Thursday, June 3, 2021
Vat Savitri Vrat 2021: वट सावित्री के दिन लगने जा रहा है सूर्य ग्रहण, जान लें पूजा का शुभ मुहूर्त
<p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">वट सावित्री का व्रत(Vat Savitri Vrat 2021) सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद ही खास होता है. इस दिन महिलाएं व्रत कर अपने सुहाग की लंबी आयु की कामना करती हैं और सुख, सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं. हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या के दिन वट सावित्री का व्रत किया जाता है. और इस बार ये व्रत 10 जून 2021 को किया जाएगा. लेकिन खास बात ये है कि इस दिन पड़ने जा रहा है साल का दूसरा ग्रहण दो सूर्य ग्रहण होगा. </span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>व्रत से पहले जान लें ग्रहण काल</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">वट सावित्री की पूजा का मुहूर्त हम आपको बताएंगे लेकिन उससे पहले आप इस दिन लगने जा रहे ग्रहण काल का समय जान लें. ग्रहण दोपहर 1 बजकर 42 मिनट से शुरू होगा और शाम 6 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. लेकिन विशेष बात ये है कि ये सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देने वाला इसलिए यहां न तो सूतक काल मान्य होगा और न ही ग्रहण का कोई असर भारत में दिखेगा. यानी सभी शुभ कार्य उसी तरह किए जा सकेंगे जैसे अब तक होते आए हैं. व्रती महिलाओं को घबराने की कोई आवश्यक्ता नहीं है. </span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>राहुकाल में न करें पूजा</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">राहु काल में वैसे भी कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. 10 जून को दोपहर 2 बजकर 30 मिनट से शाम 3 बजकर 47 मिनट तक राहुल काल है लिहाजा इस दौरान पूजा करने से बचना चाहिए. </span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>व्रत का है बहुत महत्व</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">वट सावित्री के व्रत का काफी महत्व होता है. ये व्रत करवा चौथ के व्रत के समान ही है. जिसमें पति के लिए पत्नियां निर्जल और भूखी प्यासी रहकर व्रत करती हैं. सोलह श्रृंगार करती हैं और खूब सजती संवरती हैं. इस दिन वट के वृक्ष की विशेष पूजा की जाती है. </span></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">ये भी पढ़ेंः </span><a href="https://ift.tt/3wOlt2G Ekadashi 2021: अपरा एकादशी 6 जून का है, इस दिन बन रहा है विष्णु भगवान की पूजा का विशेष संयोग</a></p> <p style="text-align: justify;"> </p> lifestyle https://ift.tt/34KU31O
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कोरोना तीसरी लहर से निपटने के लिए किन चीजों पर देना होगा ध्यान?, जानें एक्सपर्ट की राय
<p style="text-align: justify;"><strong>नई दिल्ली:</strong> कोरोना महामारी की दूसरी लहर पूरे देश में अभी खत्म नहीं हुई है, लेकिन तीसरी लहर की चर्चाओं का बाजार गर्म है. तीसरी लहर कब आएगी इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. लेकिन किस तरह की तैयारी होनी चाहिए इस पर गौर जरूर किया जा सकता है. डॉक्टरों के अनुसार इस लहर से निपटने के लिए मैन पावर एक बड़ा अहम रोल अदा कर सकता है. कोरोना महामारी की जिस वक्त शुरूआत हुई तो सबके के लिए एक अनोखा अनुभव था. कोरोना बीमारी की पहली लहर में मास्क सेनिटाइजर आदि की किल्लत देखने को मिली. वहीं दूसरी लहर में ऑक्सिजन सिलेंडर, अस्पतालों में बेड की भारी किल्लत हुई जिसके कारण कई लोगों को जान गवानी पड़ी.