्जी का शिकार, जानिए लक्षण</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/2SO7CLA Your Mirror Day: आज मनाया जा रहा कॉम्प्लिमेंट योर मिरर डे, जानिए क्या है इसका महत्व</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3jB0g9a

पपीते की पत्ती का जूस इन वजहों से करें इस्तेमाल, जानिए हैरतअंगेज फायदे और बनाने के तरीके

<p style="text-align: justify;"><strong>Papaya Leaf Juice Benefits:</strong> पपीता एक अद्भुत फल है जो प्रकृति की अच्छाई से भरपूर है और बड़े पैमाने पर अमृत समझा जाता है. प्रकृति ने न सिर्फ हमें इस ऊष्णकटिबंधीय फल से नवाजा है बल्कि अनेक औषधीय गुणों के साथ पूरे पौधे को संपन्न भी किया है. न सिर्फ फल में आश्चर्यजनक स्वास्थ्य के फायदे हैं, बल्कि उसकी पत्तियां भी अत्यधिक मजबूत औषधीय गुणों के लिए जानी जाती हैं. पीला, नारंगी, गूदेदार फल विटामिन्स में भरपूर है, उसी के साथ पपीते की हरी पत्तियां विटामिन ए, सी, ई, के, बी और मिनरल्स जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, ऑयरन, सोडियम का खजाना हैं. पपीते की हरी पत्तियों में एंजाइम जैसे पपैन, काइमोपैपेन और कार्पैन यौगिक भी पाए जाते हैं. प्राकृतिक रूप से पपीते की पत्ती का इस्तेमाल कई बीमारियों का इलाज करने के लिए किया जाता है. उसका रस जादुई असर करता है. पपीते की पत्ती के रस का असाधारण स्वास्थ्य फायदा आपको जानना चाहिए और साथ ही ये जानें कि आप पत्ती को जूस में कैसे बदल सकते हैं.</p> <div id="content68272164" class="photosty_container_box clearfix" style="text-align: justify;" data-plugin="photodata" data-pvcredit="false" data-title=" How to make papaya leaf juice-Benefits of papaya leaf juice for skin and body" data-url="/life-style/food-news/papaya-leaf-juice-has-magical-health-benefits-read-this/photostory/68272139.cms?picid=68272164"> <div class="clearfix height"> <div class="photo_desc" data-plugin="photo_desc"><strong><span class="readmore_span"><span class="readmore_span">पपीते की पत्ती से रस बनाने का तरीका</span></span></strong></div> <div class="photo_desc" data-plugin="photo_desc"><span class="readmore_span"><span class="readmore_span">सबसे पहले, 5-10 ताजा और मुलायम पपीते की पत्तियों को लें. उनको बहते नल के नीचे बहते पानी में 5-6 छह बार धोएं. अगली बार, पत्तियों को </span></span>जूसर जार में डालें और अच्छी तरह से एक चिकनी स्थिरता के लिए मिश्रित करें. आप पत्तियों को अच्छी तरह से कुचलने के लिए आप एक ब्लेंडर का भी उपयोग कर सकते हैं. अब, एक बारीक कपड़े की मदद से मिश्रण को छानें. ताजा जूस को ग्लास में भरें और बाद में उपयोग करने के लिए ठंडा करें.&nbsp;</div> </div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>डेंगू का इलाज-</strong> डेंगू ब्लड के प्लेटलेट्स काउंट में तेज कमी के लिए जाना जाता है, पपीते की पत्ती के रस से उसका चमत्कारिक इलाज किया जा सकता है. दिन को पपीते की पत्ती का 25 मिलीलीटर रस पानी में दो बार पीएं. उससे आपके शरीर को स्पष्ट मात्रा में डेंगू बुखार के खिलाफ प्लेटलेट्स पैदा करने में मदद मिलेगी और आपका शरीर स्वस्थ होगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लीवर के लिए मुफीद-</strong> लीवर के काम को पपीते की पत्ती के रस से सुधारें. रस के उपचार गुणों में लीवर की पुरानी बीमारियों में से एक जौंडिस का इलाज करने की क्षमता होती है. ये लीवर को प्राकृतिक रूप से डिटॉक्सीफाई करता है, और लीवर से अपशिष्ट पदार्थों को साफ करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>स्किन, बाल को सुधारता है-</strong> पपीते की पत्ती का रस शरीर पर लगाने से सूखी, परतदार स्किन की देखभाल होती है. ये एक प्राकृतिक मॉइस्चराइजर के रूप में काम करता है, दानों, मुंहासों को कम करता है, अतिरिक्त तेल स्राव को रोकता है. रस बाल के विकास में सहायता करता है, डैंड्रफ, रूसी दूर करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मलेरिया का इलाज करता है-</strong> पत्ती के रस में एसिटोगोनिन यौगिक पाया जाता है जो मलेरिया के इलाज में प्रभावी रूप से काम करता है. उसके प्लाज्मोडायस्टेटिक गुण अप्रत्यक्ष तौर पर मलेरिया बुखार को काबू करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>डायबिटीज काबू के साथ पाचन को बढ़ाता है-</strong> रस का औषधीण गुण इंसुलिन संवेदनशीलता को बढ़ाने और ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है. ये ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करता है, किडनी की क्षति को रोकता है. पेट के अल्सर, अपच के लिए उसके एंजाइम हैरतअंगेज काम करते हैं और उसके अलावा, रस ब्लोटिंग को दूर रखता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Food Allergy: ये आम खाद्य पदार्थ भी बना सकते हैं आपको एलर्जी का शिकार, जानिए लक्षण" href="https://ift.tt/3ApPN6f" target="">Food Allergy: ये आम खाद्य पदार्थ भी बना सकते हैं आपको एलर्जी का शिकार, जानिए लक्षण</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3yhUYDB

