Monday, May 31, 2021
Black Fungus: कोरोना से रिकवरी के बाद भी हो सकता है ब्लैक फंगस का खतरा, इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस के खतरे के बीच अब बढ़ते फंगस के मामलों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं. ब्लैक फंगस, व्हाइट फंगस और येलो फंगस होने का खतरा उन लोगों में ज्यादा है जो कोरोना के दौरान या किसी और बीमारी में लंबे समय तक ICU में रहे हो, जिन लोगों को ऑक्सीजन दी गई हो, जिन लोगों को कोरोना होने के बाद ज्यादा मात्रा में स्टेरॉयड दिए गए हों या जिन मरीजों का ब्लड शुगर बढ़ा हुआ हो. ऐसे लोगों को फंगस होने का खतरा ज्यादा है. कई लोगों को COVID-19 से रिकवर करने के बाद भी फंगल इंफेक्शन हो रहा है. ऐसे में कोरोना से ठीक होने के बाद भी फंगस की वजह से मरीजों को दोबारा अस्पताल में एडमिट होना पड़ रहा है. ऐसे में COVID-19 से ठीक हो रहे मरीजों को अपने शरीर में नज़र आने वाले कुछ लक्षणों को लेकर बहुत सावधानी बरतने की जरूरत है. ये लक्षण ब्लैक फंगस के हो सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>सिर दर्द होना-</strong> कोविड से रिकवरी के वक्त अगर सिर में लगातार दर्द है या किसी जगह पर दबाव महसूस हो रहा है, तो ये ब्लैक फंगस का लक्षण हो सकता है. ये फंगस नाक से दिमाग तक पहुंच सकता है. <br /> <br /><strong>चेहरे पर एक ओर सूजन-</strong> एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें अलग-अलग लक्षण सामने आ रहे हैं. कई लोगों के चेहरे पर सूजन, दर्द और नीचे की ओर भारीपन महसूस हो रहा है. इसके अलावा त्वचा लाल हो सकती है. ये ब्लैक फंगस के शुरुआती लक्षण हैं. <br /> <br /><strong>त्वचा का रंग बदलना जाना- </strong>ब्लैक फंगस के शुरुआती लक्षणों में कई लोगों की नाक के पास काली पपड़ी बन रही है, कई लोगों के चेहरे का रंग खराब हो रहा है, आंखों में भारीपन भी शरीर में ब्लैक फंगस फैलने के लक्षण हो सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>नाक का ब्लॉक होना- </strong>फंगस आपके शरीर में सबसे पहले नाक के जरिए घुसता है. ऐसे में नाक बंद होना या सांस लेने में तकलीफ होना भी इसका लक्षण हो सकता है. कई गंभीर मामलों में ये लंग्स पर भी अटैक कर देता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दातों का कमजोर होना-</strong> कई लोगों को ब्लैक फंगस के लक्षण के रूप में सबसे पहले दातों में परेशानी हो सकती है. दातों के ढीले हो जाने, जबड़े से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है. इन मामलों में ऑपरेशन की जरूरत भी पड़ सकती है.<br /> <br />आपको बता दें कोरोना वायरस शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देता है. ऐसे में कोविड से रिकवर हो रहे मरीजों को फंगल इंफेशन के खतरे से बचने के लिए मुंह की साफ-सफाई पर बहुत ध्यान देना चाहिए. कोरोना की रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद अपने टूथब्रश को बदल दें और साफ सफाई का ध्यान रखें. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3yNJEjz" target="_blank" rel="noopener">कोरोना काल और गर्मी के मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी पिएं या नहीं, जानिए</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3uB3g7s