</p> <p style="text-align: justify;">लेकिन सवाल उठता है कि तीसरी लहर में ऐसा क्या किया जाए जिससे लोगों की जान बचाई जा सके? या जिस तरह से दूसरी लहर में हालात गंभीर हुई, उस तरह के हालात फिर पैदा न हो. जोधपुर एम्स के प्रोफेसर और हेड डॉ अमित गोयल ने आईएएनएस को बताया कि, तीसरी लहर में बच्चों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है, लेकिन बच्चों में इतनी गंभीर बीमारी नहीं होती है. दूसरी लहर में भी बच्चों में गंभीर बीमारी नहीं थी.</p> <p style="text-align: justify;">क्या अस्पतालों में मैन पावर को बढ़ाना चाहिए ? इस सवाल के जवाब में अमित गोयल कहते है, बेहद जरूरी है की अस्पतालों में मैन पावर बढ़ाई जाए. हमें पता है कि स्वास्थ्य कर्मी किन हालातों में काम कर रहें हैं. जिस तरह गांव में बीमारी पहुंची है उधर पहले से ही प्रयाप्त परीक्षण देकर जो स्वास्थ्य कर्मी है उन्हें बताना चाहिए. कब अस्पतालों में रेफर करना है मरीज को किस तरह से इलाज करना है.</p> <p style="text-align: justify;">ब्लैक फंगस के मामलों को देखते हुए मौजूदा वक्त में लगता है कि आम नागरिकों के अलावा हेल्थ वर्कर्स को भी सिखाना होगा कि इलाज का जो प्रोटोकॉल है, उसे देख कर ही इलाज करें. कोरोना से निपटने की बेहतर तैयारी करके तीसरी लहर में मौतों को कम किया जा सकता है. एसबीआई की रिपोर्ट के अनुसार देश में कोरोना की संभावित तीसरी लहर, दूसरी लहर की तरह की बेहद खतरनाक होगी. इस रिपोर्ट में अनुमान जताया गया है कि तीसरी लहर 98 दिन तक चल सकती है.</p> <p style="text-align: justify;">दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल में आपातकालीन विभाग की प्रमुख डॉ. ऋतु सक्सेना ने आईएएनएस को बताया, सरकार को तुरंत छोटे -बड़े अस्पतालों में आईसीयू बेड बढाने चाहिए. सिर्फ बड़े अस्पताल में ही तैयारियां न कि जाएं, बल्कि छोटे अस्पतालों को अपने स्तर की तैयारी करनी होगी. वहीं इन अस्पतालों में कोविड इलाज की तैयारी करानी होगी.</p> <p style="text-align: justify;">यदि तीसरी लहर आए तो हम अन्य अस्पतालों के डॉक्टरों को पाने यहां काम करा सकें. इस तरह की कोविड इलाज की ट्रेनिंग स्वास्थ्य कर्मियों को देनी होगी. आईसीयू बेड चालने की ट्रेनिंग देनी होगी.उन्होंने कहा, जिस तरह फायर सेफ्टी की ट्रेनिंग कराई जाती है उसी तर्ज पर अस्पताल में डॉक्टर, नर्स सुरक्षा कर्मी इन सभी लोगो को कोविड की ट्रेनिंग करानी चाहिए. इससे लहर से निपटने से आसानी होगी. हर व्यक्ति का इस्तेमाल होना चाहिए</p> <p style="text-align: justify;">ट्रेंड मैन पावर होना बहुत जरूरी होता है. डेंटिस्ट डॉकटरों की भी ट्रेनिंग कराई जाए, साथ ही एमबीबीएस के पढ़ाई करने वाले छात्रों की भी ट्रेनिंग करानी चाहिए ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें ड्यूटी पर लगाया जा सके. देशभर में तीसरी लहर को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. यही कारण है कि राज्य सरकारें अपने अपने स्तर पर तैयारी कर रहीं हैं.</p> <p style="text-align: justify;">दिल्ली सरकार के अनुसार, सरकार ने पहले ही तैयारियों को तेज कर दिया है. सरकार ने 13 लोगों की एक टीम बनाई है जो एक्शन प्लान तैयार करेगी और जो भी स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरतें होंगी जिसे की बेड, ऑक्सिजन ड्रग्स आदि इनपर काम किया जाएगा. इसके अलावा दिल्ली सरकार ने 8 सदस्यों की एक कमिटी और बनाई है जो तीसरी लहर पर अलग से काम करेगी.</p> <p style="text-align: justify;">दिल्ली के अरदेंत गणपति अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ अंकित ओम ने आईएएनएस को बताया, सबसे पहले डॉक्टर और मैन पावर की कमी पड़ेगी, डॉकटर चाहे जैसे भी काम कर लें लेकिन उन्हें नेगेटिव इम्पेक्ट से बचाना होगा. दूसरी लहर के दौरान स्टाफ, नर्स मैन पावर टूट गई थी. 