Friday, April 30, 2021

कोरोना के हल्के लक्ष्णों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे

कोरोना वायरस की दूसरी लहर में संक्रमण के मामले अप्रत्याशित रूप से बढ़ रहे हैं. सरकार कोविड-19 के खिलाफ सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए टीकाकरण अभियान चला रही है. इस बीच, आयुष मंत्रालय ने वैज्ञानिकों के हवाले से आयुर्वेदिक दवा आयुष-64 पर बड़ा दावा किया है. उसका कहना है कि कोविड-19 के इलाज में मानक चिकित्सा के सहायक के तौर पर दवा फायदेमंद साबित हो रही है. 
      1980 में मलेरिया के इलाज के लिए दवा को विकसित किया गया था और अब कोविड-19 के इलाज में फिर शामिल की जा रही है.क्या मलेरिया की दवा से होगा कोरोना संक्रमण का इलाज?आयुष-64 कोरोना संक्रमण के एसिम्पटोमैटिक, हल्के और मध्यम लक्षण के इलाज में इस्तेमाल की जा सकती है. गुरुवार को आयुष मंत्रालय ने इसकी सिफारिश की. आयुष में नेशनल रिसर्च प्रोफेसर भूषण पटवर्धन ने ऑनलाइन प्रेस को संबोधित करते हुए कहा، "उसमें सूजन रोधी और एंटी वायरल गुण हैं जो कोविड-19 और फ्लू जैसी बीमारी से लड़ सकते हैं." सेंटर फोर रूमेटिक डिजीज, पुणे के डायरेक्टर अरविंद चोपड़ा ने बताया कि इस सिलसिले में दवा का परीक्षण तीन केंद्रों पर किया गया था आयुर्वेदिक दवा आयुष-64 कोविड-19 के इलाज में मुफीद किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ, दत्ता मेघा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, वर्धा और बीएमडी कोविड सेंटर, मुंबई में मानव परीक्षण के लिए हर जगह 70 प्रतिभागियों को शामिल किया गया. 

         अरविंद चोपड़ा ने बताया कि जिन मरीजों को आयुष-64 दवा का इस्तेमाल कराया गया, उनकी जांच रिपोर्ट साढ़े छह दिन में निगेटिव आ गई जबकि जिन लोगों को दवा नहीं खिलाया गया, उनके रिकवर होने में 8.3 दिन का समय लगा. हालांकि, इलाज के दौरान जिन मरीजों को रोजाना दो बार टैबलेट दिए जाते थे, उनको सलाह दी गई थी कि RT-PRC रिपोर्ट के निगेटिव आने के बाद दो से तीन सप्ताह तक टैबलेट लेना जारी रखें.

         चोपड़ा के मुताबिक, रिसर्च में पाया गया कि आयुष 64 के असर से चिंता, तनाव, थकान में कमी हुई और भूख को बढ़ावा मिला. दवा का स्पष्ट लाभकारी प्रभाव आम स्वास्थ्य, खुशी और नींद पर भी देखा गया. दवा के परीक्षण ने पर्याप्त सबूत उपलब्ध कराए कि आयुष 64 को प्रभावी और सुरक्षित तरीके से मानक इलाज के सहायक के तौर पर कोविड-19 के हल्के से लेकर मध्यम लक्षणों में दी जा सकती है. अधिकारी ने हालांकि ये भी कहा कि आयुष-64 दवा के मरीजों को अभी भी मॉनिटरिंग करने की जरूरत होगी


बांग्लादेश ने चीनी कोविड-19 वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की दी मंजूरी, जताया ये शक
"करीब एक चौथाई ब्रिटिश हेल्थ केयर वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन पर है संदेह, रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा"करीब एक चौथाई ब्रिटिश हेल्थ केयर वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन पर है संदेह, रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा 

