Friday, May 7, 2021

होम आइसोलेशन खत्म करने का सही समय कब होता है? इस गाइडलाइन्स को अपनाएं कोरोना के मरीज

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस की जांच में पॉजिटिव पाए जानेवाले ज्यादातर मरीज होम क्वारंटीन के तहत ठीक हो जाते हैं. कोविड-19 के सभी मामलों में अस्पताल में दाखिले की जरूरत नहीं होती. होम क्वारंटीन का मतलब ऐसा समय है जब पॉजिटिव मरीज खुद को घर पर डॉक्टर की सलाह से सभी सावधानी और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए आइसोलेट कर ले. हल्के और मध्यम लक्षण वाले मरीजों को आम तौर से होम क्वांरटीन करने की सलाह दी जाती है. अच्छी रिकवरी के लिए तीमारदार और सेल्फ आइसोलेशन की सुविधा का होना जरूरी है. लेकिन क्वारंटीन खत्म करने का सही समय कब है? होम क्वारंटीन या आइसोलेशन कब खत्म होना चाहिए?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>होम आइसोलेशन कब खत्म करना चाहिए?</strong></p> <p style="text-align: justify;">कोविड-19 के मरीज को ठीक होने में 14 दिन लग सकते हैं. मरीज का होम क्वारंटीन पीरियड खत्म हो सकता है अगर कम से कम 14-17 दिन लक्षणों के जाहिर होने के बाद गुजर गए हैं. वायरस की जांच में पहली बार पॉजिटिव पाए जाने के 10 दिन बाद एसिम्पटोमैटिक मरीज क्वारंटीन से बाहर आ सकते हैं. लेकिन बेहतर होगा डॉक्टर से आइसोलेशन खत्म करने के सही समय के बारे में राय ले लें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">क्वारंटीन की अवधि और उसे खत्म करने के लिए सही समय आपके लक्षणों की तीव्रता और प्रकार पर भी निर्भर कर सकता है. संक्रमण का आम तौर से उत्कृष्ट निशान बुखार होता है. 24 घंटे के अंतराल से RT-PCR की दो निगेटिव रिपोर्ट का होना एक संकेत के तौर पर होता है कि शख्स कोरोना वायरस से ठीक हो गया है और होम क्वारंटीन खत्म कर सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मरीजों को ठीक होने में 14 दिन लग सकते हैं&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">होम आइसोलेशन का पीरियड 14 दिनों का माना जाता है क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि ये समय वायरस के खत्म होने के लिए महत्वपूर्ण होता है. एम्स डायरेक्टर डॉक्टर रणदीप गुलेरिया बताते हैं, "ये वैज्ञानिक तौर पर साबित है कि हल्के मामलों में वायरस छह या सात दिनों बाद मर जाता है." उनका ये भी कहना है कि RT-PCR टेस्ट के नतीजे अभी भी पॉजिटिव आ सकते हैं अगर ये वायरल मलबे को उठाए. ध्यान रखना चाहिए कि कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों का आइसोलेशन पीरियड सामान्य के मुकाबले ज्यादा लंबा हो सकता है और अतिरिक्त जांच की भी जरूत पड़ सकती है. पहली बार लक्षण जाहिर होने से लेकर 17 दिन पूरा होने पर एक शख्स अपने काम या अन्य रूटीन में शामिल हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Coronavirus: आपका साबुन महामारी की लड़ाई में दोस्त हो सकता है, जानिए इस्तेमाल करने के सही तरीके" href="https://ift.tt/2RuMzwC आपका साबुन महामारी की लड़ाई में दोस्त हो सकता है, जानिए इस्तेमाल करने के सही तरीके</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="अगर आप बहुत ज्यादा केला खाने के शौकीन हैं, तो ये आपके लिए चेतावनी का संकेत है" href="https://www.abplive.com/lifestyle/if-you-are-fond-of-too-many-bananas-here-are-warning-sign-for-you-1910826">अगर आप बहुत ज्यादा केला खाने के शौकीन हैं, तो ये आपके लिए चेतावनी का संकेत है</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/2Q1Pexq

