Wednesday, May 5, 2021

इन आदतों से जीभ का रंग हो सकता है काला, जानिए इनसे बचने के उपाय

<p style="text-align: justify;">शरीर के हर अंग का स्वस्थ रहना आपके लिए जरूरी है. लेकिन कई बार हम शरीर के बाकी अंगों के मुकाबले अपने मुंह के स्वास्थ्य पर इतना ध्यान नहीं देते जितना देना चाहिए. आमतौर पर हम ब्रश करने भर को मुंह की सफाई मान लेते हैं. लेकिन अगर आपने अपनी जीभ को साफ नहीं किया तो आपको कई परेशानियां हो सकती हैं. जीभ के गंदे रहने से मुंह में चिपचिपाहट हो सकती है, सांस से बदबू आ सकती है, जीभ का रंग बदलकर काला या पीला हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">खराब जीवनशैली आपकी जीभ का रंग बदलकर काला बना सकती है. आमतौर पर जीभ की सतह पर केराटिन नाम का प्रोटीन बनने लगता है. जिससे जीभ का रंग काला होने लगता है. हालांकि ये काफी रेयर है. लेकिन कई गंदी आदतों की वजह से आपकी जीभ का रंग काला पड़ सकता है. अगर आप सही से मुंह साफ नहीं करते, रूटीन में डेंटल चेकअप नहीं कराते, हेल्दी चीजें नहीं खाते और स्मोक करते हैं तो आपकी टंग का कलर बदल सकता है. आइए जानते हैं कि जीभ का रंग काला होने की वजह और उपाय क्या हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जीभ का रंग काला होने का क्या मतलब है?</strong><br />जीभ का रंग काला होने का मतलब है गले में बैक्टीरिया है या फंगस इसकी वजह हो सकता है. हालांकि जीभ का रंग काला हो जाना कोई बहुत परेशानी की बात नहीं है. आप इसे खुद भी सही कर सकते हैं. काली जीभ की एक और वजह है जीभ की त्वचा का केराटिन नाम के प्रोटीन से कवर होना. कभी-कभी केराटिन जीभ पर जम जाता है. जिससे आपकी जीभ काली पड़ सकती है. डॉक्टर इसे काले बालों वाली जीभ कहते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जीभ का काला पड़ने के लक्षण</strong><br />जीभ का रंग काला होने की कई वजह हैं. जिसकी वजह से इसके अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं. काली जीभ का रंग हमेशा काला हो ये जरूरी नहीं है. वैसे जीभ के काला होने के शुरुआती लक्षण ये हैं कि आपकी जीभ पर लंबे, थ्रेड बनने लगते हैं. जिसकी वजह से जीभ पर काले बाल जैसे दिखाई देते हैं. लोगों को काली जीभ होने पर ये लक्षण महसूस होते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1-</strong> जीभ का रंग बदलने लगता है. जिसकी वजह से जीभ काली, सफेद या पीले रंग की हो जाती है.&nbsp;<br /><strong>2-</strong> कई बार जीभ चिपचिपाने लगती है. हालांकि जीभ का रंग बदले ये जरूरी नहीं है.<br /><strong>3-</strong> कई बार मुहं में जलन होने लगती है.<br /><strong>4-</strong> मुंह का स्वाद खराब हो जाता है.<br /><strong>5-</strong> जीभ के काला होने पर सांस लेने में बदबू आने लगती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इन आदतों की वजह से जीभ हो जाती है काली</strong></p> <p style="text-align: justify;">⦁ अगर आप अपने मुंह की साफ सफाई सही से नहीं करते जैसे नियमित रूप से ब्रश करना और जीभ साफ करना, तो आपकी जीभ का रंग काला हो सकता है&nbsp;<br />⦁ तंबाकू और सिगरेट पीने से भी जीभ और दांतों की बीमारियां हो जाती हैं. धूम्रपान से आपकी जीभ का रंग काला हो सकता है.<br />⦁ ज्यादा कॉफी पीने से भी जीभ का रंग काला हो जाता है.<br />⦁ लगातार ब्लैक टी पीने से भी जीभ का रंग काला हो जाता है.<br />⦁ अगर आप अपने खाने का ख्याल नहीं रखते. सही डाइट नहीं लेते हो आपकी जीभ काली हो सकती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>काली जीभ को सही करने का घरेलू नुस्खा&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">अगर आपकी जीभ का रंग काला होता है तो आपको मुंह के स्वास्थ को लेकर सतर्क हो जाना चाहिए. हालांकि जीभ की काला होना इतना नुकसानदेय नहीं है लेकिन आपके बात करते वक्त मुंह से आ रही बदबू आपको शर्मिंदा कर सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1-</strong> सबसे पहले आपको नियमित रूप से फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से ब्रश करना चाहिए.&nbsp;<br /><strong>2-</strong> जीभ की ऊपरी सतह से बैक्टीरिया और गंदगी को हटाने के लिए नियमित जीभी से जीभ को साफ करें.<br /><strong>3-</strong> मुंह से आने वाली बदबू दूर करने के लिए गर्म पानी में नमक डालकर कुल्ला जरूर करें.<br /><strong>4-</strong> हर बार खाने के बाद ब्रश करें और जीभ को भी साफ जरूर करें. रात को भी ब्रश करना ना भूलें.&nbsp;<br /><strong>5-</strong> जीभ पर बेकिंग सोडा या हाइड्रोजन पेरोक्साइड लगाएं<br /><strong>6- </strong>भरपूर मात्रा में पानी पिएं और पेट साफ रखें.<br /><strong>7-</strong> ज्यादा से ज्यादा कच्चे फल और सब्जियां खाएं.</p> lifestyle https://ift.tt/3h5CYqG

