Friday, June 4, 2021

Health Tips: कोरोना काल में स्वस्थ रहने के लिए अपनाएं ये 5 आदत, बीमारियां रहेंगी दूर

कोरोना महामारी ने लोगों की जिंदगी पूरी तरह से बदल दी है. घर से बाहर निकलना मुश्किल है ऐसे में खुद को फिट रखना भी बहुत जरूरी है. कई लोग घरों से ऑफिक का काम कर रहे हैं. ऐसे में कभी मीटिंग तो कभी देर रात कर ऑफिस का काम करना पड़ता है. खुद के लिए वक्‍त निकालना भी मुश्किल हो रहा है. वहीं कोरोना के डर की वजह से लोगों के मन में अलग-अलग तरह का मानसिक और शारीरिक तनाव भी बना हुआ है. ऐसे में बहुत सारे लोगों की लाइफस्टाइल भी प्रभावित हो रही है. हालांकि इन सब परिस्थितियों के बीच खुद को हेल्‍दी (Healthy) बनाए रखना भी बहुत जरूरी है. आज हम आपको कुछ ऐसी आदतों के बारे में बता रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप बीमारियों से बचे रह सकते हैं. इन आदतों को अपनी लाइफस्टाइल में शामिल करने से आप हेल्‍दी भी रहेंगे. आइये जानते हैं
1- ब्रेकफास्ट, लंच, डिनर हेल्दी और समय पर करें-स्वस्थ रहने के लिए आपको अपने भोजन पर सबसे ज्यादा ध्यान देना चाहिए. आपको खाने में हेल्दी ब्रेकफास्ट लेना चाहिए. जिसमें नट्स, प्रोटीन, दूध, जूस और अंडा जैसी चीजें शामिल करनी चाहिए. लंच में भी आपको प्रोपर फूड खाना चाहिए. वहीं डिनर को भी समय पर निपटा लेना जरूरी है. आप चाहे ऑफिक या घर के काम में कितने भी बिजी हों खाने का जो सही समय है आपको उसी वक्त भोजन कर लेना चाहिए. इस नियम से आप लंबे समय तक हेल्दी रहेंगे.
2- ताजा खाना खाएं-आजकल जो लोग अकेले रहते हैं या जिन्हें टाइम मैनेज नहीं आता वो कई दिनों पुराना खाना भी खा लेते हैं. कई लोग खाना बनाकर फ्रिज में स्टोर कर दे रहे हैं और उसे खाते रहते हैं. लेकिन ये बासी खाना आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. पुराना और बासी खाना आपके डाइजेशन सिस्टम पर असर डाल सकता है. फ्रिज में कई दिनों तक रखने पर खाने की न्यूट्रिशनल वैल्यू भी कम हो जाती है. इसलिए हमेशा फ्रेश खाना खाने की आदत बनाएं.3- बॉडी को हाइड्रेटेड रखें- स्वस्थ शरीर के लिए खुद को हाइड्रेट रखना बहुत जरूरी है. दिन में कम से कम 2-3 लीटर पानी पिएं. पूरे दिन लिक्विड चीजों का सेवन ज्यादा करें. हालांकि आपको कोल्ड ड्रिंक, पैकेट जूस पीने से बचना चाहिए. इनसे आपको डाइबिटीज टाइप टू का खतरा हो सकता है. इसके अलावा नियमित रुप से ऐसी चीजों के सेवन से मोटापा भी बढ़ता है. भरपूर मात्रा में पानी पीने से पेट की समस्या भी दूर रहती है.4- भरपूर नींद है जरूरी-आजकल घर से काम करने के चक्कर में लोग देर रात तक ऑफिस का काम करते हैं. इससे आपकी नींद पर भी असर पड़ता है. नींद से हमारी हेल्थ बहुत प्रभावित होती है. अगर आप पर्याप्ट और अच्छी नींद ले रहे हैं तो इससे मूड ठीक रहता है, तनाव भी कम होता है. रात में आठ घंटे की अच्छी नींद लेने से सिरदर्द, थकान और उबासी जैसे समस्याएं भी नहीं होती. पूरे दिन आप हेल्द और हेप्पी फील करते हैं.5- स्क्रीन पर कम टाइम बिताएं- आजकल की सिटिंग जॉब में फिजिकल एक्टिविटी न के बराबर है और ऊपर से घंटों लैपटॉप या कंप्यूटर की स्क्रीन के सामने बैठकर बिताना पड़ता है. ऐसे में अगर किसी भी तरह हो सके तो अपने स्क्रीन टाइम को कम कर दें. इससे आपको कई तरह के फायदे मिलेंगे. रात में सोते वक्त घर का वाइफाई बंद कर दें. अपने दिन की शुरुआत सोशल मीडिया से ना करें. ऑफिस टाइम में बीच-बीच में खुद को 5-10 मिनट का ब्रेक दें. अपने इंटरटेनमेंट का समय निर्धारित करें. टीवी और मोबाइल की किताबें पढ़ने की आदत बनाएं.

