Friday, June 4, 2021
Garuda Purana: इन 3 आदतों के चलते हो सकते हैं परिवार में क्लेश और झगड़े, गरुड़ पुराण में है वर्णित
<p><strong>Garuda Purana: </strong>हिंदू धर्म के 18 महापुराणों में गरुड़ पुराण का खास महत्त्व है. इन पुराणों में व्यक्ति के जीवन के बारे में जन्म से लेकर मृत्यु के बाद तक वर्णन किया गया है. इसे नारायण और भक्त के बीच वार्तालाप के जरिए प्रदर्शित किया गया है. इसमें लोगों को भक्ति, ज्ञान, वैराग्य, सदाचार और निष्काम कर्म की महत्ता को समझाया गया है.</p> <p>इसके अलावा गरुड़ पुराण में लोगों को जीवन से जुड़ी ऐसी तमाम बातों के बारे में बताया गया है, जिनका पालन करने से लोगों को उनके जीवन से जुड़ी समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है. गरुड़ पुराण के अनुसार अगर इन तीन आदतों को नहीं छोड़ी गई तो घर परिवार में झगड़े और क्लेश बढ़ सकते हैं. आइये जानें इन तीन आदतों को.</p> <p><strong>घर</strong> <strong>में</strong> <strong>कबाड़</strong> <strong>एकत्रित</strong> <strong>करना</strong></p> <p>गरुड़ पुराण के अनुसार, लोगों को अपने घरों में फिजूल का कबाड़ एकत्रित नहीं करना चाहिए. फिजूल का कबाड़ एकत्रित करने से घर में नकरातमक ऊर्जा का आगमन होता है. इससे घर परिवार के रिश्तों में कडुवाहट आती है. इसलिए घर में जंग लगे लोहे, टूटे-फूटे फर्नीचर, बिना ताले की चाबियां रखी हैं तो इन्हें घर से दूर हटा दें.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><strong><a href="https://ift.tt/3vPRbMR इस तिथि पर प्रकट हुईं मां भद्रकाली, व्रत से मिट जाते हैं जाने-अनजाने में हुए समस्त पाप</a></strong></div> </div> <p><strong>रात</strong> <strong>में</strong> <strong>जूठे</strong> <strong>बर्तन</strong> <strong>छोड़ना</strong></p> <p>घरों में अक्सर रात को खाना खाने के बाद जूठे बर्तनों को किचेन के सिंक में भरकर छोड़ दिए जाते हैं. इन बर्तनों को सुबह साफ़ किया जाता है. गरुड़ पुराण में इस आदत को बुरा बताया गया है. इसके अनुसार, रात में जूठे बर्तन छोड़ने से घर परिवार के सदस्यों के बीच आपसी फूट पड़ती है और झगड़े बढ़ते हैं. घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है. इससे बचने के लिए जूठे बर्तनों को रात में ही साफ़ कर लेना चाहिए.</p> <p><strong>गंदगी</strong> <strong>एवं</strong> <strong>दूषित</strong> <strong>वातावरण</strong></p> <p>गरुड़ पुराण के अनुसार, गंदगी और दूषित वातावरण से घर में नकारात्मक ऊर्जा आती है और बीमारियां, झगड़े आदि बने रहते हैं. इस लिए घर में साफ-सफाई और शुद्ध वातावरण रखना चाहिए. इसे घर बीमारियों से दूर रहता है. गरुड़ पुराण में घर में सुख शांति बनाए रखने के लिए घर को व्यवस्थित और साफ सुथरा रखने और स्वयं की भी स्वच्छता का ध्यान रखने की बात कही गई है. लोगों को चाहिए कि वे सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करें. स्नानादि करके पूजा पाठ करें. ऐसा करने से घर का वातावरण शुद्ध रहता है.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/34HKwsj Savitri Vrat: वट सावित्री अमावस्या के दिन ही लगेगा सूर्य ग्रहण, जानें सुहागिन महिलाएं कब और कसे करें पूजा</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left"> </div> </div> lifestyle https://ift.tt/3uRrWbE
Vaibhav Lakshmi Vrat: शुक्रवार को व्रत के साथ इस विधि से करें वैभव लक्ष्मी की पूजा, नहीं होगी धन, वैभव और समृद्धि की कमी