अजवाइन, सौंफ और जीरा से कहवा बनाने की जानिए रेसिपी, पीने से सेहत को मिलेगा हैरतअंगेज फायदा
<p style="text-align: justify;">प्राकृतिक और साधारण फूड ने हमेशा इंसानी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव डाला है. उनमें से कुछ ऐसे फूड्स भी हैं जिनका इस्तेमाल सदियों से होता आ रहा है. ये फूड्स विभिन्न प्रकार की बीमारियों के खिलाफ इलाज में इस्तेमाल हो रहे हैं. कुछ जड़ी-बूटियों के सेवन से हासिल होनेवाले फायदों पर विज्ञान और मेडिकल दोनों सहमत हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, इंसानी स्वास्थ्य का संबंध सीधे खानपान से होता है, क्या खाया जा रहा है और किस तरह खाया जा रहा है, ये बहुत महत्व रखता है. भोजन के इस्तेमाल के बाद भी सेहतमंद और सक्रिय जिदंगी जीना चाहते हैं, तो शरीर को डिटॉक्सीफाई करना बेहद जरूरी है. उसके लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की सलाह दी जाती है. जड़ी-बूटियों और मसालों की मदद से ब्लड से शरीर में मौजूद टॉक्सिन का सफाया होता है.</p> <p style="text-align: justify;">उससे शरीर के कार्य करने की क्षमता में भी सुधार आता है और बीमारियों जैसे मोटापा, हाई कोलेस्ट्रोल लेवल से भी छुटकारा मिलता है. मौसमी बीमारियों , मोटापा, पेट की समस्या, आंत की सफाई और चुस्त-दुरुस्त रहने में किचन की तीन सामग्रियां बेहद कारगर हैं. अजवाइन, जीरा और सौंफ से तैयार कहवा सुबह-शाम इस्तेमाल करने से फैट घुलाने समेत कई बीमारियों के खिलाफ शरीर को सुरक्षा मिलता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>कहवा की रेसिपी और बनाने का तरीका</strong></p> <p style="text-align: justify;">एक चौथाई चम्मच अजवाइन, एक चम्मच सौंफ और एक चम्मच जीरा लें. एक बर्तन में पानी को अच्छी तरह उबाल लें और उबलने पर चूल्हा बंद कर दें. अब, तीनों सामग्री सौंफ, जीरा और अजवाइन कप में डालकर उबलता हुआ पानी शामिल करें और 12-15 मिनट के लिए ढंक दें. आपका कहवा तैयार हो गया, उसके बाद दिन में सुबह के वक्त और रात को सोने से पहले इस्तेमाल करें. ये कहवा एक महीने में 2-3 किलो वजन कम करने की क्षमता भी रखता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>सौंफ, जीरा, अजवाइन से बना कहवा के फायदे</strong></p> <p style="text-align: justify;">सौंफ पेट और आंत से जुड़ी बीमारियों के लिए बेहतरीन दवा का काम करता है, सौंफ के इस्तेमाल से देर तक भूख नहीं लगती. जीरा और अजवाइन शरीर और पेट के आसपास जिद्दी फैट घुलाने के लिए शानदार है. अजवाइन के इस्तेमाल से कोलेस्ट्रोल लेवल संतुलित रहता है और भोजन के साथ शरीर में पहुंची अतिरिक्त चर्बी को निकालने का काम करता है. असर में गर्म होने के चलते अजवाइन का इस्तेमाल महिलाओं के लिए फायदेमंद बताया जाता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="अगर आप अस्वस्थ्य महसूस कर रहे हैं तो क्या करना चाहिए, जानिए- यूनिसेफ के बताए उपाय" href="https://www.abplive.com/lifestyle/what-to-do-if-you-are-feeling-unwell-know-about-unicef-guidelines-1920903">अगर आप अस्वस्थ्य महसूस कर रहे हैं तो क्या करना चाहिए, जानिए- यूनिसेफ के बताए उपाय</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="हैले बेरी को 30 सालों तक कीटो डाइट पर क्यों रहना पड़ा? हॉलीवुड एक्ट्रेस ने खुद खोला राज" href="https://www.abplive.com/lifestyle/why-did-halle-berry-has-to-live-on-keto-diet-for-30-years-hollywood-actress-revealed-1920006">हैले बेरी को 30 सालों तक कीटो डाइट पर क्यों रहना पड़ा? हॉलीवुड एक्ट्रेस ने खुद खोला राज</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"> </p> <p style="text-align: justify;"> </p> lifestyle https://ift.tt/3yTQ15c