Apara Ekadashi 2021: अपरा एकादशी के दिन जरूर सुनें यह व्रत कथा, मिलेगा अपार पुण्य सुख का लाभ

<p><strong>Apara Ekadashi 2021 Katha Puja Vidhi: </strong>हिंदी पंचाग के अनुसार हर मास के शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की प्रत्येक ग्यारहवीं तिथि को एकादशी कहते हैं. मौजूदा समय में चल रहे ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को अपरा एकादशी कहते हैं. अपरा एकादशी व्रत अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 6 जून 2021 को रखा जाएगा. एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा पूरे श्रद्धाभाव से की जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन अपरा एकादशी व्रत की कथा सुनी जाती है. इससे व्रत पूरा होता है और अपार पुण्य लाभ मिलता है. आइये जानें अपरा एकादशी व्रत कथा, शुभ मुहूर्त.<strong> &nbsp;&nbsp;</strong></p> <p><strong>&nbsp;</strong><strong>अपरा</strong> <strong>एकादशी</strong> <strong>का</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong></p> <ul> <li><strong>एकादशी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>का</strong> <strong>आरंभ</strong><strong>: </strong>05 जून 2021 को सुबह 04:07 से</li> <li><strong>एकादशी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>का</strong> <strong>समापन</strong><strong>: </strong>06 जून 2021 को सुबह 06:19 बजे</li> <li><strong>एकादशी</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>पारण</strong> <strong>समय</strong><strong>: </strong>7 जून 2021 को सुबह 05:12 से 07:59 तक</li> </ul> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/2SQHmjf Lakshmi Vrat: शुक्रवार को व्रत के साथ इस विधि से करें वैभव लक्ष्मी की पूजा, नहीं होगी धन, वैभव और समृद्धि की कमी</strong></a></div> </div> <p><strong>अपरा</strong> <strong>एकादशी</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>कथा</strong><strong>: </strong>प्राचीन काल में महीध्वज नामक एक राजा था जोकि बहुत ही धर्मात्मा था. उसका छोटा भाई बहुत ही क्रूर और अधर्मी था. एक दिन उसने रात्रि में अपने बड़े भाई महीध्वज की हत्या कर दी. &nbsp;&nbsp;उसने महीध्वज के शव को जंगल में एक पीपल के नीचे गाड़ दिया. अकाल मृत्यु से राजा महीध्वज प्रेतात्मा के रूप में उसी पीपल पर रहने लगा. प्रेतात्मा ने वहां पर बहुत उत्पात मचाया. एक दिन धौम्य नामक ॠषि उस पीपल के नीचे से गुजर रहे थे. वहां उसने प्रेत को देखा. ऋषि ने अपने तपोबल के द्वारा प्रेत के उत्पात का कारण जान लिया. उन्होंने उस प्रेत को पीपल के वृक्ष से नीचे उतारा &nbsp;और परलोक विद्या का उपदेश दिया.</p> <p>ऋषि ने उस राजा को प्रति योनी से मुक्ति दिलाने के लिए स्वयं ही अपरा एकादशी का व्रत रखा. &nbsp;जिसकी पुण्य से राजा को प्रेत योनि से मुक्ति मिली. वह दयालु ऋषि को धन्यबाद देकर स्वर्ग चला गया.</p> <div class="news_content"><a href="https://ift.tt/3fNwUly Tips: कौन-सी दिशा का दोष दूर करने के लिए किस ग्रह और देवता की पूजा करनी चाहिए? जानें</strong></a></div> lifestyle https://ift.tt/3uOB7K3

