Monday, May 31, 2021

Vastu Tips: यदि रखें इन बातों का ध्यान तो जूते भी बदल सकते हैं आपकी किस्मत, जानें कैसे

<p style="text-align: justify;"><strong>Vastu Tips: </strong>जूते न केवल व्यक्ति की शोभा बढ़ाते हैं, बल्कि वे व्यक्ति की किस्मत बदलने वाले भी होते हैं, बशर्ते उनके साथ कुछ सावधानियों को ध्यान में रखने की जरूरत होती है. ज्योतिष शास्त्रों के अनुसार, व्यक्ति की कुंडली में आठवां भाव पैरों से जुड़ा होता है और जूतों का संबंध पैरों से होता है. अर्थात ये जूते व्यक्ति की कुंडली के 8वें भाव को प्रभावित करते हैं. इस लिए यह ज़रूरी है कि वे इन सावधानियों या उपायों को ध्यान में अवश्य रखें. आइये जानें इन उपायों को.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/34v3nH1 Ekadashi 2021: सभी पापों से मुक्ति के लिए इस विधि से करें अपरा एकादशी का व्रत, जानें पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट</strong></a></div> </div> <ul style="text-align: justify;"> <li>यदि कोई व्यक्ति फटे-पुराने जूते पहनकर नौकरी की तलाश में या इंटरव्यू देने जाए तो उसे सफलता नहीं मिलेगी.</li> <li>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को भेंट स्वरूप या दान में जूते न तो देने चाहिए और नहीं लेने चाहिए. इन जूतों को पहनने से शनि देव दिक्कत उत्पन्न कर सकते हैं. इससे आपको कार्यक्षेत्र में सफलता पाने के लिए मुश्किलों का सामना करना पडेगा.</li> <li>व्यक्ति को कभी भी चोरी के जूते नहीं पहने चाहिए. इससे धन और स्वास्थ्य दोनों की हानि होती है.</li> <li>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शरीर का निचला हिस्सा शनि का होता है. इस लिए जिन लोगों की कुंडली में शनि और राहु प्रभावी होते हैं. ऐसे व्यक्ति को जूतों का व्यापार करना बेहद लाभप्रद होगा. जो उनकी किस्मत बदल देगा. इनको काला, नीला और भूरा रंग का जूता पहनना शुभ होगा.</li> <li>पीले रंग का जूता पहनना बहुत ही अशुभ होता है. क्योंकि पीलारंग बृहस्पति देव का होता है. पीले रंग के जूते पहनने से घर में दरिद्रता आती है.</li> <li>वास्तु के अनुसार, जूते और चप्पलों को दक्षिण, दक्षिण- पश्चिम, उत्तर-पश्चिम, पश्चिम दिशा में रखना शुभ माना गया है. इस लिए जूते के रैक को इन्हीं दिशाओं में रखना चाहिए.</li> </ul> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3uFDtLc Vrat 2021: कब है जून का पहला प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्त्व</strong></a></div> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3pctUCn

Covid-19 India: देश में कम होने लगा दूसरी लहर का असर, 24 घंटे में सामने आए डेढ़ लाख मरीज, 3 हजार की मौत - bhaskarhindi.com


Dainik Bhaskar Hindi - bhaskarhindi.com, नई दिल्ली। कोरोनावायरस (Coronavirus) की दूसरी लहर का बड़ा असर पूरी दुनिया में देखने को मिला है। हालांकि अच्छी खबर यह कि कोविड-19 (Covid-19) संक्रमण की दूसरी लहर का असर अब कुछ कम होते नजर आने लगा है। भारत में बीते दिनों जहां प्रतिदिन नए मामलों की संख्या चार लाख के आंकड़े को पार कर गयी थी, वह अब घटकर डेढ़ लाख के करीब आ पहुंची है। बात करें बीते 24 घंटों की तो यहां कोविड-19 के 1,52,734 नए मामले सामने आए हैं। जिसके बाद कुल मामलों की संख्या 12 करोड़ 80 लाख 47 हजार 534 हो गई है।

