Thursday, May 6, 2021

Varuthini Ekadashi: दुःख, दरिद्रता और दुर्भाग्य दूर करने के लिए रखें वरुथिनी एकादशी का व्रत, पढ़ें व्रतकथा मिलेगा पुण्य लाभ

<p><strong>Varuthini Ekadashi Vrat Katha 2021: </strong>सनातन धर्म में एकादशी का विशेष महत्त्व होता है. यह सभी व्रतों में श्रेष्ठ माना गया है. वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को वरूथिनी एकादशी कहते हैं. वरूथिनी एकादशी का व्रत 7 मई 2021 को पड़ रहा है. यह एकादशी श्री हरिविष्णु को समर्पित है. माना जाता है कि एकादशी का व्रत करने से कई वर्षों के तप और कन्या दान करने के समान पुण्यफल की प्राप्ति होती है. माना जाता है कि इस दिन वरूथिनी एकादशी का व्रत रखने से मनुष्य के सभी दुख दूर हो जाते हैं और सुखों की प्राप्ति होती है. दरिद्रता, दुख और दुर्भाग्य दूर करने के लिए एकादशी तिथि पर आप भी इस व्रत कथा का श्रवण कर सकते हैं.</p> <p><strong>वरूथिनी</strong> <strong>एकादशी</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>कथा</strong></p> <p>एक बार धर्मराज युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की वरूथिनी एकादशी का व्रत के बारे में बताने का आग्रह किया. धर्म राज के आग्रह करने पर भगवान कृष्ण ने एकादशी व्रत कथा को बताया. उनके अनुसार, प्राचीनकाल में नर्मदा नदी के तट पर मान्धाता नामक एक राजा राज्य करता था. वह बहुत दानी और तपस्वी था. एक बार राजा जंगल में तपस्या करने चले गए. &nbsp;राजा तपस्या में लीन थे. एक सूअर आया और राजा को खीच कर घने जंगल के अन्दर में उठा ले गया.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/religion/vastu-tips-these-small-remedies-provide-relief-from-homelessness-increases-positive-energy-in-the-family-1910368"><strong>वास्तु टिप्स: ये छोटे उपाय गृहक्लेश से दिलाते हैं छुटकारा, घर परिवार में सकारात्मक ऊर्जा लाएंगे</strong></a></div> </div> <p>भालू का व्यवहार देखकर राजा बहुत डर गया और अपनी रक्षा के लिए मन ही मन भगवान विष्णु की प्रार्थना की. भक्त की पुकार सुनकर भगवान विष्णु वहां प्रकट हुए और भालू को मारकर राजा की रक्षा की. परन्तु भालू ने राजा का पैर खा चुका था. इसे लेकर राजा बहुत दुखी था. तब भगवान विष्णु ने राज से कहा कि तुम दुखी मत हो. मथुरा जाकर वरूथिनी एकादशी का व्रत रखकर मेरी वराह अवतार मूर्ति की आराधना करो. ऐसा करने से तुम ठीक हो जाओगे.&nbsp;</p> <p>राजा ने मथुरा जाकर बहुत ही विधि-विधान से व्रत रख कर पूजा किया. जिसके पुण्य से राजा का पैर ठीक हो गया और वह सुन्दर शरीर वाला हो गया. मृत्यु के बाद राजा को मोक्ष की भी प्राप्ति हुई. इस प्रकार से जो भी वरूथिनी एकादशी व्रत रखता है, उसके पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष मिलता है.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3h2sBUH Jupiter: कुंभ राशि में विराजमान हैं देवगुरु बृहस्पति, करें ये उपाय तो चमक उठेगा आपका सोया भाग्य</strong></a></div> </div> <p><strong>बरुथिनी</strong> <strong>एकादशी</strong><strong> 2021 </strong><strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong><strong>: </strong></p> <p>हिंदू पंचांग के अनुसार, वरूथिनी एकादशी तिथि 06 मई को दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से 07 मई की शाम 03 बजकर 32 मिनट तक रहेगी. एकादशी का व्रत उदया तिथि के चलते 7 मई को रखा जाएगा. इसका पारण 08 मई को सुबह 05 बजकर 35 मिनट से सुबह 08 बजकर 16 मिनट तक रहेगी.</p> lifestyle https://ift.tt/3h5MoSY