क्या डायबटीज़ के मरीज आम खा सकते हैं? जानिए क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह

<p style="text-align: justify;">आम गर्मी के मौसम का एक लोकप्रिय फल और फलों का राजा है. गर्मी के आते ही बाजार में कई प्रकार के आम मिलने लगते हैं. अपने स्वाद और स्वास्थ्य लाभ के कारण डायिबटीज रोगियों का भी उससे बचना मुश्किल हो जाता है. डायबिटीज के मरीजों को सलाह दी जाती है कि शुगर से बचने का एक बेहतर तरीका फलों का इस्तेमाल है, लेकिन उनके सामने हमेशा दुविधा बनी रहती है कि कौन सा फल खाया जाए, किसे छोड़ा जाए और कितना इस्तेमाल किया जाए. चूंकि आम कैलोरी में अधिक होते हैं, इसलिए कुछ डायबिटीज रोगी उसे छोड़ देते हैं क्योंकि उनको लगता है कि ये उनके शुगर लेवल को बढ़ा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या आम डायबिटीज रोगियों का बढ़ाते हैं शुगर लेवल?</strong></p> <p style="text-align: justify;">न्यूट्रिशनिस्ट रितेश बावरी का कहना है, "एक कप आम में करीब 100 कैलोरी होती है, कोई फैट नहीं और 25 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स. उसमें सोडियम की मात्रा नहीं पाई जाती है और 3 ग्राम फाइबर होता है. आम में विटामिन ए, विटामिन बी6, ई और के समेत कई विटामिन्स भी होते हैं और पोटैशियम, मैग्नीशियम और फोलेट में भी भरपूर होते हैं." आम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स आपकी आंत के लिए जादुई कर सकते हैं, इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं और स्किन को चमक दे सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">न्यूट्रिशनिस्ट पायल कोठारी ने बताया, "सूजन सभी क्रोनिक बीमारियों का बुनियादी कारण है और एंटीऑक्सीडेंट्स, विटामिन बी6 और विटामिन सी सूजन और बीमारी का सफाया करते हैं. आम में घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार के फाइबर आंत की अच्छी बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करते हैं." लेकिन क्या डायबिटीज रोगियों को आम खाना चाहिए, और क्या ये उनके स्वास्थ्य के लिए अच्छा है?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फल खाने से ग्लाइसेमिक इंडेक्स को देखना चाहिए</strong></p> <p style="text-align: justify;">बावरी ने कहा "आम कम ग्लाइसेमिक इडेंक्स वाले समझे जाते हैं, उसमें फ्रुक्टोज और ग्लूकोज होता है. आपका शरीर दोनों को अच्छी तरह से पचाने में सक्षम है. ग्लूकोज की प्रवृत्ति ब्लड शुगर लेवल को तेजी से बढ़ाने की होती है, लेकिन आम में उसकी कम मात्रा होती है." कोठारी का कहना है कि फाइबर में भरपूर होने की वजह से आम डायबिटीज रोगी के ब्लड शुगर लेवल को काबू में रखता है. एक दिन में एक आम आपको ऊर्जावान रखने के लिए उपयुक्त है, शुगर की लालसा को काबू में रखता है और मूड में बदलाव को नियंत्रित करता है.</p> <p style="text-align: justify;">लेकिन, आम के कैलोरी में अधिक होने की वजह से डायबिटीज रोगियों को अपनी कुल कैलोरी की जरूरत जांच करने की आवश्यकता है और ये समझना है कि कितनी कैलोरी का एक दिन में सेवन किया जा सकता है. बावरी ने बताया कि जब तक आप कैलोरी सेवन की सीमा में होते हैं, एक आम या दो आम एक दिन में खाना ठीक है. उनकी सलाह है कि डायबिटीज के मरीज जूस के बजाए गुदे के साथ आम खाएं, क्योंकि उसमें मौजूद फाइबर इस्तेमाल की गई शुगर की मात्रा को कम करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="सिर दर्द शहरी भारतीयों के बीच सबसे आम बीमारी, बाम पर लोगों ने दी टेबलेट को प्राथमिकता- सर्वे" href="https://www.abplive.com/lifestyle/headache-most-common-health-ailment-among-urban-indians-pills-preferred-over-balm-survey-1922656">सिर दर्द शहरी भारतीयों के बीच सबसे आम बीमारी, बाम पर लोगों ने दी टेबलेट को प्राथमिकता- सर्वे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या आप ज्यादा नमक खाते है? जानिए- यह कितना है नुकसानदेह और कैसे हो सकता है जानलेवा" href="https://www.abplive.com/lifestyle/what-happens-in-your-body-when-you-eat-too-much-salt-know-how-it-becomes-dangerous-1922720">क्या आप ज्यादा नमक खाते है? जानिए- यह कितना है नुकसानदेह और कैसे हो सकता है जानलेवा</a></strong></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3prfluP