हालांकि, देखा जाए तो नए मामलों की संख्या बीते 50 दिनों में सबसे कम है, जो यह दर्शाता है कि देश में नए मामलों में कमी आई है। वहीं मौतों के आंकड़ों पर गौर करें तो यह अब भी 3 हजार प्रतिदिन के करीब बना हुआ है। 24 घंटे में देश में 3,128 लोगों ने अपनी जिंदगी खो दी है। इसी के साथ देश में कोरोना के कारण मरने वाले लोगों की संख्या 3 लाख 29 हजार 100 हो गई है। 

महाराष्ट्र में अब 15 जून तक लॉकडाउन, ज़रूरी सामान की दुकान खोलने का वक्त बढ़ाया गया

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, 24 घंटों के दौरान कोरोनावायरस के 1 लाख 52 हजार 734 नए मामले सामने आए हैं। वहीं 3 हजार 128 लोगों की मौत हुई है। हालांकि अच्छी बात यह कि इसी समय में 2 लाख 8 हजार 022 लोग इस बीमारी से ठीक हुए हैं। इसी के साथ देश में बीमारी से उबर चुके लोगों की कुल संख्या 2 करोड़ 56 लाख 92 हजार 342 हो गई है। हालांकि अभी 20 लाख 26 हजार 092 सक्रिय मामले हैं। 

क्या कहते हैं आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, कोविड-19 के एक्टिव मरीजों की संख्या कुल मामलों का 7.22 प्रतिशत है। वहीं मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर भी बढ़कर 91.60 प्रतिशत हो गई है। जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.17 प्रतिशत है।

रोजाना आने वाले नए मामलों की दर अब 9.07 प्रतिशत है, जो लगातार सात दिनों से 10 प्रतिशत से कम बनी है। वहीं, संक्रमण की साप्ताहिक दर भी कम होकर 9.04 प्रतिशत हो गई है।  



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Covid-19 India: 1,52,734 patients exposed in 24 hours, 3,128 death
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Pradosh Vrat 2021: कब है जून का पहला प्रदोष व्रत, जानें प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और महत्त्व

<p style="text-align: justify;"><strong>Pradosh Vrat June 2021: </strong>हिंदू धर्म के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शंकर जी की पूजा करना बेहद शुभ और कल्याणकारी माना गया है. प्रदोष काल हर माह की त्रयोदशी को होता है. साल 2021 के जून माह का पहला प्रदोष व्रत 7&nbsp; जून दिन सोमवार को होगा. प्रदोष का व्रत रखकर प्रदोष काल में शिव चालीसा, ​शिव पुराण तथा शिव मंत्रों का जाप करना उत्तम माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा करने से उपासक के बिगड़े काम बन जाते हैं. भगवान शंकर जी के आशीर्वाद से व्यक्ति के सभी प्रकार के रोग दूर हो जाते हैं. घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है. इस बार प्रदोष व्रत के दिन सोमवार पड़ रहा है इस लिए इसे सोम प्रदोष व्रत कहते है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जून</strong> <strong>का</strong> <strong>पहला</strong> <strong>प्रदोष</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>कब</strong> <strong>है</strong><strong>? </strong><strong>तिथि</strong> <strong>एवं</strong> <strong>समय</strong></p> <p style="text-align: justify;">जून का पहला प्रदोष व्रत 7 जून 2021 दिन सोमवार को रखा जाएगा. ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी 7 जून को सुबह 08 बजकर 48 मिनट से शुरू होकर 08 जून 2021 दिन मंगलवार को सुबह 11 बजकर 24 मिनट तक रहेगी.</p> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/34v3nH1 Ekadashi 2021: सभी पापों से मुक्ति के लिए इस विधि से करें अपरा एकादशी का व्रत, जानें पूजन सामग्री की पूरी लिस्ट</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"><strong>प्रदोष</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>का</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong></p> <p style="text-align: justify;">पंचांग के अनुसार, प्रदोष काल सूर्यास्त के 45 मिनट पहले और सूर्यास्त के 45 मिनट बाद तक होता है. सनातन धर्म शास्त्रों के अनुसार प्रदोष काल में भोलेनाथ की पूजा करने से सभी प्रकार दुःख मिट जाते हैं. इस काल में शिव जी की पूजा कारना शुभ फलदायक होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पूजा</strong> <strong>विधि</strong></p> <p style="text-align: justify;">प्रदोष व्रत के दिन सुबह प्रातःकाल उठकर नित्यकर्म स्नानादि करके पूजा स्थल पर बैठकर भगवान शिव की मूर्ति स्थापित करें. बिना कुछ भी ग्रहण किये हुए भगवान शिव और माता पार्वती को चंदन, पुष्प, अक्षत, धूप, दक्षिणा और नैवेद्य अर्पित करें. महिलाएं मां पार्वती को लाल चुनरी और सुहाग का सामान चढ़ाएं. व्रत का संकल्प ले. अब आरती करें. इसी तरह की पूजा शाम को प्रदोष काल में करें.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/2SBQHvb Jayanti 2021: शनि जयंती के दिन लगेगा सूर्य ग्रहण, इस राशि पर पड़ेगा बेहद बुरा प्रभाव, जानें</strong></a></div> </div> lifestyle https://ift.tt/2TuFT2t