Food Allergy: ये आम खाद्य पदार्थ भी बना सकते हैं आपको एलर्जी का शिकार, जानिए लक्षण

<p style="text-align: justify;">एलर्जी प्रतिरक्षा प्रणाली की अतिसंवेदनशीलता के कारण होती है. जब शरीर के लिए नुकसानदायक, हानिकारक कीटाणु, बैक्टीरिया या वायरस शरीर पर हमला करते हैं, तब इम्यून सिस्टम भी अपने दुश्मन को पहचानकर मुकाबला करता है. लेकिन कभी-कभी आपका इम्यून सिस्टम दुश्मन को नहीं पहचान पाता है. कई बार धूल-मिट्टी, जानवर के बाल, पेड़-पौधों के परागकण, यहां तक कि कुछ खास खाद्य पदार्थों से अपनी प्रतिक्रिया कर बैठता है, जिसे हम एलर्जी कहते हैं. एलर्जी की प्रतिक्रिया की तीव्रता हल्के से गंभीर हो सकती है.</p> <p style="text-align: justify;">गंभीर प्रतिक्रिया में फौरन मेडिकल इलाज की जरूरत होती है और उसकी अनुपलब्धता घातक हो सकती है. एलर्जी पैदा करनेवाले कुछ खाद्य पदार्थों में आडू, लहसुन, एवोकाडो, अजवाइन और सरसों के तेल शामिल हैं. नेशनल एंस्टीट्यूट ऑफ एलर्जी एंड इंफेक्शियस डिजीज के मुताबिक, "खाने से एलर्जी करीब 5 फीसद बच्चों और अमेरिकी व्यस्कों की चार फीसद संख्या को प्रभावित करती है." इसके अलावा भी एलर्जी के कुछ अन्य फूड स्रोत हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि एलर्जी मात्र रोग नहीं बल्कि सही उपचार से ठीक किया जा सकता है. एलर्जी का प्रभाव शरीर की संवेदनशीलता पर निर्भर करती है. ये कभी-कभी काफी तेजी से होता है, तो कभी काफी धीमी गति से.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फूड एलर्जी पैदा करनेवाले अन्य प्रमुख स्रोत</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>दूध-</strong> न्यूट्रिशनिस्ट दूध को स्वस्थ डाइट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं. लेकिन, गाय के दूध से एलर्जी सबसे आम किस्म की एलर्जी है. ये दूध पीने या उसके बायो प्रोडक्ट्स जैसे क्रीम, पनीर, आइस क्रीम, योगर्ट और मक्खन खाने से ट्रिगर हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अंडे-</strong> सुपर फूड होने के बावजूद, अंडे एलर्जन के सबसे आम किस्मों में से एक है. ये संभव है कि किसी को अंडे की सफेदी से ज्यादा एलर्जी हो सकती है और जर्दी पूरी तरह ठीक हो, उसी तरह उसके विपरीत भी हो सकता है. इस स्थिति को अंडे की सफेदी से एलर्जी कहा जाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मछली-</strong> मछली से एलर्जी आम है और एक मछली से दूसरी मछली में अलग-अलग हो सकता है. ये अक्सर दूषित मछली के साथ भ्रमित होता है, इसलिए लोगों को चाहिए कि जो कुछ खा रहे हैं, उस पर ध्यान दें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मूंगफली-</strong> आपने जरूर लोगों को कहते हुए ये सुना होगा कि उन्हें मूंगफली से एलर्जी है. उसका गंभीर प्रभाव हो सकता है और अक्सर जेनेटिक होता है. इस तरह की एलर्जी वाले लोगों को कैंडीज, प्रोटीन बार और खाद्य पदार्थों का सावधानीपूर्वक चुनाव करना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सोयाबीन-</strong> अक्सर बच्चों में पाई जानेवाली इस प्रकार की एलर्जी सोयाबीन या उसके कोई बायो प्रोडक्ट्स के खाने से होती है. लोगों को चाहिए कि सोया-मुक्त डाइट का सेवन जरूर करना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एलर्जी के आम लक्षण- </strong>उल्टी, नजला, चक्कर, शरीर का नीला पड़ना, खुजली, शरीर पर दाने, आंख, मुंह और जबान का सूजन आदि प्रमुख लक्षणों में शामिल हैं. फूड एलर्जी की समस्या वैसे तो बच्चों में अधिक देखी जा सकती है, लेकिन किसी भी उम्र के लोग एलर्जी से पीड़ित हो सकते हैं. लिहाजा, आप सावधानियां बरतकर आप मुसीबत को मात दे सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Compliment Your Mirror Day: आज मनाया जा रहा कॉम्प्लिमेंट योर मिरर डे, जानिए क्या है इसका महत्व" href="https://ift.tt/2UXAYYp" target="">Compliment Your Mirror Day: आज मनाया जा रहा कॉम्प्लिमेंट योर मिरर डे, जानिए क्या है इसका महत्व</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="आज मनाया जा रहा Disobedience Day, जानिए इसका इतिहास और उद्देश्य" href="https://ift.tt/3ydlsWE" target="">आज मनाया जा रहा Disobedience Day, जानिए इसका इतिहास और उद्देश्य</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3ApPN6f