Shukravar Lakshmi Pujan: दुख, दरिद्रता से रहना चाहते हैं दूर तो इस दिन करें ये खास उपाय, बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है. इस दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने पर उनकी विशेष कृपा होती है. मां लक्ष्मी को धन, सुख और समृद्धि की देवी माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो भक्त हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी का व्रत रखकर विधि विधान से पूजा करता है. माता लक्ष्मी उस पर अति प्रसन्न होती है. तथा उनकी कृपा से भक्त दुःख और दरिद्रता से मुक्ति पाता है. मां की कृपा से उसके घर परिवार में धन-वैभव का भंडार भर जाता है.ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि कुछ काम ऐसे होते हैं, जिनको करने से माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं. उनकी नाराजगी से जातक पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है. आइये जानें कि मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शुक्रवार के दिन कौन सा काम करना चाहिए और कौनसा काम नहीं करना चाहिए.: इस दिन लगेगा वर्ष 2021 का पहला चंद्र ग्रहण, वृश्चिक राशि पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर, जानें 
इन कामों को करने से होती है मां लक्ष्मी की कृपा ऐसी मान्यता है कि घर की उत्तर दिशा में माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर का वास होता है. इस दिशा में कभी भी कूड़ा-करकट, भंगार, रद्दी सामान आदि को नहीं रखना चाहिए. ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और घर परिवार में कंगाली आती है.माना जाता है कि घर की रसोई में लक्ष्मी जी वासा होता है इस लिए शुक्रवार के दिन रसोई को एकदम साफ़-सुथरा और सुगन्धित रखना चाहिए. ऐसा करने से लक्ष्मी जी खुश होती हैं.
रसोई में कभी जूठे वर्तन नहीं रखना चाहिए. जूठे बर्तन होने से जातक को लक्ष्मी की नाराजगी झेलनी पड़ेगी.
कहा जाता है कि शुक्रवार के दिन किसी को भी उधार में चीनी नहीं देना चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चीनी का संबंध शुक्र ग्रह से होता है. शुक्र ग्रह को भौतिक सुख और समृद्धि का स्वामी माना जाता है. शुक्रवार के दिन चीनी उधार देने से शुक्र पक्ष कमजोर पड़ता है और घर में दरिद्रता आती है.
शुक्रवार के दिन मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. जिस घर में इन जैसे चीजों का सेवन किया जाता है. उस घर से मां लक्ष्मी रूठ कर चली जाती है. जिसके चलते 
;घर दरिद्रता का वास होना शुरू हो जाता है.Chaturthi: कल है विकट संकष्टी चतुर्थी, संतान प्राप्ति के लिए इस दिन करें गणेश जी की पूजा, जानें डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Sankashti Chaturthi: आज संकष्टी चतुर्थी पर बन रहा है ये दो शुभ योग, गणेश जी की कृपा पाने के लिए जरूर करें ये उपाय