क्या शराब से हो सकता है कोरोना संक्रमण का इलाज? जानिए विशेषज्ञ की राय

<p style="text-align: justify;"><strong>चंडीगढ़:</strong> कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के साथ सोशल मीडिया पर कोविड-19 का इलाज करने के कई दावे वायरल हो रहे हैं. आपको बता दें कि वायरल हो रहे पोस्ट की प्रमाणिकता नहीं होती है. उसे देश के किसी मेडिकल पेशेवर या विशेषज्ञ का समर्थन प्राप्त नहीं होता है बल्कि उनकी तरफ से अक्सर खंडन कर दिया जाता है. ताजा मामला शराब के सेवन और कोविड-19 के इलाज से जुड़ा है. दावा किया जा रहा है कि शराब कोरोना संक्रमण से सुरक्षा प्रदान कर सकती है. लेकिन कोविड-19 पर गठित पंजाब की विशेषज्ञ समिति के प्रमुख डॉक्टर के के तलवार ने बुधवार को खंडन कर दिया.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>क्या शराब करती है कोरोना का खात्मा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने लोगों को सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों से बचने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि ज्यादा शराब पीने से लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है और इससे उनके संक्रमित होने के खतरा बढ़ जाता है. तलवार ने सोशल मीडिया के हवाले से बताया, "मैंने पढ़ा कि शराब का सेवन वायरस के खिलाफ सुरक्षा प्रदान कर सकता है." उन्होंने लोगों को सावधान किया कि इस तरह की गलत धारणा से समस्या पैदा हो सकती है. अगर लोग ज्यादा मात्रा में शराब पीने लगेंगे तो उनके संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाएगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विशेषज्ञ ने बताया पोस्ट को बेबुनियाद</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने शराब से कोरोना के मरने की खबर को बेबुनिया बताया. हालांकि, उन्होंने ये जरूर कहा कि बहुत कम मात्रा में शराब का पीना नुकसानदेह नहीं है. तलवार ने वैज्ञानिक पर्यवेक्षण के हवाले से बताया कि अनुशंसा की जाती है कि लोग कोरोना के खिलाफ कोविड-19 की वैक्सीन लगवाने से दो दिन पहले और दो दिन बाद तक शराब का इस्तेमाल करने से बचें. गौरतलब है कि पंजाब में कोरोना वायरस की चपेट में आकर &nbsp;चार लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: कोरोना काल में सोया फूड्स से बढ़ाएं Immunity, FSSAI ने खाने में शामिल करने की दी सलाह" href="https://ift.tt/3b4tJmX Tips: कोरोना काल में सोया फूड्स से बढ़ाएं Immunity, FSSAI ने खाने में शामिल करने की दी सलाह</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Covid-19: कोरोना से रिकवर होने के बाद हो रही हैं ये समस्याएं, मस्तिष्क विकृति का भी शिकार हो रहे लोग" href="https://ift.tt/3nYDkRl कोरोना से रिकवर होने के बाद हो रही हैं ये समस्याएं, मस्तिष्क विकृति का भी शिकार हो रहे लोग</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vJifgr

क्या नाक में नींबू रस डालने से हो सकता है कोरोना का इलाज? जानिए वायरल दावे की सच्चाई