Covid-19: कोरोना काल और गर्मी के मौसम में फ्रिज का ठंडा पानी पिएं या नहीं, जानिए
<p style="text-align: justify;">देश में एक तरफ कोरोना वायरस (Coronavirus) का प्रकोप और दूसरी तरफ चिलचिलाती गर्मी ने लोगों को परेशान कर रखा है. कोरोना के कहर से बचने के लिए डॉक्टर्स इम्यूनिटी मजबूत करने की सलाह दे रहे हैं. लेकिन इस गर्मी के मौसम में इम्यूनिटी बढ़ाने वाली चीजों ने शरीर में गर्मी बढ़ा दी है, जिसकी वजह से कई लोगों को पेट और कई तरह की परेशानियां भी हो रही हैं. डॉक्टर इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए गर्म या गुनगुना पानी पीने (Hot and Warm Water) की सलाह दे रहे हैं. लेकिन जैसे जैसे तापमान बढ़ रहा है लोगों के लिए गर्म पानी पीना मुश्किल हो रहा है. ऐसे में बहुत सारें लोगों ने अब फ्रिज का ठंडा पानी पीना शुरु कर दिया है. हालांकि कई लोगों के मन में ये सवाल भी है कि क्या कोरोना के इस दौर में फ्रिज का ठंडा पानी पीने से संक्रमण हो सकता है. आइये जानते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या ठंडा पानी पीने से कोरोना हो सकता है?</strong><br />ऐसा बिल्कुल नहीं है कि फ्रिज का ठंडा पानी पीने से कोरोना होता है. कोरोना सिर्फ संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से या फिर किसी संक्रमित चीज को छूने से ही होता है. हां लेकिन एक बात है कि गर्म पानी पीने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) मजबूत होती है. गर्म पानी पीने से गले और नाक से जुड़े कई तरह के इंफेक्शन नहीं होते हैं. यही वजह है कि डॉक्टर गर्म या गुनगुना पानी पीने की सलाह देते हैं. वहीं अगर आप फ्रिज का ठंडा पानी पीते हैं तो इससे कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को परेशानी हो सकती है. इससे आपके गले में खराश, खांसी या किसी तरह का संक्रमण हो सकता है. यही वजह है कि आज के नाजुक हालात को देखते हुए डॉक्टर्स गर्म पानी पीने की सलाह दे रहे हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोरोना संक्रमित व्यक्ति ठंडा पानी न पिएं </strong><br />कोरोना संक्रमित व्यक्ति की इम्यूनिटी पहले से ही काफी कमजोर होती है. कोरोना की वजह से खांसी-जुकाम और बुखार रहता है. ऐसे भले ही आपको मन ठंडा पानी पीने के लिए करे लेकिन आपको इससे परहेज रखना है. अगर आप ठंडा पानी पीएंगे तो कोरोना के लक्षणों में लंबे समय तक कमी नहीं आएगी और रिकवरी में वक्त लगेगा. इसलिए संक्रमित व्यक्ति को खाने-पीने की गर्म चीजें और पानी गुनगुना ही पीना चाहिए. गर्म पानी से गले का इनफेक्शन दूर होगा और आप जल्दी स्वस्थ हो जाएंगे.