Monday, May 3, 2021

ये बीमारियां गर्मी के मौसम में हैं आम, जानिए लक्षण और रोकथाम के तरीके

<p style="text-align: justify;">वैसे हर मौसम में कुछ मामूली बीमारी किसी को हो सकती है, लेकिन गर्मी का मौसम अपने साथ कई खतरनाक बीमारियों को लाता है. इस मौसम में थोड़ी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है. वास्तव में कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं जो सिर्फ मौसम के मुताबिक होती हैं, जैसे सर्दी, कफ, फ्लू सर्दी के आम लक्षण हैं, उसी तरह डेंगू, मलेरिया के खतरे मॉनसून के आने के साथ ही बढ़ जाते हैं. ठीक उसी तरह डायरिया, फूड प्वायजनिंग होने की अधिक संभावना होती है. न सिर्फ ये बल्कि लू, डिहाइड्रेशन भी लोगों को इस मौसम में तेज धूप और पसीना के कारण बीमार कर सकता है. ऐसी परिस्थिति में आपको जानना चाहिए कौन सी बीमारियां हैं जिसकी चपेट में आप गर्मी के मौसम में आ सकते हैं और उनसे कैसे बचें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गर्मी की बीमारियों को समझें</strong><br /><strong>लू लगना यानी हीट स्ट्रोक-</strong> मेडिकल की परिभाषा में शरीर का तापमान अचानक बढने की स्थिति को 'हाइपरथर्मिया' कहते हैं. गर्मी के मौसम में होनेवाली सबसे आम बीमारियों में से ये एक है. अगर आप देर तक कड़ी धूप में रहते हैं, तब आप तपिश की चपेट में आ सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लू लगने के लक्षण-</strong> तेज सिर दर्द, तेज बुखार, उल्टी, सांस का तेज चलना, चक्कर, कमजोरी या बेहोशी, जल्दी-जल्दी पेशाब आना लक्षणों में शामिल होता है. खाली पेट कभी बाहर नहीं निकलें. जहां तक संभव हो सके हाइड्रेटेड रहें और धूप में अपने सिर को ढांकें. 11 बजे से शाम 4 बजे तक घर के अंदर रहें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फूड प्वायजनिंग-</strong> ये भी गर्मी की एक आम समस्या है. ये दूषित भोजन खाना या पानी पीने से होता है. इस मौसम में बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से बढ़ते हैं. ऐसी परिस्थिति में अगर किसी तरह का बैक्टीरिया, वायरस, टॉक्सिन शरीर के अंदर जाता है, तब फूड प्वायजनिंग हो सकता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फूड प्वायजनिंग के लक्षण-</strong> उसके लक्षणों में पेट दर्द, मतली, डायरिया, बुखार और शरीर में दर्द शामिल है. इसमें न सिर्फ ऐंठन के साथ पेट दर्द होता है बल्कि डायरिया, उल्टी भी शुरू हो जाती है. इसलिए, इस मौसम में जरूरी है कि सड़क किनारे के फूड, कच्चा मांस, खुले में बिक रहा फूड, ठंडा फूड, बासी फूड खाने से परहेज करें.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>टायफायड-</strong> दूषित पानी या शर्बत के पीने के कारण होनेवाली पानी जनित बीमारी है. आम तौर पर बीमारी के लक्षण उस वक्त जाहिर होते हैं जब संक्रमित बैक्टीरिया पानी के साथ शरीर के अंदर घुसता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>टायफायड के लक्षण-</strong> लक्षणों में तेज बुखार, भूख की कमी, सख्त पेट दर्द, कमजोरी शामिल है. बीमारी को रोकने के लिए बच्चों को टायफायड की वैक्सीन लगाई जाती है जिसे पुरुषों को भी दिया जा सकता है. इसके अलावा, इलाज के लिए दवाओं का सहारा लेना पड़ता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>खसरा-</strong> गर्मी में ये बहुत आम बीमारी है रूबेला या मीजल्स भी कहा जता है. इसका फैलाव करीब चिकन पॉक्स की तरह होता है. पैरामाइक्सो वायरस से ये बीमारी फैलती है जो गर्मी में सक्रिय रहती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>खसरा के लक्षण-</strong> लक्षणों में कफ, तेज बुखार, गले में खराश, आंखों में जलन शामिल है. इसमें पूरे शरीर पर सफेद चकते बन जाते हैं. इससे बचने का मात्र तरीका एमएमआर टीकाकरण है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Immunity Booster Juice: कच्चा टमाटर खाना या उसका जूस पीना करता है इम्यूनिटी को मजबूत" href="https://ift.tt/3gUnvcP Booster Juice: कच्चा टमाटर खाना या उसका जूस पीना करता है इम्यूनिटी को मजबूत</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Coronavirus: क्या आप कोविड-19 को मात दे चुके हैं? जानिए ये टेस्ट आपको क्यों करवाने चाहिए" href="https://ift.tt/3ufQuvt क्या आप कोविड-19 को मात दे चुके हैं? जानिए ये टेस्ट आपको क्यों करवाने चाहिए</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/33cQpwV

