Sunday, May 9, 2021

कोविड-19 का असर: इलाज के एक साल बाद भी मरीजों के लंग्स को पहुंचा नुकसान, रिसर्च में खुलासा

<p style="text-align: justify;">एक रिसर्च से पता चला है कि कोविड-19 के गंभीर संक्रमण से अस्पताल में भर्ती ज्यादातर मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर लौटे, लेकिन एक तिहाई में एक साल बाद भी लंग्स पर प्रभाव के सबूत देखे गए. दुनिया भर में कोरोना वायरस से होनेवाली बीमारी कोविड-19 ने करोड़ों लोगों को संक्रमित किया है. लेकिन अक्सर मरीज उस वक्त अस्पताल में दाखिल होते हैं जब कोविड-19 संक्रमण के नतीजे में &nbsp;लंग्स प्रभावित होता है, जिसके लिए कोविड-19 न्यूमोनिया की परिभाषा इस्तेमाल की जाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इलाज के एक साल बाद भी लंग्स पर कोविड-19 का असर</strong></p> <p style="text-align: justify;">कोविड-19 न्यूमोनिया के इलाज में स्पष्ट विकास हुआ है, मगर अब तक इस बारे में बहुत कम जानकारी है कि मरीजों को पूरी तरह से स्वस्थ होने में कितना समय लग सकता है और लंग्स के अंदर क्या बदलाव आते हैं. साउथेम्प्टन यूनिवर्सिटी के रिसर्च में बताया गया कि कोविड-19 से अस्पताल में इलाजरत एक तिहाई लोगों के लंग्स में एक साल बाद भी नकारात्मक असर के सबूत मिले हैं. रिसर्च के नतीजों को लांसेट रिस्पेरेट्री मेडिसीन में प्रकाशित किया गया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">शोधकर्ताओं ने वुहान के विशेषज्ञों के साथ गंभीर कोविड-19 न्यूमोनिया मरीजों का विश्लेषण ये जानने के लिए किया कि एक साल बाद उनका स्वास्थ्य कैसा है. इसके लिए 83 मरीजों को रिसर्च का हिस्सा बनाया गया जो गंभीर कोविड-19 न्यूमोनिया से अस्पताल में भर्ती रहे थे. मरीजों का विश्लेषण 3, 6, 9 और 12 महीनों तक किया गया यानी हर 3 महीने पर उनका मुआयना किया गया.&nbsp;हर बार मुआयना के दौरान क्लीनिकल मूल्यांकन, लंग्स की तस्वीर लेने के लिए छाती का सीटी स्कैन, चहलकदमी टेस्ट और लंग्स के कार्य को जांचा गया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रिसर्च में खुलासा एक तिहाई लोगों के लंग्स में बदलाव</strong></p> <p style="text-align: justify;">12 महीनों के दौरान अधिकतर मरीजों के लक्षण, व्यायाम की क्षमता और कोविड-19 से संबंधित सीटी बदलाव में सुधार हुआ. एक साल बाद अक्सर मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो गए, लेकिन 5 फीसद मरीजों को अभी भी सांस लेने में मुश्किल हो रही थी. एक तिहाई मरीजों के लंग्स के कार्य सामान्य सतह पर नहीं आ सके थे, विशेषकर लंग्स से खून में ऑक्सीजन को ट्रांसफर करने की क्षमता ज्यादा प्रभावित नजर आई.&nbsp;एक चौथाई मरीजों के सीटी स्कैन से पता चला कि उनके लंग्स के कुछ छोटे हिस्सों में बदलाव आ गए हैं और ये उन मरीजों में ज्यादा आम था जिनके लंग्स में इलाजरत रहने के दौरान गंभीर संक्रमण का पता चला था.</p> <p style="text-align: justify;">शोधकर्ताओं ने बताया कि गंभीर कोविड-19 न्यूमोनिया के मरीजों की अधिकतर संख्या पूरी तरह स्वस्थ हो गई, लेकिन कुछ मरीजों को उसके लिए कई महीने लग गए. महिलाओं के लंग्स के कार्य का प्रभावित दर पुरुषों के मुकाबले ज्यादा रहा और इसको समझने के लिए आगे रिसर्च की जरूरत है. उन्होंने माना कि ये रिसर्च छोटे पैमाने पर किया गया था और कम मरीजों पर आधारित था. नतीजों को साबित करने के लिए अतिरिक्त रिसर्च की जरूरत है, हालांकि उन्होंने कई महत्वपूर्ण जटिलताओं की पहचान का दावा किया. अंत में निष्कर्ष निकाला गया कि उनका रिसर्च आगे चलकर कोविड-19 से संबंधित लंग पर असर को समझने में महत्वपूर्ण निभाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Covid-19 Diet: क्या खाएं कोविड-19 के मरीज? जानें सरकार के सिंपल मील प्लान में क्या है" href="https://ift.tt/3ew9j8n Diet: क्या खाएं कोविड-19 के मरीज? जानें सरकार के सिंपल मील प्लान में क्या है</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2RHy3BO