<p style="text-align: justify;"><strong>Vaishakh Sankashti Chaturthi 2021: </strong>आज 30 अप्रैल 2021 को वैशाख मास की संकष्टी चतुर्थी है. हिंदू पंचांग के अनुसार, हर मास में दो चतुर्थी तिथि होती है. एक शुक्ल पक्ष की, जिसे विनायक चतुर्थी कहते हैं और दूसरी कृष्ण पक्ष की, जिसे संकष्टी चतुर्थी कहते हैं. सभी हिंदी महीनों में वैशाख मास की संकष्टी चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी कहते हैं. <strong>&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदू धर्म ग्रंथों के मुताबिक, चतुर्थी तिथि भगवान गणेश जी को समर्पित है. संकष्टी चतुर्थी को संकट हरने वाली चतुर्थी भी कहते हैं. इस दिन भगवान गणेश की पूजा- अर्चना करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/3e1TndE Chaturthi: कल है विकट संकष्टी चतुर्थी, संतान प्राप्ति के लिए इस दिन करें गणेश जी की पूजा, जानें डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left">&nbsp;</div> </div> <p style="text-align: justify;"><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong> <strong>पर</strong> <strong>बन</strong> <strong>रहा</strong> <strong>है</strong> <strong>ये</strong> <strong>दो</strong> <strong>शुभ</strong> <strong>संयोग</strong></p> <p style="text-align: justify;">हिंदू पंचांग के मुताबिक़, इस बार संकष्टी चतुर्थी पर शिव योग और परिघ योग बन रहा है. ये दोनों योग भुत ही शुभ माने जाते हैं. इस योग में भगवान गणेश की पूजा करने से पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है. पहले परिघ योग आएगा और उसके बाद शिव योग होगा. आज 30 अप्रैल को सुबह 08 बजकर 03 मिनट तक परिघ योग रहेगा. इसके बाद से शिव योग का आरंभ होगा. मान्यता है कि यदि कोई शत्रु से संबंधित मामला हो तो गणेश पूजन परिध योग में से विजय प्राप्त होती है. शिव योग बहुत ही शुभ फलदायक माना जाता है. इस योग में किसी भी मंत्र से भगवान का स्मरण किया जाये तो तो कई गुना लाभ मिलता है. शास्त्रों में इस आशय की पुष्टि की गई है कि शिव योग में भगवान गणेश जी की आराधना की जाये तो भक्त की मनोकामना पूरी होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong> <strong>2021 </strong><strong>शुभ</strong> <strong>मुहूर्त</strong><strong> (</strong><strong>Vikata Sankashti Chaturthi 2021 Shubh Muhurat)</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong><strong> -</strong>30 अप्रैल 2021, शुक्रवार को</li> <li><strong>विकट</strong> <strong>संकष्टी</strong> <strong>चतुर्थी</strong> <strong>के</strong> <strong>दिन</strong> <strong>चन्द्रोदय</strong> <strong>का</strong> <strong>समय</strong> &ndash; 10:48 रात</li> <li><strong>चतुर्थी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>के</strong> <strong>दौरान</strong> <strong>कोई</strong> <strong>चन्द्रोदय</strong> <strong>नहीं</strong> <strong>है</strong><strong>.</strong></li> <li><strong>चतुर्थी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>प्रारम्भ</strong> <strong>&ndash; </strong>29 अप्रैल 2021 को रात 10:09 बजे</li> <li><strong>चतुर्थी</strong> <strong>तिथि</strong> <strong>समाप्त</strong> <strong>&ndash; </strong>30 अप्रैल 2021 को शाम 07:09 बजे</li> </ul> <p style="text-align: justify;"><strong>गणेश</strong> <strong>भगवान</strong> <strong>को</strong> <strong>प्रसन्न</strong> <strong>करने</strong> <strong>के</strong> <strong>लिए</strong> <strong>ये</strong> <strong>काम</strong> <strong>जरूर</strong> <strong>करें</strong></p> <ul style="text-align: justify;"> <li>गणेश भगवान को प्रसन्न करने के लिए विकट संकष्टी चतुर्थी के दिन उन्हें दूर्वा घास जरूर अर्पित करें.</li> <li>भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए मोदक या लड्डुओं का भोग लगाएं.</li> <li>गणपति महाराज को सिंदूर भी लगाएं. गणपित को सिंदूर लगाने के बाद अपने माथे पर भी सिंदूर लगा लें. गणपति को सिंदूर लगाने से सभी तरह के दुख- दर्द दूर हो जाते हैं.</li> <li>ऊॅं श्री सिद्धिविनायकाय नम: मंत्र का जप करें. उसके बाद उनकी आरती करें.</li> </ul> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><strong><a href="https://ift.tt/3telknf Purnima 2021: कब है वैशाख पूर्णिमा? व्रत करने से दूर होगी दरिद्रता और दुख, जानें पूजा विधि और व्रत का महत्त्व</a></strong></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;">&nbsp;</div> </div> lifestyle https://ift.tt/3gNuEvt

रिसर्च में दावा, पायरिया से पीड़ित कोरोना मरीजों में गंभीर रूप से बीमार होने और मौत का खतरा ज्यादा