रात में केला, सेब समेत इन फूड्स सामग्री को क्यों नहीं खाना चाहिए? जानिए वजह

कई फूड सामग्री जिसे आप पौष्टिक समझते हैं, वास्तव में उसका विपरीत रिएक्शन हो सकता है और ये उस वक्त होगा जब दिन के गलत समय पर उसे खाया जाए. खास तरह के फूड्स सोने के करीब खाना आपकी नींद को मुश्किल बना सकते हैं, कुछ अन्य रात में पेट की जलन को प्रेरित कर सकते हैं. रात का हल्का भोजन और देर रात खाने से बचना अच्छा विचार है. फैटी, पनीर युक्त और तले फूड्स को देर रात खाने से अपच हो सकता है और रात की अच्छी नींद पाने के लिए संघर्ष करना पड़ सकता है.कुछ लोगों का मानना है कि थोड़ा बीयर या शराब पीना बिस्तर पर जाने से पहले सोने में मदद करते हैं. लेकिन ये सच नहीं है. विशेषज्ञों का कहना है कि अल्कोहल का वास्तव में सेवन एसिड रिफ्लेक्स और जोर से खर्राटा लेने की वजह बन सकता है. आपके लिए कुछ फूड सामग्री के नाम बताए जा रहे हैं जिसे रात में खाने से परहेज करना अत्यधिक पानी वाले फूड्स- 
अत्यधिक पानी वाले फूड्स जैसे तरबूज और खीरा खाने से बचना चाहिए. सोने के करीब इन फूड्स के खाने का मतलब है पूर्ण मूत्राशय के साथ सोना, जो आपको आधी रात को बाथरूम जाने के लिए उठा सकता है. इससे आपकी नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकत मसालेदार फूड्स- सोने से ठीक पहले मसालेदार फूड्स के खाने से अपच और सीने में जलन हो सकती है. मसालेदार फूड्स में पाया जानेवाला एक यौगिक कैप्साइसिन आपके शरीर के तापमान को बढ़ा सकता है और आपकी नींद के साथ छेड़छाड़ कर सकता है.
वर्कआउट करने से पहले अपनी ऊर्जा को बढ़ाने के लिए केला खाएं लेकिन रात में परहेज करें. पोटैशियम की अत्यधिक मात्रा होने की वजह से केला आपके शरीर के इम्यून सिस्टम और स्किन की सेहत के लिए अच्छा है. लेकिन डिनर के लिए फल या डिनर के बाद खाने से बलगम का निर्माण और अपच हो सकता है.सेब में फाइबर का एक प्रकार पेक्टिन ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रोल लेवल काबू करने में मदद करता है. लेकिन रात में उसके पचाना मुश्किल है और इस तरह इससे एसिडिटी हो सकती है. आहार विशेषज्ञ भी सिफारिश करते हैं कि अपने डिनर के बड़े हिस्से के तौर पर फल खाने से बचना चाहिए.
ये फूड हाई ब्लड प्रेशर करते हैं कम, आप भी अपनाएं प्राकृतिक, प्रभावी और सुरक्षित तरीके
"Immunity Booster Juice: कच्चा टमाटर खाना या उसका जूस पीना करता है इम्यूनिटी को मजबूत" 

मलाइका अरोड़ा से जानिए स्वस्थ, चमकदार स्किन के लिए योग के आसन, वीडियो शेयर कर दिए टिप्स