Watch: अगर आप हैं कोरोना पॉजिटिव, तब आपको इन फूड्स को खाना है जरूरी

<p style="text-align: justify;">कोरोना संक्रमण का एक लक्षण स्वाद और गंध का चले जाना है. देखा गया है कि भूख में तेज गिरावट आती है, लेकिन आपको समझने की जरूरत है कि घर पर तैयार स्वस्थ भोजन वायरस को मात देने के लिए बेहतरीन विकल्प में से एक है. ये सुझाव है न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा का. उन्होंने हाल ही में इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. उसमें उन्होंने घर पर बने भोजन और अन्य फूड सामग्री के महत्व को बताया है. उनका कहना है कि कोरोना पॉजिटिव शख्स को उसे जरूर खाना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>घर पर तैयार भोजन कोरोना काल में है जरूरी</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने वीडियो का कैप्शन दिया, "खुद को घर पर पकाए अच्छे भोजन के साथ स्वस्थ करो. आपको अपनी सुरक्षा मजबूत करने के लिए अच्छे पोषण की जरूरत है. अच्छा खाओ. मजबूत रहो."</p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/3b8PUbB> <p style="text-align: justify;">वीडियो में उन्होंने जिक्र किया कि सबसे पहले आपको प्रोटीन की अच्छी मात्रा के सेवन को बढ़ाने की जरूरत है, क्योंकि ये एंटीबॉडीज बनाने में मदद करता है जो वायरस के खिलाफ लड़ाई में भूमिका निभाता है. उन्होंने कहा, "ये आपकी सुरक्षा में लगे प्रहरी हैं जो वायरस और उसके साइड-इफेक्ट्स को हटाने में मदद करते हैं." उनकी सलाह है कि दाल पराठा, मूंग डोसा, चिकन कटलेट और फिश फिंगर खाया जाए ताकि रोजाना की बुनियाद पर प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा मिल सके.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वीडियो में दावा वायरस को मात देने में कारगर</strong></p> <p style="text-align: justify;">पूजा मखीजा सप्लीमेंट्स के जरूरी होने पर सहमत हैं लेकिन एंटीऑक्सीडेंट्स का लेवल बढ़ाने के लिए आपको ताजा फल और सब्जियों के सेवन को बढ़ाने की आवश्यकता होगी. उनके वीडियो पोस्ट के मुताबिक, आप घर का मैंगो कैस्टर्ड, तरबूज का सलाद, सब्जी का जूस, सब्जी का रायता, केला के साथ मूंगफली का मक्खन और सब्जी पुलाव बना सकते हैं. उसके अलावा ये भी सुनिश्चित करें कि आप अपनी डाइट को 4-5 छोटे हिस्सों में दिन भर के भोजन को बांटे क्योंकि ये पाचन की प्रक्रिया को आसान और सरल बनाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Covid-19 Diet: क्या खाएं कोविड-19 के मरीज? जानें सरकार के सिंपल मील प्लान में क्या है" href="https://ift.tt/3ew9j8n Diet: क्या खाएं कोविड-19 के मरीज? जानें सरकार के सिंपल मील प्लान में क्या है</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Corona Virus: होम आइसोलेशन में इन बातों का रखें विशेष ख्याल, बरतें पूरी सावधानी" href="https://ift.tt/2R8CGoh Virus: होम आइसोलेशन में इन बातों का रखें विशेष ख्याल, बरतें पूरी सावधानी</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3f6UEja