<p style="text-align: justify;">मैकगिल यूनिवर्सिटी कनाडा के शोधकर्ताओं ने पायरिया, मसूढ़े के रोग की आम शक्ल, और कोविड-19 के गंभीर नतीजों के बीच मजबूत संबंध का पता लगाया है. रिसर्च में पाया गया कि पायरिया से पीड़ित लोगों को कोविड-19 से मौत का खतरा अन्य के मुकाबले 8.8 गुना ज्यादा होता है. उसके साथ, ऐसे लोगों को कोविड-19 से अस्पताल में दाखिले की जरूरत 3.5 गुना और वेंटिलेटर की की जरूरत 4.5 गुना ज्यादा होती है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पायरिया और कोविड-19 के बीच क्या मजबूत संबंध है?</strong></p> <p style="text-align: justify;">दांतों और मसूढ़ों के बीच बैक्टीरिया के संचय के कारण गंभीर सूजन की क्लीनिकल परिभाषा पायरिया है. इलाज के बिना ये दर्दनाक फोड़े, दांतों के नुकसान की वजह बन सकता है. लोग पायरिया को ब्रश कर और दांतों का नियमित चेकअप समेत मुंह की अच्छी सफाई से पायरिया को रोक पाने में सक्षम हो सकते हैं. शोधकर्ताओं का कहना है, "पायरिया को मुंह समेत कई बीमारियों का जोखिम कारक समझा जाता रहा है." वैज्ञानिकों ने सांस की बीमारी, डायबिटीज, दिल की बीमारी और स्थिति के बीच संबंध का भी पता लगाया है. इसके अलावा मसूढ़े की बीमारी और प्रेगनेन्सी की पेचीदगी जैसे प्री-एक्लेमप्सिया के बीच के ज्यादा खतरे का भी संबंध है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पीड़ितों को कोविड-19 से मौत का खतरा 8.8 गुना ज्यादा&nbsp;</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिसर्च के मुताबिक, पायरिया मसूढ़े की सूजन का कारण बनता है, और इलाज नहीं कराया जाए, तो सूजन शरीर में फैल सकता है. शोधकर्ताओं ने बताया कि पायरिया कनाडा में दांत की सबसे आम बीमारी है. उससे 10 में से 7 लोग अपनी जिंदगी में कभी न कभी प्रभावित होते हैं और ये एक अदृश्य महामारी है. उन्होंने बीमारी के प्रति जागरुकता और पेरियोडोंटल डिजीज को ज्यादा बहाल रखने, विशेषकर इस वैश्विक महामारी के दौरान बढ़ाने की जरूरत बताई है. शोधकर्ताओं ने कतर के हम्माद मेडिकल कॉर्पोरेशन के 568 मरीजो का दांतों और सेहत के इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का विश्लेषण किया. उन्होंने विभिन्न पहलुओं जैसे जनसांख्यिकीय, मेडिकल या व्यवहार फैक्टर पर विचार करने के बाद पाया कि पायरिया से पीड़ित लोगों के खून में सूजन का लेवल स्पष्ट रूप से ज्यादा था.</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने बताया कि कोविड-19 के गंभीर मामलों के साथ मरीजों में सूजन की प्रतिक्रिया पेचीदगी और यहां तक मौत की वजह बन सकती है. वरिष्ठ लेखक डॉक्टर फलेह तमीमी ने बताया, "हमें पहले ही शक था कि पायरिया से पीड़ित लोगों में कोविड-19 की गंभीरता ज्यादा होती होगी क्योंकि उनके शरीर में सूजन का लेवल पहले ही ज्यादा होता है." हालांकि, शोधकर्ताओं ने चेताया कि उनके रिसर्च की अपनी सीमाएं हैं. अंत में, रिसर्च अनौपचारिक संबंध पायरिया और कोविड-19 के गंभीर नतीजों के बीच स्थापित नहीं करता है. इसके अलावा लोगों का डेटा ज्यादा नहीं होने के कारण आगे रिसर्च की और जरूरत है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या रेमडेसिविर के साथ हेपेटाइटिस सी की दवाओं का मेल कोविड-19 के खिलाफ कारगर है? जानें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/is-hepatitis-c-drugs-combined-with-remdesivir-effective-against-covid-19-know-1907200">क्या रेमडेसिविर के साथ हेपेटाइटिस सी की दवाओं का मेल कोविड-19 के खिलाफ कारगर है? जानें</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या आप कोरोना पॉजिटिव की देखभाल घर पर कर रहे हैं ? जानिए होम आईसोलेशन से जुड़े खास टिप्स" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/are-you-taking-care-of-corona-positive-at-home-care-tips-for-you-and-others-1907186">क्या आप कोरोना पॉजिटिव की देखभाल घर पर कर रहे हैं ? जानिए होम आईसोलेशन से जुड़े खास टिप्स</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3e6Nufz

क्या जिन युवाओं को एक बार कोरोना हो चुका है उन्हें दोबारा भी हो सकता है ? जानें क्या कहती है रिसर्च