भारत में कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के दौरान संक्रमण और मौत के मामलों में भयावह उछाल ने खौफ पैदा कर दिया है. लोग वायरस से सुरक्षित रहने के लिए इलाज के तौर पर हर संभावित तरीके अपनाने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी लहर अपने साथ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल पोस्ट भी साथ लाई है, जिसमें देसी उपाय से लेकर आयुर्वेद और यूनानी इलाज का वीडियो और मैसेज वायरल शामिल है. उसके जरिए कोविड-19 के प्रभावी इलाज उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है. इन उपायों या दावों में से कोई भी देश भर में स्वास्थ्य अधिकारियों के जरिए साबित या प्रमाणितनहीं किया गया है, लेकिन लोग निराशा में सुरक्षित रहने या अपने परिजनों को घातक बीमारी से बचाने के लिए प्रभावित हो रहे हैं.
इसी कड़ी में ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 'नींबू थेरेपी' के नाम से वायरल हो रहा है. इस थेरेपी के मुताबिक आपको अपनी नाक में नींबू का रस उड़ेलने की जरूरत होगी और ये घातक वायरस के संक्रमण का खात्मा कर सकता है. वीडियो में एक शख्स दावा करता है कि नींबू थेरेपी ना सिर्फ इम्यूनिटी बढ़ाती है बल्कि ये कोविड-19 संक्रमण का भी इलाज करती है. वायरल वीडियो में शख्स बताता है कि नींबू रस का 2-3 बूंद नाक में डालना आंख, नाक, गले और यहां तक कि दिल को भी पांच सेकंड के अंदर शुद्ध करेगा. वीडियो में शख्स को सुना जा सकता है कि इससे उन लोगों को भी राहत पहुंचेगी जो सर्दी और खांसी जैसी बीमारियों का सामना कर रहे हैं.
सच्चाई
वीडियो की सत्यता जांचने की खातिर पीआईबी फैक्ट चेक के आधिकारिक ट्विटर पेज ने जांच पड़ताल की. विश्लेषण के बाद उसने खुलासा किया कि वीडियो में किया जा रहा दावा फर्जी है. इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है कि कोविड-19 का इलाज किया जा सकता है या नाक में नींबू का रस डालने से दूर किया जा सकता है. पीआईबी फैक्ट चेक ने वायरल वीडियो को 'पूरी तरह फर्जी' ये कहते हुए बताया कि नींबू थेरेपी इम्यूनिटी नहीं बढ़ाती है और न ही कोविड-19 संक्रमण को रोकती है. पीआईबी ने स्पष्ट तौर पर बताया है कि इस तरह के दावे बेबुनियाद हैं और लोगों को सलाह दी जाती है कि ऐसे उपायों का पालन न करें और उन नियमों और एहतियाती उपायों को अपनाएं जो डॉक्टर या मेडिकल पेशेवर की तरफ से प्रमाणित 
"इन आदतों से जीभ का रंग हो सकता है काला, जानिए इनसे बचने के उपाय"