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गर्मी में रूम टेंप्रेचर का पानी पिए </strong><br />गर्मी बहुत ज्याद है ऐसे में आप गर्म या गुनगुना पानी पीने के बजाय रूम टेंप्रेचर का पानी पी सकते हैं. इससे आपकी प्यास भी बुझ जाएगी और आपको कोई नुकसान भी नहीं होगा. आपको फ्रिज का ठंडा पानी नहीं पानी चाहिए. ठंडा पानी पीने से आपको कई तरह की परेशानी हो सकती हैं. इसलिए कोरोना काल में ही नहीं हमेशा फ्रिज का ठंडा पानी पीने से परहेज करें. आप चाहें तो गर्मी में मटके का पानी पी सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ठंडा पानी पीने से नुकसान </strong><br />- गले में खराश<br />- गले में संक्रमण<br />- खांसी-बुखार<br />- सिर दर्द<br />- कब्ज की समस्या<br />- इम्यूनिटी कमजोर होना</p> <p style="text-align: justify;"><br />अगर आप तेज गर्मी में बाहर से आए हैं तो ठंडा पानी बिल्कुल न पिएं. इससे आपको गले में खराश, जुकाम और बुखार भी हो सकता है. खासकर कोरोना से संक्रमित मरीज को फ्रिज का ठंडा पानी बिल्कुल ही नहीं पानी चाहिए. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3fYPRAM" target="_blank" rel="noopener">प्राकृतिक रोशनी आपके शरीर के लिए क्यों है बेहद जरूरी? जानिए इसके हैरतअंगेज फायदे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3yNJEjz
हैले बेरी को 30 सालों तक कीटो डाइट पर क्यों रहना पड़ा? हॉलीवुड एक्ट्रेस ने खुद खोला राज
<p style="text-align: justify;">हैले बेरी को 30 वर्षों तक कीटो डाइट पर रहना पड़ा है और उनका कहना है कि इससे उनके डायबिटीज प्रबंधन में मदद मिली. 54 वर्षीय बेरी को 22 साल की उम्र में डायबिटीज का पता चला था, जिसके चलते उन्होंने अपनी स्वास्थ्य यात्रा शुरू की. जीवन बदलने वाले क्षण के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, "ये ऐसा पल था जिसे मैं कभी नहीं भूला पाऊंगी. मुझे अपने जीवन जीने के तरीके को फिर से घुमाना पड़ा और तब से मेरे साथ है. क्योंकि मैं एक डायबिटीक थी, पोषण मेरी जिंदगी का बड़ा हिस्सा रहा है और करीब पिछले 30 वर्षों से मैं कीटोजेनिक जीवनशैली का पालन कर रही हूं." </p> <p style="text-align: justify;"><strong>कीटो डाइट ने हैले बेरी को डायबिटीज में पहुंचाया लाभ</strong></p> <p style="text-align: justify;">बेरी ने बताया कि कीटो डाइट उन्हें अंदरुनी ताकत देती है और उनकी लालसा को कम करती है. उनका मानना है कि उसने उम्र में अच्छी मदद की. 2018 में एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पोस्ट में विस्तार से अपनी सेहत और फूड सेवन के बारे में बात की थी. उसमें उन्होंने जिक्र किया था कि कैसे कीटो डाइट 'उनकी उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने के लिए काफी हद तक जिम्मेदार रही' और बच्चे को जन्म देने के बाद वजन कम करने में उनकी मदद की. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>एक्ट्रेस ने बताया लंबे समय तक करना पड़ा था पालन</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने लिखा था, "कीटो जीवनशैली के बहुत ज्यादा फायदे जैसे वजन में कमी, भूख पर काबू, ज्यादा ऊर्जा और बेहतर दिमागी प्रदर्शन हैं. अगर आप मेरी तरह हैं, और संभावित तरीके से टाइप 2 डायबिटीज को पीछे की ओर घुमा सकें, तो बेहतर शारीरिक सहनशीलता, बेहतर स्किन और कम मुहांसे का भी अनुभव कर सकेंगे अगर ऐसा मामला हुआ. और यहां तक कि ये माइग्रेन काबू करने में भी मदद करती है!" </p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/3c8pNlE> <p style="text-align: justify;">लंबे समय तक कीटो का पालन करने से बेरी ने बताया था कि उनको मिठाई खाने की लालसा नहीं रही. उनकी डायबिटीज की पहचान उनके स्वास्थ्य और वेलनेस प्लेटफॉर्म Re-Spin की प्रेरणा बनी. 