<p style="text-align: justify;">अगर आप ये सोच रहे हैं कि एक बार संक्रमित होने के बाद कोरोना वायरस की चपेट में आप फिर नहीं आ सकते हैं, तो ये आपका भ्रम है. रिसर्च से साबित हुआ है कि पूर्व का कोविड-19 संक्रमण दूसरी बार संक्रमण से युवाओं को पूरी तरह सुरक्षा नहीं देता है, और टीकाकरण की अभी भी जरूरत इम्यून रिस्पॉन्स बढ़ाने और बीमारी के ट्रांसमिशन को कम करने के लिए होगी. ये खुलासा लांसेट रिस्पेरेटरी मेडिसीन पत्रिका में प्रकाशित अवलोकनात्मक रिसर्च की रिपोर्ट में हुआ है. रिसर्च को अमेरिकी नौसैनिक टुकड़ी के 3 हजार से ज्यादा स्वस्थ सदस्यों पर किया गया था और उनमें से अधिकतर की उम्र 18-20 साल के बीच थी. आइकैन स्कूल ऑफ मेडिसीन, अमेरिका के शोधकर्ताओं ने जोर दिया कि जहां कहीं भी संभव हो युवाओं को वैक्सीन लगवाना चाहिए.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एक बार का संक्रमण क्या आपको कोरोना के खिलाफ दे सकता सुरक्षा?</strong></p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने माना कि पहले का संक्रमण और वर्तमान की एंटी बॉडीज, टीकाकरण अभी भी इम्यून रिस्पॉन्स बढ़ाने, दूसरी बार संक्रमण को रोकने और बीमारी के ट्रांसमिशन को कम करने के लिए जरूरी है. रिसर्च टीम में शामिल एक शोधकर्ता प्रोफेसर स्टुअर्ट सीलफोन ने कहा, "जैसा कि टीकाकरण अभियान अत्यधिक फायदा हासिल करने के लिए जारी है, मगर जरूरी है याद रखना कि कोविड-19 के पहले संक्रमण के बावजूद युवाओं को वायरस फिर चपेट में ले सकता है और उसे दूसरों तक अभी भी फैला सकते हैं." उन्होंने इम्यूनिटी के हवाले से बताया कि पूर्व का संक्रमण गारंटी नहीं देता है और टीकाकरण से मिलनेवाली अतिरिक्त सुरक्षा की अभी भी उन लोगों को जरूरत होगी जिनको कोविड-19 की बीमारी रह चुकी थी.&nbsp;हालांक, रिसर्च को फिट, युआ और नौसैनिक टुकड़े के ज्यादातर पुरुष जवानों पर किया गया था, इसलिए शोधकर्ताओं का मानना है कि उनके रिसर्च में पाया गया दूसरे संक्रमण का खतरा सिर्फ युवाओं पर लागू होगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>इम्यूनिटी के हवाले से शोधकर्ताओं ने बताया पूर्व का संक्रमण गारंटी नहीं</strong></p> <p style="text-align: justify;">रिसर्च में शामिल प्रतिभागियों के ज्यादातर नए मामले एसिम्पटोमैटिक थे, या हल्का लक्षण था और किसी को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ी. नौसेना मेडिकल रिसर्च सेंटर, अमेरिका के डान वेर ने कहा, "हमारा रिसर्च बताता है कि कुछ कमजोर एंटीबॉडीज के निम्न लेवल वाले लोग दूसरी बार संक्रमण थे, इससे संकेत मिलता है कि संभव है पूर्व में संक्रमित रह चुके और ठीक हो चुके लोगों को बाद में कोरोना वायरस की चपेट में दूसरी बार आने का खतरा है. दोबारा ये संक्रमण एसिम्पटोमैटिक हो सकते हैं, जैसा कि हमारे अधिकतर प्रतिभागियों के मामले में देखा गया." शोधकर्ताओं का मानना है कि उनके रिसर्च की कुछ सीमाएं है.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><a title="क्या आप कोरोना पॉजिटिव की देखभाल घर पर कर रहे हैं ? जानिए होम आईसोलेशन से जुड़े खास टिप्स" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/are-you-taking-care-of-corona-positive-at-home-care-tips-for-you-and-others-1907186">क्या आप कोरोना पॉजिटिव की देखभाल घर पर कर रहे हैं ? जानिए होम आईसोलेशन से जुड़े खास टिप्स</a></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या रेमडेसिविर के साथ हेपेटाइटिस सी की दवाओं का मेल कोविड-19 के खिलाफ कारगर है? जानें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/is-hepatitis-c-drugs-combined-with-remdesivir-effective-against-covid-19-know-1907200">क्या रेमडेसिविर के साथ हेपेटाइटिस सी की दवाओं का मेल कोविड-19 के खिलाफ कारगर है? जानें</a></strong></p> <p style="text-align: justify;">&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/2RbL5Hg