Wednesday, May 5, 2021

इन आदतों से जीभ का रंग हो सकता है काला, जानिए इनसे बचने के उपाय

<p style="text-align: justify;">शरीर के हर अंग का स्वस्थ रहना आपके लिए जरूरी है. लेकिन कई बार हम शरीर के बाकी अंगों के मुकाबले अपने मुंह के स्वास्थ्य पर इतना ध्यान नहीं देते जितना देना चाहिए. आमतौर पर हम ब्रश करने भर को मुंह की सफाई मान लेते हैं. लेकिन अगर आपने अपनी जीभ को साफ नहीं किया तो आपको कई परेशानियां हो सकती हैं. जीभ के गंदे रहने से मुंह में चिपचिपाहट हो सकती है, सांस से बदबू आ सकती है, जीभ का रंग बदलकर काला या पीला हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;">खराब जीवनशैली आपकी जीभ का रंग बदलकर काला बना सकती है. आमतौर पर जीभ की सतह पर केराटिन नाम का प्रोटीन बनने लगता है. जिससे जीभ का रंग काला होने लगता है. हालांकि ये काफी रेयर है. लेकिन कई गंदी आदतों की वजह से आपकी जीभ का रंग काला पड़ सकता है. अगर आप सही से मुंह साफ नहीं करते, रूटीन में डेंटल चेकअप नहीं कराते, हेल्दी चीजें नहीं खाते और स्मोक करते हैं तो आपकी टंग का कलर बदल सकता है. आइए जानते हैं कि जीभ का रंग काला होने की वजह और उपाय क्या हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जीभ का रंग काला होने का क्या मतलब है?</strong><br />जीभ का रंग काला होने का मतलब है गले में बैक्टीरिया है या फंगस इसकी वजह हो सकता है. हालांकि जीभ का रंग काला हो जाना कोई बहुत परेशानी की बात नहीं है. आप इसे खुद भी सही कर सकते हैं. काली जीभ की एक और वजह है जीभ की त्वचा का केराटिन नाम के प्रोटीन से कवर होना. कभी-कभी केराटिन जीभ पर जम जाता है. जिससे आपकी जीभ काली पड़ सकती है. डॉक्टर इसे काले बालों वाली जीभ कहते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>जीभ का काला पड़ने के लक्षण</strong><br />जीभ का रंग काला होने की कई वजह हैं. जिसकी वजह से इसके अलग-अलग लक्षण हो सकते हैं. काली जीभ का रंग हमेशा काला हो ये जरूरी नहीं है. वैसे जीभ के काला होने के शुरुआती लक्षण ये हैं कि आपकी जीभ पर लंबे, थ्रेड बनने लगते हैं. जिसकी वजह से जीभ पर काले बाल जैसे दिखाई देते हैं. लोगों को काली जीभ होने पर ये लक्षण महसूस होते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1-</strong> जीभ का रंग बदलने लगता है. जिसकी वजह से जीभ काली, सफेद या पीले रंग की हो जाती है.&nbsp;<br /><strong>2-</strong> कई बार जीभ चिपचिपाने लगती है. हालांकि जीभ का रंग बदले ये जरूरी नहीं है.<br /><strong>3-</strong> कई बार मुहं में जलन होने लगती है.<br /><strong>4-</strong> मुंह का स्वाद खराब हो जाता है.<br /><strong>5-</strong> जीभ के काला होने पर सांस लेने में बदबू आने लगती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इन आदतों की वजह से जीभ हो जाती है काली</strong></p> <p style="text-align: justify;">⦁ अगर आप अपने मुंह की साफ सफाई सही से नहीं करते जैसे नियमित रूप से ब्रश करना और जीभ साफ करना, तो आपकी जीभ का रंग काला हो सकता है&nbsp;<br />⦁ तंबाकू और सिगरेट पीने से भी जीभ और दांतों की बीमारियां हो जाती हैं. धूम्रपान से आपकी जीभ का रंग काला हो सकता है.<br />⦁ ज्यादा कॉफी पीने से भी जीभ का रंग काला हो जाता है.<br />⦁ लगातार ब्लैक टी पीने से भी जीभ का रंग काला हो जाता है.<br />⦁ अगर आप अपने खाने का ख्याल नहीं रखते. सही डाइट नहीं लेते हो आपकी जीभ काली हो सकती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>काली जीभ को सही करने का घरेलू नुस्खा&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">अगर आपकी जीभ का रंग काला होता है तो आपको मुंह के स्वास्थ को लेकर सतर्क हो जाना चाहिए. हालांकि जीभ की काला होना इतना नुकसानदेय नहीं है लेकिन आपके बात करते वक्त मुंह से आ रही बदबू आपको शर्मिंदा कर सकती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>1-</strong> सबसे पहले आपको नियमित रूप से फ्लोराइड वाले टूथपेस्ट से ब्रश करना चाहिए.&nbsp;<br /><strong>2-</strong> जीभ की ऊपरी सतह से बैक्टीरिया और गंदगी को हटाने के लिए नियमित जीभी से जीभ को साफ करें.<br /><strong>3-</strong> मुंह से आने वाली बदबू दूर करने के लिए गर्म पानी में नमक डालकर कुल्ला जरूर करें.<br /><strong>4-</strong> हर बार खाने के बाद ब्रश करें और जीभ को भी साफ जरूर करें. रात को भी ब्रश करना ना भूलें.&nbsp;<br /><strong>5-</strong> जीभ पर बेकिंग सोडा या हाइड्रोजन पेरोक्साइड लगाएं<br /><strong>6- </strong>भरपूर मात्रा में पानी पिएं और पेट साफ रखें.<br /><strong>7-</strong> ज्यादा से ज्यादा कच्चे फल और सब्जियां खाएं.</p> lifestyle https://ift.tt/3h5CYqG

Health Tips: कोरोना काल में सोया फूड्स से बढ़ाएं Immunity, FSSAI ने खाने में शामिल करने की दी सलाह

कोरोना वायरस से लड़ने के लिए हमें अपनी इम्यूनिटी को मजबूत रखना सबसे जरूरी है. इसके लिए हमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर और प्रोटीन खाने की जरूरत है. शरीर में फाइबर को बूस्ट करने के लिए प्लांट प्रोटीन को सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है. आपको बता दें कि सोया फूड शरीर में फाइबर और प्रोटीन की जरूरतों को बड़ी आसानी से पूरा करता है. सोया फूड्स हमारे हार्ट को भी हेल्दी रखता है. इसके अलावा सोया में मौजूद प्रोटीन से हमारी इम्यूनिटी भी बढ़ती है. कोरोना के इस दौर में प्रोटीन खाना बहुत जरूरी है.
फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने एक ट्वीट किया है. जिसमें सोया फूड्स के फायदों के बारे में बताया गया है. FSSAI की मानें, तो सोया फूड्स सोयाबीन से बनते हैं. ये प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है. सोयाबीन और उससे बने प्रोडक्ट्स वेजिटेरियन लोगों के लिए प्रोटीन और फाइबर का अच्छा श्रोत है.
;सोयाबीन के फायदेसोयाबीन में काफी ज्यादा मात्रा में प्रोटीन और फाइबर पाया जाता है.सोयाबीन में ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जाता है.ये पूरी तरह से लैक्टस और ग्लूट फ्री होता है.सोयाबीन में सैचुरेटेड फैट भी काफी कम मात्रा में होता है.
इस तरह डाइट में शामिल करें?आप अपने खाने में कई तरह से सोयाबीन का इस्तेमाल कर सकते हैं. आप सोया नगलेट, टोफू, सोया ग्रैनुएल, सोया मिल्क, सोया आटा और सोया नट्स का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. सोयाबीन शरीर में प्रोटीन और फाइबर की कमी को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है. आप अपने नाश्ते या खाने में सोयाबीन का इस्तेमाल कर सकते हैं.

