Monday, May 3, 2021
Coronavirus: क्या आप कोविड-19 को मात दे चुके हैं? जानिए ये टेस्ट आपको क्यों करवाने चाहिए
<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर के बीच संक्रमण का फैलना अप्रत्याशित तरीके से जारी है. विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि इस वक्त कोविड-19 से रिकवर हो चुके लोग टीकाकरण करवा लें और सबसे बढ़कर अपने स्वास्थ्य की देखभाल करें. मरीज अपने स्वास्थ्य की मॉनिटरिंग करते रहें और अतिरिक्त चिंता के खतरे को दूर करें. इसलिए, मात्र जांच में निगेटिव होने के बाद के टेस्ट की मरीजों को सलाह दी जाती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>आपको कोविड-19 से ठीक होने के बाद चेकअप क्यों करवाना चाहिए?</strong></p> <p style="text-align: justify;">हमारा इम्यून सिस्टम मजबूती से वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ता है. लेकिन जो कुछ मामले सामने आ रहे हैं, उसके मुताबिक कोरोना वायरस का साइड-इफेक्ट्स वायरल लोड कम होने के बाद देर तक रह सकता है. कोरोना के लंबे समय तक साइड-इफेक्ट्स के अलावा वायरस शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर सकता है, या तो प्रत्यक्ष तौर पर या इम्यून सिस्टम को बाधित कर.</p> <p style="text-align: justify;">शोधकर्ताओं का ये भी कहना है कि आपके ब्लड और इम्यून सिस्टम में कई निशान होते हैं जो बता सकते हैं कि किस हद तक आपका शरीर वायरस से प्रभावित हुआ है. मिसाल के तौर पर, अगर आप गंभीर संक्रमण के दौर से गुजरे हैं, तब टेस्ट और स्कैन महत्वपूर्ण हो सकता है. ज्यादा सबूत से सुझाव मिल रहा है कि वायरस गहरे ढंग से लंग्स समेत आवश्यक अंगों को प्रभावित कर सकता है, लिहाजा स्कैन और टेस्ट से ही खुलासा हो सकता है कि आप कितने ठीक और स्वस्थ हुए हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>igG एंटीबॉडी टेस्ट-</strong> संक्रमण से लड़ने के बाद शरीर सहायक एंटीबॉडीज पैदा करता है जो भविष्य के संक्रमण को रोकता है. एंटीबॉडीज लेवल का निर्धारण न सिर्फ इम्यून-आधारित सुरक्षा को समझने में आपकी मदद कर सकता है, बल्कि ये खास तौर पर उस वक्त मददगार हो सकता है जब आप प्लाज्मा डोनेशन के पात्र हो गए हैं. सामान्य तौर पर शरीर को एंटी बॉडीज विकसित होने में करीब एक या दो सप्ताह का समय लगता है. इसलिए वायरस से पूरी तरह ठीक होने तक इंतजार करें. अगर प्लाज्मा डोनेट करने जा रहे हैं, तब ठीक होने के एक महीने के अंदर टेस्ट करवाएं और यही डोनेशन का आदर्श समय है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>CBC टेस्ट-</strong> कम्पलीट ब्लड काउंट बुनियादी टेस्ट है जो रक्त कोशिकाओं के विभिन्न प्रकार जैसे सफेद रक्त कोशिका, लाल रक्त कोशिशका, प्लेटलेट्स को मापता है और आपको एक समझ देता है कि आपकी कोरोना संक्रमण के खिलफ कितनी अच्छी प्रतिक्रिया है. ये एक तरह से आपको अतिरिक्त उपायों के लिए मार्गदर्शन कर सकता है कि जो ठीक होने के बाद अपनाने की जरूरत हो सकती है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ग्लूकोज, कोलेस्ट्रोल टेस्ट-</strong> चूंकि वायरस से सूजन और क्लॉटिंग होने का खतरा होता है, इसलिए ब्लड ग्लूकोज और ब्लड प्रेशर लेवल समेत महत्वपूर्ण पैरामीटर में उतार-चढ़ाव और अस्थिरता की लोग शिकायत करते हैं. अगर आप पहले से टाइप-1, टाइप-2 डायबिटीज, कोलेस्ट्रोल से पीड़ित हैं, तब ठीक होने के बाद सामान्य कामकाज की तरफ वापसी के लिए ये टेस्ट आवश्यक हो सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>विटामिन D टेस्ट-</strong> विटामिन डी एक महत्वपूर्ण पोषक है जो इम्यून के काम का समर्थन करता है. रिसर्च से भी पता चला है कि विटामिन डी का सप्लीमेंट ठीक होने के दौरान महत्वपूर्ण हो सकता है और