<p style="text-align: justify;">हम सभी चमकदार और स्वस्थ स्किन चाहते हैं. इसके लिए कई तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स आजमाए जाते हैं. उसके बावजूद मन मुताबिक फायदा नहीं मिलने से निराशा बढ़ जाती है. लेकिन क्या आप जानते हैं खास व्यायाम या योग के आसन हैं जो अंदर से आपकी स्किन को ठीक करने और चमक में मदद कर सकता है. व्यायाम इम्यूनिटी बढ़ानेवाला और खुशी के हार्मोन एंडोर्फिन के स्राव करने वाला जाता है, जिसके नतीजे में रक्त प्रवाह सुधार में मदद मिलती है. और अच्छ रक्त प्रवाह चमकदार स्किन के बराबर होता है. इंस्टाग्राम पर मलाइका अरोड़ा चंद योग आसन को स्वस्थ और चमकदार स्किन के लिए शेयर किया है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मलाइका अरोड़ा से जानिए चमकदार स्किन का राज</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने लिखा, "हमें अपने शरीर को हाइड्रेटेड रखने की जरूरत है ताकि गर्मी को मात दे सकें और उसे स्वस्थ रख सकें. हालांकि हम बहुत ज्यादा पानी पीते रहते हैं. लेकिन मैं 3 आसन शेयर कर रही हूं जिसका नियमित पालन मैं स्वस्थ स्किन के लिए करती हूं. ये आसन ब्लड को शुद्ध करने में बहुत प्रभावी हो सकते हैं जिससे स्किन स्वस्थ दिखाई देगी."</p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/3tcBHk5> <p style="text-align: justify;"><strong><a href="https://www.instagram.com/reel/COHV4CXhkc9/?utm_source=ig_embed">आसन की मदद से मलाइका रखती हैं स्किन को स्वस्थ</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>सर्वांगासन-</strong> सर्वांगासन में संपूर्ण शरीर का व्यायाम होता है और इसीलिए इसे सर्व-अंग-आसन= सर्वांगासन का नाम दिया गया है. ये आपकी स्किन की बनावट और गुणवत्ता को सुधारने में मदद करता है, जबकि कंधे और पीठ के आसपास को मजबूत भी बनाता है. इस आसन को करने से आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे और किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं होगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>हलासन-</strong> अन्य योगासनों की तरह ही हलासन को भी उसका नाम खेती में उपयोग किए जाने वाले एक उपकरण से ही मिला है. जमीन जोतने वाले इस हल का उपयोग भारत और तिब्बत में बहुता होता है. ये आसन तनाव कम करने, दिमाग को शांत रखने और पाचन प्रक्रिया को सुधारने में मदद करता है, और सभी का हैरतअंगेज प्रभाव स्किन पर पड़ता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>त्रिकोणासन-</strong> ये संस्कृत भाषा से लिया गया शब्द है. इसका हिंदी में अर्थ है, तीन कोण वाला आसन. इस आसन को करने से शरीर की मसल्स तीन अलग कोणों में स्ट्रेच हो जाती हैं. त्रिकोणासन कंधे और छाती को खोलने में मदद करता है. छाती के खोलने से ताजा ऑक्सीजन के स्किन तक आपूर्ति करने की अनुमित मिलती है. स्किन को फायदा पहुंचने के अलावा, ये बाजू, पांव और जांघ को भी फायदा मिलता है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Immunity Booster Juice: कच्चा टमाटर खाना या उसका जूस पीना करता है इम्यूनिटी को मजबूत" href="https://ift.tt/3gUnvcP Booster Juice: कच्चा टमाटर खाना या उसका जूस पीना करता है इम्यूनिटी को मजबूत</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="COVID-19 की जांच में निगेटिव होने के बावजूद रहें चौकन्ना, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज" href="https://ift.tt/3xFRYBx की जांच में निगेटिव होने के बावजूद रहें चौकन्ना, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3b0BMkq

ये फूड हाई ब्लड प्रेशर करते हैं कम, आप भी अपनाएं प्राकृतिक, प्रभावी और सुरक्षित तरीके