Coronavirus: आपका साबुन महामारी की लड़ाई में दोस्त हो सकता है, जानिए इस्तेमाल करने के सही तरीके

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस की महामारी निरंतर जारी है और देश भर में हजारों जिंदगी को छीन लिया है. दुनिया भी धीरे-धीरे इस हकीकत को स्वीकार करने लगी है कि उसे खतरनाक संक्रामक रोग के साथ कुछ समय के लिए रहना होगा. अभी तक कोई इलाज नहीं है या कोरोना वायरस के इस वेरिएन्ट के लिए वैक्सीन नहीं है. फिर भी, जरूरी है कि सभी एहतियाती सावधानी और सुरक्षात्मक गाइडलाइन्स का पालन करें. बार-बार अपने हाथों को धोना सबसे महत्वपूर्ण सुरक्षात्मक उपाय है क्योंकि आप कभी निश्चित नहीं हो सकते कि आपके हाथ ने क्या छुआ है. आपको हमेशा इस हकीकत से जागरूक रहने का संकल्प लेने और अपने हाथों को साफ रखने की जरूरत है.&nbsp;<br />आपके साबुन की विनम्र पट्टी कोविड-19 समेत कई संक्रामक बीमारियों के खिलाफ आपका दोस्त हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हाथ को साफ रखने में साबुन का महत्व</strong><br />विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, संक्रमण रोकने का सबसे प्रभावी तरीका साबुन और पानी के साथ अपने हाथों को धोना है. वास्तव में ये पहला महामारी और सर्वव्यापी महामारी के संदर्भ में पहला सुरक्षात्मक उपाय है. निश्चित रूप से हैंड सैनेटाइजर भी मदद कर सकते हैं. लेकिन इसे आपातकालीन इस्तेमाल के लिए सुरक्षित रखा जाना चाहिए. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक, साबुन और पानी से हाथ धोने की कोई जगह नहीं ले सकता. इसलिए सैनेटाइजर की बोतल तक पहुंचने के बजाए आपको जरूर वॉश बेसिन का रुख करना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>साबुन का इस्तेमाल क्यों?</strong><br />आपकी स्किन की सतह पर फैटी एसिड और प्रोटीन रोगाणुओं को उनसे चिमटने में मदद करते हैं. मात्र पानी से हाथ धोना इन रोगाणुओं को दूर करने में आपकी प्रभावी तरीके से मदद नहीं करेगा. लेकिन जब आप साबुन का इस्तेमाल करते हैं, तब अधिकतर वायरस के बाहरी झिल्ली पर उसका विपरीत प्रभाव होता है, और ये अब आपकी त्वचा से चिपक नहीं सकता है. ये आपके हाथों से वायरस को भी धोता है. इसके अलावा कई सारे बैक्टीरिय संक्रमणों की रोकथाम में भी मदद करता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>साबुन और पानी से हाथ धोने का सही तरीका</strong><br />अधिकतर लोग अपने हाथों को साबुन और पानी से धोते वक्त मामूली गलती करते हैं. बहुत सारे लोग सिर्फ अपना हाथ भिगोते हैं, उस पर साबुन मलते हैं और तेजी से उसे धोते हैं. इससे कई सारी हाथों पर की स्पष्ट जगहें छूट सकती हैं और कीटाणु दुबक सकते हैं. इसलिए, आपको अपने हाथों को धोते वक्त सावधान रहने की जरूरत है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">अपने हाथों को सही तरीके से धोने के लिए बहते पानी के नतीजे अपने हाथों को पकड़ें. साबुन लगाएं और एक साथ अपने हाथों को मलें. इसको 20 सेकंड के लिए करें. अपने हाथ के पीछे धोने के लिए सावधान रहें, उंगली और अपने नाखु के नीचे. पानी से धोएं और अपने हाथों को सुखाने के लिए पेपर तौलिये का इस्तेमाल करें. इस्तेमाल के बाद उसे फौरन डिस्पोज कर दें. अपने हाथों को साफ रखने के लिए इस प्रोटोकॉल का हमेशा पालन करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="लहसुन दूर करेगा गले की खराश और खांसी, कोरोना में हो सकता है फायदेमंद" href="https://www.abplive.com/lifestyle/garlic-will-remove-sore-throat-and-cough-may-be-beneficial-in-corona-1910922">लहसुन दूर करेगा गले की खराश और खांसी, कोरोना में हो सकता है फायदेमंद</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Covid-19: कोरोना वायरस से बचने के लिए कैसा होना चाहिए आपका मास्क, जानिए" href="https://ift.tt/3h8pPgI कोरोना वायरस से बचने के लिए कैसा होना चाहिए आपका मास्क, जानिए</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3b8H25w

