Thursday, May 6, 2021
शरीर के लिए फॉलिक एसिड भी है महत्वपूर्ण, इसके लिए डाइट में इन फूड्स को करें शामिल
<p style="text-align: justify;">शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई प्रकार के पोषण जैसे विटामिन्स, प्रोटीन, कैल्शियम, जिंक, पोटैशियम और मैग्नीशियम की जरूरत होती है. उनमें से एक फोलिक एसिड भी है. शरीर में फोलिक एसिड की सही मात्रा फोलेट की कमी को पूरा करने में मदद करती है. फोलिक एसिड को विटामिन बी9 भी कहा जाता है. शरीर में फोलेट की कमी से कई समस्याएं जैसे कमजोरी, एनीमिया, थकान, चिड़चिड़ापन, गुस्सा और सांस फूलना हो सकता है. इसलिए शरीर में उसकी सही मात्रा इन समस्याओं पर काबू पाने और नर्वस सिस्टम को ठीक से काम करने में मदद करता है. प्रेगनेन्सी के दौरान मां और मासूम को स्वस्थ रखने के लिए लाल रक्त कोशिकाओं की जरूरत होती है. शरीर में फोलेट की कमी को पूरा करने के लिए आप अपनी डाइट में कुछ फूड शामिल कर सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>फोलिक एसिड के लिए ब्रॉकली-</strong> आप अपनी डाइट में ब्रोकली को शामिल कर सकते हैं. ब्रोकली आपके शरीर में फोलिक एसिड की न सिर्फ कमी खत्म करेगी बल्कि आप पोषक तत्व जैसे आयरन, विटामिन बी6, बीटा कैरोटीन और विटामिन के भी हासिल करेंगे. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>फोलिक एसिड के लिए एवकाडो-</strong> आप एवकाडो का इस्तमाल कर भी बहुत ज्यादा फोलिक एसिड हासिल कर सकते हैं. उसके साथ बहुत सारे पोषक तत्व जैसे फाइबर, विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन के और मैग्नीज भी आपके शरीर को उपलब्ध होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फोलिक एसिड के लिए चना-</strong> शरीर में फोलिक एसिड का बेहतर स्रोत चना भी है. आप बहुत ज्यादा प्रोटीन, पोटैशियम, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट्स, कैल्शियम, मैग्नीशियम और आयरन की प्राप्ति चना खाकर कर सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>फोलिक एसिड के लिए सोया-</strong> आप शरीर में फोलिक एसिड की मात्रा पूरा करने के लिए सोया का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. सोया से फोलेट के साथ शरीर में आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन की कमी भी पूरी होती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>फोलिक एसिड के लिए अखरोट-</strong> अगर आप अपनी डाइट में अखरोट शामिल करते हैं, तो ये न सिर्फ शरीर में फोलिक एसिड की कमी पूरी करती है, बल्कि उसके इस्तेमाल से आप पोषक तत्व जैसे ओमेगा-3 फैटी एसिड, आयरन और विटामिन्स भी हासिल करेंगे. उसके साथ चुकंदर, केला, पपीता, पालक, हरा मटर, मूंगफली, साबुत अनाज, समुद्री फूड, अंडे, मटर भी शरीर में फोलिक एसिड की कमी को पूरा करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या शराब से हो सकता है कोरोना संक्रमण का इलाज? जानिए विशेषज्ञ की राय" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/can-wine-cure-corona-infection-here-is-covid-19-expert-from-punjab-1910651">क्या शराब से हो सकता है कोरोना संक्रमण का इलाज? जानिए विशेषज्ञ की राय</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या नाक में नींबू रस डालने से हो सकता है कोरोना का इलाज? जानिए वायरल दावे की सच्चाई" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/can-2-drops-of-lemon-juice-in-nose-cure-covid-19-know-the-truth-about-lemon-therapy-1910642">क्या नाक में नींबू रस डालने से हो सकता है कोरोना का इलाज? जानिए वायरल दावे की सच्चाई</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3xPvKNj