60 साल से पहले टाइप 2 डायबिटीज हो तो बुढ़ापे में डिमेंशिया का खतरा हो सकता है दोगुना- रिसर्च

<p style="text-align: justify;">एक रिसर्च में दावा किया गया है कि 60 साल की उम्र से पहले टाइप 2 डायबिटीज का होना बुढ़ापे में डिमेंशिया के खतरे को दोगुना कर सकता है. टाइप 2 डायबिटीज को अक्सर मोटापे से जोड़ा जाता है. मोटापा एक ऐसी अवस्था है जिसमें वजन बढ़ने की वजह से आपके शरीर में बदलाव आता है और अन्य रोगों को जगह भी मिलती है. इस बीमारी में अत्यधिक मात्रा में चर्बी आपके शरीर में जमा होना शुरू हो जाता है. टाइप 2 डायबिटीज को काफी हद रोका जा सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>60 साल से पहले टाइप 2 डायबिटीज के असर का खुलासा</strong></p> <p style="text-align: justify;">पेरिस यूनिवर्सिटी के रिसर्च में पता चला कि अनियंत्रित ग्लूकोज शुगर लेवल और दिमाग में इंसुलिन डिमेंशिया के विकास की दिशा में योगदान कर सकता है. पहले से ही डायबिटीज और वैस्कुलर डिमेंशिया, बीमारी की एक आम किस्म के बीच ज्ञात संबंध है. ऐसा इसलिए क्योंकि ये मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति करने वाली वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और ऑक्सीजन के प्रवाह को रोकती है. फ्रेंच वैज्ञानिकों ने पाया कि 70 साल की उम्र में डिमेंशिया दोगुना हो जाता है अगर किसी में 10 साल पहले डायबिटीज की पहचान हुई हो.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने बताया कि टाइप 2 डायबिटीज और डिमेंशिया के बीच चिह्नित संबंध का सटीक तंत्र स्पष्ट नहीं है. इसके अलावा रिसर्च डायबिटीज और अल्जाइमर की बीमारी का नमूना के बीच निरंतर संबंध हमेशा नहीं दिखाता है. वैज्ञानिकों ने संबंध का एक संभावित वजह सुझाया है कि दिमाग तक कम इंसुलिन पहुंचता है. इसका मतलब हुआ कि ऊर्जा के लिए ग्लूकोज शुगर का इस्तेमाल करने में कम सक्षम है क्योंकि डायबिटीज के मरीज हार्मोन की पर्याप्त मात्रा नहीं पैदा करते हैं. दिमाग ग्लूकोज का इस्तेमाल अपने सामान्य तंत्र के काम को ऊर्जा देने और स्वस्थ कोशिकाओं को बहाल करने के लिए करता है, और उसकी कमी से अंग को नुकसान पहुंच सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>70 साल की उम्र में डिमेंशिया का होता है दोगुना खतरा-रिसर्च</strong></p> <p style="text-align: justify;">शोधकर्ताओं ने बताया कि हाई ब्लड शुगर होने पर दिमाग बहुत ज्यादा ग्लूकोज अवशोषित करता है. बड़ी मात्रा में ग्लूकोज को जहरीला जाना जाता है और ये नसों और रक्त वाहिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए डायबिटीज के रोगियों का पांव सुन्न हो सकता है. दिमाग की नसों या ब्लड आपूर्ति का नुकसान बढ़ सकता है जिससे डिमेंशिया होने का खतरा रहता है. रिसर्च के नतीजे को जर्नल ऑफ अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में प्रकाशित किया गया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Covid-19 Diet: क्या खाएं कोविड-19 के मरीज? जानें सरकार के सिंपल मील प्लान में क्या है" href="https://ift.tt/3ew9j8n Diet: क्या खाएं कोविड-19 के मरीज? जानें सरकार के सिंपल मील प्लान में क्या है</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Corona Recovery: कोरोना से रिकवर होने में मदद करेंगी ये टिप्स, दिमागी परेशानियां होंगी दूर" href="https://ift.tt/3xWs4JO Recovery: कोरोना से रिकवर होने में मदद करेंगी ये टिप्स, दिमागी परेशानियां होंगी दूर</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3y8nOam

