Friday, April 30, 2021
Coronavirus: जैकलीन फर्नांडीज योग के प्राणायाम पर जोर क्यों देती हैं? बताई ये वजह
<p style="text-align: justify;">सांस लेने का व्यायाम करने की खातिर जैकलीन फर्नांडीज फैंस को प्रेरित करती हैं. सांस लेने का व्यायाम योग, ' कोविड-19 के इन चुनौतीपूर्ण समय' में प्राणायाम भी कहलाता है. कोविड-19 लॉकडाउन, कोरोना पॉजिटिव लोगों के लिए एहतियाती उपाय के तौर पर आइसोलेशन या बुरी खबरों की भरमार ने भारतीयों को चिंतित अवस्था में धकेल दिया है. ऐसी सूरत में सांस लेने का व्यायाम और योग आसन से मेडिटेशन उपयोगी साबित है. उसी को बताने के लिए बॉलीवुड एक्टर जैकलीन फर्नांडीज प्राणायाम करते हुए या अपने घर सांस लेते हुए दिखाई देती हैं. उन्होंने कोरोना वायरस महामारी के 'इन कठिन समय' के दौरान फैंस को ऐसा करने के लिए प्रेरित किया. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>एक्टक जैकलीन फर्नांडीज ने शेयर की प्राणायाम की तस्वीर</strong></p> <p style="text-align: justify;">अपने सोशल मीडिया हैंडल पर जाते हुए जैकलीन अपने शाम की फिटनेस रूटीन की एक झलक दिखाती हैं. तस्वीर में अदाकारा गद्देदार सोफा कुर्सी पर ध्यान मुद्रा में पोज देते हुए और वीडियो कॉल से अपने फिजिकल ट्रेनर की हिदायतों पर अमल करते हुए दिखाई दे रही हैं. सूती कपड़े से तैयार सफेद पट्टे का ड्रेस पहने हुए जैकलीन अपनी आंखों को बंद, पैरों को मोड़े और हाथों को अपने घुटने पर रखे बैठी शांत दिखाई देती हैं. इस दौरान सांस को अंदर बाहर लाने का प्रयास करती हैं. उन्होंने कैप्शन में लिखा, "सांस लेना (प्राणायाम) अपने दिमागी और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है विशेषकर अब." उन्होंने आगे बताया, "इन कठिन समय में हर शख्स के लिए प्रार्थना करती हूं."</p> <p style="text-align: justify;">[insta]https://ift.tt/331rsV5> <p style="text-align: justify;"><strong>कठिन समय में फैंस को भी ऐसा करने के लिए किया प्रेरित</strong></p> <p style="text-align: justify;">सांस काबू करने का प्राचीन अभ्यास प्राणायाम दिमाग और शरीर को जोड़ता है, शरीर को ऑक्सीजन की आपूर्ति करता है जबकि अवशिष्ट पदार्थों को हटाता है और इसका मतलब हुआ कि शारीरिक फायदों के लिए उपचार उपलब्ध कराता है. प्राणायाम का तनाव से राहत देनेवाला प्रभाव किसी की नींद की गुणवत्ता को सुधारता है, स्मरण को बढ़ाता है और हाई ब्लड प्रेशर को कम करता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/how-to-make-lungs-strong-in-corona-increase-capacity-with-these-5-exercises-1907409">कोरोना काल में फेफड़ों को ऐसे बनाएं मजबूत, इन 5 एक्सरसाइज से बढ़ाएं कैपेसिटी</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="ज्यादा देर तक बैठे रहना स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक, कैंसर और दिल की बीमारी का बढ़ जाता है खतरा" href="https://www.abplive.com/health-and-fitness/continuous-sitting-job-may-be-injurious-to-health-it-may-gravitate-risk-of-heart-disease-and-cancer-1907358">ज्यादा देर तक बैठे रहना स्वास्थ्य के लिए है हानिकारक, कैंसर और दिल की बीमारी का बढ़ जाता है खतरा</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/331m8Rt
अगर हो जाए कोरोना तो कैसा हो डाइट प्लान, बीमारी से ठीक होने वालों के लिए भी कारगर