Health Tips: कोरोना काल में सोया फूड्स से बढ़ाएं Immunity, FSSAI ने खाने में शामिल करने की दी सलाह

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हमें अपनी इम्यूनिटी को मजबूत रखना सबसे जरूरी है. इसके लिए हमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर और प्रोटीन खाने की जरूरत है. शरीर में फाइबर को बूस्ट करने के लिए प्लांट प्रोटीन को सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. आपको बता दें कि सोया फूड शरीर में फाइबर और प्रोटीन की जरूरतों को बड़ी आसानी से पूरा करता है. सोया फूड्स हमारे हार्ट को भी हेल्दी रखता है. इसके अलावा सोया में मौजूद प्रोटीन से हमारी इम्यूनिटी भी बढ़ती है. कोरोना के इस दौर में प्रोटीन खाना बहुत जरूरी है.
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने एक ट्वीट किया है. जिसमें सोया फूड्स के फायदों के बारे में बताया गया है. FSSAI की मानें, तो सोया फूड्स सोयाबीन से बनते हैं. ये प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है. सोयाबीन और उससे बने प्रोडक्ट्स वेजिटेरियन लोगों के लिए प्रोटीन और फाइबर का अच्छा श्रोत है.
;सोयाबीन के फायदेसोयाबीन में काफी ज्यादा मात्रा में प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है.सोयाबीन में ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जाता है.ये पूरी तरह से लैक्टस और ग्लूट फ्री होता है.सोयाबीन में सैचुरेटेड फैट भी काफी कम मात्रा में होता है.
इस तरह डाइट में शामिल करें?आप अपने खाने में कई तरह से सोयाबीन का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप सोया नगलेट, टोफू, सोया ग्रैनुएल, सोया मिल्क, सोया आटा और सोया नट्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. सोयाबीन शरीर में प्रोटीन और फाइबर की कमी को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है. आप अपने नाश्ते या खाने में सोयाबीन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

Covid-19: कोरोना से रिकवर होने के बाद हो रही हैं ये समस्याएं, मस्तिष्क विकृति का भी शिकार हो रहे लोग