Happy Mother’s Day 2021: इन शुभकामनाओं और संदेशों से बनाएं मां के लिए आज का दिन खास

<p style="text-align: justify;">बच्चे की जिंदगी में मां की भूमिका का कोई मोल नहीं है. मां का अपने बच्चे के प्रति प्यार सबसे शुद्ध होता है. इस प्यार को इज्जत देने के लिए हर साल मदर्स डे मनाया जाता है. भारत में भी इस अवसर का महत्व बताने के लिए मई के दूसरे रविवार को मदर्स डे मनाया जाता है. ये मां, ममता और मां के बंधन का एक उत्सव होता है. इस मौके को खास बनाने के लिए लोग आम तौर से तोहफे, फूलों का गुलदस्ता अपनी मां को देते हैं या अपनी मां को शानदार भोजन के लिए बाहर ले जाते हैं. लेकिन कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर और लागू पाबंदियों की वजह से इस साल ये संभव नहीं है.</p> <p style="text-align: justify;">हालांकि आप आकर्षक शुभकामनाएं, संदेश, तस्वीर और बधाई अपनी मां को भेज सकते हैं. मां की कुर्बानी, त्याग-तपस्या, समर्पण और समर्थन का आभार जताने के लिए एक दिन काफी नहीं हो सकता, बच्चे इस अवसर का इस्तेमाल अपनी मां के लिए कुछ खास करने, सम्मान और प्यार दिखाने के लिए कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मदर्स डे के शुभकामना संदेश&nbsp;&nbsp;</strong></p> <ul> <li style="text-align: justify;">दुनिया में मेरी सबसे प्यारी मां, हैप्पी मदर्स डे! उम्मीद है कि सभी दिन आप खुशहाल हों.</li> <li style="text-align: justify;">उस महिला को हैप्पी मदर्स डे जो मेरे साथ इन वर्षों में खड़ी रहने के लिए पदक के योग्य है.</li> <li style="text-align: justify;">हालांकि, हम एक दूसरे से मुलाकात करने में इस साल सक्षम नहीं हैं, लेकिन आपके प्यार और समर्थन का शुक्रिया.&nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">मैं कामना करता हूं कि ये खास दिन उतना शानदार और उत्तम हो जितना आप हैं!</li> <li style="text-align: justify;">आपकी भूमिका का शुक्रिया अदा करने के लिए शब्द पर्याप्त नहीं हैं. हैप्पी मदर्स डे!</li> <li style="text-align: justify;">मां, आप मेरी जिंदगी की रोशनी हो. आपने मुझे खड़ा और निर्भर होना सिखाया.&nbsp;</li> <li style="text-align: justify;">आप मेरी मार्गदर्शक हो और मैं आपसे बहुत ज्यादा प्यार करता हूं. हैप्पी मदर्स डे.</li> </ul> <p><strong>मदर्स डे 2021 के चर्चित कोट्स</strong></p> <p>"मां घर में दिल की धड़कन है; और उसके बिना लगता है कोई दिल नहीं धड़कता." लीरो ब्राउनलो</p> <p>" एक मां सभी लोगों की जगह ले सकती है लेकिन उसकी जगह कोई भी नहीं ले सकता." कर्डिनल मर्मिलोड</p> <p>"एक मां के अपने बच्चों की जिंदगी में प्रभाव का कोई हिसाब नहीं लगाया जा सकता है." जेम्स ई फॉस्ट</p> <p>"मैं जो कुछ हूं, या जो कुछ होना चाहता हूं, इसका सभी क्रेडिट मेरी मां को जाता है." अब्राहम लिंकन</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Jacqueline Fernandez की डाइट चार्ट और फिटनेस रुटीन से सीखें स्वस्थ रहने का तरीका" href="https://ift.tt/3baAvrm Fernandez की डाइट चार्ट और फिटनेस रुटीन से सीखें स्वस्थ रहने का तरीका</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="ये है Katrina Kaif का फिटनेस रुटीन, ऐसे रखती हैं खुद को शेप में" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/the-5-mantras-behind-katrina-kaifs-fitness-her-secrets-revealed-now-1911618">ये है Katrina Kaif का फिटनेस रुटीन, ऐसे रखती हैं खुद को शेप में</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3esEYHU