<p style="text-align: justify;">कोविड-19 से पीड़ित या रिकवर हो रहे मरीज को पौष्टिक डाइट खिलाना जल्दी ठीक हने के लिए जरूरी है. लेकिन किस तरह के फैड उन मरीजों को दिए जाने चाहिए, ये एक सबसे ज्यादा पूछा जानेवाला प्रश्न तीमारदारों की तरफ से होता है. जब हम महामारी की गिरफ्त में हैं, तब इस समय स्वस्थ डाइट खिलाना विशेष रूप से बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है.</p> <p style="text-align: justify;">पोषण खतरनाक कोविड-19 से ठीक होनेवालों और जूझनेवालों दोनों के लिए अहम भूमिका अदा करता है. ऐसा इसलिए क्योंकि वायरस शरीर को कमजोर बना देता है और जल्दी से रिकवरी के लिए आपको एक ऐसी डाइट खाने की जरूरत होती है जो आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर हो. </p> <p style="text-align: justify;">हाल ही में, न्यूट्रिशनिस्ट नमामी अग्रवाल ने इंस्टाग्राम हैंडल पर दोनों प्रकार के लोगों के लिए डाइट का पूरा प्लान शेयर किया है. ब्रेकफास्ट से डिनर तक में आपको क्या खाना चाहिए, विशेषज्ञ ने सभी को बताने की कोशिश की है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोविड-19 डाइट प्लान</strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong>सुबह सबेरे-</strong> न्यूट्रिशनिस्ट ने साझा किया कि 6-7 भीगे हुए बादाम, 2-3 अखरोट और 5-6 किशमिश सुबह में सबसे पहले खाना चाहिए. उन्होंने सुझाव दिया कि उसके साथ धनिया, तुलसी और अदरक का मिश्रण इस्तेमाल करना चाहिए. आगे, उन्होंने लिखार किया कि कच्चा लहसुन खाया जाए. लहसुन को काटा जा सकता है और पानी के साथ गटक लिया जाए. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>ब्रेकफास्ट- </strong>ब्रेकफास्ट के लिए उन्होंने बताया कि बेसन, दाल में से कोई पुदीने की चटनी के साथ या सब्जी का पोहा या इडली सांभर, उपमा नारियल चटनी के साथ खाना चाहिए. उन्होंने एक ग्लास छाछ लेने की भी सलाह दी. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>लंच- </strong>विशेषज्ञ ने लंच के कई विकल्पों जैसे जीरा राइस, अजवाइन की रोटी, राजमा, गाजर मटर की सब्जी और दही या अंडा राइस, अजवाइन रोटी, मेथी आलू, पसंद की दाल, और दही या सब्जी की दलिया, दही और काबुली चना का कटोरा खाया जाए. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>शाम में-</strong><br />शाम में आप एक कप हर्बल टी को एक कटोरा राजमा, छोला, कॉर्न, शकरकंद या स्प्राउट चाट के साथ इस्तेमाल कर सकते हैं. उन्होंने ये भी सलाह दी कि फल में कीवी, संतरा, केला, सेब, पपीता या अनानास खाया जा सकता है. </p> <p style="text-align: justify;"><strong>डिनर- </strong>विशेषज्ञ का कहना है कि डिनर के लिए आप मूंग दाल की खिचड़ी और सब्जी या चावल चिकन सब्जी का प्याला या पनीर की भुर्जी और मिली हुई सब्जी के साथ लहसुन की रोटी इस्तेमाल करें. </p> <p style="text-align: justify;">उन्होंने सुझाया है कि आप अपनी डाइट प्लान में अपनी जरूरत के हिसाब से संशोधित भी कर सकते हैं. अगर आपको किसी तरह की मेडिकल परेशानी है और इन फूड्स से परहेज करने को कहा गया है, तब सुनिश्चित करें कि डाइट प्लानन पर अमल करने से पहले अपने डॉक्टर से संपर्क करें. </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना के हल्के लक्षणों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/malaria-drug-ayush-64-is-proving-useful-in-the-treatment-of-asymptomatic-mild-and-moderate-covid-19-infection-know-its-more-benefits-1907570">कोरोना के हल्के लक्षणों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="क्या जिन युवाओं को एक बार कोरोना हो चुका है उन्हें दोबारा भी हो सकता है ? जानें क्या कहती है रिसर्च" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/does-past-covid-infection-fully-prevent-reinfection-in-young-people-study-1907276">क्या जिन युवाओं को एक बार कोरोना हो चुका है उन्हें दोबारा भी हो सकता है ? जानें क्या कहती है रिसर्च</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3aQQJpi