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पहले के मुकाबले ज्यादा ताकतवर है. ये शरीर के कई अंगो को प्रभावित कर रहा है. सबसे पहले इसका असर फेफड़े (Lungs) और श्वसनतंत्र (Respiratory System) पर पड़ रहा है. लेकिन बाद में ये वायरस शरीर के दूसरे अंगों को भी अपना शिकार बना रहा है. कोरोना वायरस से अब न्यूरोलॉजिकल (Neuro) और साइकोलॉजिकल (Psychological) बीमारियां भी हो रही हैं. इसके अलावा लोगों में ठीक होने के बाद एंग्जायटी (Anxiety) और मूड स्विंग (Mood Swings) की समस्या भी देखने को मिल रही है.</p> <p style="text-align: justify;">कोरोना से सही होने के बाद कई लोगों में न्यूरो संबंधी बीमारियां हो रही हैं. अगर आपकी नसों में सुन्नपन्न और भूलने की बीमारी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो आप ये समझ लें कि कोरोना वायरस आपके ब्रेन और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर रहा है. इसके अलावा कई साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसे मूड स्विंग और कमजोरी होना भी पोस्ट कोविड समस्याएं हैं. कई रिसर्च में पता चला है कि कुछ मामलों में कोरोना वायरस ने व्यक्ति के दिमाग और नर्वस सिस्टम पर असर डाला है. इससे मरीज को कई गंभीर बीमारियां होनी शुरू हो जाती है. ऑक्सफोर्ड में किए गए एक रिसर्च में पता चला है कि कोरोना वायरस ठीक हुए मरीजों में न्यूरोलॉजिकल और मानसिक समस्याएं भी पैदा कर सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोरोना का बाद हो सकती हैं ये बीमारी</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- मस्तिष्क विकृति (Encephalopathy)-</strong> कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों में मस्तिष्क विकृति (Encephalopathy) की समस्या हो रही है. इसमें मनोविकृति (Psychosis) और याददाश्त (Memory) कमजोर होने की संभावना रहती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- इन्सेफेलाइटिस (Encephalitis)-</strong> कोरोना के बाद इन्सेफेलाइटिस की समस्या भी काफी देखी गई है. कोरोना से ठीक हुए मरीजों के दिमाग में सूजन आ जाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- खून के थक्के (Blood Clots)-</strong> पोस्ट कोविड एक गंभीर समस्या ये भी सामने आ रही है कि दिमाग में &nbsp;ब्लड क्लॉटिंग हो जाती है. इससे स्ट्रोक भी हो सकता है. कई कोरोना के मरीजों में ये समस्या देखने को मिल रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- गुलियन बेरी सिंड्रोम (Guillain Barre Syndrome)-</strong> इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune) नसों पर हमला करता है. इससे कमजोरी, सुन्नता, झुनझुनी और पेरालाइसिस का खतरा बढ़ जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- एंग्जायटी (Anxiety)-</strong> कई लोगों को कोरोना से ठीक होने पर साइकोलॉजिकल समस्याएं हो रही हैं. इसमें मूड स्विंग और एंग्जायटी की समस्या सबसे ज्यादा हो रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रिसर्च क्या कहते हैं?&nbsp;</strong><br />कोरोना से ठीक होने के 6 महीने बाद तक 33% मरीजों में साइकोलॉजी और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं देखने को मिली है. कोरोना के मरीजों में सांस संबंधी अन्य संक्रमण वाले लोगों की तुलना में मनोवैज्ञानिक या न्यूरोलॉजिकल विकार होने की संभावना 16 प्रतिशत ज्यादा है. कोरोना से ठीक होने के बाद 2% लोग स्ट्रोक, 0.7% लोग डिमेंशिया, 14% मूड डिसऑर्डर, 5% अनिद्रा, 0.6% ब्रेन हैमरेज, 2.1% इस्केमिक स्ट्रोक, 17% एंग्जायटी डिसऑर्डर से पीड़ित हो रहे हैं. इसके साथ ही 24% लोग चिंता और मानसिक बीमारियों से पीड़ित पाए गए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये लोग हो रहे हैं प्रभावित</strong><br />सबसे ज्यादा बुजुर्गों या जो लोग पहले से हार्ट या न्यूरो से संबंधी बीमारियों का इलाज करवा रहे उन्हें ये बीमारियां हो रही हैं. जो लोग एलर्जी, अस्थमा, टीबी या सांस की समस्या से ग्रसित हैं उन पर भी इसका असर है. कोरोना वायरस के दौरान जिन लोगों का इलाज आईसीयू या वेंटिलेटर पर हुआ था, उनमें भी ये समस्याएं देखने को मिली हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/2RmM0VB" target="_blank" rel="noopener">Corona Virus से बचने के लिए अंडा खाना चाहिए या नहीं? इस तरह अंडे खाने की गलती न करें, हो सकता है नुकसान</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3eXpR8o

Covid-19: आयुष मंत्रालय ने बताए इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय, कोरोना से होगा बचाव