मसाले, शुगर, ऑयल और नमक क्यों हैं शरीर के लिए महत्वपूर्ण? जानिए फायदे और नुकसान

<p style="text-align: justify;">नमक, तेल, शुगर और मसाले हमारे दैनिक डाइट में महत्वपूर्ण जगह रखते हैं. हालांकि, इन सामग्रियों का अत्यधिक सेवन वास्तव में सेहत के लिए खराब है, लेकिन हमारे शरीर को उनकी कम मात्रा में कई वजहों से जरूरत होती है. आपको जानना चाहिए कैसे इन सामग्रियों का सेवन संतुलित मात्रा में आपकी मदद कर सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नमक के फायदे और नुकसान</strong></p> <p style="text-align: justify;">लंबे समय से नमक हमारी किचन का हिस्सा रहा है और डिश के स्वाद में प्रयोग किया जाता है. लेकिन, नमक का अत्यधिक सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है क्योंकि ये सीधे शरीर में ऊर्जा लेवल को प्रभावित करता है. नमक भोजन के पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर तरीके से बढ़ाता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करता है और दिमाग के अलावा नर्वस सिस्टम के लिए भी जरूरी है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">बहुत ज्यादा नमक के इस्तेमाल से प्रभावों की एक श्रृंखला हो सकती है. कम समय के लिए ये ब्लोटिंग, गंभीर प्यास और अस्थायी ब्लड प्रेशर में वृद्धि की वजह बन सकता है. लंबे समय में, उससे हाइपोनेट्रेमिया भी हो सकता है और इलाज के बिना छोड़ दिया जाए, तो ये घातक हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शुगर के फायदे और वैकल्पिक स्रोत</strong></p> <p style="text-align: justify;">आयुर्वेद में मीठे स्वाद को पोषण करनेवाला, दिमाग को स्फूर्ति देनेवाला, भूख और प्यास मिटानेवाला, टिश्यू बढ़ानेवाला है और इम्यून सिस्टम में सुधार करनेवाला बताया गया है. सबसे महत्वपूर्ण है उचित मात्रा में इस्तेमाल से उसका संबंध खुशी के सकारात्मक भावनाओं, संतोष, शांति, उत्साह, संतुष्टि के साथ जुड़ता है. व्हाइट शुगर या रिफाइन शुगर छोड़ने के लिए ब्राउन शुगर, गुड़ और प्राकृतिक फलों का इस्तेमाल किया जाता है और ये ज्यादा स्वस्थ विकल्प होते हैं. शुगर का प्राकृतिक स्रोत आपको लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करने में मदद करता है. ये आपके मेटाबोलिज्म को स्थिर रखने में भी मदद करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फैट, मसालों के अधिक सेवन से नुकसान</strong></p> <p style="text-align: justify;">फैट की अधिक मात्रा का सेवन आपकी धमनियों में कोलेस्ट्रॉल निर्माण का कारण बन सकता है, दूसरी तरफ बहुत ज्यादा मसालों के सेवन से तेज गैस्ट्राइटिस और पेट में अल्सर भी होने का खतरा रहता है. लेकिन अगर इन मसालों को संतुलित मात्रा में खाया जाए, तो ये दिल की बीमारियों, सूजन से लड़ने में मदद कर सकता है और शरीर को विशेष तौर पर सर्दी के मौसम में गर्म रख सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: बीमारियों से रहना चाहते हैं दूर तो खाली पेट न करें इन 5 मसालों का सेवन" href="https://ift.tt/2RYw8sL Tips: बीमारियों से रहना चाहते हैं दूर तो खाली पेट न करें इन 5 मसालों का सेवन</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद" href="https://www.abplive.com/lifestyle/know-few-signs-of-deteriorating-health-in-aging-parents-it-will-become-easy-to-look-after-them-1920829">बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2SM1LWQ