Covid-19 Isolation में तनाव कम करने के लिए अभिनेत्री भाग्य श्री ने शेयर किए टिप्स, देखें वीडियो

<p style="text-align: justify;">कोविड-19 संक्रमण के रोजाना मामलों ने दूसरी लहर को गंभीर बना दिया है. मरीजों की बढ़ती तादाद से अस्पतालों में ऑक्सीजन सिलेंडर, रेमडेसिविर और वेंटिलेटर कम पड़ गए हैं. अभाव में हुई मौत से चिंतित होना स्वाभाविक है. ऐसे में अभिनेत्री भाग्य श्री ने संपूर्ण स्वास्थ्य टिप का अनजाने में भेद खोला है. दावा है कि 'ये आपके दिमाग को अधिक चिंतित महसूस करने से दूर कर देगा.'&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">अपने सोशल मीडिया हैंडल पर उन्होंने एक वीडियो शेयर किया, जैसा कि हर मंगलवार को उनका नियमित अभ्यास है. वीडियो में एक्ट्रेस दिमागी या शारीरिक सेहत में मदददगार कुछ मुफीद उपाय का खुलासा करते हुए दिखाई दे रही हैं. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने बयान किया, "कोविड-19 के दौरान और ठीक होने के बाद अत्यंत थकावट, &rlm;शरीर में दर्द वास्तव में आइसोलेशन के दौरान दिमागी तौर पर आपका मजबूत रहना बहुत मुश्किल बना सकता है."</p> <p style="text-align: justify;">अपने फैंस को उसे हराने का हल सुझाते हुए उन्होंने इस बात पर जोर दिया, "करीब 10-15 बूंदे नीलगीरी तेल को नारियल तेल में मिक्स करें और उसका इस्तेमाल अपने हाथ और पैर का मसाज करने के लिए सुबह और रात को सोने से पहले करें."<br />&nbsp;<br />इस टिप के स्वास्थ्य फायदों का खुलासा करते हुए भाग्य श्री ने विस्तार से बताया, "नीलगीरी तेल का इस्तेमाल तनाव कम करने के लिए अरोमाथेरेपी में किया जाता है. ये आपके लंग्स की श्वास नलिकाओं को भी साफ करता है, इस तरह उसे संभव बनाता है कि ज्यादा आसान सांस ली जाए. उसका अर्क आपकी नाक और गले को राहत भी देता है."</p> <p style="text-align: justify;">एक्टर ने जोर देते हुए खत्म किया, "ये कुछ ऐसा है जिसको मैं नियमित तौर पर करती हूं. बदन दर्द को कम करने में सक्षम होना संभव बनाता है कि आप अपने दिमाग को अधिक चिंतित महसूस करने से दूर करें. इसलिए इस आसान टिप को आजमाएं."</p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/3u7HMPR> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बार-बार गर्म पानी पीने से भी हो सकती है दिक्कत, ये हैं 5 बड़े नुकसान" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/drinking-hot-water-can-also-harmful-for-your-health-5-major-side-effect-of-hot-water-1907378">बार-बार गर्म पानी पीने से भी हो सकती है दिक्कत, ये हैं 5 बड़े नुकसान</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/how-to-make-lungs-strong-in-corona-increase-capacity-with-these-5-exercises-1907409">कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी</a></strong></p> <p style="text-align: justify;">नीलगीरी का तेल घावों को कीटाणु रहित भी बनाता है, ब्लड शुगर कम करता है, मुंह के छाले को शांत करता है और सांस को ताजगी देता है. औषधी के तर पर आम बीमारियों और स्थितियों के लिए इस्तेमाल किए जाने के अलावा, उसकी पतली शक्ल का इस्तेमाल अर्थराइटिस और स्किन के अल्सर का इलाज करने में भी किया जा सकता है.&nbsp;</p> lifestyle https://ift.tt/3e4vm5N