Vastu Tips: कौन-सी दिशा का दोष दूर करने के लिए किस ग्रह और देवता की पूजा करनी चाहिए? जानें

<p style="text-align: justify;"><strong>Vastu Tips: </strong>वेदों में कुल 10 दिशाओं का वर्णन किया गया है. इसमें ऊपर और नीचे यानी आकाश और पाताल को भी दिशा माना गया है. वहीँ वास्तु शास्त्र में केवल 8 दिशाओं में वास्तु दोष होने और उनके निवारण के उपाय बताये गए हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, किसी भी दिशा में वास्तु दोष होने से अशुभ फल मिलता है. आइये जानें दिशावार दोष को दूर करने के उपाय.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पूर्व</strong> <strong>दिशा</strong></p> <p style="text-align: justify;">वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस दिशा का स्वामी ग्रह सूर्य और देवता इंद्र हैं. यह दिशा देवताओं के लिए होती है. इस दिशा से संबंधित दोष को दूर करने के लिए गायत्री मंत्र और&nbsp; आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ करना चाहिए. मुख्य रूप से यह दिशा मान-सम्मान, उच्च नौकरी, शारीरिक सुख, मस्तिष्क संबंधी रोग, नेत्र रोग और पिता के स्थान के लिए होती है.</p> <div class="news_content"><a href="https://ift.tt/3id1o25 Purana: इन 3 आदतों के चलते हो सकते हैं परिवार में क्लेश और झगड़े, गरुड़ पुराण में है वर्णित</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"><strong>पश्चिम</strong> <strong>दिशा</strong></p> <p style="text-align: justify;">पश्चिम दिशा का अधिपति ग्रह शनि और देवता वरुण हैं. यह दिशा सफलता और संपन्नता प्रदान करने वाली दिशा होती है. इस दिशा में दोष होने से कुष्ठ रोग, शारीरिक पीड़ा, बात विकार होता है. असफलता मिलती है. प्रसिद्धि में कमी आती है. इस दिशा के दोष को दूर करने के लिए शनिदेव की उपासना करनी चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong> <strong>दिशा</strong></p> <p style="text-align: justify;">उत्तर दिशा के अधिपति ग्रह बुध और देवता कुबेर है. इस दिशा में दोष होने से व्यक्ति के जीवन में सदैव आर्थिक तंगी बनी रहती है. सफलता नहीं मिलती. इस दिशा के दोष को दूर करने के लिए बुध यंत्र की स्थापना और गणेश एवं कुबेर की पूजा करनी चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दक्षिण</strong> <strong>दिशा</strong></p> <p style="text-align: justify;">दक्षिण दिशा के अधिपति ग्रह मंगल और देवता यम हैं. इस दिशा में दोष होने से पारिवारिक मतभेद बने