Shani Sade Sati: जानें कब से शुरू होगी मीन राशि पर शनि की साढ़े साती, शनिदेव के बुरे प्रभाव से बचने के लिए करें ये उपाय
<p style="text-align: justify;"><strong>Shani Sade Sati: </strong>ज्योतिष के अनुसार, शनिदेव का राशि परिवर्तन ही शनि की साढ़ेसाती का शुरू होना होता है. शनि जिस राशि पर विराजमान होते हैं, उस पर उनका प्रभाव तो ही है. इसके साथ ही ये अन्य राशियों पर भी अपना प्रभाव डालते हैं. शनि देव यदि किसी राशि में अशुभ योग में होते हैं तो उनका प्रभाव उस राशि पर अशुभ होता होता है. इससे उस राशि के जातकों पर कई तरह की समस्याएं आ जाती हैं. शनिदेव के राशि परिवर्तन से कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती होती है तो कुछ राशियों पर शनि की ढैय्या शुरू होती है.</p> <p style="text-align: justify;">ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनि ग्रह अन्य ग्रहों की तुलना में बहुत ही मंद गति से चलते हैं. इसके कारण शनि का प्रभाव काफी लम्बे समय तक रहता है. शनि एक राशि से दूसरे राशि में गोचर करने के लिए करीब ढाई साल का समय लेते हैं. इस प्रकार उनका पूरा करें 30 साल में पूरा होता है. आइये जानें कब बदलेगी शनि की चाल और मीन राशि पर शुरू होगी शनि की साढ़ेसाती . इसके प्रभाव को कम करने के उपाय</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मीन</strong> <strong>राशि</strong> <strong>पर</strong> <strong>शनि</strong> <strong>की</strong> <strong>साढ़ेसाती</strong> <strong>का</strong> <strong>प्रभाव</strong></p> <p style="text-align: justify;">ज्योतिष के अनुसार, मौजूदा समय में धनु, कुंभ और मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती का असर है. शनि की साढ़ेसाती का असर जिन राशियों पर है. उनमें मानसिक तनाव, शारीरिक कष्ट निर्धनता आदि का सामना करना पड़ता है. ज्योतिष के अनुसार, शनि देव 29 अप्रैल 2022 को अपनी राशि कुंभ में प्रवेश करेंगें. इनके कुंभ राशि में गोचर करते ही मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण प्रारंभ हो जाएगा. मकर राशि को शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव ख़त्म हो जाएगा. जबकि कुंभ और धनु राशि वालों पर साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा. जबकि शनि के राशि परिवर्तन करने से कर्क व वृश्चिक राशि वालों पर ढैय्या शुरू हो जाएगी.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3h2sBUH Jupiter: कुंभ राशि में विराजमान हैं देवगुरु बृहस्पति, करें ये उपाय तो चमक उठेगा आपका सोया भाग्य</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left"> </div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>शनि</strong> <strong>के</strong> <strong>दोष</strong> <strong>से</strong> <strong>मुक्ति</strong> <strong>पाने</strong> <strong>के</strong> <strong>लिए</strong> <strong>करें</strong> <strong>ये</strong> <strong>उपाय</strong></p> <p style="text-align: justify;">शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा करनी चाहिए. माना जाता है कि शनिवार के दिन हनुमान मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करने से शनि के कुप्रभाव से बचा जा सकता है. भगवान शिव की पूजा करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं. जो चीजें शनि को पसंद हैं उन चीजों का दान करना चाहिए. शनिवार के दिन पीपल के पेड़ पर सरसों के तेल का दिया जलाना चाहिए. </p> lifestyle https://ift.tt/3tqkOCx