Zodiac Signs: बड़े दयालु होते है इस राशि वाले, करते हैं सबकी मदद, हर सुख-दुख में देते हैं सभी का साथ, जानें इन्हें
<p style="text-align: justify;"><strong>Zodiac Signs are Generous: </strong>हर मनुष्य के जीवन में सुख और दुख का मेल जोल रहता है. किसी भी समय कुछ लोग दुखी रहते है और कुछ लोग दुखी रहते हैं. दुखी लोगों को मदद की जरूरत होती है. उनकी मदद के लिए सभी लोग तैयार नहीं होते हैं. कौन –कौन से लोग किसी भी दूसरे की मदद के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं. ये लोग किस राशि के होते है? इनके बार में ज्योतिषाचार्य का कहना है कि अलग-अलग राशियों के लोगों का स्वभाव अलग –अलग होता है. कुछ राशि के लोग बहुत ही दयालु स्वभाव के होते हैं. कुछ राशि के लोग ऐसे होते हैं जो किसी भी क्षण दूसरे की मदद के लिए तत्पर रहते हैं. वे हर सुख और दुःख में सभी का साथ देते हैं. ज्योतिष के मुताबिक, नीचे दिए गए इन 5 राशियों के जातक बड़े ही दरियादिल होते हैं वे हर समय दूसरे के सुख-दुःख में सहायक होते हैं.</p> <div class="uk-grid-collapse uk-grid" style="text-align: justify;"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column"><a href="https://ift.tt/2Pz9kyC Lakshmi Pujan: दुख, दरिद्रता से रहना चाहते हैं दूर तो इस दिन करें ये खास उपाय, बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा</strong></a></div> </div> <ol style="text-align: justify;"> <li><strong>कर्क</strong> <strong>राशि</strong><strong>: </strong>ज्योतिष के मुताबिक़ कर्क राशि के लोग बहुत ही दयालु होते हैं. इस राशि को लोगों को दूसरे की मदद करने में बड़ा अच्छा लगता है. वे दूसरों की मदद के लिए बढ़ चढ़ कर मदद करने में सकून महसूस करते हैं.</li> <li><strong>कन्या</strong> <strong>राशि</strong><strong>: </strong>ज्योतिष के अनुसार, कन्या राशि के लोग भी बहुत परमार्थी और परोपकारी स्वभाव के होते हैं. परोपकार करना ये अपना धर्म समझते हैं. इनके मन में हमेशा दूसरों के लिए दयाभाव रहता है. ये मित्रों, परिचितों, दीन–दुखियों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.</li> <li><strong>तुला</strong> <strong>राशि</strong><strong> :</strong> तुला राशि के लोग दूसरों की मदद के किसी से पीछे नहीं रहते हैं. वे हमेशा दूसरों की मदद के लिए आगे खड़े रहते हैं.</li> <li><strong>मिथुन</strong> <strong>राशि</strong><strong>: </strong>ये लोग भी स्‍वभाव से बहुत अच्‍छे और नेक इंसान माने जाते हैं. ये आपकी हर परेशानी का समाधान निकालने के लिए आपके सामने खड़े रहते हैं.</li> <li><strong>मीन</strong> <strong>राशि</strong><strong>: </strong>मीन राशि के जातकों को लगता है कि दूसरों की सेवा करना ही सबसे बड़ा धर्म है. इसलिए ये लोग हमेशा दूसकों के सुख-दुख में परछाई बनकर साथ खड़े दिखते हैं.</li> </ol> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/2SifMLx Month Importance: वैशाख माह शुरू, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए क्या करें और क्या नहीं, जानें यहां</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"> </p> lifestyle https://ift.tt/3e4RGwh
कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच लोग मानसिक तनाव झेलने को मजबूर, टेली मनोरोग परामर्श में 20 फीसद की वृद्धि