कोविड-19 से ठीक होने के बाद भी कमजोरी हो रही है? जानिए ऐसी हालत में क्या करें

<p style="text-align: justify;">भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के रोजाना मामले 3 लाख से ज्यादा दर्ज हो रहे हैं, जिसने स्थिति को पेचीदा और गंभीर बना दिया है. मामलों में अचानक आई बढ़ोतरी ने अस्पताल में बिस्तर, ऑक्सीजन सिलेंडर, दवाइयां और अन्य मेडिकल सुविधाओं की कमी पैदा कर दी. हालांकि, एक्टिव मामलों और मौत से बाहर हुए बहुत सारे लोग इस खतरनाक वायरस से ठीक हो रहे हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">जब से कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने भारत में दस्तक दी है, नए स्ट्रेन, उसके लक्षण, खुद को कोविड-19 से कैसे रखें सुरक्षित जैसी टिप्स के साथ लोगों को जागरुक किया जा रहा है. लेकिन, इस खतरनाक वायरस के नतीजों पर लोगों को सावधान नहीं किया जा रहा है. जी हां, आपने ठीक सुना और पढ़ा है. जो लोग कोरोना वायरस को मात दे रहे हैं, उन्हें कुछ मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है, और ठीक होने के लिए जरूरी है कि सही और स्वस्थ खाना खाया जाए. &nbsp;</p> <p style="text-align: justify;">रिकवरी के बाद मरीजों को कमजोरी का अनुभव हो रहा है, जो लक्षणों से अलग है, जैसे अगर किसी को कोविड-19 का हल्का लक्षण है, तब उसे ठीक होने में करीब 2 सप्ताह लग रहा है. अगर मरीज को कोविड-19 का मध्यम और गंभीर संक्रमण है, तब उसे करीब चार सप्ताह लग रहे हैं. इसलिए जो लोग कोविड-19 से ठीक हो रहे हैं, उनको जानना चाहिए कि आप क्या कर सकते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>सब्जी खाएं-</strong> सुनिश्चित करें कि आपकी डाइट में विभिन्न तरह की मौसमी सब्जी शामिल हो क्योंकि मौसमी मौसमी सब्जी में विटामिन्स और मिनरल्स ज्यादा होता है जो आपकी ऊर्जा को बढ़ाते हैं.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>फल खाएं-</strong> अपने ब्रेकफास्ट में अलग-अलग ताजा फलों जैसे सेब, अनार, पपीता को शामिल करें. अगर आपको फल खाना पसंद नहीं है, तब फल का ताजा जूस पीएं. इससे आपको अपनी कमजोरी पर काबू पाने में मदद मिलेगी.&nbsp;</p> <p style="text-align: justify;"><strong>पानी पीएं-</strong> खूब पानी पीएं क्योंकि ठीक होते समय हाइड्रेटेड रहना जरूरी है. आप नारियल पानी, जूस का भी इस्तेमाल कर सकते हैं.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>गर्म दूध पीएं-</strong> बिस्तर पर जाने से पहले दूध में चुटकी भर हल्दी मिलाकर गर्म दूध के साथ पीना सुनिश्चित करें. ये हल्दी दूध आपकी हड्डियों को मजबूत करेगा.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>एंटी ऑक्सीडेंट और प्रोटीन से भरपूर फूड खाएं-</strong> अंडा, डेयरी प्रोडक्ट्स, मछली, बेरी जैसे फल खाने से ठीक होने की प्रक्रिया तेज होने में मदद मिलती है. इसके अलावा, विटामिन सी, मल्टीविटामिन्स और जिंक टैबलेट भी इस्तेमाल करें क्योंकि इससे आपके शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद मिलेगी.</p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/how-to-make-lungs-strong-in-corona-increase-capacity-with-these-5-exercises-1907409">कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="बार-बार गर्म पानी पीने से भी हो सकती है दिक्कत, ये हैं 5 बड़े नुकसान" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/drinking-hot-water-can-also-harmful-for-your-health-5-major-side-effect-of-hot-water-1907378">बार-बार गर्म पानी पीने से भी हो सकती है दिक्कत, ये हैं 5 बड़े नुकसान</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vwKTBq