<p style="text-align: justify;"><strong>Vaibhav Lakshmi Vrat:</strong> यदि आप भी आर्थिक संकट और नकारात्मक ऊर्जा से पीड़ित हैं, तो हर शुक्रवार के दिन वैभव लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और श्रद्धा के साथ पूजा करने से व्यक्ति के आर्थिक संकट और परेशानी दूर हो जाते हैं. यह व्रत हर कोई रख सकता है. इस व्रत को रखकर हर व्यक्ति इसका लाभ उठा सकता है. हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, देवी लक्ष्मी के आठ स्वरूपों में से एक वैभव लक्ष्मी हैं, जिनकी श्रद्धा के साथ पूजा करने और शुक्रवार के दिन व्रत करने से घर की दरिद्रता दूर होती है और घर- परिवार में धन, वैभव और समृद्धि का आगमन होता है. व्रत से घर में सुख –शांति आती है. नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है. धन की प्राप्ति तथा जीवन में सुख-सुविधाएं बढ़ती हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वैभव</strong> <strong>लक्ष्मी</strong> <strong>की</strong> <strong>पूजा</strong> <strong>विधि</strong> <strong>एवं</strong> <strong>व्रत</strong></p> <p style="text-align: justify;">शुक्रवार के दिन व्यक्ति को ब्रह्म मुहूर्त से उठकर स्नानादि से निवृति होकर पूजा स्थल पर बैठना चाहिए. स्नान के बाद यदि उपासक श्वेत या लाल रंग के वस्त्र धारण कर पूजा करें, तो उत्तम होगा. पूजा स्थल पर बैठकर उपासक को व्रत और पूजा विधि का संकल्प लेना चाहिए. उसके बाद पूजा शुरू करनी चाहिए. पूजा स्थल पर वैभव लक्ष्मी का चित्र स्थापित कर उन्हें लाल या श्वेत पुष्प चढ़ाएं. तथा लाल या श्वेत चंदन का तिलक लगाएं.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3inXKlQ Grahan 2021: शनि जयंती पर हो रही है यह अद्भुत खगोलीय घटना, जानें भारत पर क्या होगा इसका असर</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left"> </div> </div> <p style="text-align: justify;">इसके बाद माता वैभव लक्ष्मी को अक्षत्, पुष्प, फल, कमलगट्टा, धूप, दीप, गंध आदि चढ़ाकर पूजन करें. अब माता वैभव लक्ष्मी को चावल की खीर का भोग लगाएं. वैभव लक्ष्मी की आरती करें. अंत में हाथ जोड़कर माता को प्रणाम करें. </p> <p style="text-align: justify;">माता वैभव लक्ष्मी के व्रत में केवल एक समय ही भोजन करना चाहिए तथा प्रसाद के रूप में खीर अवश्य ग्रहण करें. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>वैभव लक्ष्मी व्रत का उद्यापन</strong></p> <p style="text-align: justify;">उपासक को यह व्रत 9, 11 और 21 शुक्रवार के लिए रखना चाहिए. अंतिम शुक्रवार के दिन इस व्रत का उद्दीपन करना चाहिए. उद्दीपन के दिन उपवास रखकर मां वैभव लक्ष्मी का पूजन करें और 7 या 9 कन्याओं को खीर-पूड़ी का भोजन कराएं. वैभव लक्ष्मी व्रत की पुस्तक, दक्षिणा व केले का प्रसाद देकर उन्हें विदा करें. अंत में खुद भोजन करें. ऐसा करने से बहुत लाभ होगा.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3pii9dA Tips: इन पांच पौधों को आंगन में भूलकर भी नहीं लगाना चाहिए, जानें क्यों?</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;"> </div> </div> lifestyle https://ift.tt/3g6rDV7
Black Fungus: कोविड-19 से उबरने के बाद डेंटल संक्रमण के ये हैं संकेत, ऐसे रखें सावधानी
भारत में ब्लैक फंगस या म्यूकरमाइकोसिस संक्रमण को कई राज्यों ने महामारी के तौर पर घोषित किया है. इसके मामले ज्यादातर कोविड-19 के बाद देखे जा रहे हैं. आंकड़े बताते हैं कि ब्लैक फंगस मरीजों की संख्या 12 हजार है. उसकी वजह कोविड मरीजों के ज्यादा स्टेरॉयड का इस्तेमाल, देर तक आईसीयू में रहना है. डॉक्टरों का कहना है कि ब्लैक फंगस का ज्यादा खतरा डायबिटीज और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को है.