<p style="text-align: justify;">कोरोना वायरस की दूसरी लहर ज्यादा घातक साबित हो रही है. ये ज्यादा लोगों को संक्रमित कर रही है और ज्यादा जिंदगी को लील रही है. आर्थिक और शारीरिक समस्याओं की वजह बनने के अलावा, उसने लोगों को मानसिक तौर पर भी प्रभावित किया है. महामारी ने उनके दिमाग में खौफ पैदा कर दिया है. अपने वर्तमान और भविष्य के बारे में अनिश्चितता, घर पर रहने के सरकारी आदेश ने मिलकर मानसिक बीमारी को और बिगाड़ दिया है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>कोरोना की दूसरी लहर ने बढ़ाई मानसिक सेहत की समस्या</strong></p> <p style="text-align: justify;">विशेषज्ञों के मुताबिक घर पर बंद होने का एहसास, अपने परिचितों से दूर, सामाजिक समर्थन से महरूम और नए वेरिएन्ट्स का डर मानसिक बीमारी को बढ़ा रहा है. फोर्टिस हेल्थकेयर से जुड़े डॉक्टर समीर पारेख कहते हैं, "मौजूदा हालात वर्तमान और भविष्य की अनिश्चितता, परिजनों के शारीरिक स्वास्थ्य, काम और उत्पादकता को प्रभावित कर रहे हैं." हालांकि वर्तमान परिस्थिति उनकी उम्र, लिंग या अन्य जनसांख्यिकीय के बावजूद हर किसी को प्रभावित कर रही है. उसके चलते किशोरों और वयस्क मानसिक सेहत की समस्याओं के लिए मदद तलाश करने पहुंच रहे हैं. लोगों की सबसे प्रमुख समस्या चिंता और डिप्रेशन है. बच्चे अपने भविष्य के मंसूबों को लेकर ज्यादा तनावग्रस्त हैं, जिसके नतीजे में अस्तित्व संबंधी संकट पैदा हो गया है. व्यस्क वित्तीय असुरक्षा और नौकरी की सुरक्षा के डर से दब गए हैं. इन खौफ को कोविड की चिंता या महामारी की चिंता से जोड़ा जा सकता है.</p> <p style="text-align: justify;"><strong>अप्रैल के शुरू से टेली मनोरोग परामर्श में 20 फीसद की वृद्धि</strong></p> <p style="text-align: justify;">मनिपाल हॉस्पीटल बेंगलुरू में डॉक्टर सतीश कुमार का कहना है कि अप्रैल की शुरुआत से टेली मनोरोग परामर्श में कम से कम 20 फीसद की वृद्धि हो गई है. लोगों को डर है कि उनकी जिंदगी खत्म होने जारी है, जिससे उनकी मौत की चिंता के मुद्दे बढ़ रहे हैं. उन्होंने कहा, "लोग स्प्रेडर होने और अपने परिजनों को नुकसान पहुंचाने की वजन बनने को लेकर भी चिंतित हैं. अब ये मेडिकल सहायता के लिए पहुंच रहे हैं क्योंकि उन्हें बहुत ज्यादा भावनात्मक मुद्दों का सामना है." कुमार के मुताबिक, स्थिति से निपटने का एकमात्र तरीका आशावादी दृष्टिकोण रखना और मंत्र को दोहराना है कि 'ये भी वक्त गुजर जाएगा.' </p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोरोना के हल्के लक्षणों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/malaria-drug-ayush-64-is-proving-useful-in-the-treatment-of-asymptomatic-mild-and-moderate-covid-19-infection-know-its-more-benefits-1907570">कोरोना के हल्के लक्षणों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे</a></strong></p> <p style="text-align: justify;"><strong><a title="कोविड-19 से ठीक होने के बाद भी कमजोरी हो रही है? जानिए ऐसी हालत में क्या करें" href="https://www.abplive.com/lifestyle/health/are-you-facing-weakness-even-after-recovering-from-coronavirus-here-is-what-you-should-do-1907509">कोविड-19 से ठीक होने के बाद भी कमजोरी हो रही है? जानिए ऐसी हालत में क्या करें</a></strong></p> lifestyle https://ift.tt/3vte5cs
Vaishakha Month Importance: वैशाख माह शुरू, भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए क्या करें और क्या नहीं, जानें यहां