Covid-19 Diet: क्या खाएं कोविड-19 के मरीज? जानें सरकार के सिंपल मील प्लान में क्या है

<p style="text-align: justify;">भारत कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर से निपट रहा है. एक्टिव मामलों और रिकवर मामलों के बीच खाई अभी भी बहुत बड़ी है और विशेषज्ञों के मुताबिक मामलों की एक और लहर आगे आने की आशंका है. संक्रमण के चेन को तोड़ने के लिए कई राज्यों ने लॉकडाउन लगाया है. लोगों को घर पर रहने और सिर्फ जरूरी कामों से बाहर निकलने की सलाह दी जा रही है. बहुत सारे कोविड-19 मरीजों का भी होम आइसोलेशन में इलाज किया जा रहा है. भारत सरकार ने mygovindia के ट्विटर हैंड पर साधारण भोजन योजना उन मरीजों के लिए शेयर की है जो घर पर या अस्पताल या कैंपों में ठीक हो रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>भारत सरकार ने सुझाए कोविड-19 मरीजों के लिए भोजन</strong></p> <p style="text-align: justify;">1. योजना में भोजन को न सिर्फ पौष्टिक बनाने बल्कि बहुत ज्यादा स्वादिष्ट के लिए आसान टिप्स और विचार शामिल हैं. अगर आप एक कोविड-19 मरीज हैं, तब आपको बादाम प्रोटीन और आयरन के लिए खाना चाहिए. योजना का पहला बिंदु है, "दिन की शुरुआत भीगे हुए बादाम और किशमिश से करें."&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">2. आप ग्लुटेन-मुक्त और अत्यधिक फाइबर का विकल्प भी अपना सकते हैं. साधारण योजना के अन्य बिंदुओं में से एक है, "ब्रेकफास्ट के लिए रागी डोसा या एक कटोरा दलिया सबसे अच्छा विकल्प है."</p> <p style="text-align: justify;">3. अन्य लाभदायक टिप था, "गुड़ और घी की लंच के दौरान या बाद में सिफारिश की जाती है या रोटी के साथ इस पोषण के संयोजन को खाएं." गुड़ और घी दोनों शरीर को गर्म रखने और मजबूत बनाने में मदद करते हैं, वो कई इ्म्यूनिटी- बढ़ानेवाले गुण के साथ भी पूरे होते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">[tw]https://twitter.com/mygovindia/status/1390918135847407618?s=20[/tw]</p> <p style="text-align: justify;">4. डिनर के लिए योजना के मुताबिक आप साधारण खिचड़ी खाएं क्योंकि उसमें सभी जरूरी पोषक तत्व शामिल होते हैं. ये पेट के लिए हल्की होती है और अच्छी नींद में मदद करती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">5. कहने की जरूरत नहीं है कि ये बहुत ही महत्वपूर्ण है कि आप हाइड्रेटेड रहें. योजना में मुख्य सुझाव दिया गया है कि पानी के अलावा आपको घर पर बने नींबू जूस और छाछ को अपनी रोजाना की रूटीन में जरूर शामिल करना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Corona Virus: होम आइसोलेशन में इन बातों का रखें विशेष ख्याल, बरतें पूरी सावधानी" href="https://ift.tt/2R8CGoh Virus: होम आइसोलेशन में इन बातों का रखें विशेष ख्याल, बरतें पूरी सावधानी</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Covid-19: बच्चों को कोरोना वायरस से कैसे बचाएं? इस तरह बरतें सावधानी" href="https://ift.tt/3obU1cl बच्चों को कोरोना वायरस से कैसे बचाएं? इस तरह बरतें सावधानी</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3xX0OLh