30 फीसदी लोग 70 फीसदी लोगों का इलाज नहीं कर सकते.</p> <p style="text-align: justify;">हमें तीसरी लहर में अपनी कैपेसिटी से बढ़कर काम करना होगा. हमें बच्चों के इलाज के लिए इक्विपमेंट चाहिए होंगे. बच्चों के इक्विपमेंट इतने उपलब्ध नहीं हैं. वहीं वेंटिलेटर चलाने वाले टेक्नीशियन की कमी होगी. क्योंकि बच्चों की सेटिंग्स अलग होती हैं.</p> <p style="text-align: justify;">मैनपावर, इक्विपमेंट चाहिए होंगे और ऑक्सिजन एक अहम रोल अदा करेगा. वहीं बच्चों का होम आइसोलेशन किसी तरह से नहीं कराया जा सकता. क्योंकि बच्चे बता नहीं पाएंगे उन्हें क्या हो रहा है. बच्चों में लक्षण आते हैं और अस्पतालों के पास बच्चों के इलाज के अनुसार व्यवस्थाएं नहीं है. जिन्हें करना बेहद जरूरी है.</p> <p style="text-align: justify;">कोरोना की तीसरी लहर आएगी ये बोलना फिलहाल गलत होगा. जब जब लॉकडाउन खोला जाएगा मरीज बढ़ेंगे. वहीं इकोनॉमी को बचाने के लिए लॉकडाउन खोले जाएंगे. कई डॉक्टरों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि तीसरी लहर बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है. लेकिन फिलहाल जल्द से जल्द कोरोना महामारी की तीसरी लहर की तैयारी करनी चाहिए क्योंकि इस बात की कोई पुष्टि नहीं है कि ये वायरस भविष्य में किस तरह से नुकसान पहुंचा सकता है.</p> lifestyle https://ift.tt/34IbIHh
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Weight loss: ये ड्रिंक्स आपकी डाइट में होना है जरूरी, ताजा तरीके से कम करेंगे वजन
वजन प्रबंधन की तरफ बुनियादी कदम डाइट पर नियंत्रण है. थकाऊ प्रक्रिया होने के चलते वजन कम करने का प्रयास मुश्किल हो जाता है. लोग उम्मीद और प्रेरणा खोने लगते हैं. लेकिन, 'ड्रिंक का एक कप ताजा' आपके वजन प्रबंधन में मदद कर सकता है. खास ड्रिंक्स गर्मी में आपको स्वस्थ शरीर के लक्ष्यों को हासिल करने से नहीं रोकेंगे.वजन प्रबंधन को बढ़ावा देने में मददगार ड्रिंक्स प्रोटीन ड्रिंक्स- प्रोटीन ड्रिंक्स पूर्णता का एहसास पैदा करने में मदद कर सकते हैं, इस तरह कैलोरी का अत्यधिक सेवन रुक जाता है. कम कैलोरी का सेवन वजन में कमी और वजन प्रबंधन के साथ मदद कर सकते हैं. आप प्रोटीन ड्रिंक का सप्लीमेंट्स इस्तेमाल कर सकते हैं, या कई सामग्रियों जैसे केला, मूंगफैली के मक्खन से प्रोटीन ड्रिंक्स बना सकते है
ग्रीन टी-
ग्रीन टी एंटीऑक्सीडेंट्स का भरपूर स्रोत होता है और फैट बर्न करने और वजन प्रबंधन फायदों को बढ़ावा दे सकता है. एक रिसर्च में पाया गया कि ग्रीन टी में वजन कम करने के फायदे हो सकते हैं.
ब्लैक टी-
चाय आम तौर से पीया जानेवाला एक ड्रिंक है, हालांकि, अगर आप वजन कम करनेवाली किसी ड्रिंक की तलाश कर रहे हैं, तो दूध छोड़ने का सही समय है. पॉलीफेनोल्स की मौजूदगी के कारण ब्लैक टी वजन कम करने को बढ़ावा दे सकता है.
सेब के सिरके का ड्रिंक्स-
सेब का सिरका युक्त ड्रिंक्स मेटोबोलिज्म को सुधारता है और फैट बर्न करता है, इस तरह वजन कम करने में ये आपकी मदद कर सकता है. कई रिसर्च से पता चला है कि सेब के सिरका में वजन प्रबंधन के गुण होते हैं. हालांकि, सेब के सिरके का ज्यादा सेवन से परहेज किया जाना चाहिए क्योंकि ये दांतों के क्षरण का कारण बन सकता है. आप सेब के सिरका को कुछ सामग्रियों जैसे शहद, नींबू और दालचीनी के साथ मिलाकर ड्रिंक बना सकते हैं.
सब्जी का जूस-
आप सब्जी का जूस घर में आसानी से उपलब्ध सब्जियों से बना सकते हैं. सब्जियां जैसे गाजर, पालक और खीरा के जूस पोषक तत्वों में भरपूर होते हैं और संपूर्ण स्वास्थ्य को फायदा पहुंचा सकते हैं. फल के जूस में शुगर अत्यधिक पाया जाता है जो वजन बढ़ाने में सहायता कर सकता है. उसके विपरीत, सब्जी का जूस वजन कम करने में मदद कर सकता है.