Covid-19: कोरोना से रिकवर होने के बाद हो रही हैं ये समस्याएं, मस्तिष्क विकृति का भी शिकार हो रहे लोग

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन पहले के मुकाबले ज्यादा ताकतवर है. ये शरीर के कई अंगो को प्रभावित कर रहा है. सबसे पहले इसका असर फेफड़े (Lungs) और श्वसनतंत्र (Respiratory System) पर पड़ रहा है. लेकिन बाद में ये वायरस शरीर के दूसरे अंगों को भी अपना शिकार बना रहा है. कोरोना वायरस से अब न्यूरोलॉजिकल (Neuro) और साइकोलॉजिकल (Psychological) बीमारियां भी हो रही हैं. इसके अलावा लोगों में ठीक होने के बाद एंग्जायटी (Anxiety) और मूड स्विंग (Mood Swings) की समस्या भी देखने को मिल रही है.</p> <p style="text-align: justify;">कोरोना से सही होने के बाद कई लोगों में न्यूरो संबंधी बीमारियां हो रही हैं. अगर आपकी नसों में सुन्नपन्न और भूलने की बीमारी जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो आप ये समझ लें कि कोरोना वायरस आपके ब्रेन और तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर रहा है. इसके अलावा कई साइकोलॉजिकल डिसऑर्डर जैसे मूड स्विंग और कमजोरी होना भी पोस्ट कोविड समस्याएं हैं. कई रिसर्च में पता चला है कि कुछ मामलों में कोरोना वायरस ने व्यक्ति के दिमाग और नर्वस सिस्टम पर असर डाला है. इससे मरीज को कई गंभीर बीमारियां होनी शुरू हो जाती है. ऑक्सफोर्ड में किए गए एक रिसर्च में पता चला है कि कोरोना वायरस ठीक हुए मरीजों में न्यूरोलॉजिकल और मानसिक समस्याएं भी पैदा कर सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोरोना का बाद हो सकती हैं ये बीमारी</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>1- मस्तिष्क विकृति (Encephalopathy)-</strong> कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों में मस्तिष्क विकृति (Encephalopathy) की समस्या हो रही है. इसमें मनोविकृति (Psychosis) और याददाश्त (Memory) कमजोर होने की संभावना रहती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>2- इन्सेफेलाइटिस (Encephalitis)-</strong> कोरोना के बाद इन्सेफेलाइटिस की समस्या भी काफी देखी गई है. कोरोना से ठीक हुए मरीजों के दिमाग में सूजन आ जाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>3- खून के थक्के (Blood Clots)-</strong> पोस्ट कोविड एक गंभीर समस्या ये भी सामने आ रही है कि दिमाग में &nbsp;ब्लड क्लॉटिंग हो जाती है. इससे स्ट्रोक भी हो सकता है. कई कोरोना के मरीजों में ये समस्या देखने को मिल रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>4- गुलियन बेरी सिंड्रोम (Guillain Barre Syndrome)-</strong> इसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune) नसों पर हमला करता है. इससे कमजोरी, सुन्नता, झुनझुनी और पेरालाइसिस का खतरा बढ़ जाता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>5- एंग्जायटी (Anxiety)-</strong> कई लोगों को कोरोना से ठीक होने पर साइकोलॉजिकल समस्याएं हो रही हैं. इसमें मूड स्विंग और एंग्जायटी की समस्या सबसे ज्यादा हो रही है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>रिसर्च क्या कहते हैं?&nbsp;</strong><br />कोरोना से ठीक होने के 6 महीने बाद तक 33% मरीजों में साइकोलॉजी और न्यूरोलॉजिकल समस्याएं देखने को मिली है. कोरोना के मरीजों में सांस संबंधी अन्य संक्रमण वाले लोगों की तुलना में मनोवैज्ञानिक या न्यूरोलॉजिकल विकार होने की संभावना 16 प्रतिशत ज्यादा है. कोरोना से ठीक होने के बाद 2% लोग स्ट्रोक, 0.7% लोग डिमेंशिया, 14% मूड डिसऑर्डर, 5% अनिद्रा, 0.6% ब्रेन हैमरेज, 2.1% इस्केमिक स्ट्रोक, 17% एंग्जायटी डिसऑर्डर से पीड़ित हो रहे हैं. इसके साथ ही 24% लोग चिंता और मानसिक बीमारियों से पीड़ित पाए गए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये लोग हो रहे हैं प्रभावित</strong><br />सबसे ज्यादा बुजुर्गों या जो लोग पहले से हार्ट या न्यूरो से संबंधी बीमारियों का इलाज करवा रहे उन्हें ये बीमारियां हो रही हैं. जो लोग एलर्जी, अस्थमा, टीबी या सांस की समस्या से ग्रसित हैं उन पर भी इसका असर है. कोरोना वायरस के दौरान जिन लोगों का इलाज आईसीयू या वेंटिलेटर पर हुआ था, उनमें भी ये समस्याएं देखने को मिली हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/2RmM0VB" target="_blank" rel="noopener">Corona Virus से बचने के लिए अंडा खाना चाहिए या नहीं? इस तरह अंडे खाने की गलती न करें, हो सकता है नुकसान</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3eXpR8o