Coronavirus in Kids: दूसरी लहर में कोरोना से बच्चों को ज्यादा खतरा, जानें क्या हैं Long COVID के लक्षण
<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस की दूसरी लहर से केवल संक्रमण के मामले ही नहीं बढ़ रहे बल्कि यह यह बच्चों को पहले से कहीं ज्यादा नुकसान पहुंचा रहा है. 16 से कम उम्र के बच्चों में भी इसके संक्रमण का डर है. कई अध्ययन अब पुष्टि कर रहे हैं कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चे में भी लॉन्ग कोविड डेवलप हो सकता है. </p> <p style="text-align: justify;">लॉन्ग कोविड या पोस्ट कोविड सिंड्रोम को जैसे कि परिभाषित किया गया है, यह ठीक होने के लंबे समय बाद कोविड मरीजों को नुकसान पहुंचाता है और उन्हें खराब स्वास्थ्य के साथ गंभीर रिस्क में छोड़ देता है. इसमें संक्रमित रोगी में बीमारी से लड़ने के लंबे समय बाद तक लक्षणों और दुष्प्रभावों को देखा जा सकता है. अब यूके की स्टडी से पता चला है कि हल्के संक्रमण से भी जूझने वाले बच्चों में भी लॉन्ग कोविड हो सकता है. </p> <p style="text-align: justify;">विशेषज्ञों को यह भी डर है कि बच्चों के लिए कुछ विशेष लक्षण उनके दैनिक जीवन और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं. कोविड से रिकवर होने वाले बच्चों में कुछ नीचे दिए गए कॉमन लक्ष्ण मिले हैं जो इसकी ओर संकेत करते हैं. <br /><strong> </strong><br /><strong>अत्यधिक थकान</strong><br />कोविड-19 के होने से वयस्कों में थकान होती है और अध्ययनों के अनुसार यह बच्चों को भी होती है. शोधकर्ता अब इस बात का सबूत ढूंढ रहे हैं कि बच्चों को संक्रमण से लड़ने के लंबे समय बाद थकान से जूझने में कठिनाई हो सकती है. उनके जोड़ों, जांघों, सिर, हाथ और पैरों में दर्द हो सकता है. इससे भी बुरी बात यह है कि कुछ मामलों में थकान 5 महीने से अधिक समय तक भी रह सकती है.<br /> <br /><strong>नींद ठीक से नहीं आना</strong><br />खराब नींद पैटर्न 2-16 वर्ष की आयु के बच्चों में ग्रोथ, संज्ञानात्मक विकास आदि से जुड़ा हुआ है. यह बच्चों के लिए कोविड से लड़ने का एक संभावित दुष्प्रभाव भी हो सकता है. कोविड -19 वाले वाले 7% से अधिक बच्चे नींद की गड़बड़ी के कुछ लक्षण हो सकते हैं. संक्रमण से संबंधित चिंता और तनाव, अलगाव भी समस्याओं का कारण बन सकता है जिन पर ध्यान दिया जाना चाहिए. कोविड से पीड़ित हर पांचवें बच्चों में देखा गया कि अनिद्रा भी एक लक्षण है जो लॉन्ग कोविड से पीड़ित वयस्कों में देखा जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सेन्सरी इम्पेर्मन्ट</strong><br />बच्चों में पोस्ट कोविड लक्षणों के लंदन बेस्ड विश्लेषण के अनुसार, छोटे शिशुओं और बच्चों को संवेदी असमर्थता (सेन्सरी इम्पेर्मन्ट) का अनुभव होने का खतरा हो सकता है. जैसे कान दर्द, खराब या धुंधला विजन, स्पर्श, गंध से कॉम्प्रोमाइज आदि हो सकता है.<br /> <br /><strong> मूड स्विंग</strong><br />लॉन्ग कोविड से पीड़ित बच्चों में भी सामान्य से अधिक चिड़चिड़ा होने का खतरा होता है, जो उनके विकास के वर्षों में मूड स्विंग का प्रदर्शन करते हैं. लगभग 10 फीसदी बच्चों ने मेमोरी प्रोब्लम्स की सूचना दी, उन्हें अधिक बार थकान महसूस हुई और उन्हें ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई का सामना करना पड़ा. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>गैस्ट्रोइन्टेस्टनल प्रॉब्लम्स</strong><br />गैस्ट्रोइन्टेस्टनल लक्षण बच्चों में एक आम शिकायत है जो अभी उनके संक्रमण के लक्षण स्टेज के दौरान देखी जा रही है. केस स्टडीज ने यह भी विस्तृत किया है कि पेट की परेशानी, पेट में दर्द, पाचन संबंधी समस्याएं भी कोविड संक्रमण के बाद हो सकती हैं.यह भी ध्यान दिया जाना चाहिए कि तनाव और चिंता गैस्ट्रोइन्टेस्टनल के रूप में भी प्रकट हो सकती है और इस पर अच्छी तरह से ध्यान देने की आवश्यकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सिरदर्द और चक्कर आना</strong><br />प्रारंभिक रिसर्च में यह भी पता चला है कि चक्कर आना और कुछ अन्य न्यूरोलॉजिकल समस्याएं भी छोटे बच्चों को प्रभावित कर सकती हैं जो कोविड अटैक के बाद होती हैं. तीव्र सिरदर्द, चक्कर आना और थकान इसके प्रमुख लक्षण हो सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"> <br /><strong>यह भी पढ़ें</strong><br /><strong><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/can-wine-cure-corona-infection-here-is-covid-19-expert-from-punjab-1910651">क्या शराब से हो सकता है कोरोना संक्रमण का इलाज? जानिए विशेषज्ञ की राय</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="%20https://www.abplive.com/lifestyle/health/can-2-drops-of-lemon-juice-in-nose-cure-covid-19-know-the-truth-about-lemon-therapy-1910642">क्या नाक में नींबू रस डालने से हो सकता है कोरोना का इलाज? जानिए वायरल दावे की सच्चाई</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3xTeuH1
खुशहाल वैवाविक जोड़े के कामयाब रिश्ते का क्या है राज? रिसर्च से मिला ये जवाब
<p style="text-align: justify;">आपके विचार में खुशहाल शादी की क्या परिभाषा हो सकती है? एक रिसर्च के मुताबिक पार्टनर में सबसे अच्छा दोस्त ढूंढ लेना वैवाहिक जिंदगी को खुशगवार बनाता है. अपने सबसे अच्छे दोस्त से शादी होना ऐसे ही है जैसे स्वर्ग में बनी जोड़ी. दरअसल ऐसा इसलिए क्योंकि उनके बीच विश्वास की कमी या असुरक्षा की भावना नहीं होती. सबसे बढ़कर कई रिपोर्ट भी इस सच्चाई को पुख्ता करती है कि सबसे अच्छे दोस्त की शक्ल में पार्टनर से अक्सर बेशुमार लाभ मिलता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सफल वैवाहिक जीवन के पीछे क्या है राज?</strong></p> <p style="text-align: justify;">शोधकर्ताओं ने रिसर्च के लिए ऐसे जोड़ों को शामिल किया जिनकी शादी को 15 साल से ज्यादा हो चुके थे और खुशहाल वैवाहिक जीवन जी रहे थे. उन्होंने उनसे उनके रिश्ते की लंबी उम्र और कामयाबी के बारे में सवाल पूछे गए. प्रतिभागियों ने सवाल के आम जवाब में अपने पार्टनर का सबसे अच्छा दोस्त होना बताया. दूसरा सबसे आम जवाब ये था कि दोनों एक दूसरे को एक इंसान के तौर पर पसंद करते हैं, जो दोस्ती आधारित मुहब्बत का दूसरा बुनियादी पहलू है. रिसर्च में खुलासा किया गया कि खुशी के लिए सभी दोस्त महत्वपूर्ण हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पार्टनर में बेहतरीन दोस्त ढूंढ लेना सफलता</strong></p> <p style="text-align: justify;">लेकिन अपने पार्टनर के साथ गहरी और निरंतर मित्रता न सिर्फ आपके लिए सबसे ज्यादा आनंद और खुशी लाती है बल्कि उससे भावनात्मक, शारीरिक और मनोवैज्ञानिक सेहत और लंबी उम्र को भी बढ़ावा मिलता