कोविड-19 के बाद डेंटल संक्रमण की समस्या अब, काली पपड़ी का बनना, आंशिक पारालाइसिस, सूजन, निरंतर सिर दर्द और कुछ मामलों में जबड़े की क्षति समेत चेहरे की विकृति ब्लैक फंगस का विशिष्ट मार्कर हो गया है. डेंटिस्ट का कहना है कि ब्लैक फंगस के चेतावनी संकेत को समझकर दांत की साफ-सफाई पर ध्यान देने की जरूरत है. शुरुआती चेतावनी संकेत की पहचान जटिलताओं को कम कर सकती है. विशेषकर कोविड-19 से ठीक होने के शुरुआती छह हफ्तों में मरीजों को विशेष तौर पर सतर्क रहने की जरूरत है. दांत की समस्या से परेशानी के मुद्दों को बेहद सावधानी से निपटाया जाना चाहिए. संक्रमण के खतरनाक होने की क्षमता है अगर ये चेहरे की मांसपेशियों और दिमाग तक पहुंच जाए.संक्रण के फैलने का एक बुनियादी रास्ता जबड़े की हड्डी और मुंह है. मसूढ़े का फोड़ा और दंत संक्रमण भी ब्लैक फंगस का शुरुआती मार्कर हो सकता है. दंत स्वास्थ्य के इस विशेष लक्षण को पहचानने का दूसरा महत्वपूर्ण तरीका दर्द है. दांत के फोड़े से दर्द तेज और सख्त हो सकता है. कुछ लोगों के लिए मसूढ़े के फोड़े मुंह में सूजन और खराब स्वाद की वजह भी बन सकते हैं. इसलिए, दंत स्वच्छता रीज को पेचीदगी या मौत से भी बचा सकती है.शुरुआती छह हफ्ते मरीज के लिए बेहद चुनौती ब्लैक फंगस के शुरुआती दौर में मुंह और जबड़े के ऊपर एक फा सूजन, पारालाइसिस, लाली या बढ़ी संवेदनशीलता, पारालाइसिस, लाली देखने को मिल सकती है. दांत का झड़ना और दांत के फोड़े जबड़े के आसपास अतिरिक्त दर्द पैदा कर सकते हैं. अगर आपको आंख, माथा, जबड़े के आसपास दर्द हो, तो तत्काल डॉक्टर से सलाह लें. अभी मुंह और दातों को साफ रखना फंगल संक्रमण और जटिलता के खतरे को नकारने के लिए न सिर्फ जरूरी है बल्कि कई सारे संक्रमण के जोखिम को भी कम करता है. इसलिए जरूरी है कि मरीज मुंह व दांतों को साफ व सेहतमंद बनाकर रोग से बचें. टूथब्रश, गम क्लीनर को डिसइंफेक्ट करें और बैक्टीरियल रोधी माउथवाश से बार-बार गरारा करें.
अगस्त से देश में बायोलॉजिकल ई की वैक्सीन भी मिलने लगेगी, सरकार ने 1500 करोड़ एडवांस में दिए
<p style="text-align: justify;">देश में वैक्सीन की डिमांड को पूरा करने के लिए भारत सरकार ने हैदरावाद की एक प्रतिष्ठित कंपनी बायलॉजिकल-ई (Biological E) को 1500 करोड़ रुपये एडवांस में दे दिया है. Biological E का टीका अगस्त से लोगों को मिलना शुरू हो जाएगा. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी है. मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने बॉयोलॉजिकल-ई द्वारा तैयार किए जा रहे इस टीके की 30 करोड़ खुराक खरीदने का फैसला कर लिया है. कंपनी अगस्त से दिसंबर के बीच टीके की 30 करोड़ खुराकों की आपूर्ति करेगी. इस प्रकार अगस्त से प्रतिमाह छह करोड़ अतिरिक्त टीके लोगों को उपलब्ध होंगे. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>डार्क हॉर्स कंपनी साबित होगी बायोलॉजिक-ई</strong><br />बायलॉजिकल ई कंपनी की साख बहुत अच्छी है. कंपनी पहले से ही जॉनसन एंड जॉनसन सहित चार वैक्सीन के साथ काम कर रही है. इन चारों वैक्सीन पर की गई रिसर्च इसकी अपनी वैक्सीन पर काम आएगी. इसलिए फोर्ब्स पत्रिका ने इसे भारत का डार्क हॉर्स (अप्रत्याशित विजेता) बताया है. पत्रिका ने दिसंबर 2020 के अंक में लिखा था वैक्सीन निर्माण के क्षेत्र में कंपनी ने अपने अथक प्रय़ास से बेहतरीन काम किया है.</p> <p style="text-align: justify;">एक जून की कंपनी ने अपने वक्तव्य में कहा था कि बायोलॉजिक ई कनाडा की एक कंपनी Providence Therapeutics Holdings के साथ साझेदारी की है जो भारत में mRNA vaccines निर्माण के लिए तकनीकी हस्तांतरित करेगी. कंपनी का लक्ष्य एक अरब वैक्सीन निर्माण का है. कंपनी 2022 तक 60 करोड़ वैक्सीन तैयार कर लेगी. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>तीसरे चरण का क्लीनिकल ट्रायल </strong><br />केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को बयान जारी कर बताया कि बॉयोलॉजिकल-ई की कोविड-19 वैक्सीन इस समय तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल से गुजर रही है. पहले और दूसरे क्लीनिकल ट्रायल में बेहतर नतीजे मिले थे. वैक्सीन को बॉयोलॉजिकल-ई ने mRNA तकनीकी पर विकसित किया है, जो आरबीडी प्रोटीन सब-यूनिट वैक्सीन है. संभावना है कि जून-जुलाई के दौरान इसके परीक्षण पूरे हो जाएंगे और सरकारी नियामक की मंजूरी भी मिल जाएगी. इसके बाद अगस्त से इसका टीकाकरण में इस्तेमाल शुरू हो जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;">भारत सरकार शुरुआत से इस कंपनी के साथ संपर्क में थी और कंपनी को टीका बनाने के लिए हरसंभव मदद भी दी थी. मंत्रालय ने कहा कि सरकार इस टीके को प्री क्लीनिकल चरण से लेकर तीसरे चरण तक के अध्ययन तक समर्थन देती आ रही है. जैव प्रौद्यौगिकी विभाग ने न सिर्फ 100 करोड़ रुपये के अनुदान के रूप में वित्तीय सहायता दी है, बल्कि विभाग बायोलॉजिकल-ई के साथ तकनीकी साझेदारी भी कर रहा है. वैक्सीन सम्बंधी जंतुओं पर प्रयोग और अध्ययन का काम ट्रांसलेशनल स्वास्थ्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, फरीदाबाद के जरिए किया गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>निजी क्षेत्र की पहली स्वदेसी वैक्सीन निर्माता कंपनी </strong><br />Biological E हैदराबाद की प्रतिष्ठित कंपनी है जिसकी शुरुआत 1953 में डॉ डीवीके राजू ने की थी. शुरुआत में यह लीवर और एंटीकॉगलेंट्स से संबंधित दवाइय़ां बनाती थी. 1963 में इसने खून को जमने से रोकने के लिए हेपारिन बनाना शुरू किया और निजी क्षेत्र की पहली वैक्सीन निर्माता कंपनी बनी. तब से बायोलॉजिकल ई की साख देश-विदेश में मशहूर है. यह एंटी-टेटनस सीरम और Japanese Encephalitis के लिए वैक्सीन बनाती है. 2025 तक कंपनी देश की सबसे बड़ी वैक्सीन निर्माता कंपनी बनने का लक्ष्य रखी है. महिमा डाटला वर्तमान में कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अब तक भारत में वैक्सीन की कहानी </strong><br />सबसे पहले कोविड-19 के लिए देश में सीएम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया का टीका कोवीशील्ड उपलब्ध हुआ. उसके बाद भारत बायोटेक ने कोवैक्सिन उपलब्ध कराया. भारत में सबसे पहली विदेशी वैक्सीन स्पूतनिक आई और अब जुलाई में फाइजर की वैक्सीन भी उपलब्ध हो जाएगी. अगस्त से भारत को पांचवी वैक्सीन बायोलॉजिकल ई की मिलेगी. अगस्त से देश में स्पूतनिक टीके का भी निर्माण शुरू हो जाएगा. इस बीच सीएम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने स्पूतनिक टीके के उत्पादन के लिए लाइसेंस मांगा है. स्पूतनिक टीके को पांच कंपनियां देश में बनाने जा रही हैं. अब सीरम इंस्टीट्यूट ने भी इसमें दिचलस्पी दिखाई है.</p> lifestyle https://ift.tt/3fM71CL
भारतीय कुर्ते को लाखों में बेच रहा Gucci, ट्विटर पर बना चर्चा का विषय, पढ़ें मजेदार कमेंट्स
<p style="text-align: justify;">वर्ल्ड फेमस इटालियन फैशन हाउस गुच्ची एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है. वह सोशल मीडिया यूजर्स के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है. दरअसल, गुच्ची इंडियन ट्रेडिशनल कुर्ती की तरह दिखने वाले लिनेन के काफ्तान (kaftan) को 1.5 लाख से 2.5 लाख रुपये में बेच रहा है. इस ड्रेस को आमतौर पर एशियाई देशों में पहना जाता है. भारत में इस ड्रेस को 150 से लेकर 1,500 रुपये तक में खरीदा जा सकता है. यूजर्स का कहना है कि जब