अगर आप बहुत ज्यादा केला खाने के शौकीन हैं, तो ये आपके लिए चेतावनी का संकेत है

<p style="text-align: justify;">हम सभी केला को उसके शानदार स्वाद और हैरतअंगेज स्वास्थ्य फायदे की वजह से पसंद करते और खाते हैं. केला में कई मिनरल्स और विटामिन्स जैसे विटामिन सी, विटामिन बी6, मैग्नीशियम, पोटैशियम, कॉपर और मैग्नीज पाया जाता है. फल एंटी ऑक्सीडेंट्स में भी भरपूर होता है और हमारे शरीर की ठीक तरह से पालन पोषण करता है. ये ब्लड शुहर लेवल को सामान्य करता है, पाचन स्वास्थ्य को सुधारता है. उसके स्वास्थ्य फायदों को देखते हुए अधिकतर स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केला हमारी रोजाना की डाइट का एक जरूर हिस्सा होना चाहिए. लेकिन, उसके कुछ साइड-इफेक्ट्स भी होते हैं जिसे हमें जानना चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आपका वजन बढ़ना शुरू हो सकता है</strong><br />अगर आप अपने वजन की देखभाल करते हैं, तब केला के बारे में सोचना चाहिए. केला में 105-110 कैलोरी होता है और इसलिए बहुत ज्यादा खाने से वजन की वृद्धि में नेतृत्व करता है. बहुत ज्यादा केला का इस्तेमाल आपका वजन बढ़ाता है और अगर आप अस्वस्थ वजन बढ़ोतरी से परेशान हैं, तब अपने ब्रेकफास्ट से केला को छोड़ना आपके लिए सही होगा.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>माइग्रेन का जिम्मेदार हो सकता है</strong><br />हालांकि ये फल सबसे स्वादिष्ट और स्वस्थ समझा जाता है, लेकिन माइग्रेन बढ़ाने का भी जिम्मेदार हो सकता है. केला में मौजूद एक तत्व टायरामाइन उसका जिम्मेदार होता है और केला के छिलके में बड़ी मात्रा में पाया जाता है. इसलिए अगर आप माइग्रेन के मरीज हैं, तो बहुत ज्यादा केला खाना निश्चित रूप से आपके लिए सही विकल्प नहीं हो सकता.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>केला के नतीजे में हाइपरकलेमिया हो सकता है</strong><br />हाइपरकलेमिया एक ऐसी स्थिति है जो बहुत ज्यादा पोटैशियम के सेवन से होती है. कई रिसर्च में पाया गया है कि 18 ग्राम से ज्यादा पोटैशियम का सेवन एक दिन में हाइपरकलेमिया के साथ बहुत समस्याएं पैदा कर सकता है. चूंकि केला पोटैशियम में अत्यधिक होता है, इसलिए उसके नतीजे में ये स्थिति हो सकती है जो मतली, हाई पल्स रेट, घबराहट, &nbsp;अनियमित दिल की धड़कन और हार्ट अटैक तक हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>झपकी</strong><br />केले खाना शायद आपको बेहतर नींद में मदद कर सकता है. ये नींद को प्रेरित कर सकता है और दिमाग पर आराम का प्रभाव पैदा कर सक्रिय अंगों को शांत कर सकता है. लेकिन बहुत ज्यादा केला से झपकी भी आ सकती है. केला ट्रीप्टोफन नामक एमिनो एसिड से भरपूर होता है. ये आपके दिमाग को कम संवेदनशील बनाता है और आपके दिमाग की क्षमता को कम कर सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="तनाव को कैसे दूर रखते हैं एक्टर मिलिंद सोमन, इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर खोला राज" href="https://www.abplive.com/lifestyle/how-does-milind-soman-keep-stress-at-bay-he-reveals-while-sharing-video-on-instagram-1910810">तनाव को कैसे दूर रखते हैं एक्टर मिलिंद सोमन, इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर खोला राज</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="शरीर के लिए फॉलिक एसिड भी है महत्वपूर्ण, इसके लिए डाइट में इन फूड्स को करें शामिल" href="https://www.abplive.com/lifestyle/folic-acid-is-also-important-for-the-body-for-this-include-in-your-diet-these-foods-1910792">शरीर के लिए फॉलिक एसिड भी है महत्वपूर्ण, इसके लिए डाइट में इन फूड्स को करें शामिल</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3nXZV0y