'मुझे बाइपोलर डिसऑर्डर है, लेकिन साइको नहीं हूं'- निशा रावल ने पति करन मेहरा के बारे में किया सनसनीखेज खुलासा
<p style="text-align: justify;">घरेलू हिंसा की खबरों के बीच अपना पक्ष रखने के लिए एक्ट्रेस निशा रावल ने मंगलवार की शाम प्रेस कांफ्रेंस की. सोमवार को अपने पति के खिलाफ मारपीट की शिकायत के बाद एक्टर करन मेहरा को गिरफ्तार कर लिया गया था और बाद में जमानत पर छोड़ दिया गया. करन ने कई मीडिया इंटरव्यू में बताया था कि कैसे निशा अपने सिर को दीवार से टकराती थी और उसकी जिंदगी को झूठे आरोपों में 'बर्बाद' करने की धमकी देती थी. एक्टर ने ये भी कहा था कि निशा में बाइपोलर डिसऑर्डर का पता चला है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हां, मुझे बाइपोलर डिसऑर्डर है- निशा रावल</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रेस कांफ्रेंस में निशा ने माना कि उसे बाइपोलर डिसऑर्डर जरूर है लेकिन 'साइको' नहीं है. एक्ट्रेस ने कहा, "बाइपोलर डिसऑर्डर मूड की खराबी है जो अत्यधिक सदमे के कारण होता है और ये कभी-कभी जिनेटिक भी होता है. मेरे अंदर बाइपोलर डिसऑर्डर का खुलासा हुआ था और मैं उसके बारे में झूठ नहीं बोलने जा रही हूं क्योंकि मुझे उसके बारे में बात करने से शर्म नहीं है. लेकिन मैं साइको नहीं हूं, ये मूड की विकृति है. और आप सभी जानते हैं कि मैं कितनी संतुलित हूं. मैं वेबसाइट के लिए कंटेट तैयार करती हूं, मैं वीडियो बनाती हूं और लिखती हूं. मुझे कुछ भी साबित करने की जरूरत नहीं है."</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पति करन मेहरा के बारे में किया खुलासा</strong></p> <p style="text-align: justify;">उसने बताया कि 2014 में उसका मिसकैरेज हुआ था और उस वक्त करन ने साथ नहीं दिया. उसने कहा, "सितंबर 2014 में, मैं 5 महीने की प्रेगनेंट थी और मैंने अपना बच्चा खो दिया. हाल ही में, मैंने मां का एक ग्रुप बनाया है जहां बच्चा खोनेवाली महिलाएं उसके बारे में बात कर सकती हैं क्योंकि जब मैंने अपने बच्चे को खोया था, तो उस वक्त मेरे पास नुकसान के बारे में बात करने के लिए कोई नहीं था. मैं अपने माता-पिता के पास जाना चाहती थी और उनसे बात करना चाहती थी क्योंकि मेरे लिए ये बहुत बड़ा सदमा था. लेकिन उसी दौरान मेरे पति मुझे पीटने लगे, गाली देने लगे, मौजूद नहीं रहते थे, पूरी तरह अलग-थलग और तब मैं एक थेरेपिस्ट के पास गई. वास्तव में, करन ने मुझे थेरेपिस्ट के पास जाने से रोका था, मुझे जिम नहीं जाने देता था, उसका सब कुछ पर नियंत्रण था." निशा ने करन पर विवाहेत्तर अफेयर का भी आरोप लगाया. उसने कहा कि करन 'बच्चे की जिम्मेदारी भी नहीं ले रहा था'.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोविड-19 के बाद पहली बार 10 किलोमीटर की दौड़, मिलिंद सोमन के पोस्ट पर अंकिता ने दिया ये रिएक्शन" href="https://www.abplive.com/lifestyle/post-covid-19-first-10k-run-ankita-konwar-gave-this-comment-on-post-of-milind-soman-1922147">कोविड-19 के बाद पहली बार 10 किलोमीटर की दौड़, मिलिंद सोमन के पोस्ट पर अंकिता ने दिया ये रिएक्शन</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Beauty Tips: विद्या बालन के जैसा खिला-खिला चेहरा पाएं, ऐसे करें अपनी त्वचा को डिटॉक्स" href="https://ift.tt/2RkRvEy Tips: विद्या बालन के जैसा खिला-खिला चेहरा पाएं, ऐसे करें अपनी त्वचा को डिटॉक्स</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"> </p> lifestyle https://ift.tt/3wYlS2N
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