रहते हैं. संपत्ति को लेकर भाई -बंधुओं में विवाद चलता है. इस दिशा के दोष को दूर करने के लिए नियमित रूप से हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong><strong>-</strong><strong>पूर्व</strong> <strong>दिशा</strong><strong> (</strong><strong>ईशान</strong> <strong>कोण</strong><strong>)</strong></p> <p style="text-align: justify;">ईशान कोण का स्वामी ग्रह गुरु और देवता शिव हैं. इस दिशा के दोष को दूर करने के लिए ईशान कोण को हमेशा साफ सुथरा रखना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दक्षिण</strong><strong>-</strong><strong>पूर्व</strong> <strong>दिशा</strong><strong> (</strong><strong>आग्नेय</strong> <strong>कोण</strong><strong>)</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस दिशा के अधिपति ग्रह शुक्र और देवता अग्नि हैं. इस दिशा में वास्तु दोष होने से वैवाहिक जीवन में बाधा, कड़वाहट, असफल प्रेम संबंध जैसी समस्याएं बनी रहती हैं. इसके दोष को दूर करने के लिए घर में शुक्र यंत्र की स्थापना करनी चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दक्षिण</strong><strong>-</strong><strong>पश्चिम</strong> <strong>दिशा</strong><strong> (</strong><strong>नैऋत्य</strong> <strong>कोण</strong><strong>)</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस दिशा के अधिपति ग्रह राहु-केतु और देवता नैऋति हैं. इस दोष के निवारण हेतु राहु-केतु के निमित्त सात प्रकार के अनाज का दान करना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>उत्तर</strong><strong>-</strong><strong>पश्चिम</strong> <strong>दिशा</strong><strong> (</strong><strong>वायव्य</strong> <strong>कोण</strong><strong>)</strong></p> <p style="text-align: justify;">इस दिशा का अधिपति ग्रह चंद्र और देवता वायु हैं. इस दिशा में दोष होने से मानसिक परेशानी, अनिद्रा, तनाव अस्थमा और प्रजनन संबंधी रोग होते हैं. इस दिशा के दोष को दूर करने के लिए नियमित शिवजी की उपासना करनी चाहिए.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><strong><a href="https://ift.tt/3pindyP Lakshmi Vrat: शुक्रवार को व्रत के साथ इस विधि से करें वैभव लक्ष्मी की पूजा, नहीं होगी धन, वैभव और समृद्धि की कमी</a></strong></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/3vRbp9b

सिर दर्द शहरी भारतीयों के बीच सबसे आम बीमारी, बाम पर लोगों ने दी टेबलेट को प्राथमिकता- सर्वे