वास्तुशात्र: ड्रेनेज सिस्टम में चूक से हो सकते हैं बीमार, निर्माण में रखें इन बातों का ध्यान

<p>ड्रेनेज सिस्टम को बनाते समय लोग वास्तुशास्त्र का ध्यान कम रखते हैं. वे टॉयलेट और वाशरूम की दिशा पर तो विचार करते हैं. ड्रेनेज सिस्टम की अनदेखी कर देते हैं. इससे घर में छिपे हुए अवरोधों में वृद्धि होने लगती है.</p> <p>ड्रेनेज सिस्टम की व्यवस्था पूर्व दिशा में नहीं करना चाहिए. शेष तीन दिशाओं दक्षिण पश्चिम और उत्तर में इसे बनाया जाना चाहिए. ड्रेनेज सिस्टम ईशान कोण, आग्नेय कोण, नेरक्त्य कोण और वायव्व कोण में भी नहीं होना चाहिए. अर्थात् प्रमुख चारों दिशाओं के मिलने से बनी दिशाओं में ड्रेनेज सिस्टम नहीं होना चाहिए. ड्रेनेज सिस्टम सिस्टम का संबंध राहू और केतु से होता है.</p> <p>गलत दिशा का ड्रेनेज सिस्टम घर के सदस्यों के चंद्रमा को दोषपूर्ण बनाता है. इससे लोगों का मनोबल और निर्णय क्षमता प्रभावित होती है. घर में संक्रामक रोगों की आशंका बढ़ती है. एकल घरों की अपेक्षा मल्टी स्टोरी बिल्डिंग में ड्रेनेज सिस्टम में चूक बड़े नकारात्मक परिणामों को बढ़ाती है. कारण, इन भवनों का ड्रेनेज सिस्टम बडे़ स्तर पर कार्य करता है.&nbsp;</p> <p>ड्रेनेज सिस्टम के दोषों के कारण घर में रहने वालों को पेट संबंधी रोग बढ़ सकते हैं. उत्तर-पूर्व दिशा अर्थात् ईशान कोण में ड्रेनेज सिस्टम धर्म अध्यात्म और शैक्षिक गतिविधियों मंे कमी लाता है. आग्नेय कोण में ड्रेनेज सिस्टम होने से घर में कीट प्रकोप बढ़ता है. रहवासी तापमान संबंधी रोग जैसे वायरल फीवर आदि से ग्रस्त रहते हैं. नेरक्त्य कोण में ड्रेनेज सिस्टम घर में अस्थिरता लाता है. घर मालिक को घर में ठहरने में अड़चनें आती हैं. वायव्य कोण में ड्रेनेज सिस्टम का दोष कैश फ्लो को गड़बड़ाता है. मेहमानों का आगमन घटता है. स्वभाव चिड़चिड़ा होता है.</p> lifestyle https://ift.tt/3vJTnoM