2019 में एक्ट्रेस के निजी ट्रेनर ने उनकी दैनिक डाइट और पसंदीदा डिश को शेयर किया था, जिसमें बुलेटप्रूफ कॉफी (मक्खन या नारियल तेल के साथ कॉफी), साग के साथ चिकन या स्टेक, और एवोकाडो आइसक्रीम शामिल थे.</p> <p style="text-align: justify;">कीटो डाइट के फायदों पर हालांकि विशेषज्ञों की तरफ से बहस की जाती रही है. 2020 में एक्ट्रेस मिष्टी मुखर्जी की मौत के बाद विशेष तौर पर उसने संदेह पैदा किया. उनकी मौत के पीछे कीटो डाइट की वजह से किडनी फेल्योर होना बताया गया. वर्षों तक भ्रम रहा है कि क्या बेरी का डायबिटीज रोग टाइप 1 है या टाइप 2. लेकिन उनकी कुछ टिप्पणियों की मेडिकल पेशेवरों की तरफ से भारी आलोचना की गई. उनका ये कहना कि टाइप 1 डायबिटीज को डाइट में बदलाव लाकर कैसे उन्होंने 'पीछे मोड़ लिया', आलोलकों को पसंद नहीं आया था.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="खानपान की खराब आदतें आपकी सोच से भी ज्यादा करती हैं स्वास्थ्य को प्रभावित, जानिए कैसे" href="https://www.abplive.com/lifestyle/bad-eating-habits-affect-your-health-more-than-you-think-know-how-1919776">खानपान की खराब आदतें आपकी सोच से भी ज्यादा करती हैं स्वास्थ्य को प्रभावित, जानिए कैसे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="हेल्दी स्किन के लिए बेहद जरूरी है पोषण, इन फूड्स से त्वचा को दें नई रंगत" href="https://www.abplive.com/lifestyle/nutrition-on-skin-aging-plays-a-vital-role-here-are-some-nutritious-summer-foods-to-include-in-your-diet-1919693">हेल्दी स्किन के लिए बेहद जरूरी है पोषण, इन फूड्स से त्वचा को दें नई रंगत</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2SFTZ0C
प्राकृतिक रोशनी आपके शरीर के लिए क्यों है बेहद जरूरी? जानिए इसके हैरतअंगेज फायदे
<p style="text-align: justify;">अगर आप आउटडोर के बजाए इंडोर रहने को प्राथमिकता देते हैं, तो मालूम होना चाहिए इंसानों का विकास ज्यादातर सूरज की रोशनी में होता है. कई लोगों के लिए इंडोर रहना जीवनशैली का हिस्सा बन गया है क्योंकि प्रकृति के साथ जुड़ने के लिए उनके पास समय नहीं है. लेकिन, वास्तव में व्यस्त शेड्यूल से कुछ वक्त निकालना और सूरज की रोशनी में कुछ समय आउटडोर बिताना जरूरी है क्योंकि उसके फायदे बेहद हैं. अगर आपको फिर भी यकीन नहीं है, तो प्राकृतिक रोशनी में होने के चंद फायदों को जानें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विटामिन डी का स्रोत-</strong> विटामिन डी धूप का विटामिन के तौर पर जाना जाता है क्योंकि सूरज के संपर्क में आने पर आपकी स्किन को फायदा पहुंचता है. इसलिए, सूरज हमारे लिए विटामिन डी का बुनियादी स्रोत है. ये शरीर में 200 जीन्स को काम को नियंत्रित करता है. उसके अलावा, विटामिन डी हड्डियों, आंत, इम्यून, हृदय प्रणाली, पैन्क्रियाज, मसल्स, ब्रेन को प्रभावित करता है. इस तरह, सूरज की रोशनी से विटामिन डी का दैनिक डोज हासिल करना कई बीमारियों को रोक सकात है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आंखों