मां की जैम रेसिपी से 79 वर्षीय ब्रिटिश महिला ने कैसे बनाई 2 करोड़ की कंपनी, जानें

<p style="text-align: justify;">79 वर्षीय ब्रिटिश भारतीय महिला ने अपने जुनून और कड़ी मेहनत से कामयाबी की कहानी लिखी है. उनकी भूरिया जैम फैक्ट्री सालाना 2 करोड़ रुपए की आमदनी कर रही है. लीनेट अलफ्रे ने सैंकड़ों महिलाओं को रोजगार देकर आत्मनिर्भर बनाने का काम किया है. उन्होंने हिमाचल प्रदेश के सुदर गांव भूरिया के नाम पर अपनी फैक्ट्री की स्थापना की.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>79 वर्षीय ब्रिटिश महिला के बुलंद हौसले को सलाम</strong></p> <p style="text-align: justify;">कश्मीरी शख्स से शादी करने के बाद उन्हें भारत के कई जगहों पर रहना पड़ा. बिहार के जंगलों से लेकर दिल्ली, मुंबई और हिमाचल प्रदेश में उन्होंने प्रवास किया. 1992 में उनका पड़ाव हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में ठहरा. किसी परिजन के कॉटेज ने उन्हें बहुत आकर्षित किया. इसका नतीजा ये निकला कि उन्होंने एक एकड़ बगीचे वाला घर खरीद लिया.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">आडू, खुबानी, बेर, सेब और कीवी के पेड़ों से घिरे माहौल में उन्होंने खुद को रोमांचित महसूस किया. लेकिन बंदरों के खतरे और तेज हवाओं के कारण प्राकृतिक प्रोडक्ट्स की बर्बादी उन्हें चिंता में डालने लगी. उस वक्त उन्होंने अपनी मां की परंपरागत रेसिपी के इस्तेमाल से सेब का जैम बनाने का फैसला किया. स्थानीय स्तर पर उनके जैम लोकप्रिय हो गए और 1999 में उन्होंने पहली बार भूरिया में जैम फैक्ट्री की शुरुआत की. अब, उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती जैम और मौसमी फलों के इस्तेमाल की अवधि बढ़ाने की थी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मां की जैम रेसिपी का इस्तेमाल कर बनाई कंपनी</strong></p> <p style="text-align: justify;">मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, जहां तक संरक्षकों का मामला है, तो भूरिया जैम में सिर्फ नींबू का रस, सेब का जूस और शुगर का इस्तेमाल होता है और 50 फीसद बिना किसी संरक्षक के उसमें साबुत फल होते हैं. वर्तमान में, महिला प्रधान कंपनी 75 टन फलों से 48 प्रकार के प्रोडक्ट्स बनाती है, रोजाना 850 बोतल बनाती है और सालाना करीब 2 करोड़ की कमाई करती है.</p> <p style="text-align: justify;">जैम के अलावा, कंपनी ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश में उगाए गए फलों को खराब होने से बचाने के लिए एक पहल शुरू की. उसके लिए, नक्शे पर सुदूर गांव को परिचित कराया. सैलानी आसानी से फैक्ट्री की एक झलक पाने के अलावा ताजा बने स्वादिष्ट जाम को ऑनलाइन भी खरीद सकते हैं. जैम की विभिन्न श्रेणियों में ब्लैकबेरी का जैम, स्ट्राबेरी जैम, टमाटर की चटनी की शामिल हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: बीमारियों से रहना चाहते हैं दूर तो खाली पेट न करें इन 5 मसालों का सेवन" href="https://ift.tt/2RYw8sL Tips: बीमारियों से रहना चाहते हैं दूर तो खाली पेट न करें इन 5 मसालों का सेवन</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद" href="https://www.abplive.com/lifestyle/know-few-signs-of-deteriorating-health-in-aging-parents-it-will-become-easy-to-look-after-them-1920829">बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2SIM16E