<p style="text-align: justify;"><strong>Vaishakha Month Do's and Don'ts: </strong>हिंदू कैलेंडर के मुताबिक़, वैशाख माह हिंदू वर्ष का दूसरा माह है. यह माह 28 अप्रैल से शुरू होकर 26 मई तक चलेगा. वैशाख मास श्रीहरि को बेहद प्रिय है. हिंदू धर्म शास्त्रों में वैशाख मास में सभी धार्मिक और मांगलिक कार्य किये जाते हैं. वैशाख मास का महत्त्व बतलाते हुए नारद जी ने कहा है कि सभी महीनों में कार्तिक, माघ और वैशाख माह को सर्वोच्च माह माना गया है. इस माह में गंगा स्नान और दान का बहुत ही महत्त्व है. धर्म ग्रंथों के मुताबिक, इस माह में कुछ कार्य करने से श्रीहरि बहुत ही प्रसन्न होते हैं और यह विशेष फलदायी होता है, वहीँ कुछ कार्य वर्जित माने गए हैं. तो आइए जानते हैं इन कार्यों के बारे में.</p> <div class="news_content" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/2Pz9kyC Lakshmi Pujan: दुख, दरिद्रता से रहना चाहते हैं दूर तो इस दिन करें ये खास उपाय, बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा</strong></a></div> <p style="text-align: justify;"><strong>वैशाख</strong> <strong>मास</strong> <strong>में</strong> <strong>जरूर</strong> <strong>करें</strong> <strong>ये</strong> <strong>काम</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>वैशाख माह जलदान के लिए सर्वोत्तम होता है. धर्म शास्त्रों में जलदान का महत्व विशेष माना गया है. लोग यदि इस माह में अपने पूर्वजों के नाम प्याऊं लगवाये, राहगीरों के साथ –साथ पशु-पक्षियों के लिए जल की व्यवस्था करें तो बहुत ही शुभ माना जाता है.</li> <li>इस माह में गरीब और जरूरत मंद व्यक्तियों को पंखा दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है.</li> <li>वैशाख माह में लोगों को चाहिए कि खरबूजा, मौसमी फल, नए कपड़े भी दान करें. ऐसा करने से अपार पुण्य फल की प्राप्ति होती है.</li> <li>वैशाख मास में हर दिन विष्णुसहस्रनाम का पाठ करने से जीवन में सुख-शांति, संपत्ति, भोग विलास की चीजें प्राप्त होती है.</li> <li>ऐसी मान्यता है कि इस माह में विष्णु जी के साथ-साथ मां लक्ष्मी की अराधना करने, उन्हें लाल गुलाब का फूल या कमल का पुष्प जरूर अर्पित करने से धन की प्राप्ति होती है.</li> <li>इस माह में पवित्र नदियों में स्नान के समापन के दौरान बुद्ध पूर्णिमा के दिन नदियों में दीपदान करना बेहद ही फलदायी माना गया है.</li> </ol> <p style="text-align: justify;"><strong>वैशाख</strong> <strong>माह</strong> <strong>में</strong> <strong>ये</strong> <strong>कतई</strong> <strong>न</strong> <strong>करें</strong><strong>.</strong></p> <ol style="text-align: justify;"> <li>स्कंद पुराण के अनुसार, इस माह में तेल मालिश नहीं करनी चाहिए.</li> <li>दिन में न सोएं.</li> <li>दो बार से ज्यादा भोजन न करें.</li> <li>सूर्यास्त के बाद भोजन न करें.</li> </ol> <div class="uk-grid-collapse uk-grid"> <div class="uk-width-3-5 fz20 p-10 newsList_ht uk-first-column" style="text-align: justify;"><a href="https://ift.tt/3nBblHh Chaturthi: आज संकष्टी चतुर्थी पर बन रहा है ये दो शुभ योग, गणेश जी की कृपा पाने के लिए जरूर करें ये उपाय</strong></a></div> <div class="uk-width-2-5 uk-position-relative uk-padding-remove-left" style="text-align: justify;"> </div> </div> lifestyle https://ift.tt/2S4YnWr
कोरोना के हल्के लक्ष्णों के इलाज में कारगर है मलेरिया की दवा आयुष 64, जानें इसके और फायदे
कोरोना वायरस की दूसरी लहर में संक्रमण के मामले अप्रत्याशित रूप से बढ़ रहे हैं. सरकार कोविड-19 के खिलाफ सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए टीकाकरण अभियान चला रही है. इस बीच, आयुष मंत्रालय ने वैज्ञानिकों के हवाले से आयुर्वेदिक दवा आयुष-64 पर बड़ा दावा किया है. उसका कहना है कि कोविड-19 के इलाज में मानक चिकित्सा के सहायक के तौर पर दवा फायदेमंद साबित हो रही है.