Deepika Padukone की तरह इन साड़ियों को अपने कलेक्‍शन में करें शामिल, लगेंगी काफी खूबसूरत

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Saturday, May 8, 2021

Corona Virus: होम आइसोलेशन में इन बातों का रखें विशेष ख्याल, बरतें पूरी सावधानी

<p style="text-align: justify;">अगर आप कोरोना से संक्रमित हैं और डॉक्टर आपको घर में रहकर ही इलाज कराने की सलाह देते हैं तो आपको कुछ बातों का खास ख्याल रखना होगा. अगर आप होम आइसोलेशन में हैं तो कोशिश करें कि डॉक्टर की बताई गई बातों को पूरी तरह से फॉलो करें. इस तरह आप कोरोना को फैलने से रोक सकते हैं. इसके अलावा आप अपने परिवार और बच्चों को भी इस वायरस के संक्रमण से बचा सकते हैं. आइए जानते हैं होम आइसोलेशन के दौरान आपको कौन-सी बातों का ख्याल रखना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>होम आइसोलेशन में इन बातों का रखें ख्याल</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1.</strong> अगर आप कोरोना संक्रमित हैं तो सबसे पहले आपको खुद को एक ऐसे कमरे में शिफ्ट कर लेना चाहिए, जिसमें अटैच बाथरूम की सुविधा हो.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2.</strong> डॉक्टर की बताई गई सभी दवाएं अच्छी तरह से समझ लें. जिससे बार-बार किसी को आपको दवा देने आने की जरूरत न पड़े.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3.</strong> अपने खाने पीने का खास ख्याल रखें, खूब लिक्विड लें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4.</strong> अपने कमरे में सभी जरूरी सामान रख लें और ज्यादा से ज्यादा आराम करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5.</strong> संक्रमित होने पर अपने पातलू जानवरों से भी दूरी बनाकर रखें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>6.</strong> अपने कमरे की खिड़कियां खुली रखें, जिससे कमरे में सही वेंटीलेशन हो सके.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>7.</strong> संक्रमित व्यक्ति को दूसरे लोगों से बात करते वक्त या पास आने पर मास्क लगा लेना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>8.</strong> अपने इस्तेमाल में आने वाली चीजें- जैसे तोलिया, साबुन या बर्तन किसी के साथ शेयर न करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>9.</strong> घर में किसी को बाहर से ना आने दें और खुद भी बेवजह बाहर जाने से बचें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>10.</strong> होम आइसोलेशन में बुखार चेक करते रहें, ऑक्सीजन लेवल भी चेक करते रहें. अगर सांस लेने में दिक्कत, छाती में तेज दर्द हो या कोई भी गंभीर लक्षण दिखे, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें.</p> lifestyle https://ift.tt/33r9rj9