है. दोस्ती पर आधारित, सुविधा, स्नेह की भावना, साथी का प्यार, संबंध और साझा हित जोड़ों को ज्यादा संतुष्टि देता है. एक और रिसर्च के नतीजों से पता चला था कि जोड़ों के बीच अच्छी दोस्ती उन्हें एक दूसरे से निकट लाती है और जिंदगी में ज्यादा संतुष्ट रहते हैं. अपने बेहतरीन दोस्त से शादी करने पर पुरुषों के मुकाबले महिलाओं को ज्यादा फायदा पहुंचता है. लेकिन उसी रिसर्च में ये भी बताया गया कि औसतन पुरुषों के मुकाबले बहुत कम महिलाएं अपने पति को अपना सबसे अच्छा दोस्त समझती हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या नाक में नींबू रस डालने से हो सकता है कोरोना का इलाज? जानिए वायरल दावे की सच्चाई" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/can-2-drops-of-lemon-juice-in-nose-cure-covid-19-know-the-truth-about-lemon-therapy-1910642">क्या नाक में नींबू रस डालने से हो सकता है कोरोना का इलाज? जानिए वायरल दावे की सच्चाई</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या शराब से हो सकता है कोरोना संक्रमण का इलाज? जानिए विशेषज्ञ की राय" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/can-wine-cure-corona-infection-here-is-covid-19-expert-from-punjab-1910651">क्या शराब से हो सकता है कोरोना संक्रमण का इलाज? जानिए विशेषज्ञ की राय</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vOke2T
Varuthini Ekadashi: दुःख, दरिद्रता और दुर्भाग्य दूर करने के लिए रखें वरुथिनी एकादशी का व्रत, पढ़ें व्रतकथा मिलेगा पुण्य लाभ
<p><strong>Varuthini Ekadashi Vrat Katha 2021: </strong>सनातन धर्म में एकादशी का विशेष महत्त्व होता है. यह सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है. वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरूथिनी एकादशी कहते हैं. वरूथिनी एकादशी का व्रत 7 मई 2021 को पड़ रहा है. यह एकादशी श्री हरिविष्णु को समर्पित है. माना जाता है कि एकादशी का व्रत करने से कई वर्षों के तप और कन्या दान करने के समान पुण्यफल की प्राप्ति होती है. माना जाता है कि इस दिन वरूथिनी एकादशी का व्रत रखने से मनुष्य के सभी दुख दूर हो जाते हैं और सुखों की प्राप्ति होती है. दरिद्रता, दुख और दुर्भाग्य दूर करने के लिए एकादशी तिथि पर आप भी इस व्रत कथा का श्रवण कर सकते हैं.</p> <p><strong>वरूथिनी</strong> <strong>एकादशी</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>कथा</strong></p> <p>एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की वरूथिनी एकादशी का व्रत के बारे में बताने का आग्रह किया. धर्म राज के आग्रह करने पर भगवान कृष्ण ने एकादशी व्रत कथा को बताया. उनके अनुसार, प्राचीनकाल में नर्मदा नदी के तट पर मान्धाता नामक एक राजा राज्य करता था. वह बहुत दानी और तपस्वी था. एक बार राजा जंगल में तपस्या करने चले गए. राजा तपस्या में लीन थे. एक सूअर आया और राजा को खीच कर घने जंगल के अन्दर में उठा ले गया.