अगर आप अस्वस्थ्य महसूस कर रहे हैं तो क्या करना चाहिए, जानिए- यूनिसेफ की गाइडलाइन

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस से फैली महामारी ने सभी लोगों को चिंता में डाल दिया है. अगर आप भी अस्वस्थ महसूस कर रहे हैं, तो घबराएं नहीं. याद रखें कोविड-19 से ज्यादातर लोग घर पर ठीक हो जाते हैं और उनको अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ती. आपको कुछ फायदेमंद टिप्स बताए जा रहे हैं जो कोविड-19 से आपको या आपके किसी परिजन के ठीक होने में मदद कर सकते हैं. हालांकि, आइसोलेशन की सलाह सिर्फ डॉक्टर के मूल्यांकन के बाद ही दी जाती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पहला उपाय</strong><br /><strong>आइसोलेट करें-</strong> अस्वस्थ होने के कई लक्षण जैसे गले में खराश, खांसी, हल्का बुखार या दस्त हो सकते हैं. अगर आपको भी उनमें से कोई लक्षण महसूस हो, तो घर के बाकी अन्य सदस्यों से आप खुद को फौरन अलग-थलग कर लें. कोरोना की जांच कराने या उसकी रिपोर्ट मिलने का इंतजार न करें. ये सरल सावधानी जिंदगी बचा सकती है और कोविड-19 संक्रमण के फैलाव को कम करने में मदद कर सकती है. आम तौर से कोविड-19 के मरीज को अस्पताल जाने की जरूरत नहीं होती.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>दूसरा उपाय</strong><br /><strong>डॉक्टर की सलाह लें-</strong> फोन से किसी डॉक्टर तक संपर्क करने की कोशिश करें. डॉक्टर आपकी स्थिति का मूल्यांकन कर आगे के उपाय सुझा सकता है. हो सकता है उसकी तरफ से आपको घर पर रहते हुए लक्षणों को नियंत्रित करने, या अस्पताल जाने की सलाह की सलाह मिले.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तीसरा उपाय</strong><br /><strong>ऑक्सीजन लेवल को जांचे-</strong> पल्स ऑक्सीमीटर की मदद से अपने ऑक्सीजन सेचुरेशन पर नियमित निगाह रखना जरूरी है. डिवाइस में अपनी उंगली रखें, बटन दबाकर अपने ऑक्सीजन लेवल को देखने का इंतजार करें. प्लस रेट स्क्रीन पर दिखाई देगी. हर छह घंटे पर ऑक्सीजन लेवल की जांच करते रहें. अगर ऑक्सीमीटर पर ऑक्सीजन का लेवल 94 फीसद से कम है, तो समझिए तुरंत आपको आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><br /><img src="https://ift.tt/3yQm2Ld" /></p> <p style="text-align: justify;"><strong>चौथा उपाय</strong><br /><strong>शरीर का तापमान मॉनिटर करें-</strong> हर छह घंटे पर थर्मामीटर का इस्तेमाल करते हुए अपने शरीर के तापमान को जांचें. अगर बुखार 101 डिग्री फॉरेनहाइट (38 डिग्री सेल्सियस) से ज्यादा लगातार तीन दिनों तक बना रहता है, तो आपको तत्काल चिकित्सीय इलाज की जरूरत होगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सबसे महत्वपूर्ण बात&nbsp;</strong><br />सांस लेने में तकलीफ, होंठ या चेहरे का पीला दिखाई देना, भ्रम की स्थिति का अनुभव, छाती में लगातार दर्द या दबाव का एहसास, बोलने में परेशानी, खड़े होने में दिक्कत या बहुत ज्यादा नींद जैसे लक्षणों की सूरत में आपके लिए इमरजेंसी की स्थिति का संकेत हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="पेटा इंडिया ने अमूल को डेयरी मुक्त मिल्क बनाने का दिया सुझाव, जानिए सबसे अच्छे विकल्प" href="https://www.abplive.com/lifestyle/peta-india-advises-amul-to-switch-to-producing-dairy-free-milk-here-are-best-alternatives-1920845">पेटा इंडिया ने अमूल को डेयरी मुक्त मिल्क बनाने का दिया सुझाव, जानिए सबसे अच्छे विकल्प</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद" href="https://www.abplive.com/lifestyle/know-few-signs-of-deteriorating-health-in-aging-parents-it-will-become-easy-to-look-after-them-1920829">बुजुर्ग माता-पिता की बिगड़ती सेहत का इस तरह लगाएं अंदाजा, ये संकेत आपकी करेंगे मदद</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3fYctkF