<p style="text-align: justify;">कोविड-19 से बचाव करने के लिए लोग कई तरह के उपाय कर रहे हैं. इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए लोग काढ़ा पी रहे हैं. विटामिन-सी से भरपूर फल खा रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हमें COVID-19 उपयुक्त व्यवहार अपनाना चाहिए. वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी है. आयुष मंत्रालय की ओर से कोरोना से बचने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं. जिससे आप अपनी इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं. आयुर्वेद में इन्हें बहुत कारगर उपाय माना गया है. जानते हैं क्या हैं ये उपाय.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आयुष मंत्रालय ने बताए इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय</strong><br /><strong>1.</strong> दिन में कई बार गर्म पानी पिएं. सुबह शाम गर्म पानी में चुटकी भर नमक और हल्दी डालकर गरारे करें.<br /><strong>2.</strong> घर का बना ताजा और आसानी से पचने वाला खाना खाएं. खाने में जीरा, धनिया, हल्दी, सौंठ और लहसुन का इस्तेमाल जरूर करें.&nbsp;<br /><strong>3.</strong> विटामिन सी के लिए नींबू और आंवला का सेवन जरूर करें. आवंला और नींबू से प्रोडक्ट भी खा सकते हैं.&nbsp;<br /><strong>4.</strong> प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट के लिए योग, प्राणायाम और मेडिटेशन करें.&nbsp;<br /><strong>5.</strong> दिन में सोने से बचें और रात में 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें.<br /><strong>6.</strong> इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सुबह-शाम खाली पेट गुनगुने पानी के साथ 20 ग्राम च्यवनप्राश लें.<br /><strong>7.</strong> रात में हल्दी वाला दूध पिएं. एक गिलास दूध में करीब आधा चम्मच हल्दी पाउडर डालकर मिला लें.<br /><strong>8.</strong> हर दिन दो बार खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ गुडूची घनवटी 500 मिलीग्राम/ अश्वगंधा गोली 500 मिलीग्राम ले सकते हैं.<br /><strong>9.</strong> तुलसी, काली मिर्च, सौंठ और दालचीनी से बनी हर्बल टी या काढ़ा पिएं.<br /><strong>10.</strong> सुबह-शाम नाक में तिल का तेल, नारियल का तेल या फिर गाय का घी डालें.<br /><strong>11.</strong> सूखे कफ से राहत पाने के लिए भाप लें. सादा पानी या पुदीने की पत्तियां, अजवाइन या फिर कपूर डालकर भी भाप ले सकते हैं.<br /><strong>12.</strong> दिन में दो बार लौंग या मुलेठी पाउडर को चीनी / शहद के साथ मिलाकर खाएं. इससे खांसी और गले की खराश में आराम पड़ेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3vFElQW" target="_blank" rel="noopener">होम आइसोलेट मरीज को इन बातों का रखना है खास ध्यान, भूल कर भी ना करें ये काम</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3eVEw3N

वास्तु टिप्स: ये छोटे उपाय गृहक्लेश से दिलाते हैं छुटकारा, घर परिवार में सकारात्मक ऊर्जा लाएंगे