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/religion/vastu-tips-these-small-remedies-provide-relief-from-homelessness-increases-positive-energy-in-the-family-1910368"><strong>वास्तु टिप्स: ये छोटे उपाय गृहक्लेश से दिलाते हैं छुटकारा, घर परिवार में सकारात्मक ऊर्जा लाएंगे</strong></a></div> </div> <p>भालू का व्यवहार देखकर राजा बहुत डर गया और अपनी रक्षा के लिए मन ही मन भगवान विष्णु की प्रार्थना की. भक्त की पुकार सुनकर भगवान विष्णु वहां प्रकट हुए और भालू को मारकर राजा की रक्षा की. परन्तु भालू ने राजा का पैर खा चुका था. इसे लेकर राजा बहुत दुखी था. तब भगवान विष्णु ने राज से कहा कि तुम दुखी मत हो. मथुरा जाकर वरूथिनी एकादशी का व्रत रखकर मेरी वराह अवतार मूर्ति की आराधना करो. ऐसा करने से तुम ठीक हो जाओगे. </p> <p>राजा ने मथुरा जाकर बहुत ही विधि-विधान से व्रत रख कर पूजा किया. जिसके पुण्य से राजा का पैर ठीक हो गया और वह सुन्दर शरीर वाला हो गया. मृत्यु के बाद राजा को मोक्ष की भी प्राप्ति हुई. इस प्रकार से जो भी वरूथिनी एकादशी व्रत रखता है, उसके पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष मिलता है.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3h2sBUH Jupiter: कुंभ राशि में विराजमान हैं देवगुरु बृहस्पति, करें ये उपाय तो चमक उठेगा आपका सोया भाग्य</strong></a></div> </div> <p><strong>बरुथिनी</strong> <strong>एकादशी</strong><strong> 2021 </strong><strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong><strong>: </strong></p> <p>हिंदू पंचांग के अनुसार, वरूथिनी एकादशी तिथि 06 मई को दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से 07 मई की शाम 03 बजकर 32 मिनट तक रहेगी. एकादशी का व्रत उदया तिथि के चलते 7 मई को रखा जाएगा. इसका पारण 08 मई को सुबह 05 बजकर 35 मिनट से सुबह 08 बजकर 16 मिनट तक रहेगी.</p> lifestyle https://ift.tt/3h5MoSY
क्या शराब से हो सकता है कोरोना संक्रमण का इलाज? जानिए विशेषज्ञ की राय
<p style="text-align: justify;"><strong>चंडीगढ़:</strong> कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के साथ सोशल मीडिया पर कोविड-19 का इलाज करने के कई दावे वायरल हो रहे हैं. आपको बता दें कि वायरल हो रहे पोस्ट की प्रमाणिकता नहीं होती है. उसे देश के किसी मेडिकल पेशेवर या विशेषज्ञ का समर्थन प्राप्त नहीं होता है बल्कि उनकी तरफ से अक्सर खंडन कर दिया जाता है. ताजा मामला शराब के सेवन और कोविड-19 के इलाज से जुड़ा है. दावा किया जा रहा है कि शराब कोरोना संक्रमण से सुरक्षा प्रदान कर सकती है. लेकिन कोविड-19 पर गठित पंजाब की विशेषज्ञ समिति के प्रमुख डॉक्टर के के तलवार ने बुधवार को खंडन कर दिया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या शराब करती है कोरोना का खात्मा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने लोगों को सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि ज्यादा शराब पीने से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है और इससे उनके संक्रमित होने के खतरा बढ़ जाता है. तलवार ने सोशल मीडिया के हवाले से बताया, "मैंने पढ़ा कि शराब का सेवन वायरस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर सकता है." उन्होंने लोगों को सावधान किया कि इस तरह की गलत धारणा से समस्या पैदा हो सकती है. अगर लोग ज्यादा मात्रा में शराब पीने लगेंगे तो उनके संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विशेषज्ञ ने बताया पोस्ट को बेबुनियाद</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने शराब से कोरोना के मरने की खबर को बेबुनिया बताया. हालांकि, उन्होंने ये जरूर कहा कि बहुत कम मात्रा में शराब का पीना नुकसानदेह नहीं है. तलवार ने वैज्ञानिक पर्यवेक्षण के हवाले से बताया कि अनुशंसा की जाती है कि लोग कोरोना के खिलाफ कोविड-19 की वैक्सीन लगवाने से दो दिन पहले और दो दिन बाद तक शराब का