<p style="text-align: justify;">आजकल की दौड़ती भागती जिंदगी में ब्लड प्रेशर की शिकायत आम बात हो गई है. कुछ लोग लो ब्लड प्रेशर की समस्या से परेशान रहते हैं, तो कुछ लोगों को हाई ब्लड प्रेशर का सामना होता है. लो ब्लड प्रेशर या लो बीपी की स्थिति तब पैदा होती है जब ब्लड प्रेशर सामान्य से काफी कम यानी ब्लड प्रेशर चार्ट में 90/60 से नीचे होने पर होता है. उसकी वजह से दिल, दिमाग और शरीर के अन्य भागों तक पर्याप्त मात्रा में ब्लड की सप्लाई नहीं हो पाती. लो ब्लड प्रेशर को हाइपोटेंशन कहते हैं. सेहतमंद शख्स के सामान्य ब्लड प्रेशर की मात्रा 120/80 होनी चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;">ब्लड प्रेशर में बढ़ोतरी होने पर हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर कहलाता है. बुनियादी तौर पर हाई ब्लड प्रेशर उस वक्त होता है जब आपका ब्लड प्रेशर गैर सेहतमंद लेवल तक बढ़ जाए. हाइपरटेंशन आम तौर पर कई वर्षों में होता है और कोई लक्षण जाहिर नहीं हो सकता. हालांकि, लक्षणों के ना होने के बावजूद स्थिति रक्त वाहिकाएं और अंगों, विशेषकर दिमाग, दिल, आंख और किडनी को नुकसान पहुंचा सकती है.&nbsp;हाई ब्लड प्रेशर को कभी-कभी साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि उसका कोई लक्षण नजर नहीं आता जिसके चलते वर्षों तक किसी का ध्यान नहीं जाता.</p> <p style="text-align: justify;">पोटैशियम, मैग्नीशियम, फाइबर और सोडियम की कम मात्रा पर आधारित उचित डाइट हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है. हालांकि, ब्लड प्रेशर का इलाज दवा से किया जा सकता है, लेकिन जरूरी है कि खानपान और जीवनशैली की आदतों में बदलाव लाया जाए. जीवन शैली और खानपान हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में अहम भूमिका अदा करती है. अगर आप सफतलापूर्वक ब्लड प्रेशर को काबू करने में कामयाब रहते हैं, तब आपको दवा की आवश्यकता में देरी से बच सकते हैं, दवा की आवश्यकता से बच सकते हैं या दवा की आवश्यकता को कम कर सकते हैं. ब्लड प्रेशर को तेजी और प्राकृतिक तरीके से कम करने में मदद करनेवाले कुछ फूड्स के बारे में बताया जा रहा है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आम-</strong> ये बीटा कैरोटीन और फाइबर में भरपूर होता है और दोनों ब्लड प्रेशर कम करने में प्रभावी माने गए हैं. रिसर्च से संकेत मिला है कि अपनी डाइट में बीटा-कैरोटीन से भरपूर फूड्स का शामिल करना सुरक्षित तरीके से ब्लड प्रेशर को कम करने का प्रभावी उपाय हो सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सेब-</strong> ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे लोग अपनी डाइट में सेब शामिल कर सकते हैं. सेब में पाया जानेवाला यौगिक क्वर्सिटिन सुरक्षित तरीके से ब्लड प्रेशर कम करने में प्रभावी है. सेब में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट्स ब्लड प्रेशर लेवल से जुड़ी भविष्य की किसी जटिलता को रोक सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>तरबूज-</strong> तरबूज में सिट्रललाइन नामक एमिनो एसिड होता है, जो हाई ब्लड प्रेशर के प्रबंधन में मदद कर सकता है. एमिनो एसिड रक्त वाहिकाओं को आराम देकर और धमनियों में लचीलापन को सुधार कर मदद करता है, इस तरह हाई ब्लड प्रेशर कम होता है.</p> <p><strong><a title="Immunity Booster Juice: कच्चा टमाटर खाना या उसका जूस पीना करता है इम्यूनिटी को मजबूत" href="https://ift.tt/3gUnvcP Booster Juice: कच्चा टमाटर खाना या उसका जूस पीना करता है इम्यूनिटी को मजबूत</a></strong></p> <p><strong><a title="COVID-19 की जांच में निगेटिव होने के बावजूद रहें चौकन्ना, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज" href="https://ift.tt/3xFRYBx की जांच में निगेटिव होने के बावजूद रहें चौकन्ना, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vCTXER