1980 में मलेरिया के इलाज के लिए दवा को विकसित किया गया था और अब कोविड-19 के इलाज में फिर शामिल की जा रही है.क्या मलेरिया की दवा से होगा कोरोना संक्रमण का इलाज?आयुष-64 कोरोना संक्रमण के एसिम्पटोमैटिक, हल्के और मध्यम लक्षण के इलाज में इस्तेमाल की जा सकती है. गुरुवार को आयुष मंत्रालय ने इसकी सिफारिश की. आयुष में नेशनल रिसर्च प्रोफेसर भूषण पटवर्धन ने ऑनलाइन प्रेस को संबोधित करते हुए कहा، "उसमें सूजन रोधी और एंटी वायरल गुण हैं जो कोविड-19 और फ्लू जैसी बीमारी से लड़ सकते हैं." सेंटर फोर रूमेटिक डिजीज, पुणे के डायरेक्टर अरविंद चोपड़ा ने बताया कि इस सिलसिले में दवा का परीक्षण तीन केंद्रों पर किया गया था आयुर्वेदिक दवा आयुष-64 कोविड-19 के इलाज में मुफीद किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ, दत्ता मेघा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, वर्धा और बीएमडी कोविड सेंटर, मुंबई में मानव परीक्षण के लिए हर जगह 70 प्रतिभागियों को शामिल किया गया.
1980 में मलेरिया के इलाज के लिए दवा को विकसित किया गया था और अब कोविड-19 के इलाज में फिर शामिल की जा रही है.क्या मलेरिया की दवा से होगा कोरोना संक्रमण का इलाज?आयुष-64 कोरोना संक्रमण के एसिम्पटोमैटिक, हल्के और मध्यम लक्षण के इलाज में इस्तेमाल की जा सकती है. गुरुवार को आयुष मंत्रालय ने इसकी सिफारिश की. आयुष में नेशनल रिसर्च प्रोफेसर भूषण पटवर्धन ने ऑनलाइन प्रेस को संबोधित करते हुए कहा، "उसमें सूजन रोधी और एंटी वायरल गुण हैं जो कोविड-19 और फ्लू जैसी बीमारी से लड़ सकते हैं." सेंटर फोर रूमेटिक डिजीज, पुणे के डायरेक्टर अरविंद चोपड़ा ने बताया कि इस सिलसिले में दवा का परीक्षण तीन केंद्रों पर किया गया था आयुर्वेदिक दवा आयुष-64 कोविड-19 के इलाज में मुफीद किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ, दत्ता मेघा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, वर्धा और बीएमडी कोविड सेंटर, मुंबई में मानव परीक्षण के लिए हर जगह 70 प्रतिभागियों को शामिल किया गया.
अरविंद चोपड़ा ने बताया कि जिन मरीजों को आयुष-64 दवा का इस्तेमाल कराया गया, उनकी जांच रिपोर्ट साढ़े छह दिन में निगेटिव आ गई जबकि जिन लोगों को दवा नहीं खिलाया गया, उनके रिकवर होने में 8.3 दिन का समय लगा. हालांकि, इलाज के दौरान जिन मरीजों को रोजाना दो बार टैबलेट दिए जाते थे, उनको सलाह दी गई थी कि RT-PRC रिपोर्ट के निगेटिव आने के बाद दो से तीन सप्ताह तक टैबलेट लेना जारी रखें.