इस्तेमाल करने से बचें. गौरतलब है कि पंजाब में कोरोना वायरस की चपेट में आकर चार लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: कोरोना काल में सोया फूड्स से बढ़ाएं Immunity, FSSAI ने खाने में शामिल करने की दी सलाह" href="https://ift.tt/3b4tJmX Tips: कोरोना काल में सोया फूड्स से बढ़ाएं Immunity, FSSAI ने खाने में शामिल करने की दी सलाह</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Covid-19: कोरोना से रिकवर होने के बाद हो रही हैं ये समस्याएं, मस्तिष्क विकृति का भी शिकार हो रहे लोग" href="https://ift.tt/3nYDkRl कोरोना से रिकवर होने के बाद हो रही हैं ये समस्याएं, मस्तिष्क विकृति का भी शिकार हो रहे लोग</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vJifgr
क्या नाक में नींबू रस डालने से हो सकता है कोरोना का इलाज? जानिए वायरल दावे की सच्चाई
भारत में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान संक्रमण और मौत के मामलों में भयावह उछाल ने खौफ पैदा कर दिया है. लोग वायरस से सुरक्षित रहने के लिए इलाज के तौर पर हर संभावित तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी लहर अपने साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल पोस्ट भी साथ लाई है, जिसमें देसी उपाय से लेकर आयुर्वेद और यूनानी इलाज का वीडियो और मैसेज वायरल शामिल है. उसके जरिए कोविड-19 के प्रभावी इलाज उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है. इन उपायों या दावों में से कोई भी देश भर में स्वास्थ्य अधिकारियों के जरिए साबित या प्रमाणितनहीं किया गया है, लेकिन लोग निराशा में सुरक्षित रहने या अपने परिजनों को घातक बीमारी से बचाने के लिए प्रभावित हो रहे हैं.
इसी कड़ी में ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'नींबू थेरेपी' के नाम से वायरल हो रहा है. इस थेरेपी के मुताबिक आपको अपनी नाक में नींबू का रस उड़ेलने की जरूरत होगी और ये घातक वायरस के संक्रमण का खात्मा कर सकता है. वीडियो में एक शख्स दावा करता है कि नींबू थेरेपी ना सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाती है बल्कि ये कोविड-19 संक्रमण का भी इलाज करती है. वायरल वीडियो में शख्स बताता है कि नींबू रस का 2-3 बूंद नाक में डालना आंख, नाक, गले और यहां तक कि दिल को भी पांच सेकंड के अंदर शुद्ध करेगा. वीडियो में शख्स को सुना जा सकता है कि इससे उन लोगों को भी राहत पहुंचेगी जो सर्दी और खांसी जैसी बीमारियों का सामना कर रहे हैं.
सच्चाई
वीडियो की सत्यता जांचने की खातिर पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक ट्विटर पेज ने जांच पड़ताल की. विश्लेषण के बाद उसने खुलासा किया कि वीडियो में किया जा रहा दावा फर्जी है. इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि कोविड-19 का इलाज किया जा सकता है या नाक में नींबू का रस डालने से दूर किया जा सकता है. पीआईबी फैक्ट चेक ने वायरल वीडियो को 'पूरी तरह फर्जी' ये कहते हुए बताया कि नींबू थेरेपी इम्यूनिटी नहीं बढ़ाती है और न ही कोविड-19 संक्रमण को रोकती है. पीआईबी ने स्पष्ट तौर पर बताया है कि इस तरह के दावे बेबुनियाद हैं और लोगों को सलाह दी जाती है कि ऐसे उपायों का पालन न करें और उन नियमों और एहतियाती उपायों को अपनाएं जो डॉक्टर या मेडिकल पेशेवर की तरफ से प्रमाणित
"इन आदतों से जीभ का रंग हो सकता है काला, जानिए इनसे बचने के उपाय"
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