Kalashtami 2021: कालाष्टमी व्रत आज, भूलकर भी न करें ये काम नहीं तो नाराज हो जायेंगें भगवान कालभैरव

<p style="text-align: justify;"><strong>Kalashtami Vrat</strong> <strong>2021:</strong> हिंदू पंचांग के अनुसार आज 03 मई 2021 दिन सोमवार को वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि है. हिंदू धर्म में इस तिथि को कालाष्टमी कहा जाता है. वैसे तो कालाष्टमी तिथि का बहुत महत्त्व है. परन्तु इस बार यह तिथि सोमवार को पड़ रही है. इससे इस बार कालाष्टमी का महत्त्व और बढ़ गया है. कालाष्टमी के दिन भगवान शिव के रूद्रस्वरूप कालभैरव की पूजा-अर्चना की जाती है.</p> <p style="text-align: justify;">काशी में भगवान कालभैरव को कोतवाल भी कहा जाता है. इन्हें सभी देवताओं की रक्षा करने वाला माना गया है. काल भैरव के 8 स्वरूपों की पूजा की जाती है. इनके सभी स्वरूपों का अलग-अलग महत्व होता है. ऐसी मान्यता है कि कालभैरव के साथ शिवलिंग की भी पूजा करने से शिव की कृपा प्राप्त होती है इससे शुभ फलों की प्राप्ति होती है. कहा जाता है कि भगवान शिव के साथ काल भैरव की पूजा करने से भगवान शिव और काल भैरव प्रसन्न होते हैं.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://www.abplive.com/lifestyle/religion/these-4-zodiac-signs-enjoy-taking-risks-and-they-are-intelligent-and-fearless-1909166"><strong>इन 4 राशियों के लोग होते हैं बुद्धिमान, निडर और ईमानदार, ये बहादुरी से करते हैं हर जोखिम का सामना</strong></a></div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>कालाष्टमी व्रत का शुभ मुहूर्त </strong></p> <p style="text-align: justify;">कालाष्टमी, वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 3 मई दिन सोमवार को दोपहर 1 बजकर 39 मिनट को होगी तथा यह तिथि 04 मई मंगलवार को &nbsp;दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर समाप्त होगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कालाष्टमी</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>की</strong> <strong>पूजा</strong> <strong>विधि</strong></p> <p style="text-align: justify;">कालाष्टमी व्रत अष्टमी तिथि के उदय के साथ ही शुरू हो जाता है और इसका समापन इसके समाप्त होने के साथ होता है. भगवान भैरव की पूजा विधि-विधान से की जाती है. इसके बाद काल भैरव को उनकी प्रिय चीज समर्पित की जाती है. बाद में उनकी आरती और चालीसा का पाठ करकर व्रत का समापन किया जाता है. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कालाष्टमी</strong> <strong>व्रत</strong> <strong>में</strong> <strong>भूलकर</strong> <strong>भी</strong> <strong>न</strong> <strong>कारें</strong> <strong>ये</strong> <strong>काम</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>काल भैरव की जयंती, कालाष्टमी के दिन भक्त को झूठ नहीं बोलना चाहिए. इससे भक्त को नुक्सान हो सकता है.</li> <li>कालाष्टमी व्रत के दिन अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए. इस दिन केवल फलाहार ही करना चाहिए.</li> <li>कालाष्टमी व्रत को नमक भी नहीं खाना चाहिए. शरीर में नमक की कमी महसूस हो तो काला नमक का सेवन करना चाहिए.</li> <li>काल भैरव की पूजा किसी के नाश के लिए नहीं किया जाना चाहिए.</li> <li>गृहस्थ जीवन में भगवान भैरव की तामसिक पूजा नहीं करनी चाहिए. बल्कि बटुक भैरव की पूजा करनी चाहिए. इनकी पूजा सौम्य मानी जाती है.</li> </ul> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/2PF7w7i Tritiya 2021 Date: अक्षय तृतीया को सोना खरीदना इसलिए होता है शुभ, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/2RmEWYJ

Immunity Booster Juice: कच्चा टमाटर खाना या उसका जूस पीना करता है इम्यूनिटी को मजबूत