आज की इस भागदौड़ की जिंदगी में घर परिवार ऐसा स्थान है जहां व्यक्ति को सुख शांति मिलती है. परन्तु कभी-कभी कुछ घर परिवार में कुछ छोटी-छोटी परेशानियां खड़ी हो जाती है जिनके चलते स्वर्ग जैसे घर-परिवार में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होजाता है और उसका माहौल नरक सा लगने लगता है. घर-परिवार में छोटी-छोटी चीजों को लेकर रोज बा रोज लड़ाई झगड़े होने लगते हैं. आपस का सामंजस्य समाप्त सा हो जाता है. ऐसे घरों में न सुख होता है और नही शांति होती. ऐसे घरों से लक्ष्मी भी रूठकर चली जाती हैं.
Ganesh Chalisa: जीवन में हो कष्ट तो बुधवार को करें श्री गणेश चालीसा का पाठ, पूरी होगी मनोकामना इनका कारण ग्रहों के दोष, राहु-केतु का चक्कर, शनि की कुदृष्टि, घर में वास्तु दोष का होना आदि बहुत से कारण हो सकते हैं. इन संकटों के निवारण के लिए वास्तु -शास्त्र में ऐसे उपाय बताये गए हैं जिनसे इनका निवारण होता है.
घर के दक्षिणी-पूर्वी हिस्से में वास्तु पिरामिड की स्थापना करनी चाहिए. यह हिस्सा आग्नेय कों कहलाता है. मान्यता है कि घर के आग्नेय कोण में वास्तु पिरामिड की स्थापना करने से घर-परिवार में कलह की कमी होती है. और परिजन निरोगी और अच्छे विचारों वाले होते हैं.घर परिवार से गृहक्लेश की समस्या को दूर करने के लिए घर में लक्ष्मी जी के साथ श्री हरि विष्णु जी मूर्ति स्थापित करनी चाहिए. इसकी जोड़ी दाम्पत्य जीवन में समर्पण भाव को दर्शाती है. इसे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है
सप्ताह में एक दिन भगवान विष्णु के मंदिर में जाएं और उन्हें बेसन के लड्डू अर्पित करें. इसके बाद इस प्रसाद के लड्डू को पूरी श्रद्धा के साथ गरीबों में बांट दिए जाएं.
पानी में चुटकी भर केसर डालकर नहाना चाहिए और केसर का तिलक लगाना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से कलह में शांति मिलती है.
शयनकक्ष में राधा-कृष्ण की बड़ी सी फोटो लगाना चाहिए. माना जाता है कि ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच होने वाले झगड़े दूर हो जाते हैं. उनमें प्रेमभाव बढ़ता है.
कुंभ राशि में विराजमान हैं देवगुरु बृहस्पति, करें ये उपाय तो चमक उठेगा आपका सोया भाग्य

Coronavirus: होम आइसोलेट मरीज को इन बातों का रखना है खास ध्यान, भूल कर भी ना करें ये काम

<p style="text-align: justify;">कोरोना की दूसरी लहर तेजी से लोगों को अपनी चपेट में ले रही है. संक्रमित लोग जिनको पहले से शरीर में किसी प्रकार की बीमारी है या बुजुर्ग या किसी को सांस लेने में तकलीफ हो रही है ऐसे लोग अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं. वहीं, ज्यादातर लोग खुद को घर में ही आइसोलेट कर रहे हैं.</p> <p style="text-align: justify;">घर में आइसोलेट करना और अस्पतालों में भीड़ ना लगाना बेशक सही तरीका भी है पर क्या आप जानते हैं कि आपको इस दौरान किन बातों का खास ध्यान रखने की जरूरत है और किन बातों से बचने की जरूरत है?</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आईये जानते हैं ऐसे वक्त में आपको क्या करना चाहिए और क्या नहीं</strong></p> <p style="text-align: justify;">सबसे पहले आपको ध्यान रखना है कि आप घर में किसी अन्य सदस्य से ना मिलें. घर में सभी से दूरी बना कर रखे. वहीं अपने हाथों को लगातार कुछ-कुछ देर बाद सैनिटाइज करें और जिनता हो सके उतना आराम करें. आपको इस बात का भी ध्यान देना है कि परिवार में सभी सदस्य आपके निगिटिव होने तक घर में मास्क पहने रहें. साथ ही घर में वेंटिलेशन बेहद जरूरी है. कोशिश करें आप अपने घर की सभी खिड़कियों को खोले रखें.</p> <p style="text-align: justify;">इसके अलावा आपको हर 4 घंटे बाद अपना टेंपरेचर नापना है. इसके साथ ही ऑक्सीमीटर के जरिए ऑक्सीजन लेवल भी चेक करते रहना है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये काम बिल्कुल भूल कर भी ना करें</strong></p> <p style="text-align: justify;">वहीं, जिन बातों का आपको पूरी तरह परहेज करना है वो ये कि, आपको किसी भी स्थिति में घर पर रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं लेना है. साथ ही बिना किसी डॉक्टर के सुझाव के आपको ऑक्सीजन सिलिंडर का भी इस्तेमाल नहीं करना है. वहीं, जल्द ठीक होने के लिए आपको ज्यादा से ज्यादा पानी पीने की जरूरत है. इसके साथ-साथ आप सूप, जूस भी पी सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;">साथ ही छाती के बल लेटना आपको ऑक्सीजन की समस्या से बचा कर रखेगा. इसके अलावा आप पॅरासिटेमॉल दवा का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. खासी होने पर सीरप भी पी सकते हैं. भांव लेना आपके लिए काफी फायदेमंद साबित होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>यह भी पढ़ें.</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3nOBOBg Diesel Rate Today: लगातार दूसरे दिन महंगाई का झटका, जानें आज कितनी बढ़ी कीमतें</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.abplive.com/news/india/15th-day-hearing-today-in-delhi-hc-on-oxygen-shortage-center-will-reply-on-show-cause-notice-1910208">ऑक्सीजन किल्लत पर दिल्ली HC में आज सुनवाई का 15वां दिन, केंद्र शो कॉज नोटिस पर देगा जवाब</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vFElQW