Covid-19: आयुष मंत्रालय ने बताए इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय, कोरोना से होगा बचाव

<p style="text-align: justify;">कोविड-19 से बचाव करने के लिए लोग कई तरह के उपाय कर रहे हैं. इम्यूनिटी को मजबूत बनाने के लिए लोग काढ़ा पी रहे हैं. विटामिन-सी से भरपूर फल खा रहे हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो हमें COVID-19 उपयुक्त व्यवहार अपनाना चाहिए. वायरस के संक्रमण से बचने के लिए इम्यूनिटी मजबूत बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी है. आयुष मंत्रालय की ओर से कोरोना से बचने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं. जिससे आप अपनी इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं. आयुर्वेद में इन्हें बहुत कारगर उपाय माना गया है. जानते हैं क्या हैं ये उपाय.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आयुष मंत्रालय ने बताए इम्यूनिटी बढ़ाने के उपाय</strong><br /><strong>1.</strong> दिन में कई बार गर्म पानी पिएं. सुबह शाम गर्म पानी में चुटकी भर नमक और हल्दी डालकर गरारे करें.<br /><strong>2.</strong> घर का बना ताजा और आसानी से पचने वाला खाना खाएं. खाने में जीरा, धनिया, हल्दी, सौंठ और लहसुन का इस्तेमाल जरूर करें.&nbsp;<br /><strong>3.</strong> विटामिन सी के लिए नींबू और आंवला का सेवन जरूर करें. आवंला और नींबू से प्रोडक्ट भी खा सकते हैं.&nbsp;<br /><strong>4.</strong> प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट के लिए योग, प्राणायाम और मेडिटेशन करें.&nbsp;<br /><strong>5.</strong> दिन में सोने से बचें और रात में 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें.<br /><strong>6.</strong> इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सुबह-शाम खाली पेट गुनगुने पानी के साथ 20 ग्राम च्यवनप्राश लें.<br /><strong>7.</strong> रात में हल्दी वाला दूध पिएं. एक गिलास दूध में करीब आधा चम्मच हल्दी पाउडर डालकर मिला लें.<br /><strong>8.</strong> हर दिन दो बार खाने के बाद गुनगुने पानी के साथ गुडूची घनवटी 500 मिलीग्राम/ अश्वगंधा गोली 500 मिलीग्राम ले सकते हैं.<br /><strong>9.</strong> तुलसी, काली मिर्च, सौंठ और दालचीनी से बनी हर्बल टी या काढ़ा पिएं.<br /><strong>10.</strong> सुबह-शाम नाक में तिल का तेल, नारियल का तेल या फिर गाय का घी डालें.<br /><strong>11.</strong> सूखे कफ से राहत पाने के लिए भाप लें. सादा पानी या पुदीने की पत्तियां, अजवाइन या फिर कपूर डालकर भी भाप ले सकते हैं.<br /><strong>12.</strong> दिन में दो बार लौंग या मुलेठी पाउडर को चीनी / शहद के साथ मिलाकर खाएं. इससे खांसी और गले की खराश में आराम पड़ेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें: <a href="https://ift.tt/3vFElQW" target="_blank" rel="noopener">होम आइसोलेट मरीज को इन बातों का रखना है खास ध्यान, भूल कर भी ना करें ये काम</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3eVEw3N