यहां क कि रिकवरी को तेज करने में भी मदद कर सकता है. इसलिए, विटामिन डी टेस्ट जरूरत पड़ने पर किसी तरह की कमी से निपटने में मदद करेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="SC ने केंद्र को राज्यों में ऑक्सीजन भंडार बनाने का निर्देश दिया, हॉस्पिटल में भर्ती करने पर स्पष्ट राष्ट्रीय नीति बनाने का भी आदेश" href="https://ift.tt/3uhbuSS ने केंद्र को राज्यों में ऑक्सीजन भंडार बनाने का निर्देश दिया, हॉस्पिटल में भर्ती करने पर स्पष्ट राष्ट्रीय नीति बनाने का भी आदेश</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों से लॉकडाउन पर गंभीरता से विचार करने को कहा" href="https://www.abplive.com/news/india/supreme-court-asks-central-and-state-governments-to-seriously-consider-lockdown-to-prevent-corona-infection-1909414">सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संक्रमण रोकने के लिए केन्द्र व राज्य सरकारों से लॉकडाउन पर गंभीरता से विचार करने को कहा</a> </strong></p> lifestyle https://ift.tt/3aVamwm
सेहत के लिए फायदेमंद होने के बावजूद हो सकता है तरबूज का साइड-इफेक्ट्स, जानिए कैसे
<p style="text-align: justify;">गर्मी के आते ही मनपसंद फल तरबूज भी प्रयाप्त मात्रा में उपलब्ध हो जाता है. तरबूज खाने के अनगिनत फायदे हैं लेकिन ज्यादा इस्तेमाल के नतीजे में साइड-इफेक्ट्स भी हो सकता है. रमजान के दौरान पानी की कमी दूर करने, मूड बेहतर करने और बोझिल तबियत को हल्का करने के लिए तरबूज के इस्तेमाल की सलाह दी जाती है. हरे और लाल फल के गूदे में 92 फीसद हिस्सा पानी का मौजूद होता है जो किडनी और आंतों की सफाई के लिए बेहद फायदेमंद समझा जाता है. तरबूज में पानी के अलावा पौष्टिक तत्व जैसे विटामिन ए, बी-6, सी, लाइकोपीन, पोटैशियम पाए जाते हैं. लेकिन सेहत के लिए फायदेमंद होने के बावजूद तरबूज का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल नकारात्मक असर डाल सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>तरबूज की ज्यादा मात्रा के साइड-इफेक्ट्स</strong><br />विशेषज्ञों के मुताबिक पानी इंसानी शरीर के लिए बुनियादी आवश्यकता है. लेकिन शरीर में पानी की ज्यादा मात्रा भी नुकसानदेह साबित होती है. शरीर में पानी की मात्रा बढ़ने से सोडियम का लेवल कम हो जाता है, जिसके नतीजे में चक्कर की समस्या हो सकती है. इसलिए तरबूज के ज्यादा इस्तेमाल से शरीर में पानी की मात्रा बढ़ सकती है. पानी का स्राव न होने और ज्यादा दबाव के कारण खून का प्रेशर बढ़ जाता है, जिसके चलते पैरों में सूजन, थकावट, किडनी का कामकाज प्रभावित होने की शिकायत हो सकती है. तरबूज फाइबर और पानी हासिल करने का शानदार जरिया है.</p> <p style="text-align: justify;">फल को ज्यादा मात्रा में खाने से पाचन तंत्र की समस्या जैसे डायरिया, ब्लोटिंग, गैस हो सकती है. डायबिटीज पीड़ितों को हर फल का इस्तेमाल संतुलन में रहते हुए करना चाहिए. तरबूज भी खून में शुगर लेवल बढ़ाने की वजह बनता है. डायबिटीज के मरीजों को तरबूज रोजाना खाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. पोटैशियम से भरपूर फल तरबूज दिल को सेहतमंद रखने, हड्डियों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है. मगर हद से ज्यादा पोटैशियम का इस्तेमाल खून की रक्त वाहिकाओं से जुड़ी समस्याएं जैसे दिल की धड़कन को अनियंत्रित कर सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>एक दिन में कितना तरबूज इस्तेमाल करें?</strong><br />विशेषज्ञों के मुताबिक सौ ग्राम तरबूज में 30 कैलोरी और 6 ग्राम शुगर की मात्रा पाई जाती है. उनका कहना है कि एक दिन में आधा किलो तरबूज का इस्तेमाल किया जा सकता है, तरबूज की उतनी मात्रा कैलोरी 150 मिलेगी. तरबूज की मात्रा बढ़ाने से शुगर लेवल और कैलोरी भी बढ़ती है. आधा किलो तरबूज की मात्रा में शुगर 30 ग्राम तक पहुंच जाता है. इसलिए उसके इस्तेमाल से पहले कैलोरी और शुगर की मात्रा के बारे में जरूर जानना चाहिए. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या आपके शरीर में विटामिन C की कमी है? इम्यूनिटी बनाने के लिए रोजाना खाएं ये फूड्स" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/do-you-have-shortage-of-vitamin-c-eat-these-foods-daily-to-build-immunity-1909117">क्या आपके शरीर में विटामिन C की कमी है? इम्यूनिटी बनाने के लिए रोजाना खाएं ये फूड्स</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Covid-19 Vaccine: क्या स्मोकिंग से वैक्सीन का असर हो जाता है कम? जानिए अहम बात" href="https://ift.tt/3nFfpGk Vaccine: क्या स्मोकिंग से वैक्सीन का असर हो जाता है कम? जानिए अहम बात</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3xE0zoe
ऑक्सीजन लेवल बढ़ाने में प्रोनिंग करेगा खास मदद, जानें कैसे करनी होगी ये प्रक्रिया
<p>देश भर में कोरोना से बने हालात बेकाबू है. रोजाना लाखों की तादाद में नए मामले दर्ज हो रहे हैं तो वहीं हजारों की संख्या में मरीजों की मौत हो रही है. वहीं, लोगों में कोरोना का खौफ भी प्रतिदिन इन आंकड़ों के साथ बढ़ता दिख रहा है.</p> <p>इस मुश्किल दौर में देश में स्वास्थ्य सेवा चरमाते हुए भी दिखाई दे रही है. अस्पतालों में बेड नहीं है, ऑक्सीजन की कमी हो रही है. वहीं, दवां भी लोगों को नहीं मिल पा रही. ऐसे में डॉक्टर्स ने कुछ उपाय बताये हैं जिसके करने से आप अगर अपने शरीर में लक्षण देख रहे हैं तो उसे बढ़ने या गंभीर होने से रोक सकते हैं.</p> <p>कहा जा रहा है, कि ऑक्सीजन लेवल गिरने और फेफड़ों के लिए प्रोनिंग एक बेहतर तरीका है.</p> <p><strong>आईये जानते है क्या है प्रोनिंग?</strong></p> <p>असल में प्रोनिंग वो एक तरीका है जिससे आप अपने फेफड़ों को मजबूत करने में मदद करते है. दरअसल, इसे शरीर के एक पोजीशन के तौर पर देखा जा सकता है. पेट के बल लेटना और सर नीचे की ओर झुका का पोजीशन बनाना इसे प्रोनिंग कहा जाता है. आपको बता दें, अमेरिका में इस प्रोनिंग की प्रक्रिया को अरसो से लोगों ने अपनी जीवनशैली बनाया हुआ है. वहीं, अब कोरोना के चलते विश्व भर में फेमस हो रही है.</p> <p>बता दें, स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी कोरोना से सेल्फ केयर के लिए प्रोनिंग को अपनाने की बात की है.</p> <p><strong>आईये जानते हैं कैसे करनी है ये प्रोनिंग की प्रक्रिया</strong></p> <p>अगर आप कोरोना से संक्रमित हैं और क्वारंटीन हैं और आपको आपका ऑक्सीजन लेवल 94 प्रतिशत से नीचे गिर रहा है. जब तक आपको मेडिकल सेवा मिले तब तक आप इस प्रक्रिया को कर सकते हैं. आपको अपने पेट के बल लेटना होगा. इस प्रक्रिया के लिए आप 4 तकियो की भी जरूरत होगी. एक तकिया आपको अपने सर के नीचे लगाना होगा, दो तकीये छाती के नीचे ऊपरी जांघों के माध्यम से रखा जा सकता है. वहीं, एक तकिया आपकों शिंस के नीचे रखना होगा.</p> <p>मरीज को इस पोजीशन में 30 मिनट तक रहना होगा. साथ ही हर 30 मिनट बाद पोजीशन को बदलकर दूसरी साइड करना होगा. बता दें, प्रोनिंग की मदद से होने वाली गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है. इसकी मदद से आपकी हालत बिगड़ेगी नहीं और वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ेगी.</p> <p>वहीं, ध्यान रहे ये एक प्रक्रिया है, इस पर पूरी तरह निर्भर नहीं रहा जा सकता. अगर आपको अपनी हालत में सुधार नहीं दिखे तो तुरंत मेडिकल सेवा लें.</p> lifestyle https://ift.tt/336vcog
कोल्ड ड्रिंक्स के बजाए गर्मी में ताजा बेल के शर्बत का रुख करें, जानिए जबरदस्त फायदे