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस एक बार फिर लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है और पहली लहर के मुकाबले ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है. महामारी के इस दौर में हर शख्स अपना इम्यून सिस्टम मजबूत करने में जुटा है. डॉक्टरों के मुताबिक, किसी भी तरह के वायरल संक्रमण और बीमारियों जैसे सर्दी-जुकाम, खांसी से बचना मजबूत इम्यून सिस्टम के कारण आसान है. इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए स्वस्थ फूड्स की जरूरत होती है. कुछ आयुर्वेदिक मसाले और ड्रिंक्स भी उसे मजबूत बनाते हैं. लेकिन एक खास जूस पीने से भी आपकी रोग प्रतिरोधक शक्ति को मजबूत मिलेगी. आप उसका सेवन रोजाना कर सकते हैं. आप उसके सकारात्मक फायदे भी हासिल करेंगे और सर्दी, खांसी जैसी समस्या से बचने में सक्षम हो सकेंगे. इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनानेवाे ड्रिंक को टमाटर का जूस कहा जाता है. टमाटर जूस विटामिन सी में बहुत ज्यादा होता है. ये शरीर में एंटी ऑक्सीडेंट के तौर पर काम करता है. न सिर्फ ये बल्कि कच्चा टमाटर का इस्तेमाल या उसका जूस इम्यूनिटी मजबूत करने में भी मदद करता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>टमाटर जूस के लिए सामग्री-</strong> 1 कप पानी, 1 चुटकी नमक, 2 टमाटर चाहिए.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कैसे बनाएं टमाटर का जूस?</strong> कोरोना काल में इन सामग्रियों को छूने के बाद हाथ धोएं. वरना ये गंभीर समस्या हो सकता है. पानी से अच्छी तरह टमाटर को धोएं और उसे साफ करें. अब उसे छोटे टुकड़ों में काटें और जूसर जार में डालें. अब जूसर जार में एक कप पानी मिलाएं और उसे 4-5 मिनट तक हलचल दें ताकि अच्छी तरह जूस हो जाए. उसके बाद एक ग्लास में निकालें और उसके ऊपर नमक डालें. अब आप उसका इस्तमाल कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने में प्रोनिंग करेगा खास मदद, जानें कैसे करनी होगी ये प्रक्रिया" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/proning-will-help-in-increasing-oxygen-level-know-how-to-do-this-process-1909423">ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने में प्रोनिंग करेगा खास मदद, जानें कैसे करनी होगी ये प्रक्रिया</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="सेहत के लिए फायदेमंद होने के बावजूद हो सकता है तरबूज का साइड-इफेक्ट्स, जानिए कैसे" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/despite-of-watermelon-benefits-for-health-it-can-cause-side-effects-know-how-1909196">सेहत के लिए फायदेमंद होने के बावजूद हो सकता है तरबूज का साइड-इफेक्ट्स, जानिए कैसे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3eOW1Tl