Thursday, May 6, 2021

लहसुन दूर करेगा गले की खराश और खांसी, कोरोना में हो सकता है फायदेमंद

<p>कोरोनाकाल में अपने आप को और परिवार को सुरक्षित रखना बहुत जरूरी है. कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोग कई तरह के घरेलू नुस्खे अपना रहे हैं. एक्सपर्ट और डॉक्टर भी कई ऐसी घरेलू चीजों का सेवन करने की सलाह दे रहे हैं जिससे कोरोना का बचाव किया जा सके. इन्हीं में से एक है लहसुन. लहसुन कई तरह की समस्याओं को दूर करता है. अगर आपको खांसी है तो लहसुन इसे दूर करने में असरकारी साबित हो सकता है. लहसुन खाने से इम्यूनिटी भी बढ़ती है. इसके अलावा कई तरह की बीमारियों को भी दूर करता है. आइये जानते हैं.</p> <p><strong>खांसी दूर करता है लहसुन- </strong>अगर आपको खांसी है तो लहसुन का इस्तेमाल कर सकते है. इससे खांसी में आराम मिलेगा. आप लहसुन के रस की कुछ बूंदों में 1 गिलास अनार का जूस मिलाएं. इसे अच्छी तरह मिक्स करें और सुबह खाली पेट पी लें. इससे शरीर को कई फायदे मिलेंगे.</p> <p><strong>गले की खराश होगी दूर- </strong>कोरोना के इस दौर में लोगों को गले में खराश की समस्या हो रही है. अगर आपको भी यह परेशानी हो रही है तो आप 1 गिलास गर्म पानी में लहसुन के जूस की कुछ बूंदें मिला लें. अब इस पानी से गरारा करें आपतो काफी आराम पड़ेगा.</p> <p><strong>अस्थमा में लाभकारी- </strong>अगर आपको अस्थमा है तो आपको लहसुन के जूस का इस्तेमाल करना चाहिए. इससे आपको काफी फायदा हो सकता है. इसके अलावा आप लहसुन भी खा सकते हैं. लहसुन के जूस में 1 गिलास पानी मिक्स करके पीने से अस्थमा रोगियों को आराम पड़ता है.</p> <p><strong>मुंहासों में राहत- </strong>अगर आपको पिंपल्स की समस्या है तो लहसुन के जूस का इस्तेमाल करें. इसके लिए आप 5 से 6 चम्मच लहसुन का जूस लें और चेहरे पर रुई की मदद से लगा लें. कुछ समय के लिए इसे सूखने दें. अब ठंडे पानी से चेहरे को धो लें. आपको काफी आराम मिलेगा.</p> <p><strong>कोलेस्ट्रॉल में सुधार- </strong>लहसुन का सेवन आपके बढ़ते कोलेस्ट्रॉल लेवल को भी ठीक करता है. आप लहसुन के जूस का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे हार्ट से जुड़ी समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है. हालांकि ध्यान रखें लहसुन के जूस को ज्यादा समय के लिए नहीं रखें.</p> <p><strong>बालों की समस्या- </strong>अगर आपके बाल झड़ते हैं और रूसी की समस्या है तो आप लहसुन के जूस का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप 2 चम्मच लहसुन का जूस लें इसमें सरसों तेल की कुछ बूंदे डालें और अपने बालों की जड़ों पर लगा लें. इससे बालों का झड़ना और डैंड्रफ से राहत मिलेगी.</p> lifestyle https://ift.tt/3nQABtg