<p style="text-align: justify;">गर्मी का मौसम प्यास बुझाने की मांग करता है और आनंददायक, सुखदायक, मोहक, सुगंधित और स्वादिष्ट पेय पदार्थ चिलचिलाती तपिश में जीवन का ताजा झोंका देता है. बेल का जूस इस तरह का ऐसा ही ताजा ड्रिंक है और भारत में सबसे प्राचीन ड्रिंक्स में से एक है. उसका आयुर्वेदिक महत्व भी है. भारतीय बेल जादुई डिटॉक्स ड्रिंक है जो हमें ठंडा रखता है, नई ऊर्जा से भरता है, सफाई करता है और शरीर को सभी पोषक तत्वों के साथ पोषण करता है. ये जूस आम तौर से उपवास खत्म करने के बाद जैसे महाशिवरात्रि के मौके पर इस्तेमाल किया जाता है. इसका पचना आसान है और गर्मी का शानदार शीतलक है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बेल जूस के फायदे</strong><br />फल किसी आनंद से कम नहीं, क्योंकि ये लू और गर्मी के मौसम से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के खिलाफ काम करता है. </p> <p style="text-align: justify;">ये फाइबर, विटामिन्स और अन्य सभी पोषक तत्वों में अत्यधिक होता है जो इंसानी शरीर के लिए आवश्यक है. </p> <p style="text-align: justify;">बेल का फल थायमिन और राइबोफ्लेविन से भरपूर होता है. ये दोनों केमिकल शरीर से रासायनिक तत्त्वों का असर कम करने में प्रभावी हैं.</p> <p style="text-align: justify;">उसका जूस का रोजाना सेवन आंत को स्वस्थ रखता है और किडनी से जुड़ी सभी समस्याओं को कम करता है. </p> <p style="text-align: justify;">गुड़ के साथ बेल के जूस का इस्तेमाल प्रभावी तरीके से थकान और ऊर्जा की हानि के खिलाफ लड़ता है. </p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/2Rjtqxo> <p style="text-align: justify;">ये जादुई ड्रिंक साधारण और बनाना आसान है. शेफ कुणाल कपूर ने इसके बारे में बताया है. इसके लिए जरूरी है कि आप उनके बताए हुए सुझावों का पालन करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>बेल शर्बत के लिए सामग्री</strong><br />बेल 1 बड़ा, शुगर 4 चम्मच, पानी 1 लीटर, पुदीने की थोड़ी पत्ती. आइस क्यूब थोड़ा, चुटकी भर नमक की जरूरत होगी. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>बेल शर्बत बनाने का तरीका</strong><br />बेलन का इस्तेमाल करते हुए बेल को तोड़ लें और चम्मच का इस्तेमाल कर गुदा को बाहर निकालें.</p> <p style="text-align: justify;">अपनी उंगलियों के इस्तेमाल से गुदे को मसलें और बीज को हटा दें. बीज काफी कड़वे होते हैं. इसलिए सुनिश्चित करें कि छूटने ना पाएं. </p> <p style="text-align: justify;">ठंडा पानी मिलाएं और आहिस्ता से फिर मसलें. अब, उसे छलनी में डालें और लकड़ी का चम्मच इस्तेमाल करते हुए छलनी के खिलाफ दबाएं.</p> <p style="text-align: justify;">उसके जरिए जहां तक हो सके गुदा निकालें. उसमें शुगर मिलाएं और उसे पूरी तरह घुलने के लिए हिलाएं.</p> <p style="text-align: justify;">बड़े बर्तन में आइस क्यूब, कुचली हुई पुदीना की पत्तियां डालें और जूस को ऊपर से उड़ेलें. हिलाएं और ठंडा शर्बत पेश करें. </p> <p style="text-align: justify;">आप चुटकी भर नमक शामिल कर सकते हैं. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="लोगों की जिंदगी बचाने के लिए सख्ती से लागू करें महामारी रेड अलर्ट कर्फ्यू: अशोक गहलोत" href="https://www.abplive.com/news/india/implement-epidemic-red-alert-curfew-strictly-to-save-people-life-said-ashok-gehlot-1909400">लोगों की जिंदगी बचाने के लिए सख्ती से लागू करें महामारी रेड अलर्ट कर्फ्यू: अशोक गहलोत</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बिहार: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आयुर्वेदिक अस्पताल में बढ़ रही है लोगों की भीड़, जानिए वजह" href="https://www.abplive.com/news/india/amidst-increasing-covid-cases-in-bihar-number-of-people-in-ayurvedic-hospital-has-increased-1909398">बिहार: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच आयुर्वेदिक अस्पताल में बढ़ रही है लोगों की भीड़, जानिए वजह</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3ufoXKH