COVID-19 की जांच में निगेटिव होने के बावजूद रहें चौकन्ना, इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस से होनेवाली कोविड-19 की बीमारी किसी को भी प्रभावित कर सकती है. उसके लक्षण हल्के से लेकर अत्यंत गंभीर हो सकते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी का संकट ज्यादा खौफ बढ़ा रहा है. हाल की रिपोर्ट बताती है कि कई लोगों की जांच रिपोर्ट वायरस के लक्षण होने के बावजूद गलत पहचान के चलते निगेटिव आ रही है. हालांकि आरटी-पीसीआर टेस्ट टेस्टिंग का मानक है, मगर वर्तमान रिपोर्ट से पता चलता है कि 'गलत निगेटिव' संभव है. बावजूद इसके आरटी-पीसीआर के टेस्ट वायरस का पता लगाने में प्रभावी हैं, लेकिन कोई भी टेस्ट 100 फीसद सटीक नहीं है और नतीजे कई फैक्टर पर निर्भर करते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>टेस्ट निगेटिव होने के बावजूद कोरोना लक्षणों को हल्के में न लें</strong></p> <p style="text-align: justify;">मान लीजिए आपकी आरटी-पीसीआर का टेस्ट निगेटिव आया है, लेकिन आप अभी भी स्वस्थ महसूस नहीं कर रहे हैं, तो ऐसे में खुद को आइसोलेट करें और खुद ही चंद लक्षणों की मॉनिटरिंग करें.&nbsp;<br />1. स्वाद और गंध की क्षमता का चले जाना</p> <p style="text-align: justify;">2. गले की खराश निरंतर खांसी के साथ और खराब होता बुखार</p> <p style="text-align: justify;">3. बुखार और सर्दी का दर्द निवारक दवाइयों के बावजूद कम नहीं होना और खराब होना</p> <p style="text-align: justify;">4. सख्त थकान जिससे निपटना मुश्किल है</p> <p style="text-align: justify;">5. पेट से जुड़े लक्षण जैसे डायरिया और मतली, जिससे पेट में ऐंठन और उल्टी हो सकती है<br />कोरोना के टेस्ट कितने सटीक हैं?</p> <p style="text-align: justify;">कोरोना टेस्ट के लिए अधिकतर प्रयोग होने वालों में कुछ आरटी-पीसीआर, कोविड-19 एंटी बॉडी टेस्ट, कोविड-19 रेपिड एंटीजेन टेस्ट हैं, और वर्तमान में आरटी-पीसीआर टेस्ट सबसे सटीक समझा जाता है. कोरोना वायरस की दूसरी लहर में कई रिपोर्ट बताती है कि गलत निगेटिव रिपोर्ट कोरोना वायरस पीड़ितों के बीच आई है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>लक्षण होने के बाद कुछ लोग जांच में क्यों निगेटिव हो रहे हैं?</strong></p> <p style="text-align: justify;">कुछ कारण हैं जिसके चलते जांच के नतीजे गलत आ सकते हैं. कई लोगों में कोरोना के पूरे लक्षण दिखाई देते हैं लेकिन नतीजे आरटी-पीसीआर टेस्ट में निगेटिव आते हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि आरटी-पीसीआर टेस्ट से कोरोना संक्रमण के बारे में भरोसेमंद नतीजे का पता चलता है लेकिन कभी-कभी ये भी 'गलत निगेटिव' होता है जो वास्तव में खतरनाक हो सकता है. ऐसी स्थिति में मरीज, इधर-उधर घूमता है और लोगों के संपर्क में आता है. इसलिए, दूसरों तक संक्रमण फैलाने की संभावना बहुत ज्यादा होती है. रिपोर्ट के मुताबिक, नाक या गले से सैंपल लेने के दौरान, गलत सैंपल लेने का तरीका, वायरस को सक्रिय रखने के लिए आवश्यक तरल की मात्रा, स्वैब सैंपल का गलत तरीके से परिवहन गलत निगेटिव की संभावना को बढ़ा सकते हैं. इसके अलावा, कभी-कभी मरीज के शरीर में वायरल लोड बहुत कम होता है, जिसके चलते कई बार निगेटिव रिपोर्ट हासिल होती है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोरोना टेस्ट निगेटिव हो, लेकिन लक्षण फिर भी जाहिर हों</strong></p> <p style="text-align: justify;">1. पूरी तरह खुद को स्वस्थ महसूस होने तक आइसोलेशन में रहें</p> <p style="text-align: justify;">2. ऑक्सीमीटर और थर्मामीटर अपने पास रखें&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">3. लक्षणों को निरंतर चेक करते रहें</p> <p style="text-align: justify;">अगर दोबारा जांच के लिए जाते हैं, तब सलाह दी जाती है कि ऐसा पहले टेस्ट के 3-4 दिनों बाद करें</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Coronavirus: क्या आप कोविड-19 को मात दे चुके हैं? जानिए ये टेस्ट आपको क्यों करवाने चाहिए" href="https://ift.tt/3ufQuvt क्या आप कोविड-19 को मात दे चुके हैं? जानिए ये टेस्ट आपको क्यों करवाने चाहिए</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोल्ड ड्रिंक्स के बजाए गर्मी में ताजा बेल के शर्बत का रुख करें, जानिए जबरदस्त फायदे" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/instead-of-cold-drinks-switch-to-refreshing-bael-sherbet-this-summer-know-its-wonderful-benefits-1909404">कोल्ड ड्रिंक्स के बजाए गर्मी में ताजा बेल के शर्बत का रुख करें, जानिए जबरदस्त फायदे</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3h1BkGv