Covid-19: कोरोना वायरस से बचने के लिए कैसा होना चाहिए आपका मास्क, जानिए

<p>कोरोना महामारी से अगर आपको बचाव रखना है तो आपका मास्क पहनना सबसे जरूरी है. हालांकि आपका मास्क वायरस को रोकने में कितना सक्षम है ये जानना बहुत जरूरी है. हालिया रिसर्च में यह बात सामने आई है कि कोरोनावायरस का ट्रांसमिशन हवा के जरिए भी हो रहा है. इसलिए लोगों को घर में रहने की सलाह दी जा रही है. एक्सपर्ट की मानें तो इन दिनों आपको घर में भी मास्क पहनकर रहना चाहिए. हालांकि आपका मास्क कोरोना वायरस को रोकने में कितना सक्षम है ये जानना बहुत जरूरी है. आपका मास्क लूज और अनफिट तो नहीं है. इसलिए जरूरी है कि आपका मास्क पूरी तरह फिट हो और अगर आप कपड़े का मास्क पहन रहे हैं तो आपको डबल मास्क पहनने की जरूरत है. आइए कोरोना वायरस से निपटने के लिए हमारा मास्क कैसा होना चाहिए.</p> <p><strong>हवा में कैसे फैलता है कोरोना</strong><br />कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से ये वायरस कणों के जरिए हवा में फैलता है. हवा से ये दूसरे शख्स के शरीर में पहुंच जाता है. रिपोर्ट्स में यह दावा किया है कि अगर संक्रमित शख्स सांस छोड़ता है तो उसी हवा में सांस लेने से स्वस्थ इंसान भी कोरोना से संक्रामित हो सकता है. इसलिए कोरोना से बचने के लिए मास्क पहनना बहुत जरूरी है.&nbsp;</p> <p><strong>कोरोना से बचाने के लिए मास्क कैसा हो?</strong></p> <p><strong>सर्जिकल मास्क-</strong> आप कोई भी तीन लेयर वाला मास्क पहन सकते हैं ये बेस्ट होते हैं. थ्री लेयर मास्क से हवा में मौजूद बड़े पॉल्यूशन के कण भी हमारे अंदर नहीं पहुंच पाते. यूज एंड थ्रो वाला यह सर्जिकल मास्क कोरोना से बचाव के लिए भी उपयोगी है.</p> <p><strong>N95 मास्क-</strong> इसे सबसे सुरक्षित मास्क माना जाता है. लेकिन इसे बिना वाल्व के इस्तेमाल करें. कोई भी वॉल्व वाला मास्क रिस्की हो सकता है. इससे हवा बाहर और अंदर आती जाती है जो आपको संक्रामित कर सकता है. N95 मास्क का इस्तेमाल ज्यादातर मेडिकल स्टॉफ ही करता है.</p> <p><strong>कपड़े का मास्क-</strong> कॉटन के कपड़े का मास्क लगाने में काफी आरामदायर होते हैं. लेकिन ध्यान रखें ये मास्क तीन लेयर वाला होना चाहिए. आप इसे वॉश करके इस्तेमाल कर सकते हैं. अगर आपको ये मास्क सुरक्षित नहीं लगते तो आप पहले कपड़े का मास्क और फिर उसके ऊपर सर्जिकल मास्क भी लगा लें. इससे आप सुरक्षित रहेंगे.&nbsp;</p> <p><strong>रूमाल, तौलिया या अंगोछा भी है विकल्प-</strong> अगर आप भीड़-भाड़ में नहीं जाते तो आप दो-तीन लेयर बना कर रूमाल, तोलिया या अंगोछा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. घर में आकर इसे ऐसे उतारें कि चेहरे पर हाथ नहीं लगें.</p> <p><strong>मास्क पहनते वक्त ये सावधानी बरतें</strong></p> <p>1- मास्क ऐसा हो जिसमें नाक, मुंह और ठुड्डी सही कवर हो.&nbsp;<br />2- ऐसा मास्क हो जिसे आपको बार-बार एडजस्ट नहीं करना पड़े.<br />3- मास्क पहनने के बाद चेहरे और मास्क के बीच ज्यादा गैप नहीं हो.<br />4- सांस लेते समय हवा मास्क से गुजरनी चाहिए, सांस लेने में दिक्कत नहीं हो.<br />5- मास्क पहनने के बाद बार-बार मास्क को हाथों से ठीन न करें.&nbsp;<br />6- मास्क उतारने के बाद 20 सेकंड तक अच्छी तरह साबुन से हाथ धोने चाहिए.&nbsp;</p> <p>&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/2RznKPO