Sunday, May 2, 2021
इन 4 राशियों के लोग होते हैं बुद्धिमान, निडर और ईमानदार, ये बहादुरी से करते हैं हर जोखिम का सामना
<p style="text-align: justify;"><strong>These </strong><strong>zodiac signs are intelligent and fearless: </strong>ज्योतिष के मुताबिक़, कुल 12 राशियां होती हैं. हर राशियों के लोगों का स्वभाव अलग –अलग होता है. इनमें से कुछ राशि के लोग बहुत ही शांत होते हैं जबकि कुछ राशि के लोग बेहद ईमानदार और दयालु. जबकि कुछ राशियों के लोगों को चापलूसी पसंद है तो कुछ को स्पष्टवादिता. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन 4 राशियों के लोग ऐसे होते हैं जो खतरा मोल लेने से नहीं डरते हैं. ये लोग दिल के साफ और ईमानदार होते हैं. ये किसी के सामने झुकना पसंद नहीं करते हैं. ये लोग किसी भी जोखिम भरे काम से घबराते नहीं है, बल्कि उन्हें ऐसे काम करने में मजा आता है. आइये जानें इन 4 राशियों के बारे में.</p> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/2PF7w7i Tritiya 2021 Date: अक्षय तृतीया को सोना खरीदना इसलिए होता है शुभ, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"><strong>मेष</strong> <strong>राशि</strong><strong>:</strong> ज्योतिष के मुताबिक़, मेष राशि का स्वामी मंगल होता है. मंगल जीवन में उत्साह और पराक्रम का कारक होता है. इस कारण से इस राशि के लोगों का जीवन ऊर्जा से भरा होता है. ये लोग काफी साहसी और ऊर्जावान होते हैं. ये हर काम को मैन से आगे आगे करते रहते हैं. मेष राशि के लोगों को अपना आत्मसम्मान बहुत ही प्यारा होता है. वे किसी के सामने झुकना पसंद नहीं करते हैं. मेष राशि के जातक तेजी से काम करने वाले, आशावादी और आत्मकेंद्रित होते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>वृश्चिक</strong> <strong>राशि</strong><strong>- </strong>ज्योतिष शास्त्र में वर्णित है कि वृश्चिक राशि वाले जातक बहुत ही परिश्रमी होते हैं. ये जिस क्षेत्र में जाते हैं वे अपने कामऔर मेहनत के बदौलत उच्च पद प्राप्त का लेते हैं. ये हर काम को बहुत ही लग्न और ईमानदारी से करते हैं. धोखा या विश्वासघात करने वाले व्यक्ति को ये आसानी से नहीं जाने देते हैं। इस राशि के लोग स्वाभिमानी होते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कुंभ</strong> <strong>राशि</strong><strong>- </strong>ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंभ राशि वाले लोग बहुत ही आत्मविश्वासी और बुद्धिमान होते हैं. ये मजबूत इच्छा वाले होते हैं. ये किसी भावना में आकर फैसले नहीं लेते हैं. जो ठान लेते हैं उसे पूरा करके ही दम लेते हैं. किसी भी विषय पर फैसला लेने के पहले ये खूब सोच विचार करते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>मकर राशि- </strong>ज्योतिष में वर्णित है कि मकर राशि के जातक मजबूत इरादों वाले होते हैं. ये अपने जीवन में अपने दम पर ही सब कुछ हासिल करना चाहते हैं. ये लोग किसी भी परिस्थिति में अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं करते हैं. समस्या कैसी भी हो ये लोग इसका हल बहुत ही आसानी से खोज लेते हैं.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="Kalashtami%20Vrat%202021:%20इस%20दिन%20है%20कालाष्टमी%20व्रत?%20जानें%20उपासना%20की%20तिथि,%20शुभ%20मुहूर्त,%20पूजा-%20विधि%20और%20महत्व"><strong>Kalashtami Vrat 2021: इस दिन है कालाष्टमी व्रत? जानें उपासना की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा- विधि और महत्व</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;"> </div> </div> lifestyle https://ift.tt/3e7hXtQ