चोपड़ा के मुताबिक, रिसर्च में पाया गया कि आयुष 64 के असर से चिंता, तनाव, थकान में कमी हुई और भूख को बढ़ावा मिला. दवा का स्पष्ट लाभकारी प्रभाव आम स्वास्थ्य, खुशी और नींद पर भी देखा गया. दवा के परीक्षण ने पर्याप्त सबूत उपलब्ध कराए कि आयुष 64 को प्रभावी और सुरक्षित तरीके से मानक इलाज के सहायक के तौर पर कोविड-19 के हल्के से लेकर मध्यम लक्षणों में दी जा सकती है. अधिकारी ने हालांकि ये भी कहा कि आयुष-64 दवा के मरीजों को अभी भी मॉनिटरिंग करने की जरूरत होगी
बांग्लादेश ने चीनी कोविड-19 वैक्सीन को आपातकालीन इस्तेमाल की दी मंजूरी, जताया ये शक
"करीब एक चौथाई ब्रिटिश हेल्थ केयर वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन पर है संदेह, रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा"करीब एक चौथाई ब्रिटिश हेल्थ केयर वर्कर्स को कोविड-19 वैक्सीन पर है संदेह, रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा
Shukravar Lakshmi Pujan: दुख, दरिद्रता से रहना चाहते हैं दूर तो इस दिन करें ये खास उपाय, बरसती है मां लक्ष्मी की कृपा
हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित होता है. इस दिन मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करने पर उनकी विशेष कृपा होती है. मां लक्ष्मी को धन, सुख और समृद्धि की देवी माना जाता है. ऐसी मान्यता है कि जो भक्त हर शुक्रवार को मां लक्ष्मी का व्रत रखकर विधि विधान से पूजा करता है. माता लक्ष्मी उस पर अति प्रसन्न होती है. तथा उनकी कृपा से भक्त दुःख और दरिद्रता से मुक्ति पाता है. मां की कृपा से उसके घर परिवार में धन-वैभव का भंडार भर जाता है.ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि कुछ काम ऐसे होते हैं, जिनको करने से माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं. उनकी नाराजगी से जातक पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ता है. आइये जानें कि मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए शुक्रवार के दिन कौन सा काम करना चाहिए और कौनसा काम नहीं करना चाहिए.: इस दिन लगेगा वर्ष 2021 का पहला चंद्र ग्रहण, वृश्चिक राशि पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर, जानें
इन कामों को करने से होती है मां लक्ष्मी की कृपा ऐसी मान्यता है कि घर की उत्तर दिशा में माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर का वास होता है. इस दिशा में कभी भी कूड़ा-करकट, भंगार, रद्दी सामान आदि को नहीं रखना चाहिए. ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं और घर परिवार में कंगाली आती है.माना जाता है कि घर की रसोई में लक्ष्मी जी वासा होता है इस लिए शुक्रवार के दिन रसोई को एकदम साफ़-सुथरा और सुगन्धित रखना चाहिए. ऐसा करने से लक्ष्मी जी खुश होती हैं.
रसोई में कभी जूठे वर्तन नहीं रखना चाहिए. जूठे बर्तन होने से जातक को लक्ष्मी की नाराजगी झेलनी पड़ेगी.
कहा जाता है कि शुक्रवार के दिन किसी को भी उधार में चीनी नहीं देना चाहिए. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चीनी का संबंध शुक्र ग्रह से होता है. शुक्र ग्रह को भौतिक सुख और समृद्धि का स्वामी माना जाता है. शुक्रवार के दिन चीनी उधार देने से शुक्र पक्ष कमजोर पड़ता है और घर में दरिद्रता आती है.
शुक्रवार के दिन मांस मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए. जिस घर में इन जैसे चीजों का सेवन किया जाता है. उस घर से मां लक्ष्मी रूठ कर चली जाती है. जिसके चलते
;घर दरिद्रता का वास होना शुरू हो जाता है.Chaturthi: कल है विकट संकष्टी चतुर्थी, संतान प्राप्ति के लिए इस दिन करें गणेश जी की पूजा, जानें डेट, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व
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