के लिए ठीक-</strong> जिस तरह ये कहा जाता है कि आपको सूरज की तरफ सीधे नहीं देखना चाहिए, उसी तरह ये भी सच है कि सूरज की रोशनी आपकी आंखों के लिए ठीक है. आज कल हम सब की आदत मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण का इस्तेमाल करने की हो गई है जिसमें फ्लोरोसेंट रोशनी होती है और आपकी आंखों को नुकसान की वजह बन सकती है. दूसरी तरफ, प्राकृतिक रोशनी आंखों के लिए फायदेमंद साबित हुई है और निकट दृष्टि के खतरे को कम करती है क्योंकि ये डोपामाइन पैदा करती है जो हमारी आंखों को स्वस्थ रहने में मदद करता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ध्यान केंद्रित करने में मदद-</strong> प्राकृतिक रोशनी फोकस और एकाग्रता के स्तर को बढ़ाने के लिए जानी जाती है. अगर आपको बंद केबिन में बैठे हुए अपने काम पर ध्यान केंद्रित करने में मुश्किल आ रही है, तो आपको अपनी खिड़कियों को खोलने की जरूरत है और अपने कमरे में थोड़ा सूरज की रोशनी आने दें. ये आपके फोकस को बढ़ाने और सतर्क रहने में मदद कर सकता है. अगर आपकी केबिन या घर में प्राकृतिक रोशनी आने की प्रयाप्त जगह नहीं है, तो आपको बैठने की जगह बदलने की जरूरत होगी क्योंकि ये बड़े फोकस लेवल के साथ बेहतर काम करने में आपकी मदद कर सकता है और उसका नतीजे अधिक उत्पादकता की सूरत में सामने आ सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तनाव कम करने में मदद-</strong> अगर आप हाल ही में किसी दबाव के कारण तनावग्रस्त या चिंतित महसूस कर रहे हैं, तो आपको रोजाना सूरज में कम से कम 30 मिनट टहलना शुरू कर देना चाहिए. ये आपको शांत करने में मदद कर सकता है और तर्कसंगत फैसले के नतीजे में आप अपनी स्थिति को बेहतर सोच सकते हैं. रोशनी दिमाग के विभिन्न हिस्सों के बीच संचार को सुधारती है जो तनाव और चिंता जैसी भावनाओं को संभालता है. हालांकि, बेहतर है कि आप सुबह में थोड़ा सैर करें क्योंकि तुलनात्मक रूप से अधिक फायदेमंद है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="मसाले, शुगर, ऑयल और नमक क्यों हैं शरीर के लिए महत्वपूर्ण? जानिए फायदे और नुकसान" href="https://www.abplive.com/lifestyle/why-are-salt-oil-sugar-and-spices-important-know-benefits-and-side-effects-1920926">मसाले, शुगर, ऑयल और नमक क्यों हैं शरीर के लिए महत्वपूर्ण? जानिए फायदे और नुकसान</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="मां की जैम रेसिपी से 79 वर्षीय ब्रिटिश महिला ने कैसे बनाई 2 करोड़ की कंपनी, जानें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/79-year-old-british-indian-woman-established-a-jam-company-of-2-crore-with-using-recipe-of-mother-know-1920874">मां की जैम रेसिपी से 79 वर्षीय ब्रिटिश महिला ने कैसे बनाई 2 करोड़ की कंपनी, जानें</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3fYPRAM
Weight loss: क्या आपकी हाई प्रोटीन डाइट वजन कम करने के बजाए बढ़ा रही है, जानिए