कोविड-19 के बाद कमजोरी पर कैसे पाएं काबू? तेजी से ठीक होने के लिए करें ये उपाय
<p style="text-align: justify;">बहुत सारे कोविड-19 मरीज 14 दिन की अवधि के बाद ठीक हो जाते हैं. इसकी पुष्टि कोरोना की निगेटिव जांच रिपोर्ट से होती है. लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद थकान और कमजोरी की शिकायत लोग करते हैं. ऐसी स्थिति में तेजी से रिकवरी और सामान्य रूटीन की तरफ वापसी के लिए आगे का रास्ता कुछ जरूरी टिप्स के अलावा अच्छा पोषण है. जैसा कि हम कोरोना वायरस की दूसरी लहर का सामना कर रहे हैं, कोविड-19 संक्रमण से ठीक होनेवालों के लिए कुछ उपाय हैं. संक्रमण सूजन की स्थिति होती है जिसका दीर्घकालीन प्रभाव इलाज होने के बाद भी 6-8 महीनों तक रह सकता है. हालांकि, इस दौरान शरीर के विभिन्न अंगों विशेषकर लिवर और लंग्स पर असर देखने को मिल सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोविड-19 के बाद थकान पर कैसे पाएं काबू?</strong></p> <p style="text-align: justify;">डॉक्टर दिक्षा भावसर ने इंस्टाग्राम पर कुछ टिप्स शेयर किए हैं जो कोविड-19 मरीजों की बेहतर रिकवरी में मदद कर सकते हैं. सुरक्षात्मक प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, पोषण, फिटनेस और संपूर्ण सेहत पर ध्यान दिए जाने की जरूरत होती है. </p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/3eL7TFW> <p style="text-align: justify;">आसान व्यायाम करें. धीमा वॉक, सांस का व्यायाम और मेडिटेशन से शुरुआत करें.</p> <p style="text-align: justify;">आपके शरीर को आराम की जरूरत होती है. सख्त वर्कआउट से परहेज करें.</p> <p style="text-align: justify;">रोजाना सुबह की धूप का 30 मिनट हासिल करें. </p> <p style="text-align: justify;">एक खजूर, थोड़ा किशमिश, दो बादाम, रात भर पानी में भीगे हुए दो अखरोट सुबह में खाएं.</p> <p style="text-align: justify;">हल्का और आसानी से पचनेवाला फूड जैसे दाल का सूप और चावल का मांड़ इस्तेमाल करें.</p> <p style="text-align: justify;">अत्यधिक शुगर, तला हुआ या प्रोसेस फूड इस्तेमाल करने से बचें.</p> <p style="text-align: justify;">पौष्टिक खिचड़ी वैकल्पिक दिन पर खाएं. </p> <p style="text-align: justify;">सप्ताह में 2-3 बार सहजन (मोरिंगा) का सूप पीएं. </p> <p style="text-align: justify;">जीरा-धनिया-सौंफ की चाय एक दिन में दो बार यानी भोजन के एक घंटे बाद पीएं.</p> <p style="text-align: justify;">रात में जल्दी सो जाएं. उन्होंने बताया कि जितना बेहतर आप सोएंगे उतना ही जल्दी ठीक होंगे.</p> <p style="text-align: justify;">इससे पहले के पोस्ट में उन्होंने इम्यूनिटी सुधारने के लिए कुछ खास टिप्स भी साझा किया था. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>इम्यूनिटी सुधारने के टिप्स में प्राणायाम भी शामिल</strong></p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/3vyl7g2 />सुबह जल्दी उठना और सुबह की धूप लेने से आपको ऊर्जावान, सकारात्मक और जीवंत का एहसास दिलाता है. </p> <p style="text-align: justify;">सुबह में व्यायाम करने से आपको दिन भर ऊर्जावान महसूस कराता है. इसके अलावा आपके मूड में भी सुधार होता है.