यह ड्रेस इतनी सस्ती है तो इसे महंगे दाम पर क्यों बेचा जा रहा है. </p> <p style="text-align: justify;">गुच्ची द्वारा बेचे जा रहे लिनेन के काफ्तान की कीमत जानकार सोशल मीडिया यूजर्स हैरान हैं. वहीं, लोग इस मुद्दे पर जमकर बहस करते नजर आ रहे हैं. एक ट्विटर यूजर ने कहा, "यह ड्रेस 500 रुपये में आसानी से मिल सकती है, फिर इसे 2.5 लाख रुपये में क्यों बेचा जा रहा है? एक और यूजर ने लिखा, "जब इस तरह के कपड़ों की कीमत बहुत कम है तो इसे ज्यादा कीमत पर क्यों बेचा जा रहा है?" वहीं, एक यूजर ने सवाल उठाते हुए कहा, "किस बेसिस पर इस ड्रेस की कीमत पर 2.5 लाख रुपये रखी गई है?"</p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="hi">कुलवंत भईया, अब ऐसा भी अपमान ना करे <a href="https://twitter.com/gucci?ref_src=twsrc%5Etfw">@gucci</a> का 😆 अरे कुर्ता तो दिख रहा है। फिट वाला नही, ढीला ढाला हम जैसे मोटे लोगों की पसंद का कुर्ता । कैंप क्लॉथ _ ये तो टू मच कह दिया आपने😆🙏</p> — Reena Tomar (@ReenaTomar8) <a href="https://twitter.com/ReenaTomar8/status/1400413767024869378?ref_src=twsrc%5Etfw">June 3, 2021</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="hi">Gucci ne kya sona chhupa rakha hai ismein??<br />Tae dare you bought it!!Mere ghar se leliyo,better design ke hain mere paas...🙌🙌🙌 <a href="https://ift.tt/3vPzvAZ> — Tanu_💛⁷🌟💜 (@Tanu_Suga) <a href="https://twitter.com/Tanu_Suga/status/1400376591834750981?ref_src=twsrc%5Etfw">June 3, 2021</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <blockquote class="twitter-tweet"> <p dir="ltr" lang="hi">Hehe...Kuch bhi bechne lagte Hain...Indians toh kab se "Gucci" pehn rahe hain.... <a href="https://t.co/BwfmDQkBeN">pic.twitter.com/BwfmDQkBeN</a></p> — Pramila Shrivastava (@Pramila695) <a href="https://twitter.com/Pramila695/status/1400614023549177857?ref_src=twsrc%5Etfw">June 4, 2021</a></blockquote> <p> <script src="https://platform.twitter.com/widgets.js" async="" charset="utf-8"></script> </p> <p style="text-align: justify;"><strong>देश विदेश में पॉपुलर है गुच्ची</strong></p> <p style="text-align: justify;">जानकारी के लिए बता दें कि फैशन हाउस गुच्ची अपने प्रोडक्ट्स को लेकर लोगों के बीच काफी पॉपुलर है. यह फैशन हाउस अक्सर ही अपने कपड़ों और उनकी कीमतों की वजह से सुर्खियों में रहता है. देश विदेश में इस ब्रांड को लोग यूज करते हैं. यही वजह है कि गुच्ची के कपड़ों की कीमत इतनी ज्यादा है. हालांकि, लिनेन के काफ्तान की कीमत इतनी ज्यादा क्यों है, इसपर अभी तक कंपनी की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें :-</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/us-vice-president-kamala-harris-spoke-today-with-prime-minister-narendra-modi-in-a-direct-call-1922535">अमेरिकी उप-राष्ट्रपति कमला हैरिस ने पीएम मोदी से फोन पर की बात, इन मुद्दों पर हुई बात</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/went-to-cyclone-hit-area-on-cm-mamata-banerjee-order-alapan-bandyopdhayay-says-in-reply-to-centre-notice-1922565">पीएम मोदी की बैठक में क्यों शामिल नहीं हुए अलपन बंदोपाध्याय? सीएम ममता का जिक्र करते हुए केंद्र के नोटिस का दिया जवाब</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3idC7oj
Thursday, June 3, 2021
Florals Prints की दीवानी हैं Katrina Kaif, यकीन नहीं होता तो देखें उनकी ये 5 तस्वीरें
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