<p style="text-align: justify;">प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्व है और इसलिए उसका इस्तेमाल नियमित होना चाहिए. प्रोटीन का उचित सेवन मसल मास बनाने, देर तक भरा रखने, इन्यून सिस्टम का समर्थन करने और स्वस्थ काम को बरकार रखने में मदद करता है. लेकिन, अक्सर ये भी माना जाता है कि अधिक प्रोटीन वाली डाइट का पालन जल्दी वजन कम करने के मिशन में जरूरी है. फलिया, सीड्स, पोल्ट्री, टोफू समेत प्रोटीन से भरपूर फूड्स के सेवन की प्राथमिकता भी वजन कम करने के मंसूबे में मददगार हो सकती है. लेकिन, उसका इस्तेमाल संतुलित मात्रा में किया जाना जरूरी है. मिसाल के तौर पर, अधिक प्रोटीन वाली डाइट पर निर्भर होना आपको वजन कम करने के लक्ष्य हासिल करने से रोक सकता है, और उसके बजाए आप अपना वजन बढ़ा रहे होते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मांसाहारी प्रोटीन का बहुत ज्यादा इस्तेमाल</strong></p> <p style="text-align: justify;">एक दिन बहुत ज्यादा या बहुत कम प्रोटीन की मात्रा समस्याओं की वजह बन सकती है और वजन घटाने को बनाए रखने में मदद नहीं कर सकती. हालांकि, पोल्ट्री और मांस प्रोटीन के शानदार स्रोत होते हैं, लेकिन ये भी याद रखा जाना चाहिए कि उसमें कैलोरी अन्य प्रोटीन के स्रोत की तुलना में स्पष्ट तौर ज्यादा पाई जाती है. इस तरह, धीरे-धीरे गैर वेजिटेरियन प्रोटीन के स्रोत पर निर्भरता आपके वजन कम करने रुकावट डाल सकती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का इस्तेमाल</strong></p> <p style="text-align: justify;">हर शख्स को उसके वजन, जीवनशैली और जरूरत के आधार पर आदर्श प्रोटीन की जरूरत होती है. इसलिए, अगर आप जरूरत से ज्यादा प्रोटीन का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो लंबे समय में आपका वजन अधिक हो सकता है. उसके अलावा, मिजाज में बदलाव, कब्ज समेत स्वास्थ्य समस्याओं के लिए खतरा भी है. </p> <p style="text-align: justify;">कार्बोहाइड्रेट्स को नजरअंदाज चालाकी का काम नहीं है. ये भी याद रखें कि बहुत कम कार्बोहाइड्रेट्स का इस्तेमाल शुगर की लालसा, ज्यादा खाने के झुकाव की वजह बन सकता है. ध्यान नहीं देने पर ये आपका वजन बढ़ा सकता है. लिहाजा, अपने शरीर की जरूरत पर नजर रखें और थोड़ा कार्बोहाइड्रेट्स को अपनी रोजाना की डाइट में शामिल करें. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>कार्बोहाइड्रेट्स की तरह फाइबर पर भी फोकस</strong></p> <p style="text-align: justify;">कार्बोहाइड्रेट्स की तरह अपने भोजन में बहुत कम फाइबर का इस्तेमाल भी समस्याएं खड़ी कर सकता है. फाइबर पाचन को नियंत्रित करता है और आंत के अच्छे स्वास्थ्य का समर्थन करता है. ये शरीर से दूषित पदार्थों को निकालने और वजन में कमी को तेज करने की बुनियाद है. इस तरह, फाइबर के सेवन पर भी फोकस करें और अपने भोजन में प्रत्येक खाद्य समूह का थोड़ा सा हिस्सा शामिल करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="मसाले, शुगर, ऑयल और नमक क्यों हैं शरीर के लिए महत्वपूर्ण? जानिए फायदे और नुकसान" href="https://www.abplive.com/lifestyle/why-are-salt-oil-sugar-and-spices-important-know-benefits-and-side-effects-1920926">मसाले, शुगर, ऑयल और नमक क्यों हैं शरीर के लिए महत्वपूर्ण? जानिए फायदे और नुकसान</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="मां की जैम रेसिपी से 79 वर्षीय ब्रिटिश महिला ने कैसे बनाई 2 करोड़ की कंपनी, जानें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/79-year-old-british-indian-woman-established-a-jam-company-of-2-crore-with-using-recipe-of-mother-know-1920874">मां की जैम रेसिपी से 79 वर्षीय ब्रिटिश महिला ने कैसे बनाई 2 करोड़ की कंपनी, जानें</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3fVHohN