</p> <p style="text-align: justify;">शारीरिक और मानसिक रूप से आपको लचीला बनाता है. </p> <p style="text-align: justify;">प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, कपालभाती, भस्त्रिका को रोजाना किया जा सकता है. </p> <p style="text-align: justify;">आप घर पर हर्बल चाय भी पी सकते हैं जो आपकी इम्यूनिटी को सुधारने में मदद करती है. </p> <p style="text-align: justify;">गैजेट्स का इस्तेमाल सीमित करें. समाचार देखें मगर रोजाना एक घंटे से ज्यादा नहीं. </p> <p style="text-align: justify;">जब कभी आपको बाहर निकलना पड़े, मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="Health Tips: कोरोना होने पर जल्द रिकवरी के लिए डाइट में शामिल करें ये फूड" href="https://ift.tt/2QMRgBQ Tips: कोरोना होने पर जल्द रिकवरी के लिए डाइट में शामिल करें ये फूड</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="ये है Nushrat Bharucha का डाइट प्लान, इस तरह रखती हैं खुद को फिट" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/fitness-health-tips-nushrat-bharucha-diet-plan-keep-herself-fit-and-slim-1908104">ये है Nushrat Bharucha का डाइट प्लान, इस तरह रखती हैं खुद को फिट</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3aVIaJK
क्या आपके शरीर में विटामिन C की कमी है? इम्यूनिटी बनाने के लिए रोजाना खाएं ये फूड्स
देश में कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच जरूरी हो गया है कि हम अपने इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाएं. टीकाकरण के अलावा हर शख्स को चाहिए कि संक्रमण रोकने के लिए अपना इम्यूनिटी बढ़ाने पर फोकस करे. इम्यूनिटी मजबूत करने की प्रक्रिया में विटामिन सी अहम है. शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए लोग कई तरीके अपनाते हैं, लेकिन आपको निश्चित रूप से अपनी डाइट में विटामिन सी में समृद्ध इन फूड को शामिल करना चाहिए. ये आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने का काम करेंगे और कई बीमारियों को भी रोकेेंगे
संतरा बहुत सारे पोषक तत्व जैसे विटामिन ए, विटामिन बी और विटामिन, मैग्नीशियम, पोटैशियम, फॉस्फोरस और चोलिन में समृद्ध होता है. गर्मी में ये शरीर को पानी के आवश्यक जल पोषण में भी मदद भी करता है, जो शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाता है. इसके अलावा, संतरे का सेवन धूप के कारण होनेवाली बीमारियों को रोकता है.
जैसे ही गर्मी का मौसम शुरू होता है, आम बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाता है. फलों का राजा बहुत ज्यादा पोषक तत्वों जैसे विटामिन सी, विटामिन ए, आयरन, कॉपर, पोटैशियम से भरपूर होता है, जो इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ कई अन्य बीमारियों को रोकता है. इसलिए, इसका इस्तेमाल रोजाना किया जाना चाहिए.
अंगूर में विटामिन ए, विटामिन सी, विटामिन बी समेत पोटैशियम और कैल्शियम की भारी मात्रा होती है. उसके अलावा, उसमें फ्लावोनोइड नामक;शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट होता है जो शरीर के लिए अत्यंत फायदेमंद समझा जाता थायमिन, नियासिन, राइबोफ्लेविन, विटामिन बी-6, विटामन ई और फोलेट के अलावा नींबू में विटामिन सी की भरपूर मात्रा भी होती है जो आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और कई संक्रामक बीमारियों के खिलाफ सुरक्षा देता है. आप उसका इस्तेमाल सलाद या पानी में मिलाकर कर सकते हैं
टमाटर-
विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा, लाइकोपीन, विटामिन्स, पोटैशियम टमाटर में पाए जाते हैं. खाली पेट रोजाना एक टमाटर खाना प्रभावी होता है. उसका इस्तेमाल सलाद के तौर भी किया जा सकता है.कोरोना होने पर जल्द रिकवरी के लिए डाइट में शामिल करें ये फूड"
कोरोना होने पर जल्द रिकवरी के लिए डाइट में शामिल करें ये फूड
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