Guru Jupiter: कुंभ राशि में विराजमान हैं देवगुरु बृहस्पति, करें ये उपाय तो चमक उठेगा आपका सोया भाग्य

<p><strong>Guru Jupiter Seated in Aquarius: </strong>ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सबसे लाभकारी ग्रह माना जाता है. बृहस्पति ग्रह को सफलता, धन वृद्धि, सौभाग्य वृद्धि, करियर, तरक्की और सुख-समृद्धि का कारक माना गया है. 5 अप्रैल 2021 से बृहस्पति ग्रह कुंभ राशि में विराजमान हैं. यह 14 सितंबर 2021 तक इसमें रहने के बाद वक्री अवस्था में पुनः मकर राशि में बिराजमान होंगें. जहां 20 नवंबर 2021 तक रहेंगें. उसके बाद पुनः मार्गी होकर वे कुंभ राशि में प्रवेश होंगें. जो कि सितंबर 2022 तक इसी राशि में रहेंगें.</p> <p>ज्योतिष के अनुसार, गुरु राशि परिवर्तन करने के लिए 13 महीने का समय लेते हैं. कुंडली में देवगुरु बृहस्पति की स्थिति अशुभ होने से अशुभ फल प्राप्त होता है. लोगों की समस्याएं बढ़ जाती हैं. इस दौरान जातक आर्थिक तंगी से गुजरता हैं. उसके पास कई तरह की परेशानियां आ जाती हैं. लेकिन कुछ ज्योतिष उपायों को करने से देवगुरु बृहस्पति के अशुभ फल से बचा जा सकता है.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/religion/mahalakshmi-respect-of-society-and-family-member-gives-mercy-of-gaj-lakshmi-1909747"><strong>महालक्ष्मी पूजा: घर, परिवार और समाज के नियमों का पालन करने से प्रसन्न होती हैं गजलक्ष्मी</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left">&nbsp;</div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left"><strong>करें</strong> <strong>केसर</strong> <strong>का</strong> <strong>उपाय</strong></div> </div> <p>ज्योतिष के अनुसार गुरु ग्रह को अनुकूल करने के लिए केसर का उपाय करना चाहिए. बृहस्पति ग्रह की स्थिति शुभ करने के लिए हर दिन केसर का तिलक लगाना चाहिए. इसके लिए केसर के ऊपर पानी की बूंद डालकर उसके छोड़े गए रंग से अनामिका अंगुली के द्वारा मस्तक पर तिलक लगाना चाहिए. &nbsp;इससे भाग्य का उदय होता है और उसका साथ मिलता है.</p> <p><strong>करियर</strong> <strong>में</strong> <strong>मिलेगी</strong> <strong>सफलता</strong></p> <p>कुंडली में ग्रह की स्थिति शुभ करने के लिए बृहस्पति के दिन पानी में हल्दी डालकर स्नान करने से &nbsp;करियर में सफलता मिलती है. कहा जाता है कि ओम ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरवे नम: मंत्र का जाप करने से करियर में सफलता या तरक्की मिलने के प्रबल योग बनते हैं.</p> <p><strong>आर्थिक</strong> <strong>तंगी</strong> <strong>करें</strong> <strong>दूर</strong></p> <p>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति अनुकूल करने के लिए गुरुवार के दिन ब्रह्म-मुहूर्त में उठकर स्नानादि करके भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए. गुरु वार के दिन किसी तरह के पैसे का लेनदेन करने से बचना चाहिए.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/2Rlr9C3 Ashtami 2021: आज है शीतला अष्टमी व्रत, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत का महत्व</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/3gYFRcR