Vastu Tips: हवन करने से दूर होते हैं सभी वास्तु और ग्रह दोष, जानें इसका धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व
<p style="text-align: justify;"><strong>Vastu and Grah Dosh: </strong>हिंदू धर्म में मान्यता है कि बिना हवन के कोई शुभ कार्य या पूजा पाठ संपन्न नहीं होते हैं. इससे वातावरण की शुद्धि भी होती है. कई अध्ययनों में कहा गया है कि हवन करने से वातावरण में घुले प्रदूषणों से भी मुक्ति मिलती है. इससे घर परिवार में सकारात्मक ऊर्जा आती है. धार्मिक मान्यता है कि बुरी घटना टालने या मनोकामनाएं पूर्ण करने के लिए हवन किया जाता है. इस तरह से हवन का न धार्मिक महत्त्व है बल्कि इसका वैज्ञानिक महत्त्व भी बताया गया है. आइये जानें हवन के धार्मिक और वैज्ञानिक महत्त्व के बारे में,</p> <div class="news_content"><a href="https://ift.tt/3uFDtLc Vrat 2021: कब है जून का पहला प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्त्व</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"><strong>हवन</strong> <strong>का</strong> <strong>वैज्ञानिक</strong> <strong>महत्त्व</strong></p> <p style="text-align: justify;">हवन सामग्री में आम की लकड़ी, बेल, नीम, कलींगज, पीपल की छाल, पलाश का पौधा, देवदार की जड़, बेर, कपूर, शकर जौ, चावल, चंदन की लकड़ी रहता है. इस सामग्री के द्वारा हवन करने से जो धुआं निकलता है उससे वातावरण शुद्ध होता है. हवन की जाने वाली सभी हवन सामग्री सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है. वैज्ञानिकों के अनुसार, हवन में गोबर के बने उपलों का उपयोग किया जाता है. इनसे करीब 94 प्रतिशत जीवाणु नष्ट होते हैं. माना जाता है कि हवन करने से कई प्रकार की हानिकारक बीमारियों से मुक्ति मिलती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>धार्मिक महत्त्व</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म में हवन का विशेष महत्त्व है. इसके महत्त्व का अनुमान इसी लगाया जाता है कि हवन के बिना कोई कार्य पूरा ही नहीं होता. धार्मिक मान्यता है कि यदि व्यक्ति किस ग्रह दोष से पीड़ित है तो उसे हवन करना चाहिए. इससे ग्रहों की दशा शांति होती है. हवन खत्म होने के बाद ब्राह्मणों को भोजन कराना चाहिए तथा वस्त्र और मुद्रा का भी दान देना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;">वास्तु दोष दूर करने के लिए भी हवन किए जानें का प्रावधान है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का उत्पन्न होती है. भवन निर्माण के लिए भूमि पूजन से लेकर गृह प्रवेश तक के कार्यक्रमों में हवन की जाती है. ताकि घर आंतरिक और बाहरी वातावरण शुद्ध और पवित्र बना रहे.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/34v3nH1 Ekadashi 2021: सभी पापों से मुक्ति के लिए इस विधि से करें अपरा एकादशी का व्रत, जानें पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left"> </div> </div> lifestyle https://ift.tt/3uDIVhH
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