पेटा इंडिया ने अमूल को डेयरी मुक्त मिल्क बनाने का दिया सुझाव, जानिए सबसे अच्छे विकल्प

<p style="text-align: justify;">दुनिया भर में लोग अपनी सेहत, पशु कल्याण और पर्यावरण संबंधी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए वीगन डाइट की तरफ रुख कर रहे हैं. उसकी वजह से वीगन फूड और वीगन पेय की मांग में इजाफा हो रहा है. दूध के विकल्पों की बढ़ती जरूरत को समझते हुए भारत में पशु अधिकारों के लिए काम करनेवाली संस्था ने दूग्ध सहकारी संघ को पत्र लिखा है.</p> <p style="text-align: justify;">पेटा इंडिया ने अमूल को सुझाव दिया है कि ग्राहकों की नई आबादी को देखते हुए वीगन दूध पैदा करने पर रुख करना चाहिए. अमूल के प्रबंध निदेशक आरएस सोढी को लिखी चिट्ठी में पेटा ने कहा कि दुग्ध सहकारी समिति को फल-फूल रहे वीगन फूड और दूध बाजार से फायदा उठाना चाहिए. पेटा इंडिया के मुताबिक, "हम पौधे से प्राप्त प्रोडक्ट्स की मांग पर ध्यान देने के बजाए अमूल को फलते-फूलते वीगन फूड और दूध बाजार से लाभ उठाने को प्रोत्साहित करना चाहेंगे. कई और कंपनियां भी बाजार में बदलाव के हिसाब से काम कर रही हैं और अमूल को भी ऐसा ही करना चाहिए.''</p> <p style="text-align: justify;">पेटा का मानना है कि दुनिया भर में अग्रणी डेयरी कंपनियां जैसे नेस्ले अब गैर डेयरी विकल्पों में निवेश कर रही हैं. पेटा इंडिया वीगन के कोऑर्डिनेटर डॉक्टर किरण आहूजा ने एक रिपोर्ट के हवाले से अनुमान लगाया कि दुनिया भर में डेयरी का वैकल्पिक बाजार 2028 तक 52.58 बिलियन डॉलर तक पहुंच जाएगा. अपनी चिट्ठी में पेटा ने ये भी लिखा है कि बार्कले ने भविष्यवाणी की है कि वीगन फूड और ड्रिंक का बाजार दशक के आखिर में एक हजार फीसद तक बढ़ सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>शाकाहारियों के लिए पौधे से प्राप्त दूध&nbsp;</strong><br />पेड़-पौधों के विभिन्न भागों से बनाए गए दूध की मांग में इजाफे का कारण शाकाहार की तरफ लोगों की बढ़ती आबादी है. अब, पीने और खाना पकाने के लिए वीगन दूध के स्वस्थ विकल्पों की श्रेणी उपलब्ध है. लेकिन, उनमें से कुछ में शुगर मिला हो सकता है, इसलिए दूध के सबसे अच्छे विकल्पों को चुनें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सोया