<p style="text-align: justify;">Ipsos के अखिल भारतीय सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि शहरी भारतीयों के बीच सिर दर्द शीर्ष आम बीमारी है और कम से कम 2 में से एक ने उससे जूझने का दावा किया. उसके अलावा, बीमारी का प्रभाव कम करने के लिए उपभोक्ताओं ने बाम के मुकाबले गोलियों को प्राथमिकता दी. सर्वे में 34 शहरों के 15,133 घरों को शामिल कर अन्य शीर्ष बीमारियों के बीच बुखार, बदन दर्द, सामान्य जुकाम, नाक बंद का हवाला दिया गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सिर दर्द के लिए बाम के मुकाबले गोलियों को प्राथमिकता</strong></p> <p style="text-align: justify;">विशेष रूप से बुखार के लिए उपभोक्ताओं ने स्व इलाज पर डॉक्टर से मिलना पसंद किया जबकि सिर दर्द, खांसी और जुकाम के लिए ज्यादा लोगों ने स्व दवा और केमिस्ट पर भरोसा करने की बात कही. उसके अलावा, जराचिकित्सा में गैस्ट्रिक की स्थिति ज्यादा प्रचलित पाई गई.&nbsp;Ipsos ने बयान में कहा "दिलचस्प बात ये है कि एनो गैस्ट्रिक की स्थितियों के लिए शीर्ष ओवर दि काउंटर ब्रांड विकल्प के रूप में उभरा, कम से कम 10 शहरी भारतीयों ने उसे पसंद करने की बात कही. झंडू बाम सिर दर्द के लिए बाम के बीच शीर्ष विकल्प था."</p> <p style="text-align: justify;">इप्सोस हेल्थकेयर की मोनिका गंगवानी कहती हैं, &ldquo;कई टिप्पणियों ने हमें अखिल भारतीय रिसर्च करने के लिए मजबूर किया. एक, हमने पाया कि समय की कमी, साक्षरता के स्तर में वृद्धि और डॉक्टर की ऊंची फीस के कारण स्व-दवा में बढ़ोतरी हुई है. दूसरा, हेल्थ सप्लीमेंट्स और पहनने योग्य उपकरणों की नई श्रेणियों का तेजी से फलना-फूलना और तीसरा फार्मा कंपनियों का लोकप्रिय ब्रांडों को आरएक्स से ओटीसी में ले जाना और ओटीसी ब्रांडों का मजबूत प्रचार है."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>&nbsp;बाम के बीच झंडू बाम सिर दर्द के लिए शीर्ष विकल्प मिला</strong></p> <p style="text-align: justify;">सर्वेक्षण में कोविड लॉकडाउन चरण बनाम पूर्व कोविड की श्रेणी बनाकर लोगों के दवा भंडार व्यवहार को देखा गया. नतीजे से पता चला कि 55 फीसदी लोगों ने लॉकडाउन के दौरान विशेष रूप से दवाओं का स्टॉक नहीं किया. लेकिन ये व्यवहार पूर्व कोविड के चरण से अलग नहीं था, जिसमें 54 प्रतिशत लोगों ने सामान्य समय के दौरान भी दवाओं का स्टॉक नहीं करने का दावा किया. केवल सात प्रतिशत लोगों ने लॉकडाउन के दौरान डॉक्टर से परामर्श करने की हामी भरी. उन परामर्शों में से 88 फीसद सामान्य स्थितियों मिसाल के तौर पर खांसी, जुकाम, बुखार, एसिडिटी, अपच के लिए थी, जबकि 31 फीसद डायबिटीज, हाइपरटेंशन, गठिया और अस्थमा की नियमित टेस्टिंग के लिए रही.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना तीसरी लहर से निपटने के लिए किन चीजों पर देना होगा ध्यान?, जानें एक्सपर्ट की राय" href="https://www.abplive.com/lifestyle/what-things-will-have-to-be-taken-care-of-to-deal-with-the-third-wave-of-corona-know-experts-opinion-health-tips-1922457">कोरोना तीसरी लहर से निपटने के लिए किन चीजों पर देना होगा ध्यान?, जानें एक्सपर्ट की राय</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><br /><strong><a title="भारतीय कुर्ते को लाखों में बेच रहा Gucci, ट्विटर पर बना चर्चा का विषय, पढ़ें मजेदार कमेंट्स" href="https://www.abplive.com/lifestyle/gucci-selling-indian-kurta-for-millions-became-a-topic-of-discussion-on-social-media-1922634">भारतीय कुर्ते को लाखों में बेच रहा Gucci, ट्विटर पर बना चर्चा का विषय, पढ़ें मजेदार कमेंट्स</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3uQENLe

क्या आप ज्यादा नमक खाते है? जानिए- यह कितना है नुकसानदेह और कैसे हो सकता है जानलेवा