Hanuman Puja: अगर आता है बहुत ज्यादा गुस्सा तो मंगलवार को हनुमान जी के इन उपायों से होगा लाभ

<p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">भागदौड़ भरी जिदगी में टेंशन ज्यादा है सुकून कम. लोग धैर्य और सहनशक्ति खोते जा रहे हैं और यही कारण है कि क्रोध बढ़ रहा है, जो खुद का ही सबसे बड़ा शत्रु होता है. क्रोध से सामने वाले का कम अपना ज्यादा नुकसान होता है. इसलिए जरूरी है कि इस पर काबू पाना. इसके लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी (Hanuman Ji) की पूजा बेहद लाभदायक साबित हो सकती है. मंगलवार के दिन हनुमान जी के निमित्त कुछ विशेष उपाय किए जाए तो निश्चित रूप से लाभ मिलता है. चलिए बताते हैं क्या हैं वो उपाय.&nbsp;</span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>मंगलवार का व्रत</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">अगर आप चाहें तो मंगलवार के व्रत कर सकते हैं. ये हनुमान जी को प्रसन्न करने का सबसे उत्तम उपाय माना गया है. इस दिन सुबह सवेरे नहा धोकर व्रत का प्रण लें और हनुमान जी की पूजा करें. विधिपूर्वक किए गए व्रत से आप कुछ ही दिनों में खुद में बदलाव महसूस करेंगे.&nbsp;</span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>हनुमान चालीसा का पाठ</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ अत्यंत शुभ फलदायी माना जाता है. यूं को हनुमान चालीसा का पाठ प्रतिदिन कर सकते हैं लेकिन मंगलवार के दिन जरुर करें, इसके लिए सुबह नहा धोकर मंदिर में आसन बिछाए और हनुमान चालीसा पढ़े. इससे आपका मन शांत होगा और तमाम बुरे विचार दूर होंगे.&nbsp;</span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>सुंदर कांड का पाठ</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">सुंदर कांड का पाठ करने से भी अपने क्रोध पर काबू पाया जा सकता है. दिन के दोनों पहर में सुंदर कांड का पाठ करें और विधि विधान से पूजा करें, लाभ अवश्य होगा.&nbsp;</span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>हनुमान जी को चढ़ाए चोला</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">बजरंग बली को सिंदूरी चोला चढाकर आसानी से प्रसन्न किया जा सकता है और उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है. मंगलवार के दिन उन्हें चोला चढ़ाकर केवल क्रोध पर ही काबू नहीं, बल्कि अन्य परेशानियां भी जीवन से दूर की जा सकती है.&nbsp;</span></p> <p style="text-align: justify;"><strong>मंगलवार को अर्पित करें तुलसी&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;"><span style="font-weight: 400;">हनुमान जी को तुलसी अति प्रिय है लिहाज़ा हर मंगलवार तुलसी के पत्ते पर सिंदूर से राम लिखकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित करने चाहिए इससे मन, मस्तिष्क काफी शांत रहता है. और कलह कलेश और नकारात्मक विचार मन में नहीं आते.&nbsp;</span></p> <p style="text-align: justify;">ये भी पढ़ेंः <a href="https://www.abplive.com/lifestyle/religion/hanuman-puja-in-navratri-2021-anger-is-considered-as-an-enemy-in-bhagwat-geeta-shanidev-calms-down-1903393">मंगलवार को करें हनुमान जी की पूजा, शनिदेव भी होंगे शांत</a></p> <p style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3nTK8zx style="font-weight: 400;">&nbsp;</span></a></p> <p style="text-align: justify;"><br /><br /></p> lifestyle https://ift.tt/3up9CYb