मिल्क-</strong> सोया मिल्क में गाय के दूध जितना प्रोटीन की मात्रा पाई जाती है. लेकिन उसमें कैौलोरी, फैट्स और कार्बोहाइड्रेट्स कम होता है. अगर आप अपने प्रोटीन का सेवन बढ़ाना चाहते हैं, या अगर आपको अपनी दैनिक प्रोटीन की जरूरतों को पूरा करने में मुश्किल हो रही है, तो सोया मिल्क की तरफ रुख किया जा सकता है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>काजू मिल्क-</strong> पौधे से प्राप्त होनेवाला दूध खाना बनाने और पकाने के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि उसमें ज्यादातर अनसैचुरेटेड फैट होता है, ये हाई कोलेस्ट्रोल लेवल वाले लोगों के लिए अच्छा विकल्प है. लेकिन प्रोटीन की ज्यादा जरूरत वाले लोगों के लिए काजू का दूध सबसे अच्छा विकल्प अपने कम प्रोटीन के कारण नहीं हो सकता.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बादाम का दूध-</strong> बादाम का दूध तुलनात्मक रूप से कैलोरी में कम होता है. वास्तव में, ये सबसे कम कैलोरी वाले दूध के विकल्पों में से एक है. इस तरह, बादाम का दूध कैलोरी सेवन कम करनेवालों के लिए बढ़िया विकल्प भले हो, लेकिन सबसे अच्छा है कि घर पर तैयार दूध का विकल्प अपनाया जाए, जिसको बनाने में काफी बादाम का इस्तेमाल किया जाता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>नारियल का दूध-</strong> अगर आप वीगन हैं और अपना कार्बोहाइड्रेट सेवन कम करने की सोच रहे हैं, तो नारियल का दूध आपके लिए ठीक है. नारियल के दूध में गैर डेयरी मिल्क का सबसे कम कार्बोहाइड्रेट तत्व होता है, लेकिन इसमें महत्वपूर्ण रूप से कम प्रोटीन भी शामिल है. और उसके अलावा, ये प्रोटीन की ज्यादा जरूरत वालों के लिए सबसे अच्छा विकल्प भी नहीं हो सकता.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है एलोवेरा का सेवन, जानें कैसे" href="https://ift.tt/3wBSUpc Tips: सेहत को नुकसान भी पहुंचा सकता है एलोवेरा का सेवन, जानें कैसे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: क्या आपको है गैस की समस्या, ये घरेलू नुस्खे आपको दिलाएंगे राहत" href="https://ift.tt/3vDh8iO Tips: क्या आपको है गैस की समस्या, ये घरेलू नुस्खे आपको दिलाएंगे राहत</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3iaPaXT