<p style="text-align: justify;">नमक 40 फीसद सोडियम और 60 फीसद क्लोराइड से बनता है. उसका इस्तेमाल आम तौर से भोजन में स्वाद जोड़ने और भोजन को संरक्षित करने में किया जाता है. सोडियम श्रेष्ठ मसल और नर्व कार्य के लिए जरूरी एक मिनरल है.&nbsp;क्लोराड के साथ होने पर ये आपके शरीर में उचित पानी और मिनरल संतुलन बनाए रखने में मदद करता है. फिर भी, उसके महत्वपूर्ण कार्यों के बावजूद बहुत ज्यादा नमक का खराब प्रभाव अल्पकालीन और दीर्घकालीन हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दिल की समस्या</strong><br />अगर आप आम तौर पर बहुत ज्यादा नमक अपने खाने में इस्तेमाल करते हैं, तो लंबे समय में आपके दिल के लिए हानिकारक हो सकता है. ब्लड की मात्रा में वृद्धि रक्त वाहिकाओं पर दबाव को बढ़ा सकती है, जिसका मतलब है आपके दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी. उससे हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>​वॉटर रीटेंशन</strong><br />नमकीन भोजन खाने के बाद आप फूला हुआ और मोटा महसूस करते हैं. हो सकता है इसका अनुभव आपको कई बार हुआ हो. लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों होता है? विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी आपके शरीर में विशिष्ट सोडियम-पानी अनुपात की दर को बनाए रखने की कोशिश करता है. जब हम अधिक नमक खाते हैं, तो उससे वॉटर रिटेंशन होता है. उसकी वजह से सूजन, विशेषकर हाथ, पैर पर हो सकता है और आपको असहज कर सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हाई ब्लड प्रेशर</strong><br />नमक से भरपूर भोजन खाने से आपकी रक्त वाहिकाओं और धमनियों में ब्लड का प्रवाह बढ़ जाता है. उससे थोड़ी देर के लिए ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है. हालांकि, उसका सिर्फ यही एक कारण नहीं है बल्कि जेनेटिक्स और हार्मोन जैसे जोखिम से भी प्रभावित होता है. बुजुर्गों को नमकीन खाद्य-पदार्थ खाने के बाद ब्लड प्रेशर में वृद्धि की ज्यादा संभावना होती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तेज प्यास&nbsp;</strong><br />नमकीन खाद्य-पदार्थ खाने से भी मुंह सूखा होता है या बहुत प्यास लगती है. उसके चलते आप ज्यादा पानी पीने के लिए प्रोत्साहित हो सकते हैं. ये एक और तरीका है जिससे आपका शरीर सोडियम-पानी के अनुपात दर में संतुलन बनाने की कोशिश करता है. ज्यादा पानी वाशरूम जाने की बारी को बढ़ा देता है. दूसरी तरफ, नमक की अधिक मात्रा खाने के बाद तरल पदार्थ के इस्तेमाल में विफल रहने से शरीर का सोडियम लेवल बढ़ सकता है, जिससे &nbsp;हाइपरनेट्रेमिया होता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या करें?</strong><br />हमारे स्वास्थ्य पर बहुत ज्यादा नमक खाने का प्रभाव जाहिर है. लिहाजा, अत्यधिक नमकीन भोजन की भरपाई के लिए खूब पानी पीएं क्योंकि पानी शरीर से जहरीले पदार्थों को निकालने में मदद करता है. नमकीन भोजन खाने के बाद पर्याप्त मात्रा में पानी किडनी से सोडियम को हटानने में मदद कर सकता है और ब्लोटिंग से राहत दिलाएगा. सख्त व्यायाम भी आपकी मदद कर सकता है. व्यायाम करने से पसीने की शक्ल में सोडियम की क्षति होगी.</p> <p style="text-align: justify;">उसके अलावा, शरीर में सोडियम के प्रभाव को कम करने के लिए पोटैशियम इस्तेमाल का सुझाव दिया जाता है. पोटैशियम से भरपूर फूड जैसे केला, पत्तेदार सब्जियां, सफेद सेम शरीर में पोटैशियम के नकारात्क प्रभाव से मुकाबला करने में मदद करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Black Fungus: कोविड-19 से उबरने के बाद डेंटल संक्रमण के ये हैं संकेत, ऐसे रखें सावधानी" href="https://ift.tt/3vUCmsG Fungus: कोविड-19 से उबरने के बाद डेंटल संक्रमण के ये हैं संकेत, ऐसे रखें सावधानी</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="भारतीय कुर्ते को लाखों में बेच रहा Gucci, ट्विटर पर बना चर्चा का विषय, पढ़ें मजेदार कमेंट्स" href="https://www.abplive.com/lifestyle/gucci-selling-indian-kurta-for-millions-became-a-topic-of-discussion-on-social-media-1922634">भारतीय कुर्ते को लाखों में बेच रहा Gucci, ट्विटर पर बना चर्चा का विषय, पढ़ें मजेदार कमेंट्स</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vRZhVs

Covid-19 India: लगातार घट रही कोरोना संक्रमितों की संख्या, 24 घंटे में सामने आए 1.32 लाख नए मामले  - bhaskarhindi.com


Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, नई दिल्ली। भारत में कोरोनावायरस (CoronaVirus) की दूसरी लहर का प्रकोप जारी है। लेकिन राहत की बात यह कि देश में कोरोना के ग्राफ में गिरावट देखी जा रही है। आंकड़ों को देखकर यह कहा जा सकता है कि संक्रमितों की नियमित संख्या में लगातार गिरावट आई है। बीते दिनों इस महामारी से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या 4 लाख प्रतिदिन से अधिक तक जा पहुंची थी। वहीं पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 1,32,364 नए मामले सामने आए हैं।  

कोविड-19 से होने वाली मौतों पर गौर किया जाए तो इसका ग्राफ अभी भी बीते दिनों की तुलना में कुछ खास नहीं घटा है। हालांकि यह 3 हजार के नीचे जरुर आ गया है। 24 घंटे में 2,713 लोगों की मौत हुई है। हालांकि इस वायरस को हराने वाले मरीजों की संख्या भी बढ़ी है, जो अच्छी खबर है।

पीएम मोदी ने बात की, जून के अंत तक वैक्सीन के डोज भेजेगा अमेरिका

स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 1 लाख 32 हजार 364 नए कोरोना केस आए हैं। वहीं इस वायरस की चपेट में आए 2 हजार 713 लोगों ने दम तोड़ दिया। हालांकि इसी समय में 2 लाख 07 हजार 071 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं। इससे एक दिन पहले गुरुवार को 1 लाख 34 हजार 154 लाख मामले सामने आए थे और 2 हजार 887 की मौत हुई थी।

रिकवरी रेट
कोरोना संक्रमण के नए मामलों के दूसरी ओर देखा जाए तो देशभर में कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों की दर अब 92 प्रतिशत पर पहुंच गई है। देश में कोरोना से मृत्यु दर 1.19 फीसदी है जबकि एक्टिव केस घटकर 6 फीसदी से कम हो गए हैं।

अब तक टीकाकरण
बात करें इस वायरस को हराने के लिए किए जा रहे टीकाकरण की तो, आंकड़ों के अनुसार, देश में कुल 22 करोड़ 41 लाख 09 हजार 448 खुराकें दी जा चुकी हैं। बीते दिन 28 लाख 75 हजार टीके लगाए गए। 

सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना वैक्सीन की खरीद पर पूरा डेटा मांगा

कुल टेस्ट
वहीं अब तक कुल 35 करोड़ 74 से ज्यादा कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं। बीते दिन 20.75 लाख कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए, जिसका पॉजिटिविटी रेट 6 फीसदी से ज्यादा है।

अब तक कुल मरीजों की संख्या     

2 करोड़ 85 लाख 74 हजार 350

ठीक हुए मरीजों की संख्या     

2 करोड़ 65 लाख 97 हजार 655

कोरोना से मरने वालों की संख्या     

3 लाख 40 हजार 702

कुल एक्टिव मामलों की संख्या    

16 लाख 35 हजार 993

देश में कुल वैक्सीनेशन    

22 करोड़ 41 लाख 09 हजार 448



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Covid-19 India: 1.32 lakh new cases surfaced in 24 hours, 2713 deaths
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